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OBC मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा मायावती ने, बोलीं- भरोसे के लायक नहीं रही पार्टी

लखनऊ  बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस ओबीसी समाज की विश्वासपात्र पार्टी नहीं है। कांग्रेस के दिल में कुछ है जुबान पर कुछ है। उन्होंने कहा कि एनडीए का भी ओबीसी के प्रति यही हाल है। मायावती के बयान को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान के संदर्भ में देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि सत्ता में रहते हुए जाति जनगणना न करवाना कांग्रेस की गलती थी। आगे उन्होंने ये भी कहा था कि जो काम ओबीसी के लिए अब तक नहीं कर पाया उसे दोगुनी स्पीड से करूंगा। मायावती ने बयान दिया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा यह स्वीकार करना कि देश के विशाल आबादी वाले अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) समाज के लोगों की राजनीतिक व आर्थिक आशा, आकांक्षा व आरक्षण सहित उन्हें उनका संवैधानिक हक़ दिलाने के मामलों में कांग्रेस पार्टी खरी व विश्वासपात्र नहीं रही है कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह दिल में कुछ व जुबान पर कुछ और जैसी स्वार्थ की राजनीति ज्यादा लगती है।  वास्तव में उनका यह बयान उसी तरह से जगजाहिर है जैसाकि देश के करोड़ों शोषित, वंचित व उपेक्षित एससी/एसटी समाज के प्रति कांग्रेस पार्टी का ऐसा ही दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण रवैया लगातार रहा है और जिस कारण ही इन वर्गों के लोगों को फिर अन्ततः अपने आत्मसम्मान व स्वाभिमान तथा अपने पैरों पर खड़े होने की ललक के कारण अलग से अपनी पार्टी बहुजन समाज पार्टी बनानी पड़ी है। कुल मिलाकर इसके परिणामस्वरूप कांग्रेस पार्टी यूपी सहित देश के प्रमुख राज्यों की सत्ता से लगातार बाहर है और अब सत्ता गंवाने के बाद इन्हें इन वर्गों की याद आने लगी है जिसे इनकी नीयत व नीति में हमेशा खोट रहने की वजह से घड़ियाली आंसू नहीं तो और क्या कहा जाएगा, जबकि वर्तमान हालात में बीजेपी के एनडीए का भी इन वर्गों के प्रति दोहरे चरित्र वाला यही चाल-ढाल लगता है। उन्होंने आगे कहा कि वैसे भी एससी/एसटी वर्गों को आरक्षण का सही से लाभ व संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को भारतरत्न की उपाधि से सम्मानित नहीं करने तथा देश की आजादी के बाद लगभग 40 वर्षों तक ओबीसी वर्गों को आरक्षण की सुविधा नहीं देने तथा सरकारी नौकरियों में इनके पदों को नहीं भरकर उनका भारी बैकलॉग रखने आदि के जातिवादी रवैयों को भला कौन भुला सकता है, जो कि इनका यह अनुचित जातिवादी रवैया अभी भी जारी है। इतना ही नहीं बल्कि इन सभी जातिवादी पार्टियों ने आपस में मिलकर एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण को किसी ना किसी बहाने से एक प्रकार से निष्क्रिय एवं निष्प्रभावी ही बना दिया है। इस प्रकार दलितों, आदिवासियों व अन्य पिछड़ों के बहुजन समाज को सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक तौर पर गुलाम व लाचार बनाए रखने के मामलों में सभी जातिवादी पार्टियां हमेशा से एक ही थैली के चट्टे-बट्टे रहे हैं। जबकि अम्बेडकरवादी पार्टी बीएसपी सदा ही इन वर्गों की सच्ची हितैषी रही है और यूपी में चार बार बसपा के नेतृत्व में रही सरकार में सर्वसमाज के गरीबों, मजलूमों के साथ-साथ बहुजन समाज के सभी लोगों के जानमाल व मजहब की सुरक्षा व सम्मान तथा इनके हित एवं कल्याण की भी पूरी गारंटी रही है। अर्थात् देश के बहुजनों का हित केवल बीएसपी की आयरन गारंटी में ही निहित है। अतः खासकर दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी समाज) के लोग खासकर कांग्रेस, सपा आदि इन विरोधी पार्टियों के किसी भी बहकावे में नहीं आयें यही उनकी सुख, शान्ति व समृद्धि हेतु बेहतर है। 

सम्मान की जीत: कोर्ट के फैसले से रेलवे ने बदला शब्द, अब ‘बौद्धिक दिव्यांग’ लिखा जाएगा टिकट पर

उज्जैन  भारतीय रेलवे ने फैसला किया है कि अब वह मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए जारी करने वाले रियायती पास पर 'मानसिक विकृत' शब्द की जगह 'बौद्धिक दिव्यांग' शब्द का इस्तेमाल करेगा। रेलवे ने 1 जून 2025 से इस फैसले को अमल में लाना शुरू कर दिया है। रेलवे रियायत प्रमाण पत्र में 'मानसिक रूप से विकलांग' शब्द को 'बौद्धिक विकलांगता' में बदलकर अपनी बेटी की गरिमा बचाने के लिए एक पिता को साढ़े पांच साल तक संघर्ष करना पड़ा. जानकारी के मुताबिक डॉ पंकज मारू की बेटी बौद्धिक रूप से विकलांग थी. ईटीवी भारत से बात करते हुए 65 प्रतिशत बौद्धिक रूप से विकलांग बेटी के पिता डॉ पंकज मारू ने कहा, "हमें तीन सितंबर 2019 को मेरी बेटी का रेलवे रियायत प्रमाण पत्र मिला, जिसमें 'मानसिक रूप से विकलांग' शब्द हमारे लिए बेहद आपत्तिजनक था, जिसके बाद मैंने रेलवे रियायत कार्ड में इस शब्द को बदलने के लिए पश्चिमी क्षेत्र, रेलवे बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन रेलवे उसी शब्द को जारी रखने पर अड़ा रहा." अधिकारियों को शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ डॉ. पंकज मारु बताते हैं कि साल 2019 में उन्होंने अपनी बेटी सोनू के लिए रेलवे से रियायती पास बनवाया था। इसमें विकलांगता की प्रकृति वाले कॉलम में लिखा था मानसिक विकृति। अपनी बेटी के लिए ये शब्द मुझे अपमानजनक लगा। मेरी बेटी 65 फीसदी मानसिक दिव्यांग है, न कि विकृत। मैंने रियायती पास में इस शब्द को बदलवाने के लिए पश्चिम रेलवे, रेलवे बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। कई बार रेलवे के चेयरमैन और डीआरएम को पत्र लिखे। अधिकारियों की तरफ से मुझे कोई जवाब नहीं मिला। उनकी सफलता से ऐसे एक करोड़ से अधिक दिव्यांगजनों के लिए सम्मानपूर्वक जीवन जीने की आशा जगी है, क्योंकि दिव्यांगजनों के लिए मुख्य आयुक्त न्यायालय (CCPD) ने रेलवे बोर्ड को निर्देश जारी किए हैं. डॉ. मारु ने मामले की खुद पैरवी की याचिका दायर होने के तीन दिन बाद यानी 15 जुलाई 2024 को कोर्ट ने रेलवे को एक नोटिस जारी किया और पूछा कि क्या इस शब्द को बदला जा सकता है। 4 सितंबर 2024 को रेलवे ने इस नोटिस का जवाब देते हुए लिखा कि इस शब्द को नहीं बदला जा सकता। इसके बाद कोर्ट ने मारु से पूछा कि वे अब क्या करना चाहते हैं? तो मारु ने 25 सितंबर को दोबारा सुनवाई के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई। जब इस मामले की सुनवाई हुई तो डॉ. मारु ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला दिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम, 2016 (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) की धारा 92(क) [Section 92(a)] में यह प्रावधान किया गया है, CCPD का आदेश CCPD आदेश में कहा गया है कि रेलवे बोर्ड ने 14 जुलाई 2025 को ईमेल के माध्यम से कोर्ट को सूचित किया कि 9 मई 2025 को एक निर्देश पहले ही जारी किया जा चुका है. रेलवे ने इसकी एक कॉपी अटैच की है, जिसमें कहा गया है कि रेल मंत्रालय ने मानसिक रूप से मंद व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते शब्द को बौद्धिक रूप से अक्षम व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते से बदलने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक सम्मानजनक और उपयुक्त भाषा अपनाई जा सके. यह नियम 1 जून, 2025 से लागू किया गया है. दिव्यांगजनों को सम्मान दिलाने में मदद करें निर्देश परिवार एनसीपीओ के राष्ट्रीय अध्यक्षडॉ पंकज मारू ने कहा, "ये निर्देश न केवल हमें, बल्कि देश भर के सभी दिव्यांगजनों को सम्मान दिलाने में मदद करेंगे. UNCRPD/दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (जिसे आगे अधिनियम कहा जाएगा) दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है. इसके बावजूद, रेलवे 'मानसिक रूप से विकृत' शब्द का प्रयोग कर रहा है, यह शब्द दिव्यांगजनों के सम्मान और गरिमा को नहीं दर्शाता." इस संबंध में सर्कुलर जारी इस साल 9 मई को रेलवे बोर्ड ने इस शब्द को बदलने का निर्णय लिया, जिसके बाद उसने "मानसिक रूप से विकलांग व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते" शब्द के स्थान पर "बौद्धिक रूप से विकलांग व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते" शब्द रखने के संबंध में एक सर्कुलर जारी किया. सर्कुलर के अनुसार 1 जून, 2025 से पहले पुराने प्रोफार्मा में जारी किया गया प्रमाण पत्र वैधता अवधि समाप्त होने तक वैध रहेगा, और रेलवे दिव्यांगजन पहचान पत्र, ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन पत्रों में भी आवश्यक परिवर्तन सुनिश्चित किए जाएंगे. इसमें आगे कहा गया है, "असुविधा से बचने के लिए क्षेत्रीय रेलवे संशोधित प्रोफार्मा प्रिंटिड कर सभी स्थानों/स्टेशनों पर उपलब्ध करा सकते हैंॉ। सभी संबंधितों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे."

शिवराज सिंह चौहान बोले- पीएम मोदी का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगी कांग्रेस

भोपाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते देश का ही विरोध करने लगी है। केंद्रीय मंत्री का यह बयान कांग्रेस के कारगिल और ऑपरेशन सिंदूर पर उठाए सवालों के जवाब में आया। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आज का दिन खास है। अपनी सेना के शौर्य को प्रणाम, उनकी वीरता को प्रणाम। उन सैनिकों को प्रणाम जिन्होंने अपना बलिदान दिया था।” कांग्रेस की ओर से कारगिल और फिर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर आए बयानों पर कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस तो कारगिल विजय पर सवाल उठाती है। वर्ष 2004 से 2009 तक यूपीए की सरकार रही, तब कारगिल विजय दिवस मनाया ही नहीं गया था। कांग्रेस के एक सांसद ने तो यहां तक कहा था कि हम क्यों मनाएं, क्योंकि यह युद्ध तो एनडीए की सरकार में लड़ा गया। सवाल उठता है कि जब कोई देश युद्ध करता है तो क्या वह किसी सरकार के लिए करता है? क्या इस तरह के सवाल खड़े करना देशभक्ति है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने न केवल कारगिल युद्ध पर, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर पर भी सवाल उठाए, जो गलत है। कांग्रेस देश का नुकसान करने में लगी है और उसकी सोच राष्ट्र विरोधी हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करते-करते कांग्रेस देश का विरोध करने लगी है। इसके नेता पाकिस्तान जैसी बातें करते हैं, जिन्हें पाकिस्तान दुनिया में उदाहरण के तौर पर पेश करता है। लेकिन हम अपनी सेना के शौर्य को सलाम करते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से हाल ही में पिछड़े वर्ग को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी बहुत देर बाद समझ पाते हैं। पहले उन्होंने आपातकाल के लिए माफी मांगी, फिर सिख दंगों के लिए माफी मांगी, और अब ओबीसी समाज से माफी मांग ली। कांग्रेस को बताना चाहिए कि उन्होंने ओबीसी के लिए किया क्या है। कांग्रेस यह बताए कि मंडल आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में किसने डाला था। इतना ही नहीं, ओबीसी के कल्याण के हर कदम को पहले कुचलने का प्रयास किया कांग्रेस ने और बाद में यह माफी मांग लेते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले राहुल गांधी ने राफेल के मामले में माफी मांगी थी और अब जो कर रहे हैं उसके लिए 10 साल बाद माफी मांगेंगे। माफी मांगना उनके भाग्य में लिखा हुआ है।  

भारत-यूके व्यापार समझौता: छत्तीसगढ़ को वैश्विक बाजार में मिलेगी नई उड़ान — सीएम साय

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौते को भारत की विकास यात्रा का नया अध्याय बताया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार जताया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह समझौता न केवल भारत के आर्थिक क्षितिज को विस्तार देगा, बल्कि विशेष रूप से ऐसे राज्य जो कृषि, शिल्प, लघु और कुटीर उद्योगों पर आधारित हैं – जैसे छत्तीसगढ़ – उन्हें वैश्विक व्यापार का हिस्सा बनने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत-यूके एफटीए से भारत के 99% निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे किसानों, एमएसएमई, हस्तशिल्पियों, बुनकरों और पारंपरिक उत्पादों को सीधे लाभ मिलेगा। इस समझौते से अनुमानित $23 अरब डॉलर के नए व्यापार अवसर खुलेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम छत्तीसगढ़ जैसे कृषि और श्रम प्रधान राज्यों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता छत्तीसगढ़ के लिए कृषि को बल, उद्योग को संबल और युवाओं को नए रोजगार के अवसर देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, और निर्यात सहायता केंद्रों की स्थापना पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को कोटिशः धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आर्थिक सुधारों और ‘वोकल फॉर लोकल’ को ग्लोबल स्तर पर पहुंचाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

682 घरेलू उपभोक्ताओं ने उठाया ऑनलाइन भार वृद्धि सुविधा का लाभ

विद्युत उपभोक्ता ऑनलाइन कराएं स्वैच्छिक भार वृद्धि बिजली उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिजली कनेक्शन में भार वृद्धि की सुविधा उपलब्ध कराई गयी 682 घरेलू उपभोक्ताओं ने उठाया ऑनलाइन भार वृद्धि सुविधा का लाभ भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिजली कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। अब उपभोक्ता अपने बिजली कनेक्शन के पूर्व स्वीकृत भार में अपनी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का लाभ उठाकर भार (लोड) वृद्धि करा सकेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को त्वरित रूप से पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कंपनी द्वारा पहल करते हुए 10 किलोवाट भार तक के घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए त्वरित स्वचालित भार वृद्धि की एक नई सुविधा 15 जुलाई से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई है। सुविधा के शुरू होने से अब तक 682 उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन आवेदन कर अपने बिजली कनेक्शन की भार वृद्धि कराई है। कंपनी ने बताया है कि ऑनलाइन भार वृद्धि की सुविधा के लिए उपभोक्ताओं को किसी फेज परिवर्तन या मीटर प्रतिस्थापन की आवश्यकता नहीं होगी। इस पहल के तहत पात्र उपभोक्ता द्वारा अपने स्वीकृत भार (निर्दिष्ट सीमा के भीतर) में वृद्धि का अनुरोध करने पर उनके उनुरोध को अब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप या जोन-स्तरीय अनुमोदन के बिना कंपनी द्वारा त्वरित और निर्बाध रूप से स्वीकृत कर भार (लोड) वृद्धि की जा रही है। इस हेतु लगने वाले शुल्क का भुगतान कंपनी द्वारा आगामी देयक में शामिल किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को अलग से भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रक्रिया से बिलिंग सिस्टम में स्वचालित रूप से त्वरित भार वृद्धि सुनिश्चित हो रही है, जिससे कंपनी के मानव संसाधन के साथ ही उपभोक्ताओं के समय और श्रम की भी बचत हो रही है। कंपनी के महाप्रबंधक (सूचना प्रौद्योगिकी) अभिषेक मार्तंड ने बताया है कि ऐसे उपभोक्ता जिनके कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि के उपरांत फेस परिवर्तन अथवा मीटर बदलने की आवश्यकता होगी, उनके लिए ये सुविधा लागू नहीं है। गौरतलब है कि विद्युत उपभोक्ता कंपनी द्वारा स्वीकृत विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग करते हैं जिससे कम्पनी की विद्युत अधोसंरचना अतिभारित हो जाती है जो कि अनावश्यक रूप से विद्युत व्यवधानों का कारण बनती है। अतः सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे स्वेच्छा से अपने विद्युत भार की वृद्धि करा लें जिससे कम्पनी द्वारा भार अनुरूप उपयुक्त विद्युत अधोसंरचना का विकास कर बेहतर एवं निर्बाध विद्युत प्रदाय सुनिश्चित किया जा सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी सम्मानीय विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर के वास्तविक विद्युत भार के अनुरूप अपने कनेक्शन की भार वृद्धि कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/apply/other/services पर ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृत कराना सुनिश्चित करा लें। इसके लिए उन्हें तुरंत कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।  

रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेन की घोषणा, MP के इन स्टेशनों से मिलेगी सुविधा

भोपाल   रक्षाबंधन के दौरान भोपाल व इंदौर से आने वाली सभी ट्रेनों में रिजर्वेशन फुल हो चुका है। ऐसे में रेलवे  ने अभी एक स्पेशल ट्रेन का ऐलान कर सतना-रीवा के यात्रियों को थोड़ी राहत दी है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर यात्रियों की सुविधा के लिए रीवा-रानी कमलापति-रीवा एक-एक ट्रिप सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इस स्पेशल ट्रेन में एसी क्लास, स्लीपर क्लास और जनरल क्लास के कोच रहेंगे। ट्रेन दोनों दिशाओं में सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना, विदिशा हाल्ट लेकर गन्तव्य को जाएगी। शनिवार से यात्री ट्रेन में रिजर्वेशन करा सकते हैं। यह होगा आने-जाने का समय गाड़ी संख्या 02190 रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट शुक्रवार 08 अगस्त को रीवा स्टेशन से 12.30 बजे प्रस्थान कर, 1.20 सतना, 1.50 मैहर, 2.50 कटनी मुड़वारा, 4.10 दमोह, 5.15 सागर, 6.45 बीना, 7.50 विदिशा और रात 9.15 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 02159 रानी कमलापति-रीवा सुपरफास्ट शुकवार 3 अगस्त को ही रानी कमलापति स्टेशन से रात 10.15 बजे चलकर, 11.08 बजे विदिशा, 00.20 बीना, 1.30 सागर, 2.40 दमोह, 04.10 कटनी मुड़वारा, 5.35 मैहर, 6.15 सतना और सुबह 7.20 बजे रीवा स्टेशन पहुंचेगी।

तीरथगढ़ मोटल की रौनक लौटेगी: निजी हाथों में गया संचालन का जिम्मा

जगदलपुर बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल तीरथगढ़ जलप्रपात पर स्थित पर्यटन विभाग का वर्षों से बंद पड़ा मोटल अब 30 वर्षों के लिए एक निजी संस्था को लीज पर सौंपा गया है. यह कदम उस मोटल को फिर से शुरू करने की दिशा में उठाया गया है, जो कभी चित्रकोट की तर्ज पर पर्यटकों को सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन कुप्रबंधन और उदासीनता के चलते कभी सक्रिय नहीं हो सका. वर्तमान में मोटल में रिनोवेशन का कार्य जोरों पर है. भवन की मरम्मत के साथ-साथ परिसर में नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं, ताकि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों को रात्रि विश्राम व भोजन की सुविधा मिल सके. शुरू होने के एक वर्ष बाद ही हो गया था बंद दस साल पहले चित्रकोट की तर्ज पर तीरथगढ़ में भी पर्यटकों के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था को लेकर पर्यटन विभाग ने एक बहुप्रतीक्षित योजना बनाई थी. लेकिन निर्माण के दौरान ही यह भवन कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो गया. कई सालों बाद जब इमारत तैयार हुई, तब भी संचालन को लेकर विभाग ने रुचि नहीं दिखाई. नतीजतन, मोटल उद्घाटन के एक साल के भीतर ही बंद हो गया. इसके बाद इसे एक स्वसहायता समूह को संचालन के लिए सौंपा गया, लेकिन लगातार घाटे के चलते उन्होंने भी एक साल के भीतर हाथ खींच लिए. वर्षों से लटका रहा ताला, अब फिर से होगा आबाद कई सालों से यह मोटल बंद पड़ा था और खंडहर में तब्दील हो चुका था. सीजन के समय भी इसमें सुविधाओं की कमी के चलते पर्यटक नहीं रुकते थे. अब पर्यटन विभाग ने इसे एक निजी संस्था को 30 वर्षों के लिए लीज पर देकर फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है. बहुत जल्द ही यह मोटल आबाद हो सकेगा. स्थानीय ग्रामीण लिंगराज, हेमवती बघेल, पूर्णिमा का मानना है कि मोटल के चालू होने से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. वहीं पिंटू का कहना है कि ’’अगर निजी संस्था इसे सही तरीके से चलाती है, तो यह कांगेर घाटी सहित तीरथगढ़ पर्यटन को नई दिशा दे सकता है.’

जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार है संकल्पित : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट भोपाल उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा कि महानगर और शहर ही नहीं बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के संर्वागीण विकास के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिले, आवागमन बेहतर हो, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो और आम जनमानस बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए हमारी सरकार दिन-प्रतिदिन काम कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया की निर्वाचित वार्ड पंच एवं सरपंच महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। ब्लॉक बिछिया की जनजातीय वर्ग की महिलाओं प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को अपना परिचय दिया और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री देवड़ा से बिछिया विकासखंड से आईं निर्वाचित महिला वार्ड पंच और सरपंचों के महिला प्रतिनिधियों द्वारा अपने गांवों की जमीनी जानकारियों को उनके समक्ष रखा। महिला प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कान्हा नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्र से आती हैं, जहाँ विस्थापन की बार-बार उठती आशंकाओं ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि “हम अपने गांव नहीं छोड़ना चाहते”। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विस्थापन को लेकर ऐसा कोई मसौदा फिलहाल नहीं है और आपको और क्षेत्रवासियों को बिलकुल भी घबराने और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संवाद के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने जंगलों में फैल रही लेंटाना जैसी आक्रामक झाड़ी की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि लेंटाना जहां एक ओर अन्य वनस्पतियों को समाप्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ते हमलों और जंगल उत्पादों पर निर्भर आमदनी में गिरावट भी हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने उनकी इस समस्या को गंभीरता से सुना शीघ्र निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। भावुक हुए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा जनजातीय महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान देवड़ा ने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक छोटे किसान के पुत्र हैं और आज इन महिला नेताओं को देखकर उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के दिन याद आ गए। इस आत्मीय संवाद के अंत में महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें मंडला में माँ नर्मदा के दर्शन और सभी के साथ एक दिन की चर्चा के लिए मण्डला प्रवास के लिये आमंत्रण भी दिया, जिसे उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने स्वीकार किया। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात हेड ऑफिस, भोपाल एवं मण्डला कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

ग्राम राँपा में हैंडपंप के जल स्रोत में क्लोरीनेशन से ग्रामीणों को मिला स्वच्छ जल का तोहफ़ा

एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम राँपा के निवासियों के लिए अब पीने का पानी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और स्वच्छ हो गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम में स्थापित हैंडपंप के जल स्रोत में क्लोरीनेशन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से जल में उपस्थित हानिकारक जीवाणुओं और कीटाणुओं को प्रभावी ढंग से नष्ट किया गया, जिससे अब ग्रामीणों को संक्रमण मुक्त एवं गुणवत्ता युक्त पेयजल मिल रहा है। क्लोरीनेशन की यह पहल ग्रामवासियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से एक बड़ा और कारगर कदम है, जिससे ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से बचाव में सीधा लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि अब तक कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी रहती थी, विशेषकर गर्मियों और बरसात के मौसम में जब जल स्रोतों में प्रदूषण की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा समय रहते इस पहल को अमल में लाना अत्यंत सराहनीय है। विभाग द्वारा नियमित निगरानी, पानी के सैंपल परीक्षण और आवश्यकतानुसार क्लोरीन का उपयोग कर जल स्रोतों को शुद्ध बनाया गया है, जिससे न केवल पेयजल की गुणवत्ता में सुधार आया है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए प्रसन्नता जताई है। उनका कहना है कि पहले हैंडपंप के पानी में हल्की दुर्गंध और अस्वच्छता की शिकायत रहती थी, जिससे उन्हें पीने के लिए पानी उबालना पड़ता था। अब क्लोरीनेशन के बाद पानी की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखने को मिल रहा है और बीमारियों की आशंका भी कम हो गई है। इस पहल ने ग्रामवासियों के जीवन में नई उम्मीदें और स्वास्थ्य के प्रति विश्वास जगाया है। स्वच्छ जल दृ स्वस्थ जीवन के मंत्र को साकार करती यह योजना सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों को स्वास्थ्य-सुरक्षा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट

जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार है संकल्पित : उप मुख्यमंत्री  देवड़ा उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा: सरकार का हर निर्णय अंतिम व्यक्ति के हित में होगा, यही हमारा संकल्प  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि महानगर और शहर ही नहीं बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के संर्वागीण विकास के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिले, आवागमन बेहतर हो, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो और आम जनमानस बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए हमारी सरकार दिन-प्रतिदिन काम कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया की निर्वाचित वार्ड पंच एवं सरपंच महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। ब्लॉक बिछिया की जनजातीय वर्ग की महिलाओं प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को अपना परिचय दिया और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा से बिछिया विकासखंड से आईं निर्वाचित महिला वार्ड पंच और सरपंचों के महिला प्रतिनिधियों द्वारा अपने गांवों की जमीनी जानकारियों को उनके समक्ष रखा। महिला प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कान्हा नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्र से आती हैं, जहाँ विस्थापन की बार-बार उठती आशंकाओं ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि “हम अपने गांव नहीं छोड़ना चाहते”। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विस्थापन को लेकर ऐसा कोई मसौदा फिलहाल नहीं है और आपको और क्षेत्रवासियों को बिलकुल भी घबराने और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संवाद के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने जंगलों में फैल रही लेंटाना जैसी आक्रामक झाड़ी की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि लेंटाना जहां एक ओर अन्य वनस्पतियों को समाप्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ते हमलों और जंगल उत्पादों पर निर्भर आमदनी में गिरावट भी हो रही है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने उनकी इस समस्या को गंभीरता से सुना शीघ्र निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। भावुक हुए उप मुख्यमंत्री देवड़ा जनजातीय महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान  देवड़ा ने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक छोटे किसान के पुत्र हैं और आज इन महिला नेताओं को देखकर उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के दिन याद आ गए। इस आत्मीय संवाद के अंत में महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें मंडला में माँ नर्मदा के दर्शन और सभी के साथ एक दिन की चर्चा के लिए मण्डला प्रवास के लिये आमंत्रण भी दिया, जिसे उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने स्वीकार किया। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात हेड ऑफिस, भोपाल एवं मण्डला कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।