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नाइट क्लब बना रणक्षेत्र: रीवा में कर्मचारी पर खुलेआम गोलियों की बौछार

रीवा रीवा शहर शहर के बीचों-बीच स्थित एक नाइट क्लब में सरेआम गोलियां बरसाई गईं। इस पूरी वारदात का रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी बेखौफ होकर फायरिंग करता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत पडरा मोहल्ला स्थित 'नाइट क्लब बीयर बार' की है। बीती की रात करीब 12 बजे जब शहर सो रहा था, तब इस नाइट क्लब में गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के मालिक एलवी सिंह ने नशे की हालत में बार के एक कर्मचारी जमुना सिंह बघेल पर जानलेवा हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक आरोपी एलवी सिंह ने कर्मचारी पर एक के बाद एक तीन राउंड फायर किए। इनमें से दो गोलियां जमुना सिंह के पेट में जा धंसीं और शरीर को चीरते हुए बाहर निकल गईं। गंभीर रूप से घायल कर्मचारी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।   वीडियो में गोली चलाता दिखा आरोपी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी किस तरह बिना किसी डर के दनादन गोलियां चला रहा है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सीएसपी राजीव पाठक, सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा और गुढ़ थाना प्रभारी शैल यादव की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई शहर के अलग-अलग इलाके में दविश दी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। पुलिस आरोपी से कर रही है पूछताछ आरोपी के परिजनों ने पुलिस टीम का कड़ा विरोध किया और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कड़ी घेराबंदी कर मुख्य आरोपी एलवी सिंह को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने परिजनों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी जब्त कर ली है। सिविल लाइन थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि विवाद के असली कारणों का पता लगाया जा सके। प्राथमिक तौर पर यह मामला नशे में धुत होकर किए गए विवाद का लग रहा है। इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था और नाइट क्लबों में सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज को मुख्य सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश में सनसनी: चलती बाइक बनी बम, विस्फोट में युवक की दर्दनाक मौत

सीहोर  मध्य प्रदेश के सीहोर में चलती बाइक में दमाका हो गया है। धमाका इतना भयानक था कि बाइक पर मौजूद शख्स के पैरों के चीथड़े उड़ गए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक शख्स बाइक पर विस्फोटक लेकर जा रहा था। हादसे में बाइक भी पूरी जलकर खाक हो गई है। घटना रविवार सुबह को इछावर आष्टा रोड पर रामनगर गांव के पास हुई है। जानकारी के अनुसार बाइक सवार भारी मात्रा में विस्फोट सामग्री ले जा रहा था इसके कारण यह हादसा हुआ। इछावर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक बाइक चालक की पहचान नहीं हो पाई पुलिस उसकी जांच कर रही है

ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर सियासी घमासान, बृजभूषण सिंह बोले—और लोगों को बुलाने में क्या दिक्कत?

भोपाल अपने बेबाक बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक को सही ठहराया है। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि अगली बार जब ऐसी बैठक हो तो उसमें शामिल होने वालों की संख्या बढ़े। बृजभूषण ने न केवल इस बैठक को सही ठहराया, बल्कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नाराजगी और चेतावनी को भी गलत करार दिया। ब्राह्मण विधायकों की इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। उन्होंने कहा, "अच्छा होता कि इस बैठक में कुछ और लोग भी शामिल होते। इस बैठक में न तो भाजपा के खिलाफ कुछ बोला गया और न ही मुख्यमंत्री के खिलाफ। जब कोई विरोध ही नहीं हुआ, तो इसमें दिक्कत कहां है? मुझे तो इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती।" भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा विधायकों को दी गई चेतावनी पर बृजभूषण ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की आधिकारिक चेतावनी नहीं है, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष के व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "प्रदेश अध्यक्ष ने क्यों चेतावनी दी? यह उनकी अपनी सोच हो सकती है। अगर विधायकों ने पार्टी विरोधी कोई वक्तव्य दिया होता, तब मैं समझता कि यह सही है या गलत। लेकिन अपनी जाति या समाज के लिए साथ बैठना कोई अपराध नहीं है।" बृजभूषण शरण सिंह ने राजनीतिक दलों द्वारा आयोजित किए जाने वाले जातिगत सम्मेलनों का उदाहण दिया। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक पार्टियां खुद जातिवार कार्यक्रम और सम्मेलन आयोजित करती हैं, तो उसे गुनाह नहीं माना जाता। फिर अगर ब्राह्मण या राजपूत विधायक एक साथ बैठ गए, तो इसे लेकर इतना हंगामा क्यों है? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "मैं इस बैठक का स्वागत करता हूं, मुझे यह पसंद है। अगर किसी को यह बुरा लगा है, तो मुझे नोटिस दिलाइए। जिस दिन जाति आधारित सम्मेलन बंद हो जाएंगे, उस दिन ऐसी बैठकें भी अपने आप बंद हो जाएंगी।" क्या है पूरा विवाद? गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के कुछ ब्राह्मण विधायकों ने एक अनौपचारिक बैठक की थी, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। इसे पार्टी के भीतर एक गुटबाजी के तौर पर देखा जा रहा था, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नाराजगी जाहिर करते हुए अनुशासन बनाए रखने की चेतावनी दी थी। अब बृजभूषण शरण सिंह के इस समर्थन ने पार्टी के भीतर के मतभेदों को सतह पर ला दिया है।

हाईकोर्ट का मानवीय आदेश: नाबालिग रेप पीड़िता की डिलीवरी को मंजूरी, इलाज का खर्च सरकार देगी

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 16 साल की रेप पीड़िता गर्भवती को बच्चे को जन्म देने की इजाजत दी है। यही नहीं कोर्ट ने राज्य सरकार को डिलीवरी का खर्च वहन करने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि पीड़िता ने आरोपी से शादी की है ऐसे में बिना उसकी सहमति के गर्भपात की अनुमति नहीं दी जा सकती। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकारी डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेगी। कोर्ट ने बच्चे की डिलीवरी भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल में एक्सपर्ट मेडिकल टीम की देखरेख में करवाने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी 11 दिसंबर के आदेश की एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई। इस मामले में एक जिला अदालत ने हाई कोर्ट को नाबालिग रेप पीड़िता के गर्भपात के बारे में लिखा था। हाई कोर्ट ने इसके बाद एक मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता की उम्र 16 साल है और उसके पेट में पल रहा बच्चा 29 हफ्ते और 1 दिन का है। मेडिकल बोर्ड ने ये भी बताया कि पीड़िता से गर्भपात करवाने और न करवाने के बारे में भी पूछा गया और उसने बच्चे को जन्म देने का फैसला लिया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकारी डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेगी। माता-पिता ने छोड़ा साथ बाल कल्याण समिति (CWC) की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने कहा है कि उसने बच्चे के पिता (आरोपी) से शादी की है और वे बच्चे को जन्म देना चाहती है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि लड़की ने अपनी मर्जी से शादी की है और उसके पेरेंट्स बेटी को अपने साथ नहीं रखना चाहते। पेरेंट्स का कहना है कि उनका अपनी बेटी से अब कोई रिश्ता नहीं। बिना सहमति गर्भपात नहीं सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद कोर्ट ने ये सुनिश्चित किया कि पीड़िता की सहमति के बिना गर्भपात नहीं करवाया जा सकता। साथ ही कोर्ट ने बाल कल्याण समिति को निर्देश दिए कि जब तक लड़की 18 साल की नहीं हो जाती तब उसका ख्याल रखना होगा और साथ ही उसके बच्चे की सुरक्षा का भी ख्याल रखना होगा।  

मौतों का अड्डा बनता वाटर प्लांट! दिल्ली में 4 साल में सबसे ज्यादा शव, एक साल में 35 मामले

नई दिल्ली देश की राधानी दिल्ली में एक ऐसा वाटर प्लांट है जो लाशें उगलता है। पढ़ने में आपको अजीब लगे लेकिन यह सच है। इस साल कुल 35 शव इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकाले जा चुके हैं। हाल ही में एक 18 साल के युवक की हत्या कर शव फेंके जाने के मामले में दो किशोरों की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। हैदरपुर जल शोधन संयंत्र (WTP) में शवों की बरामदगीकई सवाल खड़े कर रही है। चार सालों में सबसे अधिक संख्या दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस साल अब तक इस प्लांट से कुल 35 शव बरामद किए जा चुके हैं। यह पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक संख्या है। पुलिस ने बताया कि हर महीने औसतन दो से तीन शव यहां से मिलते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शव अक्सर मुनक नहर के जरिए हैदरपुर पहुंचते हैं। यह नहर हरियाणा से दिल्ली में कच्चा पानी लाती है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पहुंचने से पहले इस नहर के ज्यादातर हिस्सों में कोई जाली नहीं लगी है। इस कारण हरियाणा और दिल्ली के कई हिस्सों से बहकर आने वाले शव अक्सर हैदरपुर प्लांट में आकर फिल्टर सिस्टम में फंस जाते हैं। शवों की पहचान और सुरक्षा के उपाय मुनक नहर 102 किलोमीटर लंबी एक जलवाहिनी है। यह हरियाणा के करनाल से यमुना का पानी लेकर चलती है, खुबरू और मंडोरा बैराज से होते हुए दक्षिण की ओर बढ़ती है और अंत में हैदरपुर प्लांट (WTP) पर जाकर खत्म होती है। : पुलिस ने बताया कि हरियाणा से शवों को बहकर हैदरपुर पहुंचने में कई दिन लग जाते हैं। इस कारण लगभग सभी शव इतनी बुरी तरह सड़ जाते हैं कि उनकी पहचान करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसी वजह से ज्यादातर शव लावारिस ही रह जाते हैं। हमारे सहयोगी हिन्दुस्तान टाइम्स (HT) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मिले 35 शवों में से 20 की पहचान हो पाई है, जबकि 15 की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने कहा कि इन मौतों के पीछे प्राकृतिक कारण, डूबना, आत्महत्या और हत्या जैसे अलग-अलग मामले शामिल हैं। सुरक्षा के लिए नए कदम पुलिस ने रविवार को बताया कि उन्होंने हैदरपुर प्लांट के अधिकारियों से निगरानी बढ़ाने और अतिरिक्त गार्ड तैनात करने को कहा है। पुलिस का कहना है कि उनका काफी समय और कर्मचारी नियमित रूप से शवों को बाहर निकालने, उनकी पहचान करने और मौत के कारणों की जांच करने में ही लगे रहते हैं। हाल के कुछ मामले दोस्ती में हत्या: सबसे हालिया मामला पिछले बुधवार को सामने आया, जब दो युवकों को अपने ही एक किशोर दोस्त की हत्या के आरोप में पकड़ा गया। हत्या का कारण यह था कि वह दोस्त आरोपियों में से एक की चचेरी बहन से बात करता था। 22 नवंबर को पुलिस को हैदरपुर प्लांट के पास मुनक नहर में एक लाश तैरती हुई मिली। जब शव को बाहर निकाला गया, तो मृतक के हाथ-पैर जूतों के फीतों से बंधे थे, गले में रूमाल लिपटा हुआ था और सिर पर किसी नुकीले हथियार के तीन गहरे घाव थे। पुलिस ने इस मामले में 23 वर्षीय आशीष और 23 वर्षीय विशाल को इस सप्ताह गिरफ्तार कर लिया है। दिसंबर के पहले हफ्ते में पुलिस को एक और शव मिला था। जांच में पता चला कि मृतक एक बेघर व्यक्ति था जिसकी मौत किसी बीमारी के कारण हुई थी। हालांकि, पुलिस अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चित है कि वह मुनक नहर तक कैसे पहुंचा। पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, साल 2022 से 2024 के बीच जल शोधन संयंत्र (WTP) के पास कम से कम 79 मानव शव मिले हैं। इलाके के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि के.एन. काटजू मार्ग पुलिस स्टेशन के कर्मियों के लिए तीन सबसे बड़ी चुनौतियां हैं: ➤यह पता लगाना कि किन परिस्थितियों में शव प्लांट तक पहुंचे। ➤शवों की पहचान करना। ➤लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना। रोहिणी के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजीव रंजन ने बताया कि शवों को समय पर बाहर निकालने, उनकी पहचान करने और संबंधित मामले दर्ज करने के लिए विशेष स्टाफ तैनात किया गया है। उन्होंने पुष्टि की, "हमारे पास अब तक 35 शवों का डेटा है।" पुलिस ने हरियाणा के अधिकारियों को पत्र लिखकर नहर में जालियां (nets) या फिल्ट्रेशन यूनिट लगाने का अनुरोध किया है ताकि वहां से बहकर आने वाले शव हैदरपुर तक न पहुँचें। वर्तमान में, हैदरपुर प्लांट में तीन परतों वाली जालियां (filtration nets) लगी हैं ताकि कच्चे पानी के मशीनों तक पहुँचने से पहले ही इन सभी चीजों को बाहर निकाला जा सके।  

डिजिटल अपराध से निपटने की तैयारी, छत्तीसगढ़ के 9 नए जिलों में Cyber थाने शुरू होंगे

रायपुर मार्च 24 और मार्च 25 के स्टेट बजट में घोषित 9 जिलों में सायबर थाने (Cyber Police Station) खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी कर दी गई है. पीएचक्यू ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. उम्मीद है कि जनवरी में ये थाने शुरू कर दिए जाएंगे. वर्तमान में राज्य में पांच रेंज स्तरीय सायबर थाने काम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि जिलों में सायबर थाने खुलने से रेंज थानों पर भी केस का दबाव कम होगा. चूंकि रेंज सायबर थाने सीमित साधनों के साथ संचालित हो रहे हैं, ऐसे में जिलों के सायबर थानों को पर्याप्त विवेचक, स्टाफ और तकनीकी सुविधाओं के साथ खोले जाने की जरूरत है. रायपुर रेंज में हो जाएंगे चार सायबर थाने पहले बजट मार्च 2024 में पांच जिलों और दूसरे बजट मार्च 2025 में 4 जिलों में सायबर थाने मंजूर किए गए थे. सभी 9 थानों को खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी की गई है. ये सायबर थाने बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर चाम्पा और जशपुर में खोले जाने हैं. रायपुर रेंज में जल्द ही चार सायबर थाने हो जाएंगे. वर्तमान में रेंज स्तरीय थाना रायपुर में है. जबकि बलौदाबाजार, धमतरी महासमुंद में जिला सायबर थाने खोले जाने हैं. वर्तमान में पांचों संभागों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर में रेंज सायबर थाने काम कर रहे हैं. अभी रेंज सायबर थानों के लिए भी पद मंजूर नहीं हैं इसलिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अपने अधीनस्थ जिलों से डीएसपी, निरीक्षक समेत अन्य स्टाफ की पदस्थापना करके सायबर अपराधों की विवेचना और कार्रवाई करवा रहे हैं. फिर भी नियमित मंजूर स्टाफ नहीं होने से कई तरह की तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं. 2026 के बजट में फंड की उम्मीद इसलिए हाल ही में संपन्न डीजीपी आईजीपी कॉन्फ्रेंस में सायबर क्राइम पर भी खासतौर पर चर्चा हुई थी. PM, यूएचएम समेत 9 से ज्यादा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे. देश भर में सायबर ठगों से निपटने के लिए पुलिस के पास मौजूद संसाधन नाकाफी माने गए. दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में दो साल में बजट में घोषित 9 सायबर थानों का संचालन शुरू नहीं होने से भी किरकिरी हुई है. यही वजह है कि कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद अधिसूचना जारी की गई. मार्च 2026 के स्टेट बजट में सायबर थानों के लिए पृथक से फंड मिलने की उम्मीद भी अधिसूचना जारी करने की एक वजह है. राज्य में 39 हजार सिम और सेलफोन ब्लॉक, 1116 गिरफ्तार तारांकित प्रश्न पर विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य में 2782 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी व जिला लोक अभियोजन अधिकारियों को सायबर, महिला व बाल अपराधों की विवेचना पर कार्रवाई हेतु प्रशिक्षण दिया गया है. अब तक फर्जी सिम विक्रेताओं पर 103 प्रकरणों में 159 लोगों एवं म्यूल एकाउंट पर 253 प्रकरणों में 863 लोगों कुल 1116 पर कार्रवाई की गई है. सायबर फ्रॉड में शामिल 28946 मोबाइल नंबर व 10409 आईएमईआई नंबर को अवरुद्ध कराया गया है. सायबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1030 के माध्यम से 82.5 करोड़ रुपए सायबर अपराधियों के हाथों में पहुंचने से पहले होल्ड कराए गए हैं.

नशा मुक्त पंजाब की ओर मजबूत कदम, मादक पदार्थों पर निर्णायक जीत का भरोसा : सीएम भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने राज्य में गहराई तक जड़े जमा चुके मादक पदार्थों और संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि पंजाब निर्णायक रूप से स्थिति को पलट रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में 85,418 मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस) अधिनियम के तहत अभूतपूर्व 88 प्रतिशत दोषसिद्धि दर और 1 जनवरी, 2025 से 916 गैंगस्टरों की गिरफ्तारी की गई है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि निरंतर प्रवर्तन, कड़ी जांच और शून्य राजनीतिक हस्तक्षेप जमीनी स्तर पर परिणाम दे रहे हैं, जो एक स्पष्ट जीत का संकेत है।  पंजाब में मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ चल रही लंबी लड़ाई में बयानबाजी से हटकर परिणामों की ओर रुख करें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को हुई बैठक में कहा कि उनकी सरकार आने के बाद से मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ 63,053 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2025 में नशा के खिलाफ अभियान शुरू होने के बाद से 30,144 एफआईआर दर्ज की गई हैं और पुलिस ने 40,302 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस तरह का पहला अभियान 1 मार्च 2025 को शुरू किया गया था और मादक पदार्थों पर काफी हद तक लगाम लगाने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों से निपटने के लिए प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम के तीन सिद्धांतों पर आधारित एक बहुआयामी रणनीति तैयार की गई थी, जिसके परिणाम बेहद फलदायी रहे हैं। इस अभियान के तहत मादक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की गई और तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। इसी तरह, पिछले साढ़े तीन वर्षों में 5119.94 किलोग्राम हेरोइन, 3,458.53 किलोग्राम अफीम, 5.82 किलोग्राम कोकीन, 82.04 किलोग्राम आइस और 4.98 करोड़ कैप्सूल के साथ-साथ 52.46 करोड़ रुपए की मादक पदार्थों की रकम बरामद की गई है। सीएम मान ने कहा कि राज्य ने 2022 से ही मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और प्रवर्तन, वित्तीय व्यवधान, प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग, दोषसिद्धि सुनिश्चित करना, जनभागीदारी और मानवीय पुनर्वास को मिलाकर एक व्यापक, सतत और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) इस रणनीति को लागू करने में अग्रणी रही है। उन्होंने कहा कि 'सेफ पंजाब' व्हाट्सएप चैटबॉट एक प्रमुख नागरिक भागीदारी पहल के रूप में उभरा है, जिससे लगभग 30,000 उपयोगी सूचनाएं, 11,000 से अधिक एफआईआर और लगभग 14,000 गिरफ्तारियां हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने ड्रोन आधारित नशीले पदार्थों की तस्करी का मुकाबला करने की अपनी क्षमता को बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में सैकड़ों ड्रोन बरामद किए गए हैं और 2025 के दौरान अवरोधन में तीव्र वृद्धि हुई है। गुंडों के खिलाफ की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए सीएम मान ने कहा कि 1 जनवरी से लेकर 17 दिसंबर तक पंजाब पुलिस ने 916 गुंडों को गिरफ्तार किया है, 13 को मार गिराया है, 389 मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 594 हथियार बरामद किए हैं, साथ ही 229 हथियार भी जब्त किए हैं।

हरियाणा में नए साल पर मौसम का यू-टर्न! बारिश के आसार, IMD ने शीतलहर को लेकर किया अलर्ट

हरियाणा  हरियाणा के लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं। इन दिनों लोगों को सूखी ठंड का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन मौसम बदलने लगा है। 30 दिसंबर को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से नए साल की शुरुआत बूंदाबांदी के साथ हो सकती है। इससे ठंड और ज्यादा बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने हरियाणा में शीतलहर और कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।  वातावरण में नमी बढ़ने के कारण सुबह के समय कोहरा देखने को मिल रहा है। इस दौरान रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी और दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही है। फिलहाल एक कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके असर से शुक्रवार को हल्की बादलवाही और कोहरा छाया रहा। इस दौरान नारनौल प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 30 दिसंबर को एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना जताई जा रही है, जिसके प्रभाव से सूबे के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। जिससे नए साल में ठंड और ज्यादा बढ़ जाएगी। 

RLM में टूट के आसार? उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा झटका दे सकते हैं तीन विधायक

पटना बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सबसे छोटे घटक राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में अंतर्कलह के संकेत मिल रहे हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि चार विधायकों में से एक को छोड़कर शेष सभी ने पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से दूरी बना ली है। उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा? पार्टी के एक नेता ने बताया कि दल में असंतोष इस सप्ताह की शुरुआत में उस समय खुलकर सामने आया, जब कुशवाहा द्वारा आयोजित ‘लिट्टी पार्टी' में उनकी पत्नी और सासाराम से विधायक स्नेहलता को छोड़कर कोई भी विधायक शामिल नहीं हुआ। इसी दिन रालोमो के विधायक माधव आनंद, आलोक कुमार सिंह और रामेश्वर महतो ने शहर के दौरे पर आए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से ‘शिष्टाचार मुलाकात' की। इस मुलाकात के बाद मीडिया के एक वर्ग में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि कुशवाहा की पार्टी में विद्रोह हो सकता है। उल्लेखनीय है कि राज्य विधानमंडल का सदस्य न होने के बावजूद कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। जब पत्रकारों ने हालिया घटनाक्रम को लेकर उपेंद्र कुशवाहा से सवाल किए तो उन्होंने झुंझलाते हुए कहा, “लगता है आपके पास पूछने के लिए कोई ढंग का सवाल नहीं है।” रालोमो के विधानसभा में नेता तथा पार्टी के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा, “फिलहाल हम पूरी तरह पार्टी में हैं। कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें सुलझा लिया जाएगा।” 'पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष' हालांकि, कुशवाहा के एक करीबी सहयोगी ने कहा, “हमारे नेता को यह समझना चाहिए कि उन्होंने अपने बेटे को मंत्रिमंडल में भेजकर बड़ी भूल की है, जो अभी राजनीति में नौसिखिया है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया है और भाजपा तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) जैसे सहयोगियों के बीच भी गलत संदेश गया है।” उन्होंने कहा, “हर बार संकट से बच निकलने वाले कुशवाहा एक के बाद एक आत्मघाती फैसले लेने के बावजूद राजनीतिक रूप से जीवित रहे हैं। इस प्रक्रिया में उन्होंने अविश्वसनीय होने की छवि बना ली है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हकीकत स्वीकार करने के बजाय वह खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।” यह टिप्पणी रालोमो प्रमुख के सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया बयानों की ओर इशारा करती है, जिनमें उन्होंने अपने बेटे को समर्थन देने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था, “अतीत में मैंने जिन लोगों को सांसद और विधायक बनाने में मदद की, उन्हीं ने मुझे धोखा दिया। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए मुझे जो जरूरी लगा, वह करना पड़ा।” उल्लेखनीय है कि कुशवाहा पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव में काराकाट सीट से राजग उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वह भाजपा के समर्थन से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। भाजपा उन्हें एक बड़े अन्य पिछड़ा वर्ग समूह कोइरी समुदाय में समर्थन बढ़ाने के उद्देश्य से आगे बढ़ाती रही है।

शीतलहर से कांपा बिहार, मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया

पटना बिहार में ठंड का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। शीतलहर के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक घने कोहरे को लेकर Orange Alert जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे जनजीवन और यातायात पर असर पड़ने की आशंका है। 10 डिग्री से नीचे लुढ़का पारा, औरंगाबाद-सबौर सबसे ठंडा IMD Bihar के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। Aurangabad और Bhagalpur ke Sabour बिहार के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 7.4°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा तापमान का हाल इस प्रकार रहा—     Gaya: 7.6°C     Bhagalpur & Sheikhpura: 8.9°C     Valmiki Nagar (West Champaran) & Dehri: 9.0°C     Jehanabad: 9.3°C     Saharsa: 9.5°C लगातार गिरते तापमान ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है।  इन जिलों में घना कोहरा हो की  चेतवानी मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राज्य के कई जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की संभावना है। IMD ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट फॉर डेनसे फोग Orange Alert for Dense Fog जारी किया है, वे हैं—पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है। IMD Patna के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दृश्यता काफी घट गई थी। Low Visibility के चलते सड़क दुर्घटनाओं, ट्रेन लेट होने और फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित होने की संभावना रहती है। लोगों को खासतौर पर सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे तक सतर्क रहने को कहा है। IMD ने जारी की चेतावनी मौसम विभाग ने शनिवार के लिए कोल्ड डे भी जारी किया है। ऐसे में दिन के समय भी ठंड का असर बना रह सकता है और धूप बेहद कमजोर रहने की संभावना है। 28 दिसंबर को मौसम का पूर्वानुमान आने वाले कल (28 दिसंबर 2025) को बिहार के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में घने से अत्यधिक घने कोहरे की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। इसके अलावा, कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है, जहां दिन में भी धूप कमजोर रहेगी और ठंडक बरकरार रहेगी।  जानिए कोल्ड डे का मतलब जब किसी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शीतलहर की श्रेणी में पहुंच जाए और साथ ही अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चला जाए, तो उसे कोल्ड डे कहा जाता है। इस स्थिति में पूरे दिन ठंड बनी रहती है और सूरज की गर्माहट का असर बहुत कम होता है।