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गुरुग्राम को मिलेगी नई सड़क, 6 गांवों की 276 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की अधिसूचना जारी

गुरुग्राम  गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड को गुरुग्राम-सोहना रोड से नई सड़क के माध्यम से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। भूमि अधिग्रहण विभाग इसके लिए छह गांवों की 276 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करेगा। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अगले महीने अवॉर्ड घोषित करने के बाद मुआवजा जमीन मालिकों को दिया जाएगा। भूमि अधिग्रहण विभाग ने 31 दिसंबर, 2023 को सोहना के गांव बहरामपुर की करीब 26 एकड़, उल्लावास की करीब 17 एकड़, कादरपुर की करीब 77 एकड़, मैदावास की करीब 50 एकड़, घूमसपुर की करीब 54 एकड़, बादशाहपुर की करीब 51 एकड़ जमीन को अधिग्रहण के नोटिस जारी किए थे। जमीन मालिकों ने भूमि अधिग्रहण की धारा 4 के नोटिस के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। जमीन अधिग्रहण पर स्टे हो गया। करीब 11 साल तक यह मामला हाईकोर्ट में चला। अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और भूमि अधिग्रहण विभाग के पक्ष में फैसला आ गया है। मार्च में हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि जमीन अधिग्रहण तो पुरानी नीति से कर सकते हैं, लेकिन जमीन मालिकों को मुआवजा राशि साल 2013 की भूमि अधिग्रहण नीति के मुताबिक देना होगा।   विभाग ने भूमि अधिग्रहण नीति की धारा 6 के तहत जमीन मालिकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके पश्चात धारा नौ के तहत अवॉर्ड घोषित किया जाएगा। जमीन मालिकों को मुआवजा राशि वितरित करने के पश्चात 150 मीटर चौड़ाई के इस रोड का निर्माण शुरू किया जाएगा। ग्रेटर एसपीआर के लिए जमीन ली जाएगी ग्रेटर एसपीआर (सोहना रोड से लेकर दिल्ली-जयपुर हाईवे को जोड़ने वाली रोड) को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पारित होने के बाद एचएसवीपी और भूमि अधिग्रहण विभाग ने इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिग्रहण को मंजूरी देने की फाइल को मुख्यालय भेजा गया है। साल 2013 की नई भूमि अधिग्रहण नीति के तहत जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके तहत गांव अकलीमपुर की छह एकड़, टीकली की 63 एकड़, सकतपुर की 68 एकड़, शिकोहपुर की 16 एकड़, नौरंगपुर की 49 एकड़, बाढ गुर्जर की 99 एकड़, मानेसर की 33 एकड़ और नैनवाल की 60 एकड़ का अधिग्रहण किया जाएगा। इस जमीन को धारा 4 के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। समीक्षा बैठक 16 को होगी इन दोनों रोड को लेकर शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में 16 दिसंबर को बैठक होगी। इसमें एचएसवीपी और भूमि अधिग्रहण विभाग के अधिकारियों से इस रोड के लिए जमीन अधिग्रहण की समीक्षा की जाएगी। बैठक में वाटिका चौक से लेकर द्वारका एक्सप्रेस वे तक प्रस्तावित एलिवेटिड रोड और वाटिका चौक पर क्लोवरलीफ के निर्माण की समीक्षा की होगी।  

सरकार किसानों के साथ: टोकन सिस्टम में समय की बंदिश खत्म

रायपुर : धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार का निर्णायक कदम: धान विक्रय प्रक्रिया हुई सरल, अब दिन-रात कभी भी मिलेगा तूहर टोकन सरकार किसानों के साथ: टोकन सिस्टम में समय की बंदिश खत्म किसानों के लिए बड़ी सहूलियत: तूहर टोकन ऐप अब 24 घंटे उपलब्ध किसानों की सुविधा सर्वोपरि, टोकन व्यवस्था को बनाया गया सहज रायपुर प्रदेश के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तूहर टोकन ऐप को अब 24×7 खोल दिया गया है। अब मोबाइल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नहीं रहेगी। किसान दिन-रात किसी भी समय अपनी सुविधा के अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। अब किसान 13 जनवरी तक अगले 20 दिनों तक के लिए टोकन ले सकते हैं।इससे किसानों को धान विक्रय की योजना बनाने और टोकन प्राप्त करने में पर्याप्त समय मिलेगा तथा भीड़ और तकनीकी दबाव की समस्या से राहत मिलेगी। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसान अब 31 जनवरी तक तूहर टोकन ऐप से टोकन ले सकेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लघु किसनों के लिए यह सुविधा मुहैया कराई गई है l उल्लेखनीय है कि टोकन प्रत्येक सहकारी समिति को आबंटित सीमा के भीतर ही जारी किए जाएंगे। किसानों से आग्रह है कि वे समय रहते तूहर टोकन ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त करें और किसी भी असुविधा से बचें। *"किसानों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तूहर टोकन ऐप को 24×7 खोलने और समय की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। अब किसान बिना किसी दबाव के, अपनी सुविधा अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसानों के लिये टोकन की अतिरिक्त समय सीमा और अवधि का विस्तार किसानों को वास्तविक राहत देगा। राज्य सरकार किसान हित में हर संभव कदम उठाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।"-

रायपुर: रेडियोलॉजी में एआई का उपयोग, दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए वरदान – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर : रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित आईरा सीजीकॉन 2025 (IRIA-CGCON-2025) के 15वें वार्षिक राज्यस्तरीय कॉन्फ्रेंस का हुआ शुभारंभ रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग विज्ञान में ज्ञान और सहयोग की नई दिशा रायपुर इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) – छत्तीसगढ़ चैप्टर, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आईरा सीजीकॉन 2025 (IRIA-CGCON-2025) के 15वें वार्षिक राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन चिकित्सा महाविद्यालय स्थित स्व. अटल बिहारी वाजपेई सभागार में किया जा रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। पूरे देशभर से 150 से भी अधिक रेडियोलॉजिस्ट इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।  रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल   सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग तकनीक के क्षेत्र में एआई का समावेश चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया विभिन्न क्षेत्रों में एआई का उपयोग कर तेजी से आगे बढ़ रही है, ऐसे में मेडिकल और विशेषकर रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग समय की आवश्यकता बन चुका है।   स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एआई आधारित इमेजिंग तकनीक से जांच की गुणवत्ता में सुधार, रिपोर्टिंग में तेजी और रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञों की कमी वाले दूरस्थ क्षेत्रों में भी सटीक निदान संभव हो सकेगा। इससे मरीजों को बड़े शहरों तक आने की आवश्यकता कम होगी और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।  उन्होंने सम्मेलन में जुटे देश भर के रेडियोलॉजिस्टों से आह्वान किया कि वे तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सटीक और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करें, ताकि छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर रहने वाले मरीजों को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री के इस विचारोत्तेजक वक्तव्य को सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने सराहा और रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई के व्यापक उपयोग पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।   इस अवसर पर आयोजन समिति के पेट्रन एवं मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, आयोजन अध्यक्ष डॉ. आनंद जायसवाल (अध्यक्ष IRIA-CGCON), उपाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे (विभागाध्यक्ष, रेडियोडायग्नोसिस विभाग), आईरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ए. ए. उस्मान, सचिव डॉ. विकास भोजसिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।   सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे प्रख्यात विशेषज्ञों एवं प्रतिष्ठित वक्ताओं में डॉ. सी. कृष्णा, डॉ. वर्षा जोशी, डॉ. प्रशांत ओंकार, डॉ. नितिन सहित अनेक फैकल्टी मेंबर्स ने सहभागिता की।    सम्मेलन की थीम रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग विज्ञान में ज्ञान और सहयोग की नई दिशा (Advancing Knowledge and Collaboration in Radiology and Imaging Science) रखी गई है।

रायपुर: विशेष लेख – छत्तीसगढ़ में महिला विकास की नई दिशा

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए बीते दो वर्षों के दौरान महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर परिवर्तनकारी कार्य हुए हैं, उन्होंने राज्य को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और निर्णय क्षमता को अपनी नीतियों का मूल आधार बनाते हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की एक नई दिशा तय की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कहते हैं कि हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित जीवन जिए। बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर जो कार्य किए गए हैं, वे एक विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, आजीविका, सुरक्षा और भागीदारी को हर नीति के केंद्र में रखकर आगे भी योजनाएँ लागू करती रहेगी। शासन की महत्वकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को नई मजबूती दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को वर्चुअली लॉन्च की गई इस योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को हर माह 1,000 रुपये की प्रत्यक्ष सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि 22 किश्तों में उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है। महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी यह दर्शाता है कि महिला कल्याण राज्य की विकास-यात्रा का केंद्र बिंदु है। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट जैसे निर्णयों ने उन्हें न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण भी प्रदान की है। इसी क्रम में 368 महतारी सदनों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जहाँ महिलाओं को प्रशिक्षण, परामर्श, कौशल विकास और सहायक सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का ऑनलाइन भुगतान शुरू कर सरकार ने सुशासन और पारदर्शिता को और भी मजबूत किया है। ग्रामीण और वंचित वर्ग की महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए राज्य सरकार ने स्व-सहायता समूहों को नए अवसर प्रदान किए हैं। छह जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ और सूरजपुर में रेडी-टू-ईट का कार्य महिला समूहों को सौंपा गया है। वहीं 42 हजार 878 महिला समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया गया है। इसके साथ ही निर्माण श्रमिक परिवारों की महिलाओं और बेटियों के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, सिलाई मशीन सहायता और दीदी ई-रिक्शा योजना जैसी पहलों ने आजीविका के नए विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। मिनीमाता महतारी जतन योजना गर्भवती श्रमिक महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान कर रही है। कन्याओं के विवाह में सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को और सशक्त बनाते हुए 50,000 रुपये की सहायता में से 35,000 रुपये सीधे कन्या के खाते में जमा करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2024-25 में 8,000 कन्याओं के विवाह हेतु 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एनआरएलएम के तहत लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों पर 800 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो देश में महिला उद्यमिता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। नवाबिहान योजना घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा और मनोसामाजिक सहायता प्रदान कर रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जिसने सखी वन-स्टॉप सेंटर का डिजिटल वर्जन तैयार किया और इसके लिए मानक प्रक्रिया (ैव्च्) लागू की। 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के एकीकृत संचालन ने संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसी तरह सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए शुचिता योजना के तहत 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं, जबकि 3 लाख से अधिक किशोरियों को स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराई गई है। हाई स्कूल छात्राओं को साइकिल वितरण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण महिला समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित जशप्योर ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास भी महिलाओं के लिए नए अवसर खोल रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि, महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। महतारी वंदन योजना से लेकर नवाबिहान, लखपति दीदी, शुचिता और महतारी सदन जैसी पहलें महिलाओं के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। आने वाले समय में विभाग इन योजनाओं को और प्रभावी रूप से विस्तार देगा ताकि हर महिला अपने सपनों को साकार कर सके। महिला एवं बाल विकास विभाग को वर्ष 2025-26 में 8,245 करोड़ रुपये का बजट देकर सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला कल्याण और सुरक्षा उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में हुए परिवर्तन यह प्रमाणित करते हैं कि महिलाओं को केंद्र में रखकर किया गया विकास न केवल सुशासन की पहचान है बल्कि एक प्रगतिशील समाज की आधारशिला भी है। छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई दिशा, नई उम्मीद और नए परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।   डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक (जनसंपर्क)

किसानों को दिया बड़ा आश्वासन- उपज का एक-एक दाना खरीदेगी सरकार- मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर : कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर-उदयपुर क्षेत्र में करोड़ों के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन-लोकार्पण किसानों को दिया बड़ा आश्वासन- उपज का एक-एक दाना खरीदेगी सरकार- मंत्री राजेश अग्रवाल रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा क्षेत्र लखनपुर और उदयपुर में करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क सुविधाएं मजबूत होंगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री ने क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए कहा कि सभी आवश्यक परियोजनाओं को शीघ्रता से पूरा किया जाएगा। उदयपुर विकासखंड के चैनपुर-खमरिया मार्ग पर रेहंड नदी में उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 11 करोड़ 86 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री अग्रवाल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन किया, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को नदी पार करने में होने वाली कठिनाइयों से मुक्ति मिलेगी। पुल बनने के बाद स्थानीय बाजारों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच आसान हो जाएगी। ग्राम पंचायत लाटोरी में 5 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पुलिया का भी भूमिपूजन किया गया। इस समारोह में स्थानीय सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। यह पुलिया क्षेत्रीय संपर्क को और सशक्त बनाएगी, जिससे किसानों और ग्रामीणों को दैनिक कार्यों में सुगमता मिलेगी। मंत्री राजेश अग्रवाल ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी उपज का एक-एक दाना खरीदेगी और उचित मूल्य दिलवाएगी। यदि किसी समिति में कर्मचारी द्वारा अवैध वसूली, परेशानी या अनुचित व्यवहार होता है, तो टोल-फ्री नंबर पर शिकायत करें। शिकायत मिलते ही तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के विकास के प्रति समर्पण जताते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण विकास के लिए कटिबद्ध है।

पंजाब में डिजिटल राजस्व प्रणाली का नया मॉडल, 99 प्रतिशत गांवों में रिकॉर्ड हुए डिजिटाइज

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजस्व विभाग को पूरी तरह तकनीक-आधारित और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी जैसी पहलें अब राज्य में संपत्ति पंजीकरण और भूमि रिकॉर्ड सेवाओं को नया स्वरूप दे रही हैं, जिससे लाखों नागरिकों का समय और पैसा बच रहा है। ईजी रजिस्ट्री, जो मई 2025 में मोहाली से शुरू होकर पूरे राज्य में लागू हो चुकी है, आधुनिक डिजिटल सिस्टम पर आधारित है। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक घर बैठे ऑनलाइन शुल्क भुगतान, दस्तावेज़ अपलोड और संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकता है—और 48 घंटे के भीतर अनुमोदित रजिस्ट्री प्राप्त कर सकता है। 1076 हेल्पलाइन के जरिए दस्तावेज़ कलेक्शन सेवा भी उपलब्ध है, जिससे बुजुर्गों और एनआरआई नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। ईजी जमाबंदी, जिसे जून 2025 में लॉन्च किया गया, विशेष रूप से किसानों के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाया है। easyjamabandi.punjab.gov.in पोर्टल तथा व्हाट्सएप सेवा के माध्यम से गांवों का भूमि रिकॉर्ड अब सिर्फ कुछ मिनटों में डिजिटल हस्ताक्षरित और QR कोड युक्त फ्री कॉपी के रूप में उपलब्ध है। पहले महीनों लगने वाली इंतकाल प्रक्रिया अब 30 दिनों के भीतर पूरी हो जाती है। राज्य के 99 प्रतिशत गांवों के रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटाइज हो चुके हैं, जिससे दलालों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। सरकार के अनुसार इन सेवाओं के चलते हर वर्ष करीब 100 करोड़ रुपये जनता की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि “अब सिस्टम जनता के दरवाज़े तक पहुँच रहा है, न कि जनता सिस्टम के पीछे।” इन डिजिटल सुधारों ने पंजाब को देश का सबसे पारदर्शी और कुशल ई-गवर्नेंस मॉडल बनाने की दिशा में अग्रणी राज्य बना दिया है।

वैवाहिक मुहूर्त पर रोक: आज से थमी शादियों की रौनक, वजह जानकर होंगे हैरान

जैतो  हिंदू रीति-रिवाजों को मानने वाले लोग विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नया वाहन और मकान लेने जैसे कार्यों के लिए शुभ दिन तय करवाते हैं। मान्यता है कि किसी शुभ मुहूर्त में किया गया मंगल कार्य ही शुभ फल देता है। लेकिन अगर इस दौरान विवाह की खुशियों की बात करें तो अब शहनाइयां नहीं बजेंगी, क्योंकि शुक्र 12 दिसंबर की रात को अस्त हो जाएगा और 1 फरवरी 2026 तक इसी स्थिति में रहेगा। इस अवधि के दौरान भारत में सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने बच्चों का विवाह नहीं कर सकेंगे। बताया जाता है कि स्वर्गीय पंडित कल्याण स्वरूप शास्त्री ‘विद्यालंकार’ के पुत्र पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार, प्रसिद्ध हिंदू धार्मिक ग्रंथ ‘मुहूर्त चिंतामणि’ में कहा गया है कि जब बुध, गुरु और शुक्र अस्त होते हैं, तब विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, देवताओं या तीर्थ स्थलों की पहली यात्रा, तालाब और कुआं खुदवाने तथा अन्य शुभ कार्यों की मनाही होती है। उन्होंने कहा कि अब लाखों कुंवारे लोगों को अपने विवाह की शहनाइयों के लिए 1 फरवरी 2026 तक इंतजार करना पड़ेगा। सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने बच्चों का विवाह केवल शुभ समय में ही करना चाहते हैं। इसके बाद नए साल के दूसरे महीने में विवाह और सगाई जैसे सभी शुभ कार्य 4 फरवरी से दोबारा शुरू हो सकेंगे। फरवरी–मार्च 2026 में कुल 18 शुभ विवाह मुहूर्त हैं। फरवरी 2026 में 13 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें 4, 5, 6, 10, 11, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी शामिल हैं। वहीं मार्च 2026 में 5 शुभ मुहूर्त 9, 10, 11, 12 और 14 मार्च को हैं। 

रेलवे ने गंदगी फैलाने वालों पर लगाया भारी जुर्माना, आठ माह में वसूली 24.82 लाख रुपये से अधिक

  जबलपुर  पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के सभी स्टेशनों पर स्टेशन परिसर एवं गाड़ियों में स्वच्छ, सुखद एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के प्रति लगातार प्रयासरत है। मण्डलों के रेलवे स्टेशनों एवं रेलगाड़ियों में नियमित साफ सफाई सुनिश्चित की जाती है, साथ ही नियमित उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को जागरुक भी किया जाता है। इसके अंतर्गत यात्रियों से स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखने, धूम्रपान नहीं करने तथा यहां वहां गंदगी नहीं करने के लिए जागरूक किया जाता है। बार-बार समझाइश के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर रेलवे अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से  नवम्बर कुल आठ माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 12,550 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 24 लाख 82 हजार 940 रूपये जुर्माना वसूला गया।         अकेले नवम्बर माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 1331 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 02 लाख 70 हजार 850 रूपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा जुर्माने के साथ साथ ऐसे लोगों को समझाईश भी दी जाती है। साथ ही गंदगी से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्टेशन परिसर स्वच्छ रखने के लिए अनुरोध भी किया जाता है।         रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है, रेल परिसर में कृपया गंदगी न फैलाएं। स्टेशन का वातावरण स्वच्छ, सुंदर रखने में रेल प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। गंदगी करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।   

जिस VIP नंबर पर लगी थी 1.17 करोड़ की बोली, वही HR 88B 8888 अब 26.71 लाख में बिका

चंडीगढ़  एचआर 88बी8888 नंबर तो आपको याद ही होगा। फैंसी नंबरों की ऑक्शन में इस नंबर की सबसे महंगी नीलामी लगी थी। तब ये 1.17 करोड़ रुपए में नीलाम हुआ था लेकिन इसे खरीदने वाले शख्स ने बोली लगाकर इसकी फीस नहीं चुकाई थी और हरियाणा सरकार ने इसे फिर से ऑक्शन में रखा ​था। अब दूसरी ऑक्शन में इसे कैथल के शख्स ने अपनी पत्नी सुषमा के नाम पर महज 26.71 लाख में खरीदा है। 26 नवंबर को पहली बार इस नंबर की नीलामी हुई थी। हिसार के सुधीर कुमार ने 1.17 करोड़ रुपए लगाकर इसे जीता, लेकिन नीलामी के दो दिन के अंदर पूरी राशि जमा नहीं की। हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने सुधीर की संपत्ति और आय की जांच के आदेश दे दिए। विज ने कहा कि बोली लगाना शौक नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। विज ने ये भी कहा कि आयकर विभाग को एक पत्र भेजा जाएगा और रकम जमा न होने के कारण दोबारा नीलामी की जाएगी। वहीं, पैसे जमा नहीं करने का कारण सुधीर ने तकनीकी दिक्कत बताया था। कल 10 दिसंबर को इस वीआईपी नंबर प्लेट की ऑक्शन में 31 लोगों ने बोली लगाई और शाम 5 बजे तक ऑक्शन चली। इसमें सुधीर ने हिस्सा नहीं लिया था। अंत में इसे सुषमा ने 26.71 लाख में खरीदा। उन्हें भी 3 दिन के अंदर पूरे पैसे जमा करवाने होंगे। पूरी नम्बर प्लेट में लगातार 8 नंबर हरियाणा में फैंसी परिवहन डॉट जीओवी डॉट इन पर प्रत्येक सप्ताह फैंसी नंबर प्लेट की नीलामी होती है। 8888 ये चार अंकों का यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर है, जो वीआईपी नंबरों में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पैटर्न में से एक है। एचआर 88बी8888 में बी भी 8 जैसा दिखता है। इस तरह पूरी नम्बर प्लेट में 8 नंबर लगातार दिखाता है, जिससे इसकी प्रीमियम वैल्यू और बढ़ जाती है। यही वजह है कि लोग इस नम्बर के लिए उतावले हुए थे।

गुमगरा खुर्द पीएचसी के नए भवन का उद्घाटन, ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का वादा – मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर : कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुमगरा खुर्द पीएचसी के नए भवन का किया लोकार्पण, ग्रामीणों को बेहतर रात्रिकालीन सेवाओं का दिया भरोसा रायपुर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत गुमगरा खुर्द में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के आधुनिक नए भवन का फीता काटकर औपचारिक लोकार्पण किया। इस नवीन सुविधा का उद्घाटन ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्रीय विकास की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लोकार्पण समारोह के दौरान मंत्री अग्रवाल ने स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीणजन को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से रात्रिकालीन सेवाओं पर जोर देते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की कमी या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्टाफ को कर्तव्यनिष्ठा, सतर्कता और समर्पण के साथ सेवा प्रदान करने का आग्रह किया गया, ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ और विश्वसनीय बनी रहें। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति रही। नए भवन से अब जांच, उपचार और दवा वितरण जैसी सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध होंगी, जो विशेषकर आपातकालीन स्थितियों में ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होगी। मंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है और ऐसी योजनाओं को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।