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CCTV में कैद वारदात: लड़कियों ने मंदिर की दानपेटी चुराई

  बिलासपुर बिलासपुर के अशोक नगर स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर में दानपेटी चोरी का मामला सामने आया है। मंदिर परिसर में रखी दानपेटी चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन में हड़ंकप मच गया और इसकी जानकारी तुरंत संबंधित लोगों को दी गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि अशोक नगर स्थित अटल आवास में रहने वाली तीन नाबालिग लड़कियां इस चोरी की घटना में शामिल थीं। फुटेज में देखा गया कि किस तरह तीनों लड़कियां दानपेटी के पास पहुंचीं और उसे उठाकर वहां से लेकर भाग गईं। मंदिर समिति ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू की और पूरी जानकारी सरकंडा थाने को दी। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दानपेटी चोरी करने के बाद इन नाबालिगों ने उसे गणपति हॉस्पिटल के पीछे स्थित खेत में गड्ढा खोदकर छिपा दिया था। बताया गया कि पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में तीनों नाबालिगों से पूछताछ की गई। समाज व परिवार के सामने अपनी गलती महसूस करते हुए युवतियों के परिजनों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। परिजनों ने भरोसा दिलाया कि ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी। चूंकि तीनों लड़कियां नाबालिग हैं, इसलिए मामले को संवेदनशील मानते हुए उन्हें कड़ी कानूनी कार्रवाई से फिलहाल बचाया गया। तीनों को समझाइश देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

एनआईए को मिली बड़ी कड़ी: लुधियाना लिंक सामने आते ही अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर से सवाल-जवाब

 चंडीगढ़ दिल्ली के लाल किला के बाहर हुए बम धमाके की जांच में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने विभिन्न राज्यों में दबिश देते हुए अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े छात्रों और शिक्षकों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में लुधियाना का लिंक सामने आने के बाद 13 नवंबर को एनआईए की टीम ने बाल सिंह नगर में छापेमारी की थी। टीम ने यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टर जाननिसार आलम की क्लिनिक पर दबिश दी, जो उस समय बंद मिला। क्लिनिक के पास स्थित डॉक्टर के घर पर टीम ने उनके पिता तोहिद आलम से पूछताछ की। परिवार के मुताबिक, डॉक्टर कुछ दिन पहले रिश्तेदारी में पश्चिम बंगाल के डालखोला गए हुए थे। एनआईए ने वहीं पर उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और पूरा दिन सवाल-जवाब के बाद शाम को छोड़ दिया। एजेंसी ने उनका लैपटॉप और मोबाइल अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार आज डॉक्टर आलम को दिल्ली स्थित एनआईए दफ्तर में दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इधर, स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉक्टर का क्लिनिक कई दिनों से बंद है। अक्सर उनके पिता ही मरीजों को दवाइयां देते थे। 2020 में लिया एमबीबीएस में दाखिला डॉ. आलम के पिता तौहीद आलम का कहना है कि उनके बेटे ने 2020 में एमबीबीएस में दाखिला लिया था और 2025 में डिग्री पूरी कर लुधियाना में क्लिनिक चला रहा था। परिवार 1984 से लुधियाना में रह रहा है और पैतृक घर बंगाल में है। शादी-विवाह के सिलसिले में बेटा और परिवार गांव गया हुआ था। उन्होंने बताया कि उनका बेटा एम्स में पीजी के लिए तैयारी कर रहा है, जिससे क्लिनिक पर कम समय दे पाता था। परिवार ने कहा कि वे जांच एजेंसी का पूरा सहयोग कर रहे हैं और हर कार्रवाई में मदद करेंगे।  पठानकोट से पकड़े डॉ. रईस भट्ट को जांच एजेंसियों ने पूछताछ के बाद छोड़ा दिल्ली ब्लास्ट मामले के मुख्य आरोपी डा. उमर के संपर्क में रहने वाले डा. रईस भट्ट को एनआईए ने पठानकोट से हिरासत में लिया था। जांच एजेंसी ने रविवार को उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया। जांच एजेंसियां इस मामले में करीब तीन हजार कश्मीरियों को हिरासत में ले चुकी है। वहीं पठानकोट में द व्हाइट मेडिकल पहुंचकर डा. रईस ने एक पत्रकार वार्ता में अहम खुलासे भी किए। डा. भट्ट ने कहा कि पठानकोट आने पहले उसने दिल्ली के हमदर्द नेशनल इंस्टीट्यूट में हेड ऑफ यूनिट और वार्डर काम कर चुका है और उससे पहले अल फलाह यूनिवर्सिटी में ब्तौर प्रोफेसर रहा। उसने बताया कि दिल्ली जाने से पहले उसने 2022 में अल फलाह यूनिवर्सिटी छोड़ दी थी। मेरे यूनिवर्सिटी छोड़ने से पहले ब्लास्ट में शामिल लोग यूनिवर्सिटी आए और एक इमरजेंसी में तो दूसरा फिजिशियन रहा। मरीजों के आने जाने के बाद उक्त लोगों के साथ उसका मेल मिलाप बढ़ा।  एजेंसियों ने पूछा- कहां-कहां मिले आरोपी से जांच एजेंसियां जब शुक्रवार देर रात डा. रईस भट्ट को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई तो सबसे पहले यही सवाल पूछा गया कि आरोपी डा. उमर मोहम्मद से कहां-कहां मिलना हुआ। क्या कहीं आरोपी से दिलली-कश्मीर में मिले? कभी आउट साइड मुलाकत हुई है। कोई फोन मैसेज से कांटेक्ट हुआ क्या? डा. रईस ने एजेंसियों को जवाब दिया अल फलाह यूनिवर्सिटी छोड़ने के बाद उनका आरोपियों में से किसी के साथ कोई तालमेल नहीं हुआ। जबकि एजेंसियों ने डा. रईस से कहा कि जिन लोगों का भी आरोपी के साथ तालमेल रहा या फिर हो रहा है उसी को हम जांच पड़ताल के लिए हिरासत में ले रहे है। अल फलाह यूनिवर्सिटी के बहुत से लोग थे वहां जिनसे पूछताछ हो रही है और डा. भट्ट को भी एजेंसियां पहले अंबाला लेकर गई, फिर दिल्ली पूछताछ के लिए ले गए।    

सौर ऊर्जा क्रांति : किसानों और छोटे कारोबारियों को मिल रही बड़ी राहत, 2.75 लाख से ज्यादा घर रोशन

मासिक खर्च में हो रही है 15-20% की बचत, छोटे व्यवसायों को मिली नई गति डबल इंजन सरकार द्वारा ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी की गई है वितरित लखनऊ,  प्रदेश के पिछड़े और ग्रामीण इलाकों में पीएम सूर्य घर योजना नई उम्मीद बनकर उभरी है। सौर ऊर्जा आधारित इस योजना ने किसानों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के जीवन में आर्थिक राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इस योजना के क्रियान्वयन में तेजी दिखाई है और राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में जगह बनाई है। अधिकृत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 2,75,936 घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इससे उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और ऊर्जा निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। स्थापना के मामले में यूपी गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में प्रदेश दूसरे स्थान पर है। इस योजना का सबसे बड़ा प्रभाव छोटे व्यवसायों पर दिखाई दे रहा है। बिजली कटौती से पहले जहां वेल्डिंग, आटा चक्की, किराना स्टोर, नाई की दुकान और मोबाइल रिपेयर जैसी इकाइयां प्रभावित होती थीं, वहीं अब सौर ऊर्जा से इनके संचालन में रुकावट नहीं होती। लगातार बिजली उपलब्ध होने से इन व्यवसायों की आय स्थिर हुई है और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बिजली बिल लगभग शून्य होने से उनके मासिक खर्च में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी आई है। कई परिवार अब शिक्षा, स्वास्थ्य और बचत की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ पा रहे हैं। 31 अक्टूबर तक प्रदेश में ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। सब्सिडी मिलने से योजना के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और रूफटॉप सोलर स्थापना में तेजी आई है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और बरेली इस योजना के प्रमुख लाभार्थी जिले हैं। अकेले इन चार जिलों में 8,000 से अधिक रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित हो चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ में 4,271, वाराणसी में 1,672, कानपुर नगर में 1,410 और बरेली में 1,145 संयंत्र लगाए गए हैं। अन्य जिलों में भी स्थापना कार्य तेजी से जारी है।

सीएम योगी के निर्देशानुसार प्रदेश में युवा व महिला उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ने पर फोकस

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार युवाओं को कौशल, पूंजी और बाजार से जोड़कर राज्य में सूक्ष्म व परंपरागत उद्योगों की नई क्रांति खड़ी कर रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM-YUVA) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.70 लाख युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि हर वर्ष 1 लाख से अधिक नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का प्रयास किया जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों का मूल उद्देश्य युवा, महिला और पारंपरिक हस्तशिल्प सभी को एक साझा आर्थिक विकास मॉडल से जोड़ना है। इस व्यापक दृष्टि ने स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में प्रदेश में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त किया है। युवा उद्यमिता को नई दिशा दे रही सीएम युवा योजना सीएम युवा योजना के तहत प्रदेश के 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को 5 लाख रुपये तक के उद्योगों और सेवा परियोजनाओं पर 100 प्रतिशत ब्याज-मुक्त तथा बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही, परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी का अनुदान भी दिया जा रहा है। न्यूनतम 8वीं पास और किसी मान्यता प्राप्त संस्था से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवा इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। प्रशिक्षण के बाद इनमें से अनेक युवा न सिर्फ खुद उद्यमी बन रहे हैं, बल्कि अन्य युवाओं और महिलाओं को भी रोजगार दे रहे हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उद्योग आधारित आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नए आयाम दे रही है। पारंपरिक कलाओं को मिली संजीवनी योगी सरकार ने ओडीओपी योजना के जरिए पारंपरिक हस्तकला एवं हस्तशिल्प को नया जीवन दिया है, जो 2017 से पहले समाप्ति के कगार पर थे। प्रदेश का शजर उद्योग इसका सबसे सशक्त उदाहरण है। देश में केवल केन नदी की रेत में मिलने वाला यह कीमती शजर पत्थर कभी मात्र कुछ हस्तशिल्प परिवारों की आजीविका का सहारा था। लेकिन सरकार ने इसे ओडीओपी से जोड़कर न सिर्फ इसका बाजारीकरण किया, बल्कि इसे जीआई टैग भी दिलाया। नतीजा यह रहा कि शजर उद्योग से जुड़े परिवारों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि सरकारी सहयोग, प्रशिक्षण और वित्तीय मदद कैसे किसी विलुप्तप्राय उद्योग को दोबारा जीवित कर सकती है। चाहें विश्वकर्मा श्रम सम्मान हो या टूलकिट वितरण हो, इन कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश में कारीगरों को कुशल बनाकर उनकी आर्थिक उन्नति सुनिश्चित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि शजर उद्योग के साथ ही प्रदेश भर में ओडीओपी के माध्यम से महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और युवाओं को नए बाजार, प्रशिक्षण और डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। इससे हजारों महिलाओं को स्वरोजगार मिला है और वे अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में सक्षम हुईं हैं। महिला स्वावलंबन, परंपरागत कारीगरी और आधुनिक विपणन का यह संगम अब उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक पहचान बनता जा रहा है।

50 हजार से अधिक बकाया वालों की बिजली होगी बंद; आज से फील्ड टीमें करेंगी घर-घर कार्रवाई

लखनऊ आपके घर और दुकान पर यदि 50 हजार रुपये से ज्यादा का बिल बाकी तो आपकी बिजली कभी भी गुल हो सकती है। दरअसल, वर्टिकल सिस्टम में बिजली बिल के बकायेदारों और उपकेंद्र कर्मियों के बीच कटे कनेक्शन को गुपचुप जोड़कर बिजली चालू करने के खेल को खत्म करने की तैयारी है। इसके लिए वर्टिकल सिस्टम की कलेक्शन इकाई ने 2.25 लाख बकायेदारों से बिल की वसूली कर उनकी देनदारी को शून्य करने का पहला लक्ष्य तय किया है। इन पर अनुमानित 75 करोड़ का राजस्व बकाया है। सबसे पहले उन बकायेदारों पर कार्रवाई होगी, जिन पर 50 हजार या इससे ज्यादा की देनदारी है। वह उपभोक्ता भी निशाने पर होंगे जिन्होंने पिछले छह माह से बिल का भुगतान नहीं किया है। राजधानी में सोमवार से 50 हजार रुपये के देनदारी वाली उपभोक्ताओं के घर एवं दुकान पर कलेक्शन टीम की दस्तक शुरू हो जाएगी। यह टीम बकायेदारों को बकाया रकम का बिल देकर निर्धारित अवधि में जमा करने का अल्टीमेटम देगी। तय अवधि में बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटा जाएगा। ऐसे कटे कनेक्शन को बिल चुकाए बिना जोड़ने पर उपकेंद्र के संविदा कर्मी की नौकरी जाएगी। साथ ही, काटे गए कनेक्शन की निगरानी होगी, जिससे गुपचुप उसे जुड़वाया न जा सके। अमौसी जोन में सर्वाधिक 1.50 लाख बकायेदार अमौसी जोन में सर्वाधिक 1.50 लाख उपभोक्ता बिजली बिल के बकायेदार हैं। इनमें तो 1.10 लाख ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले छह माह से बिजली तो खूब जलाई, मगर बिल नही भरा है। यह बकायेदार निगोंहा, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, अमेठी, उतरेटिया, सरोजनीनगर, बंथरा, मोहान रोड, काकोरी, रहीमाबाद, मलिहाबाद, माल, जेहटा आदि के हैं। तीन लाख के बकायेदार और जल रही बिजली फतेहगंज निवासी बी लाल एक ऐसे बकायेदार उपभोक्ता हैं जिन पर तीन लाख रुपये की देनदारी है, मगर उनके घर की बिजली जल रही है। यह कृपा फतेहगंज उपकेंद्र के कुछ संविदा कर्मियों की है। संविदा कर्मियों ने इस कनेक्शन को सरकारी रिकॉर्ड में कटा दर्शा कर खुलेआम बिजली जलवा रहे हैं। जोनवार 50 हजार रुपये से ज्यादा के बकायेदार अमौसी       9821 जानकीपुरम 2925 गोमतीनगर 1576 लखनऊ मध्य 1183 कलेक्शन टीम करेगी बिल की वसूली वर्टिकल सिस्टम में निर्बाध बिजली आपूर्ति का जिम्मा उपकेंद्र के इंजीनियरों का है जबकि बिल वसूली का काम कलेक्शन टीम का है। जो उपभोक्ता पिछले छह माह से लगातार बिजली बिल जमा नहीं कर रहे, कलेक्शन टीम उनसे वसूली करने जाएगी।- योगेश कुमार, निदेशक (वाणिज्य), मध्यांचल विद्युत वितरण निगम  

बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय लखनऊ के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता अवश्य प्राप्त होगीः सीएम योगी सीएम ने एआई पर दिया जोर, युवाओं से बोले- वह आपके द्वारा संचालित हो, आप उसके द्वारा संचालित न हों बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वयः मुख्यमंत्री   टेक्नोलॉजी के साथ ही युवाओं को संस्कारों से भी जोड़ें संस्थानः सीएम योगी   लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में युवाओं को ‘शिक्षक’ के रूप में रास्ता दिखाया। उन्होंने युवाओं को हमेशा प्रयास करते रहने की सीख दी। कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है। जीवन में सफलता के दो ही मार्ग हैं। समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता प्राप्त होगी। समस्या को बार-बार गिनाते रहेंगे तो सफल नहीं हो सकते। समस्या की बजाय समाधान पर ध्यान दीजिए। सभी लोग मिलकर जब सामूहिक रूप से प्रयास करेंगे तो समाधान मिलेगा। जीवन में सदा नया सीखने का अवसर प्राप्त होता है। अलग-अलग सेक्टरों में हमें नए अवसरों को ढूंढने का प्रयास करना चाहिए। कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है, बल्कि योग्य योजक चाहिए। संस्थान, बॉस, आचार्य, अभिभावक और व्यक्ति भावी पीढ़ी के लिए योजक बन सकते हैं। जीवन में धैर्य, संतुलन खोए बिना अडिग होकर आगे बढ़ेंगे तो सफलता कदम चूमेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीक्षांत समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास, विश्वविद्यालय के रचनाकार पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास गुप्ता को भी याद किया। सीएम योगी ने 2011 में विश्वविद्यालय बनने के बाद से यहां के एकेडमिक एक्टिविटीज व खेल की तारीफ की। जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई सीएम योगी ने कहा कि यह केवल दीक्षांत समारोह नहीं है बल्कि इंडियाज ट्रांसफॉर्मिंग जनरेशन का एक उदाहरण भी है। जो विद्यार्थी उपाधि प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में उनके विजनरी लीडरशिप में देश-प्रदेश नई गति प्राप्त करेगा। सीएम योगी ने भारत की प्राचीन गुरुकुल प्रणाली के समावर्तन समारोह और उसके परिवर्तित रूप दीक्षांत समारोह की भी व्याख्या की। उन्होंने कहा कि हम जो करते थे, दुनिया उसका अनुसरण करती थी। जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई। सीएम योगी ने कहा कि बाबू बनारसी दास के संघर्षों, आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उनके योगदान और स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश कैसा बनना चाहिए, इस पर उनके प्रयास की भी चर्चा की। बोले-उप्र के मुख्यमंत्री के रूप में हम जिन भी वर्तमान कार्ययोजनाओं को बढ़ाने में सफल होते हैं, उनमें कहीं न कहीं भाव इन्हीं विभूतियों के छिपे होते हैं। जो इन्होंने उस समय यूपी के बारे में सोचा था, हमें उत्तर प्रदेश में उन्हें मूर्त रूप प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। कृतज्ञता का भाव सदैव मन में होना चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने लगाई लंबी छलांग सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया खेलो के माध्यम से 2014 में एक अभियान चलाया। फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतिस्पर्धा के माध्यम से खेलकूद के प्रति भाव पैदा करने की नई प्रेरणा प्रदान की। आज खेल दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है। किसी एकेडमिक संस्था में खेल भी महत्वपूर्ण हिस्सा हो और उसके पास भव्य स्टेडियम, बैडमिंटन एकेडमी हो, यह बीबीडी की बड़ी उपलब्धि है। 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया अनुगमन करेगी सीएम योगी ने कहाकि यह केवल रूटीन की डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के नए हब के रूप में बीबीडी को स्थापित करने के लिए नया प्रयास प्रारंभ हुआ है। दुनिया तकनीक को तेजी से अपना रही है। दुनिया जहां जा रही है, हम उससे 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया हमारा अनुगमन करने को मजबूर होगी। 11 वर्ष में भारत की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए सीएम ने कहाकि इसे देख दुनिया भी उसके पीछे चलने के लिए खुद को मजबूर करती है। सीएम योगी ने 2014 के पहले व बाद में देश के प्रति आई धारणा का जिक्र किया। बोले कि लोगों की हताशा व निराशा को आशा व उत्साह में भरने का कार्य 2014 के बाद देखने को मिला। मोदी जी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया सीएम योगी ने कहा कि भारत ने हर क्षेत्र में नई छलांग लगाई है। छोटे-छोटे प्रयोग कर भारत ने बताया कि इसके परिणाम क्या हो सकते हैं। मोदी जी ने कहा कि हर गरीब का बैंक अकाउंट होना चाहिए तो नकारात्मक लोग नकारात्मक स्वर बोलने लगे। जिन्हें कुछ नहीं करना होता है, वे सकारात्मक कदम का विरोध करते हैं। कोई चिंता किए बिना मोदी जी ने जीरो बैलेंस पर गरीबों के बैंक अकाउंट खुलवाए, जिससे डीबीटी के माध्यम से बिना किसी कट के शासन की योजनाओं की राशि सीधे गरीबों के खाते में जा रही है। इससे देश में 50 करोड़ परिवार जुड़ता दिखाई दे रहा है। यह भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार है। सब कुछ डिजिटल पेमेंट के साथ जुड़ गया है। कभी राजीव गांधी ने कहा था कि हम एक रुपये भेजते हैं, गरीब के पास 15 पैसे जाते हैं पर आज डिजिटल इंडिया मिशन है। जब दुनिया की सुपर पावर भी कोरोना के साए में थी, तब भारत कोविड प्रबंधन के साथ ही 2020 में नेशनल एजूकेशन पॉलिसी को लांच कर रहा था। सीएम ने कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवा की आकांक्षाओं को पंख लगाने की दृष्टि से मोदी जी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया। बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय सीएम योगी ने कहा कि भारत सबसे युवा राष्ट्र है। यहां 56 फीसदी आबादी कामकाजी है। उनके सपनों को उड़ान देने के लिए संस्थानों को तैयार होना है। लखनऊ में बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय दिखता है। हमें उस दिशा में आगे कार्य करना होगा। सीएम ने हर क्षेत्र में एआई की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि यह आज की आवश्यकता है, लेकिन वह आपके द्वारा संचालित हो, आप उसके द्वारा न संचालित हो। रोबोटिक में भारत ने लंबी छलांग … Read more

पंडुम कैफे का शुभारंभ बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरक प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में सामाजिक-आर्थिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए आज जगदलपुर में ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ किया। यह कैफ़े नक्सली हिंसा के पीड़ितों और समर्पण कर चुके सदस्यों के पुनर्वास हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। यह अनूठी पहल संघर्ष से सहयोग तक के प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है।‘पंडुम कैफ़े’ जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘पंडुम कैफे’ में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत की। उन्होंने नई शुरुआत के लिए उनका हौसला बढ़ाया और ‘पंडुम कैफ़े’ के बेहतर संचालन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंडुम कैफ़े का शुभारंभ बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रेरक प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने साय ने कहा कि पंडुम कैफे आशा, प्रगति और शांति का उज्ज्वल प्रतीक है। कैफे में कार्यरत युवा, जो नक्सली हिंसा के पीड़ित तथा हिंसा का मार्ग छोड़ चुके सदस्य हैं, अब शांति के पथ पर अग्रसर हो चुके हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उन्हें आतिथ्य सेवाओं, कैफ़े प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता मानकों, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता कौशल का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति के पथ पर लौटे और कैफ़े में कार्यरत एक महिला ने इस अवसर पर भावुक होकर इस पुनर्वास पहल से हुए बदलाव की बात दोहराई। एक पूर्व माओवादी कैडर ने कहा कि,“हमने अपने अतीत में अंधेरा देखा था। आज हमें समाज की सेवा करने का यह अवसर मिला है, यह हमारे लिए एक नया जन्म है। बारूद की जगह कॉफी परोसना और अपनी मेहनत की कमाई से जीना—यह एहसास हमें शांति और सम्मान दे रहा है।” एक अन्य सहयोगी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि,“पहले हम अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब हम अपनी मेहनत से कमाए पैसों से घर के सदस्यों का भविष्य संवार सकते हैं। यह सब प्रशासन और इस कैफ़े की वजह से संभव हुआ है।” एक अन्य सदस्य ने समुदाय के सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि,“हमें लगा था कि मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होगा, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने हमें प्रशिक्षण दिया और हमारा विश्वास जीता। सबसे बड़ी बात यह है कि हम अब पीड़ितों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे हमें अपने अतीत के अपराधों को सुधारने और शांति स्थापित करने का अवसर मिला है।” उन्होंने यह भी बताया कि ‘पंडुम’ बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है, और इसकी टैगलाइन “जहाँ हर कप एक कहानी कहता है” इस बात का प्रतीक है कि यहाँ परोसी गई कॉफी सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष पर विजय और एक नई शुरुआत की कहानी भी अपने साथ लेकर आती है। इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, संभागायुक्त डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

लापरवाही पड़ी भारी! पंजाब मंडी बोर्ड के जेई टर्मिनेट, सीएम फ्लाइंग स्क्वाड ने की कड़ी कार्रवाई

 चंडीगढ़ सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सीएम फ्लाइंग स्क्वाड ने आज बड़ी कार्रवाई की। मार्केट कमेटी भीखी के माखा चहलां विशेष संपर्क मार्ग पर औचक निरीक्षण के दौरान निर्माण में खामियां मिलीं। खराब क्वालिटी की सड़क निर्माण के कारण पंजाब मंडी बोर्ड के जेई गुरप्रीत सिंह को टर्मिनेट कर दिया गया है। उपमंडल अधिकारी चमकौर सिंह को भी नोटिस जारी किया गया है। वहीं एसडीओ के अधीन आने वाले सभी कार्य तुरंत प्रभाव से वापस लिए गए हैं। पंजाब सरकार का साफ संदेश है कि राज्य में सड़क निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 

उत्तर बस्तर कांकेर में आपदा राहत मंजूर, चार परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता

उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आकाशीय बिजली गिरने तथा सर्प काटने से मृत्यु होने के 04 प्रकरणों में मृतकों के निकटतम आश्रितों को चार-चार लाख रूपए की मान से 16 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। नरहरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम चंवाड़ के 52 वर्षीय राजकुमार निषाद की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती ममता निषाद के लिए चार लाख रूपए तथा ग्राम डुमरपानी निवासी 35 वर्षीय रामभाऊ नेताम की सर्प काटने से मृत्यु होने के कारण पत्नी चिन्ताबाई नेताम के लिए चार लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार कांकेर तहसील के ग्राम पीढ़ापाल निवासी 60 वर्षीय धनराज पोया की सर्प काटने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनकी पत्नी  प्रमिला के लिए चार लाख रूपए तथा सरोना तहसील के ग्राम चोरिया निवासी 65 वर्षीय बिंदा कुंजाम की सर्प काटने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनके निकटतम आश्रित सगाबाई, सगन और सगउ के लिए संयुक्त रूप से चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की गई है।

रॉबर्ट वाड्रा बोले- लोग चाहेंगे तो राजनीति में आएंगे, बिहार चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद उठी मांग

इंदौर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति और बिज़नेसमैन रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी राजनीतिक पारी को लेकर बड़ा बयान दिया हैं. इंदौर में उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए राजनीति में आने के संकेत दिए. इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला किया.  रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि मैं राजनीति में आऊंगा तो लोग परिवारवाद कहने लगेंगे लेकिन अगर लोग चाहेंगे तो में राजनीति में आएंगे, अगर हम संसद में होंगे तो लोगों की बात को और बात को मजबूत करेंगे. वहीं बेटे रेहान के राजनीति में एंट्री के सवाल पर उन्होंने हा कि अभी ये सही समय नहीं है.   प्रियंका गांधी के पति और कांग्रेस नेता रॉबर्ट वाड्रा ने बिहार चुनाव परिणामों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता हालिया चुनाव नतीजों से किसी भी तरह खुश नहीं है। उन्होंने कहा कि जो परिणाम सामने आए हैं, वे जनता की मर्जी नहीं बल्कि चुनाव आयोग की भूमिका का नतीजा हैं। वाड्रा ने कहा कि बिहार में दोबारा चुनाव कराए जाने चाहिए, क्योंकि मौजूदा परिणामों पर भरोसा करना मुश्किल है। जनता का फैसला इससे अलग होता  इंदौर में मीडिया से बातचीत करते हुए वाड्रा ने कहा कि चुनाव आयोग की मदद से यह परिणाम सामने लाए गए हैं और जनता का असली फैसला इससे अलग होता। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ देशभर के युवा लगातार जुड़ रहे हैं। रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए बड़े स्तर पर आंदोलन भी खड़ा किया जाएगा। उनके मुताबिक, अगर बिहार में दोबारा चुनाव कराए जाते हैं तो नतीजे बिल्कुल बदल जाएंगे। एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया वाड्रा ने कहा कि इस समय रेहान को राजनीति में डालने का सही समय नहीं है. रेहान राजनीति देखी है सीखा है और गांधी परिवार के संघर्ष को भी महसूस किया है. रॉबर्ट वाड्रा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि रेहान ने यह भी देखा है कि किस हद तक बीजेपी एजेंसी का प्रयोग करती है.  बीजेपी हर एक चुनाव में हमारे नाम का प्रयोग करती है. बिहार के रिजल्ट से लोग हैरान है खुश नहीं है. चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में मदद की जिसकी वजह से ऐसे नतीजे आए हैं. बिहार में जो हुआ वो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है. एनडीए वाले अपने वादे को पूरा नहीं कर पाएगी.  बिहार में फिर चुनाव कराने की माँग इससे पहले रॉबर्ट वाड्रा ने बिहार के नतीजों पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि बिहार में चुनाव सही तरीके से नहीं कराए गए. अगर राड्य में दोबारा चुनाव कराए जाएंगे तो नतीजे पूरी तरह से बदल जाएंगे. युवा इन दिनों एनडीए सरकार की योजनाओं से परेशान हैं और सरकार को बदलना चाहते हैं.  आपको बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा इन दिनों इंदौर और उज्जैन में धार्मिक यात्रा पर है. इस दौरान उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर पत्रकारों से बात करते हुए अपनी राय भी रखी है.  महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे वाड्रा इंदौर प्रवास के दौरान वाड्रा ने अपने धार्मिक कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे दो दिनों तक मध्य प्रदेश में रहेंगे और इस दौरान उज्जैन एवं ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे। बिहार की जनता इससे खुश नहीं रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि बिहार की जनता वास्तव में इन नतीजों से खुश नहीं है। जो कुछ हुआ है, वह पूरी तरह चुनाव आयोग की वजह से हुआ है। आयोग ने जिस तरह मदद की, उसके बाद जो परिणाम आए हैं, उनसे कोई भी सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के साथ अब बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं और सभी मिलकर लोकतंत्र के लिए आंदोलन खड़ा करेंगे। यह चुनाव किसी भी तरह निष्पक्ष नहीं था, इसलिए बिहार में दोबारा मतदान होना चाहिए। अगर फिर से चुनाव हुए तो नतीजे पूरी तरह बदल जाएंगे।