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पंजाब-चंडीगढ़ में आज मौसम रहेगा ड्राई, 25 सितंबर से बारिश की संभावना

चंडीगढ़  पंजाब से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है। मानसून की वापसी रेखा पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक से 2 दिनों में मानसून पंजाब के बाकी हिस्सों से निकलकर चंडीगढ़ और दिल्ली की ओर आगे बढ़ सकता है। वहीं आज 23 सितंबर को पूरे राज्य में मौसम ड्राई रहेगा। पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, ऐसे में बादल नहीं बन पा रहे हैं। हालांकि, 25 सितंबर के आसपास पंजाब समेत कुछ इलाकों में बादल छाने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इसका मानसून की वापसी से कोई सीधा संबंध नहीं होगा। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पिछले 24 घंटे में पंजाब के औसत तापमान में 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। तापमान सामान्य के करीब बना हुआ है। पटियाला में सबसे अधिक तापमान 35.4 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी मई के महीने जैसी बनी हुई है। इस बार पंजाब में मानसून सामान्य से 39% कम रहा है। इसका असर खेती, बिजली और भूजल पर पड़ सकता है। सुबह ही बिजली की डिमांड 12 हजार पार पंजाब में बिजली की मांग 12,990 मेगावाट रही। राज्य ने 7,437 मेगावाट बिजली ली, जबकि निर्धारित शेड्यूल 7,392 मेगावाट था। यानी पंजाब ने शेड्यूल से 45 मेगावाट ज्यादा बिजली ली। राज्य में बिजली का अपना उत्पादन 5,556 मेगावाट रहा, जबकि ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.82 हर्ट्ज दर्ज की गई।

भोपाल थाने में वकील से मारपीट पर एक्शन, TI समेत दो आरक्षक निलंबित

भोपाल में थाने के अंदर वकील से मारपीट पर एक्शन: टीआई समेत दो आरक्षक निलंबित, आधी रात जमकर हुआ था हंगामा भोपाल  भोपाल के जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल से कथित मारपीट के मामले में थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने आदेश जारी किए और तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। राजधानी भोपाल में जहांगीराबाद थाना परिसर में अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है। तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं। 21 साल से वकालत कर रहे 45 वर्षीय अधिवक्ता राकेश रावल के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी और मारपीट का आरोप है। घटना से आक्रोशित सैकड़ों वकीलों ने देर रात करीब 3 बजे तक जहांगीराबाद थाने को घेरे रखा और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बुधवार सुबह भोपाल जिला अदालत में भी वकीलों ने प्रदर्शन किया और पैरवी से दूरी बनाए रखी। गणेश विसर्जन के दौरान रास्ते के विवाद से शुरू हुआ मामला बैरागढ़ कलां निवासी अधिवक्ता राकेश रावल मंगलवार शाम करीब 8 बजे खटलापुरा मंदिर मार्ग से गुजर रहे थे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के चलते रास्ता बंद होने के कारण ट्रैफिक एसीपी और पुलिस बल से उनकी बहस हो गई। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें जबरन जहांगीराबाद थाने ले गए। पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि जब उन्होंने वाहन में पेट्रोल नहीं होने की बात कही, तो पुलिसकर्मी गाली-गलौज पर उतर आए। विरोध करने पर उन्हें कीचड़ में पटककर लाठियों से पीटा गया। मारपीट की खबर के बाद थाने पहुंचे सैकड़ों वकील थाने के भीतर अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामा देर रात करीब 3 बजे तक चलता रहा। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और वकीलों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। वीडियो में दिखाईं चोटें, वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन वकीलों की ओर से जारी एक वीडियो में अधिवक्ता राकेश रावल के कपड़ों पर कीचड़ और पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वकीलों को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। टीआई समेत दो आरक्षक निलंबित अधिवक्ता से मारपीट के मामले में डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है। तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच जारी है। इधर, अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे अदालत में पैरवी करने के लिए तैयार नहीं हैं। जिला अदालत में भी वकीलों ने किया प्रदर्शन अधिवक्ता से मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार सुबह भोपाल जिला अदालत में भी वकीलों ने हंगामा किया। अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई और पैरवी से दूरी बनाए रखी। पुलिस की ओर से टीआई समेत तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और जांच पर नजर बनी हुई है।

धान खरीद को लेकर कुरुक्षेत्र में बवाल, महापंचायत से पहले किसान नेता हिरासत में

कुरुक्षेत्र. धान खरीद को लेकर मंगलवार को शाहाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 44 को जाम करने को लेकर पुलिस और किसानों के बीच तनातनी के बाद बुधवार को दोबारा किसान महापंचायत का संदेश जारी होने पर पुलिस सतर्क हो गई है। देर रात भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के धरना स्थल पर किसान महापंचायत के एलान के बाद से पुलिस ने जिला भर में कई किसान नेताओं के घरों पर दस्तक देकर उन्हें डिटेन कर लिया है। पुलिस ने शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के पदाधिकारी संजीव आलमपुर और गांव किरमिच से संजू नंबरदार को उनके घर से देर रात एक बजे डिटेन कर लिया है। वहीं अल सुबह तीन बजे के करीब गांव लोहार माजरा ने किसान नेता प्रिंस वड़ैच को भी डिटेन कर लिया है। बैठक बेनतीजा रही : इसके बाद किसान नेताओं और प्रशासन के बीच कई दौर की वार्ता हुई. किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी समेत अन्य नेताओं ने कुरुक्षेत्र के उपायुक्त के साथ बातचीत की, लेकिन बैठक बेनतीजा रही. किसानों ने तत्काल धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग दोहराई, जबकि प्रशासन की ओर से जल्द खरीद शुरू करवाने का आश्वासन दिया गया. किसानों को मंजूर नहीं प्रस्ताव : गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि किसानों की मांग स्पष्ट है कि धान की खरीद शुरू की जाए. उन्होंने कहा कि 26 सितंबर से खरीद शुरू करवाने का प्रस्ताव किसानों को मंजूर नहीं है. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि किसान मंगलवार रात बराड़ा रोड पर पड़ाव डालेंगे और बुधवार को महापंचायत आयोजित कर आगामी रणनीति तय की जाएगी. इस दौरान युवा किसान नेता प्रिंस वड़ैच ने किसानों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि किसान केवल समय पर धान की खरीद की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. रात्रि पड़ाव डाल रखा है : गुरनाम सिंह चढ़ूनी के ऐलान के बाद गुरनाम सिंह चढूनी और किसानों ने कुरुक्षेत्र के शाहबाद में शाहबाद बराड़ा रोड पर शहीद उधम सिंह चौक के पास अपना रात्रि पड़ाव डाला हुआ है. गुरनाम सिंह किसानों के साथ सड़क पर ही मोर्चा संभाले हुए हैं और यहीं पर रात्रि पड़ाव डाल रहे हैं. अब इनके साथ दूसरे किसान संगठन भी खड़े होने लगे हैं. कल एक बार फिर से धान की सरकारी खरीद को लेकर किसानों की महापंचायत होने वाली है जिसमें कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है. कई पुलिसकर्मियों को आई चोटें : वहीं कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने मीडिया को बताया कि किसानों ने रोड जाम करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस का मत बिल्कुल स्पष्ट है कि किसी भी कीमत पर रोड जाम नहीं करने दिया जाएगा क्योंकि जीटी रोड देश की लाइफ लाइन है. यदि जीटी रोड पर जाम लगाया जाता है तो लोगों को बहुत भारी परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि किसानों ने जो रोड जाम करने का प्रयास किया तो पुलिस ने भी मामूली वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, वहीं दूसरी तरफ कुछ पुलिस के जवानों को भी चोटें आई हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों से बातचीत करने के लिए तैयार है और किसानों को भी चाहिए कि वह बातचीत के जरिए मामला सुलझाए.

सेवा संकल्प अभियान से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर: अरुण साव

सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी से सफल बनाने के दिए निर्देश अभियान की आगामी गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के मंत्री अरुण साव ने आज कोरबा जिला मुख्यालय में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों की रूपरेखा, तिथि और आयोजन स्थलों को अंतिम रूप देते हुए सभी कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान को सार्थक, प्रभावी और जनोन्मुखी स्वरूप देने के लिए शासन, प्रशासन तथा आमजन के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों का सुचारु एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और विधायक प्रेमचंद पटेल भी बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितम्बर को आयोजित ‘आशीर्वाद के दिया’ कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर जनभागीदारी का जो उत्साह देखने को मिला, वह अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं ने चित्रकला और भाषण के माध्यम से देश के प्रति अपने विचार और कल्पनाओं को अभिव्यक्त किया। उन्होंने आगामी गतिविधियों में भी इसी उत्साह और सहभागिता को बनाए रखते हुए सभी कार्यक्रमों को उत्सव के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शेष कार्यक्रमों के लिए तिथिवार कार्ययोजना तैयार करने, कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित करने तथा आयोजन स्थलों का चिन्हांकन समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों की तिथि, स्वरूप एवं आयोजन स्थल की पूर्व जानकारी उपलब्ध कराने तथा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार सभी गतिविधियों का समय पर आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए अभियान की गतिविधियों को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयोजन में उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित हो और लोगों को सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। अभियान के तहत गांवों और शहरों में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए नदी-घाटों की साफ-सफाई, वृहद स्तर पर पौधरोपण, रक्तदान, अंगदान सहित विभिन्न जनसेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और मानवता के प्रति संकल्प दिलाया जाए। साव ने कहा कि अभियान के दौरान केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को ‘सेवा की कहानी’ के रूप में संकलित कर लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक परिवर्तन की प्रेरक कहानियां अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएंगी। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी मिले और वे उनके लाभ से जुड़ सकें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी गांवों और शहरों तक पहुंचाने के लिए मुनादी, बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान की प्रत्येक गतिविधि में जनसेवा एवं जनभागीदारी की भावना को सशक्त बनाने तथा अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़कर अभियान को सफल एवं सार्थक बनाने के निर्देश दिए। श्रम मंत्री देवांगन ने अभियान की गतिविधियों में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने कहा श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत निर्धारित तिथियों के अनुरूप सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की गतिविधियों को जिला मुख्यालय से लेकर सभी नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाते हुए अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए तथा प्रत्येक कार्यक्रम में जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान को जनसेवा की भावना के साथ प्रभावी एवं सफल स्वरूप प्रदान किया जा सके। कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, गोपाल मोदी, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी,  सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, डीएफओ कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय और निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार का जोर: विष्णु देव साय

रायपुर : माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा आर्थिक संबल प्रदेश की 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम 650 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही फिल्म सिटी, छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेंगे नए अवसर लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और आत्मीय वातावरण में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों से भेंट कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। माताओं-बहनों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीज का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा हुआ है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना का अवसर है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुखी, समृद्ध और स्वस्थ जीवन की कामना की। माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व भले ही संपन्न हो चुका है, लेकिन आज इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों के बीच तीज मिलन का अवसर अत्यंत सुखद और आत्मीय है। मुख्यमंत्री निवास में भी तीज के अवसर पर प्रदेशभर से आई बहनों के साथ पर्व का उल्लास साझा करने का अवसर मिला था। हमारी परंपराओं की यही खूबसूरती है कि वे हमें परिवार और समाज से जोड़ती हैं तथा आपसी प्रेम और आत्मीयता को मजबूत करती हैं।  सनातन संस्कृति में मातृशक्ति को मिला है सर्वोच्च सम्मान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे वेदों, पुराणों और सामाजिक परंपराओं में नारी के सम्मान और उसकी गरिमा का संदेश निहित है। हमारी संस्कृति कहती है – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”, अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां परिवार की पहली शिक्षक और संस्कारों की आधारशिला होती है। माताओं-बहनों के परिश्रम, त्याग और आशीर्वाद से ही परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से सशक्त समाज तथा समृद्ध प्रदेश का निर्माण होता है। इसलिए राज्य सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का हितग्राही नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बराबर का सहभागी मानकर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनी है। योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस योजना से माताओं-बहनों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव उन्हें विशेष संतोष देता है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी और परिवार की आवश्यकताओं के साथ बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे-छोटे स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। कोई बहन सुकन्या समृद्धि योजना में राशि जमा कर बेटी का भविष्य संवार रही है तो कोई सिलाई मशीन खरीदकर अपने हुनर को आजीविका में बदल रही है। यह आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की प्रत्येक महिला को आगे बढ़ने के लिए अवसर, संसाधन और आवश्यक सहयोग मिले। जब हमारी माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो परिवार मजबूत होगा और पूरे प्रदेश की प्रगति को नई गति मिलेगी। 13.85 लाख लखपति दीदियां बनीं महिला सशक्तिकरण की नई पहचान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि माताओं-बहनों को स्थायी आजीविका, कौशल और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह बदलते और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सुखद तस्वीर है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं। अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से मिले आर्थिक संबल और बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग करते हुए स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी न केवल परिवारों को समृद्ध बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को देश-दुनिया में मिलेगी नई पहचान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट लोककला, संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहां की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी ताकत है। इसे सहेजने के साथ नई पीढ़ी और देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण और शूटिंग की संभावनाओं का विस्तार होगा। स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार तथा प्रतिभा प्रदर्शन के नए अवसर तैयार होंगे और प्रदेश के पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में कलाकारों का अमूल्य योगदान है। हमारे कलाकार अपनी प्रतिभा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध और यहां की परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। राज्य सरकार कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती रहेगी। बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बदली छत्तीसगढ़ … Read more

मत्तेवाल में पुलिस-गैंगस्टर मुठभेड़, हरमन सिंह के पैर में लगी गोली

अमृतसर अमृतसर के मत्तेवाल इलाके में बुधवार सुबह पुलिस और एक गैंगस्टर के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस दौरान पुलिस की गोली आरोपी की टांग में लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस टीम ने मौके पर ही उसे काबू कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। आरोपी का नाम हरमन सिंह निवासी गांव बोपाराए बताया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पिछले कुछ समय से पुलिस को वांछित था। मौके पर ही आरोपी से एक पिस्टल भी बरामद किया गया है। पीछा करते समय अचानक चलाने लगा गोलियां  एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि पुलिस टीम को आरोपी के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। बुधवार सुबह मत्तेवाल इलाके में पुलिस टीम आरोपी का पीछा कर रही थी। पुलिस को नजदीक आता देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया और इसी दौरान पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से हुई फायरिंग के दौरान एक गोली हरमन सिंह की टांग में लगी। गोली लगने के बाद वह घायल होकर गिर गया। पुलिस कर्मियों ने तुरंत उसे काबू कर लिया और उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। बोपाराए में व्यक्ति पर फायरिंग के बाद था वांछित  एसएसपी ने बताया कि हरमन सिंह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं। कुछ दिन पहले आरोपी ने बोपाराए गांव में ही एक व्यक्ति पर गोलियां चलाई थीं। इस वारदात के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।  पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसके पास हथियार कहां से आया, फायरिंग की वारदात में उसके साथ और कौन लोग शामिल थे और उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों में उसकी क्या भूमिका रही है।

माझा में AAP को बढ़त? पूर्व विधायक रविंदर ब्रह्मपुरा ने थामा पार्टी का दामन

चंडीगढ़  पंजाब के माझा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (आप) को आज बड़ी मजबूती मिली है। पूर्व सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा के पुत्र और पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा पार्टी में शामिल हो गए। उनके साथ कई अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी 'आप' परिवार का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नए सदस्यों का सम्मान किया। उन्होंने औपचारिक रूप से उन्हें पार्टी में शामिल करवाया। रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के पार्टी में आने से माझा क्षेत्र में 'आप' की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है।    रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के साथ कंवरदीप सिंह ब्रह्मपुरा, अमरीक सिंह सरपंच, हरजिंदर सिंह बादशाह और बलबीर सिंह बल्ली निदेशक भी पार्टी में शामिल हुए। जतिंदर सिंह कैरों, फतेह और ब्लॉक समिति सदस्य परमिंदर सिंह कैरों ने भी सदस्यता ली। गुरभेज सिंह कैरों, लवप्रीत सिंह कैरों, बलजिंदर सिंह गोहलवड़, गौरवदीप सिंह खैरा, जगमीत हुंदल और गुरप्रीत सिंह भी 'आप' परिवार का हिस्सा बने।  

ग्वालियर-चंबल में बढ़ी गर्मी, 35.2°C पहुंचा तापमान; बारिश की संभावना

 ग्वालियर  ग्वालियर व चंबल अंचल में पिछले तीन दिन से लगातार तापमान बढ़ रहा है। मंगलवार को ग्वालियर का तापमान 35.2 डिसे पर पहुंच गया और प्रदेश में सबसे अधिक गर्म रहा। हालांकि, खजुराहो व रतलाम दूसरे नंबर पर रहे, यहां का तापमान 35 डिसे पर रहा। मौसम विज्ञान केंद्र ने 24 सितंबर से अंचल में एक बार फिर से हल्की से मध्यम वर्षा का दौर शुरू होने का अनुमान लगाया है। ऐसे में 24 से 26 सितंबर तक अंचल में ठीक ठाक वर्षा हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून की वापसी जारी है और मंगलवार को यह पंजाब के कुछ क्षेत्रों से वापस हो गया। हल्की से मध्यम बारिश की संभावना लेकिन पिछले दिनों अंडमान सागर में बना निम्नदाब का क्षेत्र डिप्रेशन में बदलकर उड़ीसा के तट पर आ गया है और यह लगातार आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 24 सितंबर से इसका असर अंचल पर भी आना शुरू हो जाएगा, जिसकी वजह से अंचल में हल्की से मध्यम वर्षा होना शुरू हो सकता है। यह दौर तीन से चार दिन का हो सकता है। इससे अंचल के बढ़ रहे तापमान में कमी आएगी और मौसम भी ठंडा होगा। तीन दिनों से बढ़ रहा तापमान अंचल में तापमान पिछले तीन दिन से बढ़ रहा है। तापमान पहले 33 डिसे पर पहुंचा, इसके बाद सोमवार को 35 डिसे पर और मंगलवार को 35.2 डिसे पर। तापमान के बढ़ने से अंचल में गर्मी व उमस बढ़ रही है, जिससे मंगलवार को दिन में लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। वर्तमान में दिन व रात का तापमान सामान्य से कुछ अधिक हो गया है, इसलिए भी लोगों को कुछ गर्मी अधिक महसूस हो रही है। ये रही पारे की चाल… अधिकतम तापमान-35.2 डिसे न्यूनतम तापमान-26.0 डिसे 05:30-26.4 डिसे 08:30-29.0 डिसे 11:30-33.6 डिसे 14:30-34.6 डिसे 17:30-32.4 डिसे  

रैगिंग-मेंटल हैरेसमेंट के आरोपों पर NMC का एक्शन, WhatsApp चैट की जांच

इंदौर  एमजीएम मेडिकल कॉलेज और एमवाय अस्पताल में PG JR-1 डॉ. सिम्मी यादव से कथित रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अकादमिक दबाव के मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने कॉलेज प्रबंधन से 24 घंटे में पैरावाइज कमेंट और एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने घटना की तत्काल, निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ जांच के निर्देश दिए हैं। NMC को यह शिकायत डॉ. सिम्मी के भाई कुणाल यादव की ओर से मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीनियर रेजिडेंट्स ने डॉ. सिम्मी को कथित तौर पर बार-बार प्रताड़ित किया, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और कागजी काम करने के लिए दबाव बनाया। इंसुलिन की अधिक मात्रा लेने का आरोप शिकायत में दावा किया गया है कि डॉ. सिम्मी ने इंसुलिन की अधिक मात्रा लेकर आत्महत्या का प्रयास किया। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। परिवार के पास घटना से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड होने का भी दावा किया गया है। NMC ने कॉलेज से घटना की तारीख, समय और परिस्थितियों के साथ यह जानकारी मांगी है कि डॉ. सिम्मी किस स्थिति में मिली थीं और उनकी वर्तमान मेडिकल स्थिति क्या है। 14-15 घंटे ड्यूटी कराने के आरोप की भी जांच शिकायत में आरोप है कि आधिकारिक रोस्टर में करीब 12 घंटे की ड्यूटी के बजाय डॉ. सिम्मी से कथित तौर पर 14 से 15 घंटे तक काम कराया गया। इसके अलावा पर्याप्त गैर-अकादमिक और कागजी काम सौंपे जाने का भी आरोप लगाया गया है। NMC ने ड्यूटी रोस्टर, बायोमेट्रिक और अटेंडेंस रिकॉर्ड, ड्यूटी व हैंडओवर रजिस्टर तथा अवकाश रिकॉर्ड मांगे हैं। आयोग ने वास्तविक ड्यूटी अवधि और आधिकारिक रोस्टर के बीच अंतर की जांच करने को भी कहा है। सार्वजनिक अपमान और धमकी के आरोप शिकायत में मामूली गलतियों पर कथित सार्वजनिक अपमान, मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। डॉ. सिम्मी को लगातार टारगेट करने और परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी दावा किया गया है। आयोग ने कॉलेज से पूछा है कि क्या डॉ. सिम्मी ने इससे पहले रैगिंग, उत्पीड़न, अत्यधिक कार्यभार या गैर-अकादमिक काम को लेकर मौखिक अथवा लिखित शिकायत की थी। शिकायत होने पर उसकी कॉपी और उस पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई है। NMC ने डॉ. यशस्वी, डॉ. निकिता और डॉ. श्वेता से जुड़े आरोपों की भी अलग-अलग जांच कर उनका पक्ष और जवाब रिपोर्ट में शामिल करने को कहा है। HOD को शिकायत की जानकारी थी या नहीं, मांगा जवाब आयोग ने पूछा है कि कथित शिकायतों की जानकारी विभागाध्यक्ष डॉ. निलेश दलाल को कब और किस माध्यम से दी गई थी। इसके बाद क्या कार्रवाई की गई, काउंसलिंग, मध्यस्थता, चेतावनी या निगरानी जैसी कोई व्यवस्था की गई या नहीं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है। एंटी रैगिंग कमेटी और स्क्वाड की भी जांच NMC ने कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी और एंटी रैगिंग स्क्वाड के गठन और कामकाज का ब्योरा मांगा है। इसमें समिति की संरचना, निगरानी व्यवस्था, निरीक्षण व राउंड के रिकॉर्ड, प्राप्त शिकायतें और उन पर हुई कार्रवाई शामिल है। आयोग ने संबंधित विभाग के PG छात्रों से वरिष्ठ रेजिडेंट्स और फैकल्टी की अनुपस्थिति में गोपनीय बातचीत करने को भी कहा है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि विभाग में उत्पीड़न, अपमान, धमकी या गैर-अकादमिक काम के दबाव की अन्य शिकायतें तो नहीं हैं। वॉट्सऐप और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश NMC ने संबंधित वॉट्सऐप ग्रुप, मैसेज, ईमेल, शिकायतें, ड्यूटी रोस्टर, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, हैंडओवर रजिस्टर, अवकाश और अकादमिक रिकॉर्ड समेत सभी संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी रिकॉर्ड को बदला, हटाया या नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। शिकायत के कारण अकादमिक नुकसान नहीं हो NMC ने कॉलेज से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि शिकायत करने या जांच में शामिल होने के कारण डॉ. सिम्मी की PG ट्रेनिंग, अटेंडेंस, फॉर्मेटिव असेसमेंट, थीसिस, परीक्षा पात्रता या अकादमिक प्रगति प्रभावित न हो। कॉलेज को यह भी बताना होगा कि डॉ. सिम्मी को आगे के उत्पीड़न, धमकी या प्रतिशोध से बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। मानसिक स्वास्थ्य सहायता और काउंसलिंग की व्यवस्था का विवरण भी रिपोर्ट में देना होगा। 24 घंटे में दस्तावेजों के साथ देनी होगी रिपोर्ट NMC ने कॉलेज प्रबंधन से सभी बिंदुओं पर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ पैरावाइज कमेंट और ATR 24 घंटे के भीतर भेजने को कहा है। जांच के दौरान या उसके बाद डॉ. सिम्मी के खिलाफ किसी तरह की प्रताड़ना, धमकी, प्रतिशोध या प्रतिकूल अकादमिक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोग ने जांच में जानकारी देने वाले छात्रों और रेजिडेंट्स की पहचान कानून के दायरे में गोपनीय रखने को कहा है। साथ ही रैगिंग रोकने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और 9 मार्च 2026 के NMC पब्लिक नोटिस के अनुपालन की रिपोर्ट भी मांगी है।

SIT जांच में खुलासा, महिला से जबरन जुर्म कबूलवाने का आरोप; 4 पुलिसकर्मी फंसे

बालाघाट बालाघाट के किरनापुर पुलिस थाने में दर्ज चोरी के मामले को लेकर महिला से अमानवीय मारपीट का मामला सामने आया था। इसके बाद पुलिस की एसआईटी ने जांच की, जिसमें कानून का उल्लंघन कर महिला को जबरन जुर्म कबूल करने के लिए डराने-धमकाने सहित अन्य अनियमितताएं सामने आई।  चोरी की जांच में थाने लाई गई थी महिला मामला 21 अगस्त को किरनापुर पोस्ट ऑफिस के सामने हुई 50 हजार रुपए की चोरी से जुड़ा है। पुलिस 2 सितंबर को टिमकीटोला निवासी सावित्री चौधरी और उनके पति कैलाश चौधरी को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। आरोप है कि यहां दोनों के साथ मारपीट और महिला के साथ दुर्व्यवहार किया गया। 3 सितंबर को सावित्री को आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया गया था। समाज ने किया था थाने का घेराव महिला से मारपीट के आरोपों के विरोध में मरार माली समाज ने 15 सितंबर को किरनापुर में आंदोलन किया था। इस दौरान थाने में पथराव और तोड़फोड़ भी हुई थी। पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, समाज अध्यक्ष रमेश पंचे, जिला पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच समेत 63 नामजद और 100 से 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित धाराओं में केस दर्ज किया था। एसआईटी ने जांच में पाई अनियमितताएं एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देश पर डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी ने चौधरी दंपती की शिकायत की जांच की। एसआईटी के अनुसार महिला को पर्याप्त कानूनी आधार के बिना थाने में रखा गया। रिपोर्ट में सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी और न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया में भी अनियमितता सामने आने की बात कही गई है। केवल इकबालिया बयान के आधार पर कार्रवाई जांच रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने पर्याप्त परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए बिना महिला के खिलाफ कार्रवाई की। एसआईटी ने महिला और उसके पति को अवैधानिक रूप से थाने में रखने, डराने-धमकाने और अनुचित दबाव डालने के आरोपों की भी पुष्टि की है। चार पुलिसकर्मियों पर इन धाराओं में केस एसआईटी जांच के आधार पर पुलिस ने एसआई दामेन्द्र तुरकर, प्रआर आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम के खिलाफ बीएनएस की धारा 127, 115(2), 296(बी), 351(1) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच जारी है। एक दिन पहले पीड़िता ने बताई थी पूरी घटना एसआईटी रिपोर्ट सामने आने से एक दिन पहले सावित्री चौधरी ने पति कैलाश के साथ मीडिया के सामने थाने में हुई घटना के बारे में बताया था। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने भी महिला को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत की उस टिप्पणी का हवाला दिया था, जिसमें गिरफ्तारी को अवैधानिक बताते हुए महिला को रिहा किए जाने की बात कही गई थी।