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दिल्ली-NCR के भविष्य की सुरक्षा: अखिलेश यादव ने अरावली संरक्षण पर दी लंबी पोस्ट

लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्लीवासियों को अरावली पहाड़ियों को बचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं बल्कि संकल्प होना चाहिए। एक्स पर लिखे गए एक लंबे संदेश में उन्होंने कहा कि बची रहे जो ‘अरावली’ तो दिल्ली रहे हरीभरी! उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं है बल्कि ये तो संकल्प होना चाहिए। मत भूलिए कि अरावली बचेगी तो ही एनसीआर बचेगा। अरावली को बचाना अपरिहार्य है क्योंकि यह दिल्ली और एनसीआर के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच है या कहें क़ुदरती ढाल है। अरावली ही दिल्ली के ओझल हो चुके तारों को फिर से दिखा सकती है, पर्यावरण को बचा सकती है। अरावली पर्वतमाला ही दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करती है और बारिश-पानी में अहम भूमिका निभाती है। अरावली से ही एनसीआर की जैव विविधता बची हुई है। जो वेटलैंड गायब होते चले जा रहे हैं, उन्हें यही बचा सकती है। गुम हो रहे परिंदों को वापस बुला सकती है। अरावली से ही एनसीआर का तापमान नियंत्रित होता है। इसके अलावा अरावली से एक भावात्मक लगाव भी है जो दिल्ली की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है। अरावली को बचाना, दिल्ली के भविष्य को बचाना है, नहीं तो एक-एक साँस लेने के लिए संघर्ष कर रहे दिल्लीवासी स्मॉग जैसे जानलेवा हालात से कभी बाहर नहीं आ पाएंगे। आज एनसीआर के बुज़ुर्ग, बीमार और बच्चों पर प्रदूषण का सबसे ख़राब और ख़तरनाक असर पड़ रहा है। यहाँ के विश्व प्रसिद्ध हॉस्पिटल और मेडिकल सर्विस सेक्टर तक बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जो लोग बीमारी ठीक करने दिल्ली आते थे, वो अब और बीमार होने नहीं आ रहे हैं। – यही हाल रहा तो उत्तर भारत के सबसे बड़े बाज़ार और आर्थिक केंद्र के रूप में भी दिल्ली अपनी अहमियत खो देगी। – ⁠विदेशी तो छोड़िए, देश के पर्यटक भी यहाँ नहीं आएंगे। – ⁠न ही दिल्ली में कोई बड़ा इवेंट आयोजित होगा। – ⁠न ही कोई राजनीतिक, शैक्षिक, अकादमिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक सम्मेलन आयोजित होगा। – ⁠न ही ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाड जैसी कोई बड़ी खेल प्रतियोगिता आयोजित होगी। – ⁠यहाँ का होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी-कैब, गाइड, हैंडीक्राफ़्ट बिज़नेस, हर काम-कारोबार व अन्य सभी आर्थिक-सामाजिक गतिविधियाँ ठप्प हो जाने के कगार पर पहुँच जाएंगी। – ⁠जब प्रदूषण की वजह से हवाई जहाज़ नहीं चलेंगे, ट्रेनें घंटों लेट होंगी, सड़क परिवहन असुरक्षित हो जाएगा, तो दिल्ली कौन आएगा। – ⁠यहाँ तक कि इसका असर ये भी पड़ेगा कि लोग अपने बेटी-बेटे की शादी तय करने से पहले दिल्ली के हवा-पानी के बारे में सोचने लगेंगे। – ⁠इसीलिए हर नागरिक के साथ हर स्कूल-कोचिंग, हर व्यापारी, हर कारोबारी, हर दुकानदार, हर रेहड़ी-पटरीवाले, हर घर-परिवार तक को ‘अरावली बचाओ’ अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। – ⁠हर चैनल, हर अख़बार को ये अभियान चलाना चाहिए। अरावली को बचाना मतलब ख़ुद को बचाना है। अगर अरावली का विनाश नहीं रोका गया तो भाजपा की अवैध खनन को वैध बनाने की साज़िश और ज़मीन की बेइंतहा भूख देश की राजधानी को दुनिया की ‘प्रदूषण राजधानी’ बना देगी और लोग दिल्ली छोड़ने को बाध्य हो जाएंगे। इसीलिए आइए हम सब मिलकर अरावली बचाएं और भाजपा की गंदी राजनीति को जनता और जनमत की ताक़त से हराएं! उनका ये संदेश सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

शहडोल से दर्दनाक खबर: MBBS फाइनल ईयर की छात्रा ने लगाई फांसी, तनाव में होने की आशंका

शहडोल बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययनरत एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा ने रविवार सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या का कारण मानसिक तनाव माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का क्या कहना पुलिस के अनुसार मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत 25 वर्षीय छात्रा शिखा बैगा, पिता सोहनलाल बैगा, की मौत फांसी लगाने से हुई है। रविवार सुबह जब उसकी बहन कमरे में पहुंची तो शिखा को फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रा के कमरे से मोबाइल और टैबलेट जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि छात्रा ने अपने ही नंबर पर एक संदेश टाइप किया था, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए अगले जन्म में भी उन्हें माता-पिता बनाने की बात लिखी है। संदेश में पढ़ाई को लेकर मानसिक उलझन और तनाव का उल्लेख भी किया गया है। पुलिस इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी बताया गया कि शिखा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। रविवार को अवकाश होने के कारण वह शनिवार दोपहर पिता के साथ घर आई थी। इससे पहले करीब दो माह पूर्व कॉलेज में भी उसने आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय रूममेट्स की सूचना पर कॉलेज प्रबंधन ने हस्तक्षेप कर उसकी काउंसलिंग कराई थी और स्वजनों को भी अवगत कराया था। शिखा के पिता सोहनलाल बैगा रेलवे में लोको पायलट के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पांच बेटियां हैं, जिनमें शिखा दूसरे नंबर की थी। मेडिकल कॉलेज वालों ने क्या कहा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। यह अत्यंत दुखद है। छात्रा ने हॉस्टल में पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसकी काउंसलिंग और उपचार कराया जा रहा था, लेकिन यह अनुमान नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी। जांच जारी कोतवाली थाने में पदस्थ उप निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया है। आत्महत्या का कारण अभी अज्ञात है। मर्ग कायम कर विवेचना की जा रही है। छात्रा के मोबाइल में टाइप किए गए संदेशों की भी जांच की जा रही है।

मेहंदीपुर बालाजी में CM रेखा गुप्ता की विशेष पूजा-अर्चना, परिवार भी साथ

दौसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को अपने पति मनीष गुप्ता के साथ दौसा जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं। मंदिर पहुंचने पर सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक भावना से जुड़ा रहा।   गर्भगृह के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंदिर के गर्भगृह के सामने बैठकर पति मनीष गुप्ता के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने बालाजी महाराज से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।   दर्शन के बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेहंदीपुर बालाजी में उनकी गहरी आस्था है और यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला मेहंदीपुर बालाजी दर्शन है। इससे पहले वह खाटू श्याम और सालासर बालाजी में भी दर्शन कर चुकी हैं।   भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर गोठवाल, करौली जिलाध्यक्ष गोरधन सिंह जादौन, जिला महामंत्री लेखपाल कसाना, विपिन जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रतन तिवाड़ी, खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल, भाजपा एससी मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष को लेकर बना असहज माहौल मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान दौसा भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला को मंदिर परिसर में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। लक्ष्मी रेला अपनी कार्यकारिणी के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं, जहां मानपुर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने उन्हें बाहर भेज दिया। जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने कहा कि उनके पास अनुमति थी, इसके बावजूद उन्हें बाहर निकाला गया। वहीं डीएसपी धर्मराज चौधरी ने बताया कि उन्होंने जिला अध्यक्ष को समझाकर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए बाहर भेजा था और किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं की गई।   सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था रही सख्त मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रोटोकॉल ड्यूटी में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसपी सागर राणा, करौली एसपी लोकेश सोनवाल, एडीएम अरविंद शर्मा, सिकराय एसडीएम नवनीत कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई।

वीडियो वायरल: रीवा में अवैध वसूली का आरोप, ट्रक ड्राइवर ने RTO कर्मचारी को चलती गाड़ी में खिड़की से लटकाया

रीवा हनुमना बॉर्डर पर आरटीओ विभाग की कथित अवैध वसूली के खिलाफ एक ट्रक ड्राइवर का गुस्सा इस कदर फूटा कि उसने वसूली करने वाले व्यक्ति को ट्रक से लटकाकर कई किलोमीटर तक गाड़ी दौड़ाई। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में शख्स ट्रक की खिड़की पर लटककर जान की भीख मांगता और पैर पड़ता नजर आ रहा है, जबकि ड्राइवर उसे रीवा तक ले जाने की बात कह रहा है। ट्रक ड्राइवर ने आरटीओ कर्मी को खिड़की पर लटकाकर दौड़ाया ट्रक ट्रक ड्राइवर का आरोप है कि आरटीओ कर्मी नाके पर अवैध वसूली के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा था। वीडियो सामने आने के बाद आरटीओ विभाग और मऊगंज जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि यह वीडियो कब का है इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। परंतु ट्रक में बैठे ड्राइवर और खलासी स्पष्ट रूप से यह बोल रहे हैं कि तुम्हें मऊगंज से रीवा तक ले जाएंगे। इंटरनेट मीडिया में वीडियो सामने आया है मामले की जांच के लिए आरटीओ रीवा को लिखा गया है जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। संजय जैन कलेक्टर मऊगंज।

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास जरूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बच्चों को शिक्षित, संस्कारित बनाने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास की भावना जागृत करने की जरूरत है जिससे यह बच्चे आगे चलकर देश को आर्थिक महाशक्ति तक पहुंचाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा के निजी विद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ यह दर्शाती हैं कि उनमें कितनी प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि यह बच्चे ऐसे समय के विद्यार्थी हैं जब देश काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन्हीं बच्चों को ही 2047 में जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब विश्वगुरू बनकर देश का नेतृत्व करने में अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ उनके आत्मविश्वास को प्रदर्शित कर रहीं थीं। बच्चों को गढ़ने में अध्यापक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बच्चों में दया, करूणा व परोपकार के भाव जागृत करें जिससे यही बच्चे समाज में अपना उत्कृष्ट स्थान बना सकें। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वह धैर्य रखकर अपने मंजिल की तरफ बढ़ें। कार्यक्रम में नगर निगम के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि विद्यालय के अध्यापक, विद्यार्थी तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।  

जहर के ‘तड़के’ ने उजाड़ा परिवार, पन्ना में अंधविश्वास के चलते 5 लोगों की हालत गंभीर

पन्ना बुंदेलखंड के हिस्सों में शिक्षा की कमी कहे या स्वस्थ व्यवस्था पर लोगो का विश्वास ना करना या फिर यूं कहें अंधविश्वास की जड़ें समाज में इतनी गहरी हो चूंकि हैं, की फिर से एक मामले ने इस चर्चा को हवा दी है जिसकी यह खौफनाक तस्वीर सामने आई है मध्य प्रदेश के पन्ना से। यहां एक ही परिवार के पांच लोग मौत के मुंह में जाते-जाते बचे। ​मामला धरमपुर जमुनिया गांव का है, जहां रात के खाने में 'कुदवा की रोटी' और 'चने की भाजी' खाना एक परिवार को भारी पड़ गया। झाड़फूंक काम नहीं आई खाना खाते ही राजकुमार, हरिराम, रिंकी, अनामिका और छोटे आदिवासी को तेज उल्टियां और चक्कर आने लगे। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि चीख-पुकार मचने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पूरी रात घर पर झाड़फूंक करवाते रहे। जब हालत नाजुक हो गई और झाड़फूंक काम नहीं आई, तब ग्रामीणों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर ले जाया गया।   डॉक्टरी इलाज ही बचा सकता है जान डॉक्टरों ने इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग बताया है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को आज जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टर उनकी जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। यह घटना सबक है कि बीमारी में दुआ और झाड़फूंक नहीं, बल्कि सही समय पर डॉक्टरी इलाज ही जान बचा सकता है। रात में कुदवा की रोटी ओर चना की भाजी खाई थी जिसके बाद तवियत बिगड़ गई आगा की कुछ बाहरी भीतरी हो गया है इस लिए खबर में ही पहले झाड़ फूक करवा ली जब तवियत सही नही हुई तो पहले गुन्नौर लेकर गए बाद में पन्ना आए।   

अरावली पर संकट के खिलाफ हुंकार: ग्रामीणों का पहाड़ियों पर चढ़कर आक्रोश, जानिए पूरी मांग सूची

अलवर राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरावली पर्वतमाला के अस्तित्व पर मंडराते संकट को देखते हुए अब ग्रामीण सड़कों से लेकर पहाड़ियों तक लामबंद होने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट की हालिया गाइडलाइन के बाद, जिसमें 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली श्रृंखला से बाहर मानने की चर्चा है, बानसूर क्षेत्र में विरोध की आग तेज हो गई है। रविवार को बिलाली क्षेत्र में सैंकड़ों ग्रामीणों ने पहाड़ियों पर चढ़कर प्रशासन और न्यायपालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पहाड़ियों की चोटियों पर तिरंगा और तख्तियां लेकर अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि अरावली उनके लिए केवल पत्थर के पहाड़ नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा करने वाली एक प्राकृतिक दीवार है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन पहाड़ियों को अरावली का हिस्सा नहीं माना गया, तो भू-माफिया और अवैध खनन करने वाले लोग इसे पूरी तरह नष्ट कर देंगे। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश गुर्जर ने संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में पहले से ही भूजल स्तर चिंताजनक रूप से नीचे जा रहा है। अरावली की ये पहाड़ियां वर्षा जल को रोकने और जमीन को रिचार्ज करने का मुख्य स्रोत हैं। यदि इन्हें अरावली के दायरे से बाहर कर खनन की अनुमति दी गई, तो आने वाली पीढ़ियां पानी की एक-एक बूंद को तरस जाएंगी। अरावली हमारी प्राकृतिक धरोहर और आन-बान-शान का प्रतीक है, जिसे किसी भी कीमत पर मिटने नहीं दिया जाएगा। सभी छोटी-बड़ी पहाड़ियों को पूर्ण संरक्षण प्रदान करें ग्रामीणों का आरोप है कि नई गाइडलाइन से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भारी धक्का लगेगा। इससे न केवल वन्यजीवों का आवास छीन जाएगा, बल्कि मरुस्थलीकरण की प्रक्रिया भी तेज होगी। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से मांग की है कि सरकार और न्यायपालिका जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अरावली की सभी छोटी-बड़ी पहाड़ियों को पूर्ण संरक्षण प्रदान करें। चेतावनी: ग्रामीणों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो यह आंदोलन केवल बानसूर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे प्रदेश स्तर पर बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।  

विश्व ध्यान दिवस पर मध्यप्रदेश पुलिस की ऐतिहासिक सहभागिता

2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी सामूहिक ध्यान से जुड़े भोपाल  विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर 21 दिसंबर को हार्टफुलनेस फाउंडेशन के सहयोग से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा एक व्यापक एवं अनुकरणीय सामूहिक ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ध्यान सत्र के शुभारंभ अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस सत्र में प्रदेश के सभी जिलों के थानों में पदस्थ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु प्रत्येक जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया, जबकि प्रत्येक थाने में पुलिस समन्वयक निर्धारित किए गए थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 10:00 बजे से 11:15 बजे तक रिलैक्सेशन, गाइडेड ध्यान एवं आत्मावलोकन सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हार्टफुलनेस मुख्यालय कान्हा शांतिवनम, हैदराबाद से किया गया। विश्व स्तर पर आयोजित इस ध्यान सत्र में लगभग एक करोड़ लोगों ने सहभागिता की, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस के 2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी जिला, थाना एवं बीट स्तर तक ज़ूम माध्यम से जुड़े। यह मध्यप्रदेश पुलिस के लिए न केवल एक अभूतपूर्व सहभागिता रही, बल्कि पुलिस कल्याण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित हुआ। साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार 21 दिसंबर 2025 से प्रदेश के सभी पुलिस थानों में साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश पुलिस एवं हार्टफुलनेस संस्था के मध्य फरवरी 2025 में हुए एमओयू के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को निःशुल्क ध्यान प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। थाना, यातायात, महिला थाना, अजाक, अपराध शाखा सहित सभी इकाइयों में प्रत्येक रविवार को नियमित ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस फाउंडेशन के प्रणेता एवं वैश्विक आध्यात्मिक मार्गदर्शक पूज्य दाजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस में साप्ताहिक ध्यान को सुदृढ़ करने की दिशा में 1200 रिलैक्सेशन एवं मेडिटेशन सेंटर्स को पुलिस थानों एवं पुलिस लाइनों में प्रारंभ करने की घोषणा की गई। ऑनलाइन सामूहिक ध्यान सत्र 21 दिसंबर को शुभारंभ के अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से सामूहिक ध्यान सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रातः 9:30 बजे से सत्रबद्ध रूप से मार्गदर्शन, ध्यान प्रक्रिया की सरल विधियां, रिलैक्सेशन अभ्यास, कान्हा शांतिवनम से लाइव ध्यान सत्र, माननीय मुख्यमंत्री का प्रेरक संदेश तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में पुलिस मुख्यालय से उप पुलिस महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर (PSO To DGP) द्वारा ध्यान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने ध्यान को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ते हुए इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं की व्याख्या की। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नियमित ध्यान किस प्रकार पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, मानसिक संतुलन, निर्णय क्षमता एवं तनाव प्रबंधन में सहायक सिद्ध होता है। वैश्विक निःशुल्क ऑनलाइन ध्यान सत्र विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आज रात्रि 8:00 बजे, हार्टफुलनेस के ग्लोबल गाइड पूज्य श्री दाजी द्वारा 20 मिनट का निःशुल्क वैश्विक ऑनलाइन ध्यान सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक एवं पुलिसकर्मियों सहभागिता करेंगे। मानसिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम यह सामूहिक ध्यान कार्यक्रम पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्मसंयम एवं सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। ध्यान एवं आत्मावलोकन से पुलिसकर्मियों में कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता एवं मानवीय संवेदनशीलता में वृद्धि होती है, जो प्रभावी, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग की आधारशिला है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था के दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध है, बल्कि अपने बल के मानसिक, भावनात्मक एवं नैतिक सशक्तिकरण के लिए भी सतत प्रयासरत है।  

पल्स पोलियो : बस्तर में 1.25 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी दवा

बस्तर बस्तर जिले में रविवार को पोलियो के खिलाफ जंग को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। रविवार 21 दिसंबर को इस मेगा अभियान में 0 से 5 वर्ष के 1 लाख 24 हजार 377 बच्चों को पोलियो की जीवन रक्षक दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा वंचित न रहे, और शत-प्रतिशत कवरेज हासिल हो। कलेक्टर हरिस एस ने बताया कि विभिन्न विभागों के मैदानी अमले के साथ समन्वय स्थापित कर प्रचार-प्रसार किया गया है। हर गांव, हर पारे-टोले तक संदेश भी पहुंचाया गया है, जिससे कि 100 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाया जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने बताया कि जिले में कुल 498 बूथ स्थापित किए गए है, जिनमें जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 72 बूथ शामिल हैं। इसके अलावा, 100 सुपरवाइजर, 1992 टीकाकरण कार्यकर्ताओं, 20 मोबाइल टीम और 24 ट्रांजिट टीम तैनात रहेंगी। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। मोबाइल टीमें बाजारों, मेला-मड़ई, ईंट भट्टों, भवन निर्माण स्थलों, घुमंतु बसाहटों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आने-जाने वाले बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। सीएमएचओ डॉ. बसाक ने बताया  कि यह अभियान न केवल पोलियो को जड़ से समाप्त करेगा, बल्कि हर्ड इम्युनिटी को मजबूत बनाकर वातावरण में मौजूद वाइल्ड पोलियो वायरस को निष्क्रिय कर देगा।

120 चिकित्सकों-वैद्यों ने 400 से अधिक मरीजों को दिया निःशुल्क परामर्श

भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के पांचवें दिन रविवार को कॉन्फ्रेन्स हॉल में केता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में प्रदेश की विभिन्न प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक, वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया एवं उनके क्षेत्रों में संग्रहित लघु वनोपजों जैसे- आंवला, अमलतास फली, भृंगराज, पचांग, मुई आंवला, हर्रा कचरिया, भिलावा, गिलोय, बायबडंग, नागरमोथा, गोरखमुण्डी, हिंगोट, देवदाली, बेलगूदा, पलाश गोंद, कटसरैया इत्यादि की उपलब्धता की जानकारी दी गई। वन मेले में अब तक 1 करोड़ रूपये से अधिक के हर्बल औषधियों और वन उत्पादों की बिकी हो चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पांचवें दिन आयोजित क्रेता विक्रेता सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने बताया कि वनोपज सहकारी समितियों और वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों द्वारा दि गई जानकारी के आधार पर लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र उच्च गुणवत्ता की औषधियों के क्रय का अनुबंध किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्य वन संरक्षक श्री अशोक कुमार, प्रबंधक लघु वनोपज संघ श्रीमती नेहा श्रीवास्तव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती गीतांजली जे. उपस्थित रहीं । अंतर्राष्ट्रीय वन मेले की लोकप्रियता अब चरम पर पहुंच गई है। राजधानी के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों से आने वाले सैलानियों के लिये यह मेला और यहां उपलब्ध आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रति रुझान स्पष्ट झलक रहा है। विंध्य हर्बल एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित शहद, च्यवनप्राश, त्रिफला, अर्जुन चाय और अन्य स्वास्थ्यवर्धक औषधियों की अब तक 4 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है। प्रदर्शनी की भव्यता एवं इनके द्वारा तैयार किये गये गुणवत्ता युक्त नवीन उत्पादों व उत्पादों की नवीन पैकिंग देखकर इन्हें खरीदने में आगंतुकों ने खासी रूचि दिखाई। रविवार को आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिवरों में जांच एवं उपचार के लिये आयुर्वेद चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों से परामर्श के लिये बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। मेला प्रबंधन द्वारा बुजुर्गों एवं चलने में असमर्थ व्यक्तियों के लिए व्हील चेयर एवं गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसकी सराहना की जा रही है। निःशुल्क चिकित्सा परामर्श के लिये स्थापित ओ.पी.डी. में 120 आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों ने 400 से अधिक मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर लाभान्वित किया। निःशुल्क ओ.पी.डी. आने वाले दिनों में भी मेला अवधि में जारी रहेगी। रविवार को वन मेले में शालेय विद्यार्थियों के एकल और समूह नृत्य प्रतियोगिता में 11 विद्यालयों के 117 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोपहर बाद सैलानियों न कठपुतली शो, पंजाबी भांगडा, ऑर्केस्ट्रा का आनन्द लिया और शाम 7.00 बजे से सुप्रसिद्ध प्ल बैंक सिंगर श्री नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की मनोरंजन से भरपूर म्यूजिकल प्रस्तुति हुई। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने पुरस्कार प्रदान किये। सोमवार 22 दिसम्बर के कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पूर्वान्ह 10.30 से 3.00 बजे तक विद्यार्थियों की इन्स्ट्रुमेंटल म्यूजिक की प्रस्तुति और अपरान्ह 3.00 से 3.45 बजे तक लोकसंगीत की प्रस्तुति होगी। अपरान्ह 3.00 से 5.00 बजे तक आयुर्वेदिक चिकित्सकों, पारम्परिक वैद्यों और फील्ड अधिकारियों के साथ परिचर्चा आयोजित की जायेगी। अपरान्ह 4.30 से 6.30 बजे तक बायोडायवर्सिटी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, चित्रांशु म्युजिक ऑर्केस्ट्रा और सायं 7.00 से 10.00 बजे तक विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी।