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राजा रघुवंशी की याद में परिजनों ने खोला ढाबा, भाई का बयान- शिलांग मूवी के लिए जुटाएंगे पैसे

 इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद उनके परिवार ने राजा की याद में और उनके अधूरे सपने को पूरा करने के लिए ‘राजा भोज ढाबा’ की शुरुआत कर दी है। केट रोड पर खोला गया यह ढाबा राजा के उस सपने का प्रतीक है, जिसमें वह खुद का एक ढाबा शुरू करना चाहते थे। परिवार ने बताया कि राजा की मौत के बाद घरवाले पूरी तरह टूट चुके थे, लेकिन अब उसी सपने को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि राजा पर बनने वाली फिल्म ‘शिलांग’ का काम फिल्म बनने के लिए कहा यह उसे रोक दिया गया है। विपिन ने कहा कि अब वे नए डायरेक्टर के साथ दोबारा मूवी बनाने की शुरुआत करेंगे। इसके लिए ‘राजा भोज ढाबा’ की इनकम से पैसा इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि जल्द ही ‘शिलांग’ मूवी के काम को फिर से शुरू किया जा सके। सोनम को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास राजा रघुवंशी का शिलांग में चल रहे केस (प्रकरण) को लेकर कहा कि फिलहाल गवाह पलट रहे हैं जिसके कारण हो सकता है कि केस कमजोर हो जाए और आने वाले समय में सोनम रघुवंशी को जमानत मिल जाए। हम पूरी ताकत के साथ इस केस को लड़ रहे हैं और सोनम रघुवंशी को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास करने में लगे हुए हैं।

वापसी की हुंकार: विनेश फोगाट दोबारा लड़ेंगी दंगल, लक्ष्य—ओलंपिक 2028

नई दिल्ली  दमदार रेस्लर विनेश फोगाट ओलंपिक गेम्स 2024 में मेडल जीतने से चूक गई थीं। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और विधायक बनीं, लेकिन अब एक बार फिर से उन्होंने रेस्लिंग मैट पर लौटने का फैसला किया है। उन्होंने रेस्लिंग की दुनिया में वापसी का ऐलान भी कर दिया है। ओलंपिक गेम्स 2028 के लिए उन्होंने हुंकार भरी है। विनेश ने बताया है कि वह मैट से दूर गई थीं, लेकिन उसे कभी उन्होंने छोड़ा नहीं है। दिग्गज पहलवान आगे बताती हैं कि इस बार उनके लिए मोटिवेशन उनका बेटा भी है।   विनेश फोगाट ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “लोग पूछते रहे कि क्या पेरिस अंत था। बहुत समय तक, मेरे पास इसका जवाब नहीं था। मुझे मैट से, प्रेशर से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपने सपनों से भी दूर जाने की जरूरत थी। सालों में पहली बार, मैंने खुद को सांस लेने दिया। मैंने अपने सफर के बोझ को समझने के लिए समय लिया – उतार-चढ़ाव, दिल टूटना, त्याग, मेरे वो रूप जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा और कहीं उस सोच में, मुझे सच मिला, मुझे अब भी यह खेल पसंद है। मैं अब भी मुकाबला करना चाहती हूं।” तमाम मेडल जीत चुकीं विनेश आगे लिखती हैं, "उस खामोशी में, मुझे कुछ ऐसा मिला जिसे मैं भूल गई थी 'आग कभी खत्म नहीं होती'। यह सिर्फ थकान और शोर के नीचे दब गई थी। डिसिप्लिन, रूटीन, फाइट… यह सब मेरे सिस्टम में है। मैं कितना भी दूर चली जाऊं, मेरा एक हिस्सा मैट पर बना रहा। तो हां, मैं यहां हूं, LA28 की ओर एक ऐसे दिल के साथ जो निडर है और एक ऐसी भावना जो झुकने से मना करती है और इस बार, मैं अकेली नहीं चल रही हूं, मेरा बेटा मेरी टीम में शामिल हो रहा है, मेरा सबसे बड़ा मोटिवेशन, LA ओलंपिक्स के इस रास्ते पर मेरा छोटा चीयरलीडर।" क्या हुआ था ओलंपिक गेम्स 2024 में उनके साथ? पेरिस में हुए ओलंपिक गेम्स 2024 में विनेश फोगाट ने एक ही दिन में तीन कुश्ती जीती थीं और वह फाइनल में पहुंच गई थीं। अगले दिन फाइनल होना था, लेकिन इससे पहले खबर आती है कि विनेश फोगाट का वजन थोड़ा सा ज्यादा है। ओवरवेट होने की वजह से वह फाइनल में नहीं खेलेंगी और उनको कोई भी मेडल भी नहीं मिलेगा। भारत ने और विनेश फोगाट ने खूब कोशिश की, खेल पंचाट तक मामला गया, लेकिन ओवरवेट की वजह से वह खाली हाथ लौटीं। 

तेजस्वी पर टिप्पणी से मचा घमासान: सुनील सिंह ने शिवानंद तिवारी को बताया ‘अवसरवादी बाबा’

पटना  राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई राजद नेता सुनील कुमार सिंह ने नाम लिए बगैर शिवानंद तिवारी पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने शिवानंद तिवारी को अवसरवादी नेता बताया है। तेजस्वी यादव पर तिवारी के जुबानी हमले के जवाब में सुनील कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पलटवार किया है। उनके फेसबुक पोस्ट से बिहार की सियासत गरमा गई है।   लालू परिवार के बेहद करीबी सुनील कुमार सिंह तेजस्वी यादव के बचाव में शिवानंद तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फेसबुक पर उन्होंने पोस्ट डाला है जिसमें कहा है कि तथाकथित अवसरवादी तिवारी बाबा को जब तक JDU या BJP कुछ बनाने का आश्वासन नहीं देगा,तब तक ये RJD के विरुद्ध रुदाली विलाप करते रहेंगे।  

खजराना गणेश मंदिर की 40 दान पेटियाँ खोली गईं, तीन महीने बाद निकला डेढ़ करोड़ रुपये, डॉलर और गहने

इंदौर इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर की दानपेटियाँ तीन माह बाद खोली गईं। मंदिर परिसर में रखी गई चालीस पेटियों में नोट, सोने-चांदी के ज़ेवरों के अलावा डॉलर व अन्य विदेशी मुद्रा भी निकली है। दो दिन पहले शुरू हुई गिनती शुक्रवार को भी जारी है। नोटों की गिनती पच्चीस कर्मचारियों की टीम कर रही है और जिस कक्ष में नोट गिने जा रहे हैं, वहाँ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। अब तक दान पेटियों में डेढ़ करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि निकली है। दान पेटियों में बंद हो चुके पाँच सौ और दो हज़ार रुपये के नोट भी मिले हैं।  खजराना मंदिर में हर दिन हज़ारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। जगह-जगह दान पेटियों में वे चढ़ावा भी डालते हैं। इन पेटियों की गिनती हर तीन माह में होती है। इस बार हुई गिनती में डेढ़ करोड़ रुपये की राशि निकली है, जो पिछली गिनती की तुलना में कम है। मंदिर में ऑनलाइन दान के लिए क्यूआर कोड भी लगाए गए हैं। भक्त उसका भी आजकल उपयोग कर रहे हैं। दान से मिली राशि से ही मंदिर प्रबंध समिति मंदिर में होने वाले सेवा कार्य, अन्न क्षेत्र व धार्मिक आयोजनों को संचालित करती है। बप्पा मुझे पास करा देना दान पेटियों में कई भक्त दान के साथ मन्नत की पर्चियाँ भी डालते हैं। दान पेटियों से वह भी निकलीं। किसी ने गणपति बप्पा से जल्दी शादी कराने की मुराद माँगी तो किसी ने अच्छे नंबरों से पास होने की अर्जी लगाई। अपनी प्रार्थना पूरी होने के बाद कई भक्तों ने चढ़ावा भी चढ़ाया। उसकी भी पर्चियाँ दान पेटियों से निकलीं।  

नेशनल मार्ग पर गहरी धुंध का कहर, पुलिसकर्मी दर्दनाक हादसे का शिकार

बटाला  आज सुबह अमृतसर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पड़ी गहरी धुंध के कारण हुई एक सड़क दुर्घटना में कार सवार पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने का समाचार प्राप्त हुआ है। घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरिंदर सिंह (60) पुत्र ज्ञान सिंह निवासी बटाला, जो कि पुलिस कर्मचारी है एवं नौशहरा माझा सिंह से चुनाव लड़ रहे एक व्यक्ति के साथ बतौर गनमैन के रूप में डयूटी है, आज सुबह अपनी स्विफ्ट कार से ड्यूटी पर जा रहा था।  जब वह उक्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गिल्लां गांव के पास पहुंचा, तो इसी दौरान एक ट्राला चालक ट्राले का मोड़ काट रहा था कि राजमार्ग पर पड़ी गहरी धुंध के चलते उक्त पुलिसकर्मी की गाड़ी उक्त ट्राले से जा टकराई, जिसके चलते उक्त कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि इस सड़क दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।  इस बीच, दुर्घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे एम्बुलेंस 108 कर्मियों ने उक्त पुलिसकर्मी नरिंदर सिंह को तत्काल उपचार के लिए बटाला के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। 

‘शो-ऑफ सुरक्षा’ पर कैंची: हरियाणा पुलिस ने 72 वीआईपी की सिक्योरिटी वापस ली

चंडीगढ़  हरियाणा में VIP सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला किया गया है. प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की जिला स्तर पर की गई रिव्यू मीटिंग में 72 VIP लोगों की सुरक्षा वापस ले ली है. यह रिव्यू पूरे प्रदेश में थ्रैट इनपुट, एक्सटॉर्शन कॉल्स के आधार पर किया गया. इस फैसले के बाद 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को VIP ड्यूटी से हटाकर सामान्य कानून-व्यवस्था की ड्यूटी पर भेज दिया गया है. DGP ओ पी सिंह ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को एक विस्तृत पत्र जारी किया है, जिसमें VIP सुरक्षा, आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े कई अहम निर्देश शामिल हैं. अपने पत्र में DGP ने साफ कहा कि जिन कानून पाबंद नागरिकों को वास्तव में अपराधियों से खतरा है. पुलिस उनकी पूरी जिम्मेदारी लेकर सुरक्षा सुनिश्चित करे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों से लगातार संपर्क में रहें और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस, ट्रेनिंग, सेल्फ-डिफेंस उपायों जैसी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराएं. प्राइवेट सिक्योरिटी को लेकर बारीकी से जांच DGP ने प्राइवेट सिक्योरिटी को लेकर भी पुलिस अधिकारियों से बारीकी से जांच करने को कहा और CID के थ्रेट असैसमेंट के बाद ही सिक्योरिटी देने की बात कही. उन्होंने कहा कि पुलिस का असल में काम है, अपनी फोर्स को बदमाशों से भिड़ाए रखना. अगर इनको आपने कुछ ही लोगों के घरों के आगे बैठा दिया तो बाकी आबादी की सुरक्षा का घेरा कमजोर हो जाएगा. पुलिसकर्मियों को कुछ गिने-चुने लोगों की सुरक्षा में लगा दिया जाता है तो इससे आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो जाती है, जो स्वीकार्य नहीं है. शो-ऑफ करने वालों को किया जाए ब्लैकलिस्ट DGP ने अपने पत्र में कहा कि अक्सर मॉल-सिनेमा, शादी-मैयत या अन्य आयोजनों में कुछ लोग पुलिस सुरक्षा का शो-ऑफ करते दिख जाते हैं. DGP ने ऐसे लोगों को ‘तिकड़मी’ बताते हुए निर्देश दिया कि उन्हें तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए. बेकार के काम में लगने का क्या मतलब है? DGP ओ पी सिंह ने पुलिस अफसरों को पत्र के जरिए कहा कि प्रदेश में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो अपराधियों को आश्रय देते हैं, आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं और फिर जान का खतरा होने का रोना रोते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करें. 

निरीक्षण में गड़बड़ी पकड़ी तो कार्रवाई तय: ठेकेदारों को CM मान का दो-टूक संदेश

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला जिले में रीतखेड़ी लिंक रोड के निर्माण में अनियमितताएं पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा उसकी सभी अदायगियां तुरंत रोकने के आदेश दिए. जिक्रयोग्य है कि मुख्यमंत्री ने आज तीन निर्माणाधीन सड़कों की जांच की, जिनमें से दो सड़कों का निर्माण कार्य सही पाया गया, जबकि एक सड़क के निर्माण में खामी पाई गई निर्माणाधीन सड़क का औचक निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने सड़क के नमूने लेने के बाद निर्धारित मानकों का पालन न करने पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उसका भुगतान फौरन रोकने के निर्देश दिए. सड़क के नमूनों की लैबोरेटरी जांच भगवंत सिंह मान ने पटियाला जिले में ही निर्माणाधीन पटियाला-सरहिंद सड़क का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को सड़क के नमूनों की लैबोरेटरी जांच करवाने को कहा. इसके अलावा उन्होंने फतेहगढ़ साहिब जिले में रुड़की से रिउंणा पलैन रोड की भी जांच की. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निर्माणाधीन सड़कों की जांच का उद्देश्य पूरे प्रदेश में बन रही सड़कों की गुणवत्ता की जांच करना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बहुत बड़ी राशि खर्च कर रही है, इसलिए यह मुहिम प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें बनाने को सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे आने वाले दिनों में भी यह औचक जांच जारी रखेंगे क्योंकि वे यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि जनता के पैसे का सही उपयोग हो. संबंधित विभागों में हों उचित तालमेल उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को उचित तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सीवरेज लाइनें, पीने के पानी की पाइपें, फाइबर और अन्य सभी काम सड़क निर्माण से पहले ही पूरे हो जाएं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पूरे प्रदेश में नई बनी सड़कों को न्यूनतम नुकसान होगा, जिससे जनता के पैसे का तर्कसंगत उपयोग सुनिश्चित होगा.   लोगों से जोरदार अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे सड़क निर्माण के चल रहे कार्य की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का आग्रह किया क्योंकि यह लोगों की अपनी संपत्ति है. उन्होंने कहा कि आम जनता को इस काम की निगरानी करनी चाहिए और यदि कोई अनियमितता होती है तो उसे प्रदेश सरकार के संज्ञान में लाना चाहिए. भगवंत सिंह मान ने काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि सरकार ने प्रदेश के इतिहास में सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू किया है, जिसमें कुल 16,209 करोड़ रुपए की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि अगले साल के अंत तक प्रदेश सरकार पंजाब के सभी गांवों, कस्बों और शहरों में कुल 16,209 करोड़ रुपए की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बना लेगी. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन सभी सड़कों के निर्माण के साथ 5 साल की देखभाल-संबंध की शर्त जोड़ी गई है, जिससे विश्व स्तरीय सड़क सुरक्षा मानकों के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता के मानक भी सुनिश्चित होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रदेश में बेहतर सड़कें उपलब्ध कराना और ग्रामीण मूलभूत संरचना को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले ही 4,092 करोड़ रुपए की कुल लागत से 19,373 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस साल बाढ़ से हुई व्यापक तबाही के कारण कई क्षेत्रों में सड़कों को भारी नुकसान हुआ था, इसलिए प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर कड़ी मेहनत की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि चल रहे सड़क प्रोजेक्टों में 5 साल की मेंटेनेंस की धारा जोड़ी गई है ताकि सड़कें लंबे समय तक ठीक रहें. साथ ही सड़कों पर चमकदार धारियां, किनारों पर निशान, दिशा-सूचक और विश्व स्तरीय सुरक्षा मानक सुनिश्चित किए जाएंगे. लोगों की बेहतर सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. इसी के तहत पंजाब सरकार ने पीएमबी, पीडब्ल्यूडी, शहरी स्थानीय निकायों सहित कई एजेंसियों और जन प्रतिनिधियों को इस प्रदेश स्तरीय व्यापक मुहिम से जोड़ा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार ने पंजाब में सभी सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण करवाकर मरम्मत और अपग्रेड होने वाली सड़कों की पहचान की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब प्रदेश सरकार ने अगले साल के अंत तक 16,209 करोड़ रुपए की कुल लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है. सड़क गुणवत्ता की लगातार निगरानी भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यमंत्री की फ्लाइंग स्क्वायड सड़कों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी कर रही है और घटिया सामग्री के उपयोग की कई शिकायतें मिलने पर कुछ ठेकेदारों के ठेके रद्द कर दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई ठेकेदार घटिया काम करता पाया जाता है या कोई कर्मचारी इसमें शामिल होता है तो उसके खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

रेलवे ने दी बड़ी सौगात: डॉ अंबेडकर नगर से तोकुर के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, बुकिंग की तारीख आई सामने

रतलाम  पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने विंटर वेकेशन और क्रिसमस त्योहार के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ बढ़ जाती है। यात्रियों की भीड़ को एडजस्ट करने और ट्रेन में दबाव कम करने के लिए रेलवे विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे डॉ अंबेडकर नगर से तोकुर के बीच एक विशेष ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन विशेष किराए के साथ संचालित होगी। दोनों तरफ लगाएगी दो फेरे गाड़ी संख्या 09304/09303 डॉ अंबेडकर नगर – तोकुर – डॉ अंबेडकर नगर स्पेशल ट्रेन संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में दो-दो फेरे लगाएगी। कब से शुरू होगा संचालन गाड़ी संख्या 09304 डॉ अंबेडकर नगर-तोकुर स्पेशल 21 और 28 दिसंबर 2025 को रविवार को 16:30 बजे डॉ अंबेडकर नगर से रवाना होगी। वहीं, मंगलवार को 03:00 बजे तोकुर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसके ठहराव इंदौर (16:55/17:00 बजे), देवास (17:38/17:40 बजे), उज्जैन (18:20/18:25 बजे), नागदा (19:10/19:12 बजे) और रतलाम (19:35/19:45 बजे) होंगे। 23 और 30 को होगी वापसी इसी प्रकार, वापसी में गाड़ी संख्या 09303 तोकुर-डॉ अंबेडकर नगर स्पेशल 23 और 30 दिसंबर 2025 को मंगलवार को तोकुर से 05:00 बजे चलेगी और बुधवार को 15:30 बजे डॉ. अंबेडकर नगर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसके ठहराव रतलाम (बुधवार को 10:20/10:30 बजे), नागदा (10:58/11:00 बजे), उज्जैन (12:15/12:20 बजे), देवास (13:35/13:40 बजे) और इंदौर (14:40/14:45 बजे) होंगे। रतलाम मंडल के इन स्टेशन पर होगा स्टॉपेज यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, रतलाम, वडोदरा, भरूच, सूरत, वापी, वसई रोड, भिवंडी रोड, पनवेल, रोहा, मानगांव, खेड, चिपलून, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, राजापूर रोड, वैभववाडी रोड, कणकवली, सिंधुदुर्ग, कुडाल, सावंतवाडी रोड, थिविम, करमली, मडगांव, काणकोण, कारवार, अंकोला, गोकर्ण रोड, कुमटा, मुर्डेश्वर, भटकल, मूकाम्बिका रोड बैंदूर, कुंदापुरा, उडुपि, मुल्की और सुरतकल स्टेशनों पर रुकेगी। 13 दिसंबर से मिलेंगे टिकट यह पूरी तरह से आरक्षित ट्रेन है। इसमें थर्ड एसी और थर्ड एसी इकोनॉमी श्रेणी के कोच उपलब्ध होंगे। गाड़ी संख्या 09304 डॉ अंबेडकर नगर-तोकुर स्पेशल के लिए टिकटों की बुकिंग 13 दिसंबर 2025 से यात्री आरक्षण केंद्रों और आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से शुरू होगी। यात्री ट्रेन संचालन से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट enquiry.indianrail.gov.in पर जा सकते हैं।

बाराबंकी के दौलतपुर में मुख्यमंत्री योगी ने खेत पर किसानों से किया सीधा संवाद

धरती का स्वास्थ्य सही रहेगा तभी बची रहेगी सृष्टिः योगी आदित्यनाथ प्रगतिशील किसान सम्मेलन में खेत पर गूंजी खेती की बात, रबी सत्र की किसान पाठशाला 8.0 का शुभारंभ बाराबंकी के दौलतपुर में मुख्यमंत्री योगी ने खेत पर किसानों से किया सीधा संवाद नवाचार, तकनीक और बहु-फसली खेती को मुख्यमंत्री योगी ने बताया समृद्धि का मार्ग प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित, लाभार्थियों को चेक व प्रशस्ति पत्र किया वितरित बाराबंकी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धरती माता हमारा पेट भरने के लिए अन्न उत्पन्न करती है लेकिन इसका स्वास्थ्य भी ठीक रहना चाहिए और स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो मानव ही नहीं बल्कि सारी सृष्टि बची रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अनेक कार्यक्रम वर्तमान में चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने नेशनल विजन ऑफ नेचुरल फार्मिंग के जिस अभियान को आगे बढ़ाया है ये उसी कड़ी का हिस्सा है। वे हमेशा कहते हैं कि किसान की आमदनी को बढ़ाने का पहला मंत्र है लागत कम हो तथा उत्पादन ज्यादा हो। अन्नदाता किसान को समय पर बीज, खाद, सिंचाई की सुविधाएं तथा वैज्ञानिक पद्धतियों का सहयोग मिले तो ये संभव है। शुक्रवार को बाराबंकी के दौलतपुर ग्राम में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन तथा खेती की बात खेत पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रबी सत्र की किसान पाठशाला 8.0 का शुभारंभ किया। खेत पर पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद करने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की कृषि प्रगति, बहु,फसली खेती, तकनीकी नवाचार, एमएसपी व्यवस्था की पारदर्शिता और किसानों की आय वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों का सम्मान भी किया गया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी किसानों को चेक व स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रदर्शनी में उन्नत किस्मों की फसलों, सब्जियों, कृषि यंत्रों और एफपीओ आधारित नवाचारों का अवलोकन भी किया गया, जबकि दौलतपुर की उन्नत खेती के मॉडल को प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए प्रेरणा बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रदेश का समग्र विकास हुआ सुनिश्चित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है, जहां 25 करोड़ लोग निवास करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में प्रदेश ने समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उर्वर भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण राज्य कृषि और अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी बना है। कृषि उत्पादन व राष्ट्रीय योगदान का किया उल्लेख मुख्यमंत्री योगी के अनुसार देश की कुल कृषि योग्य भूमि में उत्तर प्रदेश का हिस्सा 11 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय खाद्यान्न आपूर्ति में प्रदेश का योगदान 21 प्रतिशत है। सरकार ने किसानों को बीज से लेकर बाजार तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी सुनिश्चित की है। स्वॉइल हेल्थ कार्ड, फसल बीमा, गन्ना भुगतान, कृषि मंडियों के विस्तार तथा स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधाओं ने किसानों को लाभ पहुंचाया है। पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी प्रगति का मिल रहा लाभ मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों को मिल रहा है जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। सिंचाई के क्षेत्र में हर खेत को पानी उपलब्ध कराने, माइक्रो इरीगेशन, नहरों के नेटवर्क, सौर पंप और जल संरक्षण के अभियानों को गति दी गई है। ड्रोन डोजिंग, खरपतवार नियंत्रण, स्वॉइल टेस्टिंग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उद्यमिता से जोड़ने के लिए फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल मंडी और ई नाम जैसे प्रयासों ने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स पार्कों के माध्यम से किसानों की उपज अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंच रही है। विश्व बैंक के सहयोग से 4 हजार करोड़ रुपये की लागत से छह वर्षों में यूपी-एग्रीज परियोजना के अंतर्गत कम उत्पादन वाले 28 जनपदों, विशेषकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड, में कृषि सुधारों को गति दी गई है। विविध जलवायु क्षेत्रों में कृषि नवाचार जरूरी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ भौगोलिक जलवायु क्षेत्र हैं और इनके अनुरूप उन्नत बीज तथा तकनीक उपलब्ध कराने पर कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले की तुलना में आज रिकॉर्ड उत्पादन और पारदर्शी व्यवस्था ने प्रदेश की प्रगति को नई दिशा दी है। कृषि विकास दर को 8.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.7 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है। प्रगतिशील किसानों की सफलता व सहकारी मॉडल का किया उल्लेख मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, एक एकड़ में ढाई सौ क्विंटल आलू और दो लाख रुपये मूल्य का केला उत्पादन लागत कम और उत्पादन अधिक का सफल उदाहरण है। एफपीओ के माध्यम से सहकारी खेती को बढ़ावा मिल रहा है। पद्मश्री रामशरण वर्मा और सम्मानित प्रगतिशील किसान इस परिवर्तन के उत्कृष्ट उदाहरण हैं जिनकी सफलता से प्रदेश के अन्य किसानों को प्रेरणा मिल रही है। प्रगतिशील किसानों का जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेती की वास्तविक चुनौतियों को समझने के लिए किसान पाठशाला का आयोजन प्रगतिशील किसान रामशरण वर्मा के फार्म में किया गया है। खेत में जाकर खेती को समझना, उसकी समस्याओं को नजदीक से देखना और कम लागत में अधिक उत्पादन के माध्यम से किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और नवाचार ने उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई पहचान दी है। उन्होंने सभी अन्नदाता किसानों से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभिनव प्रयास करते रहें ताकि खेती का स्तर और बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि सेक्टर में लगातार नए प्रयोग हो रहे हैं और किसानों द्वारा समय पर खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज का उपयोग और समुचित देखभाल से कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल किया जा सकता है। प्रदेश की भूमि अत्यंत उर्वर है और इसका बेहतर उपयोग किसान अपनी तकनीक व प्रबंधन क्षमता से कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार अन्नदाता किसानों की खुशहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। विकसित भारत के निर्माण में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। किसान पाठशाला … Read more

बम धमकी से दहला अमृतसर: सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट, कई स्कूल खाली

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके मद्देनजर छात्रों को स्कूलों से बाहर निकाला गया और प्राधिकारियों ने परिसरों की गहन तलाशी शुरू कर दी। अमृतसर में जिला प्रशासन द्वारा सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिए जाने के बाद घबराए हुए अभिभावक अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूलों की ओर दौड़ पड़े। पूर्व में कुछ छात्र इस तरह की शरारत के लिए जिम्मेदार पाए गए थे। अधिकारी ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी तरह सतर्क है। अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने एक बयान में कहा कि अमृतसर के शहरी और ग्रामीण इलाकों के कुछ स्कूलों को संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुए हैं। प्रत्येक स्कूल में एक राजपत्रित अधिकारी तैनात किया गया है और तलाशी जारी है। साइबर पुलिस थाना युद्धस्तर पर ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटा है। इससे पहले, स्थानीय डीएवी पब्लिक स्कूल के एक छात्र को अपने स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल भेजने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। बाद में छात्र और उसके माता-पिता द्वारा लिखित माफीनामा जमा करने के बाद उसे छोड़ दिया गया।