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मान सरकार का ऐतिहासिक फैसला, 12 लाख से ज्यादा श्रद्धालु जुड़े कीर्तन, नगर-कीर्तन और अरदास में

चंडीगढ़  श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी वर्ष पर इस बार पूरा नवंबर महीना पंजाब में श्रद्धा और सेवा को समर्पित है. नौवें गुरु ने धर्म, इंसानियत और कमजोरों की रक्षा के लिए अपना शीश दिया. इसलिए पंजाब सरकार ने नवंबर 2025 को “शहीदी स्मरण माह” के रूप में मनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया. यह पहला मौका है जब पूरे राज्य में एक महीने तक लगातार सरकारी स्तर पर इतने बड़े कार्यक्रम हो रहे हैं. अब तक 12 लाख श्रद्धालु हो चुके हैं शामिल- कार्यक्रम 1 नवंबर से शुरू हुए. हर जिले के गुरुद्वारों में रोज सुबह-शाम कीर्तन, अरदास और कथा हो रही है. अब तक 12 लाख से ज्यादा श्रद्धालु इन समागमों में शामिल हो चुके हैं. बड़े शहरों- अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, श्री आनंदपुर साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब  में रोज़ “शहीदी कीर्तन दरबार” हो रहे हैं, जिनमें पंजाब और बाहर से भी संगत पहुंच रही है. शहरों के मुख्य बाज़ारों और रूट्स पर नगर-कीर्तन निकाले जा रहे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक के लिए पूरे महीने अतिरिक्त पुलिस, होमगार्ड और मेडिकल टीम तैनात की है. सूबे में 500 से ज्यादा सेवा शिविर- मान सरकार ने तय किया कि गुरु साहिब की शिक्षा सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित न रहे, बल्कि सेवा और समाज तक पहुँचे. इसी कारण पूरे पंजाब में 500 से ज्यादा सेवा शिविर लगाए गए हैं. इनमें से कई जगह रोज़ लंगर चलता है. स्वास्थ्य विभाग ने 220 मेडिकल शिविर लगाए, जिनमें करीब 1.4 लाख लोगों का मुफ्त चेकअप हुआ और दवाइयां दी गईं. मोरल एजुकेशन ड्राइव शुरू- शिक्षा विभाग ने भी राज्यभर में “मोरल एजुकेशन ड्राइव” शुरू की. 20 हज़ार से ज्यादा स्कूलों और कॉलेजों में 10 लाख से अधिक छात्रों ने निबंध, कविता, पोस्टर, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. बच्चों को यह बताया गया कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि इंसानियत की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है. सरकार की “डिजिटल डॉक्यूमेंट्री सीरीज़” को ऑनलाइन लाखों बार देखा जा चुका है. पहली बार राज्य सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को तकनीक के साथ जोड़कर घर-घर तक पहुँचाया. सूबे में विशेष कीर्तन और अरदास- आज 10 नवंबर को राज्यभर में विशेष कीर्तन और अरदास हो रही है. अमृतसर और श्री आनंदपुर साहिब में हजारों की संख्या में संगत पहुंच रही है. प्रबंधन समितियों ने रात भर सफाई, रोशनी, पानी, पार्किंग और सुरक्षा की तैयारी की. जिले-दर-जिले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं ताकि किसी श्रद्धालु को किसी तरह की परेशानी न हो. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत धर्म की आज़ादी की सबसे बड़ी मिसाल है. सरकार का मकसद है कि पंजाब का हर बच्चा समझे कि धर्म का मतलब नफरत नहीं, बल्कि भाईचारा, साहस और इंसानियत है. नवंबर के बाकी दिनों में भी स्कूलों और विश्वविद्यालयों में “मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता” पर सेमिनार और चर्चाएं होंगी. इन कार्यक्रमों ने साबित किया कि पंजाब सिर्फ इतिहास नहीं मनाता, बल्कि सीख को समाज में लागू भी करता है. राज्य में एकता, सेवा और भाईचारे का माहौल बन रहा है. गांवों से लेकर शहरों तक, नौजवानों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर कोई यही संदेश दे रहा है कि गुरु साहिब का बलिदान हमेशा ज़िंदा रहेगा. 350 साल बाद भी उनका साहस, त्याग और इंसानियत पंजाब के दिल में बसते हैं. पंजाब की जनता कह रही है-

अब इस नाम से जाना जाएगा गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, CM सैनी ने किया परिवर्तन का एलान

हरियाणा  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित शहीदी यात्रा में शिरकत की। यह नगर कीर्तन 11 नवंबर को पंचकूला जिले से शुरू होकर विभिन्न स्थानों से होते हुए 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र की धरती पर समाप्त होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह यात्रा श्री गुरु तेग बहादुर जी के तप, त्याग, विचार और धर्म के लिए उनकी शहादत को जन-जन तक पहुंचाने का हरियाणा सरकार का प्रयास है। उन्होंने कहा, “मुझे इस पवित्र आयोजन में भाग लेने का अवसर मिला, यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।” मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। अंबाला के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निकल का नाम बदला इस अवसर पर अंबाला में स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निकल का नाम गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की घोषणा की गई। इसके अलावा, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर अनुसंधान पीठ स्थापित की गई। यमुनानगर में बन रहे मेडिकल कॉलेज और पंचकूला से पोंटा साहिब मार्ग का नाम भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया है। लखनौर साहिब में माता गुजरी देवी के नाम से VLDA कॉलेज बनाने का काम भी किया गया। 25 नवंबर को पीएम मोदी पहुंचेंगे कुरुक्षेत्र  25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया है।  

फरीदाबाद: अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पुलिस का सर्च ऑपरेशन, जमातियों से पूछताछ

फरीदाबाद  फरीदाबाद में 2900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के सिलसिले में पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी में छापेमारी की है। यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाकों में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी डॉक्टर डॉ. आदिल अहमद राठर, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुजम्मिल शकील, और डॉ. शाहीन शाहिद का संबंध इसी यूनिवर्सिटी से बताया जा रहा है। गल्फ फंडिंग से जुड़ी यूनिवर्सिटी पर जांच की नजर मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी गल्फ देशों से मिलने वाली फंडिंग से संचालित होती है। विस्फोटक मिलने के बाद से यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जांच में यह भी सामने आया है कि फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर तगा क्षेत्रों के दो घरों से बरामद विस्फोटक एक तथाकथित ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा बताया जा रहा है। 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' क्या है? सूत्रों के मुताबिक, इस मॉड्यूल में ऐसे शिक्षित और सम्मानित लोगों को शामिल किया जाता है, जिन पर सामान्यतः शक नहीं किया जा सकता। इसी रणनीति के तहत डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किए जाने की आशंका जताई जा रही है। 4 जमातियों को हिरासत में लिया गया पुलिस ने फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव की मस्जिदों में भी तलाशी ली है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल शकील नियमित रूप से तगा मस्जिद में नमाज पढ़ने आता था। इसके साथ ही पुलिस ने जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और नूंह से आए जमातियों से पूछताछ की है। जांच के दौरान शक के आधार पर चार जमातियों को हिरासत में लिया गया है। उनके मोबाइल से मिली वॉट्सऐप चैट्स की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है।  

अब मनमानी नहीं! पंजाब सरकार ने शराब के फिक्स रेट घोषित किए, दुकानदारों पर कड़ी नज़र

लुधियाना शराब के ठेकेदार अब मनमाने दामों पर शराब की बिक्री नहीं कर पाएंगे। एक्साइज विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पंजाब में मैरेज पैलेसों में बिकने वाल शराब के रेट फिक्स कर दिए हैं और मनमर्जी पर लगाम लगाई है। ठेकेदार इससे ऊपर इसकी बिक्री नहीं कर पाएंगे। नए रेट तुरंत प्रभाव से ही लागू कर दिए गए हैं। बता दें कि शराब ठेकेदारों ने व्याह-शादियों के सीजन को देखते हुये सिंडीकेट बना दिया था जिसके तहत हर शराब के पेटी के दाम लगभग दोगुने से भी ज्यादा कर दिए थे जिसे लेकर पंजाब केसरी ने 6 नवंबर को ‘एक्साइज विभाग की नाक के नीचे ठेकेदार कर रहे हैं शराब की कालाबाजारी’ शीर्षक के साथ खबर छापी थी जिसके बाद विभाग के उच्चाधिकारियों ने इसका संज्ञान लेते हुए दाम पर आज लगाम लगा दी। नोटिफिकेशन में साफ कर दिया गया है कि जो रेट फिक्स किए गए हैं, उनसे ऊपर कोई भी ठेकेदार शराब की बिक्री नहीं करेगा। जिस पेटी का दाम ठेकेदारों ने 4 हजार से बढ़ाकर 7 हजार कर दिया था। उसका दाम आज 3900 रुपए फिक्स कर दिया गया है। इसी तरह जो पेटी 5 हजार से लेकर 22 हजार तक बिकती थी और ठेकेदारों ने इसे 9 हजार से लेकर 35 हजार तक बेचना शुरू कर दिया था लेकिन अब वह इसे 21,300 रुपए से ज्यादा में नहीं बेच पाएंगे। इसी तरह जिस पेटी का दाम 40 हजार से बढ़ाकर 67 हजार कर दिया था उसका दाम विभाग ने 46,500 रुपए तय कर दिया है। इनमें जे.डब्लयू , गोल्ड लेवल रिजर्व जैसे ब्रांड मौजूद हैं। शिवास रीगल पेटी का दाम 90 हजार रुपए कर दिया था। विभाग ने उसका दाम 60,900 फिक्स कर दिया है। यह नोटिफकेशन विभाग ने अपनी साइट पर डाऊनलोड कर दिया है। इस नोटिफकेशन के जारी होने के बाद जहां शराब ठेकेदारों के चेहरे उदासी भरे थे, वहीं शराब के शौकिन और शादी-व्याह करने वाले लोगों के चेहरे पर रौनक आ गई। 

राष्ट्रपति के प्रस्तावित अम्बिकापुर प्रवास की तैयारियों की हुई समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

अम्बिकापुर : कलेक्टर  विलास भोसकर की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न राष्ट्रपति के प्रस्तावित अम्बिकापुर प्रवास की तैयारियों की हुई समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से शुरू होगी धान खरीदी, तैयारियों के सम्बन्ध में की गई समीक्षा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिले में 13 नवंबर को “यूनिटी मार्च“ का होगा आयोजन अम्बिकापुर  कलेक्टर  विलास भोसकर की अध्यक्षता में मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न हुई। महामहिम राष्ट्रपति मती द्रोपदी मुर्मु का 20 नवम्बर 2025 को अम्बिकापुर आगमन प्रस्तावित है। कलेक्टर  भोसकर ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, हेलीपेड निर्माण की स्थिति, सर्किट हाउस की व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदया के प्रोटोकॉल के अनुसार सभी तैयारियां सुनिश्चित करें। गम्भीरता और सजगता के साथ कार्य हो, लापरवाही ना रहे। उन्होंने मजिस्ट्रियल ड्यूटी,  स्टॉल निर्माण, आमंत्रण कार्ड, पास वितरण, वीआईपी एवं वीवीआईपी हेतु समस्त व्यवस्था, आमजनों हेतु व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति एवं गणना प्रपत्र की वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र में दर्ज की जाने वाली प्रत्येक जानकारी त्रुटिरहित होनी चाहिए, जिससे मतदाता सूची पूर्णतः शुद्ध एवं अद्यतन तैयार हो सके। अधिकारी मॉनिटरिंग करें, किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल निराकरण की कार्यवाही करें। इस दौरान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से शुरू होने धान खरीदी की तैयारियों की जानकारी ली गई, कलेक्टर  भोसकर ने आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो, इसका ध्यान रहे। उन्होंने बारदाने, मॉइश्चराइजर मीटर, तौलमाप आदि की जानकारी ली। बैठक में जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर के अवसर पर आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर  भोसकर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार गरिमामयी ढंग से कार्यक्रम का आयोजन हो। इस हेतु समस्त तैयारियां समय सीमा में सुनिश्चित कर लें।  इस दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिले में 13 नवंबर को आयोजित किए जाने वाले “यूनिटी मार्च” की तैयारियों पर चर्चा की गई। यह पदयात्रा राम मंदिर, अम्बिकापुर से प्रारंभ होकर मल्टीपरपज स्कूल एवं शासकीय विद्यालय असोला होते हुए परसा में संपन्न होगी। कलेक्टर  भोसकर ने कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु सभी विभागों आपसी सहभागिता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्ग पर बिजली, पेयजल, स्वच्छता, अस्थायी शौचालय सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा सभी व्यवस्था दुरुस्त करने निर्देशित किया। बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, कलेक्टर जनदर्शन, जन चौपाल, जन शिकायत, पीजी पोर्टल आदि पर विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर  सुनील नायक,  राम सिंह ठाकुर,  अमृत लाल ध्रुव, नगर निगम कमिश्नर  डी एन कश्यप सभी एसडीएम एवं  विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

लाड़ली बहना योजना: इस माह से 1,500 रुपये का भुगतान, अब तक 44 हजार करोड़ से अधिक राशि जारी

लाड़ली बहनों को इस माह से मिलेंगे 1500 रूपये, अब तक 44 हजार करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रदेश में नारी सशक्तिकरण का अभियान द्रुतगति जारी है। प्रदेश की लाड़ली बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया हुआ वादा 12 नवम्बर 2025 को पूरा होने जा रहा है। एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को सिवनी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी हुई राशि उनके खाते में अंतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में 1500 रूपये देने की शुरूआत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल पर प्रदेश की लाड़ली बहनों ने अपने भैया मोहन के प्रति आभार जताते हुए कहा है कि वे ठीक उसी प्रकार हमारा ध्यान रख रहे हैं, जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बहन सुभद्रा का ध्यान रखा था। प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में चल रही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को कुल 29 किस्तों में नियमित आर्थिक सहायता राशि का अंतरण किया गया है। रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। योजना से महिलाएं न केवल अपनी छोटी-छोटी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं, बल्कि बैंकिंग में प्रणाली से भी सीधे जुड़ रही हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में प्रदेशभर में महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का सीधा लाभ मिल रहा है। योजना की अब तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250)  महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417 और जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 महिलाओं को लाभ मिला है। योजना के तहत बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, और मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 बहनों को लाभ मिला है। छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। इसी क्रम में राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, और बेतुल में 2 लाख 71 हजार 474 लाभार्थी पंजीकृत हुई हैं। सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है। बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, तथा नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 लाभार्थी महिलाओं को योजना की राशि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की भावना को सशक्त किया है। महिलाओं ने इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, और छोटे व्यापार के लिए पूंजी के रूप में किया है। लाड़ली बहना योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है बल्कि परिवारिक निर्णयों में भी उनकी भूमिका को भी सुदृढ़ कर रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का व्यापक प्रभाव अब प्रदेश के हर कोने में देखा जा सकता है। गाँवों से लेकर शहरों तक महिलाएँ “आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभा रही हैं।  

मध्यप्रदेश के छात्रों के लिए खुशखबरी, मिलेगी आधुनिक AVGC लैब की सौगात

मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को मिलेगी ए. व्ही.जी.सी लैब की सौगात भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, धार और रतलाम के 8 शासकीय महाविद्यालयों में स्थापित होंगी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं भोपाल प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परंपरागत कोर्स के साथ-साथ रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एक अभिनव पहल की जा रही है। इसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, धार, जबलपुर और रतलाम जिलों के 8 महाविद्यालयों में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक्स, कॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (ए. व्ही.जी.सी) लैब स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 4 प्रयोगशालाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से स्थापित की जा रही हैं। जबकि 4 लैब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा बनाई जाएगी। अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग  अनुपम राजन ने बताया कि ये लैब उन शासकीय महाविद्यालयों में स्थापित की जा रही हैं, जहां फाइन आर्ट्स विषय का अध्ययन संचालित है। ए. व्ही.जी.सी लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक डिजाइनिंग और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे आधुनिक विषयों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। प्राथमिक तौर पर पहले इसे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में प्रारंभ किया जा रहा है। प्रत्येक लैब में करीब 90 लाख रुपये का आएगा खर्च प्रदेश के 8 शासकीय महाविद्यालयों में ए. व्ही.जी.सी स्थापित करने में लगभग 7 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। इसमें प्रति लैब लगभग 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन महाविद्यालयों में स्थापित होगी ए. व्ही.जी.सी लैब्स     शासकीय कमलाराजे कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, ग्वालियर     शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, इंदौर     शासकीय हमीदिया आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय एवं सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय भोपाल     शासकीय माधव आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, उज्जैन     शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धार     शासकीय एम.के.बी.आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, जबलपुर     शासकीय कन्या महाविद्यालय, रतलाम  

विश्व विजेता भारतीय महिला दल में कवर्धा की बेटी का अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात— उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मिले वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी से, दी शुभकामनाएं विश्व विजेता भारतीय महिला दल में कवर्धा की बेटी का अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात— उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा सत्यवंशी को भेंट की शौर्य के प्रतीक के रूप में गदा, कहा हनुमान जी की हम पर सदैव रही कृपा आकांक्षा सत्यवंशी ने बताया फेसबुक पोस्ट से भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सफर रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट रहीं मती आकांक्षा सत्यवंशी एवं उनके परिजनों के साथ अपने निज निवास पर आत्मीय भेंट की और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने उन्हें शौर्य के प्रतीक के रूप में गदा भी भेंट किया। जिसपर आकांक्षा ने हर्ष पूर्वक अपने विश्वकप के फाइनल मैच में गदा से जुड़ा एक वाक्या शेयर करते हुए बताया कि वे भी हनुमान जी की भक्त हैं और आखरी मैच में खिलाड़ी राधा यादव और क्रांति गौड़ पूरे समय हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। फिर जब उनकी मैच खेलने की पारी आयी तो उन्होंने एक छोटा सा गदा मेरे हांथों में देकर उसे मैच के अंत तक पकड़े रहने को कहा था और भगवान हनुमान की कृपा हम पर बनी रही और हम विश्व विजेता बन गए। एम्स रायपुर की नौकरी का अवसर छोड़ बनीं महिला टीम की फिजियो इस अवसर पर उन्होंने उपमुख्यमंत्री से अपने क्रिकेट से जुड़ने के सफर को साझा किया। कैसे एम्स रायपुर की पक्की नौकरी छोड़कर उन्होंने क्रिकेट टीम की फिजियो बनीं। उन्होंने बताया की प्रारंभिक पढ़ाई के बाद रायपुर मेडिकल कॉलेज से फिजियोथेरेपी में स्नातक और कटक से स्नातकोत्तर किया। जिसके बाद उन्होंने कई न्यूरो सर्जन्स के साथ काम किया और उसी वक्त उन्होंने फेसबुक पर अपनी ट्रेवलिंग के शौक के साथ अपनी बक्केट विश लिस्ट शेयर की थी। उन्होंने कहा उन्हें नहीं पता था कि एक फेसबुक पोस्ट मेरी दुनिया बदल देगा। फेसबुक पोस्ट से मेरे घूमने के शौक को जानकर मेरी सीनियर ने मुझे छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम से जुड़ने का ऑफर दिया और उसी वक्त उनका चयन एम्स रायपुर के लिए भी हुआ था। घर में लोग स्थायी नौकरी के लिए मुझे एम्स जाने के लिए कहा पर माता-पिता और भाई ने उन्हें स्पोर्ट किया और उन्होंने स्थायी नौकरी छोड़ क्रिकेट के साथ अपनी यात्रा प्रारम्भ की एवं छत्तीसगढ़ महिला क्रिकेट टीम की तीनों वर्गों को अपनी सेवाएं दी और उनके अच्छे काम ने उन्हें बीसीसीआई की नजर में ला दिया और सीधे सीनियर भारतीय महिला टीम के साथ उन्हें एक कार्यशाला में कार्य करने का मौका मिला और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मिले वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी से, दी शुभकामनाएं पहले कठिन होता था महिला का सफर करना, अब सभी का मिला साथ इस अवसर आकांक्षा ने बताया कि उन्हें घूमने का शौक है पहले महिलाओं का सफर करना बहुत कठिन होता था, अब मुझे घर वालों का साथ मिला और अब सब बदल गया है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब खेल हो या फाइटर प्लेन उड़ाना हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रहीं हैं। अब तो शासन में भी महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक में शामिल होने उपमुख्यमंत्री ने दिया न्योता उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा को वर्ल्ड कप विजय की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा की आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए प्रेरणादायी है। कवर्धा की बेटी का विश्व विजेता बनने में अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात है। इससे हमारे प्रदेश की बालिकाएं भी खेल के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित होंगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत में आपकी भूमिका ने हम सभी को गौरव दिलाया है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा सत्यवंशी को सम्मान स्वरूप मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और पूरे परिवार के साथ स्वल्पाहार भी किया। फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने जीत की खुशी साझा करते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस सफलता में योगदान दे पाई। उन्होंने अपने पति को अपना सहयोगी बताया। उपमुख्यमंत्री ने उन्हें बस्तर ओलंपिक में शामिल होकर प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने हेतु आमंत्रित भी किया। ओलंपिक में पदक दिलाएंगे बस्तर के युवा उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा की राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को निरंतर विस्तार दे रही है। हम राज्य की हर प्रतिभा को मंच देने के लिए कार्य कर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से बस्तर की विलक्षण प्रतिभाएं आगे आ रहीं हैं। बस्तर के युवा आनुवांशिक रूप से खेलकूद और एथेलेटिक्स के लिए ढ़ले होते हैं। बस्तर ओलंपिक से अब हर गांव और हर विकासखण्ड से नई खेल प्रतिभाएं सामने आ रहीं हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि बस्तर ओलंपिक से प्रतिभाओं की तलाश कर उन्हें अगले ओलंपिक के लिए तैयार करें और वे भारत को अगले ओलंपिक में पदक दिलाएंगे। आकांक्षा उपमुख्यमंत्री को डाइट के टिप्स में कहा खाएं छत्तीसगढ़िया साग इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें भात और साग खाना बहुत पसंद है। तो आकांक्षा ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ियों की विशेषता ही हमारी विभिन्न साग सब्जियों की भिन्नता है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री को डाइट टिप्स देते हुए कहा कि आपको तो छत्तीसगढ़िया साग पसंद है वो खाना भी बहुत जरूरी है। रोज के भोजन में इसे करें शामिल।

जनसेवा और सादगी का उदाहरण: मुख्यमंत्री मोहन यादव बेटे की शादी सामूहिक विवाह में

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर सादगी और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करने जा रहे हैं। उन्होंने अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह किसी भव्य आयोजन में नहीं, बल्कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराने का निर्णय लिया है। यह पहला अवसर होगा जब कोई मुख्यमंत्री अपने पुत्र का विवाह सामूहिक समारोह में संपन्न कराएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा अपने जीवन और कार्यशैली में सादगी को प्राथमिकता दी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने पारिवारिक आयोजन को भी समाजहित से जोड़ा है।  जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव, डॉ. इशिता यादव के साथ सात फेरे लेंगे। इशिता, खरगोन जिले के किसान दिनेश यादव की पुत्री हैं। अभिमन्यु और इशिता की सगाई लगभग पांच महीने पहले भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में संपन्न हुई थी। डॉ. अभिमन्यु ने भोपाल में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री निवास के बजाय कॉलेज हॉस्टल में रहे। बेटे अभिमन्यु की शादी उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तय किया है कि उनके छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह 30 नवंबर को उज्जैन के होटल अथर्व में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में होगा। इस आयोजन में 21 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे। मुख्यमंत्री के बेटे के विवाह का हिस्सा बनना इस सम्मेलन को प्रतीकात्मक रूप से और भी खास बना देगा। डॉ. अभिमन्यु का विवाह डॉ. इशिता यादव से होगा, जो खरगोन जिले के प्रख्यात किसान दिनेश यादव की पुत्री हैं। दोनों की सगाई इसी वर्ष, लगभग पांच महीने पहले, भोपाल के मुख्यमंत्री निवास में संपन्न हुई थी। अभिमन्यु की सादगी और आत्मनिर्भरता की कहानी मुख्यमंत्री के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव ने भोपाल में रहकर चिकित्सा शास्त्र की पढ़ाई पूरी की। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान मुख्यमंत्री निवास की बजाय कॉलेज हॉस्टल में रहना चुना। उनका कहना था कि छात्र जीवन का असली अनुभव और अनुशासन हॉस्टल में ही मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी उस समय साफ कहा था कि – “मुख्यमंत्री निवास किसी विद्यार्थी के लिए नहीं, बल्कि राज्य के प्रशासनिक कार्यों के लिए होता है। पढ़ाई की असली जगह कॉलेज और हॉस्टल हैं।” यह सोच दर्शाती है कि उन्होंने अपने बच्चों में भी अनुशासन, आत्मनिर्भरता और ज़मीन से जुड़े रहने की सीख दी है। सादगी से भरा विवाह, समाज के लिए संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने परिवारजनों को पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अभिमन्यु की शादी सादगी से, बिना दिखावे के और सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही होगी। इस आयोजन में गरीब और सामान्य परिवारों की बेटियों की भी शादियां होंगी, जिससे यह समारोह समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक बन जाएगा। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से यह संदेश जाता है कि उच्च पद पर रहते हुए भी व्यक्ति अपनी जड़ों और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़ा रह सकता है। उज्जैन में मिथक तोड़कर पेश की थी नई सोच मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले भी सामाजिक परंपराओं में नई सोच के लिए चर्चा में रहे हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सवाल उठा था कि महाकाल की नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री को रात्रि विश्राम नहीं करना चाहिए, क्योंकि वर्षों से यह एक प्रचलित मान्यता रही है। लेकिन मोहन यादव ने इस मान्यता को तोड़ते हुए कहा – “मैं महाकाल का भक्त और पुत्र हूं, मेरे लिए उज्जैन मेरा घर है, और महाकाल की नगरी में रुकना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” उस रात उन्होंने उज्जैन में रात्रि विश्राम कर यह मिथक समाप्त किया और यह दिखाया कि श्रद्धा और कर्म के बीच कोई विरोध नहीं, बल्कि संतुलन संभव है। सादगी और परिवार की मर्यादा का उदाहरण मुख्यमंत्री मोहन यादव उन विरले नेताओं में से हैं जिनका परिवार कभी भी शासकीय आवास में स्थायी रूप से नहीं रहा। वे अपने परिवार को राजनीति से दूर रखते हैं और हमेशा आम जीवनशैली अपनाने पर ज़ोर देते हैं। उनका मानना है कि नेता की पहचान उसके आचरण और सादगी से होती है, न कि उसके पद से। यही कारण है कि आज वे अपने बेटे की शादी भी समाज की बेटियों के साथ एक ही मंच पर करवा रहे हैं — यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि एक संदेश है – “समानता और सादगी का।” बताया जा रहा है कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी समाजों के 20 जोड़े शामिल होंगे। इसमें मुख्यमंत्री की तरफ से ही सभी जोड़ों को गिफ्ट भी दिया जाएगा। बता दें मुख्यमंत्री समाज के लोगों को पहले से ही सादगी और सरल जीवन यापन करने के लिए प्रेरित करते आए हैं।  डॉ. मोहन यादव की पहचान हमेशा एक ऐसे जननेता के रूप में रही है जो परंपरा और आधुनिकता दोनों को समान महत्व देते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका परिवार शासकीय आवास में शिफ्ट नहीं हुआ। वे अपने परिवार को सरकारी सुख-सुविधाओं से दूर रखते हैं।  

रायपुर: 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, कॉल सेंटर नंबर भी उपलब्ध

रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की रायपुर आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव मती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।     प्रभारी सचिव मती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। मती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।     बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।