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UP की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव तय, 8 BJP सांसद होंगे रिटायर

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनावों के तारीखों की घोषणा कर दी है। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों सहित 12 राज्यसभा सीटों पर आगामी 16 अक्टूबर को मतदान होंगे। वहीं वोटों की गिनती भी 16 अक्टूबर को ही शुरू हो जाएगी और देर शाम तक नतीजे घोषित होने की संभावना है। सबसे अहम बात यह है कि 12 में से 10 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं। यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा चुनाव पर निगाहें टिकी हुई हैं। वहीं एक सीट उत्तराखंड की है। यहां से भाजपा के श्री नरेश बंसल रिटायर हो रहे हैं। इसके अलावा टीएमसी सांसद रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद बंगाल की एक सीट पर भी उपचुनाव होगा। गौरतलब है कि आगामी 25 नवंबर को राज्यसभा के कुल 11 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें भाजपा के कुल 8 सांसद हैं। वहीं एक बहुजन समाज पार्टी और एक समाजवादी पार्टी के एक सांसद शामिल हैं। भाजपा के नरेश बंसल, बृजलाल, सीमा द्विवेदी, चंद्रप्रभा, हरदीप सिंह पुरी, नीरज शेखर, अरुण सिंह, बीएल वर्मा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। वहीं, सपा से राम गोपाल यादव और बसपा के एकमात्र सांसद रामजी भी रिटायर हो रहे हैं। चुनाव का पूरा शेड्यूल चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक राज्यसभा चुनावों के लिए आगामी 29 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख होगी। उम्मीदवार 9 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। चुनाव 16 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संपन्न कराया जाएगा। 16 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। विधान परिषद चुनाव का भी ऐलान इसके अलावा आयोग ने चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर भी चुनाव की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की 11 सीटें, बिहार की 8 सीटें, महाराष्ट्र की 5 सीटें और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं। सभी 28 सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। वहीं 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू कर दी है। UP में NDA खेमे के पास करीब 292 विधायक यूपी में एनडीए खेमे के पास करीब 292 विधायक हैं. इस लिहाज से बीजेपी गठबंधन आसानी से 7 से 8 सीटें जीत सकता है. वहीं, सपा के पास विधानसभा में 100 से अधिक विधायक हैं. इस संख्या बल के साथ सपा 2 सीटें बेहद आसानी से अपने पाले में कर लेगी. वहीं, उत्तराखंड से खाली हो रही सीट पर सत्ताधारी दल का मजबूत दबदबा है. मौजूदा समीकरणों को देखते हुए यह सीट भी भाजपा के पाले में जाएगी।  बंगाल की 1 सीट पर उपचुनाव क्यों हो रहा? पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि हाल ही में टीएमसी सांसद रुक्मिणी मलिक ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था. इसी साल अप्रैल में वह राज्य सभा के लिए चुनी गईं थीं. अब यहां उपचुनाव हो रहा है।  चुनाव का टाइम टेबल राज्यसभा चुनाव के लिए नोटिफिकेशन 29 सितंबर को जारी किया जाएगा और नॉमिनेशन 6 अक्टूबर को बंद होंगे। नॉमिनेशन की जांच 7 अक्टूबर को होगी और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 9 अक्टूबर है। वोटिंग 16 अक्टूबर को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगी और उसी दिन शाम 5:00 बजे वोटों की गिनती शुरू होगी। कौन-कौन हो रहा रिटायर? उत्तर प्रदेश से रिटायर होने वाले राज्यसभा सदस्यों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, बृजलाल, बीएल वर्मा, राम गोपाल यादव, नीरजा शेखर, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, रामजी, सीमा और डॉ दिनेश शर्मा शामिल हैं। नरेश बंसल उत्तराखंड से एकमात्र सेवानिवृत्त सदस्य हैं। आयोग ने निर्देश दिया है कि मतपत्रों पर प्राथमिकताएं अंकित करने के लिए केवल रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए पहले से तय विनिर्देशों वाले एकीकृत बैंगनी रंग के स्केच पेन का ही उपयोग किया जाए।  

बांग्लादेशी नागरिकों के हिंदू नाम से बने 17 पासपोर्ट, पुलिसकर्मियों तक पहुंची जांच

 ग्वालियर  जाली दस्तावेजों के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनने के लिए मामले में अब जांच पुलिसकर्मियों तक पहुंच गई है। ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध विहार के पते पर एक ही मोबाइल नंबर और एक ही पते पर 17 बांग्लादेशी नागरिकों के हिंदू नाम से पासपोर्ट बन गए। इसके बाद यह लोग चाइना, थाइलैंड, म्यामांर व अन्य देशों की यात्रा भी कर आए। कुछ विदेश भी भाग गए। इस मामले में एसटीएफ ने तत्कालीन डबरा थाना प्रभारी विनायक शुक्ला और पासपोर्ट के लिए पुलिस सत्यापन का काम देख रहे आरक्षक भूपेंद्र गुर्जर की लापरवाही मानी है। एसटीएफ डीआईजी ने लिखा पत्र इसके चलते एसटीएफ के डीआईजी राहुल लोढ़ा द्वारा ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को इन दोनों पुलिसकर्मियों की प्राथमिक-विभागीय जांच के लिए पत्र लिखा गया है। पत्र ग्वालियर आने के बाद इस मामले में जांच शुरू हो जाएगी। एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, अगर पुलिस सत्यापन में ही एक ही मोबाइल नंबर व अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच हो जाती तो उस समय ही यह फर्जीवाड़ा खुल सकता था। पासपोर्ट नहीं बनते और यह लोग भी पकड़े जा सकते थे, जो बांग्लादेशी हैं, बल्कि बौद्ध भिक्षु बनकर भारत में रह रहे थे। पुलिस विभाग की लापरवाही आई सामने पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण पासपोर्ट बने। इसमें से कुछ बांग्लादेशी विदेश भी भाग चुके हैं। भोपाल पुलिस आयुक्त और बैतूल पुलिस अधीक्षक को भी लिखा पत्र भोपाल के गोविंदपुरा स्थित अन्नानगर बौद्ध मठ से 40 बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बने। वहीं, बैतूल से 11 पासपोर्ट बने, इसमें भी पुलिस सत्यापन में लापरवाही बरती गई। डीआईजी राहुल लोढ़ा ने बताया कि भोपाल में तत्कालीन गोविंदपुरा थाना प्रभारी, बैतूल में पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में शामिल थाना प्रभारी, पासपोर्ट सेल प्रभारी की जांच के लिए पत्र लिखा है। विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार, नोटिस जारी होंगे इन सभी पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच रिपोर्ट एसटीएफ द्वारा संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक से ली जाएगी। इस दौरान इन्हें नोटिस जारी होंगे और पासपोर्ट बनाने वाले केस में एसटीएफ भी बयान दर्ज करेगी। सेवा केंद्र के कर्मचारी की तलाश में लगी टीमें भोपाल में रहने वाले एजेंट नसीम अख्तर ने पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी का नाम बताया था। पासपोर्ट सेवा केंद्र का कर्मचारी पंजाब-हरियाणा बार्डर के जिले में पदस्थ है। अब उसकी तलाश में टीमें लगी हैं। इसके बाद आगे की चेन पता लगेगी।     पुलिस सत्यापन में लापरवाही हुई, इसलिए पासपोर्ट जारी हुए। पहले ही यह चूक पकड़ ली जाती तो बड़ा नेटवर्क का राजफाश हो सकता था। लापरवाही की जांच के लिए संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। नोटिस भी जारी किए जाएंगे, एसटीएफ सभी के बयान लेगी। डी. वर्मा, एडीजी, एसटीएफ

दूरस्थ अंचलों में माताओं का सहारा बन रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

दूरस्थ अंचलों में माताओं का सहारा बन रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शीला कर्मा को मिली सहायता से बेहतर हुई जच्चा-बच्चा की देखभाल रायपुर प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से लाभान्वित सुकमा की श्रीमती शीला कर्मा को गर्भावस्था के संवेदनशील समय में मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें न केवल पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद की, बल्कि भविष्य के प्रति नया आत्मविश्वास भी दिया। नगर पालिका परिषद सुकमा के देवी चौक निवासी श्रीमती शीला कर्मा को योजना के तहत उनके बैंक खाते में सीधे 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि का उपयोग पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए किया। समय पर मिली सहायता से गर्भावस्था के दौरान उनकी देखभाल बेहतर हुई और शिशु के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी परिवार को सहारा मिला। श्रीमती कर्मा बताती हैं कि आर्थिक आवश्यकता के समय मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई। आवश्यक खर्च के बाद बची राशि उन्होंने अपने नवजात शिशु के सुरक्षित भविष्य के लिए बैंक खाते में सहेजकर रखी है। उन्होंने कहा कि योजना ने मातृत्व के कठिन समय में परिवार के सदस्य की तरह उनका साथ दिया।श्रीमती कर्मा ने कहा कि दूरस्थ अंचलों तक योजना का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचना शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री माताओं को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य माताओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ गर्भावस्था और प्रसव के बाद होने वाले आर्थिक खर्च की आंशिक भरपाई करना है।

हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ीं? PMLA कोर्ट ने आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकने से किया इनकार

रांची बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोर्ट ने राहत नहीं दी है. पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने आरोप तय करने और ट्रायल की कार्यवाही स्थगित रखने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका खारिज कर दी. अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में आगे की जांच जारी रहने का मतलब यह नहीं है कि मूल शिकायत पर आरोप तय करने की प्रक्रिया रोक दी जाए. सोमवार को सिविल कोर्ट में सर्वर डाउन रहने के कारण मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी नहीं हो सकी. इसके बाद अदालत ने आरोप तय करने की अगली तारीख 24 सितंबर निर्धारित की है. आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकने की मांग मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका में आरोप तय करने और ट्रायल की कार्यवाही को स्थगित रखने का आग्रह किया गया था. सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए दलील दी कि ईडी ने शिकायत पत्र के पैरा-16 में पूरक शिकायत दाखिल करने की अनुमति मांगी है. अधिवक्ता का तर्क था कि जब मामले में आगे की जांच जारी है, तो जांच पूरी होने से पहले आरोप तय कर ट्रायल शुरू करना कानून के सिद्धांतों के विपरीत होगा. इसलिए आरोप गठन की प्रक्रिया को जांच पूरी होने तक स्थगित रखा जाए. ईडी ने याचिका का किया विरोध ईडी के विशेष लोक अभियोजक ने मुख्यमंत्री की याचिका का विरोध किया. ईडी की ओर से इसे सुनवाई में देरी करने की रणनीति बताया गया. ईडी का कहना था कि पूरक जांच या शिकायत की संभावना से मूल शिकायत के आधार पर आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्यमंत्री की याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि आगे की जांच जारी रहने के आधार पर मूल शिकायत में आरोप तय करने की प्रक्रिया को नहीं रोका जा सकता. ये भी पढ़ें- रात में क्रेटा ने युवक को कुचला, सुबह मौत से भड़का आक्रोश, शव रखकर लोगों ने सड़क किया जाम हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत इससे पहले 18 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने भी पीएमएलए की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की हेमंत सोरेन की मांग को खारिज कर दिया था. हाईकोर्ट में यह मामला बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में विशेष अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के बाद पहुंचा था. अब 24 सितंबर को पीएमएलए की विशेष अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर सुनवाई होगी.

LDA की वरुण विहार-नैमिषनगर योजना का होगा शुभारंभ, 5 हजार भूखंडों के लिए आवेदन शुरू

लखनऊ राजधानी लखनऊ में अपना घर बनाने के लिए प्लॉट का इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा रोड पर प्रस्तावित वरुण विहार योजना में आयोजित समारोह में 24 सितम्बर को एलडीए की नव विकसित वरुण विहार और नैमिषनगर योजना का भूमि पूजन कर शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री के हाथों शुभारंभ के साथ ही दोनों योजनाओं में लगभग 5000 भूखंडों के लिए पंजीकरण भी खोल दिया जाएगा। एलडीए की ओर से समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नया हेलीपैड भी बनाया जा रहा है। एलडीए की टीम रात दिन काम में लग गई है। यह दोनों योजनाएं राजधानी के भविष्य के शहरी विस्तार का आधार बनेंगी और आधुनिक सुविधाओं से युक्त विकसित नगरों के रूप में तैयार की जाएंगी। पहले चरण में 5,000 भूखंडों के लिए पंजीकरण एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि दोनों योजनाओं में पहले चरण में लगभग 5,000 भूखंडों के लिए पंजीकरण शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के बाद आम नागरिकों के लिए आवेदन प्रक्रिया खोल दी जाएगी। वरुण विहार और नैमिष नगर योजना को कुल 10,680 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजनाओं के तहत सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं और आधुनिक शहरी ढांचा विकसित किया जाएगा जिससे सुव्यवस्थित नगर तैयार हों सकें। यह होगी भूखंडों की दर, मिलेंगे कई विकल्प एलडीए के अनुसार वरुण विहार योजना में भूखंड 2,800 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से उपलब्ध होंगे जबकि नैमिषनगर योजना में भूखंडों की दर 3,800 रुपये प्रति वर्गफुट निर्धारित की गई है। दोनों योजनाओं में विभिन्न आकार के भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि अलग-अलग वर्गों को विकल्प मिल सके। नैमिषनगर में सुविधाओं आध्यात्मिकता का संगम सीतापुर रोड पर विकसित की जा रही नैमिषनगर योजना को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक जीवनशैली से जोड़कर विकसित किया जाएगा। यहां आध्यात्मिक साधना, योग एवं शांति जीवनशैली केंद्र, ध्यान केंद्र, आश्रम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाएंगे। एक जिला एक उत्पाद केंद्र, वाणिज्यिक केंद्र, शिक्षा केंद्र, खुले व्यायाम स्थल, सामुदायिक पार्क और खरीदारी मार्ग जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। योजना में 800 वर्गफुट से 5000 वर्गफुट तक के प्लॉट होंगे जिनकी कीमत 30 लाख से 1.90 करोड़ तक होगी। सबसे छोटे प्लॉट के लिए 1.52 लाख और सबसे बड़े प्लॉट के लिए 9.50 लाख पंजीकरण राशि देनी होगी। हाईटेक सुविधाओं पर रहेगा फोकस प्राधिकरण का दावा है कि दोनों योजनाओं को आधुनिक और हाईटेक स्वरूप में विकसित किया जाएगा। चौड़ी सड़कों, बेहतर यातायात व्यवस्था, आधुनिक आधारभूत ढांचे और सुनियोजित विकास के जरिए इन्हें राजधानी की नई पहचान बनाने की तैयारी है। पांच अपार्टमेंट योजनाओं का भी होगा शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 सितंबर को वरुण विहार योजना में होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण की पांच अपार्टमेंट योजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। इन पांच परियोजनाओं में कुल 4150 फ्लैट बनाए जाएंगे। एलडीए ने अपनी विभिन्न आवासीय योजनाओं में इन अपार्टमेंट के निर्माण की तैयारी की है। कुछ योजनाओं में पंजीकरण हो चुका है, कुछ में प्रक्रिया चल रही है। एलडीए की पांचों योजनाओं में सबसे अधिक फ्लैट अनंत नगर में प्रस्तावित आदिती अपार्टमेंट में बनाए जाएंगे। 1932 फ्लैट प्रस्तावित हैं। विराज खंड में लेक व्यू अपार्टमेंट में 646 फ्लैट बनाए जाएंगे। चार अन्य योजनाओं में भी निर्माण प्रस्तावित बागेश्वरी अपार्टमेंट में 824 फ्लैट होंगे। ऐशबाग स्क्वायर में 384 फ्लैट बनाए जाएंगे। वहीं बसंत कुंज स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास पार्क व्यू अपार्टमेंट में 364 फ्लैट प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में वरुण बिहार योजना के भूमि पूजन के साथ इन पांच अपार्टमेंट परियोजनाओं का शिलान्यास भी प्रस्तावित है।

छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में आयोग का भ्रमण

छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में आयोग का भ्रमण चार जिले रायपुर, सक्ती, जशपुर और कांकेर में आश्रम छात्रावासों का स्थलीय निरीक्षण रायपुर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम छत्तीसगढ़ में जनजातीय समुदायों से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की जमीनी स्थिति जानने के लिए चार जिलों के दौरे पर है। 20 से 25 सितंबर तक चलने वाले इस दौरे में रायपुर, सक्ती, जशपुर और कांकेर में जनजातीय आवासीय छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण, ग्राम भ्रमण और समुदाय के लोगों से सीधे संवाद किया जा रहा है। आयोग की टीम विशेष रूप से नागवंशी, संसारी उरांव, पहाड़ी कोरवा और दिहाड़ी कोरवा समुदायों से जुड़े क्षेत्रों में पहुंचकर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित अभ्यावेदन प्राप्त करेगी। जशपुर में 22 और 23 सितंबर को विशेष रूप से जनजातीय ग्रामों का भ्रमण निर्धारित है। कांकेर में 24 सितंबर को जनजाति महिला जनप्रतिनिधियों के सशक्तिकरण को लेकर संवाद कार्यक्रम होगा। इसमें पंचायत एवं जिला स्तर की महिला जनप्रतिनिधियां शामिल होंगी। 25 सितंबर को रायपुर में आयोग में लंबित प्रकरणों को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं प्राधिकारियों के साथ बैठक होगी। आयोग की ओर से संबंधित अधिकारियों को जांच दल को आवश्यक सहयोग, दस्तावेज उपलब्ध कराने और मौके पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आपने युवाओं को शूटर बनाया, पैसे लेकर नौकरी दी’, अखिलेश यादव पर ओमप्रकाश राजभर का सीधा हमला

लखनऊ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बेहद तीखे अंदाज में हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव को संबोधित कर पूछा- 'का भइया अखिलेश जी, हाल-चाल ठीक है न?' इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता नहीं है कि हाल ठीक होगा, क्योंकि चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है। राजभर ने अपनी पोस्ट में कहा कि ये नौकरियां बिना लेन-देन, बिना भेदभाव, बिना जात-पात और बिना क्षेत्रवाद के दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और कुछ ही हफ्तों में दस लाख का आंकड़ा भी पूरा हो जाएगा। राजभर ने इसी मुद्दे पर अखिलेश यादव पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'बस गिनती करते जाइए।' उन्होंने अखिलेश से भी गिनती शुरू करने को कहा। साथ ही तंज कसा कि अगर वह ठीक से गिनती न कर पाएं तो 'चच्चू को लगा दीजिएगा।' राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार के समय लूट का पूरा हिसाब-किताब चच्चू (शिवपाल यादव) ही करते थे। ‘चुनाव आ रहा है, दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए’ राजभर ने अपने पोस्ट में आगामी चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने लिखा- 'सुनिए महाराज, चुनाव आ रहा है। दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए।' इसके बाद उन्होंने सपा के पिछले विधानसभा चुनावों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लिखा कि 2017 में 47 और 2022 में 111 सीट मिली थी। राजभर ने तंज किया कि इस बार 47 सीट भी आ जाए तो कहिएगा। ‘आपने युवाओं को शूटर बनाया’ राजभर ने अपने पोस्ट में सपा सरकार के कार्यकाल पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने लिखा कि जब अखिलेश यादव का समय था, तब उन्होंने 'युवाओं को शूटर बनाया' और भेदभाव करके, पैसे लेकर नौकरी दी। राजभर ने आगे लिखा कि शूटरों के भरोसे चुनाव जीतने के चक्कर में थे, लेकिन 'शूटर तो ढेर हो गए।' इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि अब कुछ अपराधी सपा के कार्यकर्ता बनकर घूम रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार आने पर वे फिर लूट और अपराध करेंगे। अपने पोस्ट के अगले हिस्से में राजभर ने लिखा कि 'यकीन मानिए, सरकार तो आयेगी नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि जो अपराधी बचे हैं, वे भी जल्दी ही निपट जाएंगे। पोस्ट के अंत में राजभर ने अखिलेश यादव पर फिर तंज कसते हुए लिखा- 'ख़ैर, ठीक से चुनाव लड़िए महाराज। एकतरफा चुनाव में मज़ा नहीं आता है।

विश्व रंग भोपाल का आठवां संस्करण 3 से 8 अक्टूबर तक नालंदा में

विश्वरंग, भोपाल का आठवां संस्करण नालंदा, बिहार में 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक नालंदा में होगा भारतीय भाषाओं, संस्कृति और ज्ञान-परम्परा पर राष्ट्रीय संवाद देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार होंगे सहभागी भोपाल भारत की भाषाई, साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को समकालीन संदर्भों से जोड़ते हुए नालंदा में एक राष्ट्रीय स्तर के बहुआयामी सांस्कृतिक एवं बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विश्वरंग, भोपाल द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से शिक्षाविदों, साहित्यकारों, कलाकारों, अनुवादकों, शोधकर्ताओं और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता होगी। इस आयोजन में रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल तथा नालंदा विश्वविद्यालय के साथ-साथ सी. वी. रमन यूनिवर्सिटी, वैशाली, आइसेक्ट यूनिवर्सिटी हजारीबाग, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल, सी वी रमन यूनिवर्सिटी, बिलासपुर, सी वी रमन यूनिवर्सिटी, खण्डवा, गुवाहाटी विश्वविद्यालय, आईआईटी खड़गपुर, त्रिपुरा विश्वविद्यालय, मिजोरम विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), कलकत्ता विश्वविद्यालय, फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तथा एमिटी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी। साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र से नन्द किशोर आचार्य, अरुण कमल, अलका सरावगी, ए. अरविन्दाक्षन, देवेन्द्र राज अंकुर, जितेंद्र श्रीवास्तव, जयंत परमार, प्रफुल्ल शिलेदार, यतीन्द्र मिश्र, सोमा बंद्योपाध्याय और अनंत विजय सहित अनेक प्रतिष्ठित रचनाकार एवं विचारक कार्यक्रम में सहभागी होंगे। कार्यक्रम के लिए नालंदा का चयन केवल उसके ऐतिहासिक महत्व के कारण नहीं किया गया है। नालंदा भारतीय उपमहाद्वीप और एशिया के बीच ज्ञान, विचार और संस्कृति के ऐतिहासिक आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को आधार बनाकर कार्यक्रम में यह विचार किया जाएगा कि भारत की बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक विरासत आज के समय में किस प्रकार नए सांस्कृतिक संवाद और बौद्धिक सहयोग का आधार बन सकती है। कार्यक्रम का एक प्रमुख आयाम भारतीय ज्ञान-परम्परा और शिक्षा होगा। नालंदा की शिक्षा-दृष्टि, अनुसंधान, बहुविषयक अध्ययन तथा भारत की बौद्धिक परम्परा पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से प्राचीन भारतीय शिक्षा-अनुभव और समकालीन उच्च शिक्षा के बीच संभावित संवाद पर विचार किया जाएगा। भारतीय भाषाओं को कार्यक्रम में विशेष महत्व दिया गया है। दक्षिण एशियाई भाषाओं की साझा सांस्कृतिक जमीन, भारतीय भाषाओं के पारस्परिक संबंध और भाषाई विविधता में निहित सांस्कृतिक एकात्मता पर विमर्श होगा। पूर्वोत्तर भारत की भाषाओं और साहित्य को भी कार्यक्रम में विशेष स्थान दिया गया है। कार्यक्रम में भारतीय भाषाओं में साहित्यिक अनुवाद, भाषा और परम्परा के संबंध तथा अनुवाद के माध्यम से विभिन्न भारतीय समाजों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संवाद पर चर्चा होगी। भारतीय भाषाओं के साहित्य के अनुवाद-पाठ का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष भारत के दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ ऐतिहासिक एवं समकालीन संबंधों से जुड़ा होगा। नालंदा से लेकर व्यापार, यात्राओं, सांस्कृतिक संपर्कों और विचारों के आदान-प्रदान तक भारत और एशिया के बीच बने संबंधों को वर्तमान संदर्भ में देखने का प्रयास किया जाएगा। इसी क्रम में व्यापार, संस्कृति और सतत विकास के अंतर्संबंधों पर भी चर्चा होगी, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरणीय संतुलन, उत्तरदायी उद्यम और विकास की नई अवधारणाओं को सांस्कृतिक दृष्टि से देखने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत पटना में रवीन्द्रनाथ टैगोर की सांस्कृतिक चेतना और उनके सांस्कृतिक अवदान पर विशेष विमर्श, चित्रकला प्रदर्शनी, चित्रकला कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। विश्वरंग के महानिदेशक संतोष चौबे के अनुसार, कार्यक्रम का मूल उद्देश्य अतीत के गौरव का केवल स्मरण करना नहीं, बल्कि भारत की ऐतिहासिक सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों से जोड़कर देखना है। नालंदा इस संवाद के लिए एक ऐसी ऐतिहासिक भूमि उपलब्ध कराता है जहाँ भारत और एशिया के बीच ज्ञान, भाषा और संस्कृति के दीर्घकालिक संबंधों को एक साथ देखा जा सकता है।

बिहार में 8 MLC सीटों पर चुनाव का बिगुल, 29 सितंबर से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया

पटना  भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार समेत चार राज्यों में एमएलसी इलेक्शन की घोषणा कर दी। बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव की अधिकारिक टाइम-टेबल जारी कर दी गई। ये चुनाव स्नातक (Graduates) और शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण आयोजित किया जा रहा है। आयोग के अनुसार बिहार के 8, कर्नाटक के 4, महाराष्ट्र के 5 और उत्तर प्रदेश के 11 सदस्यों की कार्यकाल समाप्त होने से सीटें खाली हो रही हैं। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही इन निर्वाचन क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। MLC चुनाव का पूरा कार्यक्रम निर्वाचन आयोग की जारी नोटिस के मुताबिक, चुनावों की औपचारिक अधिसूचना 29 सितंबर 2026 (मंगलवार) को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकनों की जांच (Scrutiny) होगी और उम्मीदवार 9 अक्टूबर 2026 तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान और मतगणना की तारीखें निर्वाचन प्रक्रिया के तहत चारों राज्यों की संबंधित स्नातक और शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को वोटों की गिनती की जाएगी और 31 अक्टूबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बिहार के इन सीटों पर चुनाव बिहार विधान परिषद की 4 स्नातक और 4 शिक्षक सीटों के सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।     पटना स्नातक: नीरज कुमार     दरभंगा स्नातक: सर्वेश कुमार     तिरहुत स्नातक: बंशीधर ब्रजवासी     कोशी स्नातक: डॉ एनके यादव     पटना शिक्षक: नवल किशोर यादव     दरभंगा शिक्षक: डॉ मदन मोहन झा     तिरहुत शिक्षक: संजय कुमार सिंह     सारण शिक्षक: अफाक अहमद आचार संहिता लागू आयोग के सचिव सुमन कुमार दास की ओर से जारी इस आदेश के तहत संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। आयोग ने कहा कि चुनाव से संबंधित सभी नियम और निर्देश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं और सभी पक्षों को इनका कड़ाई से पालन करना होगा।

17 वर्षीय युवती के निकाह पर पंजाब-हरियाणा HC का फैसला, मुस्लिम पर्सनल लॉ का हवाला

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मुस्लिम व्यक्तिगत कानून से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यौवन प्राप्त कर चुका मुस्लिम लड़का या लड़की अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह कर सकता है। अदालत ने कहा कि मुस्लिम व्यक्तिगत कानून में सामान्यतः 15 वर्ष की आयु को यौवन की आयु माना जाता है, जब तक इसके विपरीत कोई प्रमाण सामने न हो। हालांकि, हाईकोर्ट ने संबंधित निकाह की वैधता पर कोई अंतिम राय नहीं दी है। मामला लुधियाना का है, जहां 17 वर्ष 8 माह की युवती ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध 26 वर्षीय युवक से निकाह किया था। दोनों मुस्लिम हैं और उनका कहना था कि वे एक-दूसरे को कुछ समय से जानते हैं तथा आपसी सहमति से साथ रहना चाहते हैं। याचिका के अनुसार युवती के पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसके बाद युवती ने 22 अगस्त 2026 को अपना पैतृक घर छोड़ दिया और उसी दिन मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार युवक से निकाह कर लिया। परिवार की धमकियों के बाद पुलिस से मांगी सुरक्षा परिवार की ओर से विरोध और कथित धमकियों के चलते दोनों ने 30 अगस्त को पुलिस के समक्ष जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए शिकायत दी। उन्होंने अदालत से पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की और आशंका जताई कि परिवार की ओर से उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मुस्लिम व्यक्तिगत कानून के प्रावधानों पर विचार किया। पसंद से विवाह की स्वतंत्रता अदालत ने कहा कि मुस्लिम कानून के तहत यौवन प्राप्त कर चुका लड़का या लड़की अपनी पसंद से विवाह करने के लिए स्वतंत्र है। मुस्लिम व्यक्तिगत कानून में सामान्यतः 15 वर्ष की आयु को यौवन प्राप्त करने की उम्र माना जाता है, जब तक इसके विपरीत कोई प्रमाण उपलब्ध न हो। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर दोनों के निकाह की वैधता पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दे रही है। याचिका का उद्देश्य मुख्य रूप से जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा प्राप्त करना था। हाईकोर्ट ने अंततः याचिका का निपटारा करते हुए लुधियाना ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वह 30 अगस्त को दी गई सुरक्षा संबंधी शिकायत पर विचार करें। पुलिस को मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के अनुसार कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।