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मध्य प्रदेश सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 9 सीनियर अफसरों का तबादला

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 9 सीनियर अफसरों का तबादला कर दिया. नीरज मंडलोई को मुख्यमंत्री मोहन यादव का अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) बनाया गया है. मंडलोई डॉ. राजेश राजौरा की जगह लेंगे, जो नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और जल संसाधन विभाग के एसीएस होंगे.    सीएम कार्यालय में एसीएस का प्रभार संभालने के अलावा मंडलोई महत्वपूर्ण ऊर्जा विभाग और लोक सेवा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का प्रभार अब एसीएस संजय दुबे संभालेंगे, जिन्होंने संजय शुक्ला की जगह ली है. दुबे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में एसीएस का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे. शुक्ला को सामान्य प्रशासन विभाग, मुख्य सचिव कार्यालय समन्वय, विमानन का एसीएस बनाया गया है. साथ ही उन्हें कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है.  मत्स्य कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव पद पर पदस्थ डीपी आहूजा को अब सहकारिता विभाग के निजी सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव पद पर पदस्थ एम सेलवेंद्रन को अब सामान्य प्रशासन विभाग में सचिव (कार्मिक) पद पर पदस्थ किया गया है.  इंदौर में एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) के सचिव पद पर कार्यरत प्रबल सिपाहा को अब निशांत वरवड़े की जगह आयुक्त-उच्च शिक्षा पदस्थ किया गया है. वरवड़े को अब कृषि और किसान कल्याण विभाग का सचिव बनाया गया है.  इंदौर में एमपी वित्त निगम की प्रबंध निदेशक पद पर पदस्थ राखी सहाय को भी इसी शहर में एमपीपीएससी का सचिव बनाया गया है. सरकार ने इंदौर में वाणिज्यिक कर की अपर आयुक्त तन्वी हुड्डा को एमडी एमपीएफसी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है.

प्रदेश में तेज बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त, कहीं गिरी दिवार तो कहीं बाढ़ में फंसे लोग

वीरेन्द्र गहवई, कोरबा/बिलासपुर छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश देखने को मिल रही है. मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है. मूसलाधार बारिश से कहीं बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं तो कहीं हादसे की स्थिति बन गई है. कोरबा और बिलासपुर जिलों में भी तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है. लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ में फंसे ग्रामीणों का रेस्क्यू कोरबा जिले में जमकर बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. पाली में खेती करने गए ढुकुपथरा और लब्दापारा के 17 ग्रामीण अचानक आई बाढ़ में फंस गए. सूचना पर कलेक्टर अजित वसंत के निर्देशन में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची. काफी घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आज तड़के 3 बजे सभी को सुरक्षित बचा लिया गया.  सभी ने शासन की संयुक्त टीम का आभार जताया. जानकारी के मुताबिक,  पाली ब्लॉक के ग्राम ढुकुपथरा एवं पोंडी के लब्दापारा के 17 ग्रामीण रविवार को पाली में खेती करने के लिए गए थे. इस दौरान भारी बारिश हुई, जिससे अचानक बाढ़ आ गई और ग्रामीण फंस गए. सूचना पर कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में राजस्व विभाग पाली, थाना पाली, जिला आपदा प्रबंधन, नगर सेना कोरबा और राज्य आपदा, बिलासपुर की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. लगभग 10 घंटे तक बाढ़ का सामना करने के बाद सभी को आज तड़के 3 बजे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. बता दें कि जिला प्रशासन ने मीडिया ,मुनादी समेत अन्य माध्यमों से पूर्व दिवस ही अलर्ट जारी कर नदी ,नालों से लगे तटीय इलाकों को रहवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी थी. आफत की बारिश, टला बड़ा हादसा बिलासपुर में जोरदार बारिश हो रही है, जो अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है. शहर के टिकरापारा क्षेत्र में तेज बारिश से दिवार गिर गई. नीचे खड़ा ऑटो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. वहीं मलबे से कई घरों के दरवाजे भी बंद हो गए हैं, जिससे लोगों को बाहर निकलने में परेशानी का सामने करना पड़ रहा है. जानकारी के मुताबिक, मूसलाधार बारिश की वजह से दिवार गिरी और उसका मलबा लोगों के घर के सामने आ गया. इस दौरान एक व्यक्ति दिवस की चपेट में आने से बाल-बाल बचा. वहीं नीचे खड़ी ऑटो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. राहत की बात रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुई.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज लुधियाना में करेंगे उद्योग जगत से सीधा संवाद, पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों में भी भाग लेंगे

भोपाल/लुधियाना  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार लुधियाना में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक खास कार्यक्रम ‘एडवांटेज एमपी’ आयोजित कर रही है। 7 जुलाई को होने वाले इस रोड शो में टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और आईटी जैसे क्षेत्रों के बड़े उद्योगपति शामिल होंगे। कार्यक्रम का मकसद है- मध्यप्रदेश की औद्योगिक ताकत, निवेश के लिए अनुकूल माहौल और नई नीतियों की जानकारी देना, ताकि देश के उद्योगपति राज्य में निवेश को लेकर गंभीरता से विचार करें। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बेंगलुरु और सूरत में हुए निवेश रोड शो को बड़ी सफलता मिली थी। लुधियाना में यह कार्यक्रम राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, स्थायी नीतियों और निवेश-अनुकूल माहौल को देशभर के निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना स्थित प्रतिष्ठित उद्योग समूहों वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे उत्पादन, तकनीक और प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी लेंगे और मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। डॉ. यादव लुधियाना के उद्योगजगत की हस्तियों से व्यक्तिगत बैठकों के माध्यम से संभावित निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक साझेदारी और सरकारी सहयोग की जरूरतों पर चर्चा करेंगे। इन संवादों का उद्देश्य व्यावहारिक, परिणामोन्मुखी और दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री एक विशेष सत्र के तहत राज्य की नवीन औद्योगिक नीति, पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक-क्लस्टर्स जैसी योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। यह सेशन लुधियाना के उद्यमियों के लिए निवेश की गहराई से समझ का अवसर होगा। इसके अलावा डॉ. यादव ट्राइडेंट ग्रुप के मुख्यालय में आयोजित हाई-टी सत्र में भी भाग लेंगे, जहां कंपनी के नेतृत्व से संभावित साझेदारी और औद्योगिक विस्तार पर खुले संवाद होंगे। यह सत्र सहयोग, विश्वास और विकास की भावना को मजबूत करने वाला होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव करेंगे इंडस्ट्री विजिट्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना स्थित वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे। ये यात्रा उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी दक्षता और प्रबंधन प्रणाली की समझ को गहरा करने के साथ-साथ इन समूहों के साथ संभावित निवेश के बिंदुओं पर चर्चा का अवसर भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री उद्योगों की कार्य संस्कृति और नवाचार क्षमताओं को जानने के साथ मध्यप्रदेश में व्यवहारिक सहयोग के रास्ते भी तलाशेंगे। वन टू वन मीटिंग्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना के प्रमुख उद्यमियों और औद्योगिक समूहों के पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों में भी भाग लेंगे। इन संवादों में उद्योग प्रतिनिधियों से संभावित निवेश प्रस्तावों, साझेदारी के क्षेत्रों और आवश्यक सरकारी सहयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इन बैठकों का उद्देश्य व्यावहारिक और परिणाममूलक संवाद के माध्यम से दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है। इंटरएक्टिव सेशन– इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन एमपी मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एक विशेष सत्र में लुधियाना के उद्योगपतियों को राज्य की नवीन औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं, पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक्स-सक्षम क्लस्टर्स की जानकारी देंगे। यह इंटरएक्टिव सेशन संभावित निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य की गहराई से समझ का अवसर होगा। दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ट्राइडेंट ग्रुप के मुख्यालय में आयोजित हाई-टी इंटरएक्शन में भाग लेंगे। यह संवाद औपचारिकता से परे जाकर सहयोग, विस्तार और विश्वास की भावना को आगे बढ़ाने का मंच होगा, जिसमें कंपनी के नेतृत्व के साथ संभावित औद्योगिक निवेश और साझेदारी के पहलुओं पर चर्चा होगी। कुल जमा यह रोड शो सिर्फ एक निवेश कार्यक्रम नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की बदलती औद्योगिक सोच, सक्षम नेतृत्व और दीर्घकालिक विकास के लिए राज्य की प्रतिबद्धता की प्रभावशाली प्रस्तुति है। लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्र से संवाद और सहयोग स्थापित कर प्रदेश व्यवहारिक समन्वय और साझे विकास की दिशा में नए कदम रख रहा है।  

रायपुर पहुंचे मल्लिकार्जुन खड़गे, गाजे-बाजे के साथ किया जोरदार स्वागत, किसान-जवान-संविधान सभा करेंगे संबोधित

रायपुर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंच चुके हैं. रायपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं ने उनका गाजे-बाजे के साथ जोरदार स्वागत किया. बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए पहुंचे. खड़गे के साथ राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल भी पहुंचे हैं. कुछ ही देर वह साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित विशाल सभा के लिए रवाना हो जाएंगे. जहां वे खाद, शराब, संविधान, अपराध सहित कई मुद्दों पर जनता को संबोधित करेंगे. कांग्रेसियों को करेंगे रिचार्ज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज राजधानी में जनसभा के बाद संगठनात्मक बैठकों के जरिए प्रदेश के दिग्गजों और पदाधिकारियों के साथ भावी रणनीति तय करेंगे. जनसभा के दौरान प्रदेश कांग्रेस के सभी दिग्गजों को साथ लेकर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश होगी. वहीं बैठक के जरिए ही दिशा-निर्देशों के साथ पदाधिकारियों को रिचार्ज किया जाएगा. इधर सभा के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष से अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों की मुलाकात होगी. वे बस्तर में कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गए ग्रामीण आदिवासियों के पीड़ित परिजन भी कांग्रेस अध्यक्ष से मिलेंगे. कांग्रेस इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उछालने की तैयारी में है. विस्तारित कार्यकारिणी में समीक्षा प्रदेश कांग्रेस की विस्तारित कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष संगठन की पूरी गतिविधियों की समीक्षा करेंगे. इस दौरान वे पदाधिकारियों के परफार्मेंस का भी ब्यौरा लेंगे. माना जा रहा है कि प्रदेश संगठन में होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी वे कोई संकेत दे सकते हैं. यह पहली बार होगा जब राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी प्रदेश इकाई की कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश देंगे. इस बैठक में सभी पदाधिकारियों को तय रणनीति के तहत अहम टास्क भी सौंपे जाएंगे. इसके अलावा पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष प्रदेश के दिग्गज नेताओं को एकजुटता के साथ राज्य सरकार के खिलाफ अभियान शुरू करने सख्त निर्देश दे सकते हैं.

भारी बारिश के चलते जबलपुर के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित, बालाघाट के कई गांवों का मुख्यालय से सड़क संपर्क टूटा

 जबलपुर  मध्यप्रदेश के महाकौशल अंचल में 4 दिन से लगातार भारी बारिश हो रही है. जिसके चलते जिले बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है.जबलपुर जिले लगातार हो रही बारिश और बरगी बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. गौरीघाट की सड़कों तक पानी आ चुका है. जबकि नरसिंहपुर, नर्मदापुरम सहित कई जिलों के घाट डूब चुके हैं.भारी बारिश को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आज और कल सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है. जबलपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से अलर्ट जारी करने के बाद जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आदेश जारी कर अगले दो दिन 7 और 8 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। जबलपुर व जबलपुर के आसपास के जिलों में लगातार हो रही बारिश से नर्मदा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जो आदेश जारी किया है उसमें लिखा है- जिला जबलपुर में पिछले 48 घंटों से लगातार अतिवृष्टिजारी है तथा मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। अत: विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी, जोखिम एवं छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए दिनांक 7 व 8 जुलाई 2025 को जिले के संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, नवोदय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित जाता है। ये आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। बरगी डैम के गेट खुले मंडला, डिंडौरी, जबलपुर आदि जिलों में हो रही लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी उफान पर आ गई है। नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और तेजी से नदी में बढ़ रहे पानी के कारण रविवार को जबलपुर में बरगी बांध के 9 गेट खोले गए हैं। बरगी बांध के गेट खोले जाने से नर्मदा का जलस्तर निचले इलाकों में और तेजी से बढ़ेगा जिसे देखते हुए जिला प्रशासन के साथ ही बरगी बांध प्रबंधन ने भी नर्मदा से सटे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। मंडला और डिंडोरी में लगातार हो रही बारिश के कारण रविवार दोपहर को बरगी बांध के 21 में से 9 गेटों को खोल दिया गया. जिससे करीब 52 हजार क्यूसेक पानी को छोड़ा जा रहा है.बरगी डैम के नौ गेट खुलने के बाद फैमिली सहित टूरिस्ट इस विहंगम नजारे को देखने के लिए पहुंच रहे हैं और यादों को संजोने सेल्फी ले रहे हैं. टूरिस्ट पंकज पटेल ने बताया काफी दिनों से गेट खुलने का इंतजार था,       

एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर अंतिम फैसला आज, हाईकोर्ट में सुनवाई

जयपुर राजस्थान की बहुचर्चित एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर आज का दिन बेहद अहम है। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच इस मामले में आज यानी 7 जुलाई को अपना फैसला सुनाने वाली है। यह फैसला तय करेगा कि क्या यह भर्ती प्रक्रिया रद्द होगी या फिर बहाल रहेगी। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में स्पष्ट किया था कि अगली सुनवाई में वह अंतिम निर्णय देगा। क्या है पूरा मामला? साल 2021 में राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 859 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इस भर्ती में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट की भागीदारी और संगठित तरीके से घोटाले की शिकायतें सामने आई थीं। परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया था और कुछ अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा में बैठाए गए थे। इन गड़बड़ियों के बाद मामला तूल पकड़ गया और राजस्थान सरकार ने विशेष अभियान दल को इसकी जांच सौंपी। घोटाले में अब तक की कार्रवाई में 50 ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर और राजस्थान लोक सेवा आयोग के दो सदस्यों समेत कुल 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके कारण न केवल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है, बल्कि राज्य की चयन प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान सरकार ने हाल ही में कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि सरकार की इस भर्ती को रद्द करने की कोई मंशा नहीं है। सरकार का कहना है कि वह दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के पक्ष में है, लेकिन निर्दोष अभ्यर्थियों को सजा नहीं देना चाहती। आज कोर्ट में तीन मुख्य बिंदुओं पर फैसला संभावित होगा। पहला भर्ती प्रक्रिया की वैधता को लेकर विचार किया जाएगा कि क्या पेपर लीक की वजह से पूरी भर्ती रद्द होनी चाहिए? दूसरा दोषी ट्रेनी एसआई को सेवा में बनाए रखा जाएगा या नहीं? और तीसरा- क्या चयन की पूरी प्रक्रिया दोबारा होगी या केवल दोषियों को हटाया जाएगा? भर्ती को लेकर पिछले तीन वर्षों से लड़ रहे हजारों अभ्यर्थी आज कोर्ट के फैसले पर निगाहें टिकाए बैठे हैं। कई अभ्यर्थी ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं और ड्यूटी पर हैं, वहीं कुछ की नियुक्ति अब भी रुकी हुई है। आज आने वाला फैसला न केवल एसआई भर्ती 2021 के भविष्य को तय करेगा, बल्कि राजस्थान में अन्य लंबित या विवादित भर्तियों के लिए भी एक मॉडल निर्णय बन सकता है।

छत्तीसगढ़ के परिवार का शहडोल में एक्सीडेंट , 3 महिलाओं की मौत, चार लोग गंभीर

शहडोल/रायपुर मध्यप्रदेश में रफ्तार का कहर थम नहीं रहा है। तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने से रोज रोज सड़क हादसे हो रहे हैं। ताजा मामला प्रदेश के शहडोल जिले का है जहां भीषण सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई 4 लोग गंभीर रूप से घायल है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। दरअसल घटना शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा की है। अयोध्या दर्शन कर लौट रहे परिवार का वाहन पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। चार लोगों की हालत गंभीर है। गंभीर लोगों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ब्यौहारी के डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया है। मृतकों में गायत्री कवर 55, मालती पटेल 50 एवं इंदिरा बाई शामिल है। सभी छत्तीसगढ़ की रहने वाली और अयोध्या दर्शन कर लौट रहीं थीं। बताया जाता है कि तूफान वाहन में कुल 20 लोग सवार थे।

श्रद्धालुओं को सेव टमाटर की जगह परोसा मटन, राजवीर के नाम से जावेद चला रहा था ढाबा; जांच में चौंकाने वाला खुलासा

 खंडवा मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में धूनीवाले दादाजी धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल गुरु पूर्णिमा पर्व पर धूनीवाले दादाजी धाम में दर्शन के लिए पूरे देश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु खंडवा पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था से ओतप्रोत इन भक्तों का स्वागत जगह-जगह निशुल्क भंडारों और जलसेवा के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन इस श्रद्धा और भक्ति के माहौल को ठेस पहुंचाने वाली एक गंभीर और संवेदनशील घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, रविवार को बोरगांव बुजुर्ग गांव से पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं का एक समूह खंडवा के पंधाना थाना क्षेत्र के डुल्हार गांव के पास स्थित राजवीर ढाबा पर भोजन के लिए रुका। उन्होंने ढाबे से सेव टमाटर की सब्जी और रोटी मांगी, परंतु परोसे गए भोजन में मटन की मिलावट पाई गई। जब श्रद्धालुओं ने सब्जी में मांस के टुकड़े देखे, तो वे भड़क उठे और मौके पर हंगामा हो गया। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे और पंधाना पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। जांच में सामने आया कि ‘राजवीर ढाबा’ नाम से चल रहे इस प्रतिष्ठान को मुस्लिम युवक जावेद चला रहा था। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने किचन में जाकर की जांच निशान यात्रा लेकर खंडवा रहे श्रद्धालुओं की शिकायत पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने राजवीर ढाबा पहुंचकर यहां किचन में जाकर जब जांच किया, तब यहां स्थिति बिल्कुल अलग थी। एक ही बर्तन में नॉनवेज और भेज दोनों रखे हुए थे। तत्काल हिंदू जागरण के कार्यकर्ताओं ने यहां खंडवा एसपी को घटना की जानकारी दी और ढाबा संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जांच के लिए अधिकारी पहुंचे घटना में के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई नहीं होने पर हाईवे जाम की धमकी दी थी। कार्यकर्ताओं की धमकी को तत्काल ध्यान रखते हुए प्रधान थाना प्रभारी दिलीप देवड़ा खंडवा डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल चौहान मौके पर पहुंचे। डीएसपी हेडक्वार्टर ने यहां तहसीलदार को भी मौके पर बुलाया और इस मामले में गंभीरता से जांच की। जांच में रसोईया जावेद ने बताया कि वह अक्सर एक ही तेल और एक ही बर्तन में वेज नॉनवेज खाना बनाया करते हैं। इस बात से प्रशासन ने और भी नाराजगी जताई। जांच के बाद तत्काल ढाबा किया गया सील खंडवा जिला प्रशासन की जांच के बाद राजवीर ढाबा को सील कर दिया गया। इस मामले में खंडवा जिला प्रशासन ने ऐसे जितने भी वेज और नॉनवेज ढाबे हैं, जिससे लोगों की आस्था आहत हो सकती है, उसकी जांच करने का आश्वासन दिलाया है। खंडवा डीएसपी अनिल चौहान ने कहा है किसी की भी आस्था को आहत नहीं होने दिया जाएगा। ढाबा संचालक के खिलाफ थाने में किया गया मामला दर्ज इस पूरे मामले में खंडवा जिला प्रशासन ने सराहनीय भूमिका निभाते हुए तत्काल कोई बड़ा बवाल ना हो। इसलिए मामले के गंभीरता से जांच कर ढाबा संचालक जावेद जो ढाबा का नाम बदलकर लंबे समय से यह ढाबा संचालित कर रहा था, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 196 के तहत fir दर्ज कर ली है। जावेद को प्रधान पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है। उसे सोमवार को खंडवा न्यायालय में पेश किया जाएगा। प्रशासन की सख्त कार्रवाई घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम पंधाना दिनेश सावले और एसडीएम खंडवा बजरंग बहादुर सिंह ने तत्काल मौके पर पहुंचकर ढाबे को सील करने के आदेश दिए। पुलिस ने ढाबा संचालक जावेद और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में ले लिया, और पूछताछ के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध शराब भी जब्त की गई है। सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों में आक्रोश मामले से कई संगठनों में आक्रोश रहा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए मांग की है कि जिले के सभी ढाबों और होटलों पर संचालकों के नाम स्पष्ट रूप से दर्शाए जाएं। गुरु पूर्णिमा पर्व के दौरान तीन दिनों तक खंडवा जिले में मांस और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर मांग घटना के बाद जिले में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह धार्मिक स्थलों और मेलों के दौरान विशेष निगरानी और प्रतिबंध लागू करने की मांग तेज़ हो गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आस्था की रक्षा के लिए प्रशासन से सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की अपेक्षा की जा रही है। बता दें कि हर साल धूनीवाले दादाजी की समाधि पर शीश नवाने के लिए हजारों श्रद्धालु खंडवा पहुंचते हैं। पैदल यात्राओं के मार्ग में भंडारे और सेवा केंद्र लगते हैं। 

भीषण सड़क हादसा अयोध्या दर्शन से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी पेड़ से टकराई, 3 महिलाओं की मौत, 15 घायल

शहडोल  मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का टेम्पो ट्रैक्स वाहन (CG 10 BP 8657) अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया, जिसमें तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा गांव के समीप सोमवार सुबह करीब 4:40 बजे हुआ। हादसे के वक्त वाहन में कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जो अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। मृतकों में तीनों महिलाएं, 15 अन्य घायल इस हादसे में जिन तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हुई, उनकी पहचान गायत्री कंवर (55), मालती पटेल (50) और इंदिरा बाई के रूप में हुई है। वहीं अन्य 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल ब्यौहारी अस्पताल लाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया है।

सेंट्रल जेल के कैदियों को मिलेगी नई सुविधा, 16 नए वीसी रूम का निर्माण कार्य शुरू, इसी से पेशी भी होगी

भोपाल भोपाल सेंट्रल जेल जल्द ही पहले से अधिक हाईटेक होने जा रहा है। अब तक यहां केवल 11 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम होते थे। जिसके माध्यम से आतंकियों और हाईप्रोफाइल कैदियों की ही पेशी करा पाना जेल प्रशासन के लिए संभव होता था। जल्द यहां 16 नए वीसी रूम का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। इसके लिए मुख्यालय से बजट पास कर दिया गया है। इसका उद्देश्य कैदियों को अदालत में पेशी के लिए जेल से बाहर ले जाने की आवश्यकता को कम करना है, और सुरक्षा, दक्षता में सुधार करना है। मुलाकात प्रक्रिया आसान होगी जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि यह कदम कैदियों को उनके परिवार से जोड़े रखने और उन्हें सामाजिक रूप से जुड़े रहने में मदद करेगा। साथ ही, इससे जेलों में मुलाकातों की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी, जिससे कैदियों और उनके परिजनों दोनों को सुविधा होगी। वीसी रूम के माध्यम से, कैदियों को अदालत में शारीरिक रूप से पेश होने की आवश्यकता कम होती है। सुरक्षा जोखिम कम होता है वीसी से पेशी कराने पर सुरक्षा जोखिम कम होता है। वीसी के माध्यम से, कैदी अपने परिवार और दोस्तों से आसानी से मिल सकते हैं, जिससे उनके मानसिक सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वीसी अदालती कार्यवाही और अन्य जेल गतिविधियों को अधिक कुशल बना सकता है। वीसी के उपयोग से यात्रा और सुरक्षा लागतों को कम किया जाने में भी फायदा मिलेगा। हाल ही में हाई सिक्योरिटी सेल का भी निर्माण हुआ है हाल ही में जेल में 12 नई हाई सिक्योरिटी सेल का निर्माण कराया गया है। जिसके लिए 1.20 करोड़ का बजट पारित हुआ था। करीब दो साल में यह हाई सिक्योरिटी सेल बनकर तैयार हुई हैं। जल्द ही इनमें कुख्यात आतंकियों को शिफ्ट किया जाएगा। हाई सिक्योरिटी सेल में क्षमता से अधिक कैदी बंद जेल में हाई सिक्योरिटी सेल की क्षमता 58 हैं। वर्तमान में 69 आतंकियों को यहां रखा गया है। जल्द नई हाई सिक्योरिटी सेल में भी आतंकियों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।