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गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व, पंजाब सरकार 4 राज्यों में निकालेगी यात्राएं

चंडीगढ़. श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के पावन अवसर को भव्य रूप से मनाने के लिए आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने एक बड़ी योजना की घोषणा की है। सरकार इस ऐतिहासिक अवसर को समर्पित करते हुए चार विशाल यात्राएं आयोजित करने जा रही है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों और पंजाब के प्रमुख शहरों से शुरू होकर पवित्र स्थान खुरालगढ़ साहिब में संपन्न होंगी।आज आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद कैबिनेट मंत्रियों और सलाहकारों ने इस योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल चीमा ने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार, पहली यात्रा 30 नवंबर को गुरु रविदास जी की पावन जन्मस्थली वाराणसी से रवाना होगी। दूसरी यात्रा 30 नवंबर को ही जम्मू से शुरू की जाएगी। दो यात्राएं पंजाब से निकलेंगी इसके अलावा, पंजाब के भीतर से भी दो प्रमुख यात्राएं निकाली जाएंगी। इनमें से तीसरी यात्रा 1 दिसंबर को बठिंडा से शुरू होगी, जबकि चौथी यात्रा 2 दिसंबर को फरीदकोट से अपनी मंजिल के लिए रवाना होगी। ये सभी चार यात्राएं विभिन्न धार्मिक व सामाजिक पड़ावों से होती हुई अंततः खुरालगढ़ साहिब पहुंचेंगी, जहां एक विशाल समागम का आयोजन किया जाएगा। बैठक के बाद हुई आधिकारिक घोषणा इस महत्वपूर्ण योजना की औपचारिक घोषणा राज्य सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा, मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद और एडवाइजर दीपक बाली ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान की। उन्होंने बताया कि इन यात्राओं के माध्यम से गुरु रविदास जी के शांति, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। सरकार ने इन यात्राओं के सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी प्रशासनिक व्यवस्थाएं पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।

सिंचाई योजनाओं को रफ्तार, दुर्ग जिले में 40.85 करोड़ रुपये की मंजूरी

दुर्ग जिले के विभिन्न सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 40.85 करोड़ रुपये स्वीकृत रायपुर  छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा दुर्ग जिले विभिन्न सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 40 करोड़ 85 लाख 2 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।     जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में दुर्ग जिले के सुरपा व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार एवं नहर प्रणाली का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 23 लाख 56 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 121 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाइ्र सुविधा मिलेगी। इसी तरह से मोहंदी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहरों का लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 96 लाख 55 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। तिरगा जलाशय का जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 71 लाख 26 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 107 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। गनियारी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 71 लाख 26 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 254 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। रिसाली उमरपोटी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 97 लाख 94 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 162 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।  दुर्ग जिले के निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने हेतु चैनल निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 93 लाख 56 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। शिवनाथ मण्डल कार्यालय दुर्ग का जीर्णोद्धार एवं नव निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 96 लाख 24 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। कपसदा जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 57 लाख 8 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 90 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। नंदौरी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहरों के लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 77 लाख 57 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 49 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

महादेव सट्टा मामले में बड़ी कार्रवाई, पिट्टी के 59.6 करोड़ के शेयर अटैच

रायपुर. महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ईजमाय ट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी के खिलाफ 10 सितंबर को आरोप-पत्र दाखिल किया है. ईडी की पांचवीं पूरक अभियोजन शिकायत में पिट्टी के करीब 59.6 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों को भी अस्थायी रूप से अटैच किया गया है. एजेंसी ने इन शेयरों को अपराध से अर्जित आय बताते हुए अदालत से इन्हें जब्त करने की अनुमति मांगी है. ईडी का आरोप है कि निशांत पिट्टी ने दुबई में रहने वाले स्काई एक्सचेंज के संचालक हरिशंकर टिबरेवाल के साथ मिलकर सट्टेबाजी से हासिल रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के जरिए भारतीय शेयर बाजार में लगाने और अलग-अलग स्तरों पर उसे घुमाने में मदद की. एजेंसी के मुताबिक, पिट्टी और टिबरेवाल के बीच कारोबारी संबंध थे. ईडी ने आरोप लगाया है कि ईजमाय ट्रिप प्लानर्स लिमिटेड के प्रवर्तकों की ओर से शेयरों की कीमत पहले से तय कर सौदे किए गए. एजेंसी के अनुसार, इन लेन-देन के जरिए कंपनी के शेयर भाव और बाजार पूंजीकरण को कृत्रिम रूप से बढ़ाने का प्रयास किया गया. दोनों पक्षों के कारोबारी संबंधों के समर्थन में ईडी ने 2022 में भारत में आयोजित एक क्रिकेट सीरीज की स्पॉन्सरशिप का भी उल्लेख किया है. इस सीरीज में ईजमाय ट्रिप और स्काई एक्सचेंज सह-प्रायोजक थे. हालांकि, कंपनी पहले महादेव सट्टा एप या किसी अन्य सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध होने से इनकार कर चुकी है. ईडी की इस पूरक आरोप-पत्र में ईबीआईएक्स समूह के अध्यक्ष विकास गर्ग समेत कुल 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है. एजेंसी का आरोप है कि विकास गर्ग और उनसे जुड़ी कंपनियों को हरिशंकर टिबरेवाल से संबंधित कंपनियों से 765.77 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. ईडी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल अमेरिकी कंपनी ईबीआईएक्स इंक के अधिग्रहण में किया गया. ईडी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और करीब 1885 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है. छह आरोप-पत्रों में कुल 116 लोगों को आरोपी बनाया गया है. मामले में ईडी और सीबीआई की जांच अभी जारी है. महादेव बुक के प्रमोटर और मूल रूप से भिलाई निवासी सौरभचंद्राकर को भारत लाने के प्रयास भी जारी हैं. बताया गया है कि पिछले तीन महीनों से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब तक रास्ता साफ नहीं हो पाया है. सौरभ को ओमान पुलिस ने गिरफ्तार किया है और वह मस्कट के अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है. उसे भारत लाने के लिए ईडी ने आवेदन किया है और विदेश मंत्रालय के माध्यम से भी प्रयास किए जा रहे हैं. पिछले डेढ़ साल में यह तीसरी बार है, जब सौरभ विदेश में पकड़ा गया है. इससे पहले रवि उप्पल और शुभम सोनी को भी भारत लाने के प्रयास किए गए थे. हालांकि, विदेश में पकड़े गए महादेव सट्टा मामले के किसी प्रमुख आरोपी को अब तक भारतीय एजेंसियां भारत नहीं ला सकी हैं. जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बावजूद ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आती रही है. एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, सौरभचंद्राकर और उसके सहयोगियों से जुड़े अवैध सट्टा कारोबार का आकार 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है.

अमृतसर में बिना नंबर प्लेट गाड़ियों पर सख्ती, पेट्रोल-डीजल देने पर रोक

अमृतसर    पंजाब के अमृतसर में अब सड़क पर बिना वैध नंबर प्लेट के वाहन दौड़ाना भारी पड़ सकता है। शहर में बढ़ते अपराधों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत कमिश्नरेट क्षेत्र के किसी भी फ्यूल स्टेशन पर बिना वैध नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी। पुलिस का यह फैसला शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी प्रशासन के संज्ञान में आया था कि कई वाहन चालक जानबूझकर अपनी नंबर प्लेट को मोड़कर, तोड़कर, ढककर या उसमें छेड़छाड़ करके वाहन चलाते हैं। इस तरह की कारगुजारियों से ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ स्थानीय पुलिस को भी वाहनों की सही पहचान करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अस्पष्ट या फर्जी नंबर प्लेट वाले इन वाहनों का इस्तेमाल अक्सर हिट एंड रन, चेन स्नैचिंग, वाहन चोरी और लूटपाट जैसी आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाता है। ऐसे में ईंधन मिलने पर रोक लगने से अपराधियों की गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगेगी। नए वाहनों और आपातकालीन सेवाओं को छूट जारी किए गए आदेश के मुताबिक, अमृतसर की सीमा में उन्हीं वाहनों को ईंधन मिलेगा जिनके आगे और पीछे वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी एचएसआरपी (HSRP) लगी होगी। यदि नंबर प्लेट टूटी हुई, मुड़ी हुई, ढकी हुई या बदली हुई पाई गई, तो फ्यूल पंप पर सरेआम मनाही होगी। हालांकि, इस पाबंदी से कुछ जरूरी रियायतें भी दी गई हैं। जिन नए वाहनों पर वैध रजिस्ट्रेशन नंबर या वैध अस्थायी (टारानी) नंबर चस्पा होगा, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। इसके अलावा एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं में लगे सरकारी व गैर-सरकारी वाहनों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। पेट्रोल पंप संचालकों के लिए निर्देश और सीसीटीवी की अनिवार्यता इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन मालिकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। सभी पंप संचालकों को अपने प्रवेश द्वार और ईंधन भरने वाली जगह के पास कम से कम 3 गुणा 3 फीट का एक बड़ा सूचना बोर्ड लगाना होगा, जिस पर साफ शब्दों में लिखा हो कि बिना वैध नंबर प्लेट के ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, पंप परिसरों में लगे सीसीटीवी और एएनपीआर (ANPR) कैमरों को चौबीसों घंटे चालू रखना अनिवार्य किया गया है ताकि आने-जाने वाले हर वाहन की आगे और पीछे की नंबर प्लेट साफ-साफ रिकॉर्ड हो सके। पंप संचालकों को यह फुटेज कम से कम 30 दिनों तक संभाल कर रखनी होगी और पुलिस द्वारा मांगे जाने पर तुरंत उपलब्ध करानी होगी।     बिना वैध नंबर प्लेट ईंधन नहीं, नए वाहनों को छूट: आदेश के मुताबिक, अमृतसर में जिन वाहनों के आगे और पीछे वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी HSRP नहीं लगी होगी, उन्हें पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी। नंबर प्लेट हटाई, टूटी, मुड़ी, ढकी या बदली हुई होने पर भी ईंधन नहीं मिलेगा। जिन नए वाहनों पर वैध रजिस्ट्रेशन नंबर या वैध अस्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर लगा होगा, उन्हें इस पाबंदी से छूट दी गई है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी वाहनों को भी छूट रहेगी।     पेट्रोल पंप पर बोर्ड लगाना जरूरी: सभी पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन संचालकों को प्रवेश द्वार व ईंधन भरने वाली जगह के पास कम से कम 3 गुणा 3 फीट का सूचना बोर्ड लगाना होगा। बोर्ड पर साफ लिखा होगा कि बिना वैध नंबर प्लेट वाले वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन संचालकों को अपने सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरे हर समय चालू रखने होंगे।     कैमरों में स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड होनी चाहिए नंबर प्लेट: आने-जाने वाले वाहनों की आगे और पीछे की नंबर प्लेट कैमरों में स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड होनी चाहिए। पेट्रोल पंप संचालकों को कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी। पुलिस की जरूरत पड़ने पर यह फुटेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।     बोतल या कंटेनर में ईंधन नहीं, विवाद पर 112 पर सूचना: पेट्रोल और डीजल पंपों पर किसी गैर-अधिकृत व्यक्ति को बोतल, कंटेनर या किसी अन्य बर्तन में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक रहेगी। अगर बिना नंबर प्लेट वाले वाहन को ईंधन देने से इनकार करने पर चालक विवाद, हंगामा या गाली-गलौज करता है, तो पेट्रोल पंप संचालक तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या 112 पर सूचना दे सकता है। नियम तोड़ने पर कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिक, चालक, पेट्रोल पंप संचालक या कर्मचारी के खिलाफ BNSS की धारा 223 और मोटर व्हीकल एक्ट की लागू धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस के मुताबिक, इस आदेश का उद्देश्य वाहनों की पहचान सुनिश्चित करना, ट्रैफिक नियमों की निगरानी मजबूत करना और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर नजर रखना है। बोतल में पेट्रोल देने पर रोक और विवाद पर तुरंत एक्शन सुरक्षा के लिहाज से पेट्रोल और डीजल पंपों पर किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति को खुली बोतल, डिब्बे या किसी अन्य कंटेनर में ईंधन देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यदि कोई वाहन चालक बिना नंबर प्लेट के फ्यूल मांगता है और पंप कर्मचारी द्वारा मना करने पर किसी तरह का विवाद, हंगामा या बदसलूकी करता है, तो संचालक या कर्मचारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना देंगे। यदि कोई भी व्यक्ति या पंप संचालक इन आदेशों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 223 और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान निकाय चुनाव: BJP ने जीते 199 निकाय, अब पंचायत चुनाव पर नजर

जयपुर राजस्थान निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 309 में से 199 नगर निकायों पर जीत दर्ज की है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह परिणाम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर है. चुनाव प्रचार के दौरान भजनलाल शर्मा ने जिस तरह रोड शो किए थे और सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा था. उससे 10 नगर निगमों में से अधिकांश पर भाजपा की बढ़त या जीत दर्ज होने के बाद पार्टी का उत्साह बढ़ गया है. अब भाजपा की नजर आगामी पंचायत चुनावों पर है, जिन्हें अगली बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है. पहले जानिए क्या कह रहे हैं चुनावी परिणाम राजस्थान के 309 नगर निकायों में से 199 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है. 10 में से सात नगर निगम के परिणाम आ चुके हैं इनमें से छह पर भाजपा के मेयर बने हैं. तीन के परिणाम बाकी है जिसमें से दो में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है और तीसरे में भी बीजेपी आगे है यानी 10 में से 9 नगर निगम भाजपा के पास आने वाले हैं. भजनलाल के लिए क्यों खास है ये बंपर जीत राजस्थान में यह एकतरफा जीत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में मिली है. यह जीत उस वक्त मिली है जब भजनलाल शर्मा अपना आधा कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. यह जीत उस वक्त मिली है जब आमतौर पर राजस्थान की जनता में एंटी इनकंबेंसी वाले भाव आना शुरू हो जाते हैं. यह जीत उस वक्त मिली है जब बीजेपी का कोर वोटर बीजेपी से नाराज बताया जा रहा है. इस चुनाव को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूरी तरह लीड किया था. 10 के 10 नगर निगम क्षेत्रों में भजनलाल शर्मा ने रोड शो किए थे. चुनाव से पहले संकल्प पत्र जारी किया था. दावा किया था कि हम हमारे घोषणा पत्र के 78 फीसदी वादे पूरे कर चुके हैं. कुल मिलाकर यह चुनाव भजनलाल शर्मा ने अपने काम के आधार पर लड़ा और अपने चेहरे पर लड़ा. सफलता को आप आंकड़ों में देख सकते हैं और आंकड़े कह रहे हैं कि इस चुनाव में भाजपा ने बहुत बड़ी जीत हासिल की है. आगे पंचायत चुनाव की परीक्षा बाकी अब आगे पंचायत चुनाव भी आ रहे हैं और एक बार फिर परीक्षा के मैदान में उतरना है. आज नतीजों के बाद बीजेपी दफ्तर में आए भजनलाल शर्मा का कॉन्फिडेंस बता रहा है कि वे एक और परीक्षा के लिए तैयार हैं. करीब ढाई साल पहले जब भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने थे तो वे विधायक भी पहली बार ही बने थे. कोई प्रशासनिक और सरकारी अनुभव नहीं था लेकिन इन दी वर्षों में उन्होंने चुपचाप अपना काम किया. नतीजा आज सबके सामने हैं.

मंत्रियों के नाम दूसरी जगह की वोटर लिस्ट में क्यों? चुनाव आयोग ने SIR ड्राफ्ट पर बताया कारण

नई दिल्ली  कैबिनेट मंत्रियों के उनके सामान्य निवास स्थान के बजाय किसी अन्य जगह की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि SIR के ड्राफ्ट रोल में पहले से फ्लैग किए गए जनप्रतिनिधियों और कुछ अन्य वर्गों के नाम शामिल किए गए हैं, ताकि क्लेम-ऑब्जेक्शन की अवधि में जरूरी डॉक्युमेंट्स जुटाए जा सकें। चुनाव आयोग ने आरपी एक्ट की धाराओं का दिया हवाला चुनाव आयोग ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 की धारा 20(1बी) का भी उल्लेख किया। इसके मुताबिक, कोई सांसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य अपने कार्यकाल के दौरान केवल अपने कर्तव्यों के सिलसिले में निर्वाचन क्षेत्र से एलॉट रहने के कारण उस निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना बंद नहीं माना जाएगा, जहां चुनाव के वक्त वह वोटर के रूप में रजिस्टर्ड था। वहीं, धारा 20(4) के तहत राष्ट्रपति द्वारा चुनाव आयोग से परामर्श के बाद कुछ पदों को इस प्रावधान के दायरे में घोषित किया गया है। कई संवैधानिक और सरकारी पद शामिल 18 अप्रैल 1960 की अधिसूचना के तहत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री, राज्यसभा और विधानसभा के कुछ पीठासीन पदों के साथ-साथ केंद्र या राज्य के मंत्री, उपमंत्री और संसदीय सचिव जैसे पद इस प्रावधान में शामिल किए गए हैं। इसमें लोकसभा और विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति और उपसभापति भी शामिल हैं। ड्राफ्ट रोल में दस्तावेजों की जांच का मौका वीआईपी नामों को लेकर आयोग ने कहा कि इन प्रावधानों का मकसद ऐसे पदों पर रहने वाले लोगों के वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट रखना है। ड्राफ्ट रोल के दौरान ऐसे नामों पर जरूरी दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है।

सब्जी कारोबारियों पर कार्रवाई की तैयारी, रायपुर में मौके से वापस लौटा दस्ता

रायपुर. भाठागांव पानी टंकी के पास रोड किनारे व फुटपाथ पर रोजाना सब्जी बेचने वालों को खदेड़ने गये निगम के दस्ते को विरोध के चलते अपने बुलडोजर के साथ वापस लौटना पड़ गया. यहां नगर निगम द्वारा लगभग 1 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से चबूतरे वाला सब्जी बाजार बनाया गया है. इस चबूतरे का आवंटन पूर्व में चिन्हित सब्जी बेचने वालों को लॉटरी सिस्टम से निगम मुख्यालय के बाजार विभाग ने कर दिया. आवंटन करने के बाद आसपास और नदी पार से सब्जी बेचने के लिए आने वाले ग्रामीण जो रोड किनारे पसरा बिछाकर दुकानदारी करते थे, उन्हें खदेड़ने निगम का दस्ता बुलडोजर व पुलिस के साथ पहुंच गया. इसका सब्जी बेचने वालों ने विरोध कर वापस लौटा दिया. पूर्व पार्षद सतनाम सिंग पनाग और छाया पार्षद ब्रम्हा सोनकर ने बताया कि चबूतरा आवंटन में जमकर अनियमितता बरती गई है. कई लोगों के वाजिब नाम को व्हाइटनर लगाकर मिटाने के बाद दूसरों का नाम डाला गया है. यह किसके दबाव में हुआ, यह भाठागांव के नागरिक जानना चाहते हैं. सतनाम सिंग पनाग ने बताया कि इस बाजार का निर्माण कांग्रेस के पूर्व कार्यकाल में हुआ था, क्योंकि इस बाजार में स्थानीय के साथ ही गांव के कृषक भी अपनी सब्जी बेचने आते थे. छाया पार्षद सोनकर ने बताया कि बाजार आवंटन में अलग-अलग नंबर दिया गया है. इन नंबरों के हिसाब से किसी को 8 तो किसी के लिए 6 फीट जगह की मार्किंग की गई है. वहीं छाया पार्षद ब्रम्हा ने कहा कि एक ही परिवार के तीन-तीन अथवा चार-चार सदस्यों को स्थान आवंटित कर देने से यहां के वास्तविक सब्जी बेचने वालों को जगह नहीं मिली. साथ ही वार्ड के बाहर के लोगों को भी स्थान दिए जाने की शिकायत सामने आई है. इसके लिए वोटर आईडी और आधार कार्ड के माध्यम से स्थानीय और बाहरी की पहचान निगम प्रशासन पहले करे, फिर चबूतरा व जगह आवंटित करे. इस मामले में पीड़ित सब्जी व्यापारी निगम आयुक्त से 22 सितंबर को सुबह 11 बजे मुलाकात के लिए जाएंगे.

मध्य प्रदेश BJP में नई नियुक्तियां, अजय शर्मा को भी अहम जिम्मेदारी

भोपाल   मध्यप्रदेश भाजपा ने सोमवार को संगठन में दो महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं. प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर भोपाल के शिवराज डाबी को प्रदेश सोशल मीडिया विभाग का प्रभारी और अजय शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल का प्रदेश सह संयोजक नियुक्त किया गया है. दोनों नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।  सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी डाबी को भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार शिवराज डाबी को प्रदेश सोशल मीडिया विभाग का प्रभारी बनाया गया है. नई जिम्मेदारी के तहत वे पार्टी के डिजिटल संचार, सोशल मीडिया गतिविधियों और संगठन से जुड़े आनलाइन अभियानों के संचालन में भूमिका निभाएंगे. ऐसे में पार्टी के बढ़ते डिजिटल विस्तार को देखते हुए यह जिम्मेदारी संगठन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।  अजय शर्मा को प्रकोष्ठों के समन्वय की जिम्मेदारी वहीं, एक नए आदेश के तहत अजय शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल का प्रदेश सह संयोजक नियुक्त किया गया है. इस जिम्मेदारी में पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच समन्वय और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने से जुड़े काम शामिल होंगे।  मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने दी बधाई दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों नेता अपनी नई जिम्मेदारियों के जरिए संगठन को मजबूत करने के साथ सरकार की योजनाओं और नीतियों को जनता तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।  बता दें कि मध्यप्रदेश भाजपा में ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब पार्टी प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और विभिन्न विभागों व प्रकोष्ठों के कामकाज में समन्वय मजबूत करने पर जोर दे रही है। 

मिक्स जाइलीन से भरा टैंकर पलटा, नाले में फैला केमिकल 50 घंटे बाद फिर बना आग का कारण

भिवानी  मिक्स जाइलीन केमिकल से भरा टैंकर पलटने के बाद लगी आग पर भलेही रविवार को काबू पा लिया था मगर 50घंटे बाद सुरपुरा रोड पर गंदे नाले में फैला केमिकल फिर धधक उठा। नाले में भयंकरआग लग गई। आग की लपट और धूएं का गुब्बार दूर तक देखा गया। सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। उल्लेखनीय है कि शनिवार रात करीब 11 बजे केमिकल मिक्स जाइलीन से भरा टैंकर बहल के बस स्टैंड के पास राजगढ़ मार्ग पर पलट गया था। गनीमत रही कि वह नाले पर पलटा। टैंकर उठाते वक्त लगी आग उसके अंदर 30 क्विंटल से अधिक केमिकल था, जो नाले में बह गया। रविवार सुबह टैंकर को उठाते समय उसमें भयंकर आग लग गई। आग की लपटे आसमान में काफी ऊंचाई तक देखी गई। आग में वहां मौजूद करीब 25 रेहड़ी व खोखे भी जल गए। दमकल विभाग की हिसार, भिवानी,सिवानी से आई करीब छह गाड़ियों ने करीब साढे़ तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। नाले में फैले केमिकल में मंगलवार सुबह फिर से आग लग गई। जिससे क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। क्यों लगी आग सामने आया कारण? आज लगी आग के बाद कयास लगाए जा रहे है कि टैंकर से रिसाव के बाद रसायन नालों में जमा हो गया है और अभी भी नालों में मौजूद है। जो आज आग लगने का कारण बना है। आग की लपटों में बिजली आपूर्ति की लाइनों को भी क्षति पहुंची है और क्षेत्र की बिजली को ऐतिहातन काट दिया गया है। प्रशासन व अधिकारी स्थिति पर नजरें रखे हुए हैं। सिवानी से दमकल गाड़ी को बुलाया गया है। कस्बे के लोग व खासकर बस अड्डा, अनाज मंडी, झूंपा-सुरपुरा रोड क्षेत्र की कालोनियों व दुकानदारों में भय की स्थिति है। नालों में लगी आग को लोगों ने मिट्टी डालकर बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नालों में मौजूद केमिकल के कारण बार बार आग लगती रही।

बसों की छत पर सामान ढोने पर 49 स्लीपर बसों के चालान

बसों की छत पर सामान ढोने पर 49 स्लीपर बसों के चालान रायपुर यात्री बसों में छत पर सामान ढोने और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई की। परिवहन उड़नदस्ता रायपुर ने अंतरराज्यीय बस स्टैंड भाठागांव समेत प्रमुख मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान छत पर सामान ले जाने वाली 49 स्लीपर बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 लाख 64 हजार रुपए के चालान किए गए। अधिकारियों के मुताबिक बसों की छत पर सामान ढोना सड़क सुरक्षा मानकों के विपरीत है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभियान के दौरान बसों के दस्तावेज, फिटनेस और परमिट की वैधता भी जांची गई। शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने, किराया सूची प्रदर्शित नहीं करने और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले 111 वाहनों से 42 हजार 800 रुपए शास्ति वसूल की गई। इस तरह कुल 160 यात्री बसों पर 3 लाख 6 हजार 800 रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग के अनुसार कार्रवाई के बाद बस संचालकों को नियमों का पालन करने और वाहनों में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।