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प्रशांत किशोर का दावा — बिहार में बदलाव की लहर, जनता जन सुराज को देख रही विकल्प के रूप में

गया जी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के बाद जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर (पीके) ने कहा है कि इस बार रिकॉर्ड मतदान बदलाव का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की 60% से अधिक जनता परिवर्तन चाहती है और जन सुराज को अब एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में देख रही है। गयाजी  में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “आजादी के बाद पहली बार बिहार में इतना ज्यादा वोटिंग प्रतिशत देखने को मिला है। यह दिखाता है कि लोग बदलाव के लिए वोट कर रहे हैं। पिछले 30 वर्षों से बिहार की राजनीति में कोई ठोस विकल्प नहीं था, लेकिन जन सुराज के आने से लोगों को एक नया रास्ता मिला है।” पीके ने कहा कि इस बार प्रवासी मजदूर चुनाव के “एक्स फैक्टर” बन गए हैं। “छठ के बाद जो प्रवासी मजदूर बिहार में रुके हुए थे, उन्होंने खुद वोट किया और अपने परिजनों को भी वोटिंग के लिए प्रेरित किया। महिलाओं से ज्यादा इस बार प्रवासी मजदूरों की भूमिका अहम रही है। यही लोग बिहार में बदलाव की बयार ला रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि 14 नवंबर को बिहार का इतिहास लिखा जाएगा, क्योंकि जनता ने इस बार लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। पीके ने कहा, “दो करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट किया है। यह दिखाता है कि जनता अब डर की राजनीति से बाहर निकल चुकी है।” राजनीतिक हमले करते हुए उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के डर से लालू यादव को और लालू के डर से नीतीश कुमार को वोट देने की मजबूरी अब खत्म हो गई है। जनता को अब असली विकल्प मिल गया है।” पीके ने एनडीए और राजद-कांग्रेस गठबंधन दोनों पर निशाना साधते हुए कहा, “सम्राट चौधरी कहते हैं कि पार्टी का चेहरा साफ है, लेकिन बिहार में आज भी असुरक्षा का माहौल है। पहले जनता झेलती थी, अब नेता और मंत्री झेल रहे हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि राजद और कांग्रेस एक-दूसरे का बाल नोचेंगे। पीके ने कहा, “बाल नोचेंगे या सिर नोचेंगे, यह उनका काम है, लेकिन बिहार की जनता ने कल दिखा दिया कि अब उन्हें एक नया विकल्प मिल गया है।” अंत में उन्होंने कहा, “अब चुनाव सिर्फ सत्ता तय नहीं करता, बल्कि यह भी तय करता है कि विपक्ष में कौन होगा और कौन जनता के मुद्दों पर सड़क पर उतरेगा। जन सुराज की सबसे बड़ी सफलता यही है कि उसने बिहार को विकल्प दिया है।”

जिले में कलेक्टोरेट परिसर के आसपास विरोध-प्रदर्शन और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक

खैरागढ़ खैरागढ़–छुईखदान–गंडई जिले में प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था और सरकारी कामकाज को प्रभावित होने से रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है. कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी इन्द्रजीत चंद्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के 100 मीटर के दायरे को पूरी तरह “शांति क्षेत्र” घोषित कर दिया है. अब इस क्षेत्र में धरना, प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी और लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा. आदेश में कहा गया है कि कलेक्ट्रेट के आसपास कई प्रमुख विभागों के कार्यालय हैं, जहां महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों का लगातार आना-जाना रहता है. ऐसे में प्रदर्शन या भीड़ जुटने से लोगों को परेशानी होती है. साथ ही सरकारी कामकाज भी प्रभावित होते हैं. इसी वजह से इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विरोध कार्यक्रम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. नए आदेश के अनुसार, पांच से अधिक लोगों का समूह भी बिना अनुमति कलेक्ट्रेट क्षेत्र के 100 मीटर दायरे में इकट्ठा नहीं हो सकेगा. किसी भी प्रकार के हथियार, जैसे लाठी, डंडा, परसा, तीर–धनुष, तलवार, चाकू या अन्य आक्रामक वस्तुएं लेकर सार्वजनिक स्थान पर जाना पूरी तरह निषिद्ध रहेगा. ध्वनि-विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है. यदि किसी व्यक्ति या संगठन को किसी कार्यक्रम की जरूरत होती है तो उसे कार्यक्रम से 48 घंटे पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होगी, अन्यथा उसे अवैध माना जाएगा. कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा और उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश 06 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गया है और 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा. आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है.प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि शांति और व्यवस्था बनाए रखने के हित में आदेश का पालन करें, ताकि सरकारी कार्य सुचारू रूप से चल सकें और किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने.

HC का बड़ा फैसला: भूपेंद्र हुड्डा की याचिका खारिज, मानेसर लैंड स्कैम पर बढ़ी मुश्किलें

चंडीगढ़  हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने मानेसर लैंड स्कैम मामले में सुनवाई के दौरान उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अब पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। सीबीआई पहले ही इस मामले में कोर्ट में चालान दाखिल कर चुकी है। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब विशेष अदालत भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ आरोप तय करेगी और इसके बाद ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी। सीबीआई ने अपनी जांच में कई अनियमितताओं का हवाला देते हुए पूर्व सीएम समेत अन्य आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बता दें कि हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए मानेसर एरिया में आईएमटी रद्द कर 25 अगस्त 2005 को सेक्शन-6 का नोटिस जारी करवाया था। मुआवजा 25 लाख रुपये प्रति एकड़ तय करते हुए अवार्ड के लिए सेक्शन-9 का नोटिस भी जारी किया था। बिल्डर्स ने 400 एकड़ जमीन किसानों के औने-पौने दामों में खरीदी थी। साल 2007 में हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते हुए ही सरकार ने उक्त 400 एकड़ जमीन अधिग्रहण से मुक्त कर दी थी। इससे किसानों को उस समय करीब 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। सीबीआई ने साल 2015 में जांच शुरू की और सितंबर 2018 में हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ 80 पेज की चार्जशीट अदालत में पेश की थी। अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप तय करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत मामले की सुनवाई करेगी।  ध्यान रहे, सुप्रीम कोर्ट ने मानेसर लैंड स्कैम में सीबीआई जांच का निर्देश दिया था। अदालत ने पाया कि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करने का तत्कालीन हुड्डा सरकार का 2007 का फैसला दुर्भावनापूर्ण था और इसे धोखाधड़ी माना। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को बिचौलियों द्वारा कमाए गए अनुचित लाभ की जांच करने और राज्य सरकार को "एक-एक पाई वसूलने" का निर्देश दिया था।

शिक्षक भर्ती 2025: ग्रेड-III के 7000+ पदों पर भर्ती, नोटिफिकेशन जारी

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 के लिए विस्तृत  आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) और लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) में कुल 7,123 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। रीट पास अभ्यर्थी अब 7 नवंबर 2025 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार rssb.rajasthan.gov.in या recruitment.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 6 दिसंबर, 2025 है। भर्ती परीक्षा 17 से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित होगी और इसका रिजल्ट 10 जुलाई 2026 को घोषित किया जाएगा, जिसके बाद मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को फाइनल पोस्टिंग दी जाएगी। कौन कर सकता है आवेदन? लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) के लिए उम्मीदवार के पास उच्चतर माध्यमिक या इसके समकक्ष कम से कम 50% अंकों के साथ प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा होना अनिवार्य है और उम्मीदवार ने राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) उत्तीर्ण की होनी चाहिए। लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) के लिए उम्मीदवार के पास स्नातक डिग्री और प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा होना आवश्यक है। इसमें विषय विशेष के लिए सामाजिक अध्ययन, अंग्रेजी, गणित-विज्ञान या हिन्दी का ज्ञान होना चाहिए। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन में शैक्षणिक योग्यता और भर्ती की पूरी जानकारी जरूर देख लें। आयु सीमा: उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। इतना लगेगा आवेदन सामान्य वर्ग और कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 600 रुपये है। राजस्थान के नॉन-कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपये है। ऐसे करें आवेदन     सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in या SSO पोर्टल पर जाएं।     इसके बाद, अपनी ईमेल और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन पूरा करें।     अब रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।     इसके बाद, फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें।     स्पेलिंग और विवरण पर खास ध्यान दें।     पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर को स्कैन करके दिए गए साइज में अपलोड करें।     आवेदन शुल्क भुगतान करें और फाइनल सबमिट और प्रिंट आउट ले लें।  

सरकारी सिस्टम पर सख्ती! क्यों जारी हुए नोटिस और दर्ज हुई FIR? पढ़ें पूरी रिपोर्ट

चंडीगढ़ देशभर में हरियाणा के तीन शहर सबसे प्रदूषित हैं। रोहतक देशभर में पहले, चरखी दादरी दूसरे और जींद प्रदूषण के मामले में तीसरे स्थान पर है। वीरवार को रिकॉर्ड 35 एक्टिव फायर लोकेशन (एएफएल) चिह्नित की गई। अब एएफएल के मामलों की संख्या बढ़कर 206 हो गई। निगरानी में लापरवाही मिलने पर 47 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग के अनुसार वीरवार को जीद में 11, हिसार और सिरसा में 4-4, फतेहाबाद, रोहतक, करनाल, सोनीपत में 3-3, कैथल में 2 और अंबाला, फरीदाबाद में 1-1 आग लगने का मामला चिह्नित किया गया है। 5 नवंबर तक 158 मामले चिह्नित किए गए थे जिनमें से 70 पराली जलाने के, 84 जगह अन्य आगजनी की पुष्टि हुई और 4 मामलों की जांच जारी है। कृषि विभाग के अनुसार इस बार पराली जलाने के मामलों में गिरावट आई है। 15 सितंबर से 6 नवंबर तक 2020 में 2988, 2021 में 4216, 2022 में 2576, 2023 में 1579, 2024 में 888 मामले चिह्नित किए गए थे। अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी जिसमें 35 कर्मचारियों की चार्जशीट किया गया था। 28 कर्मचारियों को निलंबित और 582 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इस बार किसानों पर 3.80 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। 58 किसानों पर एफआईआर और 47 किसानों की रेड एंट्री की गई है। प्रदेश के जिन 47 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिए गए है उनमें पलवल के 24, कैचल के 19, करनाल के 1, सिरसा के 3 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।  

पंजाब में खौफ का माहौल! शिव सेना नेता को निशाना, फायरिंग में एक की जान गई

होशियारपुर  होशियारपुर शहर के नारायण नगर इलाके में उस समय दहशत फैल गई जब एक कार सवार लोगों ने शिवसेना हिंदुस्तानी के उपाध्यक्ष राजिंदर राणा पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया और वह फरार हो गए। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। घटना के दौरान गोलियां भी चलाई गईं, जिससे एक युवक घायल हो गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बारे में स्पष्ट नहीं किया है। जानकारी के अनुसार, पुरानी रंजिश और विवाद के चलते एक पुराने मामले में दो पक्ष अदालत में पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया और एक युवक की बुरी तरह पिटाई कर दी। इसके बाद दूसरे पक्ष ने शाम करीब साढ़े पांच बजे नारायण नगर में शिवसेना हिंदुस्तानी के नेता राजिंदर राणा और उनके परिवार को घेर लिया और उनकी कार पर हमला कर दिया। पूरी घटना सी.सी.टी.वी. में कैद हो गई, जिसमें युवक एक सफारी कार से उतरकर पास में खड़ी एक कार में सवार लोगों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। भागने के लिए चालक कार को तेजी से भगाकर सूरज नगर पुरानी कॉलोनी की ओर ले गया। हमलावरों ने उनका पीछा किया। कार इतनी तेज़ गति से चल रही थी कि पहले एक ईंट की दीवार से टकराई और फिर बैंक कॉलोनी निवासी एक बुज़ुर्ग महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और कार चलाने लायक हालत में नहीं थी। कार में सवार लोग कार वहीं छोड़कर भाग गए। बताया जा रहा है कि कार में सवार एक युवक को गोली मार दी गई और वह नजदीक छिप गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। पीछा कर रहे हमलावरों की गाड़ी भी मौके से फरार हो गई। मृतक की पहचान बैंक कॉलोनी निवासी जीवन लता (70) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और निवासियों ने पुलिस से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की। 

SC का बड़ा फैसला, उज्जैन में मस्जिद तोड़ने के खिलाफ दायर याचिका खारिज

उज्जैन  सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को झटका देते हुए उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसने उज्जैन स्थित तकिया मस्जिद के विध्वंस को बरकरार रखने का फैसला सुनाया था। यह याचिका इस मस्जिद में नमाज अदा करने वाले 13 स्थानीय नागरिकों ने दायर की थी, और इसके जरिए उन्होंने आरोप लगाया गया था कि मध्य प्रदेश सरकार ने महाकाल मंदिर के पार्किंग क्षेत्र को बढ़ाने के लिए उनकी 200 साल पुरानी मस्जिद को तोड़ दिया है। इस याचिका के जरिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत की मांग करते हुए हाई कोर्ट के फैसले पर स्टे लगाने की अपील की थी, ताकि उस जगह पर कोई निर्माण कार्य ना हो सके। साथ ही इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि विध्वंस और अधिग्रहण कानून के अनुसार किया गया था और इसके लिए मुआवजा भी दिया गया था। अदालत ने कहा कि 'वैधानिक योजना के अंतर्गत यह जरूरी है कि प्रभावितों को मुआवजा दिया जाए।' अदालत ने इस बात का उल्लेख भी किया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा पहले उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका वापस ले ली गई थी। न्यायालय ने कहा, 'आपने उसी… मांग को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की थी, जिसे वापस लेते हुए खारिज कर दिया गया था।' याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर शमशाद ने सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष रखा और उच्च न्यायालय के तर्क को कानून की दृष्टि से गलत बताया। उन्होंने कहा 'जिस तरह से यह किया गया है। इस पर विचार करने की जरूरत है। विवादित आदेश को पारित करते हुए यह तर्क दिया गया है कि याचिकाकर्ता अपने घर में या कहीं और भी नमाज अदा कर सकते हैं। यह तर्क दिया गया है।' हालांकि सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'उच्च न्यायालय ने बहुत अच्छा तर्क दिया है कि याचिका खारिज कर दी गई और वापस ले ली गई, और मुआवजा दिया गया।' इसके बाद जब शमशाद ने कहा कि, 'मुआवजा अनधिकृत व्यक्तियों को दिया गया था।' तो अदालत ने याद दिलाया, 'इसके लिए आपके पास कानून के अंतर्गत उपाय मौजूद हैं।' आगे अपनी बात को मजबूती से रखते हुए शमशाद ने कहा, 'यह बहुत गंभीर मामला है। क्योंकि आपको किसी अन्य धार्मिक स्थल के लिए पार्किंग की जरूरत है और आप हमारी मस्जिद को गिरा देते हैं और कहते हैं कि आपके पास इसका अधिकार नहीं है?' हालांकि, इसके बाद भी पीठ ने उनकी अपील खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, मस्जिद को 1985 में वक्फ के रूप में अधिसूचित किया गया था और इस साल जनवरी में 'अवैध घोषित किए जाने और मनमाने तरीके से ध्वस्तीकरण' से पहले 200 सालों तक इसका जीवित मस्जिद के रूप में इस्तेमाल होता रहा। उन्होंने कहा कि इस तरह यह विध्वंस पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991, वक्फ अधिनियम 1995 (अब एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995) और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में निष्पक्ष मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 का उल्लंघन था। याचिका में यह भी दावा किया गया था कि ध्वस्तीकरण से पहले सरकार की ओर से की गई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में अनियमितता है। याचिकाकर्ताओं ने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राज्य सरकार ने अधिग्रहण की झूठी कहानी गढ़ने के लिए क्षेत्र में अवैध कब्जाधारियों और अतिक्रमणकारियों को मुआवजा दे दिया। याचिकाकर्ताओं ने मस्जिद को दोबारा बनवाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, पहले सिंगल बेंच और फिर डबल बेंच ने याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

तेजस्वी बोले—जनता ने 121 सीटों पर दिया महागठबंधन को एकजुट समर्थन, बदलाव तय

पटना बिहार चुनाव में ऐतिहासिक 64.46 फीसदी मतदान के बाद सियासत जारी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने पहले चरण की वोटिंग में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन जीत का दावा किया था। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन को एकमुश्त वोट मिलने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बिहार ने प्रथम चरण में बदलाव के लिए मतदान किया है। हर बिहारवासी ने 20 साल के अंधकार को मिटाने के लिए, घर से निकल कर परिवर्तन की ऐसी रोशनी जलाई कि पूरे बिहार में सुख, समृद्धि, सुरक्षा, सम्मान, सौहार्द, शांति और खुशहाली की दस्तक सुनाई देने लगी है। बिहार में महापरिवर्तन होने जा रहा है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि 20 साल में पहली बार इस तरह की अभूतपूर्व बदलाव की लहर महागठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रही है। हर घर से ही नहीं, हर हृदय से भी सिर्फ एक ही आवाज सुनाई दे रही है कि इस बार नई युवा सरकार लायेंगे, हर घर से सरकार चलायेंगे और हर बिहारवासी को सीएम यानी चिंता मुक्त और चेंज मेकर बनायेंगे। बुजुर्ग और हमारे युवा साथियों ने जिस जोश, जुनून , जज़्बे, उम्मीद और उत्साह के साथ लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, उससे साफ हो चुका है कि बिहार में महापरिवर्तन होने जा रहा है। 20 वर्षों से बेरोजगारी, गरीबी, अपराध, अन्याय, गैर बराबरी, अत्याचार, भ्रष्टाचार और अनगिनत पीड़ाओं का अंत होने जा रहा है। सभी 121 सीटों पर बिहारवासियों ने महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में एकमुश्त वोट किया है। इसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं। बिहार के परिवर्तन युग के प्रकाश पुंज है तेजस्वी यादव ने बिहारवासियों से कहा कि आप लोग मेरी शक्ति और बिहार के परिवर्तन युग के प्रकाश पुंज है। अभी थमना नहीं है, रुकना नहीं है। तकनीकी से तरक्की का प्रकाश थोड़ी ही दूर पर जगमगाता दिख रहा है। हमें विनम्रता के साथ मंजिल तक मजबूत कदम रखते हुए पहुंचना है। विपक्ष द्वारा उत्पन्न बाधाओं का सामना करते हुए, लोकतंत्र और संविधान पर आए खतरे को मिटाते हुए, जनता जनार्दन के हर सपने को लक्ष्य तक पहुंचाना है। आप सभी प्रथम चरण की भांति ही दूसरे चरण यानि 11 नवंबर को भी अपना प्रेम, आशीर्वाद, स्नेह और सहयोग तेजस्वी को दें। आपका बेटा, भाई और साथी, तेजस्वी वचन देता है कि अगले पांच साल में बिहार को इतना खुशहाल बनाएंगे कि 14 नवंबर की तारीख को लोग त्योहार के रूप में मनाने लगेंगे, एक ऐसे दिन के रूप में जिस दिन बिहार में विकसित बनने वाली तरक्की का आगमन हुआ था।

सीएम योगी ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटिया से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की

योगी ने कांग्रेस व राजद को धोया, बोले- अराजकता पैदा करना इनका जन्मसिद्ध अधिकार बिहार विधानसभा चुनाव (कंपाइल खबर) सीएम योगी ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटिया से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की योगी ने दूसरी रैली में लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी को फिर से विधानसभा में भेजने का किया आग्रह सीएम योगी ने ढाका विधानसभा से एनडीए प्रत्याशी पवन कुमार जायसवाल के समर्थन में मांगा वोट लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार में अंधेरा करने वाले अब राशन हजम करने की तैयारी में हैंः सीएम योगी ने विपक्षी दलों को घेरा, बोले-नौकरी के बहाने नौजवानों की जमीन हड़प लेते थे, महागठबंधन फिर नौकरी के नाम पर धोखा देने निकला है योगी ने दिखाया आईना- महागठबंधन में हिम्मत नहीं कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर सकें, यूपी में माफिया की छाती पर चलता है बुलडोजर तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य किया, मैंने भी गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को ही दी ढाका में घुसपैठियों के आका को भी लगाएंगे ठिकानेः सीएम योगी रैलियों में योगी को देखने उमड़ा जनसैलाब, बुलडोजर बाबा जिंदाबाद से गूंज उठा बिहार पूर्वी चम्पारण/पश्चिम चंपारण उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले चरण के मतदान के अगले दिन शुक्रवार को बिहार में राजद-कांग्रेस पर ऐसा तीखा प्रहार किया कि जनसभा में पहुंची जनता का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। सीएम ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटियागंज से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की। दूसरी रैली में लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी को फिर से विधानसभा में भेजने का आग्रह किया। तीसरी रैली में उन्होंने ढाका से पवन कुमार जायसवाल के लिए वोट मांगा। रैलियों में योगी आदित्यनाथ को देखने जनसैलाब उमड़ा। पूरा बिहार बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। सीएम ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अराजकता इनका जन्मसिद्ध अधिकार है। चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का सीएम योगी ने कहा कि जो लोग लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार को अंधेरे में झोंकते थे, फिर से वही आपका राशन हजम करने आए हैं। यह चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का है। बिहार को 1990 से 2005 के बीच जातीय संघर्ष, नरसंहार, अपहरण और डकैती के दौर में झोंकने वाले अब फिर नई पैकिंग में वोट मांगने निकले हैं। यह वही लोग हैं, जिन्होंने लालटेन की धुंधली लाइट में बिहार में जातीय संघर्ष करवाया था। यह लोग लालटेन की केरोसिन को बेच करके अंधेरा करते थे, फिर घरों में डकैती भी डालते थे। जो लोग पहले चारा खा गए, अब राशन खाने आए हैं। यह वही लोग हैं जिन्होंने नौजवानों को बेरोजगारी और अपराध के अंधेरे में धकेला। अब फिर जातीय नफरत और लूट का राज वापस लाना चाहते हैं, लेकिन बिहार की जनता अब विकास और विरासत के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश में माफिया की संपत्ति जब्त कर गरीबों के घर बनाए गए, वैसे ही बिहार में भी सुशासन से अपराध और नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प लिया है कि 2026 तक देश से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी तत्कालीन सरकार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी रैली में कांग्रेस व राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि यह लोग विकास, गरीब कल्याण की योजनाएं रोक देंगे और फिर से जंगलराज पैदा करेंगे। कांग्रेस व राजद के समय में बिहार में व्यापारी, इंजीनियर, चिकित्सक, बेटियों का लगातार अपहरण होता था। सरकार कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी। महागठबंधन में हिम्मत नहीं है कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर सके। यूपी को देखें, जब वहां माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं। कांग्रेस, राजद व इनके पार्टनर दंगाइयों को प्रश्रय, व्यापारियों का सरेआम अपहरण करने वालों और खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं। सीएम योगी ने मतदाताओं को चेताया कि राजद, कांग्रेस वाले बहकाने आएंगे। जब यह 15 वर्ष सत्ता में थे तो नौजवानों को ठगते थे। नौकरी के बहाने उनकी जमीन हड़प डाली थी। अपहरण उद्योग बन चुका था। नया उद्योग नहीं लगता था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपहरण उद्योग बंद हुआ। सीएम योगी ने अपील की कि जिन्होंने 2005 के पहले बिहार के जंगलराज, अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार को देखा है, वे वर्तमान पीढ़ी को भी बताएं। सीएम योगी ने कहा कि भोजपुरी की मिठास दुनिया में हर जगह पहुंची है। भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाया। भोजपुरी संस्कृति जहां भी गई, उस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया। कलाकार भगवान की अनमोल धरोहर होते हैं। कला का सम्मान होना चाहिए। मैंने गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को दी। ढाका में घुसपैठियों के आका को भी ठिकाने लगाएंगे सीएम योगी ने तीसरी रैली में कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने बिहार की गौरवशाली परंपरा को कलंकित किया है। इन दलों ने बिहार को जातीय आधार पर बांटा, नौजवानों को पहचान के संकट में धकेला और विकास की गति को रोक दिया। ढाका में घुसपैठियों के आका को भी ठिकाने लगाएंगे। नौजवान बिहार को बांटने वालों के बहकावे में नहीं आएंगे। बिहार अब विकास चुन रहा है, एनडीए की सरकार चुन रहा है। सीएम योगी ने कहा कि एनडीए के समर्थन में पहले चरण में बिहार की माताओं, किसानों, नौजवानों का उत्साह दिखा। बिहार की धरती पर 65 फीसदी मतदान बताता है कि 14 नवंबर को ईवीएम खुलेगी तो फिर एक बार एनडीए सरकार का नारा साकार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार में विकास भी है और विरासत का सम्मान भी। सड़क, बिजली, पानी, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं से बिहार नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी पर हमला करते हुए कहा कि ये वही दल हैं जो ढाका जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को घुसपैठ का केंद्र बनाकर अराजकता … Read more

ठंड का नया रिकॉर्ड! मार्च तक sweaters और रजाई से नहीं मिलेगी राहत

रांची झारखंड में नवंबर महीने में ही ठंड ने सभी लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। अब लोगों के मन में बस यही सवाल है कि अभी से ये हाल है तो दिसंबर और जनवरी में हमारा क्या हाल होगा। वहीं, इसी बीच मौसम विभाग का कहना है कि होली में भी ठंड रहने वाली है। 48 घंटे बाद तापमान में आएगी और गिरावट बता दें कि वैसे तो झारखंड में अभी से ही ठंड देखी जा रही है, लेकिन 48 घंटे बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी जिससे राज्य भर में ठंड अधिक बढ़ जाएगी। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि रांची समेत राज्य में अगले 2 दिन सुबह के तापमान में स्थिरता रह सकती है, लेकिन इसके बाद हवा के रूख में तेजी आने से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। इससे सुबह में ठंड और कुहासा बढ़ेगा। दोपहर के दौरान मौसम साफ रहेगा। इस बार स्वेटर पहनकर मनानी पड़ेगी होली मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मध्य मार्च तक ठंड देखने को मिलेगी। ऐसे में होली शायद स्वेटर पहनकर मनानी पड़े, लेकिन दिसंबर और जनवरी के 2 महीने हाड़ कपाने वाली ठंड देखने को मिलेगी। ऐसे में मौसम विभाग ने झारखंड के लोगों को आगामी दिनों में ठंड के लिए तैयार रहने और स्वयं का विशेष ख्याल रखने के लिए चेतावनी दी।