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पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने प्रेस वार्ता में गिनाईं दो वर्षों की उपलब्धियाँ

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने प्रेस वार्ता में बताई दो वर्ष की उपलब्धियाँ भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आज मिंटो हाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों से मीडिया को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के विकास हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की है। मध्य प्रदेश में श्रमिकों के हित में भी अनेक उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। मंत्री प्रह्लाद पटेल द्वारा प्रेस वार्ता में बताए गए तथ्य इस प्रकार हैं — प्रसन्नता का विषय है कि भारत की संसद ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (विकसित भारत- जी राम जी  विधेयक, 2025) को पारित किया है। यह विधेयक मनरेगा में व्यापक वैधानिक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है, जो ग्रामीण रोज़गार को विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक विजन के साथ संयोजित करेगा तथा जवाबदेही, बुनियादी ढांचे के परिणामों और आय सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।गांव के विकास के बिना प्रदेश और राष्ट्र के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। हमारा सौभाग्य है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में ग्राम विकास है। उनकी भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण क्षेत्र के विकास हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग का उत्तरदायित्व मिला है। हमारी सरकार ने विगत दो वर्षों में जो कार्य किए हैं उनकी जानकारी इस प्रकार है :- विशेष उल्लेखनीय बिंदु     तीनों स्तर की पंचायतों के कार्यालय भवनों हेतु स्वीकृतियां प्रदान कीं तथा उनकी डिजाइन में परिवर्तन भी किया ताकि भविष्य में उनके ऊपरी मंजिलों का भी निर्माण किया जा सके।      2472 अटल ग्राम सेवा सदनों (ग्राम पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 922.20 करोड़ की राशि स्वीकृत की।     106 अटल सुशासन भवनों (जनपद पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 557.08 करोड़ की राशि स्वीकृत की।     05 अटल जिला सुशासन भवनों (जिला पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 49.98 करोड़ की राशि स्वीकृत की।     जीवनदायिनी माँ नर्मदा के परिक्रमा पथ को सुगम बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। इस हेतु आश्रय स्थलों के निर्माण हेतु 231 स्थल चिन्हित किए गए हैं। इन स्थलों पर प्रथम चरण में पौधारोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए 4.13 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। 19 स्थलों पर आश्रय स्थलों एवं यात्री प्रतिक्षालय के निर्माण हेतु 10.5 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इन आश्रय स्थलों का निर्माण पर्यटन विकास विभाग के माध्यम से प्रारंभ भी हो चुका है।     नदियों एवं जलवायु का संरक्षण हम सभी की सामूहिक चिंता का विषय है। मैंने प्रदेश की 106 नदियों के उद्गम स्थलों तक की यात्रा की है। हमारी सरकार इन उद्गम स्थलों को संरक्षित एवं संवर्धित करने का प्रयास कर रही है। हमने 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौधरोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए 2.92 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है।     प्रदेश के पुराऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण भी हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। हमने तामिया एवं भीमबेटिका क्षेत्र के विकास हेतु मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम को 2 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है।      प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान घाटों को सुव्यवस्थित करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। इसके लिए दिसंबर, 2026 तक की समय सीमा भी तय की है। इस अवधि में सभी श्मशान घाटों को अतिक्रमण मुक्त करवाकर फेंसिंग उपरांत उनमें पौधरोपण करना तथा उन्हें मुख्य सड़क से एप्रोच रोड बनाकर जोड़ने का कार्य इस अवधि में किया जाएगा।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में प्रदेश ने उल्लेखनीय कार्य किया है इसके प्रथम चरण में 72975 किलोमीटर लंबाई की 18948 सड़कों का निर्माण किया गया द्वितीय चरण में 4891 किलोमीटर की 373 सड़कों का निर्माण हुआ तथा तीसरे चरण में 11886 किलोमीटर की 984 सड़कों का निर्माण किया गया। विगत दो वर्षों में इन तीनों चरणों में 913 किलोमीटर लंबाई की सड़क तथा 305 फूलों का निर्माण किया गया है।     आरसीपीएलडब्ल्यूईए अंतर्गत 18 अप्रैल 107 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण हुआ है।     प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत 1033 संपर्क विहीन बस्तियों हेतु 2218 किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई हैं।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण हेतु 10602 बस हटे चिन्ह अंकित की गई है जिनके लिए 1849 किलोमीटर की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। रोजगार गांरटी योजना :-     कार्यों के स्थल चयन हेतु वैज्ञानिक आधार पर करने हेतु SIPRI सॉफ्टवेयर विकसित      जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 में SIPRI सॉफ्टवेयर से समस्त कार्यों (जैसे खेत तालाब, कूप रिचार्ज, अमृत सरोवर इत्यादि) के उपयुक्त स्थल का चयन       वर्ष 2025-26 में कुल स्वीकृत लेबर बजट (मानव दिवस) : 1500 लाख, कुल सृजित  : 1404 लाख (94%)     वर्ष 2024-25 में कुल स्वीकृत लेबर बजट (मानव दिवस) : 2000 लाख, कुल सृजित  : 1897 लाख (95%)     राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर      कैच द रेन अभियान (जल संचय, जन भागीदारी- अप्रैल 2024 से मई 2025) – देश में मध्यप्रदेश को चतुर्थ स्थान एवं खंडवा जिले को प्रथम पुरुस्कार प्राप्त      एक बगिया माँ के नाम परियोजना अंतर्गत रु 750 करोड़ की लागत से 31,142 कार्य लिए गए।      माँ नर्मदा परिक्रमा पथ पर चिन्हित आश्रय स्थल के में 138 परिसरों में पौधरोपण कार्य।      जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 अंतर्गत, रु 3000 करोड़ के कार्य लिए गए      खेत तालाब – 86,360 लागत रु 2048 करोड़      कूप रिचार्ज – 1,05,203 लागत रु 263 करोड़      अमृत सरोवर – 536, लागत रु 138 करोड़      पूर्व वर्षों के प्रगतिरत 24,358 कार्यों की पूर्णता      जल गंगा संवर्धन अभियान 2024 अंतर्गत रु. 1368 करोड़ के 60,428 कार्य कराये गए।     राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन     लखपति दीदी- Digital Ajeevika register के अनुसार SHG के ऐसे सदस्य जिनके … Read more

तीन दिवसीय IAS सर्विस मीट में मोहन यादव की चुटकी भरी बातें, अफसरों में हंसी का माहौल

भोपाल  राजधानी भोपाल में शुक्रवार को आईएएस सर्विट मीट शुरू हुई. ये प्रोग्राम 3 दिन चलेगा. इसमें सहायक कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी और उनके परिजन शामिल होंगे. इस दौरान कई तरह की स्पोर्ट्स एक्टीविटीज के साथ सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रम होंगे. आईएएस अफसर बहुत दबाव झेलते हैं प्रशासन अकादमी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईएएस सर्विस मीट का शुभारंभ करते हुए कहा "आप वास्तव में बहुत दवाब झेलते हैं, यह मैं समझ सकता हूं. राजनीतिक क्षेत्र में चुनाव जीतने वाले की विशेषता होती है कि वह चढ़कर बात करता है, लेकिन वह भूल जाता है कि जो झेल रहा है, उसका क्या होता होगा." "एक गया तो दूसरा आ गया, फिर तीसरा. लेकिन सामने जो बैठा है, उसे तो सुबह से शाम तक बैठना ही है. आप सभी चीजों को झेलते-झेलते खुद को ढाल लेते हैं" मुख्यमंत्री की ये बातें सुनकर आईएएस अधिकारियों ने खूब ठहाके लगाए. मध्य प्रदेश अपने आप में प्रयोगशाला मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा "मध्यप्रदेश अपने आप में एक प्रयोगशाला है, जहां लगातार नवाचार होते हैं और बाद में उसे दूसरे फॉलो करते हैं. हमारे अधिकारी इतना अच्छा काम कर रहे हैं. कई बार सिस्टम को ऊपर-नीचे किया जाता है, लेकिन इससे नए-नए आइडिया भी सामने आते हैं. यहां अनुभव से पके हुए अधिकारी हैं तो नई ऊर्जा से भरे अधिकारी भी हैं. रिटायर अफसरों के अनुभव का लाभ उठाएं मोहन यादव ने कहा "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिखाया है कि कैसे रिटायरमेंट के बाद घर बैठे अधिकारियों की योग्यता का लाभ उठाया जा सकता है. अजीत डोभाल इसका उदाहरण हैं. मनमोहन सरकार में उनका रिटायरमेंट हो गया था, लेकिन वापस बुलाकर एनएसए का प्रमुख बनाकर उनके अनुभवों का लाभ लिया गया." अच्छे आइडिया और नवाचारों को लेकर आएं मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश में अपने कामों से अलग पहचान बनाई है. अच्छे आइडिया और नवाचारों को लेकर आएं. कई बार लगता है कि कुछ काम जल्दी कर रहे हैं, लेकिन यह सही समय पर किया जा रहा है. काम सही समय पर हो तो बाद में वजन नहीं लगता. पूरे साल पढ़ाई करते रहो, तो परीक्षा कभी भी ले लो, उसका आनंद ही अलग है. आईएएस के पास प्लान की कमी नहीं सीएम ने कहा "आप लोग तो चेहरा देखकर समझ जाते हैं कि क्या कहने वाले हैं. मुंह खोले उसके पहले पता कर लेते हैं कि क्या बोलेंगे. जो आने वाला है उसको लेकर पहले ही तैयारी कर लो कि इसको कैसे चलाना है. ए प्लान, बी प्लान, सी प्लान. इतने प्लान आते कहां से हैं. भगवान करे ऐसे प्लान आते रहें, लेकिन ऐसे सभी प्लान की दिशा सही रहे." हमें समय का पूरा सदुपयोग करना चाहिए डॉ. मोहन यादव ने कहा "सेवा पाना हर किसी के बात नहीं, लेकिन सेवा कर पाना और भी बड़ी बात है. आप भाग्यशाली हैं कि जिनको परमात्मा ने इतना बड़ा यश दिया है. हमारा जन्म के साथ हमारी आयु की जो सीमा है, वह हमें हमेशा अहसास कराती है, जो हमारा शरीर अभी है, कुछ समय पहले हमारा शरीर वह नहीं था, जो अब है. हम सभी अहसास करें. हर पल हमारा शरीर बदलता जा रहा है. जितना समय मिला है, उसका पूरा उपयोग करें. आप वास्तव में बहुत दवाब झेलते हों यह मैं समझ सकता हूं." सभी को अपना बना लेता है मध्य प्रदेश उद्घाटन समारोह में आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने कहा "हममें से कई अधिकारी बाहर से आए हैं, लेकिन आज किसी के भी बच्चों से पूछा जाए तो वह कहते हैं कि हम मध्य प्रदेश से हैं. मध्य प्रदेश ऐसा राज्य है, जो सभी को अपना लेता है. कोई भी व्यक्ति इससे अछूता नहीं रहता. एसोसिएशन ने परिवार की भावना को बढ़ाने की कोशिश की है." यह मीट हम सभी को आपस में नजदीक लाता है, बल्कि इससे प्रशासनिक क्षमता भी बढ़ती है. सीनियर-जूनियर के भेद को मिटाकर हम आगे बढ़ते रहे हैं. मीट के आखिरी दिन 4 कैटेगरी में अवार्ड दिए जाएंगे. इसमें मोस्ट क्रियेटिव, बेस्ट प्रजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोऑर्डिनेशन दिया जाएगा. 

भीषण कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त: झारखंड में बच्चों और बुज़ुर्गों पर ज्यादा असर, अगले 3 दिन बेहद मुश्किल

रांची झारखंड में ठंड ने अब अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। गढ़वा, पलामू, लोहरदगा और रांची समेत कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान हाड़ कंपा देने वाली ठंड महसूस की गई। हालात ऐसे हैं कि दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी और तेज हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। वहीं, रांची मौसम विभाग ने कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को राज्य के 10 जिलों गढ़वा, पलामू, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, रांची, खूंटी और देवघर में घना कोहरा छाया रहेगा। इसके साथ ही कहीं-कहीं शीतलहरी चलने की संभावना है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी सुबह के समय सामान्य कोहरा और कनकनी बढ़ने के साथ-साथ ठंडी हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है अगले दो दिनों तक झारखंड में शीतलहर से लोगों को बचना है। राज्य की राजधानी रांची सहित अधिकांश जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। अधिकांश जिलों में कोहरे का व्यापक असर देखा जा रहा है तो वही शीतलहरी की दोहरी मार भी लोगों पर पड़ रह रही है। आलम यह है कि सुबह 7:00 बजे से पहले लोगों की सुबह की सैर पर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वही शाम के बाद ग्रामीण इलाकों में पूरी तरीके से सड़क पर सन्नाटा देखा जा रहा है क्योंकि ठंड की वजह से लोग घर से निकलना नहीं चाह रहे है।  

वायरल वीडियो से फिर सुलगा ‘वोट चोरी’ विवाद, बिहार की राजनीति में हलचल, मांझी का बयान आया सामने

पटना बिहार में उस वीडियो को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी कथित तौर पर विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से पीछे चल रहे एक उम्मीदवार की "मदद" करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वीडियो मांझी के लोकसभा क्षेत्र गया में बनाया गया है। यह वीडियो हाल में हुए विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) में करारी हार झेल चुके विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD)-कांग्रेस गठबंधन ने साझा किया है और इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा “वोट चोरी का “सबूत” बताया है। हालांकि, मांझी ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वीडियो से छेड़छाड़ करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। वीडियो में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख मांझी को टिकारी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए सुना जा सकता है। टिकारी सीट पर उनकी पार्टी के उम्मीदवार अनिल कुमार ने 2020 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन पिछले महीने हुए चुनाव में वह राजद से हार गए। वायरल वीडियो में क्या बोल रहे हैं मांझी? वीडियो में मांझी मगही बोली में यह कहते सुने जा सकते हैं, “वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार 2,700 वोट से पीछे था। उसने मुझे फोन किया, मैंने संबंधित अधिकारी को फोन किया। आखिरकार उसे विजेता घोषित किया गया।” हालांकि 'पंजाब केसरी' इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। वीडियो में मांझी कहते सुने गए, “इस बार उम्मीदवार 1,600 वोट से हार गया। लेकिन उसने मुझसे संपर्क करने के बजाय हार स्वीकार कर ली। गया के तत्कालीन जिलाधिकारी, जो अब त्रिपुरा में पदस्थापित हैं, ने मुझसे फोन पर पूछा कि इस बार क्या गड़बड़ी हुई। जब उम्मीदवार मुझसे संपर्क किए बिना घर लौट गया, तो मैं कुछ नहीं कर सकता था।” "यह वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती है- कांग्रेस राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने टिकारी सीट तो हासिल कर ली, लेकिन पांच साल पहले की 75 सीट की तुलना में इस बार महज 25 सीट पर सिमट गई। विपक्षी दल राजद ने आरोप लगाया कि मोदी ने निर्वाचन आयोग की मदद से हालिया चुनाव में “हमारे युवा और क्रांतिकारी नेता तेजस्वी यादव की राजनीतिक हत्या का असफल प्रयास” किया। बिहार कांग्रेस प्रवक्ता आसित नाथ तिवारी ने भी इसी तरह की भावना दोहराते हुए आरोप लगाया, “हाल में संसद के भीतर वोट चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री बेहद आक्रामक थे। अब उनके ही मंत्रिमंडल सहयोगी की कथित स्वीकारोक्ति से संकेत मिलता है कि यह वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती है।” 'मांझी एक ब्रांड बन चुका है, किसी से डरने वाला नहीं' इस बीच, मांझी ने ‘एक्स' हैंडल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मेरा एक वीडियो छेड़छाड़ करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है, ऐसे लोग यह सोचते हैं कि वे एक मुसहर (महादलित समुदाय) के बेटे को बदनाम कर सकते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं ऐसे सभी लोगों को बताना चाहता हूं कि मांझी अब एक ब्रांड बन चुका है। वह किसी से डरने वाला नहीं है।” बिहार के मंत्री एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैंने बिना काट-छांट वाला वीडियो देखा है। मांझी 2020 में मतगणना के कई घंटों तक रुके रहने की बात कर रहे थे, जब उनके उम्मीदवार अंतिम से एक राउंड पहले मामूली अंतर से पीछे थे। मतगणना पूरी होने के बाद उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया था।”  

ईंधन से पहले PUC जरूरी: ‘नो PUC, नो फ्यूल’ से एक ही दिन में 61,000 प्रमाणपत्र बने

नई दिल्ली दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने ‘नो PUC, नो फ्यूल’ अभियान को पूरी सख्ती के साथ लागू कर दिया है। इस अभियान का असर पहले ही दिन दिखाई दिया। पिछले 24 घंटों के भीतर राजधानी में 61,000 से अधिक वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) जारी किए गए। सरकार का कहना है कि यह अभियान इसी तरह तेजी से और लगातार जारी रहेगा, ताकि वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण पर काबू पाया जा सके और राजधानी की हवा को स्वच्छ बनाया जा सके। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम से लोगों को असुविधा हो सकती है, लेकिन सभी वाहनों का प्रदूषण जांच कराना और उनका प्रमाणन सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस नियम के तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं है, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र के बिना किसी भी वाहन को दिल्ली में ईंधन भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर की बिगड़ती हवा को सुधारने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। सीएम ने कहा, “लोगों को असुविधा हो रही है, लेकिन दिल्ली में चलने वाले हर वाहन को प्रदूषण फैलाए बिना चलाना चाहिए। यह हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है कि हम अपने वाहनों को PUC प्रमाणित कराएं।” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। परिवहन व्यवस्था में सुधार वायु गुणवत्ता में सुधार की कुंजी है।” उन्होंने समझाया कि कार-पूलिंग का मतलब है कि एक ही स्थान पर जाने वाले दो या दो से अधिक लोग एक ही वाहन में यात्रा करें। सीएम ने यह भी बताया कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण परीक्षण के बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पहले पीयूसी प्रमाणपत्र जारी करने वाले केंद्रों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन अब नंद नगरी, बुराड़ी और तेहखंड में स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। नहीं दिया जा रहा पेट्रोल-डीजल दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार प्रदूषण से लड़ने के लिए चार बड़े मोर्चों पर काम कर रही है: वाहनों से निकलने वाला धुआं, सड़कों और निर्माण स्थलों की धूल, उद्योगों से होने वाला प्रदूषण और कचरा प्रबंधन। सिरसा ने बताया कि ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम के तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा, बीएस-6 मानकों से नीचे के गैर-जरूरी बाहरी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी सख्ती लागू की गई है। ‘चालान काटने के लिए नहीं है यह अभियान’- मनजिंदर सिरसा दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर और जनपथ सहित कई पेट्रोल पंपों का अचानक दौरा कर अभियान का जायजा लिया। उन्होंने पेट्रोल पंप कर्मियों को निर्देश दिए कि नियमों को कड़ाई से लागू किया जाए, लेकिन वाहन मालिकों से शालीनता और शांति के साथ पेश आएं। मंत्री ने कहा कि यह अभियान चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सेहत बचाने के लिए है। आंकड़ों के मुताबिक, 17 दिसंबर को 29,938 और 18 दिसंबर की शाम तक 31,974 PUC सर्टिफिकेट जारी किए गए। यानी करीब एक दिन में 61,000 से अधिक वाहनों के लिए PUC बनवाया या नवीनीकरण कराया गया। इसी दौरान 3,746 वाहनों का चालान उन वाहनों के लिए काटा गया जिनके पास वैध PUC नहीं था। दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए किए गए ये काम सीमावर्ती इलाकों में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने करीब 5,000 वाहनों की जांच की। इनमें से 568 गैर-अनुपालक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि 217 गैर-जरूरी ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ दिया गया। सड़कों की धूल कम करने के लिए राजधानी में 2,300 किलोमीटर से अधिक सड़कों की मशीन से सफाई की गई। इसके अलावा, मोबाइल एंटी-स्मॉग गन के जरिए 5,524 किलोमीटर क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया गया। प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपायों में 132 अवैध कचरा डंपिंग स्थलों को बंद कराना और करीब 38,000 मीट्रिक टन पुराने कचरे का निपटान शामिल है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोगों से अपील की कि वे GRAP नियमों का पालन करें, समय पर PUC बनवाएं और जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई सरकार अकेले नहीं जीत सकती। मंत्री ने जोर देकर कहा कि आम जनता के सहयोग के बिना दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाना संभव नहीं है।

स्टिंग ऑपरेशन पर बोले विधायक भाटी— निष्पक्ष जांच से ही सामने आएंगे तथ्य

बाड़मेर शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने तीन विधायकों के स्टिंग ऑपरेशन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसकी निष्पक्ष व गहन जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।   सदाचार समिति और फॉरेंसिक जांच की मांग रवींद्र सिंह भाटी ने कहा कि इस प्रकरण की जांच सदाचार समिति की बैठक में होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि फॉरेंसिक जांच के माध्यम से तथ्यों की पुष्टि की जाए, जिससे किसी भी तरह की शंका की गुंजाइश न रहे।   विधायक निधि को बताया जनता का पैसा भाटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विधायक निधि जनता का पैसा है, किसी व्यक्ति का निजी धन नहीं। जनता ने विधायकों को इस राशि की रखवाली के लिए चुना है और यह टैक्सपेयर्स की गाढ़ी कमाई है, जिसकी हर एक पाई जनता के हित में खर्च होनी चाहिए।   सिस्टम पर भरोसा, दोषियों को सजा की उम्मीद उन्होंने कहा कि उन्हें सिस्टम पर पूरा भरोसा है और जांच के बाद दोषियों को सजा मिलेगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि यदि कभी सिस्टम ही सिस्टम की भेंट चढ़ जाए, तो मीडिया और उनके जैसे विधायक सच्चाई को सामने लाने का काम करेंगे।   विधायक निधि को लेकर स्पष्ट रुख अमर उजाला के एक अन्य सवाल पर रवींद्र सिंह भाटी ने कहा कि यदि विधायकों को पैसा कमाना है तो वे व्यापार करें, इसमें कोई रोक नहीं है, लेकिन विधायक निधि से छेड़छाड़ करना जनता के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति ईमानदार और मेहनती होता है, उसे चुनाव जीतने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। राजनीति में साफ-सुथरी छवि और जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है। किसानों के धरने पर क्या बोले भाटी? किसानों के मुद्दे पर भी रविंद्र सिंह भाटी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोई यों ही धरने पर नहीं बैठ जाता है। यूरिया मांग रहे हैं, उनका हक है। बिजली मांग रहे हैं, उनका हक है। पानी मांग रहे हैं, उनका हक है। वहीं, राज्य सरकार के दो साल की उपलब्धियों पर रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि विकास कहां है? आपको दिख जाए तो हमें भी बताएं।

राज्य युवा महोत्सव को लेकर उत्साह, डिप्टी सीएम अरुण साव ने पोस्टर किया लॉन्च

14 विधाओं में दिखाएंगे अपनी प्रतिभा, विजेता प्रतिभागियों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने का मिलेगा मौका प्रेस-कॉन्फ्रेंस में महोत्सव के दौरान होने वाले प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों की दी जानकारी रायपुर, न्यायधानी बिलासपुर में आगामी 23 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक आयोजित राज्य युवा महोत्सव-2025 में 3100 युवा भागीदारी करेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में इसका आयोजन किया जा रहा है। इसमें जिला स्तरीय युवा उत्सव के विजेता प्रतिभागी 14 विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। राज्य युवा महोत्सव के विजेता प्रतिभागी अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। 23 दिसम्बर को महोत्सव के उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले प्रथम खेलो इण्डिया ट्रायबल गेम्स की लॉन्चिंग सेरेमनी भी होगी। तीन दिवसीय इस आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक एवं मंचीय कार्यक्रम भी होंगे। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में राज्य युवा महोत्सव के दौरान होने वाले प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में महोत्सव के पोस्टर का विमोचन किया। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनूजा सलाम भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करने राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 के तारतम्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला एवं राज्य स्तर पर युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में युवा महोत्सव का जिला स्तरीय आयोजन 24 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक किया गया था। जिला स्तर पर 14 विभिन्न विधाओं के विजेता प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में हिस्सेदारी करेंगे। राज्य युवा महोत्सव में 14 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें 8 दलीय विधाएं और 6 एकल विधाएं शामिल हैं। दलीय विधाओं में लोकनृत्य, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, रॉक बैंड और एकांकी की प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं एकल विधाओं में वाद-विवाद, कहानी लेखन, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार (साइंस मेला) और पारंपरिक वेशभूषा शामिल हैं। राज्य युवा महोत्सव में दलीय विधाओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को 20 हजार रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 15 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। एकल विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 5 हजार रुपए, 3 हजार रुपए एवं 2 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। महोत्सव में भाग लेने वाले हर प्रतिभागी को एक-एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्य युवा महोत्सव में सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की 5 विधाओं लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन के विजेता प्रतिभागी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में भागीदरी करेंगे।   राज्य युवा महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकारों के गायन, बैण्ड परफॉर्मेंस, कवि सम्मेलन जैसे विविध आयोजन भी होंगे। 23 दिसम्बर को उद्घाटन समारोह के दिन राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आरूग बैण्ड (श्री अनुज शर्मा) की प्रस्तुति तथा नारायणपुर के प्रसिद्ध मल्लखंब का प्रदर्शन किया जाएगा। 23 दिसम्बर को ही बिलासपुर पुलिस ग्राउंण्ड में रात साढ़े 8 बजे से कवि सम्मेलन होगा, जिसमें प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास एवं अन्य कवि कविता पाठ करेंगे। राज्य युवा महोत्सव के दूसरे दिन 24 दिसम्बर को राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 6 बजे से काफिला बैण्ड एवं स्वप्निल लाइव बैण्ड की प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन 25 दिसम्बर को शाम 6 बजे से सुश्री आरू साहू तथा दायरा (बस्तर) बैण्ड की प्रस्तुति होगी। समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और कई विभागीय अधिकारी भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में उपस्थित थे।

विधान परिषद में हंगामा: सपा ने किया वॉकआउट, संस्कृत शिक्षकों के जीपीएफ भुगतान का आश्वासन

लखनऊ यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से प्रारंभ हो गया है। सदन की कार्यवाही के पहले दिन सपा के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने राजनीति और समाज के लिए किए गए उनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, विधान परिषद की कार्यवाही चलती रही। जहां पर सपा ने प्रदेश में स्कूल बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉक आउट किया। वहीं, सरकार ने बताया कि संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों को जीपीएफ का भुगतान जल्द होगा। सत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से सदन की कार्यवाही शुरू हो रही है। 24 जनवरी को हमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा। 24 जनवरी को यूपी का स्थापना दिवस भी है। हमने सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों से चर्चा के लिए अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। सदन की कार्यवाही के पहले दिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने स्वर्गीय सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर समाज में दिये गए उनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। कफ सिरप कांड और एसआईआर पर हंगामे के आसार सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल कोडीन कफ सिरप की तस्करी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर हंगामा कर सकता है। साथ ही, सदन में वंदे मातरम पर होने वाली चर्चा का विरोध भी किया जा सकता है। आज सत्र शुरू होने के दिन सपा के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कफ सिरप कांड को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों पर बुलडोजर क्यों नहीं चला रही है। हजारों करोड़ रुपये का गबन हुआ है और जहरीली कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत हुई है। क्या बुलडोजर का ड्राईवर भी कफ सिरप पीकर सो गया है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सत्र के पहले दिन सीएम योगी ने मीडिया को किया संबोधित सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए बृहस्पतिवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। सर्वदलीय बैठक में सभी दलीय नेताओं ने सदन की कार्यवाही को शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अनुरूप संचालित करने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। विधान सभा अध्यक्ष ने भी दलीय नेतओं से अपील किया कि सदन में सकारात्मक संवाद, शालीनता एवं संसदीय परंपराओं के अनुरूप अपनी बात रखें, सभी को बात रखने का मौका दिया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्र के दौरान प्रस्तुत होने वाले विधेयकों पर चर्चा कराई जाएगी। 

कफ सिरप केस पर बहस खत्म, हाईकोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रखा, आरोपियों की याचिका—मामला हो रद्द

प्रयागराज प्रदेश के चर्चित कफ सिरप मामले में दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग वाली अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों तरफ के वकीलों की दलील सुनने के बाद फैसला रिजर्व कर लिया है। वाराणसी के शुभम जायसवाल सहित 40 आरोपियों ने अपने खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज केस को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी है। कोडीनयुक्त कफ सिरप कांड की जांच में यूपी एसटीएफ ने लखनऊ आलम बाग के पास से सहारनपुर से दो अभियुक्त अभिषेक शर्मा और शुभम शर्मा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में 25 हजार रुपये के इनामी शुभम जायसवाल का पूरा नेटवर्क सामने आया है। दोनों ने एसटीएफ को बताया कि दोनों विशाल और विभोर राणा के लिए काम करते थे। विशाल और विभोर का शुभम जायसवाल के साथ व्यापारिक संबंध था। तीनों मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करते थे। माल वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और आगरा समेत अन्य जगहों से फर्जी ई वे बिल बनाकर बंगाल के अलावा अन्य जगहों पर भेजा जाता था। विशाल और विभोर के नेटवर्क के जरिये सिरप देश के कई राज्यों में पहुंचाया जाता था। इसी बीच शुभम ने अपने पिता भोला जायसवाल के नाम पर रांची में एबॉट कंपनी की सुपर स्टॉकिस्ट हासिल कर ली और इन दोनों से किनारा कर लिया। इसके बाद लाइसेंस और दस्तावेज की आड़ में वह बड़े पैमाने पर कफ सिरप की सप्लाई को कानूनी शिपमेंट की तरह दिखाता था। सुपर सुपर स्टॉकिस्ट के बाद शुभम की सप्लाई चेन पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई थी। सहारनपुर में पकड़े गए दोनों अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि सिरप की कई खेप रांची से सीधे यूपी और हरियाणा रूट पर भेजी भेजी गई। गाजियाबाद में कोडीन सिरप का बनाया था गोदाम ड्रग विभाग की जांच में सामने आया है कि शुभम ने अपनी फर्म शैली ट्रेडर्स के नाम पर हिमाचल की फर्म से सिरप मंगाने के बाद उसे गाजियाबाद के गोदाम में रखता था। फर्जी फर्मों के कागज तैयार कर उसे आगरा, लखनऊ और वाराणसी तक सप्लाई करता था। वाराणसी से कोडीन सिरप की बड़ी खेप सोनभद्र के रास्ते झारखंड और पश्चिम बंगाल जाती थी। इसके बाद बांग्लादेश और नेपाल तक जाती थी।

जहाँ बंदूकें खामोश हुईं, वहाँ भविष्य की नींव रखी जा रही है, पुनर्वास केंद्र में 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से सुकमा में पुनर्वास नीति बनी मिसाल रायपुर, कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में औज़ार हैं। कभी जिन रास्तों पर हिंसा और डर का साया था, आज वहीं विकास और भरोसे की नींव रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और स्पष्ट मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की एक नई और सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। वहाँ पुनर्वास केंद्र में रह रहे 35 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राजमिस्त्री (मेसन) का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है। यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल हैं। इन्हें भवन निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल—जैसे नींव निर्माण, ईंट चिनाई, प्लास्टर कार्य, छत ढलाई, गुणवत्ता मानक का व्यवस्थित और चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ये किसी भी निर्माण कार्य में दक्षता के साथ काम कर सकें। यह पहल केवल रोजगार प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये युवा प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण )के तहत जिले में अधूरे और नए आवासों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे एक ओर उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही कुशल राजमिस्त्रियों की कमी भी दूर होगी। कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण का वास्तविक अर्थ केवल हथियार छोड़ना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौटना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं को कौशल, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित विभिन्न शासकीय निर्माण कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण  आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार  और सामाजिक सरोकार से जोड़ेगा। पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा बताते हैं कि वे लगभग 30 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। “यहाँ रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है। हमें राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का प्रशिक्षण भी मिला। अब मैं सम्मान के साथ काम कर सकूंगा। पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती बताती हैं कि वे 24 वर्षों तक संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद मुझे सिलाई का प्रशिक्षण मिला। अब राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हम अपने परिवार से मिल पाए, बस्तर ओलंपिक में भाग लिया और प्रथम पुरस्कार भी जीता। शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। डब्बमरका निवासी गंगा वेट्टी ने कहा कि पुनर्वास के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जिला प्रशासन ने मोबाइल और राजमिस्त्री किट दी है। शिविर लगाकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनाए गए हैं। कोई समस्या होती है तो कलेक्टर और एसपी तुरंत सुनवाई करते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संवाद, संवेदना और विकास के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मसमर्पित युवाओं को हुनर, रोजगार और सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य की पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है। सुकमा जिले में चल रहा आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ने का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि  संवेदनशील प्रशासन, भरोसे और विकासपरक योजनाओं के जरिए हिंसा के रास्ते पर भटके युवाओं को  नई पहचान और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। यही पुनर्वास की असली सफलता है और यही स्थायी शांति की मजबूत नींव।