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शीतलहर का कहर जारी, घने कोहरे को लेकर 7 जनवरी तक अलर्ट

पंजाब पंजाब और चंडीगढ़ में सर्द मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के चलते मौसम विभाग ने 7 जनवरी तक अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राज्य के कई इलाकों में सुबह और रात के समय कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार आज पंजाब के लगभग सभी जिलों में घना कोहरा देखने को मिल सकता है। वहीं, करीब 10 जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है। अमृतसर में विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई, जबकि फरीदकोट जैसे इलाकों में भी हालात सामान्य नहीं रहे। तापमान की बात करें तो फरीदकोट राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान करीब पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। पंजाब में अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है, जबकि दिन का तापमान भी कई जगह सामान्य से नीचे चल रहा है। आने वाले दिनों में जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, मोहाली, पटियाला सहित पठानकोट अधिकांश जिलों में कोहरे का असर बना रह सकता है। जालंधर, कपूरथला, फरीदकोट, मुक्तसर, तरनतारन, अमृतसर, मोगा, बठिंडा, फाजिल्का और फिरोजपुर जिले में ठंडी हवाओं के चलते शीतलहर की स्थिति जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।   विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पंजाब में ठंड बढ़ रही है। फिलहाल प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है और मौसम 9 जनवरी तक शुष्क बना रह सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को कोहरे के दौरान सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी है।

तीन राज्यों की दूरी होगी आधी, 11 घंटे का रास्ता 6 घंटे में तय कराएगा एक्सप्रेस-वे

भोपाल मध्यप्रदेश में महत्वाकांक्षी अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना पर एक बार फिर चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके संबंध में शनिवार को अधिकारियों को अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अटल प्रोग्रेस-वे से चंबल क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। तीन राज्यों को जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट अभी एलाइनमेंट के पेंच में फंसा है। करीब ढाई साल से प्रगति ठप है जिससे किसानों और संबंधित जिलों के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। अटल प्रोग्रेस-वे राजस्थान में कोटा जिले के सीमाल्या गांव के पास मुंबई-बड़ोदरा एनएच- 27 से शुरू होकर मप्र के तीन जिलों को कवर करते हुए उत्तरप्रदेश के इटावा जिले में निनावा तक बनना प्रस्तावित है। इसके निर्माण से एमपी के भिंड, एमपी के इटावा और राजस्थान के कोटा के बीच सफर करनेवालों को सीधा, सुगम और शॉर्टकट रास्ता मिल जाएगा। यात्रा के समय में करीब 5 घंटे बचेंगे। कुल 404 किमी लंबा अटल प्रोग्रेस-वे भारतमाला परियोजना में शामिल है। मप्र में 313.81 किमी, राजस्थान में 72 किमी एवं यूपी में 22.96 किमी का निर्माण होना है। अटल प्रोग्रेस वे की प्रारंभिक लागत करीब 6 हजार करोड़ रुपए की थी जोकि अब 23 हजार 645 करोड़ रुपए तक जा पहुंची है। खेतों से होकर प्रोगेस वे निर्माण पर वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अटल प्रोग्रेस-वे में भिंड जिले की 29 ग्राम पंचायतों, दो जनपदों के 41 गांव प्रभावित हो रहे हैं। एक्सप्रेस वे श्योपुर के 57 गांवों से होकर जाएगा। जिले की सीमा में करीब 95 किलोमीटर की लंबाई प्रस्तावित है। अटल प्रोग्रेस वे के लिए श्योपुर जिले में कुल 598.321 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण होनी थी। इसमें 90.878 हेक्टेयर सरकारी और 507.443 हेक्टेयर निजी जमीन है। एक्सप्रेस-वे निर्माण से श्योपुर जिले को बेहतर कनेक्टिविटी की उमीद है। यह न केवल मुरैना-भिंड से सीधे जोड़ेगा, बल्कि कोटा राजस्थान की ओर श्योपुर जिले को दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे तक का भी सफर आसान करेगा।   11 घंटे की यात्रा महज 6 घंटे में पूरी होगी अटल एक्सप्रेस वे से यूपी के इटावा से एमपी के भिण्ड, मुरैना होकर राजस्थान के कोटा तक सीधा 4 लेन मार्ग बनाया जाएगा। इससे कोटा तक की 11 घंटे की यात्रा महज 6 घंटे में पूरी हो सकेगी। यानि यात्रा के समय में पूरे 5 घंटे बच सकेंगे। अटल प्रोग्रेस-वे के लिए भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन तीनों जिलों के किसानों ने खेतों से होकर रोड निर्माण के प्रस्ताव का विरोध किया। इसपर मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खेतों की बजाए बीहड़ों से होकर दोबारा एलाइनमेंट कराने की घोषणा की। हालांकि इसके बाद से प्रोग्रेस वे की प्रक्रिया ठप पड़ी है।

550 करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट: एमपी में बिजली दरें होंगी आधी, उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा

जबलपुर मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (जेनको) कम कीमत पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए सोलर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 550 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी की जा रही है। 110 मेगावाट के सोलर प्लांट तीन स्थानों पर लगाए जाएंगे। दो साल में स्थापित होने वाले प्लांट कंपनी थर्मल पावर प्लांट के आसपास ही स्थापित करेगी। कंपनी के टेक्निकल डायरेक्टर सुबोध निगम का कहना है कि, ये कंपनी का अबतक का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट है। अभी तक कंपनी ने 7 मेगावाट का सोलर प्लांट मंदसौर के रातागुरड़िया में स्थापित किया है। कंपनी को लंबे समय से सोलर प्लांट लगाने की जरूरत थी। पर्यावरण को पहुंच रहा नुकसान अभी कोयले से संचालित थर्मल पावर प्लांट से बिजली की लागत अधिक होने के साथ पर्यावरण के लिए घातक गैस का उत्सर्जन हो रहा है। हालांकि, कंपनी स्तर पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए काफी उपाय किए गए हैं और राख का पर्याप्त निष्पादन भी किया जा रहा है। ऐसे में कंपनी सोलर प्लांट लगाकर स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने की तैयारी कर रही है।   550 करोड़ होंगे प्रोजेक्ट पर खर्च सुबोध निगम का कहना है कि, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में 40 मेगावाट, श्रीसिंगाजी ताप विद्युत गृह में 40 मेगावाट और बिरसिंहपुर ताप विद्युत गृह में 30 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने की योजना है। इसके लिए निविदा कंपनी स्तर पर जारी की जा रही है। इस परियोजना पर करीब 550 करोड़ रुपये खर्च आएगा।

यात्री नहीं मिले तो बदला प्लान: भोपाल मेट्रो का 14 दिन में शेड्यूल रिवाइज

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की मेट्रो को अब एक चौथाई पैसेंजर भी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने शुरुआत के सिर्फ 14 दिन बाद मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव करने के साथ ही ट्रिप भी घटा दी है। अब मेट्रो एम्स स्टेशन से सुबह 09 बजे की बजाय 03 घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि यही से शाम साढ़े सात बजे आखिरी ट्रिप चलेगी। नया शेड्यूल 05 जनवरी से लागू होने जा रहा है। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया था। इसके अगले दिन यानी 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। ऐसे में कमर्शियल रन के पहले दिन मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला था। इस दौरान 6568 पैसेंजर सवार हुए थे। अब करीब एक हजार यात्री मेट्रो में हो रहे सवार वहीं, अब एक हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। इस वजह से मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है।   ऐसा रहेगा नया शेड्यूल -मेट्रो अब 3 घंटे देरी से दोपहर 12 बजे से चलेगी।, जबकि रात 7:55 बजे तक इसका संचालन होगा -शाम 7:30 बजे एम्स से सुभाष नगर के बीच आखिरी मेट्रो दौड़ेगी, जो 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेंगी। -पहले की तरह 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो मिलेगी। यानी, एक गाड़ी छूटने के बाद दूसरी गाड़ी सवा घंटे बाद ही मिल सकेगी। -पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो घटाकर 13 कर दी गई है। -एम्स से सुभाषनगर के बीच सात और सुभाषनगर से एम्स के बीच छह ट्रिप लगेगी।   अब ये रहेगी टाइमिंग -पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होगी, जो दोपहर 12:40 बजे सुभाषनगर स्टेशन पहुंचेगी। -आखिरी मेट्रो शाम 7:30 बजे एम्स से शुरू होकर 7:55 बजे सुभाषनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। किस दिन कितने पैसेंजर मिले -21 दिसंबर को मिले 6,568 पैसेंजर। -22 दिसंबर को मिले 2,896 पैसेंजर। -23 दिसंबर को मिले 2,163 पैसेंजर। -24 दिसंबर को मिले 1,787 पैसेंजर। -25 दिसंबर को मिले 4,264 पैसेंजर। -26 दिसंबर को मिले 1,473 पैसेंजर। -27 दिसंबर को मिले 1,200 पैसेंजर। -28 दिसंबर को मिले 2,349 पैसेंजर। -29 दिसंबर को मिले 1,100 पैसेंजर। -30 दिसंबर को मिले 9,67 पैसेंजर। -31 दिसंबर को मिले 1113 पैसेंजर। -01 जनवरी को मिले 2,023 पैसेंजर। -02 जनवरी को मिले 1,065 पैसेंजर।

स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से करेंगे संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (जेईसीसी) में आयोजित राजस्थान डिजीफेस्ट-टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जो उभरते और उच्च विकास वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य के प्रौद्योगिकी एवं निवेश संबंधी दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अवसरों की विस्तृत रूपरेखा वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करेंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा कर स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे। टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सशक्त भागीदारी कर रहा है। यह भागीदारी गत 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हस्ताक्षरित समझौते के अनुरूप है। समिट में मध्यप्रदेश अपनी नवस्थापित एवं प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा। ये नीतियां राज्य को अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार और  उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने और भारत के टियर-2 शहरों के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।

7 रेलवे ट्रैक को पार करेगा 100 करोड़ का आरओबी, शहर को मिलेगा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तोहफा

भोपाल निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज(ROB) इस साल नवंबर तक तैयार हो जाएगा। करीब 100 करोड़ रुपए से बनने वाला आरओबी नए और पुराने शहर को जोड़ेगा। इससे करीब 9 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। शनिवार को मंत्री विश्वास सारंग ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। ये देश का पहला ऐसा आरओबी होगा, जो एकसाथ 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। बनाई गई कमेटी यह आरओबी भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म-1 से छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक पहुंचेगा। पीडब्ल्यूडी, रेलवे, एफसीआइ सहित संबंधित विभागों में समन्वय के लिए एक कमेटी बनाई गई है ताकि, निर्माण कार्य में कोई अड़चन न आए और यह जल्दी बन जाए।   रेलवे स्टेशन पर आना होगा आसान आरओबी के बनने के बाद करोंद, बैरसिया, बैरागढ़, विदिशा से आने वाले लोग आसानी से भोपाल रेलवे स्टेशन आ-जा सकेंगे। पुराने शहर से किसी को भेल इलाके में जाना होगा तो यह आरओबी काफी फायदेमंद रहेगा। अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा समेत कई इलाकों से आना-जाना आसान हो जाएगा। भविष्य में यही आरओबी एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए भी उपयोग आ सकेगा। 2 नदियों पर नए ब्रिज, 5 बायपास और 3 ROB बनेंगे पांच बायपास रोड, दो नदियों पर नए पुल और रेल लाईनी पर तीन नए ओवरब्रिज अशोकनगर जिले की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएंगे। इससे वाहन चालकों को आबादी क्षेत्रों में आवाजाही की समस्या तो खत्म होगी ही, साथ रेलवे क्रॉसिंग पर भी निकलने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए जिले में निर्माण कार्य चल रहे है, जो साल 2026 मैं तैयार हो जाएंगे।   नए साल में मिलेंगी ’50 सड़कों’ की सौगात लोक निर्माण विभाग भिंड के ग्रामीण क्षेत्रों में 56 गांवों को नए साल में पक्की सड़कों की सौगात देने की तैयारी में है। 80 प्रतिशत कार्य पूर्व में कराया जा चुका है। लोक निर्माण विभाग के पिछले तीन साल में कुल 56 सड़क निर्माण (Paved Roads Construction) कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनकी लंबाई 187.89 किलोमीटर और लागत 53.50 करोड़ रुपएसे अधिक है। एक दर्जन से अधिक कार्य तो वर्ष 2025 में ही स्वीकृत हुए हैं। जिनमें से अधिकांश में निविदा प्रक्रियाधीन है।  

केंद्र सरकार पर केशव महतो कमलेश का आरोप: मनरेगा को कमजोर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था तोड़ी

रांची झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी 5 जनवरी को मनरेगा कानून और नाम में बदलाव के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत यहां बापू वाटिका मोरहाबादी से लोक भवन रांची तक पैदल मार्च करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय स्तर पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान चलाया जाएगा। कमलेश ने बताया कि इस आंदोलन को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण के तहत 8 जनवरी को राज्य स्तर पर कांग्रेस नेताओं की राज्य प्रभारी के साथ तैयारी बैठक होगी। इसके बाद 10 जनवरी को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। वहीं 11 जनवरी को गांधी प्रतिमा या अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास एवं धरना दिया जाएगा। मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रीढ़ था जिसे केंद्र सरकार ने तोड़ दिया कमलेश ने बताया कि द्वितीय चरण में 12 जनवरी से 30 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सभी ग्राम प्रधानों, पूर्व ग्राम प्रधानों, रोजगार सेवकों एवं मनरेगा कार्यकर्ताओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष का पत्र वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही विधानसभा स्तरीय नुक्कड़ सभाएं और पंपलेट वितरण कार्यक्रम होंगे। 30 जनवरी शहीद दिवस के अवसर पर मनरेगा कार्यकर्ताओं एवं आंदोलनकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। तृतीय चरण के तहत 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तरीय ‘मनरेगा बचाओ' धरना आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तरीय विधानसभा या लोक भवन घेराव किया जाएगा। वहीं 16 फरवरी से 25 फरवरी के बीच देश के विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रीय स्तर पर चार ‘मनरेगा बचाओ' रैलियों का आयोजन किया जाएगा। कमलेश ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना ग्रामीण भारत पर हमला है, मनरेगा के तहत योजनाओं का चयन पहले गांव में होता था अब केंद्र योजना पंचायत और गांव का चुनाव करेगा। वर्तमान भी भीबी- जीरामजी योजना से क्षेत्रीय असंतुलन पैदा होगा जो देश के लिए हितकर नहीं होगा। मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रीढ़ था जिसे केंद्र सरकार ने तोड़ दिया, कोरोना काल में मनरेगा ने गांव में संजीवनी का काम किया था जो आपात स्थिति में किसी योजना के महत्व को दर्शाता है, नरेंद्र मोदी इसे मिटाना चाहते हैं। बीजेपी नहीं चाहती कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिले कमलेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 10 वर्षों पूर्व मनरेगा की आलोचना करते हुए मनरेगा को यूपीए सरकार का स्मारक कहा था, मनरेगा में हर पंचायत को राशि मिलता था, लेकिन अब सिर्फ चुनिंदा पंचायतों को राशि मिलेगी इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर घटेंगे। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि भाजपा की विचारधारा गांधी जी के विपरीत है यही वजह है कि महात्मा गांधी के नाम को हटाकर नई योजना लाई गई। बीजेपी नहीं चाहती कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिले, आर्थिक संपन्नता हो, क्रय शक्ति बढ़े इससे भाजपा की पूंजीवादी सोच झलकती है। नाम में बदलाव भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है, हिंदू धर्म को योजना में भावनात्मक रूप से जोड़कर राजनीतिक मंसूबा साधने की कोशिश की गई है। सरकार 125 दिन रोजगार देने की बात करती है, लेकिन सभी निबंधित मजदूरों को रोजगार दिया गया तो बड़ी राशि की आवश्यकता पड़ेगी जिसका प्रावधान बजट में नहीं, सरकार मजदूरों के साथ छलावा कर रही है।  

भारी बारिश की चेतावनी: कल बिगड़ेंगे मौसम के हालात, इन राज्यों में IMD का रेड/ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली इस साल मानसून ने देशभर में जोरदार दस्तक दी और कई राज्यों में अच्छी से लेकर भारी बारिश देखने को मिली। लगातार हुई बारिश के कारण कई जगह पुराने रिकॉर्ड भी टूट गए। मानसून का औपचारिक सीजन खत्म होने के बाद भी कुछ राज्यों में बारिश का सिलसिला अभी जारी है, जबकि कई इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 की तरह 2026 में भी बारिश सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी 5 तारीख को कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। केरल में मौसम का हाल केरल में हर साल की तरह इस बार भी मानसून सबसे पहले पहुंचा था और राज्य में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि मानसून के बाद भी यहां बारिश पूरी तरह नहीं थमी है। मौसम विभाग के मुताबिक, कल केरल के कई इलाकों में रुक-रुककर तेज बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।   कर्नाटक में बारिश का दौर जारी कर्नाटक में भी मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई थी और अब भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि कल राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है और बादल जमकर बरस सकते हैं। इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, केरल के अलावा पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कल भारी बारिश होने की संभावना है। मेघालय में सुबह के समय बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश के आसार हैं।

घने कोहरे से घरों में रहने को मजबूर लोग, आम जिंदगी पूरी तरह प्रभावित

फरीदकोट पोह के महीने में अक्सर बहुत ज्यादा कोहरा पड़ता है और ठंड बढ़ जाती है। पिछले चार-पांच दिनों से यह कोहरा और ठंड अपने पीक पर है। जिससे आम जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हुई है। ठंड की वजह से लोग घरों में रहने को मजबूर हो रहे हैं। कर्मचारी और फील्ड में काम करने वाले लोग आने-जाने को मजबूर हैं। कोहरे और ठंड का गहरा असर फरीदकोट में भी देखा जा रहा है। गरीब मजदूर, कारीगर और मिस्त्री भी इस ठंड से प्रभावित हुए हैं। हालांकि कई समाज सेवी संस्थाएं इन दिनों कंबल और दूसरी चीजें बांटकर गरीबों को ठंड से बचाने की कोशिश कर रही हैं। इन कोशिशों को और बड़े लेवल पर करने की जरूरत है।

नई दिल्ली में दर्दनाक घटना: होटल बिल्डिंग से कूदने पर शख्स की मौत, मचा हड़कंप

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके में स्थित मशहूर ली मेरिडियन होटल में सोमवार को एक दुखद घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, होटल की ऊंची बिल्डिंग से एक व्यक्ति ने कूदकर अपनी जान दे दी। घटना की खबर मिलते ही होटल में और आसपास के इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान नहीं कर पाई है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि व्यक्ति होटल का मेहमान था या किसी अन्य कारण से वहां मौजूद था। होटल में अफरातफरी होटल स्टाफ और वहां मौजूद अन्य लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। घटना के समय होटल परिसर में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन शख्स के कूदने से कर्मचारियों और मेहमानों में दहशत फैल गई। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में किसी तरह की आपराधिक गतिविधि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन पूरे मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। इस घटना ने राजधानी के पॉश इलाके में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।