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योगी सरकार का कड़ा कदम: आधुनिक वज्र वाहनों से बढ़ेगी यूपी पुलिस की ताकत

लखनऊ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सौगात देते हुए दंगा नियंत्रण के लिए 9.70 करोड़ रुपये के वज्र वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है। इसके तहत संवेदनशील शहरों में वज्र वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी आपात स्थिति में पुलिस प्रभावी नियंत्रण कर सके। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कई मौकों पर प्रदेश में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के सामने कड़ी चुनौती होती है। लेकिन अब कैबिनेट ने वज्र वाहनों की खरीद के लिए 9.70 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करके इस चुनौती से निपटने का प्रयास किया है। बता दें कि पिछले साल भी उत्तर प्रदेश पुलिस को 41 दंगा नियंत्रण वाहनों के लिए बजट स्वीकृत किया गया था।   कैबिनेट की तरफ से कौन-कौन से प्रस्ताव पास हुए? -निदेशक, सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा निदेशालय का त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2019-20 को राज्य विधान मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाना। -राज्य संपत्ति विभाग के स्टाफ पूल के नीलाम किए गये 14 वाहन के बदले 14 नये वाहनों की खरीद।

एसआईआर में आपके मन के सभी कन्फ्यूज़न दूर—यहाँ मिलेंगे सरल जवाब

एसआईआर के दौरान मन में उठने वाले सवालों के समझिए आसान जवाब भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में चल रही है मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया भोपाल भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। 4 नवंबर से बीएलओ मतदाताओं के घर घर जाकर गणना पत्रक का वितरण कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर मतदाताओं के मन में कई सवालों को लेकर असमंजस की स्थिति भी है। जानिए मतदाताओं के मन में उठने वाले सवालों का आसान जवाब सवाल और उनके जवाब प्रश्न 1- क्या गणना अवधि में गणना पत्रक के साथ कोई दस्तावेज निर्वाचक से लेना है ? उत्तर – गणना अवधि में बीएलओ द्वारा कोई दस्तावेज निर्वाचन से प्राप्त नहीं किया जाएगा। प्रश्न 2 – यदि कोई निर्वाचक अपना फार्म किन्हीं कारणों से प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो उसको निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने के लिए क्या विकल्प हैं? उत्तर-   ऐसे व्यक्ति प्रारूप 6 में घोषणा पत्र के साथ अपना आवेदन नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रश्न 3 अजिन निर्वाचकों का गणना फार्म प्राप्त नहीं होगा उनका नाम प्रारूप निर्वाचक नामावली में सम्मिलित होगा या नहीं तथा इसकी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होगी या नहीं? उत्तर  जिन निर्वाचकों का गणना पत्रक प्राप्त नहीं होगा उन्हें एब्सेंट/ शिफ्टेड / डेड/ रिपीटेड के रूप में बीएलओ द्वारा पड़ोसी से जांच कर चिंहांकित कर सूचीबद्ध किया जाएगा तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाइट पर प्रारूप निर्वाचक नामावली प्रकाशन के समय ही प्रदर्शित किया जाएगा। बीएलओ यह सूची अनिवार्यत: बनाएंगे तथा बीएलओ एप पर भी इसकी प्रविष्टि करेंगे। प्रश्न 4 क्या घर-घर जाकर गणना के समय कोई भी नए इलेक्टर के रूप में अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है? उत्तर – हां कर सकता है उसे प्रारूप 6 के साथ घोषणा फॉर्म भरना होगा। प्रश्न 5 1 अप्रैल 1 जुलाई तथा 1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि में अग्रिम आवेदन प्राप्त किया जा सकते हैं ? उत्तर -हां प्रश्न 6 गणना अवधि में बीएलओ के मुख्य कार्य क्या हैं? उत्तर -गणना पत्रकों का वितरण -पूर्व एसआईआर से लिंकिंग का कार्य                     भरे हुए प्रपत्रों के संग्रहण का कार्य                     गणना पत्रक पर पिछले एस आई आर मतदाता सूची से सत्यापन का कार्य                     बीएलओ एप में गणना पत्रक से प्रविष्टि का कार्य                     एब्सेंट/ शिफ्टेड / डेथ/ रिपीटेड अंकित करने का कार्य                     समस्त भरे हुए गणना पत्रक एआरओ को सौंपने का कार्य। प्रश्न 7 बीएलओ गणना प्रपत्र में कितनी प्रति में प्राप्त करेगा? उत्तर-   बीएलओ गणना प्रपत्र दो प्रतियों में निर्वाचक  को प्रदान करेगा जिसकी एक प्रति प्राप्त करते हुए दूसरी प्रति पर निर्वाचक को पावती देगा अर्थात एक प्रति बीएलओ के पास तथा एक प्रति निर्वाचक के पास रहेगी। प्रश्न 8 यदि किसी निर्वाचक द्वारा ऑनलाइन गणना पत्रक प्रस्तुत किया है तो उसका वेरिफिकेशन कौन करेगा? उत्तर -निर्वाचन द्वारा भरे गए ऑनलाइन गणना पत्रक सीधे बीएलओ ऐप में लिंकिंग सहित प्रदर्शित होते हैं अतः बीएलओ द्वारा घर-घर विजिट के दौरान उसका सत्यापन अंकित किया जाएगा। प्रश्न 9 बीएलओ पूर्व एसआईआर की निर्वाचक नामावली से लिंकिंग के अतिरिक्त भी अन्य दस्तावेजों की घर-घर जांच विजिट के दौरान करेंगे? उत्तर -नहीं केवल पूर्व एस आई आर के निर्वाचक नामावली से जांच कर सत्यापन करना है। प्रश्न 10 -क्या घर-घर गणना विजिट के दौरान कोई नोटिस दिया जाना है? उत्तर -गणना विजिट के  दौरान कोई नोटिस नहीं दिया जाना है। प्रश्न 11-किसी निर्वाचक की मृत्यु हो गयी है तो क्या उसका मृत्यु प्रमाण पत्र परिवार से ले सकते हैं? उत्तर -हां। प्रश्न 12 किसी निर्वाचक का नाम पूर्व की एसआईआर की मतदाता सूची में है अथवा नहीं है तो उसका प्रपत्र में लिंकिंग किस प्रकार अंकित की जाएगी? उत्तर -1 पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में मतदाता का विवरण उपलब्ध होने पर तीसरी सारणी के बाएं भाग "एसआईआर  की मतदाता सूची में मतदाता का विवरण" में चाहा गया विवरण अंकित किया जाएगा इसमें प्रविष्टि वही होगी जो पूर्व एस आई आर की नामावली में अंकित है।  2- यदि निर्वाचक का नाम पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में अंकित नहीं है तथा उसके पिता /माता /दादा/ दादी जो पूर्व एस आई आर की निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो का विवरण पूर्व की एस आई आर की निर्वाचक की नामावली में अंकित किया जाएगा। प्रश्न 13 -किसी निर्वाचक द्वारा अपूर्ण फॉर्म भरा जाता है या लिंकिंग की जानकारी सत्यापित नहीं होती है तो उसका हस्ताक्षर/ अंगूठे के निशान वाला फार्म प्राप्त किया जाना है या अथवा नहीं ? उत्तर -किसी भी निर्वाचन का हस्ताक्षर/ अंगूठे के निशान वाला फॉर्म अनिवार्यतः प्राप्त किया जाना है ।संवीक्षा की कार्यवाही प्रारूप प्रकाशन के उपरांत की जाएगी। प्रश्न 14 -किसी निर्वाचक द्वारा अपूर्ण फॉर्म भरा जाता है या लिंकिंग की जानकारी सत्यापित नहीं होती है तथा फार्म प्राप्त होने पर क्या प्रविष्टि प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल होगी? उत्तर -हां प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल होगी।

किसानों के लिए खुशखबरी: MP के तीन जिलों में घर तक खाद डिलीवरी सेवा शुरू

विदिशा ई-टोकन उर्वरक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अब किसानों को एक और सुविधा मिलने जा रही है। खाद की बुकिंग के दौरान ही किसान अब होम डिलीवरी के लिए भी बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए किसान से न्यूनतम किराया लिया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल डबल लॉक केन्द्र के पांच किलोमीटर क्षेत्र के गांव तक उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत विदिशा के अलावा शाजापुर और जबलपुर इन तीन जिलों में होम डिलीवरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए डबल लॉक केन्द्रों के पांच किलोमीटर क्षेत्र के गांवों को चिहिंत किया जा रहा है जहां यह सुविधा शुरू की जानी है। यह सुविधा शुरू होने से छोटे सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिनके पास ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि वाहन नहीं होते। उन्हें फिलहाल किराये से वाहन करके खाद अपने गांव तक ले लाना पड़ता हैं।   किसानों को मिलेगी महंगे किराए से मुक्ति कई बार वाहन नहीं मिलने से भी उन्हें परेशान होना पड़ता है या वाहन चालक को मनमाफिक किराया देना पड़ता है। वर्तमान में पांच किलोमीटर दूर तक खाद की बोरियां पहुंचाने के लिए ऑटो चालक 500 रुपये तक किराया वसूलते हैं। यदि किसी सीमांत किसान को कम खाद ले जाना है तो उन्हें किराया भाड़ा महंगा पड़ जाता है। योजना लागू होने से इन सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। वहीं उनके समय की भी बचत होगी। योजना सफल रही तो हो सकती है प्रदेश में लागू फिलहाल प्रदेश के तीनों जिलों के एक-एक केन्द्र पर योजना शुरू करने की तैयारी चल रही है। विदिशा मुख्यालय पर रामलीला मैदान के पास स्थित डबल लॉक केन्द्र के आसपास आठ गांव चिन्हित किए गए हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा और योजना सफल रही हो आगे इसे प्रदेश भर में लागू किया जा सकता है। कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उप संचालक केएस खपेड़िया का कहना है कि हमने फिलहाल एक केन्द्र के अंतर्गत आने वाले आठ गांव चिंहित कर भेज दिए हैं। जल्दी ही योजना शुरू की जा सकती है।

धनकुटाई पर किसान की तरकीब सफल, पुलिस ने धान चोर को किया गिरफ्तार

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के गीलारोपा गांव में एक युवक धान की चोरी करते हुए पकड़ाया है। जिसे पुलिस ने 151 की क़ायमी कर जेल भेज दिया है। बताया गया है कि गीलारोपा निवासी श्रीराम पटेल बड़े किसान हैं। उनकी जमीन में करीब एक हजार क्विंटल धान का उत्पादन हुआ है। यह धान किसान के घर के आगे मैदान में फैलाकर सूखने के लिए करीब पंद्रह से रखी है। बीते कुछ दिनों से धान के ढेरियों में से चोरी का संदेह किसान को हो रहा था। ऐसे में किसान ने बीते शुक्रवार को सीसीटीवी कैमरे लगवाए। शाम को टेक्नीशियन कैमरे लगा कर गया। रात में एक युवक आया और धान की ढेरियों में से बोरियां भर कर ले गया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई। किसान ने सुबह कैमरे चेक किए तो यह घटना दिखाई दी।   एक ही दिन में किसान का चोरी हुआ डेढ़ दो क्विंटल धान युवक की पहचान प्रीतम पुत्र रामकिशन अहिरवार उम्र 25 वर्ष निवासी गीलारोपा के तौर पर हुई, जिसे किसान और उसके परिजन पकड़ कर पुलिस थाने ले गए। जहां पुलिस ने युवक पर 151 कायम कर मुंगावली एसडीएम कार्यालय भेजा। जहां से युवक को जेल भेज दिया गया है। किसान का कहना है कि शुक्रवार रात को करीब डेढ़ दो क्विंटल धान चोरी हुई है। उन्हें शक है कि युवक लगातार धान चोरी कर रहा था, जिससे और पूछताछ होनी चाहिए।

अयोध्या बनेगी डेवलपमेंट का रोल मॉडल: 2031 तक आधुनिक सुविधाओं से लैस आध्यात्मिक सिटी का खाका तैयार

लखनऊ अयोध्या आज विश्व के मानचित्र पर धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विकसित शहर के रूप में समृद्धि और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है. अयोध्या के विकास का श्रेय उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी और दृढ़संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है. श्रीराम मंदिर के निर्माण के पहले से ही सीएम योगी अयोध्या को उसके गौरवशाली इतिहास को पुन: वापस दिलाने के लिए योजना पर काम कर रहे हैं. अयोध्या में आज देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादाद में आ रहे हैं और अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में रामनगरी के विकास के लिए अनेकों प्लान बनाए गए हैं और उसको विभिन्न विभागों के साथ मिलकर धरातल पर उतारा जा रहा है. अयोध्या मास्टर प्लान 2031 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया और उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए. शहर के नगर नियोजन के लिए 1000 करोड़ से ज्यादा धनराशि उपलब्ध कराकर एक व्यापक शहरी खाका खींचा. ये मास्टर प्लान 133.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास की योजनाओं को मूर्त रूप दे रहा है. इसे भी पढ़ें- जेब भारी रखना, क्योंकि ढ़ीली होने वाली है… टोल टैक्स भुगतान के नियमों में बदलाव, FASTag फेल हुआ तो लगेगी तगड़ी चपत इसके जरिए अयोध्या को एक आधुनिक, सतत, और आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि रामनगरी में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जाए. अयोध्या में जनवरी-जून, 2025 के बीच करीब 24 करोड़ पर्यटक आए. अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा. यही वजह है कि अयोध्या में पर्यटकों की हर सुख सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है. इसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि सड़कों, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आवास और हरित क्षेत्रों के उन्नयन पर विशेष फोकस रहे. अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के तहत 1407 एकड़ में 2180 करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल टाउनशिप विकसित हो रही है. इस टाउनशिप योजना का विकास वैदिक प्रस्तार योजना के तहत हो रहा है. इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटकों की संख्या और जनसंख्या दबाव को संतुलित ढ़ंग से प्रबंधित करना है. महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. रामलला के दर्शन के लिए न केवल देश बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं. ऐसे में अयोध्या में एक अत्याधुनिक हवाई अड्डे की भी आवश्यकता थी. इसी को ध्यान में रखते हुए डबल इंजन सरकार ने 1450 करोड़ की लागत से आधुनिक एयरपोर्ट का विकास किया. महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2023 से सफलतापूर्वक संचालित है. इस एयरपोर्ट में 6000 वर्ग मीटर का टर्मिनल और बड़े विमानों के लिए रनवे है. यह एयरपोर्ट अयोध्या को भारत के प्रमुख शहरों और अंतरराष्ट्रीय शहरों से जोड़ता है. अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन अयोध्या में आने वाले पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया गया है. रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाया गया है. इस रेलवे स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा और प्रतीक्षालय जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं. ये रेलवे स्टेशन लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है. आउटर रिंग रोड अयोध्या शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए 67.17 किलोमीटर लंबी, 4/6 लेन की अयोध्या आउटर रिंग रोड परियोजना पर काम हो रहा है. यह परियोजना लगभग 3,935 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और पड़ोसी जिलों लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बस्ती और गोंडा से आने वालों को सुविधाजनक यातायात व्यवस्था देना है. इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों सुविधाजनक संपर्क स्थापित करना है. राम की पैड़ी का आधुनिकीकरण पर्यटकों को अयोध्या आकर दिव्यता और भव्यता का अनुभव हो इसके लिए करीब 24 करोड़ की लागत से राम की पैड़ी का कायाकल्प किया गया है. इसमें 350 मीटर लंबी सीढ़ी, 20000 दर्शकों के लिए विशाल दर्शक दीर्घा और मिनी एम्पीथिएटर को बनाया गया है. इसमें दर्शकों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण किया गया है जिसमें भगवान राम की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं. गुप्तार घाट पुनर्विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही परिणाम है कि जो गुप्तार घाट पहले उपेक्षित था आज वही घाट सुंदरता का प्रतिमान बन गया है. लगभग 77 करोड़ की लागत से गुप्तार घाट को पुनर्विकसित किया गया है. इसमें लगभग 1 किमी लंबा तटबंध, खुला रंगमंच, पार्क और आधुनिक जलक्रीड़ा और नौकायन सुविधाएं उपलब्ध हैं. होटल और आवास सुविधाएं करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुख सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख होटल कंपनियां 350 करोड़ से अधिक का निवेश कर रही हैं. इससे अयोध्या में न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा. अयोध्या की प्राचीनता को अक्षुण्ण रखने के लिए योगी सरकार का विशेष निर्देश है. इसी वजह से राम कथा संग्रहालय, तुलसी स्मारक भवन, परिक्रमा मार्ग विकास को संरक्षित और संवर्धित किया गया है. इसी तरह पर्यटकों को वाहन पार्किंग में असुविधा न हो उसके लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग का भीड़भाड़ वाली जगहों पर निर्माण किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास को लेकर दृढ़संकल्पित हैं. आने वाले समय में अयोध्या का विकास पूरी दुनिया में रोल मॉडल बनकर उभरने वाला है.

266 करोड़ की केशकाल बाइपास सड़क परियोजना में अड़चन

रायपुर बस्तर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले नेशनल हाईवे क्रमांक 30 में केशकाल घाट के विकल्प के रूप में 266 करोड रुपए की लागत से बनने वाली फोरलेन सड़क 7 साल बाद भी अधूरी पड़ी है. इस परियोजना को बनाने के लिए राजमार्ग विभाग को स्क्रीनिंग कमेटी नई दिल्ली से हरी झंडी का इंतजार है. इधर केशकाल घाट में लगने वाले जाम से प्रतिदिन कम से कम 20 हजार लोग परेशान हो रहे हैं. 11.38 किमी लंबी फोरलेन युक्त बाइपास सड़क को बनाने का कार्य 7 साल पहले शुरू किया गया था, किंतु ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया, इसलिए कार्य अधूरा पड़ा है. बताया गया कि वर्ष 1918 में केशकाल घाट के चौथे मोड़ से लेकर सिंघनपुर की तरफ 11.38 किमी लंबी बाइपास सड़क बनाने का ठेका राजमार्ग विभाग ने मुंबई की वालेचा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था. उसने अपना यह कार्य चेन्नई की किसी श्रीराम कंट्रक्शन को दे दिया था. करीब ढाई किमी लंबा अर्थवर्क करने के बाद यह कंपनी कारोबार समेटकर भाग गई है. तब से बाइपास का निर्माण अधूरा पड़ा है. 6 महीने पहले भेजी गई है फाइल बताया गया कि 266 करोड रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबी बाईपास सड़क को फोर लाइन करना है. इस मार्ग में दो बड़े पुल और सात मध्यम पुल का निर्माण भी किया जाना है. पूरी फॉर्मेलिटी करने के बाद रिपोर्ट नईदिल्ली स्थित स्क्रीनिंग कमेटी को भेजी गई है. बताया गया की 6 महीने पहले भेजी गई इस रिपोर्ट पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है इसलिए बाईपास निर्माण शुरू नहीं हो पाया है. 20 हजार से अधिक लोगों की आवाजाही इधर केशकाल घाट में लगातार जाम लगने की वजह से हजारों लोग परेशान हो रहे हैं बताया गया कि प्रतिदिन कम से कम 20 हजार लोग केशकाल घाट होकर आना-जाना करते हैं इसलिए नेशनल हाईवे क्रमांक 30 को बस्तर की जीवन रेखा कहा जाता है. इस संदर्भ में बस्तर का नागरिकों का कहना है कि बाईपास निर्माण के लिए भी बड़े आंदोलन की दरकार है. 6.97 करोड से संवर रही बस्तर की सड़क केशकाल नगरवासियों द्वारा आंदोलन और चक्का जाम करने के बाद अब राजमार्ग विभाग ने केशकाल की सड़क मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है. इसके लिए 6 कार्य तेजी से जारी है. इस संदर्भ में लोगों का कहना है कि शासन को लोगों की समस्या नजर क्यों नहीं आती. हर बार सरकार को जगाने के लिए जनआंदोलन जरूरी हो गया है.

बिजली बिल में मिलने वाली राहत की तैयारी पूरी: 14 जिलों में 1 दिसंबर से शुरू होगी नई व्यवस्था

लखनऊ उत्तर प्रेदश में योगी सरकार 14 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने जा रही है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से जुड़े मेरठ समेत 14 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की ओर से बिजली बिल राहत योजना 2025-26 लागू की जाने वाली है। प्रदेश के 14 जिलों में एक दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में यह योजना संचालित की जाएगी। पविविवनिलि के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं (एल एम वी- वन) को मिलेगा। इन उपभोक्ताओं के दो किलोवाट तक श्रेणी भार के नेवर पेड एवं लांग अनपेड और विद्युत चोरी के समस्त प्रकरणों में राजस्व निर्धारण में छूट दी जाएगी। योजना से जुड़े प्रमूख बातें     पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी। उपभोक्ता www.uppcl.org, यूपीपीसीएल कंज्यूमर ऐप या जन सुविधा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे।     ओवर बिल उपभोक्ताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे उपभोक्ताओं के बिल औसत खपत के आधार पर संशोधित कर राहत दी जाएगी।     पंजीकरण करने वाले उपभोक्ताओं को बकाया बिलों पर विलंब शुल्क की 100 प्रतिशत माफी मिलेगी।     समय से एकमुश्त भुगतान करने पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ इसके साथ ही वाणिज्यिक श्रेणी के (एल एम वी- टू) एक किलोवाट श्रेणी भार उपभोक्ताओं को भी ऐसी ही छूट का लाभ मिलेगा। यदि उपभोक्ता निर्धारित समयावधि में पंजीकरण कर अपने बिजली बिल का भुगतान करेंगे, उन्हें 25 प्रतिशत तक की राहत और समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

अयोध्या: 25 नवंबर को रामलला दर्शन स्थगित, पीएम मोदी के कार्यक्रम की तैयारी में बदलाव

अयोध्या 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर आ रहे हैं. यहां वे मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे. इस बीच ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है. मंदिर ट्रस्ट ने कहा है कि 25 नवंबर को भक्तों को रामलला के दर्शन नहीं होंगे. ये इसलिए क्योंकि 25 नवंबर के राम मंदिर में पीएम मोदी का कार्यक्रम है. उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत मौजूद रहेंगे. बता दें कि 25 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम से पहले सुरक्षा एजेंसियां मंदिर परिसर पहुंचेंगी. इसी कड़ी में पीएम के प्रवास से 10 दिन पहले यानी आज से मंदिर परिसर की सुरक्षा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) अपने हाथों में ले लेगी. इस संबंध में एसपीजी ने मंदिर निर्माण एजेंसी को भी 12 नवंबर तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया था. जानकारी के मुताबिक मंदिर का काम लगभग पूरा हो चुका है. निर्माण कार्य भी बंद कर दिया गया है. अब फिनिशिंग आदि का कार्य चल रहा है. पीएम मोदी ध्वजारोहण के बाद मंदिर परिसर में भ्रमण करेंगे. लिहाजा पूरे परिसर को खाली कराया जा रहा है. रखी हुई निर्माण सामाग्रियों को भी दूसरी जगह पर रखा जा रहा है. साथ ही परिसर में साज-सज्जा का काम भी शुरू हो चुका है.

झारखंड में ठंड का प्रकोप तेज: 11 जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट

रांची  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को झारखंड के रांची समेत 11 जिलों के लिए 17 नवंबर तक शीतलहर(Cold Wave Alert) की चेतावनी जारी की। आईएमडी ने गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रामगढ़, रांची और हजारीबाग के लिए 17 नवंबर सुबह 8:30 बजे तक ‘येलो अलर्ट' जारी किया। खूंटी सबसे ठंडा आईएमडी के रांची स्थित कार्यालय के उप-निदेशक और मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया, “इन 11 जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।” उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में चतरा, लातेहार, पलामू और गढ़वा जैसे उत्तर-पश्चिमी भागों के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। खूंटी में तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और इसके साथ ही राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। घना कोहरा छाए रहने की संभावना,  दृश्यता होगी प्रभावित वहीं डाल्टनगंज में 9.3 डिग्री सेल्सियस और रांची में 9.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बुलेटिन में बताया गया कि जमशेदपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस, लोहरदगा में 9.7 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में दृश्यता प्रभावित होगी। आईएमडी ने साथ ही लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।

अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण: वनवासी क्षेत्रों के संत समाज को मिलेगा खास सम्मान

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया है कि मंगलवार, 25 नवंबर का दिन, अयोध्या में भगवान राम के विवाह का पारंपरिक पवित्र दिन है। इस दिन, राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर में करीब 12 बजे होगी और फिर ध्वजारोहण किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर लगभग दो बजे संपन्न होगा। कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों को लेकर चंपत राय ने बताया कि इस बार सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश के बंधु-बांधवों को बुलाया गया है। कुल छह हजार लोग आमंत्रित किए गए हैं, जिनमें अयोध्या जनपद से ही तीन हजार लोगों की संख्या हैं। अयोध्या के सभी संत कार्यक्रम में आएंगे, जिनमें जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के संत भी होंगे। अनुमान है कि लगभग एक हजार संत-महात्मा इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। बाकी संपूर्ण पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को आमंत्रित किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव ने बताया कि खासतौर पर वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले संत समाज को बुलाया गया है। हमारी दृष्टि इस बार उस समाज पर है, जो सुदूर जंगलों, वनवासी क्षेत्रों, पर्वतों और समुद्र किनारे के गांवों में निवास करता है। उत्तर में समुद्र नहीं है, लेकिन गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियां हैं। उनके किनारे जीवन यापन करने वाले समाज में से लोगों का चयन किया गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री समेत सभी प्रमुख व्यक्तियों के अयोध्या जिले से दोपहर लगभग 2 बजे या उससे थोड़ा पहले प्रस्थान करने की संभावना है। प्रशासन और हम सभी इस उत्सव के महत्व और इसके व्यस्त कार्यक्रम से अवगत हैं। इससे जनता को कोई असुविधा नहीं होगी। यह हमारी समारोह संबंधी तैयारियों का हिस्सा है।