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मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में दिए निर्देश- 60 वर्षीय श्रमिक हनुमंत राव का तत्काल बनाएं राशन कार्ड

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री सभी से बड़ी ही आत्मीयता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उसी क्रम में रायपुर के 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव ने मुख्यमंत्री से मिलकर कर उन्हें बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है, जिसकी वजह से वे शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल राव का राशन कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए । मुख्यमंत्री को राव ने बताया कि वे राजधानी रायपुर के तात्यापारा वार्ड में लगभग 60 वर्ष से निवासरत हैं। पूर्व में उनके माता-पिता के राशन कार्ड में उनका भी नाम जुड़ा था, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिलता था। उनके माता-पिता की अब मृत्यु हो चुकी है। वे अविवाहित हैं और अकेले जीवन यापन करते हैं। राशन कार्ड नहीं होने की वजह से उन्हें खाद्य विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय की व्यथा को बहुत आत्मीयता से सुना और अधिकारियों को तत्काल राव को राशनकार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कोच ने नेशनल शूटर का फरीदाबाद के होटल में किया यौन शोषण

चंडीगढ़. हरियाणा के फरीदाबाद से यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है. यहां राष्ट्रीय स्तर की एक नाबालिग शूटर के साथ उसके शूटिंग कोच ने यौन शोषण किया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी कोच के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस से की गई शिकायत में 17 साल की नाबालिग शूटर ने कहा है कि यह घटना 16 दिसंबर की है. उस समय दिल्ली के करणी सिंह शूटिंग रेंज में शूटिंग चैंपियनशिप आयोजित की जा रही थी. प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए शूटर अपने कोच के साथ आई थी. चैंपियनशिप के दौरान कोच फरीदाबाद के सूरजकुंड क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था. पीड़िता के मुताबिक, प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद कोच ने उसके खेल प्रदर्शन का आकलन करने के बहाने उसे होटल की लॉबी में बुलाया. आरोप है कि इसके बाद कोच ने उस पर होटल के कमरे में चलने का दबाव बनाया. पीड़िता के अनुसार, जब वह कोच के साथ कमरे में गई तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की और उसका यौन शोषण किया. मामले का खुलासा होने के बाद पीड़िता की मां ने फरीदाबाद पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपी कोच इससे पहले भी मोहाली में आयोजित एक शूटिंग चैंपियनशिप के दौरान पीड़िता से जबरन मिलने की कोशिश कर चुका था. फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता यशपाल सिंह ने कहा कि पीड़िता की मां की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है. मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस होटल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि घटना से जुड़े पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें. फिलहाल पुलिस आरोपी कोच से पूछताछ की तैयारी कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.

भोपाल में विचार, साहित्य और कला का उत्सव, 9-11 जनवरी को होगा भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल

विचार, साहित्य और कला के उत्सव के लिए सजेगा भोपाल भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल का 8वां संस्करण 9 से 11 जनवरी तक भोपाल झीलों की नगरी भोपाल एक बार फिर विचार, साहित्य, कला और संस्कृति के सशक्त संवाद का केंद्र बनने जा रही है। भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (बीएलएफ) 2026 का आठवां संस्करण 9 से 11 जनवरी तक भारत भवन में आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी फेस्टिवल डायरेक्टर राघव चंद्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चंद्रा ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाला यह फेस्टिवल देश और विदेश के प्रतिष्ठित लेखकों, विचारकों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाकर गहन वैचारिक संवाद और सांस्कृतिक सहभागिता को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल भोपाल को एक सशक्त सांस्कृतिक एवं बौद्धिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। फेस्टिवल के दौरान लेखक संवाद, परिचर्चाएं, पुस्तकों का विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला प्रदर्शनियां तथा विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में भारत सहित विभिन्न देशों से आए प्रसिद्ध लेखक, राजनयिक, इतिहासकार, सैन्य अधिकारी, सांसद, कलाकार और शिक्षाविद भाग लेंगे। फेस्टिवल में लेखक संवाद, परिचर्चाएं, पुस्तक विमोचन, कला प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल होंगे। भारत और विदेश से लेखक, इतिहासकार, राजनयिक, सैन्य अधिकारी, कलाकार और शिक्षाविद इसमें सहभागिता करेंगे। समृद्ध बौद्धिक विमर्श का मंच फेस्टिवल के अंतर्गत भारत की सभ्यतागत यात्रा, वैश्विक राजनीति और संघर्ष, भारत-चीन संबंध, संवैधानिक मूल्य, तकनीकी शासन प्रणाली, पर्यावरणीय संकट, जनजातीय इतिहास, महिला नेतृत्व, सिनेमा एवं जन-संस्कृति तथा लोकतंत्र के भविष्य जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। इन सत्रों में प्रमुख वक्ताओं के रूप में विलियम डैलरिम्पल, अश्विन सांघी, नीरा चांधोके, साल्वातोरे बाबोनेस, गौतम मुखोपाध्याय, सैयद अकबरुद्दीन, सुजान चिनॉय, अशोक के. कंथा और प्रोबल दासगुप्ता सहभागिता करेंगे। ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर फेस्टिवल के अंतर्गत भारत भवन द्वारा ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 10 राज्यों से 60 से अधिक आदिवासी कलाकार भाग लेंगे। गोंड, बैगा, भील, पिथोरा, वारली और भारिया चित्रकला के साथ बांस, लकड़ी और लोहे के शिल्प प्रदर्शित किए जाएंगे। इस वर्ष गोंडना और मुरिया जैसी दुर्लभ कला परंपराओं पर विशेष ध्यान रहेगा। युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं की रचनात्मकता और सांस्कृतिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा द्वारा विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा ‘यंगरंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए कहानी-कथन, चित्रकला और कविता प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। फेस्टिवल में मंचीय और दृश्य कलाओं को समर्पित अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें दास्तान-ए-गुरु दत्त, काव्यराग—जब कविता संगीत से मिलती है, शाम-ए-कलाम और दास्तान-ए-शंकर शामिल हैं। आधुनिक कला दीर्घा में पद्मश्री दुर्गा बाई व्याम की कलाकृतियों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। 

आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदना कार्ड पंजीयन में राजनांदगांव प्रदेश में प्रथम

रायपुर. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं के उन्नयन हेतु निरंतर और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन में राजनांदगांव जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड में शत-प्रतिशत से अधिक उपलब्धि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले में आयुष्मान वय वंदना कार्ड के लिए निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 100.20 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई है। इसके साथ ही राजनांदगांव जिला राज्य का सर्वप्रथम शत-प्रतिशत पंजीयन पूर्ण करने वाला जिला बन गया है। जिले में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 25 हजार 138 पात्र वरिष्ठ नागरिकों में से 25 हजार 88 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है। आयुष्मान कार्ड पंजीयन में भी प्रदेश में अग्रणी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले में आयुष्मान कार्ड पंजीयन का लक्ष्य 9 लाख 52 हजार 546 के विरुद्ध 9 लाख 37 हजार 461 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है, जो कि 98.42 प्रतिशत उपलब्धि है। इस उपलब्धि के साथ आयुष्मान कार्ड पंजीयन में भी राजनांदगांव जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। घर-घर पहुंचकर किया गया पंजीयन कार्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी पात्र हितग्राहियों के घर-घर पहुँचकर आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन का कार्य पूर्ण किया गया है। इस अभियान के माध्यम से कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया गया। वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार लाभ आयुष्मान वय वंदना कार्ड के अंतर्गत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इससे बुजुर्गों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त हो रही हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षा कवच आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क, कैशलेस एवं पेपरलेस उपचार सार्वजनिक एवं निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना शासन की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बीमा पहल है, जो सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करती है।

सीएम योगी का संकल्प: सबकी समस्या का निराकरण, जनता दर्शन में 150 लोगों की समस्याएं सुनीं

सबकी समस्या का निराकरण सरकार का संकल्प : सीएम योगी जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं सीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से करें समस्याओं का निस्तारण गंभीर बीमारियों के इलाज में करेंगे भरपूर आर्थिक सहायता गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सरकार का संकल्प है। सीएम ने अफसरों को निर्देशित किया कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।  गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। कुर्सियों पर बैठे लोगों तक खुद गए। उनकी शिकायतों को ध्यान से सुना। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है।  जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री ने शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए। सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़ गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। गुरुवार सुबह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिजनों के साथ आए बच्चों से मिल उन्हें प्यार-दुलार, आशीर्वाद और चॉकलेट दिया।

लुधियाना का हौजरी कारोबारी और कोर्ट का एजेंट निकला खालिस्तानी

चंडीगढ़. लुधियाना में एक आतंकी साजिश को पंजाब पुलिस ने नाकाम कर दिया है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में बुधवार को पकडे़ गए आरोपियों में एक कोर्ट परिसर में एजेंट का काम करता है और दूसरा हौजरी का काम करता है। आरोपी करनबीर (21) हैबोवाल कलां और अवतार सिंह तारी न्यू शिमलापुरी मिलरगंज का रहने वाला है। अवतार सिंह कोर्ट परिसर में एजेंट का काम करता है। यहीं से वह सभी सरकारी इमारतों की रेकी करता रहता था। बाद में वह एक निहंग बन गया। इसी तरह आरोपी करनबीर अपने पिता के साथ हौजरी का काम करता है। पुलिस अब दोनों आरोपियों के पारिवारिक सदस्यों से भी पूछताछ जल्द करेगी। पुलिस ने दावा किया कि आरोपी सोशल नेटवर्किंग साइटों के माध्यम से हैंडलर के संपर्क में आए। पुलिस ने बताया कि अवतार सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है, उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और आईपीसी के तहत कई मामले दर्ज हैं, जबकि करनबीर सिंह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस को मिला पिस्तौल और जिंदा कारतूस पुलिस ने इनके कब्जे से एक 9 एमएम की पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया था कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी ब्रिटेन और जर्मनी में बैठे आकाओं के सीधे संपर्क में थे। जिनका संबंध खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) और कट्टरपंथी विचारधारा से है। उनके निर्देशों पर, आरोपियों ने कथित तौर पर लुधियाना में सरकारी इमारतों और प्रमुख कार्यालयों की रेकी की थी, जो एक लक्षित हमले को अंजाम देने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। जांच में यह भी पता चला है कि दोनों को कई चिह्नित व्यक्तियों से संबंधित इनपुट एकत्र करने और जमीनी कार्य करने का भी काम सौंपा गया था, जो एक व्यापक नेटवर्क और संभावित रूप से एक बड़ी साजिश का संकेत देता है। खुफिया जानकारी के बाद ऑपरेशन किया एसएसओसी एसएएस नगर के एआईजी डी.सुडरविजी ने ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि साजिश के बारे में विशिष्ट और विश्वसनीय खुफिया जानकारी के बाद, एसएसओसी एसएएस नगर और काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना की एक संयुक्त टीम ने एक सटीक अभियान शुरू किया और दोनों आरोपियों को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान, अवतार सिंह के कब्जे से एक 9 एमएम पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए। AIG ने कहा कि जांच से यह भी पता चला है कि दोनों व्यक्तियों को उनके विदेश स्थित आकाओं द्वारा कट्टरपंथी बनाया गया था और भर्ती किया गया था। उन्हें अपने काम के हिस्से के रूप में सोशल मीडिया पर चरमपंथी सामग्री प्रसारित करने का निर्देश दिया गया था। इस संबंध में पुलिस स्टेशन एसएसओसी एसएएस नगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113 (5) और 61 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन से सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे को टाल दिया गया है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच जारी है। आरोपियों ने कई नेताओं की रेकी की आरोपी विदेश में रहने वाले कुलवंत सिंह मान खालसा नाम के एक हैंडलर के संपर्क में आए। खालसा ने दोनों को एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा और उन्हें कट्टरपंथी बना दिया। उसने उन्हें शहर में दक्षिणपंथी नेताओं और सरकारी कार्यालयों की रेकी करने का काम दिया। आरोपियों ने उनके घरों और कार्यालयों की तस्वीरें क्लिक कीं और उन्हें भेज दीं।

जनदर्शन में मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को दीं बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया। इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांगजनों को बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर एवं श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री साय ने जनदर्शन में आरंग से आए भारत साहू को बैटरी चालित ट्राइसिकल प्रदान किया, साहू ने बताया कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पहले किसी के समय मिलने पर ही वे बाहर जा पाते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। बैटरी ट्राइसिकल मिलने से उनका जीवन अब कहीं अधिक सहज हो जाएगा। इसी तरह खमतराई रायपुर निवासी जीवन दास मानिकपुरी ने बताया कि उनका पैर बचपन से पोलियोग्रस्त है, आज उन्हें बैटरी ट्राइसिकल प्रदान की गई। दास ने बताया कि जनदर्शन में उनकी समस्या का तत्काल समाधान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उनकी दैनिक दिनचर्या आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायपुर के मोवा निवासी चंदू यादव को ट्राइसिकल और सुमन साहू को व्हीलचेयर प्रदान किया। जिसे पाकर दोनों के चेहरे खिल गए। जनदर्शन के दौरान रायपुर निवासी सागर नायक एवं उमेश पटेल को श्रवण यंत्र भी प्रदान किए गए। श्री सागर नायक ने बताया कि बीते कुछ समय से उनकी श्रवण क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे श्रवण यंत्र नहीं खरीद पा रहे थे। उनकी समस्या सुनते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया। श्रवण यंत्र मिलने पर उमेश पटेल ने मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें फिर से सुनने की क्षमता मिल पाई है, उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन आज, शाम को गोवा दौरे पर जाएंगे साय

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज का दिन राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों से भरपूर रहने वाला है. मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन से लेकर मुख्यमंत्री के गोवा दौरे, कांग्रेस नेता सचिन पायलट के छत्तीसगढ़ आगमन, नगर निगम की अहम बैठक और शहर में होने वाले विभिन्न सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रमों तक कई महत्वपूर्ण आयोजन आज के एजेंडे में शामिल हैं. इसके साथ ही स्वास्थ्य शिविर, योग कक्षा, निःशुल्क कोचिंग और आगामी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई हैं. आज मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन रायपुर. मुख्यमंत्री निवास में आज जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा. दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले जनदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आम जनता से सीधे संवाद करेंगे. इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके. आज दो दिवसीय गोवा दौरे पर रवाना होंगे मुख्यमंत्री जनदर्शन के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम दो दिवसीय गोवा दौरे पर जाएंगे. वे शाम करीब 6 बजे रायपुर से गोवा के लिए रवाना होंगे. गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे. कार्यक्रम कल सुबह 11 बजे आयोजित होगा.

योगी सरकार का बड़ा तोहफा, यूपी में संपत्ति का हस्तांतरण अब होगा आसान और सस्ता

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को नए साल का बड़ा तोहफा देते हुए पारिवारिक संपत्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को बेहद आसान और सस्ता बना दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियां भी दायरे में अब तक केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों के पारिवारिक दान विलेख (गिफ्ट डीड) पर ही स्टांप ड्यूटी में छूट मिलती थी। नई व्यवस्था के तहत अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को भी इस दायरे में शामिल कर लिया गया है। अब परिवार के सदस्यों के बीच किसी भी प्रकार की अचल संपत्ति दान करने पर भारी-भरकम स्टांप शुल्क के बजाय मात्र 5,000 रुपये की स्टांप ड्यूटी देनी होगी। इसके साथ ही संपत्ति के कुल मूल्य का 1 प्रतिशत निबंधन (Registration) शुल्क देय होगा। किसे मिलेगा इसका लाभ? इस छूट का लाभ परिवार के रक्त संबंधियों जैसे- माता, पिता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधु, दामाद, भाई, बहन और पोते-पोतियों को मिलेगा। विशेष बात यह है कि सगे भाई की मृत्यु होने पर उनकी पत्नी (भाभी) को भी अब इस छूट का पात्र माना गया है। अनावश्यक विवादों और मुकदमों से मिलेगी मुक्ति स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने बताया कि पहले व्यावसायिक संपत्तियों पर सर्किल रेट का 5 से 7 प्रतिशत स्टांप शुल्क देना पड़ता था, जिससे लोग कानूनी हस्तांतरण से बचते थे। इस ऐतिहासिक निर्णय से वैधानिक हस्तांतरण बढ़ेगा, जिससे पारिवारिक विवादों और लंबी मुकदमेबाजी में कमी आएगी। साथ ही, विभाग की राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मात्र ₹5,000 होगी स्टांप ड्यूटी अब अगर कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति परिवार के सदस्य को Gift Deed (दान विलेख) के जरिए देता है, तो उसे केवल ₹5,000 की स्टांप ड्यूटी देनी होगी। पहले यह छूट सिर्फ आवासीय और कृषि संपत्ति तक सीमित थी, लेकिन अब कमर्शियल प्रॉपर्टी और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी पर भी यही नियम लागू होगा। इससे शहरों में दुकान, गोदाम, फैक्ट्री जैसी संपत्तियों के बंटवारे पर भारी टैक्स नहीं देना पड़ेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।  सरकार ने स्टाम्प और पंजीकरण विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान पर भारी शुल्क खत्म कर दिया गया है। अब किसी भी प्रकार की संपत्ति के ट्रांसफर पर केवल नाममात्र की राशि में रजिस्ट्री हो सकेगी। नई व्यवस्था के अनुसार, परिवार के भीतर संपत्ति के दान पर ₹5,000 स्टांप ड्यूटी और संपत्ति मूल्य का केवल 1 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क देनी होगी। इससे पहले शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक संपत्ति पर 7 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत तक शुल्क देना पड़ता था, जो आम लोगों के लिए काफी महंगा था। यही कारण था कि लोग कानूनी प्रक्रिया से बचते थे और बाद में विवाद खड़े हो जाते थे। पारिवारिक सदस्यों को मिलेगा लाभ, किराया रजिस्ट्रेशन भी हुआ सस्ता इस नई छूट का फायदा पुत्र, पुत्री, माता, पिता, पति, पत्नी, भाई, बहन, पुत्रवधु, दामाद, नाती-नातिन, भतीजा-भतीजी सहित कई रिश्तों को मिलेगा। खास बात यह है कि अब सगे भाई के निधन की स्थिति में उसकी पत्नी को भी इस छूट का लाभ मिलेगा। यानी अधिकतर नजदीकी रिश्तों में संपत्ति ट्रांसफर बेहद आसान हो जाएगा। योगी सरकार ने सिर्फ संपत्ति बंटवारे ही नहीं, बल्कि किराया समझौते के रजिस्ट्रेशन को भी बेहद सस्ता बना दिया है।  अब किराए के समझौते पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। पहले अधिक शुल्क के कारण लोग रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर्ड नहीं कराते थे, जिससे बाद में मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद होते थे। नई व्यवस्था में किराया अवधि और वार्षिक किराए के आधार पर बहुत कम शुल्क तय किया गया है। इससे अब आम नागरिक बिना डर के अपना किराया समझौता कानूनी रूप से पंजीकृत करा सकेगा। इससे न केवल कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि भविष्य के झगड़ों से भी बचाव होगा। पैतृक संपत्ति का बंटवारा अब सिर्फ 10 हजार में योगी सरकार के एक और फैसले के तहत अब पैतृक संपत्ति के बंटवारे की रजिस्ट्री मात्र ₹10,000 में कराई जा सकेगी। पहले इस प्रक्रिया में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक खर्च हो जाते थे। अब कम खर्च में कानूनी बंटवारा संभव होगा, जिससे पारिवारिक विवादों में भारी कमी आएगी। इन सभी सुधारों से उत्तर प्रदेश में कानूनी पारदर्शिता और संपत्ति से जुड़े मामलों में भरोसा बढ़ेगा। लोग बिना डर और भारी खर्च के अपनी संपत्ति को सही तरीके से ट्रांसफर कर पाएंगे। सरकार का लक्ष्य कम खर्च, कम विवाद और ज्यादा पारदर्शिता है। योगी सरकार का यह फैसला न केवल आम नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि उत्तर प्रदेश में संपत्ति व्यवस्था को आधुनिक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। बता दें कि वर्ष 2022 तक पारिवारिक दान पर पूरी स्टांप ड्यूटी देनी होती थी। 2023 में पहली बार आवासीय और कृषि संपत्तियों पर राहत दी गई थी। अब सरकार ने यह छूट कमर्शियल और इंडस्ट्रीयल प्रॉपर्टी तक बढ़ा दी है। इससे उत्तर प्रदेश में संपत्ति के पंजीकरण को बढ़ावा मिलेगा और अवैध या कच्चे दस्तावेजों की संख्या कम होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से संपत्ति से जुड़े विवाद, कोर्ट केस और पारिवारिक झगड़े काफी हद तक कम होंगे। जब संपत्ति का हस्तांतरण आसान और सस्ता होगा, तो लोग कानूनी रास्ता अपनाएंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि राजस्व व्यवस्था में भी सुधार होगा। सरकार जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी करेगी, जिसके बाद यह सुविधा पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी।  

झारखंड के 34 फार्मेसी कॉलेजों की जमीन और भवन न होने से मान्यता होगी रद्द

रांची. विभागीय प्रावधानों का खुलेआम उल्लंघन कर डिप्लोमा इन फार्मेसी पाठ्यक्रम का संचालन कर रहे झारखंड के 34 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द होगी। इन संस्थानों के द्वारा सरकार से न तो एनओसी लिया गया था और न ही एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। इतना नहीं, इन संस्थानों के पास न तो अपनी जमीन और न अपना भवन ही है। साथ ही टीचिंग और नन टीचिंग स्टाफ भी नहीं हैं। ऐसे 34 फार्मेसी संस्थानों को सरकार की ओर से दिया गया लेटर ऑफ कंसेंट निरस्त होगा। डिप्लोमा इन फार्मेसी कोर्स संचालित कर रहे 36 संस्थान ऐसे भी मिले हैं, जहां टीचिंग और नन टीचिंग स्टाफ की आंशिक कमी है, लेकिन इनका अपना भवन व अपनी जमीन है। ये संस्थान संचालन के लिए प्रयासरत तो हैं, लेकिन इन संस्थानों ने भी डिप्लोमा इन फार्मेसी के लिए न तो एनओसी लिया है और न ही इसके लिए आवेदन ही किया है। इन सभी 36 फार्मेसी संस्थानों से स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्टीकरण पूछा है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह भी सवाल उठा है कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) द्वारा तय प्रावधान के अनुसार फार्मेसी संस्थानों में शिक्षकों, भवन और अन्य संसाधनों की जांच परीक्षा समिति द्वारा क्यों नहीं की गई। इस मामले में डिप्लोमा इन फार्मेसी एग्जामिनेशन कमेटी के अध्यक्ष/सदस्य सचिव से भी स्पष्टीकरण पूछा जाएगा। विभागीय कमेटी की जांच में हुआ खुलासा : अनियमितताओं की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने फार्मेसी संस्थानों की जांच के लिए बीते साल अगस्त में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। विभागीय उप सचिव रंजीत लोहरा की अध्यक्षता में गठित कमेटी में अवर सचिव धीरंजन प्रसाद शर्मा व प्रशांत पांडेय शामिल थे। जांच समिति ने राज्य के कुल 71 फार्मेसी संस्थानों की जांच की तो व्यापक अनियमितता सामने आई। समिति ने जांच प्रतिवेदन विभाग को सौंप दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कई संस्थान न तो सरकारी प्रावधानों का पालन कर रहे हैं और न ही पीसीआई के मानकों पर खरे उतरते हैं।