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संभल में बिजली विभाग की छापेमारी, अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन सील

संभल   जहां संभल में बीते दिन रविवार को मस्जिद से लेकर मदरसे पर सुबह से लेकर शाम तक कार्रवाई चली तो आज संभल में पुलिस और प्रशासन ने बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू किया है. राय सत्ती थाना क्षेत्र में आज सुबह 5 बजे से व्यापक छापेमारी की जा रही है. इस कार्रवाई में बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं. डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई की अगुवाई में भारी पुलिस बल तैनात है. प्रशासन का कहना है कि छापेमारी के दायरे में धार्मिक स्थल भी आ सकते हैं और बिजली चोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस मामले से जुड़ी पल-पल की अपडेट पढ़ने के लिए लाइव से जुड़े रहे… बिजली चोरी करके कई ई-रिक्शा बैटरी को किया जा रहा चार्ज, JE ने पकड़ा संभल में बिजली विभाग की टीम ने राय सत्ती इलाके में अवैध रूप से चल रहे ई रिक्शा बैटरी चार्जिंग स्टेशन को पकड़ा है. जहां पर अवैध रूप से बिजली चोरी करके कई ई-रिक्शा बैटरी चार्जिंग की जा रही थी. बिजली विभाग ने इस जगह से कई चार्जिंग इक्विपमेंट बरामद करते हुए इसे सील कर दिया. बिजली विभाग के JE दीपक कुमार से बातचीत करते हुए न्यूज18 इंडिया ने पूरी जानकारी ली है. यह घर किसका है इसके बारे में बिजली विभाग को भी जानकारी नहीं मिल पाई थी लेकिन उनका कहना था कि उन्होंने यहां पर बाहर से एक बिजली के पोल से आई हुई बड़ी केबल को पकड़ा था जो एक बड़े हॉल के कमरे से आ रही थी और यहां पर ई रिक्शा को गुपचुप तरीके से चार्ज किया जा रहा है. हम इसे सील कर रहे हैं.  संभल में बिजली चोरी पर सख्त कार्रवाई, डीएम बोले- डेढ़ करोड़ का लाइन लास रोका गया संभल में बिजली चोरी के मामले को लेकर डीएम ने बताया कि रायसत्ती और सराय तरीन में छापेमारी के दौरान कई अवैध कनेक्शन पकड़े गए. पिछले एक साल में संभल प्रशासन ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये के लाइन लास को रोकने में सफलता हासिल की है. अभियान में मुस्तफा मस्जिद में बिजली चोरी पकड़ी गई, वहीं कुछ ई-रिक्शे अवैध रूप से चार्जिंग कर रहे थे. इसके अलावा डेरी में भी अवैध कनेक्शन का खुलासा हुआ. सांसद बर्क के इलाके रायसत्ती-नखासा में बिजली चोरी पर प्रशासन ने मारा छापा संभल में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क के ग्रहक्षेत्र रायसत्ती और नखासा से शुरू हुए अभियान में डीएम और एसपी के नेतृत्व में अधिकारी और कर्मचारी घर-घर और दुकानों में बिजली चोरी की जांच कर रहे हैं. अब कार्रवाई सराय तरीन इलाके में भी पहुंच चुकी है, जहां नबाबखेल मोहल्ले में टीमें सक्रिय हैं और प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है.  रायसत्ती और सराय तरीन के बाद अब किन इलाकों में होगी छापेमारी, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन और बिजली विभाग की कार्रवाई जारी है. बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया कि आज रायसत्ती इलाके में दूध के एक बड़े कारोबार के परिसर में अवैध कनेक्शन पकड़ा गया. इसके अलावा सराय तरीन और अन्य क्षेत्रों में भी टीमों ने सर्च ऑपरेशन किया. इस अभियान में डीएम और एसपी की मौजूदगी रही, और सात टीमों ने मिलकर छापेमारी की. अभी कुछ इलाके और हैं जिन्हें चिन्हित किया जाना है. उन्होंने कहा कि आज तीन से चार प्रमुख क्षेत्रों में सर्च किया गया और अब तक 5-6 घरों में अवैध बिजली कनेक्शन पाए गए हैं. हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया कि पिछले एक साल में चलाए गए अभियान के चलते लोगों में जागरूकता बढ़ी है. अब लोग मीटर और स्मार्ट मीटर लगवा रहे हैं और बिजली का बिल समय पर भर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि बिजली चोरी पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और इससे बिजली के सही उपयोग में काफी सुधार आएगा. : सराय तरीन में बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई, डीएम-एसपी की मौजूदगी में हो रही चेकिंग राय सत्ती के बाद अब सराय तरीन इलाके में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है. डीएम और एसपी की मौजूदगी में बिजली विभाग की टीमें घर-घर जाकर बिजली चोरी की जांच कर रही हैं. करीब 60-70 गाड़ियों से अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं. सराय तरीन के नबाबखेल मोहल्ले में चल रही इस चेकिंग से इलाके में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों ने बताया कि अवैध कनेक्शन और कटिया डालकर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की इस पैनी नजर के चलते इलाके के लोग भी पुलिस और बिजली विभाग की कार्रवाई को गंभीरता से देख रहे हैं.  

इंदौर में दूषित पानी का कहर, 17वीं मौत—भागीरथपुरा में 9416 की जांच, 20 नए मरीज मिले, हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट

 इंदौर  इंदौर में दूषित पानी से हड़कंप मचा हुआ है. भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17वीं मौत हो गई है. रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा (69) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है. उन्हें एक जनवरी को उल्टी-दस्त के चलते एक प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराया गया था. दो जनवरी को आईसीयू में एडमिट किया गया. दो दिन बाद वेंटिलेटर पर रखा गया और रविवार दोपहर एक बजे उनकी मौत हो गई. इंदौर के दूषित पानी से बच्चों पर भी खतरा बना हुआ है. चाचा नेहरू अस्पताल में बीमार बच्चों का इलाज किया जा रहा है. करीब 12 बच्चों का इलाज चल रहा है. रविवार को AIIMS और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की टीम बच्चों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंची थी. टीम ने बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई. टीम बच्चों में बीमारी के लक्षणों की भी जांच करेगी. AIIMS के डॉक्टरों ने बच्चों की ब्लड कल्चर रिपोर्ट और स्टूल जांच की रिपोर्ट के साथ उन्हें दी जाने वाली मेडिसिन की रिपोर्ट भी ली. रविवार को स्वास्थ्य ठीक होने के बाद तीन बच्चों को डिस्चार्ज किया गया था. वहीं, बॉम्बे हॉस्पिटल में 11 मरीज आईसीयू में भर्ती थे, जिनमें से 4 मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। रविवार रात तक की स्थिति में 7 मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। अब तक कुल 398 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए, जिनमें से 256 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 142 मरीजों का इलाज जारी है। इधर, प्रभावित क्षेत्र में 4 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग ने 2354 घरों का सर्वे किया। 9416 लोगों की जांच की गई, जिनमें 20 नए मरीज मिले हैं। जबकि 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप लिया गया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसनी ने बताया कि क्षेत्र में 5 एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं। प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक घर में 10 ओआरएस पैकेट और 30 जिंक की गोलियां बांटी गई हैं। पानी को शुद्ध करने के लिए क्लीन वाटर बॉटल की किट भी बांटी गई है। 17 टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं। इन टीमों में जन अभियान परिषद के सदस्य, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, सुपरवाइजर और एनजीओ के सदस्य शामिल हैं। भागीरथपुरा के परिवारों पर संकट दूषित पानी कांड के बाद भागीरथपुरा के कइयों परिवारों पर संकट भी देखने को मिल रहा है. 28 साल के अमित मेर इंदौर के पोलो ग्राउंड स्थित इंडस्ट्रियल इलाके की एक ऑटोमोबाइल फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं. वह 28 दिसंबर से काम पर नहीं गए हैं क्योंकि उनकी 50 वर्षीय मां रामकली की दूषित पानी पीने से मौत हो गई. अमित ने कहा कि वह करीब 400 रुपये रोज कमाते थे. मां की मौत के बाद वह काम पर जाने की हालत में नहीं हैं. उन्हें घर पर रुकना पड़ रहा है. कमाई का कोई जरिया नहीं है. पीड़ित परिवारों पर दोहरी मार भागीरथपुरा में ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे स्तर पर काम करने वाले लोग रहते हैं. रोजाना की मेहनत और उससे मिले थोड़े से पैसों से ही उनका गुजारा होता है. परिवार में किसी न किसी व्यक्ति की बीमारी के चलते उनपर दोहरी मार पड़ रही है. अस्पताल का खर्च और काम पर न जाने की वजह से आय न होना, दोनों ही उनकी मुसीबतें बढ़ा रहा है. मरीज की सेहत के साथ खिलवाड़ बीना सावरिया इंदौर के भागीरथपुरा में रहती हैं. उन्होंने बताया कि अभी भी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उनके पति प्रकाश प्रजापति की तबीयत खराब थी. भागीरथपुरा में ही आरोग्य केंद्र पर दिखाया था. वहां पर डॉक्टरों ने पर्चे पर पांच दवाइयां लिखीं और चार दवाई देकर उन्हें भेज दिया. उन्हें बताया भी नहीं कि एक दवाई नहीं है. वह घर आ गए और पिछले तीन दिनों से उनके पति दवाई खा रहे थे. जब आराम नहीं हुआ, तो मेडिकल दुकान पर गए, जहां मेडिकल संचालक ने कहा कि इसमें जो सबसे महत्वपूर्ण दवाई थी, वह तो आप नहीं खा रहे हैं. उसके बाद उन्होंने मेडिकल से दवाई ली तब जाकर तबीयत ठीक हुई. कर्ज लेकर लगवाएंगे RO उन्होंने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि जब दवाई उपलब्ध नहीं थी, तो फिर क्यों मरीज को नहीं बताया गया. इससे बड़ा खिलवाड़ और क्या हो सकता है. उन्होंने कहा कि RO का पानी खरीदकर पी रहे हैं. परिवार की चिंता है. घर में छोटे बच्चे हैं. अब कर्ज लेकर घर पर RO लगवाएंगे. कर्ज लेना मजबूरी है क्योंकि जल ही जीवन है. निगम के टैंकर और नर्मदा के पानी पर भरोसा नहीं है. यहां का पानी जहर बन चुका है. कोलकाता से आए वैज्ञानिक लेंगे सैंपल इधर, इंदौर के स्मार्ट सिटी कार्यालय में रविवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें कलेक्टर ने भागीरथपुरा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में कोलकाता, दिल्ली और भोपाल से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें कार्य कर रही हैं। कोलकाता से आए वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष और वैज्ञानिक डॉ. गौतम चौधरी सैंपल लेकर वैज्ञानिक तरीके से जांच करेंगे। इसके लिए टीम भागीरथपुरा क्षेत्र से पानी के रैंडम सैंपल एकत्रित करेगी। पाइपलाइन की मरम्मत का काम तेजी से जारी भागीरथपुरा इलाके में पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। बोरिंग में भी लीकेज की जांच की जा रही है। रहवासी ललित ने बताया कि फिलहाल पीने के पानी की आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जा रही है। साफ पानी की मांग को देखते हुए अब गलियों में बिसलरी से भरी गाड़ियां भी घूमने लगी हैं। महापौर बोले- पूरा प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्र में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- फिलहाल सभी की प्राथमिकता एक ही है कि पूरी ताकत के साथ मिलकर लोगों की सेवा की जाए। पूरा प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्र में मौजूद है और जैसे ही किसी मरीज की सूचना मिलती है, उसे तुरंत इलाज दिलाने और अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की जा रही है। महापौर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जल लाइनों का सर्वे कराने और जहां से भी शिकायतें मिलें, उन्हें 48 घंटे के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए … Read more

चोरी और अपराध पर नियंत्रण की कोशिश, झांसी के सर्राफा व्यापारियों ने लिया फेस-रिवीलिंग नियम लागू करने का निर्णय

 झांसी  झांसी के सीपरी बाजार के सर्राफा व्यापारियों ने सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच बढ़ रही चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए नया नियम लागू किया है. सर्राफा व्यापार मंडल ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि अब किसी भी नकाबपोश ग्राहक को आभूषण नहीं बेचे जाएंगे.  पुलिस की सहमति से दुकानों के अंदर और बाहर पोस्टर लगाकर ग्राहकों से चेहरा खोलकर प्रवेश करने का आग्रह किया गया है. यह फैसला सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है क्योंकि नकाब की आड़ में होने वाली वारदातों में आरोपियों की पहचान करना मुश्किल होता है. अब दुकानदारों ने स्पष्ट कर दिया है कि चेहरा ढका होने पर बिक्री नहीं की जाएगी. चाहे बुर्का हो या घूंघट, चेहरा दिखाना अनिवार्य व्यापार मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी के मुताबिक, सोने-चांदी के भाव बढ़ने के साथ ही आपराधिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं. इसी कारण व्यापारियों ने तय किया है कि कोई भी ग्राहक चाहे वह बुर्के में हो या घूंघट में, उसे चेहरा खोलकर ही खरीदारी करनी होगी. यदि कोई ग्राहक सम्मानपूर्वक आग्रह करने के बाद भी चेहरा नहीं खोलता है, तो उसे जेवर नहीं दिखाए जाएंगे. व्यापारियों का मानना है कि सुरक्षा बिक्री से ज्यादा महत्वपूर्ण है. सुरक्षा के लिए उठाया कड़ा कदम महिला ज्वेलर ममता ने बताया कि दुकानों पर पोस्टर लगाकर ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा है. नकाब की आड़ में होने वाली घटनाओं से बचने के लिए यह कड़ा रुख अपनाना जरूरी हो गया था. व्यापारियों का कहना है कि अक्सर नकाबपोश लोग वारदातों को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं और सीसीटीवी कैमरों में भी उनकी पहचान नहीं हो पाती. अब बिना पहचान सुनिश्चित किए कोई भी लेनदेन नहीं किया जाएगा.  

SDM पर गिरी गाज, सरकारी आदेश में ‘घंटा’ शब्द लिखने पर सस्पेंड किया गया

 देवास  मध्य प्रदेश कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के चर्चित 'घंटा' वाले बयान का उल्लेख सरकारी आदेश में लिखना देवास के एसडीएम आनंद मालवीय को भारी पड़ गया. लेटर वायरल होते ही उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. इस कार्रवाई का आदेश उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने जारी किया वहीं, एसडीएम कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने निलंबित कर दिया है. प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है. दरअसल, इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी और उससे हुई मौतों को लेकर प्रदेश की राजनीति पहले से ही गर्म थी. इसी बीच कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकारों के सवाल पर ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने से विवाद और गहरा गया. कांग्रेस ने इस बयान को असंवेदनशील बताते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए. इसी राजनीतिक माहौल के बीच देवास में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम आनंद मालवीय द्वारा एक सरकारी आदेश जारी किया गया. आदेश का उद्देश्य कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था सुनिश्चित करना था, लेकिन आदेश की भाषा और उसमें शामिल सामग्री ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया. सरकारी आदेश में क्या था आपत्तिजनक वायरल हुए आदेश में प्रशासनिक निर्देशों के साथ-साथ कांग्रेस के ज्ञापन में लगाए गए सरकार विरोधी आरोपों, मृतकों की संख्या और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की घंटा टिप्पणी का सीधा उल्लेख किया गया था. सामान्य तौर पर ऐसे आदेशों में केवल कानून-व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और प्रशासनिक दिशा-निर्देश होते हैं, लेकिन इस आदेश में राजनीतिक भाषा और आरोप शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक, आदेश का एक हिस्सा कांग्रेस के ज्ञापन से लगभग शब्दशः लिया गया था. यही बात शासन स्तर पर सबसे अधिक आपत्तिजनक मानी गई.  जैसे ही यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, विपक्ष ने इसे प्रशासन के राजनीतिकरण का उदाहरण बताया, वहीं सत्तारूढ़ खेमे में भी असहजता साफ नजर आई. कुछ ही देर में यह मामला भोपाल तक पहुंच गया और उच्च स्तर पर रिपोर्ट तलब की गई. प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि एक जिम्मेदार अधिकारी से इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई. देखते ही देखते उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम आनंद मालवीय को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया. सहायक ग्रेड-3 पर भी गिरी गाज मामले की आंतरिक जांच में यह बात भी सामने आई कि आदेश के ड्राफ्ट और टाइपिंग से जुड़े कार्यों में एसडीएम कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान की भूमिका रही. इसके बाद देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी निलंबित कर दिया. प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकारी दस्तावेजों में किसी भी तरह की लापरवाही या राजनीतिक सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नया एसडीएम नियुक्त, स्थिति सामान्य करने की कोशिश निलंबन के तुरंत बाद शासन ने अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त कर दिया. नए एसडीएम ने कार्यभार संभालते ही अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि सभी आदेश और निर्देश पूरी तरह प्रशासनिक भाषा और नियमों के अनुरूप जारी किए जाएंगे. वहीं एसडीएम के सस्पेंड किए जाने के बाद लोगों का कहना है कि घंटा कहने वाले कैलाश विजयवर्गीय पर तो कोई एक्शन नहीं हुआ. लेकिन उनके बयान को सरकारी आदेश में लिखने पर कार्रवाई हो गई. ये कैसा न्याय है?   

ठंड में राहत की पहल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क के रैन बसेरे का लिया जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण जरूरतमंदों और महिलाओं को पिलाई गर्मागर्म चाय, ठंड से बचने के लिए दिये कंबल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की रात भोपाल के तलैया स्थित यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क रैन बसेरे का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरे में गरीबों, जरूरतमंद, बेसहारा और यहां रात्रि विश्राम करने आए राहगीरों से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सबके हालचाल और दु:ख-दर्द जाने एवं सभी को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाकर सर्दी से बचाव के लिए गर्म कंबल भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैन बसेरा जाते समय सबसे पहले पुलिस मुख्यालय के सामने लाल परेड ग्राउंड के गेट नम्बर 4 शौर्य द्वार में उपस्थित महिलाओं और बुर्जुगों से बात की, उनकी कुशलक्षेम जानी और सभी को कंबल वितरित किए। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलैया स्थित काली मंदिर पहुंचे और वहां बड़ी संख्या में उपस्थित सभी गरीबों और जरूरतमंदों को भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री द्वारा पूछने पर एक जरूरतमंद ने बताया कि वह सब्जी बेचने भोपाल आए थे, सर्दी भी तेज है और रात भी हो गई है, तो अब वे इसी मंदिर परिसर में रात बिताएंगे। कुछ ने बताया कि वे किसी जरूरी काम से आए थे, सिर्फ रात बिताने के लिए उन्होंने काली मंदिर परिसर में शरण ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद सभी विश्रामकर्ताओं से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा यहां कोई परेशानी तो नहीं है।विश्रामकर्ताओं ने कहा कि उन्हें यहां कोई भी परेशानी नहीं है। खाने और सोने की पूरी व्यवस्था है, ठंड से बचने के लिए यहां हीटर भी है। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि ज्यादातर राहगीर आगे के सफर के लिए यहां रात बिताने रूके हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव रैन बसेरे में विश्राम के लिए आए सुबोध जोसेफ के पास पहुंचे। उससे बात की, तो सुबोध ने बताया कि उसकी कमर में भारी दर्द है। इलाज की जरूरत है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और निगमायुक्त भोपाल को सुबोध का समुचित इलाज कराने और उसकी हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रैन बसेरे में उपस्थित सभी राहगीरों को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाई और सभी को कंबल भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने शहर के सभी रैन बसेरों और आश्रय गृहों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं करने के निर्देश कलेक्टर और निगमायुक्त को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्रामकर्ताओं से कहा कि सरकार गरीबों, जरूरतमंदों और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। तेज सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने स्वयं राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। सरकार किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देगी। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना अधिक हो सके, बचने की अपील की। गरीबों, जरूरतमंदों, बेसहारा और राहगीरों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस आत्मीयता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त कर आशीष भी दिया। इस दौरान भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती संस्कृति जैन, क्षेत्रीय पार्षद सहित जनप्रतिनिधि एवं जिलाधिकारी भी उपस्थित थे।  

सुबह घना कोहरा, रात में कंपकंपाती ठंड—झारखंड के 15 जिलों के लिए IMD का येलो अलर्ट

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड के 15 जिलों में अगले दो दिनों तक घने कोहरे के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। आईएमडी बुलेटिन के अनुसार, आज गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ के लिए घने कोहरे का 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है। 15 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना बुलेटिन में बताया गया है कि राज्य में सबसे ठंडा स्थान गुमला रहा, जहां तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस था, इसके बाद डाल्टनगंज और पाकुर में 8.3 डिग्री सेल्सियस और खूंटी में 9.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। झारखंड की राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को रांची समेत 15 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता 50 मीटर से 200 मीटर के बीच रहेगी। चार जनवरी से छह जनवरी तक तापमान में गिरावट आने की संभावना रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले तीन दिनों में इसमें तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा, "चार जनवरी से छह जनवरी तक तापमान में गिरावट आने की संभावना है।"  

OpenAI उतरेगा हार्डवेयर की दुनिया में, ‘Gumdrop’ बन सकता है iPhone का विकल्प

OpenAI अपना पहला हार्डवेयर डिवाइस "Gumdrop" लॉन्च करने की तैयारी में है, जो iPhone का विकल्प बन सकता है। पेन के आकार का यह स्क्रीन-रहित गैजेट Apple के पूर्व डिजाइन चीफ जोनी आइव द्वारा डिजाइन किया जा रहा है। Foxconn द्वारा निर्मित यह डिवाइस 2026-27 में लॉन्च हो सकता है। कैमरा और माइक्रोफोन से लैस Gumdrop हस्तलिखित नोट्स को डिजिटल टेक्स्ट में बदल सकेगा और OpenAI के AI मॉडल्स को चला सकेगा। जेब या गले में पहनने योग्य यह iPod Shuffle साइज का गैजेट AI-आधारित प्रोडक्टिविटी के जरिए स्मार्टफोन्स को रिप्लेस करने का लक्ष्य रखता है। अब वो दिन दूर नहीं जब आपके फोन की जगह कोई दूसरा डिवाइस ले लेगा। दरअसल रिपोर्ट्स के मुताबिक, (REF.) OpenAI अपना पहला डिवाइस लॉन्च कर सकता है। इसे आप अपनी जेब में रख पाएंगे और गले में भी पहन सकेंगे। आकार में यह डिवाइस पेन की तरह का होगा। इस डिवाइस पर Apple के पूर्व चीफ डिजाइन ऑफिसर जोनी आइव काम कर रहे हैं, जिनका मकसद OpenAI को आपके iPhone की जगह लेने के लिए तैयार करना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डिवाइस एक छोटा गैजेट होगा, जो कि शक्तिशाली एआई से लैस होगा। यह डिवाइस बिना किसी स्क्रीन के आएगा और बावजूद इसके हर जरूरत को पूरा कर सकेगा। चलिए OpenAI के इस अपकमिंग डिवाइस के बारे में जानते हैं। कहां तैयार हो रहा और कब आएगा? ताइवान की इकोनॉमिक डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI पहले इस डिवाइस को चीन की Luxshare कंपनी से बनवाने की सोच रही थी लेकिन अमेरिका में चीन की सप्लाई चेन को लेकर चिंताओं के कारण अब OpenAI ने इसके लिए Foxconn को चुना है। यह डिवाइस या तो वियतनाम में बनेगा या अमेरिका में, और 2026-27 के दौरान लॉन्च हो सकता है। गौर करने वाली बात है कि Foxconn पहले से ही OpenAI का मुख्य मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर है और AI डेटा सेंटर्स को डिजाइन करने से लेकर उन्हें तैयार करने तक का काम संभालता है। ऐसे में नए कंज्यूमर डिवाइस के लिए भी Foxconn को चुनना समझदारी भरा फैसला लगता है। Gumdrop नाम का यह पेन क्या-क्या कर सकेगा? इस डिवाइस का इंटरनल कोडनेम "Gumdrop" है और यह एक स्मार्ट पेन की तरह काम करेगा। इसका साइज iPod Shuffle जितना होगा लेकिन इसमें कोई डेडिकेटेड स्क्रीन नहीं होगी। यह डिवाइस कैमरा और माइक्रोफोन जैसे सेंसर्स की मदद से अपने आसपास की चीजों को समझ सकेगा। सबसे खास बात यह है कि यह OpenAI के AI मॉडल्स को खुद अपने अंदर चला सकेगा, और जब ज्यादा पावर चाहिए होगी तो क्लाउड से मदद ले लेगा। यह आपके हाथ से लिखे नोट्स को टेक्स्ट में बदलकर तुरंत ChatGPT में अपलोड कर देगा। यानी आप जो पेन से लिखेंगे, वे डिजिटल हो जाएगा। बिना स्क्रीन लेगा iPhone की जगह? यह डिवाइस दूसरे डिवाइसेस से बात कर सकेगा, बिल्कुल वैसे जैसे आज हम अपने स्मार्टफोन से करते हैं। इसे वियरेबल की तरह नहीं बनाया जाएगा, लेकिन आप इसे जेब में रख या गले में पहन पाएंगे। यह डिवाइस AI-आधारित प्रोडक्टिविटी का इस्तेमाल करके iPhone को रिप्लेस करने की कोशिश करेगा। OpenAI का मानना है कि भविष्य में लोगों को बड़ी स्क्रीन की जरूरत नहीं होगी, बल्कि एक छोटा, स्मार्ट और तेज डिवाइस काफी होगा जो AI की ताकत से सब कुछ कर दे। यह पेन जैसा गैजेट उस सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भर्ती अपडेट: SI, सूबेदार व प्लाटून कमांडर पदों के लिए दस्तावेज सत्यापन–फिजिकल टेस्ट की तारीख तय

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने गृह पुलिस विभाग के अंतर्गत सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग और प्लाटून कमांडर पदों पर भर्ती परीक्षा–2024 की चयन प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण (PMT) की तिथियों की घोषणा की है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रक्रिया 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, रायपुर एवं राजनांदगांव में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर होगी। अभ्यर्थियों को उनके प्रवेश पत्र में दर्शाए गए केंद्र पर निर्धारित तिथि को उपस्थित होना अनिवार्य होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग समय सुबह 7 बजे निर्धारित किया गया है, जबकि शारीरिक माप परीक्षण सुबह 8 बजे से शुरु किया जाएगा। निर्धारित समय के बाद उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षण में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया के लिए प्रवेश पत्र 26 दिसंबर 2025 को जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, परीक्षा और चयन प्रक्रिया से संबंधित अन्य आवश्यक निर्देश भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों को सूचित किया है कि प्रवेश पत्र डाक या किसी अन्य माध्यम से व्यक्तिगत रूप से नहीं भेजे जाएंगे। इसलिए सभी अभ्यर्थी समय रहते वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ निर्धारित तिथि व केंद्र पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर ही दस्तावेज़ सत्यापन एवं शारीरिक माप परीक्षण में सम्मिलित हों, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

कोहरे की चादर में लिपटा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, शीतलहर ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देर रात से छाए घने कोहरे और शीतलहर ने ठंड के असर को और तीव्र कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके चलते लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की अधिक आवश्यकता महसूस हो रही है। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और यातायात प्रभावित हुआ है। दृश्यता की कमी के कारण हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चला रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों और सुबह टहलने निकलने वाले लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कोहरे और ठंड के बने रहने की संभावना जताई है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।

हरियाणा को मिलेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन: जींद से सोनीपत का सफर 2 सप्ताह में शुरू

चंडीगढ़ देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का किराया तय हो गया है। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 2 सप्ताह बाद चलेगी। जींद जंक्शन से दो स्टेशनों का सफर जहां मात्र 5 रुपए में होगा, वहीं इसका सोनीपत तक का एकतरफ का किराया 25 रुपए लगेगा। बताया जा रहा है कि ट्रेन से सोनीपत जाने में 2 घंटे से ज्यादा समय लगता है, वहीं हाइड्रोजन ट्रेन मात्र एक घंटे में ही ये सफर तय करेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन 26 जनवरी से पहले करने की तैयारी है। रेलवे फिलहाल 20 व 21 जनवरी को इस ट्रेन को चलाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि इसके संचालन डेट फाइनल नहीं हुई है। जानें इस ट्रेन के फायदे यह हाइड्रोजन ट्रेन 'मेक इन इंडिया' का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है। यह ट्रेन एक साथ 2500 यात्रियों को ले जा सकती है। यह 2400 किलोवाट वाली दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इसकी अधिकतम गति 140 किमी प्रति घंटा है। 360 किलो हाइड्रोजन में यह 180 किमी का सफर तय करेगी। जहाँ डीजल ट्रेन 1 किमी के लिए 4.5 लीटर ईंधन लेती है, वहीं यह मात्र 2 किलो हाइड्रोजन में उतनी ही दूरी तय करेगी।