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नारायण सिंह कुशवाह का आदेश: सामाजिक न्याय विभाग में जल्द होगी नई भर्ती

भोपाल  मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय विभाग में सरकारी नौकरी करने के इच्छुक युवाओं के लिए एक अच्छा मौका है , राज्य शासन जल्दी ही यहाँ रिक्त पदों पर भर्ती करने वाला है, प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने विभागीय अधिकारियों को इस आशय के निर्देश जारी किये हैं। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र की जायेगी। इस आशय के निर्देश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सागर संभाग में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्री कुशवाह ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद को प्राप्त हो सके, इसके प्रयास मैदानीकर्मी लगातार करें। उन्होंने सागर संभाग में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हितग्राहियों की केवायसी की धीमी प्रगति पर पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने 30 नवम्बर तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। पुनर्वास केन्द्रों में पदों की पूर्ति के लिए चलेगा अभियान मंत्री कुशवाह ने छतरपुर जिले में जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्र और शासकीय बौद्धिक दिव्यांगजन के विशेष विद्यालयों में रिक्त पदों पर चिंता व्यक्त कर प्रदेश में सभी पुनर्वास केन्द्रों में पदों की पूर्ति के लिए अभियान चलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण के साथ साथ उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे  मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सागर संभाग में उद्यानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में किसान परम्परागत खेती के साथ-साथ जैविक खेती के माध्यम से बेहतर लाभ कमा सकते हैं। धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई, सहायक संचालक को नोटिस  विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में निवाड़ी जिले की धीमी प्रगति पर मंत्री कुशवाह ने नाराजगी व्यक्त की तथा निवाड़ी के सहायक संचालक उद्यानिकी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश संयुक्त संचालक उद्यानिकी को दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष  श्याम तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बिहार: शपथ ग्रहण के 24 घंटे भीतर विपक्षी दल के नेता की गोली मारकर हत्या

मोतिहारी मोतिहारी में बिहार विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही एक बार फिर अपराधियों का तांडव शुरू हो गया है। जिले के दरपा थाना क्षेत्र के तिनकोनी गांव में शुक्रवार की अहले सुबह वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) के प्रखंड अध्यक्ष कामेश्वर सहनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे कामेश्वर सहनी शौच कर लौटने के बाद अपने दरवाजे पर हाथ धो रहे थे। उसी दौरान बाइक पर सवार दो अज्ञात अपराधी पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक कामेश्वर सहनी वीआईपी पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष थे और उनका पूर्व में आपराधिक इतिहास भी रहा है। जानकारी के मुताबिक, वे पहले नक्सली के रूप में भी जाने जाते थे और उनके ऊपर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। हत्या की जानकारी मिलते ही दरपा थाना पुलिस सहित आसपास के कई थानों की टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। रक्सौल के एसडीपीओ मनीष आनंद भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की तफ्तीश में जुटे हुए हैं। मोतिहारी के प्रभारी एसपी विनय तिवारी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।

गोदाम में लगी आग से अफरातफरी: दमकल की लंबी मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रण में

उदयपुर उदयपुर के सेक्टर-9 स्थित वीआईपी कॉलोनी के पास स्थित एक भंगार गोदाम में शुक्रवार सुबह अचानक आग लग गई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे इलाके के लोगों ने गोदाम से धुआं उठते देखा। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैलने लगी। उस समय गोदाम बंद था, जिसके कारण शुरुआती चरण में किसी को आग का पता नहीं चल पाया। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। टीमों ने लगातार दो-दो चक्कर लगाकर पानी डाला और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। आग बुझाने में सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि गोदाम में लकड़ियाँ, पुराने टायर, कागज के गट्ठे और बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री भरी हुई थी। ये सभी चीजें तेजी से भड़कने वाली हैं और बुझने के बाद भी दोबारा आग पकड़ लेती हैं, जिसके कारण स्थिति बार-बार बिगड़ती रही। दमकलकर्मियों को लगातार लपटों पर नजर रखनी पड़ी। राहत की बात यह रही कि गोदाम में कोई गैस सिलेंडर या ज्वलनशील केमिकल मौजूद नहीं था। ऐसी सामग्री होने की स्थिति में नुकसान और अधिक बढ़ सकता था। दमकल टीम इस बात पर लगातार ध्यान दे रही थी कि आग पास की दुकानों या घरों तक न पहुंचे। भारी धुआं फैलने के चलते पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ हटाई और लोगों को सुरक्षित दूरी पर खड़ा कराया। गोदाम भरत सिंधी नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। आग लगने से अंदर रखा अधिकांश भंगार जलकर राख हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार गोदाम में करीब सात से आठ लाख रुपये का सामान मौजूद था, जो पूरी तरह नष्ट हो गया। हालांकि नुकसान का अंतिम आंकलन अभी शेष है। सीएफओ बाबूलाल चौधरी ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही पारस सहित आसपास के फायर स्टेशनों से गाड़ियां तुरंत रवाना की गईं। टायर, कागज और प्लास्टिक जैसी सामग्री होने की वजह से लपटें रुक-रुककर बढ़ रही थीं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस और फायर टीम विस्तृत जांच में जुटी है।  

भरतपुर में नई ग्रामीण बस सेवा की शुरुआत, कई गांवों को मिलेगी नई सुविधा

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों में खुशी की लहर रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है कराना      उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है। विद्यार्थियों, महिलाओं और आमजनों को बड़ी सुविधा       नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।         इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।  ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल     यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।      इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

हाईकोर्ट का आदेश: जावेद सिद्दीकी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई पर 15 दिन की रोक

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में महू कैंटोनमेंट क्षेत्र में अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी का पुराना पैतृक मकान इन दिनों सुर्खियों में है. यह चार मंजिला मकान मुकेरी मोहल्ला में है और इसके कुछ हिस्से को महू कैंट बोर्ड ने अवैध निर्माण बताया है. बोर्ड ने हाल ही में नोटिस जारी कर सिर्फ तीन दिन का समय दिया था कि अवैध हिस्सा खुद हटा लें, वरना बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया जाएगा और खर्चा भी वसूला जाएगा. यह मकान मूल रूप से जावेद सिद्दीकी के पिता स्वर्गीय मौलाना हम्माद सिद्दीकी के नाम पर दर्ज है. हम्माद सिद्दीकी कभी महू के शहर काजी रह चुके थे. परिवार ने यह मकान जावेद को गिफ्ट किया था. बाद में जावेद सिद्दीकी ने इसे अब्दुल माजिद नाम के शख्स को गिफ्ट कर दिया. तब से अब्दुल माजिद और उनका परिवार इस मकान में रह रहा है. महू कैंट बोर्ड का कहना है कि यह निर्माण 1996-97 में दिए गए पुराने नोटिस के आधार पर अवैध है. नोटिस में साफ नहीं बताया गया कि मकान का कौन सा हिस्सा गैरकानूनी है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट की 2025 वाली नई गाइडलाइंस का भी पालन नहीं किया गया. बोर्ड ने अवैध बेसमेंट और अतिरिक्त मंजिलों का हवाला दिया है. फिलहाल इस मकान पर बुलडोजर एक्शन नहीं होगा. क्योंकि मकान में रहने वाले अब्दुल माजिद ने इंदौर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दाखिल की थी. अब्दुल माजिद इस संपत्ति पर अपना क्लेम कर रहे हैं, क्योंकि मकान उन्हें गिफ्ट किया जा चुका है. याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तीन मुख्य आधारों पर 15 दिन का स्टे ऑर्डर दे दिया है: वर्तमान नोटिस में 1996-97 के पुराने नोटिस का जिक्र तो है, लेकिन सही तरीके से नहीं बताया गया. नोटिस में यह साफ नहीं है कि मकान का ठीक कौन सा हिस्सा अवैध है. सुप्रीम कोर्ट की ताजा गाइडलाइंस (2025) का पालन नोटिस में नहीं हुआ. हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों – यानी याचिकाकर्ता और महू कैंट बोर्ड – को अपना पक्ष रखने के लिए 7-7 दिन का समय दिया है. इस तरह कुल 15 दिन बाद मामले की अगली सुनवाई होगी. तब तक बुलडोजर एक्शन पर पूरी तरह रोक लगी हुई है. यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि जावेद सिद्दीकी इन दिनों दिल्ली ब्लास्ट और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में जांच के घेरे में है, लेकिन मकान तोड़ने का यह पुराना विवाद अवैध निर्माण से जुड़ा है. अब देखना पक्ष मजबूत रखने के लिए अब्दुल माजिद को राहत मिली है, लेकिन 15 दिन बाद कोर्ट क्या फैसला लेगी, यह देखना बाकी है.

पंचायत पुनर्संरचना: राजस्थान में 3400 नई पंचायतों की अधिसूचना जारी

जयपुर राजस्थान में पंचायतों का नक्शा एक बार फिर से बदल गया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को पंचायतों के पनुर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी। इनमें 41 जिलों की पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। पुनर्गठन में करीब 3400 नई पंचायतों को जोड़ा गया है। इसके बाद प्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर लगभग 14 हजार के आस-पास हो गई है। इस पुनर्गठन से पहले प्रदेश में 11194 ग्राम पंचायतें थीं। अब पुनर्गठन के बाद राजस्थान में पंचायती राज का नक्शा पूरी तरह बदल गया है। यह अधिसूचना इसलिए भी अहम है क्योंकि राजस्थान में अगले साल पंचायतों और निकायों के चुनाव होने हैं। नए नई सीमाओं के साथ राजस्थान में पंचायतों की राजनीति भी पर भी असर पड़ना तय है। नई पंचायतों के निर्माण के बाद सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंच के पदों की संख्या बड़े पैमाने पर बढ़ जाएगी। जितनी नई पंचायतें बनी हैं, उतने ही नए पद भी होंगे। अब आगामी चुनाव इन्हीं नई पंचायतों के अनुसार होंगे। रेगिस्तानी जिलों में मापदंडों में छूट के कारण नई पंचायतों की संख्या अधिक रही है। सरकार ने साल भर पहले से पंचायतों के पुनर्गठन का काम शुरू किया था और जिलों से प्रस्ताव मंगवाकर पंचायतीराज व ग्रामीण विकास विभाग को भेजे गए थे। राजनीतिक तौर पर बीजेपी ने भी इस प्रक्रिया के लिए विशेष कमेटी बनाई थी। नई पंचायतों के निर्माण से जनता को सुविधा भी मिलेगी। बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर, चूरू सहित रेगिस्तानी जिलों और आदिवासी इलाकों में अब पंचायत मुख्यालय के लिए कम दूरी तय करनी होगी। पहले एक पंचायत में तीन-चार गांव होने के कारण लोग कई किलोमीटर की यात्रा करके सरकारी काम निपटाते थे, लेकिन अब इलाके छोटे होने से समय और मेहनत की बचत होगी। इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नई पंचायतों के साथ ग्राम सचिव, पटवारी और पंचायत सहायकों के पद बढ़ेंगे। इससे शिक्षित बेरोजगारों के लिए नई नियुक्तियों के अवसर खुलेंगे। आगामी भर्तियों में भी इन नई पंचायतों के हिसाब से पदों में वृद्धि की जाएगी। जयपुर में 20 पंचायत समतियों का पुनर्गठन राजधानी जयपुर में 20 पंचायत समितियों  का पुनर्गठन किया गया है। इनमें सीएम भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर की पंचायत समिति भी शामिल है। जिन पंचायत समितियों का यहां पुनर्गठन किया गया है उनमें जमवारामगढ़, दूदू, फागी, आंधी, चाकसू, कोटखावदा, बस्सी, तूंगा, जालसू, जोबनेर, गोविंदगढ़, शाहपुरा, विराटनगर, मौजमाबाद, माधोराज पुरा, सांभरलेक, झोटवाड़ा, आमेर, सांगानेर व किशनगढ़-रेनवाल शामिल हैं।

वंदे भारत ट्रेन के नए रैक से इंदौर-नागपुर यात्रा होगी आसान, एक हजार से अधिक यात्री ले सकेंगे सफर

इंदौर  दो साल पहले इंदौर को मिली पहली वंदे भारत ट्रेन के कोच अब रेलवे बढा रहा है। इससे यात्री क्षमता दोगुनी हो जाएगी। 24 नंवबर से चलने वाली ट्रेन के लिए नए रैक आ चुके है। अभी इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन आठ कोचों के साथ चलती है। इसमें 530 सीटें थीं। 16 कोच के बाद एक हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। रेलवे ने नए रैक वंदे भारत के लिए भेज दिए है। इससे इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा,क्योकि यह ट्रेन भोपाल में भी रुकती है। भोपाल से भी नागपुर जाने के लिए यात्रियों को सुविधा होगी। वंदे भारत ट्रेन में बीते चार माह से सीटें फुल जा रही थी। इस कारण रेलवे ने वंदे भारत के कोच बढ़ा दिए है। इंदौर से नागपुर तक ट्रेन चलाने की मांग हमेशा से उठती रहती है। दो साल पहले इंदौर से भोपाल के बीच वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू किया था। यह ट्रेन सुबह सवा छह बजे जाती है। इंदौर से भोपाल तक के लिए इस ट्रेन को कम यात्री मिलते थे। बाद में वंदेभारत ट्रेन का विस्तार इंदौर से नागपुर तक किया गया। इसके बाद ट्रेन को अच्छे यात्री मिलने लगे। त्यौहार के समय इस ट्रेन में सीट नहीं मिलती है।   पहले दिल्ली भेज दिए थे रैक वंदे भारत के लिए सितंबर माह में रैक आए थे, लेकिन उसका उपयोग रेलवे ने दिल्ली पटना ट्रेन के लिए कर दिया था। अब वे रैक वापस इंदौर भेजे है। दो दिन पहले रैक इंदौर लाए गए। अब 24 नवंबर से 16 कोच के साथ ट्रेन इंदौर से नागपुर के लिए रवाना होगी। उधर इंदौर नगर निगम ने भी इंदौर से नागपुर के लिए बस सेवा शुरू की है। पिछले दिनों हरी झंडी देकर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बस को रवाना किया था।  

भावांतर योजना: सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़ा, अब 4271 रुपए

भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 21 नवंबर को 4271 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए और 20 नवंबर को 4267 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए   प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

झारखंड पर्यटन को बढ़ावा: नेतरहाट वनों में ‘जंगल सफारी’ का शुभारंभ

लातेहार झारखंड सरकार ने राज्य में पर्यावरण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से लातेहार जिले के खूबसूरत नेतरहाट वनों में ‘जंगल सफारी' बृहस्पतिवार को शुरू की। राज्य पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने इस पहल का उद्घाटन किया और कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कुमार ने कहा, ‘‘पर्यटक अब नेतरहाट के जंगलों, वन्यजीव तथा यहां की सुंदरता को और करीब से महसूस कर पाएंगे।'' नेतरहाट 3,622 फुट की ऊंचाई पर जंगलों में बसा है और रांची से करीब 157 किलोमीटर की दूरी पर है। सफारी के लिए 300 रुपये प्रति व्यक्ति दर निर्धारित की गई है और 16 सीट वाली गाड़ी के लिए 4,100 रुपये जबकि 10 सीट वाली गाड़ी के लिए 3,000 रुपये तय किए गए हैं। लोग दिन में दो बार सफारी का आनंद उठा सकेंगे। पहली सफारी सुबह 5:30 से 10 बजे तक चलेगी, वहीं दूसरी सफारी का समय दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक होगा।  

मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना होगी और मजबूत, बहनें होंगी मालामाल

भोपाल  प्रदेश की 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों को और सशक्त बनाने के लिए मोहन सरकार नया प्लेटफार्म लेकर आ रही है। यह लाड़ली बहना योजना के तहत ही आएगा। इसमें बहनों को उद्योग धंधे लगाने में अतिरिक्त छूट मिलेगी। वे चाहेंगी तो उन्हें मासिक किस्त का एक मुश्त भुगतान किया जाएगा। रोजगार व स्वरोजगार में योग्यता के आधार पर अतिरिक्त छूट दी जाएगी। ये सभी बदलाव उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश के आधार पर होंगे। दरसअल, मप्र से लेकर अन्य राज्यों में भाजपा और एनडीए को चुनाव में संजीवनी देने का मूल आधार मानी जा रही लाड़ली बहना योजना में मोहन सरकार पहली बार बड़ा बदलाव करने जा रही है। योजना के मूल स्वरूप में बदलाव किया जाएगा। यह काम महिला मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति के सुझावों के आधार पर होगा। समिति बनाने पर पिछली कैबिनेट में सहमति बन चुकी है। ये होगी समिति राज्य सरकार अब तक लागू की जा चुकी महिला सशक्तीकरण आधारित योजनाओं की समीक्षा करने जा रही है। यह काम महिलाओं और विशेषज्ञों को करना है। इसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को अध्यक्ष बनाया जा रहा है। मंत्री संपत्तिया उइके, मंत्री कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी व राधा सिंह को शामिल किया जाएगा। समिति गठित करने संबंधी प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यह समिति लाड़ली बहना योजना का सूक्ष्मतम अध्ययन करते हुए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करेगी। बदलाव की वजह है विजन डॉक्यूमेंट- 2047 के लक्ष्य विजन डॉक्यूमेंट-2047 के तहत प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 2029 तक 27.7 लाख करोड़ और 2047 तक 250 लाख करोड़ करने का लक्ष्य है। अभी प्रति व्यक्ति आय 1.6 लाख है। इसे सरकार 2029 तक 3 लाख से अधिक और 2047 तक 22 लाख से अधिक करना चाहती है। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि महिलाओं के आर्थिक रूप से संपन्न होने पर ही यह हो सकेगा। इसलिए उन्हें आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। यही वजह है कि सरकार महिला कल्याण और सशक्तीकरण से जुड़ी सभी योजनाओं (Ladli Behna Yojana) की समीक्षा करने जा रही है। इसमें मुख्य तौर पर लाड़ली बहना योजना भी है। योजना में ये बदलाव संभव अभी 1500 रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं। यह राशि हर माह न देकर कुछ वर्षों की राशि एक मुश्त दी जा सकती है। ताकि यह उद्योग-धंधे लगाने में काम आए। आगे योजना में शामिल करने के लिए शेष बहनों के लिए पंजीयन को खोला जा सकता है। योजना को पूरी तरह बहनों की आर्थिक समृद्धि में बदला जा सकता है। ताकि मासिक किस्त से ज्यादा वे खुद कमा सकें। इसके लिए बहनों को जनकल्याण की लगभग सभी योजनाओं में अतिरिक्त छूट मिल सकती है। यदि कोई बहना मासिक किस्त की बजाए, अन्य मदद चाहेंगी और वे उसके लिए योग्य होंगी तो उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। लाड़ली बहना योजना में ऐसे बढ़ी राशि -लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत मार्च 2023 में हुई। तब हर माह 1.29 करोड़ बहनों को 1000 रुपए दिए जाते थे। -तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राशि में 250 रुपए की वृद्धि की और सितंबर 2023 से 1250 रुपए मिलने लगे। -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 250 रुपए और बढ़ाने का ऐलान किया। 11 नवंबर को 2025 को कैबिनेट में मंजूरी मिली और इसी माह 1.26 करोड़ बहनों को 1500 रुपए ट्रांसफर किए। अब तक लाड़लियों को 45 हजार करोड़ दिए मध्य प्रदेश सरकार अब तक लाड़ली बहनों को 45 हजार करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुमानित खर्च 20,450.99 करोड़ है। इसमें से भी आधी दी जा चुकी है। नवंबर 2025 से 250 रुपए बढ़ाने के बाद यह खर्च और बढ़ेगा। राज्य हर महीने लाड़लियों पर 1600 करोड़ खर्च कर रही है। इधर, किस्त 3 हजार करने पर राजनीति लाड़ली बहनों को दी जा रही किस्त (Ladli Behna Yojana) पर राजनीति जारी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कई बार मंचों से कह चुके हैं कि भाजपा ने बहनों को प्रति माह 3000 रुपए देने का वादा किया था। जवाब में भाजपा चरणवार बढ़ोतरी की बात करती रही है।