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मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते खुले बरगी, सतपुड़ा और तवा डैम के गेट तो सुनामी सा दिखा नजारा

भोपाल मध्य प्रदेश में फिर से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है. साइक्लोन सर्कुलेशन, ट्रफ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया बनने की वजह से प्रदेश में अगले 2 दिनों तक मानसून का सिस्टम स्ट्रांग है. मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही शनिवार को 27 जिलों में बाढ़ का खतरा होने की चेतावनी भी जारी की है. प्रदेश में अब तक दीर्घावधि बारिश का 49 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया है. तवा, बरगी, हरसी, बारना और पगरा समेत 60 प्रतिशत डैम भी फुल हो चुके हैं. 10 से अधिक डैमों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. तवा समेत इन डैम के गेट खोले गए नर्मदापुरम में तवा डैम का जलस्तर बढ़ने पर इसके 7 गेट खोले गए हैं. जबकि जबलपुर के बरगी और रायसेन बारना डैम के भी गेट खोले गए. इसके साथ ही सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले गए, मुरैना के पगारा गेट का जलस्तर खतरे के निशान तक पहंचते ही उसके भी 6 गेट ऑटोमैटिक खुल गए. वहीं श्योपुर के औदा डैम, रायसेन के दाहोद टैंक, गुना का गोपीकृष्ण सागर, ग्वालियर का हरसी डैम, ग्वालियर का काकेता डैम, मुरैना का कोतवाल टैंक और शिवपुरी के महुआ डैम समेत अन्य जलाशय लबालब हो चुके हैं. नर्मदापुरम में तवा डैम के 7 गेट 10-10 फीट तक खोले गए हैं। वहीं, बैतूल में सतपुड़ा डैम के 7 गेट 8-8 फीट तक खोले गए हैं। बरगी और बारना डैम के भी गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मंडला में सुबह 9 बजे नर्मदा नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेवल को पार कर 437.2 मीटर पहुंच गया, जिससे माहिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया है। ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि जलभराव के हालात बन गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में पानी भर गया। हजीरा इलाके में पुरानी इमारत ढह गई। शनिवार को 41 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट है। सिंगरौली में स्कूलों की छुट्‌टी रहेगी। सीधी में 24 घंटे में गिरा 5 इंच पानी बंगाल की खाड़ी से उठे लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से कहीं अति भारी और कहीं भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सीधी में 9 घंटे में गिरा 4.8 इंच पानी गिर गया। वहीं, सिंगरौली में 7 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके चलते सिंगरौली के स्कूलों में शनिवार को छुट्‌टी रहेगी। डीईओ ने यह आदेश जारी किए हैं। इसी तरह पचमढ़ी में डेढ़ इंच, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा और गुना पौन इंच, सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, दतिया, रायसेन, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, मऊगंज, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। बाारिश के चलते जबलपुर में बरगी डैम के 7 गेट खोले गए। बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के भी 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। मुरैना जिले में पगारा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया। इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खुल गए। 30 जिलों में तेज बारिश, सिंगरौली में स्कूलों की छुट्टी शुक्रवार को भोपाल, छिंदवाड़ा, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, मंडली, सिवनी और शाजापुर समेत 30 जिलों में जोरदार बारिश हुई. सबसे अधिक बीते 24 घंटों में सिंगरौली में 7 इंच और सीधी में 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश और जलभराव के कारण शनिवार को सिंगरौली जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है. वहीं ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया. राजगढ़ में भी निचली बस्तियों में पानी भर गया. खंडवा, शाजापुर और भोपाल समेत अन्य जिलों में शुक्रवार रात से ही बारिश का दौर जारी है. अगले दो दिनों तक भारी बारिश मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल पर बना अवदाब पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. अगले 48 घंटों के दौरान इसके गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं इससे सटे उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वाेत्तर मध्यप्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. जिससे अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं.'' दिव्या ने बताया कि, ''वर्तमान में एक मानसून द्रोणिका जम्मू, चंडीगढ़, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा, कोलकाता, तटीय पश्चिम बंगाल से अवदाब के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है." रायसेन, रीवा, सतना, पन्ना, दमोह और सागर जिले में अत्याधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही भोपाल, राजगढ़, हरदा, खंडवा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाडी, ग्वालियर और दतिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 27 जुलाई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट अशोकनगर और शिवपुरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 28 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां साढ़े 4 इंच से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. 29 जुलाई … Read more

सीएम योगी ने खोला शिक्षा का नया अध्याय, बोले- अब यूपी में कानून का राज है

उन्नाव  उन्नाव जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के पहले सत्र का बटन दबाकर शुभारंभ किया। उन्होंने नाम लिए बिना सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि आज से आठ साल पहले प्रदेश में अराजकता का माहौल रहता था। महिलाएं, व्यापारी कोई भी सुरक्षित नहीं था। इसके चलते प्रदेश में निवेश भी ठप हो गया था। इधर, भाजपा सरकार में पिछले आठ साल में 1.45 लाख करोड़ का निवेश आया है। इसमें 1.1 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि युवाओं को आधुनिकता और संस्कारयुक्त शिक्षा दें। देश का पहला AI-आधारित विश्वविद्यालय, सीएम योगी ने किया उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उन्नाव में आज देश के पहले एआई-आधारित विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया गया गया। लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर बना यह अत्याधुनिक विश्वविद्यालय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाएगा। सीएम योगी ने आज इसका उद्घाटन किया।  यह परिसर न सिर्फ छात्रों को आधुनिक शिक्षा देगा, बल्कि उन्हें भविष्य की वैश्विक जरूरतों के लिए भी तैयार करेगा। आइए जानते हैं इस विश्वविद्यालय से जुड़ी कुछ खास बातें… एसआई की मदद से होगी पढ़ाई प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि पिछले छह वर्षों में प्रदेश की सरकार ने उच्च शिक्षा और रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया है। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की स्थापना इसी दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है।  टॉप-5 विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल है चंडीगढ़ विश्वविद्यालय  उपाध्याय ने बताया कि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भारत की शीर्ष पांच यूनिवर्सिटी में शामिल है। यहां पर सभी कोर्सेज एआई आधारित टेक्नोलॉजी की मदद से संचालित किए जाएंगे, जिससे छात्र भविष्य की वैश्विक आवश्यकताओं के अनुसार दक्ष बनेंगे। सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लक्ष्य योगी सरकार का मकसद है कि हर छात्र को आसान, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी क्रम में प्रदेश में कई सरकारी और निजि विश्वविद्यालयों की स्थापना भी की गई। इन सभी विश्वविद्यालयों को सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे कोर्स शुरू करें, जो रोजगार देने वाले हों और तकनीक पर आधारित हों। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में क्या खास होगा? चंडीगढ़ विश्वविद्यालय का परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां पढ़ाई पूरी तरह से तकनीक पर आधारित होगी। छात्रों को वैश्विक स्तर का कौशल दिया जाएगा, जिसके लिए खास पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। यह विश्वविद्यालय छात्रों को स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए भी प्रेरित करेगा। इससे युवा नई ऊंचाइयों को छू सकेंगे।  

टाइम पर नहीं ट्रैक पर: गेवरारोड के यात्रियों की परेशानी बनी मेमू ट्रेन

कोरबा रायपुर-गेवरारोड मेमू लोकल शुरू हुए लगभग १० दिन बीत चुके हैं. लेकिन इस अवधि के भीतर एक दिन भी मेमू लोकल गेवरारोड रेलवे स्टेशन तक नहीं पहुंची है. यह एक्सप्रेस ट्रेनों की भी है. इसे लेकर यात्री परेशान हैं. रेलवे प्रबंधन ने 16 जुलाई से रायपुर गेवरारोड मेमू लोकल शुरू किया है. इससे कोयलांचल क्षेत्र के यात्रियों को राहत मिली है. लेकिन जब से गाड़ी शुरू हुई है, तब से एक भी दिन गाड़ी गेवरारोड रेलवे स्टेशन तक समय पर नहीं पहुंची है. इस गाड़ी का रायपुर रेलवे स्टेशन से छूटने का समय दोपहर लगभग 1.50 बजे है. गेवरारोड पहुंचने का तय समय रात 7.30 बजे है. शुक्रवार को मेमू लोकल लगभग 50 मिनट की विलंब से गेवरारोड रेलवे स्टेशन पहुंची. वहीं गुरुवार को लगभग दो घंटे से अधिक देरी से पहुंची थी. इस दौरान यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. यात्री समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच रहे हैं. गाड़ी के विलंब से आने से कई बार यात्रियों को घर जाने के लिए ऑटो तक नहीं मिल पाती है. इससे बांकीमोंगरा, दीपका, हरदीबाजार सहित अन्य आसपास क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में काफी असुविधा हो रही है. यही स्थिति लिंक एक्सप्रेस की भी है. शुक्रवार को लिंक एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय लगभग डेढ़ घंटे देरी से कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंची. जबकि इसका कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचने का निर्धारित सुबह समय 11.15 बजे है. यात्री ट्रेनों के लेटलतिफी को लेकर यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है.

PDA समाज को अखिलेश यादव की बधाई, कहा – संविधान ही हमारा सुरक्षा कवच

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए की राजनीति पर फोकस है. ऐसे में वे पीडीए की हक की लड़ाई लड़ने की बात कहते हैं. यही वजह है कि संविधान दिवस पर उन्होंने एक्स पर पीडीए समाज को बधाई दी है. साथ ही संविधान और आरक्षण को लेकर खास मैसेज भी दिया है. समस्त पीडीए समाज को ‘आरक्षण दिवस’ एवं ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ के साथ ही, अयोध्या में आयोजित प्रथम ‘पीडीए महासम्मेलन’ की अपार सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई! भारत के संविधान की प्रति के सानिध्य में ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ आयोजित करके हम ‘सामाजिक न्याय’ व ‘समता-समानता’ और ‘आरक्षण’ को बचाए-बनाए रखने का अपना संकल्प दोहरा रहे हैं. आगे अखिलेश यादव ने कहा, इसके पीछे यही मूल भावना है कि ‘संविधान-मानस्तंभ’ वस्तुतः ‘पीडीए-प्रकाशस्तंभ’ के रूप में हमारे ‘सामाजिक न्याय के राज’ की स्थापना के संकल्प का मार्ग सदैव प्रकाशित और प्रशस्त करता रहे. जब संविधान बचेगा तभी आरक्षण बचेगा. संविधान ही ढाल है, संविधान ही कवच है.

मध्यप्रदेश में कुपोषण को लेकर हाईकोर्ट सख्त, कलेक्टरों से मांगा जिलावार विवरण

जबलपुर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में कुपोषण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर 54 जिलों के कलेक्टरों को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह याचिका अधिवक्ता दीपांकर सिंह द्वारा दायर की गई, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, मिड डे मील, आंगनवाड़ी और मातृत्व लाभ जैसी योजनाएं कागजी साबित हो रही हैं। याचिका में दावा किया गया है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की संख्या और वास्तविक उपस्थिति में भारी अंतर है। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 21, 39, 45 और 47 का हवाला देते हुए इन योजनाओं को संवैधानिक जिम्मेदारी से जोड़ा है। याचिका में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए फर्जी पंजीकरण, कम उपस्थिति और आपूर्ति में अनियमितताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

कांवड़ यात्रा के अंतिम पड़ाव पर विधायक बोहरा, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जताई सराहना

कवर्धा पंडरिया विधायक भावना बोहरा की 7 दिवसीय कांवड़ पदयात्रा अपने अंतिम चरण में है. इस दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर उन्हें श्रीफल और शॉल भेंटकर कठिन यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं. पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने 21 जुलाई को मध्यप्रदेश के पवित्र नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक से अपनी यात्रा की शुरुआत की थी. 300 से अधिक बम श्रद्धालु के साथ कठिन और टेढ़े-मेढ़े रास्तों से यह पदयात्रा रविवार को भोरमदेव बाबा के दरबार में जलाभिषेक के साथ पूर्ण होगी. भावना बोहरा यात्रा के बीच डोंगरिया पहुँची, जहां रात्रि विश्राम की सुबह सुबह प्राचीन जालेश्वर महादेव मंदिर में जल अर्पण कर भोरमेदव मंदिर के लिए प्रस्थान किया यहां का धार्मिक माहौल शिवभक्तों से सराबोर रहा. इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर विधायक भावना बोहरा से भेंट की. उपमुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने लायक था. “हर हर नर्मदे” और “बोल बम” के जयघोषों से पूरा डोंगरिया क्षेत्र गूंज उठा.

अग्निवीरों को मिलेगा पुलिस सेवा में मौका, यूपी सरकार ने दी 20% आरक्षण की मंजूरी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अग्निवीरों (Agniveer) को यूपी पुलिस बल (UP Police Force) में 20 प्रतिशत आरक्षण (Reservation) देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर उत्तर प्रदेश पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है. सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया. उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए कहा, "आपने 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत की वीरता भी देखी होगी."  राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर यूपी पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।” इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल तक सेवा देने वाले अग्निवीरों को अब राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मिलने लगी है।   'ऑपरेशन सिंदूर' का किया जिक्र सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा, “भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे।” योगी ने यह भी कहा कि उस समय भारत अकेला नहीं था, बल्कि पाकिस्तान को तुर्की, चीन और कई अन्य देशों से समर्थन मिल रहा था। लेकिन भारतीय सेना की वीरता और तेज कार्रवाई के चलते पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा।  CM योगी ने कहा, "भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और पाकिस्तान के सभी आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे." उन्होंने आगे कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. एक तरफ पाकिस्तान को तुर्की, चीन और दुनिया के अन्य देशों से मदद मिल रही थी. लेकिन इन सबके बावजूद, पाकिस्तान भारत की बहादुर सेना के सामने कुछ नहीं कर सका और आखिरकार उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यूपी सीएम ने किया भारतीय सेना का बखान इतना ही नहीं यूपी सीएम ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का बखान करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि आपने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत की वीरता भी देखी होगी. भारतीय वीरों ने सिर्फ 22 मिनट में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए और सभी आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया. पाकिस्तान ने टेके घुटने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूपी सीएम ने कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. पाकिस्तान को तुर्की, चीन जैसे कई देशों को सपोर्ट था, लेकिन इन सबके बावजूद पाकिस्तान, भारतीय सेना के आगे कुछ नहीं कर सका. अग्निवीर को कितनी सैलरी मिलती है? अग्निवीर की नौकरी 4 सालों की होती है. इसमें हर साल की मासिक सैलरी अलग है. अग्निवीर सैलरी स्ट्रक्चर नीचे समझ सकते हैं- अग्निवीर को पहले साल में मासिक सैलरी 30,000 रुपये मिलेगी. इसमें से उम्मीदवार को इनहैंड 21,000 रुपये मिलेंगे. बाकी के 9,000 रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा किए जाएंगे. भारत सरकार इस फंड में अतिरिक्त 9,000 रुपये का योगदान करेगी. नौकरी छोड़ने के बाद यह पूरी राशि उम्मीदवार को एकमुश्त दी जाएगी. इसके बाद दूसरे साल में अग्निवीर की सैलरी 33,000 रुपये मासिक होगी. इसमें से इनहैंड 23,100 रुपये मिलेंगे. फिर तीसरे साल में 36,500 रुपये सैलरी मिलेगी. इसमें से अग्निवीर को इनहैंड 25,550 रुपये दिए जाएंगे. आखिरी यानी चौथे साल में मासिक सैलरी 40,000 रुपये निर्धारित है. लेकिन उसमें से भी इनहैंड 28,000 रुपये ही मिलेंगे.

शौर्य दिवस पर सीएम योगी का नमन, बोले- शहीदों के बलिदान से बना गौरवमयी इतिहास

लखनऊ  कारगिल विजय दिवस 2025 के अवसर पर लखनऊ की कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारत के महान वीर सपूतों को याद करने का दिन है। इस दिन भारत ने ऑपरेशन विजय को पूर्ण करते हुए पाकिस्तान को धूल चटाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। हम भारत के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं। ये दिन भारत की सेना के शौर्य का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध पाकिस्तान ने भारत पर थोपा था जिसका मुंहतोड़ जवाब हमारे वीर जवानों ने दिया। कारगिल एक चुनौतीपूर्ण जगह थी जहां का तापमान माइनस 50 डिग्री होता है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण हालात में भी हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के कायरों को धूल चटा दी। उस समय पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ अमेरिका गए और भारत पर दबाव डालने की कोशिश पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि अमेरिका हो या दुनिया की कोई भी ताकत भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा और अंत में पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा और घुसपैठियों को भागना पड़ा। इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।  

पीजी छात्रा केस में झटका: डॉ. आशीष सिन्हा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने FIR को माना उचित

बिलासपुर मेडिकल की छात्रा को शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने के आरोपी डॉक्टर आशीष सिन्हा को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. हाइकोर्ट ने आदेश में कहा कि आरोपी ऐसे अपराधों से संबंधित हैं, जो गंभीर और संवेदनशील हैं, जिनमें कार्यस्थल पर एक महिला की गरिमा और शारीरिक अखंडता शामिल है. एफआईआर किसी भी तरह से प्रेरित या विलंबित नहीं लगती है. मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की एकलपीठ में हुई. जिसमें याचिकाकर्ता डॉक्टर आशीष सिन्हा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी. आरोपी डॉक्टर ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगे आरोप को खारिज करते हुए सरकारी कर्मचारी होने और गिरफ्तार किए जाने पर करियर बर्बाद होने की दुहाई दी थी. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने मामले में दोनों पक्षों को गंभीरता से सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. आरोपी डॉक्टर के अधिवक्ता ने दलील दी कि जब विशाखा समिति की रिपोर्ट निदेशक, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई और आवेदक के खिलाफ कुछ भी नहीं पाया गया, तो शिकायतकर्ता ने आवेदक को किसी भी तरह से फंसाने के लिए एफआईआर दर्ज कराई. आवेदक की अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण उनके प्रति रंजिश भी थी, इसलिए उनका वजीफा रोक दिया गया था. वह एक सरकारी कर्मचारी हैं, और यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो उनका करियर बर्बाद हो जाएगा, उन्हें अग्रिम जमानत दी जा सकती है. दूसरी ओर सरकारी वकील अमित वर्मा ने आवेदक के वकील द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्क का विरोध करते हुए कहा कि चूँकि शिकायतकर्ता, जो एक महिला डॉक्टर और पीजी छात्रा भी है, के शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से संबंधित है और प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि आवेदक ने ऊपर बताए गए अपराध किए हैं, आवेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामला जाँच के अधीन है, इसलिए आवेदक अग्रिम जमानत पाने का हकदार नहीं है. आपत्तिकर्ता/शिकायतकर्ता की ओर से उपस्थित वकील मधुनिशा सिंह ने अग्रिम जमानत आवेदन का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि शिकायतकर्ता एक होनहार छात्रा है, और रूस के एक मेडिकल कॉलेज से मेडिसिन की डिग्री में स्वर्ण पदक विजेता छात्रा है. आवेदक ने शुरू से ही शिकायतकर्ता पर बुरी नजर रखी और गंदी और घटिया टिप्पणियाँ कीं. उसे परीक्षा में फेल करने और उसका करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई. शिकायतकर्ता ने अपने ही विभाग के अधिकारियों के समक्ष शिकायत करने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उसे मजबूरन एफआईआर दर्ज करानी पड़ी. विशाखा समिति ने भी पाया है कि आवेदक अपने ऊपर लगे आरोपों में दोषी है. इससे पहले सिकल सेल संस्थान, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और महिला कर्मचारियों ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ महिलाओं को परेशान करने, गाली देने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके अलावा वित्तीय अनियमितताएं करने का भी आरोप है. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना और केस डायरी का अवलोकन किया और आदेश में कहा आवेदक के विरुद्ध लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं. केस डायरी के साथ संलग्न दस्तावेजों से पता चलता है कि शिकायतकर्ता द्वारा आवेदक के विरुद्ध कई शिकायतें की गई थीं, और विभाग की विशाखा समिति ने भी एक जाँच की है. रिपोर्ट में यद्यपि इस आशय का कोई प्रत्यक्ष निष्कर्ष नहीं है कि आवेदक अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों का दोषी है, तथापि, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट से ऐसा प्रतीत होता है कि आवेदक ने शिकायतकर्ता पर टिप्पणी करने का प्रयास किया है, जो एक चिकित्सक जैसे महान पेशे के लिए, और वह भी विभागाध्यक्ष होने के नाते, अनुचित था. कोर्ट ने आदेश में कहा कि आवेदक द्वारा गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या निष्पक्ष जाँच में बाधा डालने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. प्राथमिकी किसी भी तरह से प्रेरित नहीं लगती है, और उसमें घटनाओं का वर्णन प्रथम दृष्टया मामला दर्शाता है. आदेश में जाँच के प्रारंभिक चरण में है, और इस स्तर पर केस डायरी में उपलब्ध सामग्री के आधार पर अग्रिम जमानत खारिज की जाती है.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गांव पहुँचकर प्रदान किया प्रमाण पत्र

रायपुर : ग्राम जिंदा को मिला छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त गांव होने का गौरव ग्राम जिंदा को मिला छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त गांव बना जिंदा, स्वास्थ्य मिशन में बड़ी उपलब्धि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गांव पहुँचकर प्रदान किया प्रमाण पत्र रायपुर टीबी मुक्त भारत अभियान को सशक्त आधार देते हुए कबीरधाम जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले की ग्राम पंचायत जिंदा को प्रदेश का पहला टीबी मुक्त ग्राम घोषित किया गया है। इस उपलब्धि को मान्यता प्रदान करते हुए आज प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्राम जिंदा पहुँचकर ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए टीबी मुक्त भारत अभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गंभीरता से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी जिसे पहले एक गंभीर बीमारी माना जाता था, अब आधुनिक चिकित्सा, टीकों, दवाइयों और जनसहभागिता के चलते नियंत्रण और समाप्ति की दिशा में है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य अभियान की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि उसमें समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले में 84 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित होना इसी सामाजिक सहभागिता और प्रशासनिक सक्रियता का प्रमाण है। जायसवाल ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की भूमिका की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सतत निगरानी, सजगता और नेतृत्व में जिले को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम जिंदा को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गांव प्रदेश के लिए एक प्रेरणा बन गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम जिंदा की सक्रियता, सजगता और सामूहिक प्रयासों के चलते यह संभव हो सका है। उन्होंने जानकारी दी कि कबीरधाम जिले की कुल 84 ग्राम पंचायतें अब तक टीबी मुक्त हो चुकी हैं, जो कि प्रदेश ही नहीं, देश के लिए भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में नए हितग्रहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, सहित कई जनप्रतिनिधिगण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले में निक्षय मित्र योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जिसमें जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए टीबी मरीजों को नियमित दवा और पोषण सहायता उपलब्ध कराई गई। इसी मॉडल को आधार बनाकर टीबी की रोकथाम और मरीजों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया गया।