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झारखंड में कैदियों को रिश्वतखोरी और शोषण से बचाने घर बैठे पैसा भेज सकेंगे परिजन

रांची. झारखंड की जेलों में कैदियों के परिजन अब उन्हें ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके लिए सुविधा शुरू की गई है। जेल आईजी सुदर्शन मंडल के अनुसार, एक्सिस बैंक के सहयोग से कैदियों के डिजिटल अकाउंट खोले गए हैं। अब परिजन घर बैठे पैसे जेल में बंद अपने परिवार के सदस्य को पैसे भेज सकेंगे। इससे रिश्वत जैसी बुराई पर लगाम लगेगी। परिजनों को जेल के गेट पर घंटों इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। कैदी इन पैसों का उपयोग जेल कैंटीन से साबुन, तेल और बिस्किट जैसे सामान खरीदने के लिए कर सकेंगे। भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने जानकारी दी कि रांची सहित झारखंड की अलग-अलग जेलों में अब कैदियों के परिवार ऑनलाइन पैसे भेज सकेंगे। जेलों में नकद लेन-देन के कारण होने वाले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। इसके लिए जेल प्रशासन ने जरूरी बैंक डिटेल्स जारी कर दी हैं। इस नई सुविधा से अब कैदियों के रिश्तेदार घर बैठे ही उनके खाते में पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे। जेल कैंटीन के खाते में आएगा पैसा अधिकारी ने बताया कि इस सुविधा से परिजनों को न तो जेल प्रशासन को रिश्वत देनी होगी और न ही मुलाकात के लिए गेट पर घंटों इंतजार करना पड़ेगा। यह नियम राज्य की सभी मुख्य जेलों में लागू कर दिया गया है। सभी कैदियों के लिए डिजिटल खाते खोले जा रहे हैं। अभी एक्सिस बैंक की मदद से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू हुई है। अब कैदी के परिजन और दोस्त घर बैठे ही जेल कैंटीन के खाते में पैसा भेज सकेंगे। जरूरत की चीजें खरीद पाएंगे कैदी अधिकारी ने बताया कि इन पैसों का इस्तेमाल कर कैदी जेल की कैंटीन से अपनी जरूरत की चीजें खरीद पाएंगे। नई व्यवस्था के तहत हर कैदी का एक डिजिटल खाता बनाया गया हैए जिससे वे साबुनए तेलए टूथपेस्ट और बिस्किट जैसा सामान ले सकेंगे। पहले यह सारा काम नकद पैसों से होता थाए जिसमें अक्सर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती थीं। अब डिजिटल सिस्टम होने से सारा हिसाब-किताब साफ रहेगा। कैदियों के शोषण का डर होगा खत्म इस योजना के लिए एक्सिस बैंक के साथ समझौता किया गया है और जेलों में जरूरी मशीनें लगा दी गई हैं। इस सुविधा के बदले विभाग बैंक को तय फीस दे रहा है। जेल प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से कैदियों को अपनी जरूरत का सामान समय पर मिल सकेगा। नकद लेन-देन बंद होने से पारदर्शिता आएगी। साथ ही किसी बिचौलिए की जरूरत न होने से कैदियों के शोषण का डर भी काफी हद तक खत्म हो जाएगा।

ज्वेलरी दुकान पर घूंघट-नकाब बैन नहीं बिहार सरकार का फैसला: JDU

पटना. बिहार में अब हिजाब और नकाब को लेकर विवाद शुरू हो गया है। दरअसल ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने फैसला लिया है कि बिहार में अब हिजाब और नकाब पहन कर दुकान में आनेवाले गहने नहीं खरीद पाएंगे। सर्राफा कारोबारी हिजाब पहनकर आई महिलाओं को सोना-चांदी या किसी अन्य तरह के आभूषण न तो बेचेंगे ना ही उनसे खरीद करेंगे। घूंघट, मास्क या हेलमेट पहनकर दुकान में आने वालों पर भी यह लागू होगा। एआईजेजीएफ के इस फैसले के बाद अब सरकार जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन की भी प्रतिक्रिया आई है। जदयू नेता ने साफ किया है कि यह सरकार का फैसला नहीं है बल्कि यह फैसला ज्वेलर्स एसोसिएशन ने लिया है। राजीव रंजन ने कहा कि इस फैसले को लेने के पीछे उनके अपने कारण हैं। दुकान में चोरी की घटनाओं के दौरान उन्हें आरोपियों को पहचानने में परेशानी होती है। जाहिर है जदयू ने हिजाब-नकाब बैन विवाद को लेकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। बता दें कि ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन की ओर से लिये गये इस फैसले को पूरे राज्य के सर्राफा कारोबारी सदस्यों के लिए अनिवार्य किया गया है। राज्य स्तर पर ऐसा नियम लागू करने वाला बिहार देश का पहला प्रदेश है। एआईजेजीएफ के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अशोक वर्मा के मुताबिक इसके पहले झांसी और जोधपुर के कारोबारियों ने जिला स्तर पर यह लागू किया है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों बुर्का और हिजाब पहने कुछ अपराधियों ने मुंबई में सर्राफा दुकान में लूटपाट की। कई जगहों पर नकाबपोश लूटपाट कर चुके हैं। इसलिए सुरक्षा के ख्याल से यह कदम उठाया गया है। खुले चेहरा वालों की पहचान आसान होता है और सीसीटीवी में भी रिकॉर्ड होता है। इन वजहों से निर्णय 1. सर्राफा दुकानों पर चेहरा ढककर कोई बदमाश न घुसे 2. नकाब या मास्क पहनकर पूर्व में चोरी या लूटपाट की घटनाएं घटित हो चुकीं हैं 3. दुकान पर खरीदारी करने वाले व्यक्ति की पहचान हो सकेगी धार्मिक मूल्य से समझौता नहीं : जमात-ए-इस्लामी इस फैसले पर जमात-ए-इस्लामी हिंद, बिहार के अध्यक्ष मौलाना रिजवान इस्लाही ने कहा कि इस्लाम में महिलाओं के लिए पर्दा का प्रावधान है। मुस्लिम महिलाएं इस पर कायम हैं। यदि हिजाब पहनने वाली महिलाओं को खरीदारी से रोका जाता है तो वे खरीदारी नहीं करेंगी। धार्मिक मूल्यों से कोई भी समझौता नहीं कर सकता है।

ग्वालियर जिले में भीषण ठंड के कारण 9-10 जनवरी को छुट्टी, आदेश जारी

ग्वालियर  मध्यप्रदेश में शीतलहर और भीषण ठंड को देखते हुए कई जिलों के शासकीय और अशासकीय स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिए गए हैं। इसी बीच ग्वालियर में 9 और 10 जनवरी नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवी तक के बच्चों के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किए गए हैं। इसके साथ ही कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा बाहरवीं तक के लिए स्कूलों का समय 10.30 से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश जारी किया है। सभी स्कूलों पर लागू रहेंगे आदेश जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने बताया कि यह आदेश अत्यधिक ठंड की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा एवं आवागमन को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। यह आदेश ग्वालियर जिले में संचालित एमपी बोर्ड, सीबीएसई व आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय व शासन से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। इंदौर में स्कूलों के समय में बदलाव इंदौर में शीतलहर और तापमान में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए शासकीय/अशासकीय/सी.बी.एस.ई./आई.सी.एस.ई/ माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं समस्त बोर्ड से सबंद्ध विद्यालयों की कक्षा नर्सरी से कक्षा 8 वी तक, एवं आंगनवाडी के छात्र-छात्राओं हेतु 8 जनवरी से आगामी आदेश तक विद्यालय का संचालन प्रातः 09.30 बजे से पूर्व नहीं किया जाएगा। अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों यथा परीक्षा इत्यादि पूर्ववत संचालित रहेगी।

दमोह में 18 माह की बच्ची का शव माता-पिता के साथ फांसी से लटका मिला, घटना से इलाके में हड़कंप

दमोह  मध्य प्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर-1 में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक ही घर में पति-पत्नी और उनकी 18 माह की मासूम बच्ची के शव फांसी के फंदे पर लटे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों का पंचनामा कार्रवाई करते हुए उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रारंभिक जांच में जो तस्वीर उभरकर सामने आई, वो समाज और व्यवस्था दोनों के लिए आईना दिखा रही है। पुलिस के अनुसार, मजदूरी कर जीवन यापन करने वाला मनीष केवट अपनी पत्नी दशोदा उर्फ माही और बेटी आरोही के साथ बेहद तंग हालात में रह रहा था। गुरुवार को बेटी के मुंडन संस्कार के लिए घर में कार्यक्रम होना था, लेकिन आर्थिक तंगी ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया कि, उन्होंने मौत को गले लगाने में ही भलाई समझी। मुंडन कार्यक्रम का निमंत्रण दे चुका था मनीष, पर… मृतक मनीष और उसकी पत्नी बेटी के मुंडन के लिए बांदकपुर स्थित जागेश्वरधाम जाना चाह रहे थे, लेकिन इसके लिए उनके पास पैसों की व्यवस्था नहीं थी। मनीष ने रिश्तेदारों से भी मदद मांगी थी, लेकिन कोई आगे नहीं आया। इधर, मनीष पहले ही बेटी के मुंडन कार्यक्रम का निमंत्रण दे चुका था। जब सारे रास्ते बंद हो गए तो परिवार ने जीवन से ही मुंह मोड़ लिया। पहले बच्ची को फांसी लगाई, फिर खुद.. शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, बताया जा रहा है कि पहले मासूम आरोही को फंदे से लटकाया गया, फिर पति-पत्नी ने भी खुद को मौत के हवाले कर लिया। मामले की जांच जारी थाना प्रभारी श्रीकांत बागरी ने बताया कि, मौके पर सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन हालात बता रहे हैं कि, यह कदम गहरे मानसिक और आर्थिक दबाव का परिणाम हो सकता है।

धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह

म.प्र. सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में दी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह ने की मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर राष्ट्रीय सम्मेलन में तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन म.प्र. में करने का दिया प्रस्ताव भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर गुवाहाटी में शुरू हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत का संरक्षण करते हुए विकास की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को लेकर महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को औद्योगिक और निवेश की दृष्टि से उल्लेखनीय सहयोग मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिवस पर मध्यप्रदेश के धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां टेक्सटाइल पार्क और उद्योगों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। यह पार्क भारत को सशक्त बनाने के संकल्प की पूर्ति भी करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत आर्थिक रूप से तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने के ओर अग्रसर है। मां कामाख्या की धरती असम से आज देश के वस्त्र उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी। सभी राज्यों में वस्त्र उद्योग को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुवाहाटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति, संस्कार, संसाधन और विरासत की दृष्टि से मध्यप्रदेश, टेक्सटाइल सहित अनेक उद्योगों में देश में अग्रणी है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक गतिविधियां और निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत संभाग और जिला स्तर पर भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से उज्जैन, रीवा, कटनी, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में औद्योगिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार हुआ है। प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई के काल से महेश्वरी, चंदेरी साड़ी जैसे सिल्क को प्रोत्साहित करने की परंपरा है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम के हाईक्वालिटी मलबरी रेशम और ऑर्गेनिक कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं। मध्यप्रदेश में हम टेक्सटाइल मिल, लूम हैंडलूम और स्पिंडल्स से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़कर आत्म निर्भर बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन, मेनमेड फाइबर, टेक्नीकल टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खरगोन, बुधनी सहित जनजातीय बहुल इलाकों में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में डेढ़ दशक से चल रही टेक्सटाइल सेक्टर की वैल्यू चेन में राज्य सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश कराया है। भविष्य में इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश नए संकल्पों के साथ विकास की उड़ान भरने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी जुलाई 2026 में भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मध्यप्रदेश सरकार पार्टनर बनने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वस्त्र उद्योग का केंद्र रहा है, उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अगला सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में करने के लिए आग्रह किया। म.प्र. में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल सराहनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल के लिए सराहना की। धार में बन रहे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के निर्माण में तेजी से हो रहे कार्य के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिभागियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आने से वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में चार चांद लग गए हैं। उन्होंने कहा कि वस्त्र मंत्रालय, मध्यप्रदेश में दो तरह के फाइबर पर कार्य करना चाहता है। पहला- लीनन जो अलसी में होता है और दूसरा- मिल्क बिल्ट (मदार) फाइबर। केंद्र सरकार न्यू एज फाइबर को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने राज्यों से टेक्सटाइल का रोडमैप बनाकर गतिविधियां संचालित करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य टेक्निकल फाइबर को उतनी ही महत्ता दें, जितनी मशीन मेड फाइबर को दी जाती है। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के आधार पर देश के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इको सिस्टम तैयार करने के लिए देश को पीएम मित्र पार्क की सौगात दी है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक में पीएम मित्र पार्क स्थापित करने की गति बढ़ चुकी है। पीएम मित्र पार्कों में 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश होगा, जिससे यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वस्त्र उद्योग के गारमेंट सेक्टर में 1 करोड़ निवेश किया जाए तो औसतन 40 से 60 लोगों को रोजगार मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश में लगाई जाने वाली इंडस्ट्रिलय स्टीचिंग मशीन की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और टेक्सटाइल सेक्टर में देशभर में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। सम्मेलन को केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री पवित्रा मार्गरेटा, वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव तथा वस्त्र मंत्रालय के अपर सचिव रोहित कंसल ने भी संबोधित किया। वस्‍त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के टेक्सटाइल और उद्योग मंत्री तथा अधिकारीगण शामिल हुए। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत का वस्त्र उद्योग विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में भारत की वस्त्र उद्योग की शक्ति, नवाचार और समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। सम्मेलन में … Read more

परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं, श्रीमती सारिका घारू ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए किया आह्वान

परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं, ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए तैयार रहें : श्रीमती सारिका घारू दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर विद्यार्थियों से पूर्व-परीक्षा लाइव संवाद भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम से पूर्व दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक श्रीमती सारिका घारू ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से लाइव संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को परीक्षा तनाव से मुक्त रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और तकनीक के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा को बोझ न मानकर अपने ज्ञान और क्षमता को परखने का अवसर समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं और पूरे आत्मविश्वास के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ में भाग लें। परीक्षा से पहले मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर लक्ष्य पर फोकस रखने की बात पर जोर देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी आज के समय में एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसका सही उपयोग आवश्यक है। तकनीक को परीक्षा की तैयारी और सीखने के लिए एक टूल बनाएं, न कि ध्यान भटकाने का माध्यम। श्रीमती सारिका घारू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी से इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी कर प्रधानमंत्री के अनुभवों से सीख लेने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करने का संदेश दिया गया। यह लाइव टेलिकास्ट स्कूल शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश की अनुशंसा पर आयोजित किया गया, जिसमें श्रीमती सारिका को विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम का संचालन कृतिका चौबे ने किया, जबकि निर्देशन दूरदर्शन के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी श्री महेंद्र परिहार के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर से जुड़े छात्रों ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जिनका समाधान सारिका ने सहज और प्रेरक तरीके से किया।  

मंत्री गौर ने बंशकार समाज को भवन के लिए 25 लाख की राशि दी, महर्षि गुरु गोकुलदास जी महाराज का जन्म उत्सव मनाया

भोपाल  मंत्री कृष्णा गौर ने दिए बंशकार समाज को भवन के लिए 25 लाख :सर्वोदय बसोर वंशकार समाज उत्थान समिति के तत्वाधान में अन्य त्यागी महर्षि गुरु गोकुलदास जी महाराज के 119 व जन्म उत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया गया एव समाज की प्रतिभाओं सम्मान  भी किया गया 6 जनवरी 2026 को साकेत नगर सामुदायिक भवन एम्स के गेट नंबर 2 के सामने भोपाल में  आयोजित कार्यक्रम मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री दीदी श्रीमती कृष्णा गौर जी ने  गुरु जी के चरणों में नमन करते हुए सभी समाज बंधुओ को बधाई शुभकामनाएं दी वहीं प्रतिभाओ को मंत्री  द्वारा सम्मानित किया गया वहीं माननीय मंत्री कृष्णा गौर  ने अपने उद्बोधन में सभी समाज बंधुओ को गुरु जयंती की बधाई शुभकामनाएं दीऔर उन्होंने कहा की समाज के लिए  मांगलिक भवन बनाने के लिए मैं अपनी निधि से 25 लख रुपए की राशि बसोर  समाज के मांगलिक भवन बनाने के लिए देता हूं. जिसमें बसोर वशकार समाज के बंधुओ ने  मंत्री कृष्णा गौर का बहुत आभार व्यक्त किया एवं उनका स्वागत किया स्वागत करने वालों में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष राम प्रकाश वंशकार जयंती के अध्यक्ष श्री परमलाल कनर्जी जी जयंती के महामंत्री पी सी कनर्जी जी जयंती के कोषाध्यक्षश्री शंकर लाल सिरमौलिया जी वहीं बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने दीदी श्रीमती कृष्णा गौर का सम्मान किया और सभी समाज बंधुओ से समाज के सामुदायिक भवन के हेतु निवेदन किया कि एम्स के गेट नंबर 3 के सामने जो जगह पड़ी है उसे जगह में समाज का मांगलिक भवन हेतु जमीन उपलब्ध कराई जाए इस पर श्रीमती कृष्णा गौर ने अपनी सहमति जताई और समाज को जमीन के साथ 25 लख रुपए भवन निर्माण हेतु अपनी निधि से प्रदान किया जिससे समाज के सभी बंधू  के शादी ब्याह सांस्कृतिक  कार्यक्रमों में काम आएगा मैं सबको अन्य त्यागी गुरु गोकुलदास जी महाराज के जन्म उत्सव की बधाइयां शुभकामनाएं देती  हूं . सर्वोदय बसोर बंशकार समाज उत्थान समिति के संस्थापक अध्यक्ष राम प्रकाश वंशकार के नेतृत्व में जयंती के अध्यक्ष परमलाल कनेर्जी ने मंत्री जी के बंगले पर जाकर धन्यवाद  दिया उनका गुलदस्ता एवं  मोमेंटो भेंट किया की दीदी आप हमारे कार्यक्रम में आने के लिए आभार व्यक्त किया साथ ही समाज के लिए जमीन एवं 25 लाख की राशि देने के लिए आभार व्यक्त किया आभार व्यक्त किया.

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों के इलाज को दिये गये 4,649 करोड़

मरीजों के इलाज में न हो लापरवाही, योगी सरकार आयुष्मान अस्पतालों को 30 दिन में कर रही भुगतान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों के इलाज को दिये गये 4,649 करोड़  सीएम के निर्देश पर पिछले एक वर्ष में क्लेम के पेंडेंसी मामलों को तेजी से किया गया निस्तारित  जनवरी- 25 में 10 लाख से अधिक पेंडेंसी को घटाकर किया गया 3 लाख, क्लेम जांच प्रक्रिया तेज   लखनऊ योगी सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इलाज कराने वाले परिवारों के लिए जहां कैशलेस उपचार सुनिश्चित किया गया है, वहीं योजना से जुड़े अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि पिछले एक वर्ष में आयुष्मान योजना के क्लेम निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।   नए क्लेम के साथ पुराने लंबित मामलों का भी तेजी से किया जा रहा निस्तारण स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज(साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत क्लेम के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। जनवरी-25 में जहां क्लेम की पेंडेंसी 10 लाख 75 हजार तक पहुंच गई थी, वहीं दिसंबर-25 तक यह घटकर मात्र 3 लाख रह गयी है। इसे भी जल्द ही निस्तारित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में योजना के तहत प्रति माह औसतन 2 लाख से अधिक क्लेम अस्पतालों से प्राप्त होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले क्लेम का समयबद्ध निस्तारण एक बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुराने लंबित मामलों के साथ-साथ नए क्लेम का भी नियमित और सुव्यवस्थित तरीके से निस्तारण हो। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि सूचीबद्ध अस्पताल बिना हीलाहवाली के आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज सुनिश्चित करें।  सीएम योगी के निर्देश पर मेडिकल ऑडिट व्यवस्था को किया गया सुदृढ़ साचीज की एसीईओ पूजा यादव ने बताया कि क्लेम निस्तारण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए मेडिकल ऑडिट व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। इसी क्रम में मेडिकल ऑडिटरों की संख्या 40 से बढ़ाकर 130 कर दी गई है। इससे क्लेम की जांच प्रक्रिया तेज हुई है। इसके साथ ही क्लेम प्रोसेसिंग डेस्क (CPD) की संख्या भी 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है। योजना के तहत अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत क्लेम्स का भुगतान 30 दिनों की निर्धारित समय-सीमा यानी टर्न अराउंड टाइम (TAT) के भीतर किया जाए। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एजेंसी स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं और लंबित मामलों की सतत निगरानी की जा रही है।  पिछले एक वर्ष में 4,649 करोड़ का भुगतान अस्पतालों को किया गया  साचीज की सीईओ ने बताया कि जनवरी-25 से दिसंबर-25 की अवधि के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के सूचीबद्ध अस्पतालों को क्लेम्स के सापेक्ष कुल 4,649 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योगी सरकार न सिर्फ इलाज की व्यवस्था कर रही है, बल्कि अस्पतालों के आर्थिक हितों की भी पूरी तरह से रक्षा कर रही है, ताकि वे गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें। योगी सरकार की नीतियों से क्लेम पेंडेंसी में कमी, समयबद्ध भुगतान और मजबूत ऑडिट व्यवस्था ने अस्पतालों का विश्वास बढ़ाया है। इसका सीधा लाभ गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें अब इलाज के लिए कर्ज और संपत्ति बेचने की मजबूरी से पूरी तरह से मुक्ति मिल गई है।

झारखंड के टाटा नगर होकर चलने वाली कई ट्रेनें रद्द

रांची. रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है. दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन में विकासात्मक कार्य (डेवलपमेंटल वर्क) के कारण जनवरी 2026 के पहले पखवाड़े में कई लोकल, मेमू और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है. इसका सीधा असर टाटानगर और उससे जुड़े रेल मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से पहले से यात्रा की योजना बनाने की अपील की है. रद्द की गई ट्रेनें आसनसोल–आद्रा–आसनसोल मेमू (68046/68045) 6 जनवरी 2026 को पूरी तरह रद्द रहेगी. आद्रा–बराभूम–आद्रा मेमू (68053/68054) 8 और 11 जनवरी को नहीं चलेगी. आद्रा–भागा–आद्रा मेमू (68077/68078) 6 और 10 जनवरी को रद्द रहेगी. आसनसोल–आद्रा मेमू (68061/68062) 5, 8 और 11 जनवरी को रद्द की गई है. इन ट्रेनों के रद्द होने से टाटानगर से आसनसोल, आद्रा और आसपास के औद्योगिक इलाकों में सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को परेशानी हो सकती है. आंशिक रद्दिकरण झारग्राम–धनबाद–झारग्राम एक्सप्रेस (18019/18020) 5 से 9 जनवरी और 11 जनवरी को बोकारो स्टील सिटी से ही समाप्त/प्रारंभ होगी. बर्धमान–हटिया–बर्धमान मेमू (13503/13504) 5 से 11 जनवरी तक एनएससीबी गोमो से चलेगी. टाटानगर–आसनसोल–बराभूम मेमू (68056/68060) 6 जनवरी को आद्रा से ही चलेगी. आसनसोल–पुरुलिया–आसनसोल मेमू (63594/63593) 5, 8 और 11 जनवरी को आद्रा से सीमित रहेगी. आसनसोल–टाटानगर–आसनसोल मेमू (68055/68056) 7 जनवरी को भी आद्रा से ही परिचालित होगी. आद्रा–मिदनापुर–आद्रा मेमू (68090/68089) 6 जनवरी को चंद्रकोना रोड से चलेगी. डायवर्ट की गई ट्रेन टाटानगर–हटिया एक्सप्रेस (18601), जो झारखंड के यात्रियों की जीवनरेखा मानी जाती है, 6 जनवरी 2026 को चांडिल–गुंडा बिहार–मुरी मार्ग से डायवर्ट होकर चलेगी. इससे यात्रा समय में बदलाव संभव है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे टाटानगर से यात्रा करने से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें. रेलवे को इस असुविधा के लिए खेद है, लेकिन भविष्य में बेहतर रेल सुविधाओं के लिए यह कार्य आवश्यक बताया गया है.

हिजाब हटाने पर चर्चा में आई नुसरत परवीन ने ज्वाइन की बिहार सरकार की नौकरी

पटना. हिजाब विवाद से चर्चा में आईं आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन ने कई दिनों से चल रही अटकलों के बाद बिहार सरकार की सेवा में योगदान दे दिया। नौकरी ज्वाइन करने के लिए दी गई समय सीमा को बढ़ाने के बाद नुसरत ने पटना में नौकरी के लिए रिपोर्ट किया। राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य महफूज-उर-रहमान ने बताया कि डॉक्टर नुसरत परवीन ने अंतिम तिथि पर ड्यूटी ‘ज्वाइन’ कर ली। उन्होंने कहा, “आज सेवा में शामिल होने की अंतिम तिथि थी और नुसरत ने पटना के सिविल सर्जन कार्यालय में ड्यूटी के लिए रिपोर्ट कर दिया है। सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा उन्हें उपयुक्त स्थान पर पदस्थापित किया जाएगा।” प्राचार्य ने बताया कि सेवा में शामिल होने की अंतिम तिथि पहले 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई थी और फिर इसे सात जनवरी तक विस्तार दिया गया था। नुसरत परवीन उसी कॉलेज की छात्रा रह चुकी हैं, जिसके रहमान प्राचार्य हैं। इससे पहले कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि नुसरत ने शुरुआत में “नाराजगी” के चलते सेवा में शामिल होने से इनकार कर दिया था। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने इस दावे को खारिज किया था। ज्वाइनिंग की डेट बढ़ाने के बाद नुसरत ने दिया योगदान पिछले महीने, जब नुसरत तय समय सीमा के भीतर ड्यूटी के लिए रिपोर्ट नहीं कर पाई थीं, तब प्राचार्य ने कहा था, “उनके परिवार ने बताया था कि वे मीडिया कवरेज से बचना चाहती हैं और वह दोबारा विचार करेंगी कि उन्हें सेवा में शामिल होना है या नहीं।”आयुष चिकित्सक डॉ. नुसरत परवीन ने आखिरकार 23 दिनों के बाद नौकरी ज्वाइन कर ली है। गर्दनीबाग स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में उन्होंने मंगलवार को योगदान दे दिया। नुसरत परवीन को पटना के सदर पीएचसी में तैनाती सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि उनकी तैनाती सदर पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में की गई है। उन्होंने योगदान के लिए आवेदन दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। डॉ. नुसरत परवीन को संविदा पर यह नौकरी मिली है। पहले उन्हें 31 दिसंबर तक ही योगदान करना था। डॉ. नुसरत परवीन उस समय चर्चा में आई थी, जब 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान हिजाब हटाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। नुसरत पटना के राजकीय तिब्बी कॉलेज से एमडी पीजी की पढ़ाई कर रही हैं।