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चिकनकारी की कहानी कहने वाली लखनऊ की फिल्म ‘अंजुमन’ का राष्ट्रीय संरक्षण

  लखनऊ प्रसिद्ध फिल्मकार मुज़फ़्फ़र अली ने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान देते हुए अपनी पुरस्कार-विजेता हिंदी फिल्म अंजुमन (1986) की दुर्लभ 35 मिमी रिलीज़ प्रिंट नेशनल फ़िल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) – नेशनल फ़िल्म आर्काइव ऑफ़ इंडिया (NFAI) को दान की है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में श्री मुज़फ़्फ़र अली ने यह प्रिंट NFDC के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश मगदूम को औपचारिक रूप से सौंपी। फिल्म अंजुमन का उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ से गहरा सांस्कृतिक संबंध है। फिल्म की अधिकांश शूटिंग पुराने लखनऊ में की गई थी और यह शहर की तहज़ीब, नफ़ासत और पारंपरिक हस्तशिल्प परंपरा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। यह फिल्म लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी कारीगरी से जुड़ी महिलाओं के जीवन को संवेदनशीलता के साथ चित्रित करती है तथा उनकी उत्कृष्ट कला के बावजूद उन्हें झेलनी पड़ने वाली सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को उजागर करती है। वर्ष 1986 में अंजुमन इंडियन पैनोरमा की आधिकारिक चयनित फिल्मों में शामिल रही। इसके साथ ही फिल्म को वैंकूवर फ़िल्म फ़ेस्टिवल और तेहरान फ़िल्म फ़ेस्टिवल जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रदर्शित किया गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय सराहना के बावजूद फिल्म को व्यावसायिक रूप से सिनेमाघरों में प्रदर्शित नहीं किया जा सका। इस अवसर पर श्री मुज़फ़्फ़र अली ने कहा कि राष्ट्रीय फ़िल्म विरासत मिशन के अंतर्गत NFDC–NFAI द्वारा किया जा रहा संरक्षण कार्य फ़िल्म जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सेल्युलॉइड माध्यम अत्यंत नाज़ुक होता है और समय के साथ रंगों व छवियों का नष्ट होना अत्यंत पीड़ादायक है। उनके अनुसार, फ़िल्म संरक्षण का यह कार्य व्यवसाय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक सेतु का निर्माण है, जिसे केवल राष्ट्र की व्यापक दृष्टि से ही संभव बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अंजुमन जैसी फिल्म, जो लखनऊ और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा को दर्शाती है, उसका सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना आवश्यक है। NFDC के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश मगदूम ने कहा कि देश की सिनेमाई विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है। भारत सरकार का राष्ट्रीय फ़िल्म विरासत मिशन, जिसे NFDC–NFAI द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है, इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अंजुमन की प्रति दान करने के लिए श्री मुज़फ़्फ़र अली का आभार व्यक्त करते हुए फ़िल्म उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों से अपील की कि वे भी फिल्मों और फ़िल्म से संबंधित सामग्री को संरक्षण हेतु आगे आएँ। उल्लेखनीय है कि फिल्म अंजुमन भारतीय सिनेमा में कई कलात्मक उपलब्धियों के लिए जानी जाती है। फिल्म की मुख्य अभिनेत्री शबाना आज़मी ने संगीतकार ख़य्याम के निर्देशन में अपने स्वयं के प्लेबैक गीत गाए थे, जिनके बोल शायर शाहरीयार और दिवंगत फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ ने लिखे थे। इस प्रकार, अंजुमन न केवल एक महत्वपूर्ण सिनेमाई कृति है, बल्कि उत्तर प्रदेश—विशेषकर लखनऊ—की सांस्कृतिक, सामाजिक और कलात्मक विरासत का एक अमूल्य दस्तावेज़ भी है।

राज्यपाल रमेन डेका ने प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का किया शुभारंभ

  युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान रायपुर,  राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर ही नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारा और साझा उद्देश्यों का उत्सव है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, मुख्य राज्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर उपस्थित थे। राज्यपाल डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आसमान में गुब्बारा छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का विमोचन भी किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के लिए कम से कम एक सकारात्मक कार्य अवश्य करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश में पहली बार आयोजित हो रही यह राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया। इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी आयोजन को एतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य राज्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अध्याय में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर एवं रेंजरों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल डेका एवं अतिथियों को सलामी दी गई। इस प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर रेंजरों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। उल्लेखनीय है कि इस 5 दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेल्वे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। भारत स्काउट्स गाइड्स के अधिकारी, रोवर रेंजर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।

सीएम से शिकायत करेंगे, तब भी गाड़ी नहीं छोड़ूंगा — अवैध गिट्टी कार्रवाई पर खनिज अधिकारी का सख्त रुख

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से अवैध जीरा गिट्टी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान भाजपा पार्षद और खनिज विभाग के अधिकारी के बीच विवाद सामने आया है. मानपुर इलाके में बिना वैध दस्तावेज के जीरा गिट्टी का परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर को खनिज विभाग की टीम ने जब्त किया. इस दौरान भाजपा पार्षद ने कार्रवाई न करते हुए जब्ती कार्रवाई न करने की मांग की. लेकिन अधिकारी के न मानने पर पार्षद ने विधायक और जिला अध्यक्ष से फोन पर बात कराई जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में भाजपा पार्षद को खनिज अधिकारी की विधायक से फोन पर बात कराते हुए देखा जा सकता है. वहीं खनिज अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, “मैं गाड़ी छोड़ नहीं सकता, केवल इतना कर सकता हूं कि जो गाड़ी एक महीने में छूटती है, उसे 15 दिन में छोड़ दिया जाए.” इसके साथ ही अधिकारी ने यह भी कहा कि “सीएम से भी शिकायत कर लीजिए, लेकिन गाड़ी नहीं छोड़ूंगा.

अपराध बढ़ने का आरोप: कांग्रेस का थाने में जोरदार प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

रायपुर राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आज बड़ी संख्या में कांग्रेसी देवेंद्र नगर थाना पहुंचे और कानून व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही अपराध पर लगाम लगाने पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। दरअसल एक दिन पहले फाफाडीह स्थित शराब दुकान के पास अमर विश्वकर्मा नाम के युवक की अज्ञात बदमाशों ने चाकू गोदकर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने बताया कि राजधानी रायपुर में लगातार चाकूबाजी, लूट और हत्या जैसे मामले सामने आ रहे हैं। रायपुर शहर अपराध का गढ़ बन गया है। यह आक्रोश प्रदर्शन है। अब जिस थाना क्षेत्र में घटनाएं होगी कांग्रेस पार्टी उस थाने में पहुंचकर नारेबाजी कर आक्रोश जताएगी।

घर बनाने वालों को झटका: यूपी में सरिया और ईंटों की कीमतों ने तोड़ा रिकॉर्ड

लखनऊ अपना सपनों का घर बनाने का बजट बना रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। निर्माण सामग्री की कीमतों में आई हालिया बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। मकान की मजबूती के लिए सबसे जरूरी माने जाने वाले सरिया (Steel) और ईंटों के दामों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है, जिससे निर्माण लागत में बड़ा अंतर आ गया है। सरिया की कीमतों में लगी आग बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कॉलम, बीम और छत ढलाई में इस्तेमाल होने वाली सरिया के दाम 52 रुपये से बढ़कर सीधे 57 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं। सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाली 8 एमएम (8mm) की सरिया, जिससे रिंग बनाई जाती है, अब 59 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्याम मूर्ति गुप्ता का मानना है कि ये दाम बहुत दिनों तक टिकेंगे नहीं और जल्द ही इसमें 2 से 3 रुपये की गिरावट देखने को मिल सकती है।   सीमेंट पर बढ़ रहा है दबाव सीमेंट के बाजार में फिलहाल संशय की स्थिति बनी हुई है। कुछ ट्रेडर्स ने प्रति बैग 5 रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी है, वहीं नामी कंपनियां प्रति बैग 10 रुपये बढ़ाने का दबाव बना रही हैं। फिलहाल बाजार में खपत कम होने के कारण कंपनियां पूरी तरह दाम बढ़ाने में सफल नहीं हो पा रही हैं, लेकिन भविष्य में इसके और महंगे होने के स्पष्ट संकेत हैं। प्रमुख ब्रांड्स के वर्तमान दाम (अनुमानित)     ACC: 370 रुपये     अल्ट्राटेक: 360 रुपये     प्रिज्म/माईसेम: 350 रुपये     बिरला सम्राट: 340 रुपये ईंट, मौरंग और बालू भी हुए महंगे सिर्फ सरिया ही नहीं, ईंटों के दाम भी सात हजार से बढ़कर 8,000 रुपये प्रति हजार तक पहुंच गए हैं। वहीं, प्लास्टर में इस्तेमाल होने वाली अच्छी मौरंग अब 60 से 62 रुपये प्रति फीट और स्लैब वाली मौरंग 58 रुपये प्रति फीट के भाव पर है। बालू की कीमतों में भी 1 से 2 रुपये का इजाफा हुआ है।   कहां मिली राहत? निर्माण सामग्री के इस बढ़ते ग्राफ के बीच गिट्टी के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। पौना इंच की कबराई गिट्टी 52 से 53 रुपये प्रति फीट पर टिकी हुई है, जबकि जीरा गिट्टी 43 रुपये प्रति फीट के पुराने रेट पर ही उपलब्ध है। जानकारों का कहना है कि यदि सीमेंट और सरिया के दामों में यह अस्थिरता जारी रही, तो मध्यवर्गीय परिवारों के लिए अपना घर पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। फिलहाल बाजार की स्थिति को देखते हुए बजट में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

युवा ऊर्जा का राष्ट्रीय मंच बना बालोद, रोवर-रेंजर जंबूरी में बोले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ का बालोद जिला आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा और गौरव का नया केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला बालोद के ग्राम दुधली में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में देश-विदेश से आए लगभग 15 हजार रोवर-रेंजर अपनी सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक जंबूरी छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर लाने का सुनहरा अवसर है। राष्ट्रीय स्तर के कैंपिंग, रोवर-रेंजर प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संध्याओं और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से युवा प्रतिभागी अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा, समर्पण और संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुशासित, प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने जंबूरी में भाग ले रहे सभी रोवर-रेंजरों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका उत्साह और सेवा भाव छत्तीसगढ़ का परचम देश-दुनिया में और ऊँचाई तक ले जाएगा।

पुलिस बैरिकेडिंग पर बवाल: अतुल प्रधान को रूबी के घर जाने से रोका, समर्थकों से झड़प

मेरठ मेरठ में रूबी के अपहरण और उसकी मां की हत्या के बाद से शहर में तनाव की स्थिति बन गई है। गुरुवार को सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस फोर्स ने कपसाड गांव जाने से रोक दिया। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव जा रहे थे। गंगनर पटरी के विधायक अतुल प्रधान और समर्थकों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर ब्लॉक कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ विधायक और उनके समर्थकों के धक्कामुक्की हुई। हालांकि फोर्स ने विधायक को आगे नहीं बढ़ने दिया। काफी विवाद और कहासुनी के बाद विधायक मौके पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान काफी हंगामा हुआ।   सपा विधायक अतुल प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "खुलेआम तालीबानी ढंग से एक महिला की हत्या कर दी गयी और उसकी बेटी को दबंग उठाकर ले गये और उस परिवार के दुख में स्थानीय विधायक होने के बावजूद में शामिल नही होने दे रही है। पुलिस गुड़ागर्दी दुख में शामिल होने वाले को दिखा रही है। वो अपहरणकर्ता कहां छुपे बैठे है जिन्होने उस मां की खुले आम हत्या कर दी। जो लोग न्याय से वंचित करने का काम करने का प्रयास कर रहे है वो लोग जान ले हम परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष करेगे।" जघन्य घटना के विरोध में सपा का कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन जघन्य अपराध के विरोध में कमिश्नरी पार्क पर सफाई होने पार्टी के प्रदेश सचिव विपिन चौधरी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बेटी की सकुशल बरामदगी करने, दोषियों की गिरफ्तारी के साथ खिलाफ कठोरता करवाई करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में तीखी झड़प भी हुई| सपाईयों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। प्रदर्शनकारियों ने बेटी के अपहरण कर ले जाने एवं विरोध करने पर मां की हत्या की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। कहां की पुलिस अभी तक बेटी को बरामद नहीं कर पाई है और नहीं आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकी है। सपा प्रदेश सचिव विपिन चौधरी एवं सपा वरिष्ठ नेत्री नेहा गौड़ ने कहा कि इस मामले में पुलिस प्रशासन और सरकार सख्ती के साथ कार्रवाई करे। बुलडोजर से लेकर अन्य सख्त कार्रवाई करें।  

मीसा के आवास पर लालू–तेज प्रताप की मुलाकात, 7 माह बाद परिवार में दिखी हलचल; तेजस्वी कहां थे?

पटना राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और परिवार से निकाले जाने के बाद जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की लालू यादव से दिल्ली में मुलाकात हुई। अनुष्का यादव प्रकरण के बाद पिता और पुत्र के बीच सात माह बाद मुलाकात हुई। लैंड फॉर जॉब केस को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में हाजिर होने के बाद तेज प्रताप यादव बहन मीसा भारती के आवास पर पहुंच गए। उन्होंने पिता से आशीर्वाद लिया और दही-चूड़ा भोज में शामिल होने का न्योता दिया। तेजस्वी यादव तब बहन के घर पर मौजूद नहीं थे। एक जनवरी को वे मां रबड़ी देवी को जन्मदिन की बधाई देने 10 सर्कुलर रोड पहुंच गए थे। नए साल में उन्होंने माता और पिता दोनों का आशीर्वाद ले लिया। 14 जनवरी को उनके आवास(पटना) पर दही चूड़ा भोज का आयोजन किया गया है जिसमें एनडीए के कई नेताओं को न्योता दिया गया है।

संवेदनशील शासन की मिसाल: जनदर्शन में मुख्यमंत्री साय ने मौके पर सुलझाईं समस्याएँ

रायपुर लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा सुनते हुए न केवल उसकी समस्या को समझ रहे हैं, बल्कि मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों की जरूरतों, मांगों और तकलीफों के प्रति यह संवेदनशील और त्वरित दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि संवेदनशीलता ही सुशासन के केंद्र में है। जब जन आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता से दिशा मिलती है, तब अंत्योदय की संकल्पना साकार होती है। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन आज सेवा, संवेदना और समाधान का सजीव उदाहरण बन गया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के दूर-दराज़ अंचलों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए। कई जरूरतमंदों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की राह: जीवन में लौटी गतिशीलता आज के जनदर्शन ने कई दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद जगाई। रायपुर के खमतराई निवासी श्री जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के श्री भारत साहू को मुख्यमंत्री द्वारा बैटरीचलित ट्राइसिकल प्रदान की गई। ट्राइसिकल पाकर उनके चेहरे पर आत्मनिर्भरता की मुस्कान स्पष्ट झलक रही थी। अब उन्हें आवागमन के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसी तरह रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को ट्राइसिकल एवं व्हीलचेयर प्रदान की गई। वहीं, सुनने की क्षमता खो चुके सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वे फिर से दुनिया की आवाज़ें सुन सकेंगे। लकवा पीड़ित बसंती को इलाज के लिए मिली 5 लाख रुपए की सहायता जनदर्शन में महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी की श्रीमती बसंती साव की बड़ी उम्मीद आज पूरी हुई। पैरों से लकवाग्रस्त बसंती ने अपने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता और पारिवारिक स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कराई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बसंती को शासन से 75 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। इस त्वरित निर्णय से बसंती और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली। 60 वर्षीय हनुमंत राव को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ जनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव की समस्या का भी मौके पर ही समाधान हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड की पात्रता को लेकर परेशान श्री राव ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताई। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और उपस्थित अधिकारियों को तत्काल राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए, जिससे वे अब शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। तीन दिव्यांगों को 20-20 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता मुख्यमंत्री श्री साय ने सूरज नगर लाभांडी, रायपुर निवासी 17 वर्षीय दिव्यांग राज शर्मा को दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण 20 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही श्री फूल गिरी गोस्वामी को पुत्री के विवाह हेतु 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई। रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को उच्च शिक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री द्वारा 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता तत्काल स्वीकृत की गई। जनदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद नागरिक को अनावश्यक भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से की सौजन्य भेंट

  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गोवा प्रवास के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच आपसी सहयोग और साझा हितों से जुड़े विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।