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कार्बाइन फायरिंग में चौंकाने वाला प्रदर्शन: 40 दारोगाओं में से केवल 14 ही साध सके सटीक निशाना

कानपुर  कानपुर पुलिस लाइन में शनिवार को आयोजित हथियार अभ्यास के दौरान कई दारोगा की कार्यकुशलता पर सवाल खड़े हो गए। अभ्यास के दौरान 40 दारोगा में से आधे से अधिक दारोगा कार्बाइन के पुर्जे सही तरीके से असेंबल नहीं कर पाए, जबकि कुछ को इसमें काफी समय लग गया। वहीं फायरिंग रेंज में भी अधिकांश दारोगा का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। 22 दारोगा अपनी पिस्टल लेकर पहुंचे पुलिस लाइन में नियमित रूप से इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों को पिस्टल और कार्बाइन से निशानेबाजी का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी क्रम में शनिवार को कोतवाली, रेलबाजार, फीलखाना, कैंट, गुजैनी, ग्वालटोली, नवाबगंज, काकादेव, बर्रा समेत अन्य थानों से कुल 40 दारोगा को अभ्यास के लिए बुलाया गया था। इनमें कई चौकी इंचार्ज भी शामिल थे। अभ्यास के दौरान 22 दारोगा अपनी पिस्टल लेकर पहुंचे।   14 दारोगा ही सटीक निशाना लगा सके सबसे पहले फायरिंग रेंज में निशानेबाजी का अभ्यास कराया गया। इसमें केवल 14 दारोगा ही लक्ष्य के निर्धारित गोले के भीतर सटीक निशाना लगा सके, जबकि शेष दारोगाओं की गोलियां गोले के आसपास ही लगती रहीं। इसके बाद पिस्टल और कार्बाइन के पुर्जों को खोलने और दोबारा असेंबल करने का अभ्यास कराया गया। इस दौरान कई दारोगाओं की पिस्टल गंदी पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे अपने हथियारों की नियमित साफ-सफाई और अभ्यास नहीं करते हैं।   कार्बाइन असेंबलिंग में भी स्थिति चिंताजनक रही कार्बाइन असेंबलिंग में भी स्थिति चिंताजनक रही, क्योंकि 40 में से आधे से भी कम दारोगा इसे सही ढंग से पूरा कर सके। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को इसका प्रशिक्षण पहले से दिया जाता है, लेकिन नियमित अभ्यास न होने के कारण वे अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने सभी को भविष्य में नियमित अभ्यास करने की सख्त चेतावनी दी और पुलिस लाइन में दोबारा अभ्यास भी कराया गया। 

‘प्रोजेक्ट संकल्प’: शैक्षणिक अध्ययन के साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर जोर

रायपुर, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रदेश में प्रारंभ किए गए ‘प्रोजेक्ट संकल्प‘ के माध्यम से आश्रम छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे बच्चों का  भविष्य संवर रहा है। विभाग की इस नई पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के  लिए शैक्षणिक के साथ नैतिक, सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है।     आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैै। छोटा बीज बड़े वृक्ष का बनता है आधार     प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि जिस प्रकार छोटा बीज बड़े वृक्ष का आधार बनता है उसी प्रकार एक छोटी  सकारात्मक पहल समाज में क्रांति ला सकती है। यदि विद्यार्थी को प्रारंभ से ही उच्च आदर्शों पर आधारित शिक्षा प्राप्त होगी तो वह आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र में अपना सकारात्मक योगदान देने में सक्षम होगा। प्रोजेक्ट संकल्प’’ इसी कड़ी में ‘‘ एक महत्वपूर्ण प्रयास है।     प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें हैदराबाद के सुप्रसिद्ध प्रेरक वक्ता श्री नंद जी द्वारा निस्वार्थ भाव से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।     प्रशिक्षण सत्र के दौरान नंदा जी ने छात्रावास अधीक्षकों को छात्रावास-आश्रमों में सकारात्मक सोच विकसित करने के सामान्य, परंतु प्रभावी तरीके बताएं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन में रखने, उनमें अच्छी आदतें विकसित करने, अपने कार्य पर पूर्ण फोकस करने, समय का महत्व समझने, अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित व्यायाम करने, स्वयं भी खुश रहने एवं अपने सहपाठियों को भी खुश रखने तथा सबके साथ अच्छे मधुर संबंध बनाने के गुर बताएं। छोटी सकारात्मक पहल बच्चों के जीवन में ला सकती है बड़ा परिवर्तन       प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि प्रोजेक्ट संकल्प के प्रथम चरण के अंतर्गत 16 से 18 अक्टूबर 2025 को रायपुर में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास के साथ एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। छात्रावास-आश्रमों से जुड़ी सामान्य एवं व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई एवं उनके सकारात्मक सरल एवं प्रभावी निदान नंद जी द्वारा बताए गए। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के मानसिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास को लेकर उपयोगी सुझाव साझा किए गए। इसी कड़ी में आज पोस्ट मैट्रिक छात्रावास-आश्रमों के अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर बोरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “एक छोटी-सी सकारात्मक पहल भी बच्चों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।’’        उल्लेखनीय है कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभाग द्वारा समय-समय पर अनेक प्रयास किए जाते रहे हैं। विभागीय मंत्री जी एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर छात्रावास-आश्रमों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है, ताकि बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। बच्चों में पैदा हुआ नया उत्साह एवं आत्मविश्वास        प्रोजेक्ट संकल्प के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों से अब छात्रावासों में रह रहे बच्चों में नया उत्साह एवं आत्मविश्वास पैदा हुआ है। अब वे आगे बढ़ते हुए न केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ हासिल कर रहे हैं, बल्कि जीवन के रंग और खुशियाँ भी सीख रहे हैं। शिक्षक एवं छात्रावास अधीक्षक बच्चों को सीखने-सिखाने की संस्कृति से जोड़ते हुए उन्हें समाज का जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।        आदिम जाति विकास विभाग का यह प्रयास विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। इस अभिनव पहल से शिक्षा को संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ जोड़ने से छात्रावास भी बच्चों के खुशहाल जीवन की मजबूत नींव बन रहा हैं।

लाखों परिवारों को मिला स्थायी सहारा, गांवों में मजबूत हुई आजीविका

महिला मेट्स को 111 करोड़ से अधिक का किया गया भुगतान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का चयन महिला मेट के रूप में किया जा रहा लखनऊ उत्तर प्रदेश में रोजगार गारंटी व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में अब तक 23 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में मिसाल कायम की गई है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी (मनरेगा) से महिलाओं की आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिली है। महिला नेतृत्व को मिला नया मंच ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक करीब 32 हजार महिला मेट्स को कार्य सौंपा गया है। महिला मेटों को 111 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। समयबद्ध और पारदर्शी भुगतान प्रणाली से महिलाओं का विश्वास सरकारी योजनाओं पर और मजबूत हुआ है। स्वयं सहायता समूहों की अहम भूमिका सरकार की रणनीति के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को महिला मेट के रूप में प्राथमिकता दी जा रही है। इससे रोजगार के साथ-साथ गांवों में महिला नेतृत्व और प्रबंधन क्षमता को भी नया आयाम मिला है। समय पर भुगतान से बढ़ा भरोसा वित्तीय वर्ष 2025–26 में 97 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों को समय से भुगतान किया गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि रोजगार गारंटी प्रणाली में पारदर्शिता और कार्यकुशलता लगातार मजबूत हो रही है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिल रहा है। गांवों में बने आय के नए स्रोत प्रदेश में ग्रामीण रोजगार गारंटी के अंतर्गत अब तक 6703 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिली है, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़े हैं और पलायन पर प्रभावी रोक लगी है। साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को विशेष प्राथमिकता देकर समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर कदम रोजगार गारंटी व्यवस्था के माध्यम से उत्तर प्रदेश के गांवों में आजीविका का स्थायी आधार तैयार हो रहा है। लाखों परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और प्रदेश में मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की स्पष्ट तस्वीर उभरकर सामने आ रही है।

पर्यटकों की भारी डिमांड: पचमढ़ी में सर्दियों से पहले होटल 60% तक फुल, सफारी किराए में बढ़ोतरी

नर्मदापुरम मध्य प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की संख्या एक बार फिर बढ़ने जा रही है। चार दिन बाद विंटर वेकेशन शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में सैलानी पचमढ़ी का रुख करेंगे। इसी के साथ 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक पचमढ़ी में पीक सीजन घोषित किया गया है। पर्यटकों को अब जिप्सी सफारी के लिए प्रति पर्यटन स्थल पुराने किराए से एक हजार रुपए अधिक चुकाने होंगे। यह बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक लागू रहेगा। वहीं होटलों के कमरों के किराए में भी 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।   12 से 14 दिन की एडवांस बुकिंग, होटल 60% तक फुल पचमढ़ी में अगले 12 से 14 दिनों के लिए एडवांस बुकिंग चल रही है। कई होटल पहले ही 60 प्रतिशत तक बुक हो चुके हैं। होटल संचालकों के अनुसार, इस समय होटलों में कमरे 2000 रुपए से शुरू हो रहे हैं और पीक सीजन के दौरान किराया बढ़ा रहेगा। पचमढ़ी में करीब 100 छोटे-बड़े होटल हैं, लेकिन भीड़ बढ़ने पर कमरों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रहती। टैक्सी किराए में बढ़ोतरी एक टैक्सी संचालक ने बताया कि पीक सीजन के दौरान जिस भी पर्यटन स्थल के लिए तय किराया है, उस पर एक हजार रुपए अतिरिक्त देना होगा। बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। नए साल के लिए 60% से ज्यादा बुकिंग नए साल के जश्न को लेकर पचमढ़ी में खासा उत्साह है। होटल और रिसॉर्ट्स में 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए 60 प्रतिशत से अधिक बुकिंग पहले ही हो चुकी है। शनिवार-रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक पचमढ़ी पहुंच रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस विभाग ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। पचमढ़ी की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पिपरिया एसडीओपी को सौंपी है। पचमढ़ी में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और जाम से निपटने के लिए विशेष पॉइंट चिन्हित किए जा रहे हैं। इस दौरान कैमरों से निगरानी की जाएगी। पचमढ़ी और पिपरिया थाना स्टाफ भी लगातार गश्त करेगा।   ये हैं पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल, जो लुभाते हैं पर्यटकों का दिल पांडव गुफाएं: मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया। कृतिक झरने: बी-फॉल, रजत प्रपात (करीब 350 फीट ऊंचा) और अप्सरा विहार। धूपगढ़: पचमढ़ी का सबसे ऊंचा बिंदु, जहां से सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है। धार्मिक स्थल: चौरागढ़ और जटाशंकर प्रमुख शिव मंदिर हैं, जहां महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ उमड़ती है।

अटल आवासीय विद्यालय बनेंगे फ्यूचर-रेडी लर्निंग हब

ड्रोन से लेकर स्पेस साइंस तक, यूपी के वंचित छात्रों को मिलेगा अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्रत्येक विद्यालय में कम्पोजिट स्किल/इनोवेशन लैब स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए खुलेगा टेक्नोलॉजी का नया द्वार दो महीने में पायलट प्रोजेक्ट के साथ 6 महीने में सभी विद्यालयों में इनोवेशन लैब की होगी स्थापना परियोजना के लिए आवश्यक फंड की हुई व्यवस्था, प्रमुख तकनीकी संस्थाओं और विशेषज्ञों का लिया जाएगा सहयोग लखनऊ उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय अब केवल आवासीय शिक्षा संस्थान नहीं रहेंगे, बल्कि आधुनिक तकनीकी शिक्षा और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के अनुरूप प्रदेश सरकार प्रत्येक अटल आवासीय विद्यालय में कम्पोजिट स्किल/इनोवेशन लैब स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।  इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य ग्रामीण, श्रमिक और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, स्पेस साइंस, 3डी प्रिंटिंग और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है। यह पहली बार होगा जब इन वर्गों के छात्र स्कूली स्तर पर अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। मिशन मोड में लागू होगी योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत इस परियोजना को मिशन मोड में लागू किया जाएगा। दो महीने में पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित विद्यालयों में इनोवेशन लैब की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी। छह महीने के भीतर सभी अटल आवासीय विद्यालयों में लैब पूरी तरह क्रियाशील हो जाएगी। उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की सचिव एवं अटल आवासीय विद्यालयों की महानिदेशक पूजा यादव ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन सुनिश्चित कर लिए गए हैं, जिससे कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। एक्सपर्ट संस्थानों और विशेषज्ञों से लिया जाएगा सहयोग लैब संचालन और प्रशिक्षण के लिए देश की प्रमुख तकनीकी संस्थाओं और विशेषज्ञ एजेंसियों का सहयोग लिया जाएगा। पहले चरण में चयनित शिक्षकों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा, जो आगे अन्य शिक्षकों और छात्रों को प्रशिक्षित करेंगे। इन इनोवेशन लैब के माध्यम से छात्रों में इनोवेशन, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स जैसी 21वीं सदी की आवश्यक क्षमताओं को विकसित किया जाएगा, जिससे वे भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। यूपी को बनाएंगे टेक्नोलॉजी-ड्रिवन एजुकेशन लीडर सरकार का विश्वास है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी ड्रिवन एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करेगी। अटल आवासीय विद्यालयों से निकलने वाले छात्र आने वाले समय में न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि तकनीकी रूप से भी प्रदेश और देश का नेतृत्व करने में सक्षम होंगे।

पारदर्शिता से बदली धान खरीदी की तस्वीर, किसान पिंकू कुजूर बोले– अब प्रक्रिया आसान और भरोसेमंद

अंबिकापुर, जिले में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी एवं किसान-हितैषी व्यवस्था का लाभ अब किसानों को मिल रहा है। टोकन प्रणाली, समयबद्ध खरीदी, त्वरित नमी परीक्षण तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के चलते धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सहज हो गई है। किसानों को अब धान बेचने के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत श्रीगढ़ निवासी किसान पिंकू केरकेट्टा ने बताया कि इस वर्ष उनकी धान की फसल अच्छी हुई है। उन्होंने कुल 59.60 क्विंटल धान का रकबा है, जिसे उन्होंने खैरबार धान उपार्जन केन्द्र में विक्रय किया है। किसान श्री केरकेट्टा ने बताया कि टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से व्यवस्थित रही और इसमें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि खैरबार उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, इसके बाद धान की नमी परीक्षण कर तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज रही, जिससे कम समय में धान की तौल और खरीदी पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि उन्हें धान विक्रय के दौरान किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं हुई। किसान केरकेट्टा ने बताया कि उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए बैठने एवं पीने के स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था है, उन्होंने कहा कि पहले धान बेचने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब सीमित समय में कार्य पूर्ण हो जाता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, जिससे किसानों को फसल का उचित दाम मिला है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। फसल विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग किसान केरकेट्टा रबी सीजन में गेहूं, सरसों एवं विभिन्न सब्जी फसलों की खेती में कर रहे हैं। इससे बहुफसली खेती को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों की आय के स्रोत भी बढ़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान और बेहतर व्यवस्था के कारण किसान अब अपनी आगे की खेती की योजना आसानी से बना पा रहे हैं। किसान  केरकेट्टा ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था किसानों के हित में है उन्होंने किसानों के लिए की गई धान खरीदी व्यवस्थाओं हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

PVNL CEO ने की CM हेमंत सोरेन से मुलाकात, राज्य के विकास मुद्दे रहे फोकस

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज यानी रविवार को पतरातू विद्युत निगम लिमिटेड (PVNL) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार सहगल, ह्यूमन रिसोर्स प्रमुख जेड रहमान, वरीय प्रबंधक पंकज कुमार सिंह एवं डीजीएम जे. महापात्र ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर सीईओ ने मुख्यमंत्री को बताया कि 5 नवंबर 2025 से पीवीएनएल के 800 मेगावाट की क्षमता वाली एक यूनिट से बिजली का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने इस यूनिट के चालू होने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा हर स्तर पर मिले सहयोग का परिणाम है कि इस यूनिट से बिजली का व्यवसायिक उत्पादन  तय समय पर शुरू हो सका है। इस यूनिट के चालू हो जाने से झारखंड अब बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो चुका है। ऊर्जा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में है सीईओ ने मुख्यमंत्री को पतरातु विद्युत निगम लिमिटेड का भ्रमण करने के लिए भी आमंत्रित किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में है। इस दिशा में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीवीवीएनएल से कहा कि वह युवाओं के कौशल विकास के लिए भी ठोस पहल करे।  

एसबीआई सर्कल वेलफेयर कमिटी का अंतर-सर्कल बैडमिंटन टूर्नामेंट भव्यता के साथ संपन्न, देशभर के खिलाड़ियों ने दिखाई खेल भावना

भोपाल भारतीय स्टेट बैंक सर्कल वेलफेयर कमिटी द्वारा आयोजित चार दिवसीय अंतर-सर्कल बैडमिंटन टूर्नामेंट का भव्य, अनुशासित एवं प्रेरणादायी समापन समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन में देशभर के विभिन्न सर्कलों से आए पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए प्रतियोगिता को यादगार बना दिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पोनमबलम मुरुगन, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), भारतीय स्टेट बैंक, मुंबई रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल गतिविधियाँ केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि वे अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को भी विकसित करती हैं, जो बैंकिंग जैसे सेवा क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के जोश, समर्पण और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन संगठन में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रभाष कुमार सुबुद्धि, मुख्य महाप्रबंधक, भोपाल सर्कल (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सर्कल वेलफेयर कमिटी की सराहना करते हुए कहा कि खेल आयोजन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आपसी समन्वय और संगठनात्मक एकता को भी मजबूत बनाते हैं। समारोह में बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिनमें कुंदन ज्योति (महाप्रबंधक-1), ओंकारनाथ चौधरी (महाप्रबंधक-2), शुभकांता कानूनगो (महाप्रबंधक-सीएओ), सर्कल विकास अधिकारी मनीष मठपाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सर्कल वेलफेयर कमिटी के सचिव अमित शर्मा ने आयोजन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि चार दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा देखने को मिली तथा सभी मुकाबले अत्यंत अनुशासित और खेल भावना से परिपूर्ण रहे। इस अवसर पर लेडीज़ क्लब की अध्यक्षा एवं उनकी टीम, अधिकारी संघ, यूनियन, सेवा संगठन तथा ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए पूरे आयोजन को उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। फाइनल मुकाबलों के परिणाम महिला युगल फाइनल मुंबई मेट्रो बनाम चेन्नई विजेता: मुंबई मेट्रो रीना सिंह, सिमरन सिंघी महिला एकल फाइनल दिल्ली बनाम पटना विजेता: पटना सर्कल मनीषा रानी तिर्की पुरुष युगल फाइनल मुंबई मेट्रो बनाम चेन्नई विजेता: मुंबई मेट्रो दीप रंभिया, विराज कुवाले पुरुष एकल फाइनल बैंगलोर बनाम दिल्ली विजेता: बैंगलोर  निथिन एच. वी. समापन समारोह के दौरान विजेता, उपविजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और टीमों को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी, पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, निर्णायकों एवं सहयोगी संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह चार दिवसीय अंतर-सर्कल बैडमिंटन टूर्नामेंट भारतीय स्टेट बैंक परिवार की एकता, स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक कार्य-संस्कृति का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा, जो आने वाले समय में ऐसे और आयोजनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

विकलांग नहीं, दिव्यांगजन कहकर करें संबोधन : मंत्री राजवाड़े

रायपुर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा का अभिन्न अंग हैं और उनके प्रति संवेदनशील सोच व सम्मानजनक भाषा का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। वे अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद (छत्तीसगढ़ प्रांत) के तत्वावधान में आशीर्वाद भवन, बैरन बाजार, रायपुर में आयोजित 16वें राज्य स्तरीय विवाह योग्य युवक–युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। मंत्री राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मेलन केवल परिचय का मंच नहीं, बल्कि दिव्यांग युवक–युवतियों को गरिमापूर्ण वैवाहिक जीवन की ओर अग्रसर करने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने जानकारी दी कि सम्मेलन में सहमति बनने वाले जोड़ों का सामूहिक विवाह 28 फरवरी 2026 एवं 01 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा।     उन्होंने बताया कि सम्मेलन की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि इसमें सामान्य युवक–युवतियाँ भी शामिल हुए, जो दिव्यांगजनों से विवाह के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे आए। यह सामाजिक समावेशन और समानता की दिशा में प्रेरक पहल है।     मंत्री राजवाड़े ने कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक अपील करते हुए कहा कि “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांगजन” शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मान और आत्मबल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “दिव्यांगजन” शब्द के प्रयोग का आग्रह किया है। शब्द हमारी सोच और संवेदना को दर्शाते हैं, इसलिए समाज को सम्मानजनक भाषा अपनानी चाहिए।     कार्यक्रम में विधायक माननीय पुरंदर मिश्रा, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. विनोद पाण्डेय, अग्रवाल समाज अध्यक्ष विजय अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक विरेंद्र पाण्डेय, राजेश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।     मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक समावेशन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखते हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में  सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि  विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा। इस अवसर पर जशपुर से विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है। कोरबा से विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है। जगदलपुर के अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। टिंकेश्वर तिवारी ने भी राजस्थानी खान-पान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन स्थलों पर प्रमुखता से बढ़ावा देने पर जोर दिया। स्टेट न्यूज़ सर्विस के युवा पत्रकार रजत अवस्थी ने राजस्थानी टोपी साफा से मुख्यमंत्री साय का सम्मान करते हुए पत्रकार भ्रमण योजना को प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक जितेंद्र नागेश सहित पत्रकारगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।