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जी.एच. रायसोनी मेमोरियल मध्यप्रदेश स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता में अकादमी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

भोपाल  खरगोन में 11 से 16 जून 2026 तक आयोजित जी.एच. रायसोनी मेमोरियल मध्यप्रदेश स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता-2026 में खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न स्पर्धाओं में स्वर्ण एवं कांस्य पदक हासिल किए। अंडर-19 वर्ग में अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। नवैध्या टोंडे बने प्रतियोगिता के स्टार खिलाड़ी अकादमी के खिलाड़ी नवैध्या टोंडे ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बालक एकल (अंडर-19) एवं बालक युगल (अंडर-19) दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर दोहरी सफलता हासिल की। पूरे टूर्नामेंट में उनके आक्रामक और तकनीकी खेल ने सभी को प्रभावित किया। बालिका वर्ग में पाखी और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन पाखी गुप्ता ने बालिका युगल (अंडर-19) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ बालिका एकल (अंडर-19) में कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं संस्कृति अग्रवाल ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बालिका युगल (अंडर-19) का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रुद्र प्रताप ठाकुर ने भी दिलाए महत्वपूर्ण पदक अकादमी के खिलाड़ी रुद्र प्रताप ठाकुर ने बालक युगल (अंडर-19) में स्वर्ण पदक जीतने के साथ मिक्स्ड डबल्स (अंडर-19) में कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन ने अकादमी की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अकादमी खिलाड़ियों का दबदबा मध्यप्रदेश बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबलों के बीच अकादमी खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्कृष्ट तकनीक का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण मुकाबले अपने नाम किए। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बल पर अकादमी ने प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण अकादमी खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को दिए जा रहे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हासिल की गई यह सफलता भविष्य की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने वाली है। खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। मंत्री  सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। सामूहिक प्रयास का परिणाम इस सफलता का श्रेय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जिनके सतत मार्गदर्शन और मेहनत से खिलाड़ी इस मुकाम तक पहुंचे हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रदेश की खेल अकादमियों में उपलब्ध उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।  

अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ेगा समाज , विकास में सरकार हर कदम पर साथ – मुख्यमंत्री साय

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रापारा में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 1 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आदिवासी परंपरा के अनुरूप मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर एवं पीला चावल से तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम स्थल स्थित आदिवासी देवस्थल देवठाना में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने भी वृक्षारोपण किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि कचना धुरवा की यह पवित्र भूमि आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने गोंडवाना भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से बनी सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है। बीते ढाई वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय गरियाबंद और बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित थे, लेकिन आज यहां शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से विकास की नई तस्वीर उभर रही है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए भी प्रदेशवासियों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरचार्ज माफी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता नजदीकी बिजली कार्यालय में पंजीयन कराएं। प्रदेश में अब तक 757 करोड़ रुपए से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की मंशा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। खाता विभाजन, नामांतरण, फौती, बिजली ट्रांसफार्मर सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कचना धुरवा गोंडवाना भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपए की घोषणाएं कीं। इनमें भवन की बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 27 लाख रुपए, छात्र-छात्राओं के लिए ग्रंथालय निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, भगवान कचना धुरवा की प्रतिमा स्थापना हेतु 6 लाख रुपए तथा भवन के सौंदर्यीकरण हेतु 10 लाख रुपए की स्वीकृति शामिल है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप लगभग ढाई एकड़ भूमि में यह भव्य भवन निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज को शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों, किसानों और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, सांसद मती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक  रोहित साहू  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गोंड महासभा के पदाधिकारी, समाजजन, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

22 लाख 60 हजार रुपए नगद, लूट की रकम से खरीदी गई कार एवं अन्य सामग्री जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में संगठित अपराधों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कार्रवाई के अंतर्गत इंदौर पुलिस ने स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से हुई 29 लाख 65 हजार रुपए की लूट की वारदात का त्वरित खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई राशि में से 22 लाख 60 हजार रुपए नगद, लूट की रकम से खरीदी गई एक आई-20 कार तथा घटना में प्रयुक्त अन्य सामग्री जब्त की है। फरियादी मुकुल अग्रवाल, निवासी रामचंद्र नगर एक्सटेंशन, इंदौर द्वारा थाना पंढरीनाथ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 11 जून को वह अपने स्क्रैप व्यवसाय से संबंधित विभिन्न प्रतिष्ठानों से भुगतान राशि एकत्रित कर लगभग 29 लाख 65 हजार रुपए नगद लेकर दोपहिया वाहन से जा रहा था। इसी दौरान रात्रि में जायसवाल धर्मशाला के समीप दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोककर मारपीट की तथा नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त इंदौर  संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में आठ विशेष पुलिस टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने घटना स्थल एवं संभावित मार्गों के 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र एवं सतत पुलिसिंग के आधार पर एक संदिग्ध एक्टिवा वाहन की पहचान की गई, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। इसके बाद इंदौर सहित आसपास के जिलों एवं अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया था। आरोपियों द्वारा फरियादी की पूर्व से रेकी की जा रही थी तथा भुगतान संग्रहण के प्रथम स्थान से ही उसका पीछा किया जा रहा था। उपयुक्त अवसर मिलते ही उन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी में हुए आर्थिक नुकसान एवं बढ़ते कर्ज के कारण उसने लूट की योजना बनाई थी। उसने अपने दो साथियों को फरियादी की गतिविधियों पर नजर रखने तथा रेकी करने का जिम्मा सौंपा था। पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर सह-आरोपी को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस द्वारा शेष लूटी गई राशि की बरामदगी तथा प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में आरोपियों का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। मामले में विस्तृत विवेचना जारी है। मध्यप्रदेशपुलिस संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है तथा अपराधियों के विरुद्ध इस प्रकार की प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगा।  

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग के कार्यों का किया निरीक्षण

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पेण्ड्रा रोड में निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में चल रहे फिनिशिंग कार्यो के साथ ही शेष रह गए कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम करते हुए आगामी अगस्त माह तक इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए। उन्होंने लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कंपोजिट बिल्डिंग में कलेक्टर चेंबर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हॉल, वेटिंग रुम, आवक-जावक शाखा, पोर्च और लिफ्ट सहित विभिन्न कमरों का अवलोकन कर वहां लगे टाइल्स, ग्रेनाइट, वायरिंग इत्यादि कार्यों की गुणवत्ता देखी।  सचिव  बंसल ने कलेक्टर न्यायालय एवं मीटिंग हॉल में आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य मार्ग से भवन तक पहुंच मार्ग, परिसर की बाउंड्रीवॉल, पार्किंग तथा  कैन्टीन के काम जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन को विभिन्न विभागों के लिए कक्ष आबंटन की कार्यवाही करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  व्ही.के. भतपहरी, जिला पंचायत के सीईओ  मुकेश रावटे और लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता मती नित्य कुमारी ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी  बंसल के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल, राज्य सरकार ने जारी की 29 IAS अधिकारियों की ट्रांसफर सूची

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (भाप्रसे) के 29 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस सूची में भोपाल और रीवा संभाग के कमिश्नरों को बदलने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों और निदेशकों के प्रभार में भी बदलाव किया गया है। भोपाल और रीवा संभाग को मिले नए कमिश्नर आदेश के मुताबिक, भोपाल संभाग के वर्तमान कमिश्नर श्री संजीव सिंह (2005) को अब सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह श्री कर्मवीर शर्मा (2010), जो वर्तमान में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आयुक्त व सचिव थे, उन्हें भोपाल संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं, रीवा संभाग के कमिश्नर बाबू सिंह जामोद (2006) को भोपाल मंत्रालय में नगरीय विकास एवं आवास विभाग का सचिव बनाया गया है । उनकी जगह अब शीलेन्द्र सिंह (2010) रीवा संभाग के नए कमिश्नर होंगे । इन वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में हुआ बदलाव  मुकेश चन्द गुप्ता (1998): सचिव, मानव अधिकार आयोग से अब प्रमुख सचिव, जेल विभाग बनाए गए हैं।  डॉ. ई. रमेश कुमार (1999): प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से अब प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग तथा राहत एवं पुनर्वास आयुक्त नियुक्त किए गए हैं।     विवेक कुमार पोरवाल (2000): प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग से अब प्रमुख सचिव, खनिज साधन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।     दीपक सिंह (2007): आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं से अब मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बनाए गए हैं।     अमित तोमर (2009): पंजीयन महानिरीक्षक से अब प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम तथा आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। अपर मुख्य सचिवों को सौंपे गए अतिरिक्त प्रभार तबादला सूची के साथ ही शासन ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं:     के.सी. गुप्ता (1992): अपर मुख्य सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     अनिरूद्ध मुकर्जी (1993): अध्यक्ष, राजस्व मण्डल ग्वालियर को पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।     गुलशन बामरा (1997): प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग को प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।     सोनिया मीना (2013): अपर सचिव, वित्त विभाग को आयुक्त-सह-संचालक, संस्थागत वित्त का अतिरिक्त प्रभार मिला है। इसके साथ ही, नई नियुक्तियों के बाद अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और मनु वास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी मनीष सिंह और अरविन्द कुमार दुबे कुछ अतिरिक्त प्रभारों से मुक्त होंगे। ये अधिकारी भी बदले गए मंत्रालय द्वारा जारी सूची में कई अन्य जिलों और विभागों के अपर सचिव, उप सचिव और निदेशकों के स्तर पर भी बदलाव हुए हैं:     नेहा मारव्या सिंह (2011) को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण का आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है।     मनोज पुष्प (2011) को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का संचालक नियुक्त किया गया है।     रोहित सिंह (2012) अब बजट संचालक की जिम्मेदारी संभालेंगे।     हर्षिका सिंह (2012) को अपर सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग बनाया गया है।     भारती जाटव ओगरे (2012) को कोष एवं लेखा का आयुक्त नियुक्त किया गया है।   आदेश की आधिकारिक पुष्टि यह बड़ा प्रशासनिक आदेश राज्य के राज्यपाल के नाम से मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा जारी किया गया है , जिसकी प्रतिलिपियाँ भारत सरकार के कार्मिक विभाग सहित राज्य के सभी संबंधित विभागों और कोषालयों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।  

जिंदल फाउंडेशन की पहल: जिला जेल रायगढ़ में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की बंदियों की स्वास्थ्य जांच

रायगढ़ समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में जिला जेल, रायगढ़ में बहु-विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 203 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं। शिविर में सामान्य चिकित्सा, स्त्री एवं प्रसूति रोग, कान-नाक-गला (ईएनटी), नेत्र रोग तथा दंत चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पुरुष एवं महिला बंदियों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कर आवश्यक परामर्श प्रदान किया। साथ ही विभिन्न बीमारियों की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। जेल परिसर में इस प्रकार की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता ने बंदियों को ऐसे चिकित्सकीय परामर्श और उपचार तक पहुंच प्रदान की, जो सामान्य परिस्थितियों में उनके लिए सहज रूप से उपलब्ध नहीं हो पाते। शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अवसर पर जेल प्रशासन ने जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह स्वास्थ्य शिविर समाज के सभी वर्गों, विशेषकर सुधार गृहों में निवासरत व्यक्तियों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रति जिंदल फाउंडेशन की सतत प्रतिबद्धता का परिचायक है।

कौशल, शिक्षा और रोजगार से सशक्त युवा ही विकसित राष्ट्र की नींव : मंत्री देवांगन

रायपुर वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन आज रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया गु्रप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर  देवांगन ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है, लेकिन चुनौती है उन्हें आज के दौर के अनुसार हुनरमंद बनाना।  देवांगन ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां परिर्वतन ही एक मात्र स्थिर चीज है और इस दौर में भारत को एक महा शक्ति बनाने का सबसे बड़ा सारथी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)।      विकसित भारत के लिए ए.आई. संचालित कौशल विकास वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम विषय पर आईसेक्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि जब हम साल 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात करते हैं तो ए.आई. केवल एक तकनीक नहीं बल्कि वह इंजन है जो हमारे कौशल, हमारी अर्थव्यव्स्था और हमारे समाज को नई दिशा और रफतार देगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक विकास की रोशनी देश के आखरी कोने में बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। वित्तीय समावेशन का मतलब है, हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना।  देवांगन ने कहा कि आजकल सामाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार के समस्त योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। यह केवल तकनीकि उत्थान एवं ए.आई. के माध्यम से संभव हो सका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने 5 युवा उद्यमियों को सम्मानित कया।      कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमेन डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पद्म  अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा,डॉ. अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक  राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के  ललित कुमार, सीआईआई के छत्तीसगढ़ प्रमुख  पदम गोयल,  अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

योगी सरकार में घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता में 2 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार

बड़ी उपलब्धिः देश के प्रतिष्ठित 2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब में उत्तर प्रदेश हुआ शामिल योगी सरकार में घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता में 2 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार सोलर विस्तार से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में आई कमी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में घरेलू रूफटॉप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 2 गीगावाट (GW) स्थापित क्षमता का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश के प्रतिष्ठित "2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब में शामिल हो गया है, जहाँ अब तक केवल गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अग्रणी राज्यों की उपस्थिति थी।    यह उपलब्धि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर बढ़ती जनभागीदारी का परिणाम मानी जा रही है। योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित कर स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा को अपनाया है। इस दौरान यूपी नेडा रविंदर सिंह ने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में यह उपलब्धि केवल एक सांख्यिकीय मील का पत्थर नहीं है, बल्कि प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक है। घरेलू रूफटॉप सोलर के विस्तार से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिल रही है।     प्रदेश की इस सफलता में यूपीनेडा के इम्पैनल्ड वेंडर्स, विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, बैंकिंग संस्थानों तथा लाखों उपभोक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न विभागों और संस्थाओं के समन्वित प्रयासों ने सौर ऊर्जा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में योगदान दिया है।      प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में घरेलू सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्तमान प्रगति को देखते हुए प्रदेश अब देश में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है। अधिकारियों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों को चुनौती देते हुए नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकता है। उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य के हरित ऊर्जा भविष्य और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

76 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन एवं शिलान्यास

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जिलेवासियों को 603 करोड़ 46 लाख 32 हजार रुपये की लागत वाले 76 विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने 86 करोड़ 75 लाख 52 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 516 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये की लागत से प्रारंभ होने वाले 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों से जिले में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी तथा विकास को नई गति प्राप्त होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों एवं गरीब परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सुशासन के माध्यम से योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 757 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिलों में राहत दी जा रही है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुक्त योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को बिजली खर्च से राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि सहकारी साख समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को ऋण, खाद, बीज एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए नैनो यूरिया के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरता बनी रहती है तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन और पारदर्शिता राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। उन्होंने नागरिकों से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर नई पहचान स्थापित कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास की रोशनी पहुंचाई जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार है। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिले में आज जिन विकास कार्यों की शुरुआत हुई है, उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, विद्युत तथा जनसुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार होगा और जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहलाने वाला राजिम, राजीव लोचन मंदिर तथा कुलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। राज्य सरकार द्वारा इन धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है तथा 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें जो अभी तक विद्यालय से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के गठन के तत्काल बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्तमान में प्रदेश में 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19 लाख 70 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी कर रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से अंतर की राशि का भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे लाखों संग्राहक परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 41 लाख से अधिक परिवारों को नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं, जहां ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं के साथ विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मासिक खपत पर बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। … Read more

भजनलाल सरकार के शिविरों में हजारों लंबित प्रकरणों का मौके पर निस्तारण

लखनऊ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आमजन को प्रशासन के द्वार तक लाने के बजाय प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने की अवधारणा के साथ संचालित जनकल्याण शिविर अभियान के अंतर्गत आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। इन शिविरों का आयोजन 12 जून से हो रहा है।  इस अभियान के तहत 16 जून तक प्रदेशभर में 1407 शिविर आयोजित किए गए। इनमें विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं से 5 लाख 76 हजार 292 से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए हैं। शिविरों में वर्षों से लंबित प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान की जा रही है। राजस्व विभाग बना त्वरित समाधान का माध्यम राजस्व विभाग द्वारा शिविरों में 16 जून तक ई-धरती पोर्टल के माध्यम से 20,057 नामांतरण, 5,039 सीमाज्ञान एवं पत्थरगढ़ी प्रकरण तथा 2,855 आपसी सहमति से विभाजन प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा 42,216 जाति, मूल निवास एवं हैसियत प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसी प्रकार 19,035 राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण, 1,817 रास्ता प्रकरणों का समाधान तथा 815 अतिक्रमण,749 गैर खातेदारी से खातेदारी संबंधी प्रकरणों में कार्यवाही की गई। शिविरों के माध्यम से 39,267 किसान फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किए गए। पंचायत राज विभाग ने पट्टा वितरण में बनाया नया रिकॉर्ड पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीणों को स्वामित्व अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गईं। अभियान अवधि में 87,626 पट्टे जारी किए गए। इनमें राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के तहत बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को लाभ मिला। इसी प्रकार 5,369 विमुक्त , घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमंतू परिवारों को पट्टे जारी किये गये। साथ ही 7,762 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय स्वीकृतियां,2,038 सामुदायिक स्वच्छता परिसर को ​क्रियाशील बनाया, 9,325 सोख्ता गड्ढों एवं मैजिक पिटों की स्वीकृतियां तथा 10,921 सोख्ता गड्ढों एवं मैजिक पिटों की सफाई की गई। साथ ही 5,12,161 ग्रामीणों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की जानकारी प्रदान की गई। स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं गांव-गांव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविरों में 2 लाख 83 हजार 745 लोगों का उपचार किया गया। 1 लाख 84 हजार 250 व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग, 1 लाख 31 हजार 563 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, 57,821 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग तथा 8,747 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसी प्रकार 12,165 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच एवं 3,471 महिलाओं की ​सिकल सैल रोग की स्क्रीनिंग की गई। इसके अतिरिक्त 20,221 पीएमजेवाई कार्ड वितरित किए गए और 1,724 पोषण किटें प्रदान की गईं। पशुपालन एवं कृषि क्षेत्र को मिला विशेष लाभ पशुपालन विभाग द्वारा 3 लाख 38 हजार 528 पशुओं को कृमिनाशक दवा, 2 लाख 8 हजार से अधिक पशुओं का एच.एस ,बी.क्यू. एवं पी.पी.आर. टीकाकरण,2,07,491 पशुओं का एमएफडी टीकाकरण तथा 39,912 पशुओं का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत बीमा किया गया। वहीं कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने 3 लाख 33 हजार 472 किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की तथा 25,416 प्रधानमंत्री फसल बीमा पॉलिसियां वितरित कीं। ऊर्जा विभाग ने बिजली संबंधी शिकायतों का किया त्वरित समाधान ऊर्जा विभाग द्वारा 9,504 विद्युत आपूर्ति बाधा संबंधी शिकायतों, 7,444 ढीले तार एवं खंभों से संबंधित समस्याओं, तथा 2,191 लोड संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया गया। साथ ही 1,344 नए विद्युत कनेक्शन जारी किए गए। इसी प्रकार 1,465 त्रुटिपूर्ण मीटर एवं 988 ट्रान्सफॉर्मर संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया गया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मिला लाभ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 4,381 पालनहार सत्यापन, 702 सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, तथा 354 संयुक्त सहायता योजना आवेदनों का निस्तारण किया गया। दिव्यांगजन हितार्थ विभिन्न योजनाओं के आवेदन भी स्वीकृत किए गए। खाद्य, पेयजल एवं शिक्षा सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति खाद्य विभाग ने 7,033 एनएफएसए परिवारों की ई-केवाईसी, 5,962 नए पात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने तथा 5,124 राशन कार्डों की एलपीजी आईडी मैपिंग का कार्य किया। जल संसाधन विभाग ने मानसून पूर्व तैयारियों के अंतर्गत 168 जल भराव के क्षेत्रों, 126 जल निकासी मार्गों, 103 बांधों की मरम्मत एवं चिन्हांकन से संबंधित अनेक प्रस्ताव तैयार किए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 4,812 पेयजल गुणवत्ता जांच, 3,728 पाइप लाइन लीकेज मरम्मत, 3,078 हैंडपंप मरम्मत तथा 4,441 अन्य पेयजल शिकायतों का निस्तारण किया गया। शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए 1 लाख 70 हजार 133 विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किया। वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को दिया जनआंदोलन का स्वरूप ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। विभाग द्वारा 16 जून तक 2 लाख 29 हजार 873 पौधों का वितरण किया गया। साथ ही वन भूमि संबंधी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष प्रयास करते हुए 368 परिवादों का समाधान किया गया तथा राजस्व विभाग के सहयोग से वन भूमि पर अतिक्रमण चिन्हांकन एवं सीमांकन संबंधी कार्यवाही भी संपादित की गई। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति भी जागरूक किया गया। परिवहन विभाग ने पात्र नागरिकों को प्रदान की राहत परिवहन विभाग द्वारा शिविरों में विशेष योग्यजन एवं अन्य पात्र नागरिकों को परिवहन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य किया गया। विभाग ने 632 विशेष योग्यजन पास तथा 2,162 अन्य पात्र नागरिकों को पास जारी कर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की। शिविरों में आमजन को परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। आयुर्वेद विभाग की सेवाओं का लाभ हजारों ग्रामीणों को- आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित चिकित्सा परामर्श शिविरों में ग्रामीणों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। विभाग ने 78 हजार 688 रोगियों को आयुर्वेदिक परामर्श प्रदान किया तथा 45 हजार 248 रोगियों को औषधियां वितरित कीं। आयुर्वेद विशेषज्ञों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करते हुए रोगों की रोकथाम संबंधी उपयोगी जानकारी भी दी। सैनिक कल्याण विभाग ने पूर्व सैनिकों एवं आश्रितों की समस्याओं का किया समाधान सैनिक कल्याण विभाग द्वारा शिविरों में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं उनके आश्रितों को राहत प्रदान की गई। विभाग ने 113 पेंशन संबंधी प्रकरणों का निस्तारण किया तथा 39 पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं के पहचान पत्र जारी किए। इसके अतिरिक्त 1,963 नागरिकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की सैनिक कल्याणकारी योजनाओं एवं नवीन निर्णयों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। सहकारिता विभाग ने किसानों को दी वित्तीय सशक्तिकरण की … Read more