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महाकाल सवारी उज्जैन में थ्री लेयर सिक्योरिटी के साथ भव्य आयोजन, सुरक्षा में ड्रोन लगाए

उज्जैन महाकाल की सवारी को लेकर पुलिस खासी सतर्क है। सवारी में सुरक्षा के लिए 1400 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे सवारी मार्ग पर बैरिकेड लगाए गए हैं। पुलिस व स्मार्ट सिटी के अलावा 200 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी मार्ग डायवर्ट किए हैं। श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली सवारी की सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी सतर्क है। इस बार पुलिस ने सवारी मार्ग पर बैरिकेड लगा दिए हैं। सुरक्षा के लिए 1400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सवारी मार्ग पर सभी ऊंचे भवनों जवानों को तैनात किया जा रहा है। यहां से संदिग्धों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा पांच ड्रोन कैमरों से सवारी मार्ग व आसपास की गलियों से छतों की भी जांच कर सतत निगरानी की जा रही है। पुलिस तथा स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरों के अलावा सवारी मार्ग पर 200 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उज्जैन में थ्री लेयर सिक्योरिटी के साथ भव्य आयोजन उज्जैन में सावन-भादौ माह में बाबा महाकाल की शाही सवारी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 14 जुलाई से शुरू होने वाली इस सवारी में थ्री लेयर सिक्योरिटी सुनिश्चित की गई है। 1300 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने चेकिंग तेज कर दी है। इस बार कुल छह सवारियां निकलेंगी, जिसमें भव्य थीम और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। सवारी की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन-भादौ माह में बाबा महाकाल की सवारी का आयोजन भव्यता के साथ किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सवारी मार्ग पर तीन ड्रोन तैनात होंगे, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सभी ऊंची इमारतों की छतों की जांच की जा रही है। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी से 15 दिन पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। सवारी मार्ग पर नजर रख रहे 3 ड्रोन आज श्रावण माह का प्रथम सोमवार है। भगवान श्री महाकालेश्वर श्री मनमहेश के रूप में पालकी में विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री मनमहेश का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उसके बाद भगवान श्री मनमहेश रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस बल के सशस्त्र जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी के लिए 3 ड्रोन और थ्री लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसकी तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ड्रोन कैमरे से शहर के संवेदनशील इलाकों महाकाल लोक, मंदिर परिसर और सवारी मार्ग पर नजर रखी जा रही है। शहर में चेकिंग अभियान तेज किया है। सवारी मार्ग पर 3 ड्र्रोन लगाए हैं, जो चप्पे-चप्पे पर लगातार नजर रखेंगे। ड्रोन से ही सभी बिल्डिंग की छत की चेकिंग की जा रही है। ये भी देखा जा रहा है कि छत पर किसी ने ईंट पत्थर तो जमा नहीं कर रखे हैं। सवारी मार्ग की वीडियोग्राफी के साथ महाकाल मंदिर परिसर में लगातार ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। सवारी का शेड्यूल और थीम इस बार बाबा महाकाल की कुल छह सवारियां निकलेंगी, जिसमें चार सावन माह (14, 21, 28 जुलाई और 4 अगस्त) और दो भादौ माह (11 और 18 अगस्त) में होंगी। पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर होगी, जबकि पांचवीं सवारी धार्मिक थीम पर आधारित होगी, जिसमें श्री कृष्ण पाथेय और मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों की झांकियां शामिल होंगी। अंतिम राजसी सवारी 18 अगस्त को भव्य रूप में निकाली जाएगी, जिसमें 70 से अधिक भजन मंडलियां प्रस्तुति देंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और नियम पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सवारी के दौरान सेल्फी लेने पर प्रतिबंध रहेगा, ताकि अव्यवस्था और हादसों को रोका जा सके। सवारी मार्ग पर मोबाइल डिटेक्शन टीम तैनात होगी, जो नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, सवारी के दिन स्कूलों की छुट्टी रहेगी, ताकि भीड़ और यातायात की समस्या कम हो। बड़नगर, रतलाम, नागदा मंदसौर एवं नीमच जाने वाले वाहन शांति पैलेस चौराहे से डायवर्ट रहेंगे। देवास गेट बस स्टैंड से भारी वाहन एवं बसें हरिफाटक टी एवं हरिफाटक चौराहे तरफ नहीं जा सकेंगे। चार पहिया वाहन हरिफाटक टी से बेगमबाग, कोट मोहल्ला एवं गोपाल मंदिर तरफ नहीं जा सकेंगे। चार पहिया वाहन दौलतगंज चौराहे से कोट मोहल्ला, तेलीवाड़ा चौराहे से दानीगेट तरफ, कार्तिक चौक से हरसिद्धि पाल तरफ नहीं जा सकेंगे। इन मार्गों को किया गया प्रतिबंधित     देवासगेट चौराहे से दौलतगंज चौराहा की ओर।     इंदौरगेट से दौलतगंज की ओर।     यादव धर्मशाला, बेगमबाग से महाकाल घाटी की ओर।     हरसिद्धि की पाल से गुदरी चौराहा की ओर।     दानीगेट से ढाबा रोड, कमरी मार्ग की ओर।     जूना सोमवारिया से केडी गेट की ओर। यहां इतने वाहनों की रहेगी पार्किंग व्यवस्था     मन्नत गार्डन पार्किंग में 450 वाहनों की क्षमता है।     वाकणकर ब्रिज के नीचे 400 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था।     कर्कराज पार्किंग में 1000 चार पहिया वाहनों की क्षमता।     भील समाज पार्किंग में 700 चार पहिया वाहनों की क्षमता।     कलोता समाज धर्मशाला में 2000 दो पहिया वाहनों की क्षमता।     नृसिंहघाट पार्किंग में 250 चार पहिया वाहन रखे जा सकेंगे। यहां भी रख सकेंगे वाहन     उपरोक्त पार्किंग भर जाने के बाद उजड़खेडा चौराहा से मुरलीपुरा, शंकराचार्य चौराहा से वाहनों को कार्तिक मेला मैदान पार्किंग में भेजे जाएंगे।     बड़नगर, रतलाम, नागदा की ओर से आने वाले दर्शनार्थी अपने चार पहिया वाहन कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्क कर सकेंगे। इसके अलावा छोटी रपट से गणगौर दरवाजा होते हुए रामानुज कोट से हरसिद्धि की पाल पार्किंग में वाहन रख सकेंगे।     आगर रोड से आने वाले दर्शनार्थी अपने वाहन मकोडिया आम चौराहा, खाक चौक, जाट धर्मशाला, पिपलीनाका, जूना सोमवारिया से होते हुए … Read more

सावन के पहले सोमवार पर भोजपुर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़, भक्ति में डूबा माहौल

भोपाल आज  सावन के पहले सोमवार पर हर-हर महादेव के जयकारों से राजधानी भोपाल गुंज रही हैं। शहर के मंदिरों में पूजा अर्चना करने भक्त पहुंच रहे हैं। भोपाल से 30 किलोमीटर दूर भोजपुर मंदिर में भक्तों की सुबह से ही भीड़ देखी जा रही है। भोजपुर में विराजमान महादेव की एक अलग ही प्रसिद्धी है कहा जाता है पांडवों द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। वही मंदिर को लेकर एक कथा यह भी है कि एक ही रात्रि में इस मंदिर का निर्माण किया गया था। दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं भक्त सावन के महीने में भोजपुर में भगवान महादेव के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। काफी संख्या में भीड़ यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने आती है तो वही आज सावन के पहले सोमवार को भोजपुर में काफी संख्या में भक्तों का आना-जाना रहा सुबह 4 बजे से ही भक्तों का भोजपुर आना-जाना शुरू हो गया तो वहीं बम-बम के नारों से भोजपुर का शिवालय गूंज उठा लोग बेलपत्र और शिव पूजा में लगने वाली अनेकों प्रकार की सामग्री लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने भोजपुर पहुंच रहे हैं और भगवान भोलेनाथ से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की अर्जी लगा रहे हैं। सावन के सोमवार की पूजन विधि  प्रातः काल स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर पर ही शिवलिंग स्थापित कर सकते हैं, या नजदीकी शिव मंदिर जाएं। शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, आक-धतूरा, सफेद फूल अर्पित करें। कम से कम 108 बार “ऊं नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। व्रतधारी दिनभर फलाहार कर सकते हैं और शाम को शिव आरती करें। सायंकाल भगवान के मंत्रों का फिर जाप करें, तथा उनकी आरती करें। अगले दिन पहले अन्न वस्त्र का दान करें तब जाकर व्रत का पारायण करें। सावन सोमवार पूजा का धार्मिक महत्व   भगवान शिव की पूजा खासतौर से सोमवार को की जाती है। मान्यता है कि वैवाहिक जीवन के लिए शिव जी की पूजा सोमवार को करने से परेशानियां दूर होती हैं। कुंवारी कन्याएं इस व्रत को विशेष श्रद्धा से करती हैं ताकि उन्हें मनचाहा वर प्राप्त हो। यह व्रत नकारात्मक ऊर्जा, रोग और दरिद्रता को दूर करने में सहायक माना जाता है।इसके अलावा स्वास्थ्य, संतान और आर्थिक समस्याएं भी दूर होती हैं। सावन के सोमवार को शिव जी की पूजा सर्वोत्तम होती है. इसमें मुख्य रूप से शिव लिंग की पूजा होती है और उस पर जल तथा बेल पत्र अर्पित किया जाता है।  

ठाकुरगंज हादसा: सीएम योगी ने दिए कड़े निर्देश, इंजीनियरों पर गिरी गाज

लखनऊ राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र में नाले में गिरने से एक युवक की मौत हो गई थी। अब सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर संज्ञान लिया है। उन्होंने मृत आत्मा को शोक संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। पीड़ित परिवार को 9 लाख की आर्थिक सहायता सीएम योगी ने घटना को लेकर सहायक अभियंता (एई) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के फरमान दिया है। साथ ही मृतक के परिजनों को 5 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष और 4 लाख आपदा राहत कोष से आर्थिक सहाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान योगी ने साफ शब्दों में कहा कि जनता की सुरक्षा से लापरवाही बरतने वाले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्माण एजेंसी के खिलाफ होगी कार्रवाई नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को सीएम योगी ने पूरे मामले को लेकर जवाबदेही सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों की भूमिका की गहराई से जांच कराने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध केस दर्ज करने का निर्देश दिया है ताकि लापरवाही के लिए दंडित करना सुनिश्चित हो सके। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रणाली की गंभीर चूक है। जिसे तत्काल प्रभाव से ठीक करने की जरूरत है। ऐसी घटनाओं के प्रति प्रदेश सरकार अत्यंत गंभीर है।यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण पुनरावृत्तियाँ भविष्य में न हो।

शिलॉन्ग जेल की कैदी सोनम रघुवंशी ने की दो खास लोगों से मुलाकात की मांग

इंदौर  इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी इन दिनों शिलॉन्ग जेल में बंद हैं। मेघालय पुलिस ने उन्हें अपने पति राजा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में सनसनी मचा दी है। लेकिन अब जेल में सोनम की कुछ गतिविधियां सुर्खियां बटोर रही हैं। खबर है कि सोनम ने जेल में सिर्फ दो लोगों से मिलने की इच्छा जाहिर की है। आखिर कौन हैं ये दो लोग और क्या है इस मुलाकात के पीछे का राज? सिर्फ पिता और भाई से मिलने की इच्छा सूत्रों के मुताबिक, सोनम ने जेल में अपने परिवार के सिर्फ दो सदस्यों अपने पिता और भाई गोविंद रघुवंशी से मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने साफ तौर पर जेल प्रशासन से कहा है कि वह किसी और से नहीं, बल्कि इन दोनों से ही मुलाकात करना चाहती हैं। इतना ही नहीं, सोनम को जेल से सप्ताह में एक बार फोन करने की इजाजत मिली है और उन्होंने अब तक तीन बार अपने परिवार से बात की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि फोन पर उनकी बातचीत का विषय क्या था, लेकिन यह जरूर चर्चा में है कि सोनम ने सबसे दूरी बनाते हुए सिर्फ इन दो लोगों पर भरोसा जताया है। भाई गोविंद ने दी सफाई सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनकी बहन से अभी तक उनकी कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम का जेल से घर पर फोन करने की बात महज अफवाह है। गोविंद ने बताया कि वह और उनके पिता जल्द से जल्द सोनम से मिलना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने शिलॉन्ग पुलिस को आवेदन भी दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। गोविंद का कहना है कि वह अपनी बहन का पक्ष जानना चाहते हैं, लेकिन क्या यह मुलाकात कोई नया खुलासा करेगी? जेल में सोनम की जिंदगी शिलॉन्ग जेल में सोनम को अन्य 20 महिला कैदियों के साथ रखा गया है। वह इस जेल की दूसरी ऐसी महिला कैदी हैं, जिन्हें हत्या के मामले में बंद किया गया है। जेल में उनकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हैं, और उन्हें वार्डन की निगहबानी में रखा गया है। सप्ताह में तीन बार फोन करने की अनुमति के साथ सोनम ने अपने परिवार से संपर्क बनाए रखा है। लेकिन उनकी यह जिद कि वह सिर्फ पिता और भाई से ही मिलेंगी, कई सवाल खड़े कर रही है। क्या वह अपने परिवार के जरिए कोई रणनीति बना रही हैं, या यह सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव है? हत्याकांड में नए मोड़ राजा रघुवंशी हत्याकांड में हाल ही में कई अपडेट्स सामने आए हैं। सोनम के दो मददगारों लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को शिलॉन्ग की अदालत ने जमानत दे दी है। लोकेंद्र उस फ्लैट के मालिक हैं, जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी, जबकि बलबीर उसी बिल्डिंग का सिक्योरिटी गार्ड था। दोनों पर सबूतों से छेड़छाड़ और सोनम को छिपाने में मदद करने का आरोप था। लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली, क्योंकि उनके खिलाफ लगाए गए अपराध जमानती थे। क्या इन जमानतों से सोनम के केस पर कोई असर पड़ेगा?

पहले सावन सोमवार को महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़, उमड़ा जनसैलाब

उज्जैन सावन मास की शुरुआत होते ही देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सावन माह के पहले सोमवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), मुंबई, मेरठ और देहरादून सहित कई शहरों में श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी रहीं। भक्त भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही कतार में लग गए थे। वहीं पुसिल-प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था कर रही है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों से बराबार निगरानी भी की जा रही है। दरअसल, श्रावण मास के पहले सोमवार पर उज्जैन में रात 2:30 बजे महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए।  इसके बाद सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन किया गया। फिर भगवान से आज्ञा लेकर चांदी का पट खोला गया। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषण के साथ भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया। इसके बाद भस्म चढ़ाई गई। महाकाल ने शेषनाग का मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगंधित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया। ओंकारेश्वर में मंगला आरती खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। वहीं ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4 बजे से ही भक्त यहां भोले को अभिषेक करने पहुंच गए। छतरपुर के जटाशंकर धाम को फूलों से सजाया गया है। यहां आसपास से आए श्रद्धालुओं की भीड़ कुंड में स्नान के बाद भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच गई। शिवलिंग का किया जलाभिषेक राजस्थान के जयपुर में झारखंड महादेव मंदिर बहुत प्रशिद्ध है। यहां पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार को भक्तों की भीड़ उम पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त शिवलिंग का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करते नजर आए। वहीं दिल्ली के छतरपुर मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचे। यहां सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। काशी में श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सावन माह के पहले सोमवार को नागेश्वर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर जिला प्रशासन ने पुष्प वर्षा की। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा, विशेष कार्यपालक अधिकारी पवन प्रकाश पाठक, नायब तहसीलदार मिनी एल शेखर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं की सेवा की। हरिद्वार में उमड़ी भारी भीड़ उत्तराखंड के हरिद्वार में सावन माह के पहले सोमवार को दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक कर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त कर किए। इस दौरान पूर अंचल भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा।

मानसून सत्र में बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ लाएगा पांच विधेयक, देश का पहला ‘पेंशन फंड व ग्रोथ-स्टेबिलिटी एक्ट’ वाला राज्य बनेगा

  रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में वित्त विभाग नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है. इस दौरान विभाग रिकार्ड पांच विधेयक पेश करेगी, जिनमें पेंशन फंड और ग्रोथ एण्ड स्टेबिलिटी फंड भी शामिल है. इस तरह का एक्ट लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा. मानसून सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान रिकार्ड 5 विधेयक ला रहे हैं. एससीआर (स्टेट कैपिटल रीजन) के लिए एक्ट के साथ पेंशन फंड और प्रदेश के ग्रोथ एण्ड स्टेबिलिटी के लिए एक्ट लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस तरह का एक्ट बनाने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बनने जा रहा है. वित्त मंत्री ने बताया कि इसी तरह से जीएसटी में विभिन्न टैक्सों में 25 हजार के पेनाल्टी वाले 10 साल से पुराने पेंडिंग केस हैं, जिनको समाप्त करने का निर्णय लिया है. इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को 65 हजार से अधिक प्रकरण में लाभ मिलेगा. उनको अब अलग-अलग जगहों पर चक्कर लगाने से मुक्ति मिलगी.

बेसिक शिक्षा बैठक में सीएम योगी सख्त, बोले- हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा, अधिकारियों को दिया सख्त निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, बच्चों की शत-प्रतिशत विद्यालयी उपस्थिति सुनिश्चित करने, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 06 से 14 वर्ष की आयु का एक भी बच्चा विद्यालय से वंचित नहीं रहना चाहिए, विद्यालय प्रबन्ध समिति (प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान) इसे सुनिश्चित कराए। इस दिशा में “स्कूल चलो अभियान” को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे। परिषदीय छात्रों के लिए ₹1200 की डीबीटी सहायता शीघ्र अभिभावकों के खातों में जाए मुख्यमंत्री ने परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र के अभिभावक के बैंक खाते में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्टेशनरी एवं पाठ्य सामग्री हेतु ₹1200 की सहायता राशि को डीबीटी के माध्यम से शीघ्रता से अंतरित किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर मदद मिल सके और विद्यालयीन सामग्री की व्यवस्था बाधित न हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में आधारभूत संरचना की कमी है, वहां अविलंब संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण में अध्ययन का अवसर प्राप्त हो। 50 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय स्वतंत्र रूप से संचालित हों मुख्यमंत्री ने विद्यालयों की पेयरिंग व्यवस्था को दूरगामी और व्यापक दृष्टिकोण से लागू किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों तीनों के हित में है। इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा। जिन विद्यालयों में 50 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं, उन्हें स्वतंत्र विद्यालय के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया गया, जिससे प्रशासनिक सुविधा, जवाबदेही और शैक्षणिक निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके। पेयरिंग व्यवस्था के कारण खाली हुए विद्यालय भवनों को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि वहां बाल वाटिकाएं/प्री-प्राइमरी स्कूल संचालित की जाएं। साथ ही, इन भवनों में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानांतरित किया जाए ताकि शिशु शिक्षा का आधार सुदृढ़ हो और विद्यालय परिसरों का उपयोग बहुपर्यायी रूप से हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। रिक्त पदों पर अधियाचन भेज कर शीघ्र की जाए नियुक्ति बैठक में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा  कि सभी विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात आदर्श स्थिति में होना चाहिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रिक्तियों के सापेक्ष अधियाचन तत्काल भेजा जाए और नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।

‘शिव वर्मा’ के नाम पर छल: असल में निकला कासिम पठान, लव जिहाद का चौंकाने वाला मामला

शाहजहांपुर  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक मुस्लिम युवक पर गंभीर आरोप लगे हैं. उसके खिलाफ हिंदू युवती ने धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है. आरोपी ने हिंदू युवक के नाम से सोशल मीडिया पर आईडी बनाई थी. इस आईडी के जरिए उसने पीड़िता से नजदीकी बढ़ाई. फिर शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और काफी टाइम तक ब्लैकमेल करता रहा. जब धर्म परिवर्तन का दबाव बढ़ने लगा तो युवती ने पुलिस से शिकायत की.   पीड़िता की शिकायत पर शाहजहांपुर कोतवाली पुलिस हरकत में आई. वहीं, हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने भी कोतवाली का घेराव किया. जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी युवक समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. साथ ही पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है.  दरअसल, बीते दिन कोतवाली क्षेत्र कि रहने वाली एक हिंदू युवती ने आरोप लगाया कि नावेद उर्फ कासिम पठान ने शिव वर्मा नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईडी बनाकर उसको मैसेज किए. बात बढ़ी तो माथे पर टीका और हाथ में कलावा बांधकर उससे मिलने आया. इसके बाद उसने युवती को एक किराए के कमरे पर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. यहां तक कि उसने हिडेन कैमरे से उसका वीडियो भी बना लिया.काफी टाइम तक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका यौन शोषण करता रहा. साथ ही धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाता था.   कोतवाली के बाहर प्रोटेस्ट करते हिंदूवादी संगठन के लोग पीड़ित युवती का आरोप है कि एक दिन जब उसने नावेद उर्फ कासिम पठान का मोबाइल देखा तो दंग रह गई. मोबाइल में कई और लड़कियों के वीडियोज थे. उसे पता चला कि यह लोग एक संगठित गिरोह चलाते हैं, जिनका मकसद ही दूसरे धर्म की लड़कियों को फंसाना होता है. इस काम में नावेद का भाई कैफ और दोस्त अकील भी शामिल है.  फिलहाल, घटना से हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश है. उन्होंने कोतवाली में धरना दिया और आरोपियों पर सख्त एक्शन की मांग की. पुलिस ने तहरीर मिलने पर नावेद उर्फ कासिम पठान, भाई कैफ, पिता असलम खां, मां उजमा और दोस्त अकील के खिलाफ गैंग रेप और धर्म परिवर्तन सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. साथ ही मुख्य आरोपी नावेद को गिरफ्तार कर लिया है.  मामले में हिंदू युवा वाहिनी के नेता अभिषेक तिवारी ने कहा कि शाहजहांपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया है. युवक कासिम पठान माथे पर तिलक और हाथ पर कलावा धारण करता था. इसने शिव वर्मा नाम से फेसबुक आईडी बनाकर हिंदू युवती के साथ गलत काम किया. जब युवती ने शादी के लिए कहा तो उसने नमाज पढ़कर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया. इसके मोबाइल से और भी हिंदू लड़कियों के अश्लील फोटो/वीडियो मिले हैं. पुलिस इसपर कड़ी कार्रवाई करे.

सतना में दर्दनाक बोरवेल हादसा: दो सहेलियों की मौत, 6 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सतना   सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र अंतर्गत रेरुआ कला गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में बने एक पुराने और खुले बोरवेल के गड्ढे में डूबकर दो मासूम सहेलियों की मौत हो गई। मृतकों में 16 वर्षीय सोमवती और 12 वर्षीय दुर्गा शामिल हैं। दोनों बच्चियां खेलते-खेलते खेत की ओर चली गई थीं, जहां यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे की है। खेत में बना पुराना बोरवेल बारिश के कारण खुल गया था और उसमें पानी भर गया था। इसी में दोनों सहेलियां डूब गईं। ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया, और पुलिस को सूचित किया गया। पहले सोमवती का शव मिला, दुर्गा का शव 20 फीट गहराई में फंसा था एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले जेसीबी की मदद से मेड़ को खुदवाकर पानी निकालना शुरू किया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद शाम 5 बजे सोमवती का शव बाहर निकाल लिया गया। लेकिन दुर्गा का शव बोरवेल के गड्ढे में करीब 20 फीट अंदर फंसा हुआ था। इसके लिए देर रात एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। गड्ढे में उतरकर टीम ने रात 12:45 बजे दुर्गा का शव बरामद किया। खेत में रोपा लगा रहे थे माता-पिता सोमवती के पिता चक्कू अहिरवार ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ खेत में रोपा (धान की रोपाई) लगाने गए थे। उनकी बेटी सोमवती और उसकी सहेली दुर्गा भी साथ थीं, लेकिन वे दोनों खेलते-खेलते पास के रमेश मिश्रा के खेत तक पहुंच गईं। वहां पानी से भरे गड्ढे में दोनों डूब गईं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले एक बच्ची का पैर फिसला और वह डूबने लगी। दूसरी ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी गड्ढे की गहराई और पानी के दबाव के कारण बाहर नहीं निकल सकी। बारिश से बंद बोरवेल खुल गया था ग्रामीणों ने बताया कि खेत में एक पुराना बोरवेल मौजूद था, जो काफी समय से बंद था। लेकिन लगातार हुई बारिश के कारण उसकी मिट्टी धंस गई और गड्ढा खुल गया। यह गड्ढा लगभग बोरवेल जैसा ही था, जिसमें पानी जमा हो गया था। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने कहा कि सोमवार को जांच की जाएगी कि यह सामान्य गड्ढा था या फिर बोरवेल। यदि यह बोरवेल पाया गया तो संबंधित किसान पर कार्रवाई की जा सकती है। रेस्क्यू में आई कई बाधाएं, कीचड़ और अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें घटनास्थल तक पहुंचना प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम के लिए आसान नहीं था। हिलौंधा गांव से घटनास्थल तक करीब 3.5 किलोमीटर का कच्चा रास्ता था, जो बारिश और कीचड़ के कारण बेहद खराब हालत में था। रात के अंधेरे में ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने ट्रैक्टर की मदद से घटनास्थल तक पहुंचकर राहत कार्य किया। कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलना तक मुश्किल था। भारी बारिश से बंद बोरवेल भी खुल गया ग्रामीणों के अनुसार, खेत में एक बोरवेल था। इसके धंसने से गहरा गड्ढा बन गया था। इसमें पानी भरा था।। भारी बारिश के कारण बंद किया गया बोरवेल भी खुल गया था। बताया जा रहा है कि एक बच्ची का पैर फिसला तो वह डूबने लगी। यह देखकर दूसरी बच्ची उसे बचाने पहुंची थी। केसिंग निकालकर बोर खुला छोड़ा था नागौद एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि विफल होने पर केसिंग निकालकर बोर यूं ही छोड़ दिया गया था। घटना की सूचना पर पूर्व विधायक कल्पना वर्मा, जनपद सीईओ अशोक मिश्रा और टीआई अशोक पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। रात करीब एक बजे दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नागौद अस्पताल ले जाया गया। साढ़े 3 किलोमीटर रास्ते पर पैदल चलना मुश्किल घटनास्थल तक पहुंचने में प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हिलौंदा गांव से लगभग साढ़े 3 किलोमीटर का रास्ता ऐसा था, जिस पर पैदल तक नहीं चला जा रहा था। खेतों के बीच से होकर गुजरने वाले कच्चे रास्ते पर मिट्टी और कीचड़ था।

सावन के पहले सोमवारी पर काशी में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पों की बारिश

वाराणसी सावन के पहले सोमवार पर काशी नगरी में श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचे। रविवार रात से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा।  काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह कपाट खुलने से पहले बाबा का भव्य मंगला आरती और विशेष श्रृंगार किया गया काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह कपाट खुलने से पहले बाबा का भव्य मंगला आरती और विशेष श्रृंगार किया गया। पहले सोमवार को मंदिर परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया था। कपाट खुलते ही श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ की गूंज के साथ दर्शन के लिए उमड़ पड़े। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन को आए श्रद्धालुओं पर पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और मंदिर के सीईओ ने भक्तों पर पुष्प वर्षा की काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन को आए श्रद्धालुओं पर पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और मंदिर के सीईओ ने भक्तों पर पुष्प वर्षा की। श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना की। लंबे इंतजार के बाद दर्शन पाने वाले श्रद्धालु प्रशासन और पुलिस व्यवस्था से बेहद संतुष्ट नजर आए। बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन कर भावुक हुए श्रद्धालु  मंदिर में दर्शन करने आईं प्रीति मिश्रा ने बातचीत में बताया कि , “मंदिर परिसर के अंदर बहुत अच्छी व्यवस्था है। महादेव की कृपा से अच्छे से दर्शन हुए हैं।” इसी तरह कोलकाता से आए एक श्रद्धालु ने कहा, “हम 6-7 घंटे से लाइन में लगे हैं। बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन किए बिना नहीं जाएंगे।” मंदिर के पुजारी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ से देश और समाज के कल्याण के लिए कामना की गई मंदिर के पुजारी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ का अद्भुत स्वरूप में श्रृंगार और मंगला आरती हुई है। देश और समाज के कल्याण के लिए कामना की गई। मंदिर परिसर में तैनात पुलिस अधिकारी के मुताबिक, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ड्रोन कैमरों से गोदौलिया चौराहा, गंगा घाट और विश्वनाथ मंदिर परिसर की सतत निगरानी की जा रही है ड्रोन कैमरों से गोदौलिया चौराहा, गंगा घाट और विश्वनाथ मंदिर परिसर की निगरानी की जा रही है। क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम), एटीएस कमांडो, घुड़सवार पुलिस और पर्यटक पुलिस भी प्रमुख स्थानों पर तैनात है। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि तैयारियां पूरी हैं। लगभग सभी अधिकारी मौके पर हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु लाइनों में लगे हैं। अनुशासित तरीके से सभी श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।(