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आतंकी कनेक्शन का दोहराव! अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर रिपोर्ट के सनसनीखेज़ खुलासे

नई दिल्ली  दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सुर्खियों में आया. दरअसल, दिल्ली में ब्लास्ट करने वाले उमर नबी का कनेक्शन इसी यूनिवर्सिटी से था. तभी से यूनिवर्सिटी पर जांच तेज कर दी गई है. हाल ही में इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट आई, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ. बता दें कि 2008 में अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में भी एक अल-फलाह स्टूडेंट का नाम सामने आया था. अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट 2008 इंडियन मुजाहिदीन का सक्रिय सदस्य मिर्जा शादाब बेग भी अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज का ही छात्र रह चुका है. बेग ने 2007 में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन) पूरा किया था. इसके बाद साल 2008 में अहमदाबाद में हुए सीरियल धमाकों में वह शामिल पाया गया था. यह आतंकी पिछले कई सालों से गायब है. सूत्रों के मुताबिक, इसकी लोकेशन अफगानिस्तान में बताई जाती है.   धौज स्थित यूनिवर्सिटी पर जांच दिल्ली धमाके के बाद फरीदाबाद के धौज में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर से जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है. अल-फलाह कॉलेज की शुरुआत अल-फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के रूप में हुई थी. बाद में 2014 में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज अमेंडमेंट एक्ट के तहत इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला. 2008 जयपुर ब्लास्ट में अहम भूमिका मिर्जा शादाब बेग इंडियन मुजाहिदीन के लिए एक बेहद अहम सदस्य था. 2008 के जयपुर धमाकों में विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए मिर्जा शादाब बेग उडुपी गया था. वहीं पर मिर्जा ने रियाज और यासीन भटकल को बड़ी मात्रा में डेटोनेटर और बेयरिंग मुहैया कराए थे, जिनसे IED तैयार किए गए. इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई के कारण बेग बम बनाने की तकनीक में काफी माहिर माना जाता था. अहमदाबाद-सूरत धमाकों में बड़ी भूमिका अहमदाबाद धमाकों से करीब 15 दिन पहले बेग अहमदाबाद पहुंचा था और उसने पूरे शहर की रेकी की थी. बेग ने तीन टीमों के साथ मिलकर धमाकों की प्लानिंग की और लॉजिस्टिक, IED फिटिंग और बम तैयार करने का काम किया था. इसके अलावा, गोरखपुर में हुए 2007 के बम धमाकों में भी शादाब बेग का नाम सामने आया था. इन धमाकों में 6 लोग घायल हुए थे. बाद में आईएम से लिंक जुड़ने पर गोरखपुर पुलिस ने उसकी संपत्ति कुर्क कर ली थी.

शहडोल में महंगाई का तड़का, ठंड के मौसम में टमाटर 60 रुपये और बैंगन के दाम दोगुने

शहडोल  नवंबर का महीना चल रहा है और कड़ाके की ठंड भी पड़ रही है. इन दिनों हरी सब्जियों के बढ़े हुए दामों ने आम जनता की जेब ढीली कर दी है. अचानक ही सब्जियों के बढ़े हुए दामों से लोगों का हाल-बेहाल है. जिस सीजन में हरी सब्जियों की भरमार होती है, आखिर अचानक से सब्जियों के दाम कैसे बढ़ गए, आईए जानते हैं. हरी सब्जियों के बढ़ गए दाम इन दिनों हरी सब्जियों के दाम अचानक ही बड़े हुए हैं. जिससे आम जनता का हाल बेहाल है. सर्दियों के सीजन में काफी संख्या में हरी सब्जियां आती हैं, लेकिन इस बार सब्जियों के दाम काफी चढ़े हुए हैं. सब्जी खरीदने बाजार आए रिंकू तिवारी बताते हैं कि, ''अब तक तो काफी हरी सब्जियां मंडी में आने लगती हैं. लेकिन इन दिनों अचानक सब्जियों के दाम काफी हाई हो गए हैं जिससे आम इंसान को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. क्योंकि हर सब्जी काफी महंगी हो चुकी है. कुछ सब्जियों को छोड़ दें तो ज्यादातर सब्जी यहां 50 रुपए किलो पर ही है.  जिससे रसोई का बजट बिगड़ गया है.'' आसमान छू रहे सब्जियों के दाम शहडोल में पिछले कई सालों से सब्जी बेचकर अपना घर परिवार चलाने वाले राम प्रताप साहू बताते हैं कि, ''वर्तमान में सब्जियों के दाम अचानक ही बढ़ गए हैं, इसका असर ये हुआ है कि जो ग्राहक हर दिन दो किलो से लेकर 5 किलो तक सब्जियों की खरीदी करते थे, वो ग्राहक भी अब एक पाव आधा किलो में आ गए हैं, अभी दो-तीन दिन पहले ही टमाटर अचानक से एक-दो दिन के लिए ₹80 प्रति किलो तक बिका है, लेकिन फिर एक दो दिन में ही दाम ₹20 तक दाम घट भी गए और अभी वर्तमान में खुले रेट में टमाटर ₹60 किलो बिक रहा है. बदलते मौसम ने सब्जियों के दाम कर दिए हाई आखिर अचानक ही हरी सब्जियों के दाम क्यों बढ़ गए, सब्जी व्यापारी अमित गुप्ता बताते हैं कि "इन दिनों सब्जी खाने वालों के लिए आलू प्याज ही एक बड़ा सहारा बने हुआ है, क्योंकि पिछले कई महीनों से आलू और प्याज के दाम स्थिर हैं. आलू जहां वर्तमान में खुले रेट में 25 रुपए किलो की दर से बिक रहा है, वहीं प्याज 20 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रही है, इस बार आलू प्याज के दाम नहीं बढ़े हैं. लेकिन हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं." सब्जियों की क्वालिटी में गिरावट पिछले कई सालों से सब्जियों की खेती करने वाले किसान राम सजीवन कचेर बताते हैं कि "अचानक से हरी सब्जियों के दाम बढ़ने की वजह ये है कि पिछले कुछ दिनों में जो बारिश हुई है, उससे मौसम में परिवर्तन हुआ है. उससे किसानों की सब्जियों की फसल में फर्क पड़ा है, सब्जियां भी अधिक मात्रा में और अच्छी क्वालिटी में आ नहीं रही हैं, जिससे सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं. एक तरह से कहा जाए तो लोकल सब्जियां भी उतनी मात्रा में आ नहीं पा रही हैं." सब्जी मंडी में बारिश का कहर अचानक इस बदले हुए मौसम और बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गया है. फसल पर तरह-तरह के कीटों का अटैक हुआ है. जिससे किसानों की फसल का नुकसान तो हुआ ही है, साथ ही जो किसान सुबह-सुबह अलग-अलग वैरायटी की कई सब्जियां लेकर आ जाते थे. वह किसान अब ठंड से बचते नजर आ रहे हैं. फसलों में भी उनकी कमी आई है." सब्जी मंडी में बारिश का कहर अचानक इस बदले हुए मौसम और बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गया है. फसल पर तरह-तरह के कीटों का अटैक हुआ है. जिससे किसानों की फसल का नुकसान तो हुआ ही है, साथ ही जो किसान सुबह-सुबह अलग-अलग वैरायटी की कई सब्जियां लेकर आ जाते थे. वह किसान अब ठंड से बचते नजर आ रहे हैं. फसलों में भी उनकी कमी आई है.

आरएसएस पदाधिकारी के बेटे की हत्या का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी को पुलिस ने दबोचा

फिरोजपुर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक पदाधिकारी के बेटे की हत्या में कथित रूप से शामिल प्रमुख आरोपी को बृहस्पतिवार सुबह आरिफके गांव में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आरएसएस पदाधिकारी बलदेव राज अरोड़ा के बेटे नवीन अरोड़ा की 15 नवंबर को फिरोजपुर में दो मोटरसाइकिल सवार लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह साफ नहीं है कि उसे दोनों ने गोली मारी थी या सिर्फ एक सवार ने। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भूपिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस को हत्या के मुख्य आरोपियों में से एक, गुरसिमरन सिंह उर्फ ​​जतिन काली के आरिफके गांव में सोढ़ीवाला के पास होने की खबर मिली थी। कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने इलाके को घेर लिया। एसएसपी ने कहा, ‘पुलिस दल ने आरिफके के पास एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक सवार भागने की कोशिश करने लगा। उसका पीछा किया गया।' पुलिस के अनुसार पीछा करते समय, गुरसिमरन ने कथित तौर पर पुलिस कर्मियों पर गोली चला दी, जिससे पुलिस के वाहन का आगे का कांच टूट गया। पुलिस ने जवाब में गोली चलाई जो गुरसिमरन के पैर में लगी। घायल गुरसिमरन को इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया। एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने .32 बोर की पिस्तौल से पुलिस पर गोली चलाई।  उन्होंने कहा, ‘हम पता लगा रहे हैं कि क्या यह वही हथियार है जिसका इस्तेमाल नवीन अरोड़ा की हत्या में किया गया था।' बुधवार को, पुलिस ने अरोड़ा की हत्या में कथित तौर पर शामिल दो और लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान हर्ष और कनव के रूप में हुई। मामले में दो और आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाश जारी है।

कान्हा और बांधवगढ़ तक पहुंचे अब मिनटों में, एमपी में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का ट्रायल पूरा

भोपाल  मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से PM श्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ आज से हो गया। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक कम समय में सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शुरू की गई इस पहल के साथ प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इंटर-स्टेट हेलीकॉप्टर टूरिज़्म सेवा शुरू की है।  तीन रूटों पर होगी हेलीकॉप्टर सेवा हेली पर्यटन सेवा फिलहाल तीन सेक्टरों में प्रारंभ की गई है और यह सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध रहेगी। यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी होने से यात्रियों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। उज्जैन में महाकाल दर्शन कुछ ही मिनटों में होंगे। वहीं, भोपाल से पंचमढ़ी करीब 1 घंटे और उज्जैन – ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग यात्रा 20–40 मिनट का समय लगेगा।  पंचमढ़ी में जॉय राइड सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। एक हेलीकॉप्टर में 6 यात्री यात्रा कर सकेंगे।  सेवा की बुकिंग www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola  और https://transbharat.in/ पर उपलब्ध होगी।  मध्यप्रदेश में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत आज, गुरुवार से हो गई है। टूरिस्ट 3 टाइगर रिजर्व- कान्हा, बांधवगढ़-STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) के साथ ईको टूरिज्म सेक्टर और स्पिरिचुअल सेक्टर में हेलिकॉप्टर से जा सकेंगे। सप्ताह में 5 दिन तक उड़ान रहेंगी। 1 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा की औपचारिक शुरुआत कर दी थी, लेकिन नियमित उड़ानें 20 नवंबर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस कार्यक्रम में 20 नवंबर से हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत करने की बात कही थी, लेकिन शेड्यूल में आज का दिन शामिल नहीं है। इसलिए आम व्यक्तियों के लिए बुकिंग नहीं की गई है। डबल इंजन वाले हेलिकॉप्टर नई हेलिकॉप्टर सेवा में शामिल सभी हेलिकॉप्टर डबल इंजन वाले हैं। ताकि, उसमें बैठे यात्री सुरक्षित रह सके। सुरक्षा के पैमाने जानने के लिए जनप्रतिनिधियों को पहले भोपाल से पचमढ़ी, मढ़ई के लिए सांसद दर्शनसिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, विधायक ठाकुर दास नागवंशी, विजय पाल सिंह आदि ने सफर किया। बकायदा, इनका वजन कितना है? यह भी जांचा गया। ताकि, हेलिकॉप्टर में ज्यादा वजन न हो। छोटे-छोटे रूट्स बनाए गए हैं। ताकि इमरजेंसी लैंडिंग की सुविधा हो। यही बैकअप स्थान चिन्हित किए गए हैं। पर्यटन को मिलेगा नया आयाम पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि हेलि पर्यटन सेवा पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। इससे तीर्थयात्रियों को आसान यात्राएं मिलेंगी और प्रदेश के धार्मिक, वन्य एवं एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला के अनुसार इस सेवा से पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटकों को शानदार और यादगार यात्रा अनुभव मिलेगा। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, हेलि पर्यटन सेवा से मध्यप्रदेश धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख हब बनने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गया है। जबलपुर में मंत्री ने किया सफर एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सुबह 11.20 बजे इस सेवा का शुभारंभ किया। अब जबलपुर से कान्हा, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, धार्मिक स्थल मैहर, चित्रकूट और अमरकंटक पहुंचना आसार होगा। यह सेवा सप्ताह में पांच दिन रहेगी। केंद्रीय विमानन मंत्रालय और मप्र पर्यटन बोर्ड की देखरेख में फ्लाई ओला कंपनी इसका संचालन करेगी। जबलपुर से सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पर्यटक उड़ान भर सकेंगे। टूरिस्ट हब है महाकौशल इस मौके पर मंत्री सिंह ने कहा कि महाकौशल टूरिस्ट हब है। जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हवाई सेवा के माध्यम से यहां आने वाले पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिल गई है। बहुत ऐसे पर्यटक आते हैं, जो कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर घूमना चाहते हैं, लेकिन सड़क मार्ग से यह मुमकिन न था। पीएमश्री हेलिकॉप्टर सेवा ने इस समस्या को खत्म कर दिया है। इससे जहां कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्थानों तक पहुंचना आसान हो गया है, वहीं रोजगार भी बढ़ेगा। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि भेड़ाघाट के पास हेलीकॉप्टर का बेस बनाया है। जहां से पर्यटकों को उनके पसंद के पर्यटन स्थल ले जाया जाएगा। इस सेवा के लिए अलग-अलग दूरी के हिसाब से किराया तय किया गया है। जबलपुर से सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पर्यटक उड़ान भर सकेंगे। सभी पर्यटन स्थलों में कंपनी ने हैलीकॉप्टर की सफल लैडिंग के लिए बेस बनाया है। पर्यटकों को पर्यटन स्थल के आसपास उतारने की व्यवस्था है। पर्यटक कंपनी के ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी ले सकते हैं। आध्यात्मिक सेक्टर आध्यात्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर–उज्जैन– ओंकारेश्वर मार्ग को जोड़ा गया है। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रूपये, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6 हजार 500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5 हजार 500 रूपये रखा गया है। इस सेक्टर के माध्यम से श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंगों के दर्शन आसानी से कर सकेंगे। इको टूरिज्म सेक्टर  इको टूरिज्म सेक्टर में भोपाल से मढ़ई तक 40 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 4 हजार रूपयेतथा मढ़ई से पचमढ़ी तक 20 मिनट की उड़ान का किराया 3 हजार रूपयेहै। इसके अतिरिक्त भोपाल से पचमढ़ी के लिए एक घंटे की सीधी उड़ान भी उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया 5 हजार रूपयेप्रति यात्री है। पचमढ़ी में जॉय-राइड्स का विकल्प भी उपलब्ध होगा, जिससे प्रकृति–आधारित अनुभव और भी आकर्षक बनेगा। वाइल्डलाइफ़ सेक्टर  वाइल्डलाइफ़ सेक्टर में जबलपुर को कान्हा और बांधवगढ़ और से जोड़ा गया है। इनमें जबलपुर से मैहर की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये,मैहर से चित्रकूट 2500 रूपये, जबलपुर से कान्हा 6,250 रूपये, बांधवगढ़ 3750 रूपये तथा अमरकंटक के लिए एक घंटे की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये होगा। इस तेज कनेक्टिविटी से पर्यटक कम समय में अधिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। 

फ्लाई ऐश डंपिंग और जल प्रदूषण पर प्रशासन का संज्ञान, विभागों को जांच के निर्देश

​जांजगीर-चांपा जिले के बिरगहनी ग्राम पंचायत में चूना पत्थर खदान संचालकों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन से भूजल प्रदूषण और भूजल स्तर में भारी गिरावट के साथ उत्पन्न गंभीर पर्यावरणीय और जन स्वास्थ्य संकट पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है. ​खनिज अधिकारी ने कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग और क्षेत्रीय अधिकारी, पर्यावरण संरक्षण मंडल को शीघ्र जांच कर की गई कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया है. जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई आरटीआई कार्यकर्ता विकास शर्मा द्वारा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के सलाहकार को भेजे गए ई-मेल के संदर्भ में की है. इस ई-मेल में चूना पत्थर खदान संचालकों द्वारा अवैध खनन के साथ ही फ्लाई ऐश की अवैध डंपिंग से हो रहे गंभीर पर्यावरणीय खतरों का उल्लेख किया गया था. ​प्रमुख कार्रवाई और निर्देश कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग, जांजगीर-चांपा को चूना पत्थर खदान संचालकों द्वारा अवैध खनन, भूजल प्रदूषण और भूजल स्तर में गिरावट से संबंधित बिंदुओं की शीघ्र जांच कर की गई कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया है. वहीं ​क्षेत्रीय अधिकारी, पर्यावरण संरक्षण मंडल, बिलासपुर को अवैध खनन और फ्लाई ऐश की अवैध डंपिंग से उत्पन्न पर्यावरणीय संकट के बिंदुओं पर शीघ्र जांच करने और विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी खनिज शाखा को प्रेषित करने का निर्देश दिया है. ​खनिज अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे जल्द से जल्द अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि मामले में वैधानिक और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और जन स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोका जा सके.

पीएम जनमन योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन: जनजातीय गौरव दिवस पर सीएम साय ने दी राज्य को बधाई

अंबिकापुर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह भव्य कार्यक्रम पीजी कॉलेज ग्राउंड में चल रहा है। इसे बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव, राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अन्य गणमान्य उपस्थित हैं। जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू मुख्यमंत्री ग्राम अखरा विकास योजना का शुभारंभ करेंगी। इसके साथ ही जनजातीय समुदाय के प्रमुखों का सम्मान और जनजातीय विद्रोहों के नायकों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को भी सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में जनजातीय विकास प्रदर्शनी और क्राफ्ट मेले का भी आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के नक्सल पीड़ित लोगों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी और यह देखकर वे बहुत खुश थे। ऐसे लोग जो पहले रायपुर नहीं देख पाए थे, वे राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में लगातार जनजातीय समुदाय के विकास के लिए काम किया जा रहा है। पीएम जनमन योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य को सम्मान भी मिला है। बस्तर इलाके में नक्सलवाद की कमर टूट गई है। वहां सुदूर इलाकों में सड़क बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल रही है।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को पारिवारिक वातावरण देने समाज से किया आह्वान

रायपुर : 'उमंग' पोषण देखरेख कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन एवं कार्यशाला संपन्न मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को पारिवारिक वातावरण देने समाज से किया आह्वान उमंग' पोषण देखरेख कार्यक्रम को मजबूत बनाने हेतु राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन और कार्यशाला सम्पन्न रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रायपुर स्थित होटल मेरियट कोटयार्ड में “उमंग—पोषण देखरेख (Foster Care)” कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने हेतु राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन एवं कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पोषण देखरेख व्यवस्था को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और व्यापक बनाना था, ताकि संस्थागत देखरेख में रह रहे बच्चों को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि गरीबी, बीमारी, पारिवारिक संकट अथवा सामाजिक चुनौतियों के कारण कई बच्चे संस्थागत देखरेख में रह रहे हैं, जबकि किसी भी बालक का संपूर्ण विकास परिवार और समाज के बीच ही संभव है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग ने महिलाओं एवं बच्चों के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए हैं। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 तथा यथा संशोधित नियम 2021 के अनुरूप राज्य में गैर संस्थागत देखरेख को बढ़ावा देने हेतु “उमंग” कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा कि फॉस्टर केयर ऐसा मॉडल है जो संस्था के बाहर बच्चों को पारिवारिक वातावरण प्रदान करता है। इससे बच्चे भावनात्मक, सामाजिक और मानसिक रूप से विकसित होते हैं तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़ पाते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों से मिशन वात्सल्य के तहत अधिक से अधिक बच्चों को पारिवारिक माहौल देने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य में वर्तमान में 11 जिलों के 51 बच्चे पोषण देखरेख योजना के अंतर्गत स्वीकृत हैं, जिनमें 30 बालक और 21 बालिकाएँ शामिल हैं। इन बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए 90 से अधिक पोषक परिवार राज्य में पंजीकृत हैं। वर्ष 2024–25 में यूनिसेफ, CEAC और विभागीय सहयोग से रायपुर, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, सरगुजा, रायगढ़, बस्तर और कोंडागांव जिलों में कार्यक्रम को और सुदृढ़ किया गया है, तथा आगामी वर्ष 2025–26 में इसे अन्य जिलों में विस्तार देने की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि दो वर्ष तक संस्थागत देखरेख में रह चुके बच्चों को पोषक परिवार में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। “उमंग” कार्यक्रम पर आधारित शिक्षात्मक फिल्म “I Am Home” का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसे Curley Street Media Private Limited द्वारा निर्मित किया जा रहा है। इस फिल्म का उद्देश्य समाज में फोस्टर केयर के प्रति जागरूकता को बढ़ाना है। कार्यशाला में यूनिसेफ, CEAC, राज्य परियोजना प्रबंधक (SPM), जिला अधिकारी, स्वयंसेवी संगठनों, बाल संरक्षण विशेषज्ञों और पोषक परिवारों ने भाग लिया। इस अवसर पर बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी,संचालक श्री पदुम सिंह एल्मा, यूनिसेफ की बाल संरक्षण विशेषज्ञ सुश्री चेतना देसाई, CEAC की निदेशक डॉ. वसुंधरा ,Curley Street Media Private Limited की प्रमुख सुश्री पवित्रा चलम, संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी, उप संचालक श्रीमती नीलम देवांगन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। विशेषज्ञों ने पोषण देखरेख कार्यक्रम की चुनौतियों, बेहतर क्रियान्वयन तथा भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में पोषक परिवारों, स्वयंसेवी संगठनों, जिला अधिकारियों एवं बाल संरक्षण विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। यह राज्य स्तरीय सम्मेलन गैर संस्थागत देखरेख प्रणाली को मजबूत करने और जरूरतमंद बच्चों के जीवन में नई आशा, सुरक्षा और अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : विश्व शौचालय दिवस विशेष : गांव में बदलाव लाने के लिए दृढ़ संकल्प लें सरपंच – उपमुख्यमंत्री  शर्मा राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा जनपद पंचायत के सीईओ के कॉन्फ्रेंस का भी उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारम्भ रायपुर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने महिला सरपंचों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में परिवार का पूरा ध्यान घर की महिला ही करती हैं इसी प्रकार अब आपके गांव भी आपका परिवार हैं जिनके लिए कृतसंकल्पित होकर आपको कार्य करना है। व्यवस्था में परिवर्तन कर गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए ग्रामीणों की आदत ओर व्यवहार त्र में परिवर्तन लाना होगा। गांव में बदलाव लाने के लिए दृढ़ सेवक बनकर कार्य करना होगा।        स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवहार परिवर्तन और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर नवा रायुपर स्थित निजी रिसोर्ट में राज्यस्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा में जनपद पंचायतों के सीईओ के कॉन्फ्रेंस शुभारंभ किया।  राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा        स्वच्छता लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान          उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि गांव के विकास के लिए आप (सरपंच) जो कार्य करेंगे वो आपके और गांव के स्वजनों द्वारा ही उपयोग किया जाएगा इसलिए हम सभी को गांव में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का भी ध्यान रखना है। लोगों के मनोभाव को बदलकर अपने गांव को आदर्श ग्राम बनाना है।  उन्होंने सभी सरपंचों को हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के प्रयोग हेतु प्रोत्साहित करने एवं सभी की मरम्मत करवाने हेतु प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वच्छता केवल अधोसंरचना निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छाग्रहियों और प्रशासनिक टीमों को स्वच्छता की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी देने की अपील की। देश में पहली बार स्वच्छ पंचायत मानक निर्धारण हेतु बना टूल एवं डैशबोर्ड        उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने आज छत्तीसगढ़ स्वच्छ पंचायत सेवा-स्तर के मानक-निर्धारण हेतु नवनिर्मित टूल और डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। यह देश का पहला प्रयास है जिसे सभी पंचायतों में एक साथ लागू किया जाएगा।  इस टूल और डैशबोर्ड में अपनी पंचायत की स्वछता एवं जल की स्थिति का आंकलन करेंगे, इससे ना केवल हमें पंचायत में स्वच्छता एवं जल की स्थिति का पता चल सकेगा बल्कि पंचायतें स्वच्छता एवं जल के प्रति जवाबदेही से भी अवगत होंगी। हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान का शुभारंभ किया उपमुख्यमंत्री ने       ग्रामीण क्षेत्रों में सभी व्यक्तिगत शौचालय व सामुदायिक शौचालयों के प्रति प्रोत्साहित करने एवं उनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित करने हेतु उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान का भी शुभारम्भ किया। इस अभियान में समुदाय और परिवारों को शौचालयों की नियमित मरम्मत, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन हेतु निरंतर जनजागरूकता के लिए 15 अक्टूबर से 19 नवम्बर 2025 तक स्वच्छ संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया जाएगा।         इस अवसर पर प्रमुख सचिव मती निहारिका बारीक, एसबीएम योजना के प्रबंध निदेशक  अश्विनी देवांगन, यूनिसेफ की ओर से वरिष्ठ जल एवं स्वछता विशेषज्ञ  सुजोय मजुमदार, प्रमुख सामाजिक व्यवहार परिवर्तन  डेनिश लार्सेन, जल एवं स्वछता विशेषज्ञ सु श्वेता पटनायक, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ  अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला सरपंच उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट के विजेताओं से मिलकर दी शुभकामनाएँ

रायपुर : मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात कर दी बधाई ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बना छत्तीसगढ़ रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बनने वाले छत्तीसगढ़ के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री  साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में ऊँचा किया है और उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।  उल्लेखनीय है कि देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। यह विजय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम की अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और वन मंत्री  सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की, जिसे छत्तीसगढ़ की ओर से आईएफएस मती शालिनी रैना एवं दल की नोडल अधिकारी ने ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में टीम की एकजुटता और उत्कृष्ट प्रदर्शन इस उपलब्धि की प्रमुख वजह रहा। इस वर्ष 253 सदस्यों की मजबूत टीम के साथ छत्तीसगढ़ ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 150 पदक और 578 अंक हासिल किए, जो पहले रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। टीम ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 42 कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना सर्वांगीण प्रभुत्व स्थापित किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया—जिनमें निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में पाँच स्वर्ण जीतकर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का खिताब प्राप्त किया। वहीं संगीता राजगोपालन ने बैडमिंटन और टेनिस में चार स्वर्ण एवं एक रजत जीतकर सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। इसी प्रकार थोटा संकीर्तन ने पाँच स्वर्ण जीतकर महिला ओपन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनीं। सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल ने वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। यह ऐतिहासिक सफलता वन मंत्री  केदार कश्यप के दूरदर्शी मार्गदर्शन और वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव के प्रेरक नेतृत्व का परिणाम है। उनके निरंतर सहयोग, दिशा और प्रोत्साहन ने टीम को हर बार नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह विजय केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उसकी खेल परंपरा, मेहनत और जज़्बा उसे लगातार चैंपियन बनाए रखते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन  संजय वास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष  रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे। 5954

केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गा दास उइके ने जनजातीय गौरव दिवस की तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जनजातीय गौरव दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सरगुजा जिले के अंबिकापुर में 20 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम की अंतिम तैयारियों का जायजा लेने बुधवार को केन्द्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार श्री दुर्गा दास उइके, राज्य सरकार के आदिमजाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप के साथ कार्यक्रम स्थल पी जी कॉलेज ग्राउण्ड पहुंचे। इस दौरान मंच व्यवस्था, अतिथियों एवं आमजनों हेतु बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, स्टॉल, शिल्पग्राम सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने यातायात नियंत्रण, पार्किंग, वीआईपी मूवमेंट, मीडिया प्रबंधन, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा एवं आपात सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं के सम्बंध में भी जानकारी ली।  सभी मंत्रियों ने कार्यक्रम स्थल का मुआयना किया और शिल्पग्राम का भी अवलोकन किया । सभी ने शिल्प ग्राम में जनजातीय शिल्प कला, परम्परागत जड़ी-बूटियों से इलाज, हथकरघा से बनी साड़ी और कपड़े सहित बांसकला से बनी कलात्मक वस्तुओं का अवलोकन कर तारीफ़ की। इस दौरान सभी मंत्रियों ने आस पास से आए जनजातीय शिल्पकारों एवं कलाकारों से भी मुलाकात की।