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झारखंड में 64 सीडीपीओ चयनित

रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) नियुक्ति के तहत शनिवार को अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इससे राज्य को 64 सीडीपीओ मिले हैं। राज्य सरकार शीघ्र ही अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेगी। आयोग ने मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का सात से नौ जनवरी तक साक्षात्कार आयोजित किया था, जिसका परिणाम जारी कर दिया। इसमें अनारक्षित श्रेणी से 34, एससी श्रेणी से दो, एसटी श्रेणी से 21, बीसी-वन से एक तथा आर्थिक रूप से कमजाेर श्रेणी में छह सफल घोषित हुए हैं। सफल अभ्यर्थियों में अक्षय कुमार नेत्रहीन, प्रकाश कुमार शारीरिक दिव्यांग तथा अनुपमा कमल मूक बधिर हैं। इन्होंने इन कमजोरियों को धता बताते हुए अपनी प्रतिभा से सीडीपीओ जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त होने में सफलता प्राप्त की। वहीं, चयनित 64 अभ्यर्थियों में 35 महिला हैं, जबकि 50 प्रतिशत अर्थात 32 पद ही महिलाओं के लिए आरक्षित थे। बताते चलें कि आयोग ने यह नियुक्ति परीक्षा जून 2023 में ही शुरू की थी।

बिहार में होली से पहले 149 नई डीलक्स बसें चलेंगी

पटना. बिहार में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BSRTC) ने होली से पहले 149 नई डीलक्स बसों का संचालन शुरू करने का फैसला लिया है. इन बसों में 75 एसी डीलक्स और 74 नॉन-एसी डीलक्स बसें शामिल हैं, जो यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराएंगी. नई एसी डीलक्स बसों का मुख्य ध्यान अंतरराज्यीय मार्गों पर रहेगा. ये बसें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल समेत कुल 9 राज्यों के लिए संचालित होंगी. इसके साथ ही बिहार के अंदर भी लंबी दूरी की यात्राओं के लिए नई एसी बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है, जिससे प्रदेशवासियों का सफर और भी सुगम हो सके. परिवहन और ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने कहा कि घाटे वाले रूटों की पहचान कर वहां बस परिचालन बंद किया जाएगा. इन रूटों पर बहाल बसों को नई बसों के साथ बेहतर रूट प्रबंध के तहत समायोजित किया जाएगा ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके और परिचालन प्रभावी बने. अंतरराज्यीय बस परिचालन की प्रक्रिया को भी सरल और तीव्र बनाया जा रहा है. उत्तर प्रदेश के लिए पुराने रूट परमिट के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है, जबकि दिल्ली के लिए नए रूटों की सूची अंतिम चरण में है. पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के साथ एमओयू भी पहले ही हो चुके हैं. परिवहन मंत्री ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बसों के परिचालन से पहले सभी रूटों को अधिसूचित किया जाए, ताकि परिचालन में किसी भी तरह की देरी न हो. इस संदर्भ में 7-8 जनवरी को दिल्ली में संबंधित राज्यों के परिवहन मंत्रियों के साथ बैठक भी प्रस्तावित है. वर्तमान में BSRTC के बेड़े में 884 बसें हैं, जो हर साल लगभग 3 करोड़ यात्रियों को सेवा देती हैं. नई बसों के जुड़ने से बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होकर त्योहारों के दौरान यात्रियों को विश्वसनीय और सुरक्षित सेवा मिलेगी.

यूपी पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन के प्राणों की रक्षा का अभिनव प्रयोग करने वाली बनी विश्व की प्रथम पुलिस एजेंसी

– नई दिल्ली में आयोजित 105वें स्कॉच समिट कार्यक्रम में महाकुम्भ-25 में स्थापित आईसीसीसी एवं यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर की मेटा सुसाइडल अलर्ट की अभिनव पहल के लिए वर्ष-25 के प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड (श्रेणी-गोल्ड) से किया गया सम्मानित   – स्कॉच अवार्ड की दो अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत होने वाली योगी सरकार की यूपी पुलिस बनी देश की एक मात्र पुलिस बल      लखनऊ,  योगी सरकार के नाम शनिवार को एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गयी। योगी सरकार की यूपी पुलिस को नई दिल्ली में शनिवार को आयोजित 105वें स्कॉच समिट कार्यक्रम में महाकुम्भ-25 में स्थापित आईसीसीसी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर की मेटा सुसाइडल अलर्ट से संबंधित अभिनव पहल को वर्ष-25 के प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड (श्रेणी-गोल्ड) से सम्मानित किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम  “Governing Viksit Bharat” रही। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जाता है।      105वें SKOCH समिट कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण को पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे उनके द्वारा नामित अधिकारियों क्रमशः ICCC Mahakumbh–25 के तत्कालीन प्रभारी आईपीएस अमित कुमार एवं Meta Suicidal Alert का अवॉर्ड पुलिस महानिदेशक के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव तथा सत्या यादव, डायरेक्टर आउटरीच, साउथ एशिया फेसबुक (मेटा) द्वारा ग्रहण किया गया। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा तकनीक-समर्थ, संवेदनशील एवं जनोन्मुख पुलिसिंग के लिए लगातार दिशा-निर्देश एवं संसाधन प्रदान किये जा रहे हैं। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरुप प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पुलिसिंग में उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही यूपी पुलिस द्वारा तकनीकी नवाचारों को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इस वर्ष प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड-25 यूपी पुलिस को मिलना इसका जीता जागता उदाहरण है। यह सम्मान जनसुरक्षा एवं जीवन संरक्षण के क्षेत्र में यूपी पुलिस द्वारा किए गए तकनीकी नवाचारों, उत्कृष्ट सरकारी सेवाओं एवं प्रभावशाली कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त मान्यता को दर्शाता है।      Integrated Command and Control Center(ICCC): महाकुंभ–25 में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुचारू संचालन और सुरक्षा के प्रति यूपी पुलिस की गहरी प्रतिबद्धता के दृष्टिगत आईसीसीसी को एक नर्व सेंटर / नियंत्रण हब के रूप में विकसित किया गया, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा अन्य कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया ताकि मेले के दौरान जनमानस की सेवा, भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया, आपातकालीन सेवाएं और इंटर-एजेंसी समन्वय को सर्वोत्तम स्तर पर संचालित किया जा सके। महाकुंभ-25 में आईसीसीसी ने इस प्रकार अपना विशिष्ट योगदान दिया – AI-driven प्रणाली के माध्यम से crowd estimation, व्यक्ति-सुरक्षा और यातायात प्रबंधन। – एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC)के ज़रिए 24X7 निगरानी, शिचुएशन रूम, आपातकालीन मॉनिटरिंग और त्वरित निर्णय-निर्धारण। – डिजिटल-गवर्नेंस एवं स्मार्ट टेक्नोलॉजी के समावेश से श्रद्धालुओं की सहायता के लिए "चैटबॉट / मास मैसेजिंग", ऐप-आधारित सपोर्ट। – भीड़-प्रबंधन, डीजास्टर-रेडीनेस और विविध एजेंसियों (पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, अग्नि एवं आपदा प्रबंधन आदि) के बीच बेहतर तालमेल। Meta Suicidal Alert: यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेन्टर द्वारा यह पहल Meta कंपनी के सहयोग से विकसित की गई है। इसके तहत फेसबुक एवं इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आत्महत्या से संबंधित सामग्री पोस्ट किए जाने की स्थिति में Meta द्वारा तत्काल पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल एवं फोन कॉल के माध्यम से अलर्ट भेजा जाता है। पुलिस मुख्यालय में स्थापित 24X7 समर्पित डेस्क, जो यूपी एसटीएफ सर्वर से एकीकृत है, पीड़ित की लोकेशन का त्वरित पता लगाकर संबंधित जनपद को सूचना प्रेषित करती है। इसके बाद स्थानीय पुलिस द्वारा पीड़ित एवं उसके परिजनों से संपर्क कर समय रहते सहायता, रेस्क्यू एवं काउंसिलिंग प्रदान की जाती है तथा अपने अधिकार-क्षेत्र में रहते हुए पीड़ित की समस्या के समाधान का भी प्रयास किया जाता है। 1 जनवरी-23 से 31 दिसम्बर-25 के मध्य Meta से प्राप्त 1,802 अलर्ट के माध्यम से कुल 1,805 व्यक्तियों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इन बचाए गए 1,805 लोगों में से 1,389 पुरुष एवं 416 महिलाएं शामिल हैं। इन एज ग्रुप के लोगों को बचाया गया – 13–18 वर्ष आयु वर्ग: 623 व्यक्ति                                                                                   – 19–25 वर्ष आयु वर्ग: 905 व्यक्ति – 26–35 वर्ष आयु वर्ग: 190 व्यक्ति – 35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग: 87 व्यक्ति आत्महत्या के प्रयास के सभी मामलों में कांउसिलिंग की नवीन पहल यूपी पुलिस द्वारा त्वरित हस्तक्षेप के माध्यम से संबंधित व्यक्ति के प्राण की रक्षा तत्समय कर ली जाती है, लेकिनभविष्य में आत्महत्या संबंधी विचारों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ऐसे व्यक्तियों को निरंतर एवं प्रभावी कांउसिलिंग की आवश्यकता रहती है। ऐसे में पुलिस महानिदेशक द्वारा नवीन पहल करते हुए आत्महत्या के प्रयास के सभी मामलों में जनपदीय मिशन शक्ति केन्द्र एवं 1090 के टेली-कॉउंसलर के माध्यम से पीड़ित की कांउसिलिंग के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

पेंशन प्रकरणों का प्रदेश स्तर पर 10 दिनों में होगा निराकरण

भोपाल. सेवानिवृत्ति के बाद अब पेंशन प्रकरणों का 10 दिनों में प्रदेश स्तर पर निराकरण होगा। इस नई व्यवस्था से अब सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन आदेश (पीपीओ) के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले पीपीओ जारी होने में छह माह से एक वर्ष तक लग जाता था और शासकीय सेवक को सेवानिवृत्त के बाद पेंशन कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। इसको लेकर मध्य प्रदेश पेंशन संचालनालय ने केंद्रीय कृत व्यवस्था बनाई है। अभी तक जिलों से प्रकरण बनते थे और फिर प्रदेश में आते थे। उसमें विलंब होता था। अब चुकी कैबिनेट ने निर्णय करके जिला कार्यालय बंद कर दिए हैं, ऐसे में प्रदेश स्तर पर ही पूरा काम होगा। इससे समय की बचत होगी। यह नई व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल होगी। जिलों के पेंशन अधिकारी ई-साइन (डिजिटल साइन) से पीपीओ जारी करेंगे। किसी अधिकारी के हाथ से साइन नहीं होंगे। पीपीओ सीधे स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआइ) को भेजा जाएगा। प्रदेश में करीब पांच लाख पेंशनर हैं। अब तक पेंशन बढ़ने या घटने पर, नया पीपीओ बनवाने के लिए पेंशनर को दफ्तर और बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब पीपीओ डिजिटली जारी होगा। घर बैठे प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। डिजिलाकर में पीपीओ सुरक्षित रहेगा, नया खाता जरूरी नहीं, मौजूदा बैंक खाते में ही राशि आएगी।

सॉफ्टवेयर मैचिंग में 5.70 लाख वोटर्स के पिता और जन्मतिथि व नाम में मिली गड़बड़ी

इंदौर. इंदौर जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे-आपत्ति की सुनवाई जारी है, लेकिन इस बीच मतदाता सूची को लेकर अजीब स्थिति सामने आई है। जिले में करीब 5.70 लाख मतदाता तार्किक त्रुटि श्रेणी में सामने आए हैं, जिनके रिकार्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैप तो हो गए हैं, लेकिन विवरणों में विसंगतियों के कारण वे संदेह के घेरे में हैं। यह संख्या उन 1.33 लाख मतदाताओं से अलग है, जिनकी वर्ष 2003 से मैपिंग नहीं हुई। दरअसल, निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर द्वारा रिकॉर्ड मिलान के दौरान पांच प्रकार की तार्किक त्रुटियां चिह्नित की गई हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है, जिनके पिता का नाम 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहा। नाम की स्पेलिंग में गलती, नाम का अधूरा होना, सरनेम में बदलाव और जन्मतिथि में अंतर जैसी त्रुटियां भी सामने आई हैं। इन मतदाताओं को आयोग ने संदेह के घेरे में रखा है। हालांकि, इस श्रेणी के मतदाताओं के लिए राहत की बात यह है कि इनको किसी तरह से नोटिस जारी नहीं होंगे यानी यह सूची से बाहर नहीं होंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पंवार का कहना है कि आयोग ने कुछ मतदाताओं को तार्किक त्रुटि में शामिल किया है। इनका सुधार बीएलओ द्वारा अपने मोबाइल लॉगिन से किया जाएगा। बीएलओ घोषणा पत्र भरकर उक्त मतदाता की पुष्टि करेंगे। यदि इसमें गलत मैपिंग हुई है तो उसमें सुधार कर नोटिस जारी होंगे। 24.20 मतदाताओं ने भरे फार्म इंदौर जिले की मतदाता सूची में शामिल 28.67 लाख मतदाताओं के फार्म भरने का कार्य चार नवंबर से 11 दिसंबर तक किया गया। इस दौरान 24 लाख 20 हजार 171 मतदाताओं के फार्म भरकर आए, इसलिए इनको प्रारंभ मतदाता सूची में शामिल किया गया है। इसमें एक लाख 33 हजार 696 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई थी और अब इनसे दस्तावेज लिए जा रहे हैं। वहीं चार लाख 47 हजार 123 मतदाताओं के फार्म नहीं आने से इनका नाम प्रारंभ मतदाता सूची से हटाया गया है। इसमें स्थानांतरित, मृतक और पते पर नहीं मिलने वाले मतदाता शामिल हैं। ये त्रुटियां सामने आईं नाम में त्रुटि : वर्तमान मतदाता सूची में मतदाता का नाम रामलाल दर्ज है, जबकि 2003 की सूची में नाम राम था। पिता का नाम बेमेल : 2003 की सूची में पिता के नाम के साथ सरनेम नहीं था, लेकिन अब नाम के साथ सरनेम दर्ज है। मैपिंग की परेशानी : एक पालक की छह से अधिक नामों से मैपिंग नहीं होना चाहिए, लेकिन कुछ मामलों में अधिक हुई है। उम्र की परेशानी : बच्चों और पिता की उम्र में 15 साल से कम और 50 साल से अधिक का अंतर सामने आ रहा है। दादा की उम्र : कई मतदाताओं के दादा की उम्र में 40 साल से कम का अंतर दिखाई दे रहा है।

इंदौर में भागीरथपुरा कांड पर कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में निकली न्याय यात्रा

इंदौर. भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद कांग्रेस ताकत दिखाने के लिए आज फिर से सड़क पर उतरी है। आज शहर में न्याय यात्रा निकाली जा रही है। इसमें दिग्विजय सिंह, सज्जनसिंह, मीनाक्षी नटराजन सहित प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से कांग्रेस विधायकों सहित अन्य बड़े नेता पहुंचे हैं। जिला और शहर कांग्रेस दावा कर रही है कि भागीरथपुरा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग लेकर निकाली जा रही यात्रा में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे के अनुसार सिर्फ कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं बल्कि आम लोग भी यात्रा में शामिल हो रहे हैं। बड़ा गणपति से मौन रैली के रूप में यात्रा शुरू हुई, जिसका राजवाड़ा पर देवी अहिल्या प्रतिमा पर समापन होगा।

शराब के नशे में स्कूल पहुंचे टीचर, किया गया निलंबित

खरगोन. खरगोन जिले के डोंगर चीचली गांव में माध्यमिक शिक्षक के शराब पीकर स्कूल में जाकर बच्चों को धमकाने और उनके घबराकर स्कूल छोड़कर भागने के मामले में जिला कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। जहां संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है, वहीं इस मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में नहीं लाने पर चार अधिकारियों को शोकाज नोटिस दिया। घटना के मुताबिक 6 जनवरी को केशव शारदे शराब पीकर स्कूल में आए और उनकी हरसकतों से बच्चें घबराकर समय के पहले ही क्लास से बाहर निकल भागे। उल्लेखनीय है कि शिक्षक केशव शारदे ने क्लास में जाकर बच्चों को धमकाया था और कहा था कि 'मैं मेरे बेटे को भी नहीं छोड़ता, मैं छुट्टी पर हूं मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, हेड मास्टर दारू पीते हैं यह किसने बताया है।' जब बच्चे घबरा कर भागने लगे तो केशव शारदे उनके पीछे गए और कहा कि अभी चार ही बजे हैं, फिलहाल छुट्टी नहीं हुई है। घटना का वीडियो सामने आने पर जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने जांच कर प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए थे। ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भी बनाया था। टीचर को किया निलंबित सहायक आयुक्त आदिवासी विकास खरगोन इकबाल हुसैन आदिल ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय डोंगर चीचली के प्रधान पाठक केशव शारदे को जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने पर जन शिक्षक शैलेश वर्मा, ब्लाक रिसोर्स कोआर्डिनेटर (बीआरसी) रंजीत आर्य, ब्लाक एजुकेशन ऑफिसर विष्णु पाटीदार और संकुल प्राचार्य लोकेंद्र सिंह तोमर को शोकाज नोटिस जारी किया गया है। उनके द्वारा समय रहते प्रकरण को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में नहीं लाया गया।

‘आभार प्रधानमंत्री जी, डबल इंजन सरकार ने बदल दी हम महिलाओं की जिंदगी’

यूपी की एक  आम महिला ने लिखी मोदी को भावनात्मक चिट्ठी, बताया कि उज्ज्वला योजना से कैसे आया उनकी जिंदगी में बदलाव जवाब में पीएम ने जताया आभार, कहा- ‘करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद एवं नेह मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा, सबसे बड़ी ताकत’ लखनऊ, हमारे प्रयासों से आपके जीवन में जो सुखद बदलाव आए हैं, उन्हें पत्र के ज़रिये मुझसे साझा करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद एवं नेह मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा, सबसे बड़ी ताकत है। मुझे विश्वास है कि आप सभी का सहयोग एवं योगदान विकसित भारत के निर्माण में बहुमूल्य सिद्ध होगा। ये शब्द हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पत्र के, जो उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में रहने वाली एक सामान्य घरेलू महिला अरुणा श्री को उनके पत्र के उत्तर में आभार व्यक्त करते हुए लिखे। प्रधानमंत्री जी का यह पत्र अरुणा श्री के उस पत्र के आभार स्वरूप लिखा गया है, जिसमें अरुणा ने विकसित भारत की असली तस्वीर रखते हुए डबल इंजन सरकार की ओर से चलाई जा रही उज्ज्वला योजना से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के संदर्भ में लिखा था। अरुणा ने पत्र में भावनात्मक अनुभव व्यक्त करते हुए लिखा कि उनकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी। उन दिनों रसोई गैस कनेक्शन और एलपीजी सिलेंडर मिलना आसान नहीं था। वर्षों इंतज़ार, सिफ़ारिशें, गैस बुकिंग के लिए लंबी कतारें और भरा सिलेंडर पाने के लिए एजेंसी के चक्कर आम बात थी। कई बार मजबूरी में ब्लैक में गैस ख़रीदनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव दोनों बढ़ जाते थे। लेकिन 2014 के बाद उज्ज्वला योजना के आने से मुफ़्त गैस कनेक्शन, मोबाइल से बुकिंग, घर पर सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी के सीधे बैंक खाते में आने जैसी व्यवस्थाओं से प्रदेश की सामान्य महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अरुणा श्री ने अपने पत्र में हाल की एक छोटी-सी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया। एक दिन भोजन बनाते समय अचानक गैस खत्म हो गई। पहले ऐसे हालात में पूरा काम ठप हो जाता था, लेकिन उनके पति के एक फ़ोन पर मात्र 15 मिनट के भीतर भरा हुआ सिलेंडर घर पहुँच गया और भोजन समय पर तैयार हो सका। अरुणा जी ने पत्र में लिखा, भले ही यह छोटी घटना लगे, लेकिन इन छोटे-छोटे सुधारों ने आम महिलाओं के जीवन को कहीं अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक बना दिया है। उन्होंने पत्र में लिखा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, सुविधाओं और उनकी डिलीवरी ने आम लोगों के जीवन में आमूलचूल बदलाव ला दिया है। अरुणा श्री का पत्र 2014 के बाद के नए भारत की तस्वीर पेश करता है, जिसे हम अक्सर सरकारी विज्ञापनों या भाषणों में सुनते हैं, लेकिन रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कम ही महसूस कर पाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी की आम महिला अरुणा श्री के पत्र के उत्तर में कहा कि ऐसे आत्मीय पत्र उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान, उज्ज्वला योजना, बैंकिंग सुविधा और मुद्रा योजना जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से देश की महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अरुणा श्री का प्रधानमंत्री को धन्यवाद के लिए लिखा पत्र बताता है कि जब सरकारी नीतियां सही ढंग से आमजन तक पहुंचती हैं, तो वे सिर्फ़ योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में संतोष और आत्मविश्वास लाती हैं। विकसित होते भारत की यही असली तस्वीर है।

सीएम योगी ने समीक्षा बैठक के दौरान किया माघ मेला सेवा एप का उद्घाटन

मेला क्षेत्र के सभी बिजली के खंभों पर लगाए गए क्यूआर कोड से मिलेगी मदद प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए कई तरह के नवाचार इस बार मेला प्रशासन की तरफ से किए जा रहे हैं। माघ मेला आने वाले आगंतुकों के लिए मेला सेवा एप भी उसी सूची में शामिल हो गया है।  शनिवार को प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र पहुंचे सीएम योगी ने इसका उद्घाटन किया। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के आगामी स्नान पर्वो की समीक्षा करने  माघ मेला क्षेत्र पहुंचे सीएम योगी ने इसे लेकर अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। सीएम योगी ने इस दौरान प्रयागराज में तीर्थयात्रियों को डिजिटल मार्गदर्शन देने के लिए माघ मेला सेवा एप का भी उद्घाटन किया। इस एप के जरिए मेले में आए श्रद्धालुओं को डिजिटल तरीके से सेवाएं उपलब्ध होंगी। मेला अधिकारी ऋषिराज बताते हैं कि इस एप को इस तरह डिजिटली डिजाइन किया गया है कि मेला क्षेत्र के किसी भी हिस्से में बैठा कोई भी श्रद्धालु या पर्यटक अपनी समस्या मेला प्रशासन को अवगत करा सकता है और मेला प्रशासन के कर्मचारी उसका समाधान कर सकेंगे। मेला क्षेत्र के सभी बिजली के खंभों में इसके लिए क्यूआर कोड चिपकाए गए हैं जिन्हें स्कैन करके उसमें खुलने वाले फॉर्म में अपनी समस्या बताकर प्रशासन के पास भेजा जा सकता है। मेला प्रशासन के विभिन्न विभागों की टीमें इसका संज्ञान लेते ही समस्या का निवारण कर देंगी। माघ मेला में पहली बार यह सुविधा दी गई है।

उमरिया में हथियारबंद बदमाशों ने दुकानदार से छीना ज्वैलरी से भरा बैग

उमरिया. इंदवार थाना क्षेत्र की अमरपुर चौकी अंतर्गत बड़ा तालाब के पास शनिवार की रात हथियारों से लैस नकाबपोश बदमाशों ने लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ित पुरुषोत्तम उर्फ जग्गी पिता फूलचंद सोनी उम्र करीब 43 वर्ष निवासी सोनी मोहल्ला अमरपुर है। उनकी सेंट्रल ग्रामीण बैंक के पास ज्वेलरी की दुकान है। लुटेरों ने लूट की इस घटना को शनिवार की रात उस समय अंजाम दिया, जब पीड़ित दुकान बंद करके घर की तरफ जा रहा था। दुकान से कुछ दूरी पर लूट खबर है कि कारोबारी शाम के समय दुकान बंद कर सोनी मोहल्ला स्थित अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह बड़ा तालाब के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने उसे घेर लिया। बदमाशों ने हथियारों की मदद से कारोबारी को जान से मारने की धमकी देते हुए ज्वेलरी से भरा बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि यह पूरी वारदात पीड़ित की दुकान से महज 500 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे पूरा परिवार खासा दहशत में है। कर रहे थे रैकी वारदात की सूचना मिलते ही देर रात ही पुलिस हरकत में आ गई। बदमाशों को गिरफ्त में लेने गहन जांच शुरू कर दी गई। बदमाशों की तलाश में आसपास के इलाकों में पुलिस सघन सर्चिंग अभियान चला रही है, वहीं संभावित आरोपियों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। इस पूरे वारदात को जिस तरह बदमाशों ने अंजाम दिया है, उससे साफ है कि बदमाश कई दिनों से कारोबारी की रेकी कर रहे थे और तय समय पर वारदात को अंजाम दिए है।