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दीनी जलसे से लौटते समय हादसा: बिजनौर में कार–डंपर टक्कर, 4 की गई जान

 बिजनौर बिजनौर के हरिद्वार मार्ग पर स्थित जालपुर गांव के पास एक डंपर और क्रेटा कार की जोरदार भिड़ंत में चार लोगों की जान चली गई. मृतक लोग राहतपुर गांव में आयोजित एक दीनी जलसे से वापस लौट रहे थे, तभी उनकी कार आगे चल रहे डंपर में पीछे से जा घुसी.  जानकारी के मुताबिक, मरने वालों में प्रवचन देने वाले मौलाना कारी इकबाल और उन्हें छोड़ने जा रहे अशफाक, एतेशाम और सलाउद्दीन शामिल हैं. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से शवों को कार से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जलसे से लौटते वक्त हुआ हादसा यह दर्दनाक वाकया उस समय हुआ जब राहतपुर गांव में दीनी जलसा समाप्त हुआ था. जलसे में प्रवचन देने आए मौलाना इकबाल कारी को सराय आलम गांव छोड़ने के लिए तीन युवक क्रेटा कार में सवार होकर निकले थे. जैसे ही उनकी गाड़ी जालपुर गांव के नजदीक पहुंची, वह आगे चल रहे डंपर से टकरा गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और सभी लोग गाड़ी के अंदर ही फंस गए. गांव में पसरा मातम हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू हुआ. हालांकि, जब तक लोगों को बाहर निकाला गया, चारों की सांसें थम चुकी थीं. पूर्व प्रधान मोहम्मद मुस्तफा और अन्य ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. मौलाना और उनके साथियों की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. सीएम योगी बिजनौर में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया है. उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. सीएम ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए और घायलों के समुचित उपचार के लिए कहा है.   

उपमुख्यमंत्री ने आरक्षक भर्ती के संबंध में अभ्यर्थियों की समस्याओं का किया समाधान

रायपुर : आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने आरक्षक भर्ती के संबंध में अभ्यर्थियों की समस्याओं का किया समाधान पहली बार भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सीधे उपमुख्यमंत्री ने किया संवाद रायपुर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज अपने सिविल लाइन रायपुर स्थित निज निवास में अपनी पूर्व घोषणा अनुरूप छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से रूबरू होकर उनसे सीधा संवाद किया। अपने वादे के अनुसार वे ठीक 10 बजे अभ्यर्थियों के बीच भर्ती प्रक्रिया के प्रमुख एडीजी एसपीआर कल्लूरी, आईजी बद्री नारायण मीना के साथ उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से सम्पादित की गई है। शासन अपनी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के संबंध में अभ्यर्थियों की सभी मांगों और समस्याओं पर सभी के बीच जमीन में बैठकर हर समस्या पर बिंदुवार बात की। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्राप्तांक की जानकारी को लेकर मांग होते ही तुरंत पूरा करते हुए सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक कर दिए थे। सभी के परिणाम पोर्टल में भी उपलब्ध कराए गए हैं, पूर्ण रूप से खुली प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करते हुए युवाओं का चयन प्रावीण्यता सूची के अनुसार ही किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि तथ्यों के आधार पर जहां गड़बड़ी मिली वहां तत्काल कार्रवाई की गयी है। कुछ लोगों द्वारा एक केंद्र में शारीरिक परीक्षा के संबंध में शंका व्यक्त किये जाने पर उन्होंने स्वयं विभाग से सभी दस्तावेज मंगाकर एक एक कर प्रकरणों की जांच की। जिसमें किसी भी अभ्यर्थी के चयन में कोई समस्या प्राप्त नहीं हुई, जिसकी जानकारी उप मुख्यमंत्री द्वारा सभी को सार्वजनिक रूप से दी गयी। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि शासन द्वारा युवाओं की भलाई के लिए जल्द से जल्द प्रतीक्षा सूची को क्लियर करने का कार्य किया जाएगा और प्रथम वेटिंग लिस्ट की संख्या को बढ़ाने के लिए भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मार्गदर्शन लिया जाएगा। उन्होंने पीएचक्यूआईडी के कारण कुछ अभ्यर्थियों का मोबाइल नम्बर अलग हो जाने से आयी समस्या पर भी विचार करने का आश्वासन दिया।  उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों के द्वारा भर्ती में आयु सीमा में छूट की मांग पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा कर हर सम्भव निराकरण करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं का चयन किए जाने की मांग पर बताया कि आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में न्यायालय के निर्णय अनुसार क्षेत्रीय आरक्षण संभव नहीं था पर जल्द ही बस्तर फाइटर की भर्ती द्वारा स्थानीय युवाओं को अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी भर्ती केंद्रों के अधिकारी अपने केंद्र में भर्ती की पूरी विस्तृत जानकारी के साथ उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री ने सभी से उनकी समस्याओं को सुना और किसी भी समस्या पर तुरन्त निराकरण किया गया। जहां कोई शंका दिखी पूरे दस्तावेजों को देख कर निदान किया गया। यह ऐतिहासिक पल है जब एक भर्ती प्रक्रिया के संबंध में समस्या का निवारण कई स्तरों पर किया जा रहा है, जहां पहले स्तर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा 12 से 14 दिसम्बर तक अपने कार्यालयों में शिकायतों का निदान किया गया, उसके बाद भी भर्ती से संबंधित किसी समस्या को सीधे अपनी बात रखने के लिए खुला मंच उपलब्ध कराते हुए विभाग के एडीजी एसआरपी एसपी कल्लूरी ने पुलिस मुख्यालय रायपुर में 19 एवं 20 दिसंबर को मुलाकात कर निराकरण किया गया।  उपमुख्यमंत्री शर्मा ने भी आज अपने निवास में सभी की समस्याओं को संवेदनदशीलता पूर्वक सुना। यह पहली बार था कि युवाओं के हित के लिए किसी मंत्री ने अपने निवास पर भर्ती प्रक्रिया की समस्याओं का समाधान किया है। इसके साथ ही ऐसे अभ्यर्थी जो आने में असक्षम थे, ऐसे लोगों से उपमुख्यमंत्री ने जिले में संबंधित पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भी संपर्क की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने युवाओं को आश्वश्त किया कि भर्ती प्रक्रिया में कोई भी गड़बड़ी न हो विभाग द्वारा सुनिश्चित किया गया है।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार संकल्पित – मुख्यमंत्री

रायपुर : छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ी सिनेमा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार संकल्पित – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रजत जयंती पर ‘छत्तीसगढ़ी फिल्मों के सफर’ कार्यक्रम में हुए शामिल : वरिष्ठ कलाकार एवं निर्माता हुए सम्मानित रायपुर  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम द्वारा आयोजित “छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की विकास यात्रा, उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।     मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के गठन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि छालीवुड की सशक्त नींव रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने निगम के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय राजेश अवस्थी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनका असामयिक निधन न केवल छत्तीसगढ़ी सिनेमा, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने निगम की वर्तमान अध्यक्ष सुमोना सेन को एक अनुभवी, कर्मठ और समर्पित कलाकार बताते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में छालीवुड का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी फिल्में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की संस्कृति, कला और पहचान को और अधिक सशक्त रूप में स्थापित करेंगी।     मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1957 से प्रदेश में फिल्मों के निर्माण का सिलसिला प्रारंभ हुआ। उन्होंने भूलन कांदा उपन्यास पर आधारित फिल्म “भूलन द मेज” को प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार को पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा की जड़ें लोक संस्कृति, लोककथाओं और सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़ी हैं, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्मों के विकास को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में छालीवुड का भविष्य स्वर्णिम है और फिल्म उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।     मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक वर्ष प्रदेश के चहुंमुखी विकास की नई इबारत लिख रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी फिल्म विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।      मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले निर्माताओं और वरिष्ठ कलाकारों मोहन सुंदरानी, सतीश जैन, संतोष जैन, मनोज वर्मा, अनुज शर्मा और प्रेम चंद्राकर को सम्मानित भी किया।     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन ने मुख्यमंत्री साय का अभिनंदन करते हुए निगम के पुनर्गठन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म “मोर छइंहा भुइंया” के निर्माता सतीश जैन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस फिल्म ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के समग्र और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।     इस अवसर पर कौशल विकास  मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में कलाकार, निर्माता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर में विकास की बड़ी पहल: बरसात में उफनते नदी-नालों से मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात

रायपुर : बरसात में उफनते नदी-नाले अब नहीं रोकेंगे ग्रामीणों का रास्ता  :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात 130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया  रायपुर 130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया जशपुर जिले में बरसात के दिनों में ग्रामीणों के आवागन की बाधा को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर 237 पुल-पुलियों के निर्माण के लिए 130 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे नदियों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के साथ ही नालों पर पुल-पुलिया का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है, इससे विकास को नई गति मिलेगी। बरसात के दिनों में उफनते नदी-नाले अब ग्रामीणों का रास्ता नहीं रोक पाएंगे।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण के लिए 109 करोड़ 09 लाख रुपये की मंजूरी दी है। ये पुल जिले के प्रमुख मार्गों और नदियों-नालों पर बनाए जा रहे हैं, जिससे वर्षभर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही गांव-टोला और पारा को जोड़ने के उद्देश्य से 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण हेतु 20 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।  गौरतलब है कि जशपुर जिले में बरसात के दिनों में कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता था, जिससे किसानों, छात्रों, मरीजों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल-पुलिया निर्माण से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, दूरी और समय की बचत से लोगों के दैनिक जीवन में बदलाव आएगा। जिले को मिली इस ऐतिहासिक सौगात पर क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जशपुर अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दो वर्षों का सुशासन सड़कों व पुलों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश

जनता दर्शन : ठंड में आने वाले फरियादियों के लिए रैनबसेरे में रुकने की कराएं व्यवस्था   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश  मुख्यमंत्री बोले- सभी जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान प्रतिदिन जनपदों में सुनें जनता की शिकायत  सीएम ने बच्चों को दी चॉकलेट, बोले- ठंड में बचकर रहें  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से आए फरियादियों से मुलाकात की। सीएम ने उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में भी ‘जनता दर्शन’ में फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचते हैं, लेकिन लखनऊ में होने वाले ‘जनता दर्शन’ में भी बड़ी संख्या में फरियादी आते हैं। ‘जनता दर्शन’ में शामिल होने के लिए एक दिन पहले रात में ही वे राजधानी पहुंच जाते हैं। यहां आने वाले फरियादी रैन बसेरों में रूकें, सरकार ने रैन बसेरों में समुचित व्यवस्था की है। सीएम ने लखनऊ प्रशासन को निर्देश दिया कि वे समय-समय पर रैन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहें और यह सुनिश्चित करें कि रैन बसेरों में रहने वालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।  प्रतिदिन जनता की समस्याएं सुनें जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय ठंड काफी पड़ रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि पहले जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान के पास पहुंचें और अपनी समस्याओं से अवगत कराएं। प्रशासन स्तर पर हर समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है। सीएम ने सभी जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान को निर्देश दिया कि प्रतिदिन जनता की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण कराएं, जिससे उन्हें ठंड के मौसम में लखनऊ न आना पड़े।  आप एस्टिमेट बनवाइए, सरकार इलाज में मदद करेगी ‘जनता दर्शन’ में कुछ फरियादी इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर भी पहुंचे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनका प्रार्थना पत्र लिया और कहा कि आप अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर दीजिए। सरकार पहले दिन से ही इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। सरकार का संकल्प है कि इलाज के अभाव में किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।  जमीन कब्जे की शिकायत पर सीएम सख्त  ‘जनता दर्शन’ में कुछ मामले जमीन कब्जे के भी आए। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रूख अपनाते हुए इसकी जांच कराते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धान खरीद के मामलों को लेकर पहुंचे किसानों की शिकायत सुनकर सीएम ने तत्काल संबंधित प्रशासन को समाधान के लिए निर्देशित किया। सीएम ने कहा कि किसानों की समस्याओं का निदान ही सरकार की प्राथमिकता है।  सीएम ने बच्चों को दी चॉकलेट, बोले- ठंड में बचकर रहें  "जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ बच्चे भी पहुंचे। सीएम ने बच्चों से संवाद किया, उन्हें दुलारा-पुचकारा और पढ़ाई के बारे में भी पूछा। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के प्रश्नों का जवाब दिया, फिर सीएम ने सभी बच्चों को चॉकलेट दी और अभिभावकों से कहा कि ठंड अधिक पड़ रही है। बच्चों को ठंड में बचाकर रखें। मुख्यमंत्री का यह प्रेम देख अभिभावक भी अभिभूत हो गए।

जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, बिहार के इस इलाके में बढ़ा रेट

पटना  बिहार भूमि से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पटना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीन की न्यूनतम मूल्य दर (MVR / सर्किल रेट) में भारी बढ़ोतरी होने जा रही है। जिला मूल्यांकन समिति की सिफारिश और निबंधन विभाग की समीक्षा के बाद जल्द ही नई दरें लागू की जाएंगी। स्टांप ड्यूटी में भी बढ़ोतरी नई MVR लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री के समय 10 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी नए रेट के अनुसार देनी होगी। उदाहरण के तौर पर ऐसे में ₹3 करोड़ की जमीन पर ₹30 लाख स्टांप शुल्क तो वहीं ₹5 करोड़ की जमीन पर ₹50 लाख स्टांप शुल्क लगेगा पटना के प्रमुख इलाकों में जमीन के नए रेट सूत्रों के अनुसार, पटना के पॉश और विकसित इलाकों में जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जाएगा:     फ्रेजर रोड: न्यूनतम ₹5 करोड़     दानापुर: लगभग ₹2 करोड़     कंकड़बाग (मुख्य सड़क): करीब ₹3 करोड़     बिहटा (कृषि भूमि): ₹70,000–₹80,000 प्रति कट्ठा   शहरी और ग्रामीण इलाकों में कितनी बढ़ी दरें?     शहरी इलाके: सर्किल रेट में लगभग 3 गुना बढ़ोतरी     पटना से सटे ग्रामीण इलाके: लगभग 4 गुना बढ़ोतरी इससे जमीन के बाजार मूल्य और सर्किल रेट के बीच का अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा। 10 साल बाद हुआ बड़ा बदलाव ग्रामीण इलाकों में अंतिम बार MVR संशोधन 2013 में शहरी इलाकों में अंतिम संशोधन 2016 में हुआ था। बीते एक दशक में जमीन की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई, लेकिन सर्किल रेट अपडेट नहीं होने से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था।  

वन्यजीव संरक्षण में बड़ी उपलब्धि: मध्यप्रदेश से राजस्थान तक बाघिन का सुरक्षित स्थानांतरण

पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण भोपाल पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ। स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे। अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे। यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया। पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुगुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी। इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए। यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  

पीआरएसआई राष्ट्रीय सम्मेलन में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की मजबूत और सक्रिय मौजूदगी

पीआरएसआई की 47वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की सक्रिय सहभागिता भोपाल  18 दिसंबर देहरादून में 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से सक्रिय और प्रभावी सहभागिता दर्ज की गई। “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर आधारित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में संचार, जनसंपर्क और शिक्षा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से जनसंपर्क, संचार, शिक्षा, प्रशासन और नीति क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी रही। सम्मेलन के दौरान आईसेक्ट प्रतिभागियों ने डिजिटल युग में जनसंपर्क की चुनौतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव, गलत सूचना की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा संकट प्रबंधन संचार जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच एमओयू आधारित सहयोग, कौशल विकास, स्टार्ट-अप संस्कृति तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई, जिसे भविष्य की रणनीतियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से रूपेंद्र सिंह चौहान, जनसंपर्क अधिकारी, आईसेक्ट मुख्यालय; डॉ. योगेश पटेल, सहायक प्राध्यापक, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल; तथा श्री किशोर सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ने सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी एवं विषयगत सत्रों में सहभागिता की और उच्च शिक्षा तथा जनसंपर्क से जुड़े समकालीन विषयों पर विशेषज्ञों से विमर्श किया। आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की डायरेक्टर एवं प्रो-चांसलर, रबिंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि, “आज के समय में जनसंपर्क उच्च शिक्षा संस्थानों के शैक्षणिक उद्देश्यों और सामाजिक दायित्वों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है| पीआरएसआई जैसे राष्ट्रीय मंच शिक्षा और उद्योग के बीच दीर्घकालिक सहयोग तथा एमओयू आधारित साझेदारियों को मजबूती प्रदान करते हैं।” विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जोहरी ने कहा कि, “इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हुए संवाद और संपर्क आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ के लिए अकादमिक नवाचार, उद्योग सहभागिता और व्यावसायिक दक्षताओं के विकास की दिशा में उपयोगी सिद्ध होंगे। इससे विद्यार्थियों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।” सम्मेलन में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ द्वारा उभरती तकनीकों में अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्यमिता विकास तथा उद्योग से जुड़ी शिक्षा मॉडल को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। यह सहभागिता समूह की गुणवत्तापूर्ण, किफायती और कौशल-आधारित उच्च शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

जिंदल स्टील के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन: गुरजोआत सिंह खंगुरा और राइज़ा ढिल्लों ने राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग में जीता स्वर्ण

जिंदल स्टील के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन: गुरजोआत सिंह खंगुरा और राइज़ा ढिल्लों ने राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग में जीता स्वर्ण 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप में जिंदल स्टील के एथलीट्स का दबदबा, खंगुरा और ढिल्लों बने राष्ट्रीय विजेता रायपुर जिंदल स्टील को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि उसके समर्थित खिलाड़ियों ने डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, नई दिल्ली में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप (NSSC) में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उच्च दबाव वाले मुकाबलों की इस श्रृंखला में जिंदल स्टील समर्थित दल ने कई स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत में उत्कृष्ट खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। सटीकता और धैर्य के शानदार प्रदर्शन में गुरजोआत सिंह खंगुरा ने पुरुष स्कीट स्पर्धा में 2025 राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। रैंक 1 पर रहते हुए खंगुरा ने फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया और अनुभवी ओलंपियनों सहित कड़े प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। महिला वर्ग में उभरती हुई स्टार राइज़ा ढिल्लों ने स्कीट शूटिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया। ढिल्लों ने महिला स्कीट और जूनियर महिला स्कीट—दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। उनका यह डबल-पोडियम प्रदर्शन उन्हें भारतीय शूटिंग की सबसे आशाजनक युवा प्रतिभाओं में शामिल करता है। अनुभवी चैंपियन की अनुशासित खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए ओलंपियन मिराज अहमद खान ने चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीते। उच्चतम स्तर पर उनकी निरंतरता आने वाली पीढ़ी के निशानेबाजों को प्रेरित करती है, और जिंदल स्टील उनके इस प्रेरणादायी सफर का समर्थन जारी रखने पर गर्व महसूस करता है। जिंदल स्टील भारतीय खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने एथलीट्स की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई देता है।

छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री

रायपुर : पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम ही नहीं, पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटे पत्रकारों के दल ने की सौजन्य मुलाकात रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में  सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि  विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा। इस अवसर पर जशपुर से विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है। कोरबा से विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है। जगदलपुर के अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। टिंकेश्वर तिवारी ने भी राजस्थानी खान-पान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन स्थलों पर प्रमुखता से बढ़ावा देने पर जोर दिया। स्टेट न्यूज़ सर्विस के युवा पत्रकार रजत अवस्थी ने राजस्थानी टोपी साफा से मुख्यमंत्री साय का सम्मान करते हुए पत्रकार भ्रमण योजना को प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक जितेंद्र नागेश सहित पत्रकारगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।