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मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को किडनी की बीमारी से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह

क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से संभव- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को किडनी की बीमारी से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस की बीमारी को हमने खत्म करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया- मुख्यमंत्री  एसजीपीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री      लखनऊ:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसजीपीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में बोलते हुए कहा कि क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से कर सकते हैं। छोटे बच्चे भी क्रोनिक किडनी डिजीज की चपेट में हैं, जिनको बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह मुख्यमंत्री ने दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस बीमारी के खत्म करके एक उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है।  प्रदेश के अस्पतालों में धन की कमी नहीं, विश्वस्तरीय सुविधाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि एसजीपीजीआई अपनी स्थापना के समय से ही मानवता की सेवा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों में प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र उपेक्षित था। अस्पतालों को धन की कमी से जूझना पड़ता था। हॉस्पिटल गंदगी और अव्यवस्था का पर्याय बन गए थे। 2017 के बाद हमने एसजीपीजीआई समेत प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल को धन की कमी नहीं होने दी है। उत्तर प्रदेश में 1947 से लेकर 2017 तक केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन अब प्रदेश में 80 मेडिकल 25 करोड़ नागरिकों की सेवा कर रहे हैं।  कोरोना काल अस्पतालों ने करोड़ों मरीजों को बचाया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में एसजीपीजीआई समेत सरकारी अस्पतालों की उत्कृष्ट सेवा को याद करते हुए कहा कि हमने संकट की घड़ी में कुशलता से काम किया था। उस समय तकनीक को चिकित्सा सेवा से जोड़ते हुए टेलीमेडिसिन का सहारा लेकर कोराना मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अकेले एक वर्ष में प्रदेश के नागरिकों के इलाज के लिए 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया। आज आयुष्मान भारत के अंतर्गत साढ़े 5 करोड़ गोल्डेन कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान कार्ड के तहत किडनी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है।  नागरिकों की सेहत के लिए सरकार गंभीर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है। हमारे पास अस्पतालों को वित्तीय सहायता करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। पहले वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया था अब वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज है। हमने हर जिले के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की व्यवस्था की है। हम नागरिकों की सेहत से समझौता नहीं करने वाले हैं। हमारी सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ समय समय पर अभियान चलाती रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार 34 जनपदों में नेचुरल फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रही है। हम खेती में उर्वरक के प्रयोग को कम करने की दिशा में काम कर रह हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल में 2017 से पहले इंसेप्लाइटिस से हजारों बच्चों की मौत हो जाती थी लेकिन हमने 2017 में सरकार बनने के बाद 2 साल में इस बीमारी को खत्म कर दिया।  चार दिवसीय कार्यशाला में किडनी रोग के इलाज पर चर्चा संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान 18 से 21 दिसंबर तक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ISNCON-2025 में किडनी रोगों के आधुनिक उपचार, अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों पर व्यापक विमर्श किया जा रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह तथा एसजीपीजीआई के निदेशक प्रोफेसर राधाकृष्ण धीमन भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यशाला के आयोजक सचिव प्रोफेसर नारायण प्रसाद ने बताया कि इस कार्यशाला में यूरोप, अमेरिका, नेपाल, बांग्लादेश, से भी विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धान खरीद की रफ्तार और तेज करने के दिए निर्देश

धान खरीद में नया रिकॉर्ड: 4 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया 25 लाख मीट्रिक टन धान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धान खरीद की रफ्तार और तेज करने के दिए निर्देश 4743 क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीद, डीबीटी से सीधे किसानों के खातों में भुगतान लखनऊ योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 में धान खरीद के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में गुरुवार तक चार लाख से अधिक किसानों से लगभग 25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीद की प्रक्रिया को और तेज किया जाए, ताकि एक भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे। प्रदेश में धान खरीद के लिए अब तक 8,67,232 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। इनमें से 18 दिसंबर तक 4,08,740 किसानों से धान की खरीद पूरी हो चुकी है और उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से की जा रही है। 4743 धान क्रय केंद्र पर पारदर्शी खरीद योगी सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में 4743 धान क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर तौल, भुगतान और अन्य व्यवस्थाएं पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को क्रय केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए। तौल और भुगतान में कोई देरी न की जाए और सभी केंद्र तय मानकों के अनुसार संचालित हों। योगी सरकार का किसानों की ‘आर्थिक समृद्धि’ पर विशेष जोर धान खरीद अभियान के जरिए योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है अन्नदाता किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करना। एक ओर सरकार धान की निर्बाध खरीद कर रही है, तो दूसरी ओर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और किसानों को समय पर पैसा मिल रहा है।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा सुप्रीमो पर किया कड़ा प्रहार

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पूरी तरह से दिग्भ्रमितः ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा सुप्रीमो पर किया कड़ा प्रहार पीडीए सच में है पर्सनल डेवलपमेंट एसोसिएशनः उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोलेः कुर्सी की भूख अखिलेश को झूठ बोलने पर करती है मजबूर लखनऊ  उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जिस पीडीए की चर्चा करते हैं, वह वास्तव में पर्सनल डेवलपमेंट एसोसिएशन है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया पूरी तरह दिग्भ्रमित हो चुके हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव सच्चाई को देखकर भी सच नहीं कह सकते, क्योंकि कुर्सी की भूख उन्हें झूठ बोलने पर मजबूर करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनता को गुणवत्तापूर्ण जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है और उसी दिशा में लगातार तेजी से काम किया जा रहा है। डेवलप्ड स्टेट के रूप में तेजी से परिवर्तित हो रहा उत्तर प्रदेश ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव जब उत्तर प्रदेश के वर्तमान आंकड़ों को देखते होंगे, राउंड द क्लॉक बिजली आपूर्ति, बेहतर कनेक्टिविटी, जीवन स्तर में सुधार और सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं, तो उन्हें निश्चित रूप से आश्चर्य होता होगा। स्वाभाविक है कि वे इन उपलब्धियों की तुलना अपने शासनकाल से करते होंगे, जब प्रदेश में टूटी सड़कें थीं, रात में अंधेरा रहता था, अस्पतालों को तबेला बना दिया गया था और स्कूलों में न बाउंड्री वॉल थी और न ही पढ़ाई का माहौल।उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पूरी तरह बदल चुका है और एक डेवलप्ड स्टेट के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदूषण के आंकड़ों पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आईआईटी द्वारा लगाए गए सेंसर से ही रीडिंग ली जाती है, जिनमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। पुलिस और एसटीएफ ने सभी घटनाओं का किया निष्पक्ष अनावरण उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने हर घटना का निष्पक्ष और प्रभावी अनावरण किया है। एसटीएफ द्वारा कुख्यात अपराधियों को ढेर किया जा चुका है, जो संगठित माफिया गिरोह के रूप में प्रदेश में सक्रिय थे।उन्होंने कहा कि चाहे अतीक अहमद हो, मुख्तार अंसारी हो या बद्दो जैसे कुख्यात अपराधी, अंतरराज्यीय गैंग चलाने वाले माफियाओं का उत्तर प्रदेश से पूरी तरह सफाया हो चुका है। अब प्रदेश में कोई माफिया नहीं है। माफिया दुम दबाकर प्रदेश से भाग चुके हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप इसलिए पीड़ित हैं क्योंकि आप उन्हीं माफियाओं के समर्थक थे और उन्हीं के सहारे सत्ता चला रहे थे। आज उत्तर प्रदेश की जनता जागरूक है और उसने समाजवादी पार्टी के खाते को बंद कर दिया है। समाजवादी पार्टी को नहीं है कुछ भी कहने का अधिकार ब्रजेश पाठक ने पुलिस भर्ती और लेखपाल भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को इन विषयों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में भर्तियों में जातिवाद और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप लगते थे। एसडीएम जैसे 86 पदों में से 56 नियुक्तियां एक ही जाति की थीं। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में लेखपाल भर्ती के दौरान पर्ची सिस्टम चलता था, जबकि वर्तमान सरकार में 8,085 पदों पर पूरी तरह मेरिट और बुद्धि कौशल के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भर्तियों पर सवाल उठाना उन हजारों युवाओं की मेधा और प्रतिभा पर सवाल उठाने जैसा है। केवल बयानवीर बनना है लक्ष्य ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में लाखों नौकरियों में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती की है। एक भी भर्ती में गड़बड़ी नहीं हुई है और आरक्षण के सभी नियमों का पूर्ण पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 68 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भू माफियाओं से मुक्त कराया है। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल बयानबाजी करना रह गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार इसे निर्धारित नहीं करती। यह मौसम विभाग और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा तय किया जाता है। सरकार सभी मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सभी जिलों को फोरलेन से जोड़ने का कार्य किया गया है। सर्वाधिक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं और निवेश के मामले में भी यूपी देश में अग्रणी है।

कार एक्सीडेंट में नहीं खुला एयरबैग, Toyota को 61 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश

कोरबा छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी को इनोवा कार में दुर्घटना के दौरान एअर बैग नहीं खुलने के मामले में उपभोक्ता को कुल 61 लाख 36 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. आयोग ने इसे वाहन में विनिर्माण दोष मानते हुए कंपनी की अपील खारिज कर दी. मामला कोरबा के सीतामढ़ी निवासी व्यापारी अमित अग्रवाल से जुड़ा है, जो 23 अप्रैल 2023 को रायपुर से कोरबा लौट रहे थे. ग्राम तरदा के पास सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में इनोवा कार अनियंत्रित होकर पलट गई और पेड़ से जा टकराई. हादसे में अमित अग्रवाल को गंभीर चोटें आईं और रायपुर व हैदराबाद में इलाज कराना पड़ा, जिस पर लगभग 36.83 लाख रुपये खर्च हुए. दुर्घटना के समय कार के किसी भी एअर बैग के न खुलने पर अमित के भाई एवं वाहन स्वामी सुमित अग्रवाल ने टोयोटा कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग कोरबा में शिकायत दर्ज कराई थी. कंपनी के उपस्थित न होने पर जिला आयोग ने एकपक्षीय आदेश पारित करते हुए इलाज खर्च सहित नया वाहन या समतुल्य राशि देने का निर्देश दिया था. इसके खिलाफ टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी ने छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग, बिलासपुर में अपील की. कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि एअर बैग संबंधी विशेषज्ञ रिपोर्ट नहीं ली गई, दुर्घटना सुमित अग्रवाल ने स्वयं नहीं देखी और बीमा कंपनी ने वाहन मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये डीलर को दिए हैं. हालांकि, राज्य आयोग ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया. आयोग ने सर्वेयर रिपोर्ट, वाहन को हुई क्षति और घायल को लगी गंभीर चोटों के आधार पर यह स्पष्ट माना कि भीषण दुर्घटना के बावजूद एअर बैग का न खुलना वाहन में विनिर्माण दोष का प्रमाण है. इसी आधार पर आयोग ने कंपनी को उपभोक्ता को कुल 61 लाख 36 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया.

उच्च शिक्षा को नई उड़ान, कोटा के IIIT में आ रहे AI और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी कोर्स

कोटा शिक्षा नगरी के रूप में देशभर में पहचान बना चुके कोटा को अब उच्च शिक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई उड़ान मिलने जा रही है. ट्रिपल आईटी कोटा (IIIT Kota) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित कई अत्याधुनिक और भविष्य उन्मुख पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है. इसे लेकर केंद्र सरकार स्तर पर गंभीर मंथन किया गया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कोटा-बूंदी क्षेत्र में उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा के समग्र विकास पर विस्तृत चर्चा की गई. बैठक के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा देश का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है, जहां हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख छात्र आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं. सड़क और रेल कनेक्टिविटी के साथ आने वाले समय में एयर कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी. ऐसे में ट्रिपल आईटी कोटा को और सशक्त बनाना समय की मांग है और इसे आईआईटी की तर्ज पर विकसित किया जाना चाहिए. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि आगामी 10 वर्षों में ट्रिपल आईटी कोटा में विद्यार्थियों की क्षमता 25 हजार तक बढ़ाने की योजना है. संस्थान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी और नए, समसामयिक व रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे. बैठक में पीएमश्री विद्यालयों की संख्या बढ़ाने और राजस्थान के लिए शिक्षा बजट में केंद्रीय सहायता बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ. ट्रिपल आईटी कोटा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी, वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप फ्यूचरिस्टिक कोर्स, एआई सेंटर, पंप स्टोरेज और एटॉमिक स्टडीज जैसे विभाग शुरू करने का प्रस्ताव है. चंबल नदी क्षेत्र की प्राकृतिक समृद्धि और रावतभाटा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के चलते कोटा तकनीकी और ऊर्जा आधारित शिक्षा के लिए अनुकूल माना जा रहा है. इसके साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ने कोटा-बूंदी क्षेत्र में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया. उन्होंने ‘नो योर कॉन्स्टिट्यूशन’ कार्यक्रम को स्कूलों में व्यापक रूप से लागू करने की बात कही, ताकि विद्यार्थी संविधान की मूल भावना और मूल्यों से परिचित हो सकें. बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, ट्रिपल आईटी कोटा के निदेशक सहित कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे.

मध्य प्रदेश में 34 अवैध कॉलोनियों पर काम ठहरा, नागरिक सुविधाओं का विकास रुकावट में

भोपाल  भोपाल जिले में अवैध कॉलोनियों को रोकने और इनमें विकास कार्य करवाने के लिए करीब एक साल पहले अधिग्रहण योजना बनाई गई थी। जिसको लेकर करीब 34 अवैध कॉलोनियों को चिह्नित किया गया था, जिनका अधिग्रहण कर उनमें बिजली, पानी, सड़क आदि सुविधाओं सहित अन्य विकास कार्य किए जाने थे। यह कार्य एसडीएम और जिला पंचायत को सौंपा गया था लेकिन कारवाई के नाम पर सिर्फ 50 से अधिक कॉलोनाइजरों को नोटिस थमाए गए थे लेकिन इससे आगे कुछ नहीं हो सका है। नतीजतन एक साल में शहरी सीमा और उससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में भूमाफिया और जमीन मालिकों ने मिलकर अवैध कॉलोनियां काटकर प्लाट बेच दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार शहर में विकसित हुई अवैध कॉलोनियों में लोगों को सुविधाओं के नाम पर प्लाट बेचे गए हैं, लेकिन बाद में वह ठगा महसूस कर रहे हैं। इससे उन्होंने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से शिकायत की थी, जिससे कलेक्टर ने एक साल पहले निर्देश दिए थे कि कॉलोनी विकास नियम-2021 के तहत अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई कर उनका अधिग्रहण किया जाए। 50 से ज्यादा कॉलोनाइजरों को नोटिस दिए गए थे इसके बाद जिला प्रशासन ने पहली बार कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक कॉलोनाइजरों को नोटिस थमा दिए थे, जिसमें से कुछ ही दस्तावेज पेश करवाए थे, जबकि बाकि नहीं दे पाए थे। ऐसे में 34 के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करवाई गई थी। इन 34 अवैध कॉलोनियों को अधिग्रहण कर इनमें विकास कार्य करना थे, लेकिन बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मिलीभगत से बहाल कर दी गईं अवैध कालोनियां सूत्रों के अनुसार अवैध कॉलोनियों के विकास की योजना को निचले स्तर के अधिकारियों ने मिलकर पलीता लगाया है। इनको अधिग्रहण करने की जगह भूमाफिया और जमीन मालिकों से साठगांठ कर बहाल कर दिया गया। जिससे इन कॉलोनियों में रोक के बाद भी प्लाट बेचे गए और रजिस्ट्री तक हुई। इनमें ग्राम कुराना की 13, छावनी पठार की छह, सिंकदराबाद, पिपलिया बेरखेड़ी और थुआखेड़ा की दो-दो, सुरैया नगर, कालापानी, कोटरा, सेवनिया ओंकारा, कान्हासैया, अरेड़ी, कोलुआखुर्द, शोभापुर जहेज और खंडाबड़ की एक-एक कालोनी शामिल थीं। यह बनाई थी योजना, अमल होता तो मिलता लाभ कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन ने जो अधिग्रहण योजना बनाई थी। जिसके तहत अवैध कॉलोनियों को प्रशासन, जिला पंचायत के अधिकारी कॉलोनी को अपने संरक्षण में लेकर बचे हुए प्लाट को बेचकर उनसे होने वाली आय से बिजली, पानी, सड़क, नाली और अन्य सुविधाएं विकसित की जानी थीं। इन कालोनियों में एक प्रशासक नियुक्त किया जाना था ओर ले आउट बनवाने से लेकर टीएंडसीपी से अप्रूव करने सहित सभी जरूरी अनुमतियां ली जानी थीं। अधिग्रहण की योजना बनी हुई है भोपाल जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई की गई हैं। जिन कॉलोनियों में विकास नहीं हुआ है, उनको अधिग्रहण की योजना बनी हुई है। जिस पर आने वाले समय में काम किया जाएगा, जिससे यहां बचे हुए प्लाट को बेचकर इनमें विकासकार्य और सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

उज्जैन में सामूहिक हनुमान चालीसा: धीरेन्द्र शास्त्री के नेतृत्व में 1.5 लाख पाठ का आयोजन

उज्जैन उज्जैन शहर में सीताराम आगामी 20 दिसंबर को उज्जैन में श्री बागेश्वर धाम पीठ श्री गुरुदेव धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा सनातन धर्म के नए आगम और नए रिकॉर्ड के साथ एक साथ डेढ़ लाख जन एक साथ हनुमान चालीसा पाठ का रिकॉर्ड बनाने को तैयार है मुख्य अतिथि आदरणीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के संरक्षक में इंजीनियरिंग कॉलेज सुबह 9 बजे से से इंदौर रोड स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। जिसमें बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद अनिल फिरोजिया, अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी सहित अनेक संत, महंत, महामंडलेश्वर, शिक्षाविद, चिकित्सक और विभिन्न समाजों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। मंदिरों के ध्वजों की महाआरती होगी सोशल वेलफेयर सोसाइटी ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष दुर्गेश नंदिनी शर्मा एवं आयोजन समिति अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चावड़ा ने बताया कि इस अवसर पर 1008 हनुमान मंदिरों के ध्वजों की महाआरती भी की जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीराम धुन से होगी, जिसके बाद सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ संपन्न कराया जाएगा। आयोजन में प्रमुख मार्गदर्शन पूर्व राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी भावना जोशी तथा पुणे (महाराष्ट्र) से श्रीराम धुन प्रस्तुति दल का रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर विशाल डोम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश देगा।

शीतलहर से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, आवश्यक तैयारियों और जनजागरूकता पर जोर

शीतलहर से बचाव के लिए आवश्यक तैयारियों एवं जनजागरूकता के लिए एडवाइजरी जारी गर्म कपड़े पहनें, कई परतों में वस्त्र धारण करें, अनावश्यक यात्रा से बचें संतुलित आहार व विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का करें सेवन भोपाल आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  तरुण राठी ने शीतलहर से बचाव के लिए समस्त चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा मैदानी कर्मियों एवं आम नागरिकों को शीतलहर के लक्षण, बचाव उपाय तथा Do’s & Don’ts के संबंध में जागरूक करने और आवश्यक तैयरियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में माह दिसंबर एवं जनवरी के दौरान शीतलहर का प्रकोप प्रायः देखने को मिलता है। इस अवधि में कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5–7 डिग्री सेल्सियस अथवा उससे कम दर्ज किया जाता है, जिससे जन-मानस के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया, फ्रॉस्टबाइट जैसी शीतजनित बीमारियाँ तथा विषम परिस्थितियों में मृत्यु की संभावना भी हो सकती है। शीतलहर के दौरान विशेष रूप से 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, हृदय एवं श्वसन रोग से पीड़ित व्यक्ति, बेघर लोग, खुले स्थानों व निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिक, सड़क किनारे रहने वाले व्यक्ति एवं छोटे व्यवसायी अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। शीतलहर क्या है शीतलहर एक मौसम संबंधी घटना है जिसमें न्यूनतम तापमान में अचानक गिरावट आती है, ठंडी हवाएँ चलती हैं तथा पाला या बर्फ जमने जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।  शीतलहर के दौरान क्या करें (Do’s) स्थानीय रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम की जानकारी नियमित रूप से लेते रहें। पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहनें तथा कई परतों में वस्त्र धारण करें। सिर, गर्दन, हाथ एवं पैरों को अच्छी तरह ढकें; टोपी, मफलर एवं मोज़े का प्रयोग करें। वॉटरप्रूफ जूतों का उपयोग करें। गर्म एवं तरल पेय पदार्थ (चाय, सूप आदि) लेते रहें तथा संतुलित आहार व विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का सेवन करें। ठंडी हवा से बचें, यथासंभव घर के अंदर रहें एवं अनावश्यक यात्रा से बचें। बच्चों, बुजुर्गों, अकेले रहने वाले एवं असहाय व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। आवश्यक दवाइयों, ईंधन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का पूर्व भंडारण रखें। ठंड से प्रभावित होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और निकटस्थ अस्पताल से संपर्क करें। क्या न करें (Don’ts) अत्यधिक ठंड में खुले स्थानों पर अनावश्यक समय तक न रहें। गीले कपड़े पहनकर न रहें, तुरंत सूखे कपड़े पहनें। हाइपोथर्मिया से पीड़ित व्यक्ति को मादक पेय पदार्थ न दें। गंभीर ठंड के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें। हाइपोथर्मिया एवं फ्रॉस्टबाइट के लक्षण तेज कंपकंपी, अत्यधिक थकान, भ्रम की स्थिति, बोलने में कठिनाई, नींद आना। हाथ-पैर की उंगलियों, कानों या नाक में सुन्नता, सफेद या पीला पड़ना। शिशुओं में ठंडी, लाल त्वचा एवं ऊर्जा की कमी। हाइपोथर्मिया एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है। ऐसे में व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर ले जाकर सूखे कंबल से ढकें और शीघ्र अस्पताल पहुँचाएँ। मौसम की जानकारी नागरिक अद्यतन मौसम पूर्वानुमान एवं शीतलहर संबंधी चेतावनी निम्न वेबसाइट्स से प्राप्त कर सकते हैं

मध्य प्रदेश विधानसभा में चर्चा: मेडिकल कॉलेज और शिक्षकों की भर्ती, 903 लोगों पर एक डॉक्टर की स्थिति

भोपाल  विधानसभा के विशेष सत्र में बुधवार को बैतूल विधायक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि 2003 में मात्र पांच शासकीय और दो निजी मेडिकल कॉलेज थे। आज 19 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, छह केंद्र सरकार की मदद से बन रहे हैं। 14 निजी मेडिकल कॉलेज हैं और 13 पीपीपी मोड पर बनाए जा रहे हैं। कुछ सालों में 52 मेडिकल कॉलेज दिखेंगे हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कुछ सालों में 52 मेडिकल कॉलेज दिखेंगे। पीपीपी मोड पर बनने वाले चार मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा 23 दिसंबर को करेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका में 320 लोगों पर एक, चीन में साढ़े चार सौ लोगों पर एक, जापान में 400 लोगों पर एक और मध्य प्रदेश में 903 लोगों पर एक डॉक्टर है। जब 52 मेडिकल कॉलेज धरातल पर आएंगे तो लगभग 10 हजार सीटें हो जाएंगी और हम देश के अग्रणी मेडिकल स्टेट में हो जाएंगे। जहां डॉक्टर और मरीज व्यक्तियों का अनुपात बराबर हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे देश में सर्वाधिक 34 लाख मरीजों का इलाज आयुष्मान योजना में प्रदेश सरकार ने कराया है। प्रदेश में 30 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभागीय उपलब्धियां गिनाते हुए आगामी कार्य योजना भी बताई। उन्होंने कहा कि 30 हजार 281 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। 75 हजार के अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की है। अतिथि शिक्षक को अप्रैल से लगाएंगे। पहले शिक्षक की छुट्टी पर क्लास खाली रहती थी, लेकिन अब एक दिन के लिए भी प्रधानाध्यापक अतिथि शिक्षक नियुक्त कर सकेंगे। तीन साल में 1,390 स्कूल भवन बनाए जाएंगे 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तिकरण किया है। अधोसंरचना विकास के काम सभी स्कूलों में चल रहे हैं। आगामी तीन साल में 1,390 स्कूल भवन बनाए जाएंगे। 39 हजार स्कूल भवनों की मरम्मत होगी। निजी विद्यालयों में सिलेबस यूनीफॉर्म में आर्थिक शोषण की शिकायतें आती हैं। आगामी सत्र से हम शासकीय प्रेस से छपवाकर निजी स्कूल के लिए जनपद मुख्यालय स्तर पर बुक शिविर लगाए जाएंगे। बदतर स्थिति में है कानून व्यवस्था कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में पूरा थाना जेल चला गया। मप्र के इतिहास में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। भोपाल में एमडी ड्रग की फैक्ट्री पकड़ाई। जनवरी 2024 से 30 जून 2025 तक 10,840 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुईं। 21,175 महिलाएं और 1,954 कन्याएं एक माह से अधिक समय तक लापता रही हैं। जून 2025 तक 34 हजार साइबर अपराध के दर्ज हुए। सरकार इन सभी विषयों पर ध्यान दें। सरकारी स्कूलों में नेता-अधिकारियों के बच्चे अवश्य पढ़ें उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि हर स्कूल के पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से कृषि से संबंधित एक कोर्स जोड़ जाए। कानून बनाकर यह अनिवार्य किया जाए कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी कम से कम दो से पांच वर्ष तक अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला कराएं। इससे अपने आप शिक्षण संस्थानों का सुधार हो जाएगा। 30,900 किमी सड़क बनाएंगे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि आने वाले तीन साल में 30,900 किलोमीटर सड़क और 1,767 क्षतिग्रस्त पुल बनाएंगे। एक हजार से ज्यादा पंचायतों में किसी भी प्रकार का नेटवर्क नहीं है। वहां काम शुरू करने जा रहे हैं। दिसंबर 2026 तक प्रदेश में कोई भी गांव या पंचायत ऐसी नहीं है जहां श्मशान घाट में कनेक्टिविटी न हो। दुकान के अंदर श्रम अधिकारी बिना आयुक्त की अनुमति नहीं जाएगा। सॉफ्टवेयर बताएगा परियोजना की समय-सीमा लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि देश में पहली बार मध्य प्रदेश में हम वैज्ञानिक और सॉफ्टवेयर आधारित किसी भी परियोजना की समय-सीमा तय को कर रहे हैं। सॉफ्टवेयर बताएगा कि परियोजना की समय-सीमा कितनी होनी चाहिए। एक टाइगर कारिडोर निर्माण की योजना पहली बार देश में एक टाइगर कारिडोर निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके लिए पांच नेशनल पार्क का चयन किया है। यह देश और विदेश के सभी पर्यटकों को आकर्षित करेगा। वहीं, भावांतर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने हुए कहा कि भावांतर योजना में सरसों और मूंगफली का लाभ भी देने की कार्य योजना बनाई जा रही है। मौसम आधारित बीमा योजना भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। उर्वरक की होम डिलेवरी सेवा भी शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। सीएम केयर योजना लाने जा रहे हैं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि हम सीएम केयर योजना लाने जा रहे हैं। इसमें कॉर्डियोलाजी, कैंसर, आर्गन ट्रांसप्लांट, क्रिटिकल केयर जैसे विभाग मेडिकल कॉलेज में खोले जाएंगे। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर और रीवा मेडिकल कॉलेज को एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) की तर्ज पर तैयार करेंगे। दो साल में एक लाख माताओं में 173 मृत्यु हो जाया करती थी। वह घटकर 137 हो गई है। शिशु मृत्यु दर भी 48 से घटकर 37 हुई है। मध्य प्रदेश में साढ़े चार करोड़ लोगों का आयुष्मान योजना में पंजीयन हैं। गरीबों के उपचार के लिए 11 हजार करोड़ का भुगतान किया गया है। एयर एम्बुलेंस और शव वाहन योजना लागू की है।  

उर्वरक कालाबाजारी केवल आपूर्ति की समस्या नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और किसान हितों से जुड़ा गंभीर अपराध

खाद माफिया पर एनएसएः खेती के साथ खिलवाड़ अब 'सामान्य अपराध' नहीं उर्वरक कालाबाजारी केवल आपूर्ति की समस्या नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और किसान हितों से जुड़ा गंभीर अपराध कालाबाजारी की शिकायतों पर एफआईआर और सीधी प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान सरप्राइज इंस्पेक्शन से तय हुई अफसरों की जवाबदेही, सभी जिलों में डेली स्टॉक रिपोर्टिंग सिस्टम लागू पिछले 2 वर्षों में 5,000 से ज्यादा खाद दुकानों का निरीक्षण किया गया, सैकड़ों लाइसेंस निलंबित और रद्द किये गये रबी सीजन 2025-26 में प्रदेश में यूरिया, डीएपी और एनपीके की कुल उपलब्धता 130 लाख मीट्रिक टन से अधिक लखनऊ  योगी सरकार खाद की कालाबाजारी को लेकर काफी सख्त है। योगी सरकार ने खाद की कालाबाजारी के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए साफ संदेश दिया है कि खेती और किसान हितों से जुड़ा अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद माफिया के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) जैसी कठोर कार्रवाई की जा रही है। योगी सरकार का मानना है कि उर्वरकों की कालाबाजारी केवल आपूर्ति या प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा, किसान की आजीविका और प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा गंभीर अपराध है। एफआईआर और सीधी प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग किसानों को संकट में डालकर मुनाफाखोरी कर रहे हैं, वे केवल कानून नहीं तोड़ रहे, बल्कि देश और प्रदेश की खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे तत्वों को ‘सामान्य अपराधी’ मानकर नहीं छोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ एनएसए जैसी कठोर धाराएं लगाई जाएंगी, ताकि वे लंबे समय तक समाज के लिए खतरा न बन सकें। योगी सरकार ने खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग की शिकायतों पर त्वरित एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अब केवल नोटिस या चेतावनी देकर मामले को ठंडे बस्ते में नहीं डाला जाएगा। जिला प्रशासन को अधिकार दिया गया है कि वह मौके पर ही सख्त कार्रवाई करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान को खाद के लिए दर-दर भटकना पड़े, यह सरकार के लिए स्वीकार्य नहीं है। अगर कहीं भी कालाबाजारी की सूचना मिलती है, तो संबंधित अधिकारी सीधे हस्तक्षेप करेंगे और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। सरप्राइज इंस्पेक्शन से अफसरों की जवाबदेही हुई तय योगी सरकार ने खाद की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरप्राइज इंस्पेक्शन का तंत्र मजबूत किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अफसर भी जवाबदेह होंगे। औचक निरीक्षण के दौरान स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, दर सूची और वितरण प्रक्रिया की गहन जांच की जा रही है। यदि किसी स्तर पर मिलीभगत या आंख मूंदने की शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई तय है। योगी सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में डेली स्टॉक रिपोर्टिंग सिस्टम लागू किया है। इसके तहत हर खाद दुकान और गोदाम को रोजाना उपलब्ध स्टॉक, बिक्री और शेष मात्रा की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किसी भी जिले या ब्लॉक में संभावित कमी का पहले ही आकलन किया जा सकेगा। ऐसे में तकनीक का इस्तेमाल कर खाद माफिया की हर चाल पर नजर रखी जा रही है और समय रहते कार्रवाई की जा रही है। दो वर्षों में 5,000 से अधिक दुकानों का निरीक्षण योगी सरकार की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश भर में 5,000 से ज्यादा खाद दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर सैकड़ों दुकानों के लाइसेंस निलंबित और रद्द किए गए। कई मामलों में भारी जुर्माना भी लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह अभियान केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका असर जमीनी स्तर पर किसानों को दिखना चाहिए। योगी सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि रबी सीजन 2025-26 के लिए प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यूरिया, डीएपी और एनपीके की कुल उपलब्धता 130 लाख मीट्रिक टन से अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, तो कालाबाजारी का कोई औचित्य नहीं बनता। अगर फिर भी कहीं कृत्रिम संकट पैदा किया जाता है, तो यह साफ तौर पर आपराधिक साजिश मानी जाएगी। किसानों को भरोसा, माफिया को चेतावनी मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या जबरन टैगिंग की शिकायत तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं। सरकार उनके साथ खड़ी है और हर शिकायत पर कार्रवाई होगी। वहीं, खाद माफिया को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अब कानून का डंडा और भी सख्त होगा। खेती के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।