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आम आदमी पार्टी के नेता पर हमला! विधायक बोले— सुरक्षा में बड़ी चूक, जिम्मेदार कौन?

खन्ना  पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता पर हमाले का मामला सामने आया है। नगर पंचायत मलौद के आम आदमी पार्टी पार्षद रछपाल सिंह पाला सोमलखेड़ी के साथ मारपीट की गई है। हलका विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कांग्रेसियों पर इसका आरोप लगाया है। घटना के बाद उन्हें घायल अवस्था में सिविल अस्पताल मलौद में भर्ती कराया गया। जैसे ही यह सूचना पायल हलका विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को मिली, वे तुरंत अस्पताल पहुंचे और पार्षद का हालचाल जाना। इस अवसर पर विधायक ग्यासपुरा ने कहा कि तरनतारन उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेसी गुस्से में हैं, जिसके चलते ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विधायक ने पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि दोषियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी गुंडागर्दी करने की हिम्मत न कर सके। 

सरगुजा में जनजातीय गौरव दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जोर—परंपराओं को जीवित रखना बेहद जरूरी

सरगुजा छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला के अंबिकापुर पीजी कॉलेज ग्राउंड में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति को जीवित रखना बहुत जरूरी है। छत्तीसगढ़ के जनजाति समाज के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा को बनाए रखे हुए हैं, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं। मैं भी जनजाति समाज की बेटी हूं और जनजाति परिवार में जन्म लेने पर मुझे बहुत गर्व है। जनजाति समाज की परंपरा को मैं पहले भी जीती थी और अब भी जीती हूं। शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है। साथ ही बोलीं, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन सुनिश्चित होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि जनजाति समाज का इस देश में बहुत बड़ा योगदान है। आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को आगे बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि यह बेहद खूबसूरत और सुंदर है। ऐसे कार्यक्रमों में मैं जब जाती हूं तो जनजाति परिवार के लोगों से मुलाकात करती हूं। जनजाति महिलाओं से मुलाकात करने पर मुझे गर्व महसूस होता है। स्थानीय स्तर पर भी जनजाति समाज की संस्कृति और उनके विकास को प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आगे कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य 25 साल का हो गया है। छत्तीसगढ़ के रहने वाले सभी लोगों को मैं बधाई देती हूं। भगवान बिरसा मुंडा के इस कार्यक्रम में शामिल होने और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ है। अंबिकापुर में व्यापक स्तर पर 15 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक जनजाति गौरव दिवस मनाया गया है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का रिश्ता राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा एक दूसरे लगी हुई है ,छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का संबंध है। छत्तीसगढ़ के लोग ओडिशा में शादी करते हैं और ओडिशा वाले छत्तीसगढ़ में शादी करते हैं। ओडिशा और छत्तीसगढ़ की दोस्ती बहुत पुरानी है। झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के जनजाति समाज की विरासत बहुत गहरी है।  

राज्य गंगा समिति में 5 विशेषज्ञ सदस्य नामांकित

भोपाल प्रदेश में प्रवाहित गंगा की सहायक नदियों में जल का सतत् पर्याप्त प्रवाह सुनिश्चित करने एवं उनमें प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण एवं उपशमन के लिए राज्य शासन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में ''राज्य गंगा समिति मध्यप्रदेश में 5 विशेषज्ञ सदस्य नामांकित किये गये है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार समिति में डॉ अभय सक्सेना, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, म.प्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल को विषय विशेषज्ञ प्रदूषण अनुश्रवण,  कार्तिक सप्रे, समन्वयक, नर्मदा समग्र एनजीओ, भोपाल को नदी संरक्षण, प्रो. एस.पी. गौतम, पूर्व अध्यक्ष केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली को पर्यावरण संरक्षण,  सुनील चतुर्वेदी, संचालक, विभावरी संस्थान को जल संरक्षण और डॉ, जे.पी. शुक्ला, से.नि. प्रिंसिपल सांईटिस्ट, सी.एस.आई.आर./एमपी को वॉटर रिसोर्स मैनेजमेंट के लिए नामांकित किया गया है। नामित सदस्यों का कार्यकाल 2 वर्ष की अवधि के लिए होगा। नामित सदस्यों को यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ता और सिटिंग फीस राज्य सरकार के नियमों के अनुसर देय की जायेगी।  

हाथियों का आतंक: गिरिडीह में रातभर दहशत, मस्जिद और फसलों को नुकसान

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले में मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में बीती रात तेलोडीह पंचायत के कई गांवों में दर्जनों जंगली हाथियों ने अचानक घुसकर भारी उत्पात मचाया। गांव वालों ने बताया कि गांधी मैदान की ओर से पंचायत सचिवालय से गुजरते हुए खुट्टा मस्जिद के बगल वाली गली होते हुए हाथियों का झुंड बाउंड्री दीवार तोड़ते, फसलों को रौंदते आगे बढ़ता रहा। माहौल पूरी तरह अफरातफरी में बदल गया था, लेकिन इस संकट की घड़ी में पंचायत के मुखिया शब्बीर आलम ने पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कमान संभाली। हाथियों की एंट्री की सूचना मिलते ही वे तुरंत अलर्ट मोड में आए और बिना देर किए सभी मोहल्लों की मस्जिदों में घोषणा कर ग्रामीणों को सतर्क रहने का ऐलान करवाया गया। रात का समय होने के बावजूद उन्होंने खुद मौके पर रहकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी। इसी बीच ग्रामीणों की सूझबूझ और मुखिया शब्बीर आलम की सक्रिय निगरानी में जंगली हाथियों को सुरक्षित खेत की ओर खदेड़कर गांव से बाहर निकाला गया। वन विभाग की टीम भी रात के अंधेरों में हाथियों को सुरक्षित दिशा में ले जाने में जुटी रही। स्थिति सामान्य होने के बाद भी मुखिया शब्बीर आलम ने गांव में घूमकर टूटे बाउंड्री वाल, बर्बाद फसलों और नुकसान का खुद मौके पर जाकर जायजा लिया। उन्होंने तत्काल संबंधित विभाग से मांग की कि कृषि और संपत्ति नुकसान का आधिकारिक सर्वे कर ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि कोई भी परिवार संकट में न पड़े।  

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: आजम खान को रामपुर जेल में विशेष सुविधा, मेडिकल और क्लास अपग्रेड

 रामपुर समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान को अदालत से बड़ी राहत मिली है. अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को रामपुर जेल भेज दिया गया था. पूर्व में भी आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम दो बार जेल जा चुके हैं. पहली बार 27 महीने तक दोनों सीतापुर जेल में रहे और उसके बाद जब 23 महीने जेल में रहे तो दोनों को अलग-अलग रखा गया. आजम खान सीतापुर जेल में और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम हरदोई जेल में रहे. इस बार 17 नवंबर 2025 को सजा सुनाए जाने के बाद आजम खान ने वकीलों द्वारा अदालत में अर्जी लगाई थी कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और उनके विरुद्ध 100 से अधिक मामले दर्ज हैं, 45 मुकदमे उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान के खिलाफ हैं, जिनमें से अधिकतर की सुनवाई रामपुर जिला अदालत में हो रही है. ऐसे में उन्हें रामपुर जिला जेल में ही रखा जाए और उनके साथ में उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को भी रखा जाए, क्योंकि स्वास्थ्य खराब होने के चलते उन्हें एक मददगार की जरूरत है. आजम खान की दरखास्त का अभियोजन पक्ष ने विरोध किया. उनका कहना था कि अभियुक्त ने जानबूझकर अलग-अलग केस में अलग-अलग बीमारियां बताईं, उसका कोई प्रमाण भी पेश नहीं किया. जेल से ट्रांसफर प्रशासनिक व्यवस्था है. ऐसे में न्यायालय में उनकी यह दरखास्त चलने योग्य नहीं है. रामपुर एमपी एमएलए विशेष न्यायाधीश शोभित बंसल ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसला सुनाते हुए रामपुर जेल अधीक्षक को आदेश दिया कि आजम खान के विरुद्ध अनेकों मामलों की सुनवाई रामपुर में होनी है. इसलिए आजम खान को और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान को रामपुर जेल में ही रखा जाए.  कोर्ट ने कहा कि बिना न्यायालय की अनुमति के उनको रामपुर से बाहर दूसरे जिले की जेल में नहीं ट्रांसफर किया जाए, साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि आजम खान को सुपीरियर क्लास जेल उपलब्ध कराई जाए, यानी क्लास वन की सुविधाएं दी जाएं. स्वास्थ्य को देखते हुए समुचित मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए. अदालत का आदेश आजम खान के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि रामपुर जेल उनके घर से नजदीक है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री की बेटी श्रेयसी सिंह को मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी

जमुई बिहार विधानसभा चुनाव में जमुई जिले की चार में से तीन सीटें एनडीए के खाते में गईं। चकाई से पिछली बार निर्दलीय जीतकर मंत्री बने सुमित सिंह इस बार चुनाव हार गए। ऐसे में एनडीए ने जमुई से मंत्री पद बरकरार रखते हुए भाजपा की ओर से श्रेयसी सिंह पर भरोसा जताया। राजपूत नेता होने के साथ-साथ महिला और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग चैंपियन होना उनके चयन का बड़ा कारण माना जा रहा है। जदयू की ओर से लेशी सिंह को शामिल किया गया है, जबकि भाजपा ने श्रेयसी सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दी है। जमुई विधानसभा क्षेत्र-241 से प्रचंड बहुमत की जीत दर्ज करने वाली गोल्ड मेडलिस्ट और अर्जुन अवॉर्ड विजेता श्रेयसी सिंह ने एनडीए सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। उनकी मौजूदगी ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में खास आकर्षण बना दिया। खेल जगत में देश का नाम रोशन कर चुकीं श्रेयसी सिंह राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी ऐतिहासिक जीत को जमुई के लोगों ने गर्व का क्षण बताया है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद श्रेयसी ने कहा कि वह जमुई सहित पूरे बिहार के विकास को प्राथमिकता देंगी और क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगी। श्रेयसी के मंत्रिमंडल में शामिल होने से समर्थकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जमुई मुख्यालय स्थित कचहरी चौक पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जताई। लोगों को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में शिक्षा, खेल और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े क्षेत्रों में नई शुरुआत देखने को मिलेगी।

योगी सरकार का नया विकास खाका, मेरठ-कानपुर-मथुरा होंगे विशेष शहरों की तर्ज पर विकसित

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के समग्र शहरी विकास की समीक्षा करते हुए कहा कि तीनों शहरों का विकास केवल निर्माण-कार्य पर आधारित न हो, बल्कि उसमें स्थानीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी सुविधाओं का संतुलन साफ दिखाई दे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाए और काम समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो. बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तीनों मंडलों के मंडलायुक्त मौजूद रहे. बताया गया कि अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज की तर्ज पर अब मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन में समेकित विकास मॉडल लागू किया जा रहा है. इसके तहत कुल 478 परियोजनाओं को चिन्हित किया गया है, जिनमें मेरठ में 111, कानपुर में 109 और मथुरा-वृंदावन में 258 परियोजनाएं शामिल हैं. सभी परियोजनाओं को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक श्रेणियों में विभाजित किया गया है. पहले चरण के रूप में वर्ष 2025-26 में तीनों शहरों की 38 प्राथमिक परियोजनाओं पर काम प्रस्तावित है. इनमें यातायात सुधार, चौराहों का पुनर्विकास, मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण, हरित क्षेत्र विस्तार, सड़क और पेवमेंट सुधार, बिजली लाइनों को भूमिगत करने, जल प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं को उन्नत करने से जुड़े कार्य शामिल हैं. मेरठ: ग्रीन कॉरिडोर मॉडल पर बिजली बम्बा बाईपास टेड इन लेगेसी, राइजिंग टू टुमॉरो” की अवधारणा पर आधारित है. योजना का फोकस औद्योगिक पहचान को बनाए रखते हुए शहर को आधुनिक ट्रैफिक, सार्वजनिक परिवहन और हरित ढांचे से जोड़ना है. प्रमुख प्रस्तावों में मैनावती मार्ग चौड़ीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण, मास्टर प्लान की प्रमुख सड़कों का विकास, ग्रीन पार्क क्षेत्र का अर्बन डिजाइन सुधार, मकसूदाबाद में सिटी फॉरेस्ट और बोटैनिकल गार्डन, वीआईपी रोड सुधार, रिवरफ्रंट लिंक, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और मेट्रो विस्तार शामिल है. ग्रेटर कानपुर के रूप में नए विस्तार क्षेत्र का मॉडल भी प्रस्तुत किया गया. मथुरा-वृंदावन: विजन-2030 के तहत धार्मिक पर्यटन मॉडल मथुरा-वृंदावन के लिए मास्टर प्लान को “विजन-2030” के रूप में प्रस्तुत किया गया. योजना का फोकस धार्मिक पर्यटन, यात्री सुविधाओं और शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना है. प्रमुख प्रस्तावों में स्ट्रीट फसाड डेवलपमेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, बस पार्किंग, शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण, नए मार्गों का निर्माण, बरसाना–गोवर्धन–राधाकुंड कॉरिडोर सुधार, परिक्रमा मार्ग पर आधुनिक सुविधाएं, तथा नगर सीमा से धार्मिक स्थलों तक संकेतक और प्रकाश व्यवस्था शामिल है. निजी निवेश पर जोर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं को लागू करने में नवाचार और आधुनिक प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाए. जहां संभव हो, पीपीपी मॉडल अपनाया जाए और निजी क्षेत्र के सहयोग से रेवेन्यू शेयरिंग की व्यवस्था विकसित की जाए. उन्होंने कहा कि शहरों के विकास का उद्देश्य ऐसा ढांचा तैयार करना है जो यातायात को सुगम बनाए, सार्वजनिक परिवहन और पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दे तथा शहर अधिक हरित और स्वच्छ बने. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आवश्यक होने पर परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा.

सरकार का बड़ा फैसला: JAG प्रमोशन से पहले IAS ट्रेनिंग जरूरी

चंडीगढ़  केंद्र सरकार ने आईएएस अधिकारियों के लिए अनिवार्य मिड-करियर ट्रेनिंग कार्यक्रम (फेज-थ्री एमसीटीपी) की तिथियों की घोषणा करते हुए साफ कर दिया है कि यह प्रशिक्षण केवल एक पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि पदोन्नति से जुड़ी अनिवार्य शर्त है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की संयुक्त सचिव (प्रशिक्षण) छवि भारद्वाज द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि फेज-थ्री पूरा किए बिना किसी भी अधिकारी को जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (जेएजी) में नियुक्ति नहीं दी जाएगी। यह प्रावधान आईएएस वेतन नियमों के तहत अनिवार्य है। केंद्र ने स्पष्ट कहा है कि फेज-थ्री एमसीटीपी के लिए आवश्यक तैयारियां – संस्थान, विशेषज्ञ, पाठ्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय साझेदार संस्थाएं लंबी प्रक्रिया के बाद तय की जाती हैं। इसलिए नामांकन में देरी या अनुपस्थित रहने को गंभीरता से देखा जाएगा। यह प्रशिक्षण आईएएस अधिकारियों के करियर के सबसे निर्णायक चरणों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसके पूरा होने के बाद ही उच्च प्रशासनिक ज़िम्मेदारियों की ओर उनका मार्ग प्रशस्त होता है। यह प्रशिक्षण पांच जनवरी से 30 जनवरी, 2026 तक मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आयोजित होगा। सभी अधिकारियों को चार जनवरी को अकादमी में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है, ताकि प्रशिक्षण के विभिन्न मॉड्यूल – नीति-निर्माण, नेतृत्व विकास और प्रशासनिक रणनीति समय पर प्रारंभ किए जा सकें। 2016 बैच को ‘अंतिम अवसर’ इस राउंड की सबसे अहम बात यह है कि 2016 बैच को फेज-थ्री में भाग लेने का तीसरा और अंतिम अवसर दिया गया है। 2017 बैच के लिए यह दूसरा अवसर और 2018 बैच के लिए पहला अवसर होगा। केंद्र ने साफ शब्दों में कहा है कि 2016 बैच को इस प्रशिक्षण के लिए आगे कोई अवसर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही, 2010 से 2015 बैच तक के अधिकारी ‘केस टू केस’ आधार पर शामिल किए जाएंगे, यदि वे सेवा-नियमों के अनुरूप पात्र हों। सेवानिवृत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान भी स्पष्ट केंद्र ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया है कि जिन अधिकारियों की सेवा 31 दिसंबर, 2029 से पहले समाप्त होने जा रही है, उन्हें नामांकित न किया जाए। प्रशिक्षण के बाद कम से कम तीन वर्ष की शेष सेवा अनिवार्य मानी गई है, ताकि अधिकारी प्रशिक्षण के बाद उसके व्यावहारिक लाभ के साथ उच्च दायित्व निभा सकें। 12 दिसंबर तक करना होगा रजिस्ट्रेशन सभी अधिकारियों को 12 दिसंबर तक ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करना होगा। यह पंजीकरण कार्मिक मंत्रालय की वेबसाइट पर ही किया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकारों को अपने-अपने अधिकारियों की सहमति और नामांकन 19 दिसंबर तक केंद्र को भेजना अनिवार्य किया गया है। किसी भी प्रश्न के लिए अकादमी ने अपना ईमेल पता साझा किया है। हरियाणा के 26 आईएएस के नाम हरियाणा सरकार की ओर से जारी पत्र में राज्य कैडर के 26 आईएएस अधिकारियों के नाम सूचीबद्ध किए गए हैं, जिन्हें फेज-थ्री एमसीटीपी के लिए पात्र माना गया है। इनमें अम्मा तसनीम (2012), निशांत कुमार यादव (2013), पार्थ गुप्ता (2013), अजय कुमार (2013), प्रदीप दहिया (2013), मनदीप कौर (2013), मुनिश शर्मा (2014), विक्रम (2014), रानी नगर (2014), मोनिका गुप्ता (2014), राहुल हुड्डा (2015), मोहम्मद इमरान रज़ा (2015), उत्तम सिंह (2015), अभिषेक मीणा (2016), राहुल नरवाल (2016), विवेक भारती (2016), हरीश कुमार वशिष्ठ (2016), रणेंद्र सिंह छिल्लर (2016), विश्राम कुमार मीणा (2017), स्वप्निल रविंद्र पाटिल (2017), जिल्हा गुप्ता (2017), वैशाली शर्मा (2017), रचिन गुप्ता (2018), आयुष सिन्हा (2018), अपराजिता (2018) और अखिल पिलानी (2018) शामिल हैं।

राजधानी में सनसनी: जलसंसाधन मंत्री के घर में तेंदुए की एंट्री

जयपुर राजधानी जयपुर में लेपर्ड की शहर में घुसपैट बड़ी चिंता का सबब बन चुकी है। बुधवार देर शाम शहर के सबसे VVIP क्षेत्र सिविल लाइंस में लेपर्ड देखा गया। यही नहीं लेपर्ड यहां जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के बंगले में भी घुस गया। इसके बाद वे कांग्रेस नेता सचिन पायलट के 11 नंबर बंगले के पास एक लेपर्ड पहुंच गया है। सिविल लाइंस क्षेत्र VVIP जोन में आता है, जहां राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और कई मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान चला रही है। फिलहाल मंत्री सुरेश रावत के सरकारी बंगले और आसपास के आवासों में तलाशी ली जा रही है। रूप नगर कॉलोनी पहुंचा लेपर्ड ताजा जानकारी के अनुसार लेपर्ड सिविल लाइंस से लगभग 200 मीटर दूर रूप नगर कॉलोनी में पहुंच गया है। वो एक घर के गार्डन में छुपा बैठा है। स्थानीय लोग अपने घरों की छत से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर तैनात है। स्कूल परिसर में भी घुसा तेंदुआ सिविल लाइंस में गुरुवार सुबह लेपर्ड के घुसने से हड़कंप मच गया। तेंदुए को सबसे पहले टाइनी ब्लॉसम सीनियर सेकंडरी स्कूल परिसर में देखा गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को तुरंत क्लासरूम में बंद कर सुरक्षा बढ़ा दी। क्षेत्र में मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार देखे जा रहे हैं लेपर्ड पिछले कुछ महीनों में जयपुर के दुर्गापुरा, गोपालपुरा, जयसिंहपुरा, जगतपुरा, खो-नागोरियान और विद्याधर नगर सहित कई इलाकों में लेपर्ड देखे गए। वन विभाग का मानना है कि जंगलों में पर्याप्त भोजन की कमी इसके आवागमन का मुख्य कारण है। सिविल लाइंस जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में लेपर्ड का आना वन विभाग और पुलिस दोनों के लिए चुनौती बन गया है। पूर्व मंत्री ने कहा…अब तो जागो सरकार राजस्थान की सोती हुई सरकार को जगाने के लिए आज सिविल लाइंस (जयपुर) में (panther)तेंदुआ  घुस गया, राजस्थान की जनता दुखी है परेशान है। उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है व जंगल में जानवर भूखे है उनका संरक्षक करने में राजस्थान की सरकार पूरी तरह से फेल है । आख़िर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आवास के पीछे तेंदुआ आ गया। अब तो जागो राजस्थान सरकार!

भगवंत सिंह मान का बड़ा ऐलान, सराभा गांव के विकास के लिए मिले 45 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर शहीदों के प्रति दिखाया सम्मान जो कि सिर्फ दिल में ही नहीं काम में भी होना चाहिए. आजादी के महावीर शहीद करतार सिंह सराभा के पैतृक गांव सराभा (लुधियाना )को पूरी तरह विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 45 करोड़ रूपये का बड़ा पैकेज घोषित किया है. यह एक सिर्फ सरकारी ऐलान ही नहीं, बल्कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि और उनके सपनों की आगे बढ़ा ने की कोशिश है. यह पैकेज गांव को ‘मॉडल विलेज’ बनाने और यहां आधुनिक सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए दिया जा रहा है. सरकार गांव में में चौड़ी सड़क बनाएगी ताकि हवाई अड्डे (हलवाड़ा एयरपोर्ट) तक पहुंचना आसान हों जाए. गांव में पीने का साफ पीना हो इसके लिए 3 करोड़ रूपये रखे गए है. खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव में इंडोर शूटिंग रेंज, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल ग्राउंड का निर्माण और सुधार भी कराया जायेगा. CM भगवंत सिंह मान ने बताया कि गांव की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण अकादमी बनाई जाएगी, जिससे युवा आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन, पायलेट ट्रेनिंग आदि सीख सकेंगे. इसके लिए एक पुराना MiG-21 लड़ाकू विमान भी प्रदर्शनी और प्रशिक्षण के लिए रखा जायेगा.   पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सराभा सिर्फ पंजाब के नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का विषय है. 19 साल की उम्र में उन्होंने जो बलिदान दिया, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है. इसलिए सराभा गांव को ऐसा विकसित किया जायेगा कि हर बच्चा यहां आकर शहीदों के इतिहास के सीख सके. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस विकास कार्य में सरकार का साथ दें और शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाए.