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लालू परिवार को कोर्ट से बड़ा झटका, लैंड फॉर जॉब मामले में फ्रॉड और साजिश के आरोप फ्रेम

पटना लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार को बहुत बड़ा झटका लगा है। दरअसल, दिल्ली की कोर्ट ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं। अब इस आदेश के बाद लालू परिवार पर मुकदमा चलेगा। दिल्ली राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती, हेमा यादव सहित कई अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय कर दिए हैं। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि लालू यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर के रूप में इस्तेमाल किया ताकि वह एक आपराधिक गतिविधि को अंजाम दे सकें, जिसमें सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके यादव परिवार ने रेलवे अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीन हासिल की। रेलवे अधिकारियों समेत 52 लोग बरी अदालत ने इस मामले में 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किये और रेलवे अधिकारियों समेत 52 लोगों को बरी कर दिया। इससे पहले, सीबीआई ने मामले में आरोपी व्यक्तियों की स्थिति के बारे में एक सत्यापन रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि उसके आरोप-पत्र में नामजद 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो गई है। अदालत ने मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए 23 जनवरी की तारीख तय की है। जांच एजेंसी ने कथित घोटाले के सिलसिले में लालू यादव, उनकी पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था। क्या हैं पूरा मामला? आरोप है कि मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य जोन में ग्रुप-डी श्रेणी में भर्तियां लालू यादव के रेल मंत्री रहते 2004 से 2009 के बीच की गईं। इसके बदले में भर्ती होने वाले लोगों ने राजद प्रमुख के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर जमीन के टुकड़े तोहफ़े में दिए या हस्तांतरित किए। सीबीआई ने यह भी दावा किया कि ये नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करके की गईं और इन लेन-देन में बेनामी संपत्तियां शामिल थीं, जो आपराधिक कदाचार और साजिश के समकक्ष है। आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया है कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीय दिवस पर दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रवासी भारतीय दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के साथ जुड़ाव तथा विदेशी धरती पर प्रगति के नए अध्याय लिख रहे अप्रवासी भारतीयों पर हम सभी को गर्व है। प्रवासी भारतीय भाई-बहन, दुनिया में भारत को गौरवान्वित करते रहें, यही मंगलकामनाएं हैं।

अयोध्या परिक्षेत्र ने फिर मारी बाजी, आईजीआरएस मासिक रैंकिंग में रेंज व सभी पांच जिलों को मिला प्रथम स्थान

  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति पर तेजी से हो रहा है आईजीआरएस पर समाधान अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में पुलिस विभाग की सुदृढ़ व्यवस्था और प्रभावी कार्यप्रणाली से दिव्य और भव्य अयोध्या में एक बार फिर सुशासन, सुरक्षा और मर्यादा का वातावरण स्थापित होता दिखाई दे रहा है। वहीं प्रदेश पुलिस की जन शिकायत निस्तारण प्रणाली(आईजीआरएस) में एक बार फिर अयोध्या परिक्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन किया हैं। एडीजी/आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार के कुशल निर्देशन और आईजीआरएस टीम की अथक मेहनत से परिक्षेत्र को मासिक रैंकिंग में पुनः प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। सबसे खास बात यह है कि परिक्षेत्र के सभी पांच जिलों अयोध्या, अम्बेडकरनगर, अमेठी, बाराबंकी और सुल्तानपुर को भी अलग-अलग प्रथम रैंक मिली है। यह उपलब्धि पुलिस की जनता के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति और जन शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देने के कारण प्रदेश भर में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का तेजी से समाधान हो रहा है। अयोध्या परिक्षेत्र में यह सफलता लगातार टीम वर्क और अधिकारियों की सक्रियता का नतीजा हैं।शिकायतकर्ताओं से संतुष्टि फीडबैक लेने और डिफॉल्ट मामलों को न्यूनतम रखने में टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया। एडीजी/आईजी प्रवीण कुमार ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सफलता हमारी आईजीआरएस टीम की मेहनत और सभी जिलों के पुलिस कप्तानों व थाना प्रभारियों की समर्पण भावना का परिणाम है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि जनता की हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। हमारा प्रयास रहेगा कि अयोध्या परिक्षेत्र हर महीने इसी तरह अव्वल रहे और जनता का विश्वास पुलिस पर और मजबूत हो। पुलिस कर्मियों का मनोबल हुआ ऊंचा इस रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने से परिक्षेत्र के पुलिसकर्मियों का मनोबल ऊंचा हुआ है। जिलों में थानों पर शिकायतों का त्वरित समाधान, फॉलो-अप और शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है। रामनगरी अयोध्या सहित पूरे परिक्षेत्र में पर्यटन और धार्मिक आयोजनों के कारण शिकायतों की संख्या अधिक रहती है, फिर भी टीम ने इसे चुनौती बनाकर सफलता हासिल की। यह उपलब्धि अन्य परिक्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनसेवा और पारदर्शिता ही उनकी प्राथमिकता है। आने वाले महीनों में भी इसी प्रदर्शन को बनाए रखने का संकल्प लिया गया है। रैंकिंग में क्रमवार ऐसे है नाम बाराबंकी अयोध्या अमेठी अम्बेडकरनगर सुल्तानपुर नोट:  सभी ने शत प्रतिशत प्राप्तांक हासिल किए हैं।

मुख्यमंत्री ने किया सीधी जिले में 201 करोड़ रूपए के 209 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

बहरी में खुलेगा नया कॉलेज, सिंहावल और देवसर के कॉलेज में विज्ञान और वाणिज्य संकाय किए जाएंगे शुरू देवसर में लगेगी फुल टाइम एडिशनल कलेक्टर कोर्ट गोपद नदी पर बनेगा 500 मीटर लंबा पुल, महान नदी पर बनेगा रपटा बहरी से चुरहट तक बनेगी 64.54 कि.मी. लंबी टू लेन रोड सीधी में लगाए जाएंगे सभी प्रकार के उद्योग संकल्प से समाधान महाभियान-1 चलेगा 12 जनवरी से 31 मार्च तक   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सबके सहयोग से हम एक नया मध्यप्रदेश गढ़ने जा रहे हैं। विकसित मध्यप्रदेश के लिए गांव, गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, सभी को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाना जरूरी है और हम इसी दिशा में मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र को विकास से वंचित नहीं रहने देंगे। विकास की राह पर हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सीधी जिले की सिंहावल विधानसभा क्षेत्र के तहसील मुख्यालय बहरी में विभिन्न शासकीय विभागों के हितग्राहियों के प्रशिक्षण सह उनमुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनता का सरकार पर अटूट विश्वास ही हमें प्रदेश के समग्र विकास और कल्याण के लिए नई ऊर्जा और ताकत देता है। नए विकास कार्यों और नवरोजगार सृजन से हम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती देने के लिए हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम बहरी से ही सीधी जिले के लिए 201 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त 11 करोड़ 58 लाख रूपए की लागत से एक बगिया माँ के नाम के अंतर्गत 505 कार्यों का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने 133 करोड़ 62 लाख रूपए के 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 68 करोड़ रूपए से अधिक की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण कर सीधी जिलेवासियों को कई निर्माण कार्यों की सौगातें दीं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहरी में नया कॉलेज खोलने की घोषणा की। यह कॉलेज अगले सत्र से ही प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्राम बहरी से चुरहट तक 129 करोड़ की लागत से 64.54 कि.मी. लंबे टू-लेन रोड निर्माण की भी घोषणा इस मौके पर की। उन्होंने सिंहावल और देवसर के महाविद्यालयों में विज्ञान और वाणिज्य संकाय की कक्षाएं प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने देवसर में वर्तमान में संचालित पार्ट टाइम एडिशनल कलेक्टर कोर्ट को अब फुल टाइम संचालित किए जाने की घोषणा की। साथ ही सीधी जिले की गोपद नदी पर 500 मीटर लंबा एक नया पुल तथा महान नदी पर रपटा बनवाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहावल विधानसभा क्षेत्र के कुछ स्कूलों को हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी स्कूल में प्रोन्नत करने तथा कुछ गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बहरी तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी जिले में सभी प्रकार के उद्योग-धंधे लगाए जाएंगे। पंजा दरी सीधी की पहचान है। सिंहावल ब्लॉक के क्लस्टर में पंजा दरी और कालीन बुनाई की विभिन्न इकाइयां हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सीधी की पंजा दरी को जीआई टैग दिलाने के लिए प्रयासरत है, हम पंजा दरी को वैश्विक पहचान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में भारी निवेश आ रहा है। इससे पंजा दरी कला को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी से 31 मार्च तक 'संकल्प से समाधान अभियान-1' चलाया जाएगा। इसमें नागरिकों को सरकार की 106 प्रकार की हितग्राहीमूलक योजनाओं/सेवाओं/सुविधाओं का घर-घर जाकर लाभ प्रदाय किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोन नदी के किनारे सीधी जिला सोने की नगरी के समान है। आज यहां 201 करोड़ की लागत से क्षेत्र के विकास के लिए लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किए गए हैं। इसमें सीधी जिले में नए जनपद भवन, ग्राम पंचायत भवन, बालक-बालिका छात्रावास जैसे विभिन्न निर्माण कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नारी सशक्तिकरण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह पूरा साल आरक्षित कर दिया है। प्रदेश के सभी पात्र किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सालभर में 12 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। हमारी लाड़ली बहनों को हर महीने दी जा रही सहायता राशि लगातार बढ़ती जाएगी। अभी हर महीने 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। इससे बहनें उद्यमी और आत्मनिर्भर बन रही हैं। घर का खर्च चलाने के साथ बच्चों के ट्यूशन फीस भी भर रही हैं। लाड़ली बहनों को सरकार ने लगभग 50 हजार करोड़ रुपए दिए हैं। बहनों को रोजगार आधिरित उद्योगों में काम करने पर 5000 रुपए महीने का अतिरिक्त लाभ भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विगत 2 सात में ही 10 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा दिया है। नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से अभी प्रदेश में 55 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा पहुंचा है। अगले 5 साल में इसे 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य हमने रखा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन एवं दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है, जिसमें लाभार्थियों के लिए 40 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान है।   क्या है संकल्प से समाधान महाअभियान-1 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी से 31 मार्च तक प्रदेश में 'संकल्प से समाधान महाअभियान-1' चलाया जाएगा। इसमें नागरिकों को राज्य सरकार की 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान पूरे प्रदेश की हर विधानसभा, ब्लॉक, तहसील, जिले, गांव-गांव और नगरों के वार्डों-मोहल्लों तक भी शासकीय अधिकारी पहुंचेंगे और पात्र हितग्राहियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया‍ कि इस महाभियान के पहले चरण में … Read more

दूसरे राज्यों की पुलिस की एंट्री पर बवाल, गहलोत और जूली ने भजनलाल सरकार को कटघरे में खड़ा किया

जयपुर राजस्थान में कानून-व्यवस्था और पुलिस के सूचना तंत्र को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। गुजरात पुलिस द्वारा जोधपुर में एमडी ड्रग्स लैब पर की गई कार्रवाई के बाद यह सामने आया कि स्थानीय राजस्थान पुलिस को इस ऑपरेशन की पूर्व जानकारी तक नहीं थी। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब स्वयं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों से संवाद के दौरान इस पर सवाल उठाए। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोला।  पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि दूसरे राज्यों की पुलिस बिना सूचना के राजस्थान में कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इसे राजस्थान पुलिस के सूचना तंत्र के पूरी तरह ध्वस्त होने का प्रमाण बताया। गहलोत ने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र, दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है और राजस्थान में भी भाजपा सत्ता में है, इसके बावजूद आपसी समन्वय का यह अभाव सरकार की गंभीर प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है। गहलोत ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री ही राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं जता पा रहे, तो आम जनता अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाए। उन्होंने कहा कि गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है, ऐसे में यह जवाबदेही से बचने का प्रयास है। पुलिस का मनोबल गिराकर सरकार अपनी नाकामी नहीं छिपा सकती। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दिया गया बयान राजस्थान की बदहाल कानून-व्यवस्था की स्वीकारोक्ति है। जूली ने कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या मुख्यमंत्री की नींद आज टूटी है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को खुद नहीं पता कि पुलिस महकमे में क्या चल रहा है। जूली ने चूरू में महिला कांस्टेबल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का भी जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।   इस पूरे मामले ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिस समन्वय और सरकार की प्रशासनिक पकड़ को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।  

दलित महिला हत्याकांड: मेरठ में सड़क पर उतरे परिजन, 5 घंटे से प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग

मेरठ यूपी के मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले के विरोध में शुक्रवार को पांच घंटे बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आ सका है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा जारी है। पीड़ित परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके घरों पर बुलडोजर चलाने और कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक वे सुनीता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। अधिकारी उन्हें समझा रहे है, लेकिन वे उनकी किसी बात की मानने के लिए राजी नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद है। वहीं सपा की महिला नेता ने एसपी को चूड़ियां सौंपकर विरोध जताया है।   उधर, अधिकारियों ने समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान, आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष व कार्यकर्ताओं सहित अन्य नेताओं को गांव में प्रवेश की अनुमति दे दी। सभी नेता पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात कर रहे हैं और उन्हें न्याय का भरोसा दिला रहे हैं। गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई सहमति नहीं बन सकी थी।प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि परिजन तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। यूपी के मेरठ में दलित युवती का अपहरण के बाद उसकी मां की हत्या के मामले बवाल बढ़ गया है। पांच घंटे से हंगामा जारी है। संजीव बालियान पहुंचे कपसाड़ कपसाड़ गांव में युवती के अपहरण व विरोध पर उसकी मां की हत्या को लेकर बवाल मचा हुआ है। सभी दलों के नेता पीड़ितो का दर्द बांटने गांव पहुंच रहे है। भाजपा की तरफ से शुक्रवार दोपहर में पूर्व सांसद संजीव बालियान गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष को कार्यवाही का भरोसा दिलाया। सपा नेत्री ने एसपी को सौंपी चूड़ियां कपसाड़ पहुंची सपा नेत्री नेहा गौड़ ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथ लिया। उन्होंने एसपी देहात अभिजीत सिंह को चूड़ियां भेट की। एसपी चूड़ियां साथ लेकर चले गए।  

प्रशासनिक सुधारों से विकास की रफ्तार: बिहार-त्रिपुरा ने साझा किए अनुभव

पटना बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को त्रिपुरा सरकार के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नियमों में ढील और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक और संवाद आयोजित किया गया। इस बैठक का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच प्रशासनिक सुधार, सरल नीतियों के निर्माण और उद्योगों को बढ़ावा देने के सफल तरीकों को साझा करना था। बैठक की शुरुआत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने त्रिपुरा के मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिंह और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का अनुभव साझा करना बिहार के समग्र विकास और सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जरूरी है। त्रिपुरा सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने विस्तार से बताया कि कैसे पुराने और जटिल नियमों में बदलाव कर निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया गया है। उन्होंने समझाया कि अनुमति की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है, एक ही जगह से सभी स्वीकृतियां देने की व्यवस्था लागू की गई है और नीतियों में सुधार किए गए हैं। बैठक में भूमि और श्रम से जुड़े सुधारों, उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता, श्रम कानूनों को सरल बनाने, जांच व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीकृत प्रणाली अपनाने, तथा बिजली, पानी और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए बिना रुकावट अनुमति देने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार आत्मनिर्भर बिहार और औद्योगिक विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। त्रिपुरा में किए गए नीतिगत सुधारों का अध्ययन कर बिहार अपनी औद्योगिक नीति को और अधिक आकर्षक बनाने पर विचार करेगा, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों और औपचारिकताओं का बोझ कम होने से सरकारी कामों में देरी खत्म होगी और सुशासन को मजबूती मिलेगी। बैठक में युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग की भागीदारी यह दिखाती है कि सरकार का उद्देश्य केवल उद्योग लगाना नहीं है, बल्कि बिहार के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित और सक्षम बनाना भी है। इस अवसर पर त्रिपुरा सरकार की ओर से उद्योग एवं वाणिज्य सचिव किरण गिट्टे, शहरी विकास सचिव अभिषेक सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं बिहार सरकार की ओर से गृह रक्षा वाहिनी के महानिदेशक, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव, नगर विकास, उद्योग, ऊर्जा और श्रम संसाधन विभाग के सचिव तथा बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं वित्त विभाग, बिहार की ओर से दी गई।  

सुबह की ठंड नहीं बनी बाधा, सीएम नीतीश ने जेपी गंगापथ पहुंचकर विकास कार्यों की समीक्षा की

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अधिकारियों को जे.पी पार्क को लोगों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे विकसित कराये जाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जे.पी. गंगापथ पर कराए जा रहे लैंड स्केपिंग, पौधा रोपण एवं सौंदर्गीकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विकसित किए जा रहे पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने विकसित किए जा रहे पार्क के संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों को दिए ये बड़े  निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह पार्क गंगा नदी के किनारे स्थित है, इसलिए लोगों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे विकसित कराएं। यहां काफी अच्छा काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जे.पी.गंगा पथ पर पार्क विकसित होने से हरियाली बढ़ेगी साथ ही यहां आनेवाले लोग अपने परिवार के साथ कुछ समय व्यतीत कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियो को निर्देश दिया कि इस काम को जल्द पूर्ण कराएं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दौरान कहा कि पौधारोपण होने से यह क्षेत्र हरा-भरा दिखेगा। उन्होंने कहा कि जे.पी. गंगापथ एक अछ्वुत परियोजना है जिसका सौंदर्याकरण बेहतर ढंग से कराया जा रहा है। आनेवाले समय में यह क्षेत्र लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनेगा। जे.पी. गंगा पथ पर लोगों के लिए सड़क सुरक्षा और निर्बाध आवागमन भी जरूरी है, इसका पूरा ध्यान रखें। निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद और जनता दल यूनाईटेड ( जदयू) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेश परासर, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम एवं वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

बंदूक नहीं, संवाद और विकास ही स्थायी समाधान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। दंतेवाड़ा जिले में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत 36 इनामी सहित कुल 63 माओवादियों— जिनमें 18 महिलाएं और 45 पुरुष शामिल हैं — ने हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है। यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य के लिए एक निर्णायक परिवर्तन है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की स्पष्ट, बहुआयामी सुरक्षा एवं विकास रणनीति का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रमाण है कि “बंदूक नहीं, संवाद और विकास ही स्थायी समाधान हैं।” मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति, सटीक सुरक्षा रणनीति और सुशासन आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। माओवादी नेटवर्क का प्रभावी विघटन हो रहा है और बस्तर के सुदूर अंचलों में अब तेज़ी से सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को सरकार द्वारा सम्मानजनक पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण, आजीविका और सामाजिक पुनर्स्थापन की समुचित व्यवस्था दी जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर नागरिक बनकर समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से स्थापित हो सकें। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय नहीं, भविष्य की भूमि बन रहा है — जहां शांति, सुशासन और विकास मिलकर एक स्वर्णिम कल की नींव रख रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व–2025 में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित 'आदि लोकोत्सव' पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'आदि लोकोत्सव' के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।