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बम धमकी से मेरठ में सनसनी, 10 स्कूलों को बनाया गया निशाना

  मेरठ,  उत्तर प्रदेश के मेरठ में बुधवार सुबह कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ईमेल के माध्यम से स्कूलों को धमकी भेजी गई है। दावा किया गया है कि स्कूल परिसर में कई जगह विस्फोटक छिपाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, मेरठ के 10 स्कूलों को बुधवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल आया था, जिनमें सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल, केएल इंटरनेशनल स्कूल और मेरठ पब्लिक स्कूल सहित 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल में दावा किया गया कि स्कूल परिसर में कई जगह विस्फोटक छिपाए गए हैं। साथ ही उन्होंने स्कूल को ‘खूनी मंजर’ में बदलने की धमकी दी। मेरठ स्कूल फेडरेशन के सचिव अनुज शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि एक धमकी भरा ईमेल आया था। इसके बाद हमने पुलिस को धमकी की जानकारी दी और उन्होंने मौके पर जांच की। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद हमने राहत की सांस ली। मुझे लगता है कि ये शरारती तत्वों का काम है। उन्होंने कहा, “कुछ स्कूलों के पास बुधवार सुबह ईमेल आया था, लेकिन अभी कांवड़ यात्रा की वजह से स्कूल बंद हैं।” इससे पहले, बुधवार सुबह आगरा के भी दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। धमकी भरा ईमेल अंग्रेजी में था, जिसमें दावा किया गया कि कुछ ही देर में स्कूलों में विस्फोट कर दिया जाएगा। इस खबर से स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में दहशत फैल गई। स्कूलों ने तुरंत छुट्टी घोषित कर बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया। दोनों स्कूलों के प्रबंधन ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने स्कूलों की तलाशी ली, लेकिन उन्हें स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इससे पहले ताजमहल, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों को भी बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन जांच में ऐसी कोई वस्तु नहीं मिली। फिलहाल प्रशासन द्वारा स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजने वाले सोर्स के बारे में पता लगाया जा रहा है।  

अरुण साव बोले – रायपुर को नम्बर-1 बनाने स्वच्छता के कार्यों में बढ़ानी होगी जनसहभागिता

स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को सम्मानित करने आयोजित होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम रायपुर नगर निगम द्वारा 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों का सम्मान   रायपुर, रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए स्वच्छता के कार्यों में जनसहभागिता बढ़ानी होगी। शहर के एक-एक व्यक्ति, एक-एक परिवार को इस मिशन से जोड़ना होगा, तभी हम रायपुर को देश का स्वच्छतम शहर बना सकेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सम्मान समारोह में ये बातें कहीं। भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर को मिलियन प्लस (दस लाख से अधिक) आबादी वाले शहरों में देश का चौथा सबसे स्वच्छ शहर, गारबेज-फ्री सिटी में सेवन स्टार रैंकिंग और वाटर प्लस सर्टिफिकेशन की उपलब्धियों में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सक्रिय योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सभी जोनों के स्वच्छता अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर सहित प्रदेश के सात शहरों को स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्यों हेतु राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल राज्य के 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है, जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इनके सम्मान के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। श्री साव ने कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने राज्य शासन नगरीय निकायों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसहभागिता बढ़ाने गंभीरता से काम करना होगा। रायपुर नगर निगम की महापौर  मीनल चौबे ने समारोह में कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर को जो उपलब्धियां हासिल हुई हैं, उसकी नींव की पत्थर हमारी स्वच्छता दीदियां और सफाई मित्र ही हैं। स्वच्छता सेवा और समर्पण का काम है जिसे ये पूर्ण मनोयोग से कर रही हैं। आने वाले समय में रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए हम सभी गंभीरता और सक्रियता से काम करेंगे। सभापति सूर्यकांत राठौर ने सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए धूप, बरसात और ठंड में भी अपने कार्यों को अंजाम देते हैं। आप लोगों की मेहनत से हमें नई दिल्ली में सम्मानित होने का मौका मिला है। कोरोना महामारी के कठिन समय में भी आप लोगों ने सराहनीय काम किया है। रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष गायत्री चन्द्राकर और आयुक्त विश्वदीप ने भी समारोह को संबोधित किया। निगम के अपर आयुक्त श्री यू.एस. अग्रवाल, श्री विनोद पाण्डेय और स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री प्रीति सिंह सहित सभी जोनों के अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी और सफाई कर्मी बड़ी संख्या में सम्मान समारोह में मौजूद थे।

जनहित के कार्य समयसीमा में पूर्ण कराएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

  विकास कार्यों की समीक्षा की, सरयू सरोवर पार्क की मरम्मत और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने के निर्देश भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को मंत्रालय में विभिन्न विकासकार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों के कारण आमजन को असुविधा होती है, जिसे किसी भी स्थिति में नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। अधूरे कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने आईटीआई रहवासी परिसर, गौतम नगर बस्ती, गायत्री नगर समेत अनेक कॉलोनियों के विकास कार्यों का प्राक्कलन शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई, विद्युत पोलों की शिफ्टिंग और अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की स्थापना कर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने पर बल दिया। सरयू सरोवर पार्क का सौंदर्यीकरण और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई होगी राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने सरयू सरोवर पार्क की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्क में खराब फव्वारे और झूलों की मरम्मत शीघ्र कराई जाए। पाथवे निर्माण, पार्क का समुचित रख-रखाव, हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था एवं वाचनालय की बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही अयोध्या नगर क्षेत्र में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का सर्वे कर उन्हें पुनः चालू करने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्री लव-कुश यादव, पार्षद श्रीमती शिरोमणि शर्मा, श्रीमती उर्मिला मौर्य समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी

पेसा अधिनियम बना जनजातीय समुदाय के लिए वरदान : चौपाल लगाकर सुलझा रहे हैं आपसी विवाद लगभग 8 हजार से अधिक प्रकरणों को जनजातीय समुदाय ने आपसी विमर्श में सुलझाया थाने में शिकायत किए बिना सुलझाए मामले भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय समुदाय के लिये राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। प्रदेश के 88 ट्राइबल ब्लॉक्स में लागू पेसा अधिनियम जनजातीय समुदाय के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अधिनियम के अंतर्गत जनजातीय समुदाय आपसी विवादों का समाधान थानों में शिकायत दर्ज कराए बिना ही चौपालों के माध्यम से कर रहे हैं। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में मध्यप्रदेश न केवल अग्रणी है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। जनजातीय समुदाय ने अब तक लगभग 8 हजार से अधिक विवाद प्रकरणों का चौपाल के माध्यम से निराकरण कर मिसाल पेश की है। इन मामलों में पारिवारिक जमीन संबंधी विवाद शामिल है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए पेसा एक्ट का उद्देश्य भी यही है कि जनजातीय समुदाय के लोगों को छोटे-छोटे विवाद में पुलिस थाना का चक्कर ना लगाना पड़े और आपस में बैठकर ही मामले की सुलह कर लें। साथ ही उनकी परंपरा, कला संस्कृति की भी रक्षा की जा सके। पेसा अधिनियम के अंतर्गत 3 प्रकार की समितियां कर रहीं हैं काम पेसा अधिनियम के तहत प्रदेश के 88 विकासखंडों में तीन प्रकार की समितियां काम रही है। इसमें शांति और विवाद निवारण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति और वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति शामिल है। प्रदेश में शांति और विवाद निवारण समिति की संख्या 11 हजार 639 है। वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति की संख्या 11 हजार 331 है, जबकि सहयोगिनी मातृ निवारण समिति की संख्या 21 हजार 887 है। देश के 10 राज्य में हो रहा है पेसा एक्ट का क्रियान्वयन, मध्यप्रदेश है अग्रणी देश के 10 राज्यों में पेसा एक्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सफलता की कहानियों को लेकर एक पुस्तिका भी निकाली गई है जिसमें मध्यप्रदेश की दो कहानियों को शामिल किया गया है। इस वजह से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। 5133 ग्राम पंचायतों में लागू है पेसा अधिनियम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य वाले प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंड की 5133 ग्राम पंचायतों के 11 हजार 596 ग्रामों में पेसा एक्ट लागू किया गया है। वर्तमान में 4850 पेसा मोबलाइजर कार्य कर रहे हैं। पेसा कानून में सबसे महत्वपूर्ण विषय वित्तीय प्रबंधन है, जिसके तहत राज्य में अब तक 11 हजार 538 खाते खोले गये है।  

खरगौन : 12 कॉलोनियों के 85 मकान घोषित असुरक्षित, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

खरगौन खरगौन शहर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में हुए अवैध निर्माण पर 85 मकान मालिकों को अतिक्रमण हटाने के लिये नोटिस जारी किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि खरगौन में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की 132 के.व्ही. से लेकर 220 के.व्ही. तक की छह प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों के समीप मानव जीवन के लिये घातक और विद्युत सुरक्षा मानकों के विरूद्ध अनाधिकृत निर्माण कर लिये गये है। ट्रांसमिशन लाइनो की प्रतिबंधित सीमा में हुये निर्माण खरगौन के अनेक क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनो के प्रतिबंधित सीमा में अनाधिकृत निर्माण किये गये है, जिनमें विद्युत मानकों के अनुरूप न्यूनतम सुरक्षा दूरी का उल्लंघन किया गया है। यहां के ओंकार दत्त रेजिडेंसी, निमरानी, द्वारका धाम कॉलोनी, साकेत नगर, जेतपुरा, यमुना नगर कॉलोनी, खरगोन मोतीपुरा, हिंगलाज नगर, स्मार्ट पार्क टाउनशिप, माँ रेवा विन्यास कॉलोनी, पानवा एवं भीलगांव आदि क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइन और निर्माण के बीच बेहद कम क्लियरेंस पाया गया है। यह अति उच्च वोल्टेज की बिजली से जुड़े संभावित करंट, स्पार्किंग, और अग्निकांड जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न कर सकता है। इन ट्रांसमिशन लाइनों के समीप हुये निर्माण खरगौन जिले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की छह ट्रांसमिशन लाइने हैं जिनके समीप विद्युत सुरक्षा मानकों के विरूद्ध निर्माण कर लिये गये हैं। इन ट्रांसमिशन लाइनों में 132 के.व्ही. भीकनगांव-खरगोन डी.पी. लाइन, 132 के.व्ही. बिस्टन-लिलो लाइन, 132 के.व्ही. निमरानी-कसरावद लाइन, 220 के.व्ही. निमरानी-छैःगांव लाइन, 220 के.व्ही. निमरानी-ओंकारेश्वर लाइन एवं 220 के.व्ही. महेश्वर-पीथमपुर लाईन शामिल हैं। जरूरी है 27 मीटर का कॉरिडोर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, 132 के.व्ही. या इससे अधिक वोल्टेज की ट्रांसमिशन लाइन के नीचे कम से कम 27 मीटर की सुरक्षित दूरी आवश्यक है, ताकि हवा में झूलते तारों से संपर्क न हो और दुर्घटना टाली जा सके। 600 से 950 गुना अधिक रहता है ट्रांसमिशन लाइनों से जान का खतरा आम घरों में उपयोग होने वाली विद्युत आपूर्ति की तीव्रता मात्र 230 वोल्ट होती है। यह स्तर भी इतना अधिक होता है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से इसके संपर्क में आ जाए तो गंभीर रूप से घायल हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है लेकिन इससे भी कहीं अधिक खतरनाक होती हैं। शहर भर में क्रियाशील एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनें, जिनमें विद्युत तीव्रता 132 के.व्ही. (यानी 132,000 वोल्ट) एवं 220 के.व्ही. (यानी 2,20,000 वोल्ट) होती है। यह घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक रहती है। यह अंतर दर्शाता है कि अगर मात्र 230 वोल्ट के संपर्क में आने से जान को खतरा हो सकता है, तो 132 या 220 के.व्ही. की ट्रांसमिशन लाइनों के पास रहने या निर्माण करने से कितना बड़ा जोखिम हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह जानलेवा जोखिम भी उत्पन्न करता है। h

बारिश में डूबी दिल्ली: BJP की पीठ ठोकने पर AAP ने दिखाई सड़कों की सच्चाई

नई दिल्ली दिल्ली में जोरदार बारिश के बाद अलग-अलग इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, खास बात रही कि इस बार मिंटो ब्रिज पर बारिश का पानी नहीं भरा। इसको लेकर बीजेपी ने दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार की तारीफ की। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मिंटो ब्रिज के दृश्य साझा किए। मिंटो ब्रिज पर बुधवार को बारिश के बीच वाहन बिना किसी परेशानी के गुजरते देखे गए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के अन्य हिस्सों में जलभराव की तस्वीरों के जरिये बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी का कहना था कि लोग सड़कों पर तैर रहे हैं। बीजेपी ने ठोकी अपनी पीठ मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारी बारिश के बावजूद, मिंटो ब्रिज पर ट्रैपिक सुचारू रूप से चल रहा है, जो कभी हल्की सी बारिश में भी जलमग्न होने वाला पहला ब्रिज था। बीजेपी सरकार के तहत दिल्ली में कुछ ही महीनों में यही बदलाव देखने को मिल रहा है! जलभराव वाली सड़कों से लेकर सुचारू ट्रैफिक तक, अव्यवस्था से व्यवस्था तक – एक वास्तविक परिवर्तन शुरू हो गया है। उन्होंने आगे लिखा कि दिल्ली अब वो राजधानी बनेगी जिसकी भारत को सचमुच हक है। अरविंद केजरीवाल ने इसे कूड़ेदान में बदल दिया था। बीजेपी इस गंदगी को साफ कर भविष्य का पुनर्निर्माण कर रही है। दिल्ली के अन्य इलाकों में भरा पानी इस बीच, राजधानी के कई निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव और ट्रैफिक में परेशानी के कारण दिल्ली के कई हिस्से प्रभावित हुए। इनमें दक्षिण दिल्ली, दक्षिण पूर्व दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, आईटीओ, साउथ एक्सटेंशन, एनएच-8, महरौली-गुड़गांव रोड, नेहरू प्लेस, ईस्ट ऑफ कैलाश, कॉलोनी रोड और कई अन्य इलाके शामिल हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार पर जलभराव की समस्या से निपटने के बारे में मीडिया में झूठे दावे करने का आरोप लगाया। आप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज सुबह हुई बारिश के बाद पश्चिमी विनोद नगर इलाके में एनएच-24 पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सीएम रेखा गुप्ता जी, आपकी सही योजना कहां है? आपने मीडिया में जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आज पूरी दिल्ली जलमग्न है और आप अपने आलीशान महल में आराम फरमा रही हैं। इसमें कहा गया है कि जनता अब सड़कों पर तैर रही है और सभी भाजपा नेताओं को तैरने के लिए आमंत्रित कर रही है। दिल्ली में कहां कितनी बारिश? भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच 5.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य स्टेशनों ने अधिक मात्रा की सूचना दी। मौसम विभाग के अनुसार प्रगति मैदान में 16.6 मिमी, पूसा में 10 मिमी, जनकपुरी में 9.5 मिमी और नजफगढ़ में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने लोगों को घर के अंदर रहने, यात्रा से बचने, ट्रैफिक अपडेट का पालन करने, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने तथा पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है। आगे कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम आईएमडी ने आने वाले दिनों में लगातार बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों तक आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली कड़कने की संभावना है। अधिकारियों ने निवासियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक मौसम एवं यातायात सलाह के माध्यम से अपडेट रहने का आग्रह किया है।

बारिश में डूबी दिल्ली: BJP की पीठ ठोकने पर AAP ने दिखाई सड़कों की सच्चाई

नई दिल्ली दिल्ली में जोरदार बारिश के बाद अलग-अलग इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, खास बात रही कि इस बार मिंटो ब्रिज पर बारिश का पानी नहीं भरा। इसको लेकर बीजेपी ने दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार की तारीफ की। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मिंटो ब्रिज के दृश्य साझा किए। मिंटो ब्रिज पर बुधवार को बारिश के बीच वाहन बिना किसी परेशानी के गुजरते देखे गए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के अन्य हिस्सों में जलभराव की तस्वीरों के जरिये बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी का कहना था कि लोग सड़कों पर तैर रहे हैं। बीजेपी ने ठोकी अपनी पीठ मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारी बारिश के बावजूद, मिंटो ब्रिज पर ट्रैपिक सुचारू रूप से चल रहा है, जो कभी हल्की सी बारिश में भी जलमग्न होने वाला पहला ब्रिज था। बीजेपी सरकार के तहत दिल्ली में कुछ ही महीनों में यही बदलाव देखने को मिल रहा है! जलभराव वाली सड़कों से लेकर सुचारू ट्रैफिक तक, अव्यवस्था से व्यवस्था तक – एक वास्तविक परिवर्तन शुरू हो गया है। उन्होंने आगे लिखा कि दिल्ली अब वो राजधानी बनेगी जिसकी भारत को सचमुच हक है। अरविंद केजरीवाल ने इसे कूड़ेदान में बदल दिया था। बीजेपी इस गंदगी को साफ कर भविष्य का पुनर्निर्माण कर रही है। दिल्ली के अन्य इलाकों में भरा पानी इस बीच, राजधानी के कई निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव और ट्रैफिक में परेशानी के कारण दिल्ली के कई हिस्से प्रभावित हुए। इनमें दक्षिण दिल्ली, दक्षिण पूर्व दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, आईटीओ, साउथ एक्सटेंशन, एनएच-8, महरौली-गुड़गांव रोड, नेहरू प्लेस, ईस्ट ऑफ कैलाश, कॉलोनी रोड और कई अन्य इलाके शामिल हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार पर जलभराव की समस्या से निपटने के बारे में मीडिया में झूठे दावे करने का आरोप लगाया। आप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज सुबह हुई बारिश के बाद पश्चिमी विनोद नगर इलाके में एनएच-24 पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सीएम रेखा गुप्ता जी, आपकी सही योजना कहां है? आपने मीडिया में जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आज पूरी दिल्ली जलमग्न है और आप अपने आलीशान महल में आराम फरमा रही हैं। इसमें कहा गया है कि जनता अब सड़कों पर तैर रही है और सभी भाजपा नेताओं को तैरने के लिए आमंत्रित कर रही है। दिल्ली में कहां कितनी बारिश? भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच 5.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य स्टेशनों ने अधिक मात्रा की सूचना दी। मौसम विभाग के अनुसार प्रगति मैदान में 16.6 मिमी, पूसा में 10 मिमी, जनकपुरी में 9.5 मिमी और नजफगढ़ में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने लोगों को घर के अंदर रहने, यात्रा से बचने, ट्रैफिक अपडेट का पालन करने, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने तथा पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है। आगे कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम आईएमडी ने आने वाले दिनों में लगातार बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों तक आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली कड़कने की संभावना है। अधिकारियों ने निवासियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक मौसम एवं यातायात सलाह के माध्यम से अपडेट रहने का आग्रह किया है।

पाट जात्रा पूजा विधान के साथ होगी विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की गुरूवार से विधिवत शुरूआत

परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है बस्तर दशहरा रायपुर, छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में कल गुरुवार को हरेली अमावस्या के मौके पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत होगी। इस दौरान पारम्परिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने ठुरलू खोटला रस्म अदा करेंगे। इस अवसर पर बस्तर दशहरा समिति द्वारा मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादारों सहित गणमान्य नागरिकों एवं ग्रामीणों को उपस्थित होकर पाट जात्रा पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।       जात्रा पूजा विधान के साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को समर्पित इस 75 दिवसीय ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में शुक्रवार 05 सितम्बर को डेरी गड़ाई पूजा विधान, रविवार 21 सितम्बर को काछनगादी पूजा विधान, सोमवार 22 सितम्बर को कलश स्थापना पूजा विधान, मंगलवार 23 सितम्बर को जोगी बिठाई पूजा विधान सहित बुधवार 24 सितम्बर से सोमवार 29 सितम्बर 2025 तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, सोमवार 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे बेल पूजा, मंगलवार 30 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, बुधवार 01 अक्टूबर को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव, गुरुवार 02 अक्टूबर को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शुक्रवार 03 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शनिवार 04 अक्टूबर को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान के पश्चात दोपहर में मुरिया दरबार का आयोजन होगा। वहीं रविवार 05 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान में ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई की जाएगी और मंगलवार 07 अक्टूबर को मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व सम्पन्न होगी।,

24 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे CM डॉ. यादव, वन विकास निगम की होगी विशेष बैठक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 24 जुलाई को स्वर्ण जयंती वर्ष का उद्घाटन एवं राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।वे ‘विजन डॉक्यूमेंट-2047’ का विमोचन एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। कार्यक्रम में निगम के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को सम्मानित भी किया जायेगा। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री असीम श्रीवास्तव भी उपस्थित रहेंगे। गुरुवार 24 जुलाई को प्रात: 10:30 बजे से भारतीय वन प्रबंधन संस्थान नेहरू नगर भोपाल के ऑडिटोरियम में होने वाले कार्यक्रम के संबंध में प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम श्री व्ही.एन. अम्बाड़े ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तेलंगाना और कर्नाटक राज्य के वन विकास निगम के प्रबंध संचालक द्वारा विभिन्न विषयों जैसे थिनिंग व फेलिंग, जनरल प्लानटेशन, मियॉवाकी प्लानटेशन, डिपॉजिट वर्क, थीम वर्क, ईको टूरिज्म विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जायेगा। कार्यशाला का उद्देश्य मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा विगत 50 वर्षों में किये गये वानिकी, वन एवं वन्य जीव संरक्षण कार्य को रेखांकित किया जाना है। कार्यक्रम में वन विकास निगम के कार्यों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जायेगा। वनीकरण में निगम की अनेक उपलब्धियां मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की स्थापना 24 जुलाई 1975 को हुई थी। निगम की स्थापना का उद्देश्य निम्न कोटि के वन क्षेत्रों को तेजी से बढ़ने वाली बहुमूल्य तथा बहु उपयोगी प्रजातियों के रोपण द्वारा उच्च कोटि के वन क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता में सुधार लाना है। निगम का कार्य प्रदेश के 22 जिलों में संचालित है। निगम अंतर्गत कुल 13 काष्ठगार एवं 15 स्थाई रोपणियां स्थापित हैं। निगम को लगभग 4.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें से वर्ष 2025 तक 3.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का उपचारण किया जा चुका है एवं 3.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रोपण किया गया है। विगत 2 वर्षों में निगम द्वारा 2 करोड़ 48 लाख पौधों का रोपण किया गया है। निगम की रोपणियों में वर्ष 2025 में कुल 1 करोड़ 70 लाख सागौन रूटशूट सागौन का उत्पादन हुआ है। टाइगर रिजर्व में चुनौती पूर्ण कार्य वन विकास निगम की अधिकांश परियोजना मंडल टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य क्षेत्र बफर जोन से लगे हैं। इन क्षेत्रों में बाघ, तेंदुआ, भालू एवं हिरण आदि वन्य जीवों के विचरण की उपस्थिति दर्ज की गई है। वन्य जीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिये निगम द्वारा बोरीबंधान, तालाब निर्माण एवं झिरियां निर्माण का कार्य किया जाता है। वर्ष 2024-25 में लगभग 60 हजार घनमीटर इमारती काष्ठ एवं 3100 टन बांस का उत्पादन किया गया। जैव विविधता के साथ साथ जलगंगा संवर्धन भी निगम ने व्यावसायिक वृक्षारोपण के साथ जैव विविधता संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य भी किया जा रहा है। निगम द्वारा ‘जल गंगा संवर्धन’ एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अंतर्गत लगभग 125 करोड़ पौधों का रोपण वृहद स्तर पर किया जा रहा है। निगम को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 170 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।   

भोपाल में 400 करोड़ के निवेश से लगेगा रोजगार का मेला, 1500 युवाओं को मिलेगा लाभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है। पांच इकाईयों का होगा भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जुलाई को अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 12.88 हेक्टेयर में 400 करोड़ से अधिक निवेश और लगभग 1500 व्यक्तियों को रोजगार देने वाली 5 इकाइयों का भूमि-पूजन करेंगे। इनमें गारमेंट सेक्टर में गोकुलदास एक्सपोर्टस, टेक्सटाइल सेक्टर में इंडो एकॉर्ड अप्पेरल्स, हाई टेक इलेक्ट्रानिक में एसेडस प्राइवेट लिमिटेड, फार्मा सेक्टर में सिनाई हेल्थ केयर और कृषि उपकरण में समर्थ एग्रीटेक इकाइयां शामिल हैं। मुख्यमंत्री  ने  कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है।  मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना,  स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है।