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लोकतंत्र का पर्व सहरसा में जोरों पर: दो सीटों पर 1 घंटे पहले थमेगा मतदान

सहरसा बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार थमने के साथ ही सहरसा जिले में मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने समाहरणालय के सभा कक्ष में संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने बताया कि जिले की चार विधानसभा सीटों 74 सोनवर्षा, 75 सहरसा, 76 सिमरी बख्तियारपुर और 77 महिषी पर 6 नवंबर, गुरुवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। हालांकि, सिमरी बख्तियारपुर और महिषी विधानसभा क्षेत्रों में भौगोलिक स्थिति को देखते हुए मतदान शाम 5 बजे तक ही कराया जाएगा। मतगणना 14 नवंबर, शुक्रवार को होगी। सहरसा जिले में कुल 12 लाख 96 हजार 74 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 6 लाख 79 हजार 117 पुरुष, 6 लाख 16 हजार 875 महिला और 22 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए कुल 1566 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सोनवर्षा विधानसभा में 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जहां 358 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 1 हजार 868 मतदाता मतदान करेंगे। सहरसा विधानसभा में 10 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं और यहां 437 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 69 हजार 912 मतदाता वोट डालेंगे। सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा में 15 उम्मीदवार मैदान में हैं और यहां 410 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 36 हजार 625 मतदाता मतदान करेंगे। इस क्षेत्र में पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर 35 लोकेशन पर 69 मतदान केंद्र हैं, जहां भौगोलिक स्थिति के कारण मतदान शाम 5 बजे तक ही होगा। महिषी विधानसभा में 14 प्रत्याशी मैदान में हैं और यहां 361 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 87 हजार 669 मतदाता मतदान करेंगे। महिषी क्षेत्र में भी पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर 46 मतदान केंद्र हैं, जो कठिन भूगोल वाले क्षेत्र में स्थित हैं और यहां भी मतदान शाम 5 बजे तक ही होगा। दोनों तटबंध वाले क्षेत्रों में मतदान कर्मियों और सामग्री के आवागमन के लिए जीपीएस युक्त नावों और ट्रैक्टरों की व्यवस्था की गई है। डीएम ने बताया कि सोनवर्षा और महिषी विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम डिस्पैच, संग्रहण और मतगणना केंद्र के रूप में रमेश झा महिला महाविद्यालय को चुना गया है। सोनवर्षा के विभागीय जांच अधिकारी अपर समाहर्ता गणेश कुमार और महिषी के विभागीय अधिकारी अपर समाहर्ता मृत्युंजय कुमार होंगे। सहरसा विधानसभा का मतगणना केंद्र सहरसा जिला स्कूल में रहेगा, जिसके प्रभारी अपर समाहर्ता संजीव चौधरी होंगे। वहीं, सिमरी बख्तियारपुर का मतगणना केंद्र राजकीय कन्या उच्च विद्यालय सहरसा में बनाया गया है, जिसके अधिकारी उप विकास आयुक्त संजय कुमार निराला होंगे। डीएम ने बताया कि आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का एक मामला जन सुराज पार्टी के निर्वाचन अभिकर्ता पर दर्ज किया गया है। सहरसा जिले में 3092 मतदान कर्मियों ने डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया है। चुनावी सख्ती के तहत अब तक 40 लाख 39 हजार 490 रुपये नकद और 11,153.525 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीब 36 लाख 72 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने बताया कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए 53 कंपनियां CAPF, 2 कंपनियां BSAP, 1500 पुलिसकर्मी और पदाधिकारी, तथा 2400 होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। कोसी तटबंध के भीतर स्थित 105 मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए मतदान कर्मियों को जीपीएस युक्त नावों और ट्रैक्टरों की सुविधा दी गई है। इन मतदान केंद्रों पर 15 क्लस्टर पॉइंट बनाए गए हैं, जहां जनरेटर और प्रकाश की व्यवस्था भी की गई है। रात में नावों को आसानी से पहचानने के लिए रेडियम लाइट स्ट्रिप लगाई गई है। इसके अलावा, दुर्गम इलाकों में मतदान कर्मियों की मदद के लिए 8 SDRF टीम तैनात की गई हैं। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। इस बार जिले में 12 मॉडल मतदान केंद्र, 11 यूथ केंद्र, 15 वीमेन केंद्र, और 4 पीडब्लूडी केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 6932 पोलिंग अधिकारी और 177 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर पुरुष और महिला के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली, और रैंप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए 794 व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों की सहायता का प्रावधान किया गया है। डीएम ने बताया कि सक्षम ऐप के माध्यम से पंजीकृत दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के दिन वाहन सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे आसानी से मतदान केंद्र तक पहुंच सकें।

यूपी के मुख्यमंत्री ने सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में की जनसभा

सासाराम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान को पांडव की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि 1990 से 2005 के बीच राजद ने बिहार में जंगलराज लाया था, लेकिन पीएम मोदी व नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार का विकास कर रही है। देश का उत्थान करते हुए भारत को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पांच पांडव (मोदी, नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान) के नेतृत्व में मजबूत गठबंधन एनडीए के रूप में संकल्प लेकर बढ़ा है कि बिहार में फिर से जंगलराज नहीं आने देना है। सीएम ने बिहार वासियों से अपील की कि जंगलराज के खिलाफ सुशासन की सुदृढ़ नींव पर मजबूत व समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है। उत्तर प्रदेश की व्यस्तताओं के बीच बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार किया। दूसरी रैली में सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए उम्मीदवार स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में रैली की।सीएम ने यहां भी राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। उन्होंने कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। योगी का तंज- ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं महागठबंधन वाले सीएम ने वाराणसी के देव दीपावली का जिक्र करते हुए मिट्टी से बनने वाले दीप से प्रजापति समाज को लाभ होगा। इसमें लगे तेल का पैसा किसानों के पास जाएगा। पुजारी, माली,  कुम्हार समेत हर व्यक्ति इससे जुड़कर आस्था का सम्मान व रोजगार का सृजन कर रहा है। सीएम योगी ने मां जानकी के साथ ही बिहार के अनेक महापुरुषों का भी स्मरण किया। सीएम ने कहा कि बिहार की तरह सासाराम व रोहतास जनपद का भी गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन कांग्रेस व राजद ने नागरिकों के सामने पहचान,  बहन-बेटियों, व्यापारियों व उद्यमियों के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा किया था तो किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। आज जो लोग घोषणाएं कर रहे हैं, वह लोग महागठबंधन बनाकर ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं, इन्हें फिर से नहीं आने देना है। सीएम ने दिलाया विश्वास- वाराणसी में हुई घटना की कर रहे जांच, दोषियों पर करेंगे कड़ी कार्रवाई सीएम योगी ने कहा कि साल भर पहले यहां की बेटी परीक्षा की तैयारी की कोचिंग के लिए वाराणसी गई थी। उसके साथ दुखद घटना हुई,  हम उसकी जांच कर रहे हैं। एसआईटी गठित करेंगे और दोषियों को सख्त सजा देंगे। बेटी की सुरक्षा व सम्मान होगा। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का यमराज के घर का टिकट कटवा देंगे। बिहार को भी त्रस्त करने वाले माफिया के आतंक को समाप्त किया और उसकी हवेली को धराशायी कराया सीएम योगी ने कहा कि एक माफिया ने बिहार को भी त्रस्त किया था। आजमगढ़, गाजीपुर, वाराणसी, लखनऊ तक उसका आतंक था। वह सपा और राजद का शागिर्द था। उसने लखनऊ में डीजीपी आवास के सामने गरीबों व सरकारी जमीन पर कब्जा कर महलनुमा आवास बना लिया था। सरकार बनी तो हमने पूछा कि सरकारी जमीन पर किसने कब्जा किया है। लोग नाम लेने से डरते थे। हमने जमीन कब्जा मुक्त कराई, उसकी हवेली को धराशायी कराया और वहां गरीबों के आवास बनवाए। आज सुबह वहां गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। यह कार्य केवल एनडीए कर सकती है। यूपी में नौजवान मस्त और माफिया पस्त है सीएम योगी ने कहा कि एनडीए गठबंधन स्वर्णिम बिहार के लिए आप सभी का समर्थन मांगने आई है। यूपी व बिहार सांझी विरासत को लेकर बढ़ता है। श्रीराम व मां जानकी के अटूट संबंध जैसा ही यूपी व बिहार का संबंध इसी पवित्रता के साथ जुड़ा हुआ है। यूपी में कानून का राज, सबको सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन है। विकास, रोजगार सृजन, निवेश हो रहा है। यूपी में नौजवान मस्त है, माफिया पस्त है। यही बिहार के अंदर भी करना है।   11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान सीएम योगी ने केंद्र सरकार की योजनाएं भी गिनाईं। फिर कहाकि पिछले 20 वर्ष में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को आगे बढ़ते देखा है। आज रेल,  एयर, मेट्रो कनेक्टिविटी समेत इनलैंड वॉटरवे की कनेक्टिविटी बिहार होते हुए यूपी के काशी व प्रयागराज तक होने जा रही है। बिहार में अब विकास की हर योजनाएं हैं। 11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक पहचान दिला दी। बिहार का व्यक्ति देश में कहीं भी चला जाए, यदि उसके पास राशन-आयुष्मान कार्ड है तो वह यूपी-एमपी, गुजरात में भी लाभ ले सकता है। यूपी में बनी भाजपा सरकार तो हमने कराया राम मंदिर का निर्माण सीएम योगी ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ाया तो विरासत का सम्मान भी किया है। योगी ने राजद व कांग्रेस के पार्टनर समाजवादी पार्टी के कारनामे पर भी चर्चा की। बोले कि कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं,  राजद ने राम मंदिर के रथ को रोक दिया और समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान किया था। हम तब भी बोलते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। यूपी में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने के बाद राममंदिर बनने से कोई नहीं रोक पाया। सीतामढ़ी में भी मां जानकी का मंदिर भी बन रहा है। अयोध्या को सीतामढ़ी से जोड़ने के लिए 6155 करोड़ रुपये से कॉरिडोर बन रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया।

उद्योगों की रफ्तार बढ़ी: राजस्थान में 7.05 लाख करोड़ के निवेश पर जमीन पर काम शुरू

जयपुर राजस्थान में निवेश परिदृश्य अब इरादों से हकीकत की ओर बढ़ रहा है। अब तक हुए 3,362 एमओयू पर ज़मीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है, जिनमें 7.05 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। ये निवेश राज्य के 20 प्रमुख सेक्टरों में किए जा रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र निवेश में सबसे आगे है, जिसमें 432 एमओयू के माध्यम से 5.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े बड़े उपक्रम शामिल हैं, जो राजस्थान को देश का अग्रणी क्लीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में हैं। सेक्टर वाइज निवेश का ब्योरा: उद्योग विभाग ने 1,182 एमओयू के तहत 57,319 करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित किए हैं, जो विनिर्माण और एमएसएमई सेक्टर में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। शहरी विकास एवं आवासन क्षेत्र में भी 306 एमओयू के तहत 26,826 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट क्रियान्वयन के चरण में हैं, जिनका फोकस शहरी विस्तार, सस्ती आवास योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर है। इसके अलावा, खनन क्षेत्र में 22 एमओयू के माध्यम से 28,092 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र में 267 एमओयू के तहत 8,907 करोड़ रुपये के निवेश से हेरिटेज, इको और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में 663 एमओयू से 7,741 करोड़ रुपये के निवेश के जरिए एग्री-वैल्यू चेन और फूड प्रोसेसिंग को मज़बूती दी जा रही है। चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा में भी 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जो स्वास्थ्य और कौशल विकास के बुनियादी ढांचे को सशक्त करेंगे। इसके साथ ही, एविएशन, आयुष, पशुपालन, आईटी और खेल जैसे उभरते क्षेत्रों में भी नई नीतियों के तहत ठोस प्रगति हो रही है। सभी एमओयू की मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित तंत्र बनाया गया है ताकि तय समयसीमा में इन निवेशों को धरातल पर उतारा जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह राजस्थान की आर्थिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राज्य ने निवेश घोषणाओं और वास्तविक कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाट दिया है। 7.05 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य प्रगति पर होने के साथ, राजस्थान देश के सबसे तेज़ी से बढ़ते निवेश गंतव्यों में शामिल हो रहा है- अक्षय ऊर्जा, विनिर्माण उत्कृष्टता और प्रगतिशील नीतियों के बल पर। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में आयोजित इन्वेस्ट राजस्थान समिट (9-11 दिसंबर) के दौरान राज्य सरकार ने रिकॉर्ड 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए थे। 12 नई नीतियां लाने की तैयारी निवेश प्रस्तावों को रफ्तार देने के लिए सरकार इसी साल 12 नई नीतियां भी लाने की तैयारी कर चुकी है। इनमें से कुछ नीतियों के ड्रॉफ्ट कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे जा चुके हैं। आने वाली नई नीतियां इस प्रकार हैं: 1. एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग: किसानों की आय बढ़ाने और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने पर जोर। 2. नई औद्योगिक नीति: मैन्युफैक्चरिंग को सशक्त बनाकर बड़े निवेश को आकर्षित करने की योजना। 3. एविएशन और लगिंग: राजस्थान को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस का हब बनाना, ड्रोन्स और स्पेयर पार्ट्स के लिए तैयार करेंगी नीति। 4. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए राजस्थान को नया ग्लोबल हब बनाना। मल्टीनैशनल कंपनियों के आने से टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और सपोर्ट सेंटर खुल सकेंगे। 5. नई टूरिज्म नीति: राजस्थान की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता को नए रूप में पेश करने की कोशिश। हेरिटेज, ईको और ग्रामीण टूरिज्म को प्राथमिकता। 6. ग्रीन ग्रोथ क्रेडिट नीति: पर्यावरण अनुकूल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा, जिसमें सोलर एनर्जी, ग्रीन एनर्जी और हरित उद्योग शामिल होंगे। 7. स्पोर्ट्स नीति: नई प्रतिभाओं के लिए अवसर, विश्वस्तरीय ढांचा का विकास। प्रशिक्षकों और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर पर फोकस। 8. एफएमसीजी नीति: मैन्युफैक्चरिंग और कृषि की बेहतर उपयोगिता सुनिश्चित कर एफएमसीजी क्षेत्र को बढ़ावा। छोटे और मध्यम उद्योगों की भागीदारी की दिशा में कदम। 9. आईटी आउटसोर्सिंग और फॉरेस्ट नीति: ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी और युवाओं को रोजगार बढ़ाने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा। 10. ट्रेड प्रमोशन नीति: व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए योजना। 11. सेमीकंडक्टर पॉलिसी: टेक्नोलॉजी हार्डवेयर निवेश के लिए नई सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग नीति तैयार की जाएगी। 12. ड्रोन और एयरो स्पेस पॉलिसी: एयरोस्पेस उद्योगों में निवेश को नई दिशा देने। राज्य में हार्ड-कोर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब स्थापित करने पर फोकस।  

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दंपति ने प्रकाश उत्सव पर गुरुग्रंथ साहिब के आगे झुकाया शीश

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज यानी गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर पीपी कंपाउंड स्थित गुरु नानक स्कूल में 556वें “प्रकाश उत्सव” में शामिल हुए। इस दौरान उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद रही। मुख्यमंत्री ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और झारखंड वासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी के विचार समाज को एक सूत्र में बांधने का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन सिख समाज ही नहीं, पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। प्रकाश उत्सव में शामिल होकर मुझे हर बार अपार हर्ष की अनुभूति होती है। यह आयोजन सामाजिक एकता और सद्भाव का प्रतीक है। सीएम हेमंत ने कहा कि गुरु नानक देव जी सिर्फ सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि समूचे मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी दूरदर्शी सोच और मानवीय दृष्टिकोण आज भी मार्गदर्शन देता है। उनके बताए रास्तों और आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है।  

दूसरे चरण की तैयारी पूरी: 121 सीटों पर कल पड़ेगा वोट, 1314 उम्मीदवार मैदान में

पटना बिहार में पहले चरण मतदान कल यानी छह नवंबर को है। 115 विधानसभा क्षेत्र के 45341  मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। छह विधानसभा क्षेत्रों के 2135 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से पांच बजे तक ही वोटिंग होगी।  बुधवार सुबह से ही डिस्पैच सेंटरों से मतदान कर्मी ईवीएम-वीवीपैट और अन्य सामग्री लेने में जुट गए। आज शाम तक सभी मतदान केंद्र पर सुरक्षा बल पहुंच जाएंगे। गुरुवार सुबह पांच बजे ही बूथ लेवल एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल किया जाएगा। इसके दो घंटे बाद यानी सात बजे मतदान शुरू होग। पहले चरण में इन जिलों में मतदान पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होगा। यह जिले हैं- मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर। इन 121 सीटों पर कुल 2496 नामांकन दाखिल हुए थे। जांच के क्रम में 1939 को वैध पाया गया। उनमें से 70 प्रत्याशियों ने नामांकन बाद में वापस ले लिया। इसके बाद, कई सेट में नामांकन की छंटनी करते हरेक प्रत्याशी के एक नामांकन को लिया गया तो प्रत्याशियों की कुल वास्तविक संख्या 1314 रह गई। इनमें 1192 पुरुष और 122 महिलाएं शामिल हैं। इस चरण में 102 सामान्य और 19 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर मतदान होगा। 100 वर्ष से अधिक आयु वाले 6,736 मतदाता पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। एक करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, एक करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।। इसके अलावा, 1, 00, 904 सर्विस वोटर भी इस चरण में वोट डालेंगे। मतदान केंद्रों पर दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। 3, 22, 077 दिव्यांग मतदाता और 5, 31, 423 वरिष्ठ नागरिक मतदाता (जिनमें 80 वर्ष से अधिक आयु वाले 5, 24, 687 और 100 वर्ष से अधिक आयु वाले 6,736 मतदाता शामिल हैं) भी लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेंगे। पहले चरण के मतदान में सात लाख 37 हजार 765 मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। इनमें से अधिक 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवा वोटर है। वहीं 18 से 40 वर्ष के बीच के 1, 96, 27, 330 युवा मतदाता इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।  

उच्च सुरक्षा वाले इलाके में बुलडोजर चला, महाकाल मंदिर मार्ग पर अवैध निर्माणों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

उज्जैन   उज्जैन शहर के बेगमबाग इलाके में बुधवार को उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) की कार्रवाई में मुस्लिम बाहुल्‍य इलाके के 12 मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चला है। सुबह 7 बजे निगम अमला मौके पर पहुंचा और सभी तैयारियां पूरी होने के बाद करीब 8 बजे तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान हरिफाटक से महाकाल घाटी मार्ग को बंद किया गया। यूडीए के सीओ संदीप सोनी ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, ये कार्रवाई लीज डीड के उल्लंघन के मामलों में 5वीं है। इनमें 3 प्लॉट टुकड़े करके बनाए गए 12 अवैध निर्माण (इनमें मकान और दुकानें शामिल थीं)। जबकि, कारर्वाई के लिए 4 पोकलेन मशीनें, 3 जेसीबी मशीनें और नगर-निगम के 50 से अधिक कर्मचारी के साथ भारी पहले भी यहां हो चुकी कार्रवाई बेगमबाग इलाके में 24 अक्टूबर को सभी 12 परिवारों को अंतिम नोटिस थमाया गया था। इससे पहले भी इसी इलाके में 27 निर्माण गिराए जा चुके हैं। कुल मिलाकर 60 से अधिक अवैध स्ट्रक्चर हटाकर जमीन विकास प्राधिकरण के कब्जे में ली जाएगी। 24 मीटर रोड निर्माण के लिए हटाया गया अतिक्रमण मकानों को हटाकर खाली कराई गई जमीन पर जल्द ही सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाएगा। सिंहस्थ कुंभ के लिए ये सड़क 24 मीटर चौड़ी होगी, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग तैयार हो सकेगा। इन लोगों के मकान तोड़े गए -खंड क्रमांक 26 : सैयद लियाकत अली, रोशनी बी के दो निर्माण जमीदोज किए। -भूखंड क्रमांक 48 : साजिद अहमद खान, रईस मोहम्मद, अब्दुल खालिक, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद नासिर, अकेला बी, एजाज अहमद के 7 निर्माण तोड़े गए। -भूखंड क्रमांक 63 : अनीशा बी, अब्दुल नासिर, उवैस शेख, आयशा बी, फेमिदा के 3 निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया। कार्रवाई की यह वजह बेगमबाग इलाके में साल 1985 में 34 प्लॉट 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिए गए थे। नियम के तहत प्लॉट्स को न बेचा जा सकता था और न ही व्यावसायिक उपयोग किया जा सकता था। बावजूद इसके कई लोगों ने मकानों पर दुकानें और होटल खोलकर प्लॉट काटकर बेचना शुरू कर दिया। इसके अलावा लीज का भुगतान भी नहीं किया गया। हाईकोर्ट से स्टे लीज अनुबंध का उल्लंघन और नियम के विपरीत जमीन के उपयोग के कारण यूडीए ने ये कार्रवाई की। हालांकि, कुछ लोगों ने इस मामले में हाईकोर्ट से स्टे (रोक) भी ले रखा है।

डिवाइडर पर चढ़ी कार देख लोग समझे नशे में ड्राइवर, देख तो पूर्व सरपंच को आया हार्ट अटैक

कोटा जिले में कार चलाते समय एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना के दौरान गाड़ी तेजी से डिवाइडर पर चढ़कर दूसरी ओर उतर गई। राहगीरों ने पास जाकर देखा तो उसमें ड्राइवर की सीट पर 55 वर्षीय अर्जुन गुंजल बैठे हुए थे। उन्हें सीने में लगातार दर्द उठ रहा था, इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पहले राहगीरों को यह लगा था कि किसी ड्राइवर ने नशे की हालत में यह एक्सीडेंट किया है। गुंजल के रिश्तेदार भारत गुर्जर ने बताया कि अर्जुन गुंजल सरपंच रह चुके हैं और पूरी तरह स्वस्थ भी थे। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ घंटे पहले उन्हें उल्टी हुई थी, तब वे गैस की समस्या बताकर निकल गए। बाद में सूचना मिली कि यह हादसा हो गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी रविंद्र सिंह ने बताया कि गाड़ी के आसपास काफी भीड़ लगी हुई थी। पहले लग रहा था कि किसी ड्राइवर ने शराब की नशे में गाड़ी ठोंक दी है। गाड़ी के पीछे गुंजल लिखा होने पर रविंद्र ने अपने दोस्त रूपचंद गुंजल को कॉल करके बताया। इसके बाद पता चला कि यह गाड़ी अर्जुन गुंजल की है। राहगीरों ने गाड़ी का शीशा तोड़कर अर्जुन को बाहर निकाला और सीपीआर देने की कोशिश की लेकिन उनके शरीर पर किसी भी तरह की कोई हलचल नहीं दिख रही थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इस दौरान चिकित्सकों ने भी उन्हें सीपीआर देकर रिकवरी करने की कोशिश भी की लेकिन सफल नहीं हो सके।

लोकतंत्र का पर्व: दरभंगा में तैयार 3329 बूथ, कुशेश्वरस्थान में नाव बनेगी मतदान का साधन

दरभंगा दरभंगा जिले में विधानसभा चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और सुविधा की व्यापक व्यवस्था की है। जिले में कुल 3329 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 24 आदर्श मतदान केंद्र हैं, जबकि 54 मतदान केंद्रों पर पूरी तरह से महिला मतदान कर्मी और महिला सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगन्नाथ रेड्डी ने देर शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि जिले में चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण मतदान प्रक्रिया थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो गई है। यह क्षेत्र कोसी, कमला बालान और उनकी कई उपधाराओं से घिरा हुआ है। हाल में आए मोंथा तूफान के बाद इन नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है। स्थिति यह है कि अब इन क्षेत्रों में मतदान सामग्री और कर्मियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है। वहीं कई गांवों के मतदाताओं को भी नाव या चचरी पुल के सहारे मतदान केंद्र तक जाना उनकी मजबूरी बन गई है। जानकारी के मुताबिक, कुशेश्वरस्थान के गोरा उत्तरी गांव के करीब 750 मतदाताओं और खोन बलहा गांव के करीब 1000 मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी होगी। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय गोलमा बूथ से गोलमाडीह गांव के 350 मतदाता, प्राथमिक विद्यालय भरैन मुसहरी बूथ से भरैन मुसहरी के पूबारी टोला के 650 मतदाता, उच्च विद्यालय सुघराईन के दो बूथों से सुघराईन गांव के क्रमशः 1160 और 611 मतदाता, मध्य विद्यालय सिमरटोका बूथ से गैइजोरी गांव के 400 मतदाता, मध्य विद्यालय इटहर बूथ से बलथरवा गांव के 200 और जिमराहा गांव के 400 मतदाता, मध्य विद्यालय बरनिया बूथ से चौकीया गांव के 400 मतदाता तथा प्राथमिक विद्यालय फकदोलिया बूथ से भरडीहा गांव के 500 मतदाता नाव या चचरी पुल के सहारे मतदान केंद्र तक पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि कुशेश्वरस्थान के सुघराईन गांव में मतदान केंद्र तक जाने वाली सड़क पर फिलहाल बाढ़ का पानी भरा हुआ है। वहीं गोरा उत्तरी टोला के मतदाताओं के लिए सड़क संपर्क पूरी तरह से बंद है। गैइजोरी, चौकीया, बलथरवा, जिमराहा, गोलमा, भरडीहा और खोन बलहा गांवों के बीच नदियों और उपधाराओं का पानी बहने से आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। इस संबंध में डीएम कौशल कुमार ने बताया कि नदी वाले इलाकों में एसडीआरएफ की नावों के सहारे मतदान कर्मियों और सामग्री को सुरक्षित मतदान केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है ताकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराया जा सके।  

यूपी के मुख्यमंत्री ने वजीरगंज विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में जनसभा को किया संबोधित

लालू यादव के शासन में 60 से अधिक जातीय नरसंहार और 30 हजार से अधिक अपहरण हुएः योगी बिहार विधानसभा चुनाव यूपी के मुख्यमंत्री ने वजीरगंज विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में जनसभा को किया संबोधित राजद व कांग्रेस वाले हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिएः योगी योगी ने ज्ञान, मुक्ति व अध्यात्म की धरा गया से राजद व कांग्रेस नेताओं को खूब धोया सीएम योगी का तंज- पहले पशुओं का चारा खाया, अब आए तो गरीबों का राशन खा जाएंगे कांग्रेस व राजद के समय सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई थीः सीएम बोले- रामद्रोही रामराज्य नहीं ला सकता, वह जंगलराज ही लाएगा यूपी में सपा सरकार में माफिया ने बनाए थे चार किलेनुमा मकान, हमने आज सुबह उस जमीन पर गरीबों को आवास दे दियाः मुख्यमंत्री गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2005 के पहले बिहार में अपराध, जातीय संघर्ष, माओवाद, नक्सलवाद था। यूपी-बिहार के नाम पर देश-दुनिया में सम्मान नहीं मिलता था। बिहार में लालू प्रसाद यादव के शासन में 60 से अधिक जातीय नरसंहार, 30 हजार से अधिक अपहरण हुए। व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर, संभ्रांत व्यक्ति सुरक्षित नहीं थे। बिहार के 30-40 फीसदी लोगों की आबादी गोरखपुर व वाराणसी में है, क्योंकि उस समय जंगलराज था, लेकिन नीतीश बाबू के नेतृत्व में 20 वर्ष में सुशासन की सुदृढ़ नींव रखी गई। बिहार में रोड, रेल, एयर कनेक्टिविटी के साथ अब वाटरवे की कनेक्टिविटी बिहार से होते हुए यूपी को जोड़ रही है। किसानों के उत्पाद हों या बिहार का मखाना, जल मार्ग से दुनिया के बाजारों में पहुंचाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में तमाम व्यस्तताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंचे। उन्होंने पहली रैली वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में की। सीएम ने यहां भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया तो राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। सीएम ने गया को ज्ञान, मुक्ति व अध्यात्म की धरा बताते हुए यहां की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाला। बोले कि गया की धरती बहुत पवित्र है, सनातन धर्म की परंपरा है कि स्वर्ग लोक के पितर भी इसी धरती पर आकर तृप्त होते हैं। राजद व कांग्रेस वाले हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिए सीएम योगी ने कहा कि हर सच्चा भारतीय राम को पूर्वज मानता है। कांग्रेस, सपा व राजद जब राम मंदिर का विरोध कर रही थी तब भी रामभक्त नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने कहा था कि राम हुए ही नहीं, जैसे लगता है कि कांग्रेस का ही खानदान पैदा हुआ है, बाकी हुए ही नहीं। यह लोग राम-कृष्ण, विष्णु को नकारने लगते हैं। यह हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिए। राजद ने राम मंदिर के रथ रोक दिया था। सपा ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान कर दिया। यूपी में भाजपा सरकार बनने के बाद हमने संकल्प पूरा किया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया। मथुरा-वृंदावन में कार्य कर रहे हैं। हर तीर्थ को सजा रहे हैं, जबकि सपा के लोग हमारे पैसे को कब्रिस्तान की बाउंड्री के लिए देते थे। हमने कहा कि यह पैसा मंदिरों-तीर्थों के सुंदरीकरण, हिंदू श्रद्धालुओं की सुविधा और गरीब हित में खर्च होगा। पहले पशुओं का चारा खाया, अब आए तो गरीबों का राशन खा जाएंगे सीएम योगी ने कहा कि बिहार में आज एनआईटी, आईआईएम, एम्स, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज आदि की लंबी श्रृंखला है। बिहार का नौजवान दुनिया में फिर से अपनी मेधा की छाप छोड़ रहा है और बिहार के विकास में भी योगदान दे रहा है। 11 वर्ष में मोदी जी ने विकास व विरासत का सम्मान किया है। सीएम ने केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को भी गिनाया। बोले कि कांग्रेस व राजद झूठे वायदे कर रहे हैं। पहले यह पशुओं का चारा खाए, अब अवसर दिया तो गरीबों का राशन खा जाएंगे। सीएम ने अपील की कि कांग्रेस-राजद की घोषणा पर विश्वास न करना, क्योंकि जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं। जो रामद्रोही है, वह हमारा भी विरोधी है। रामद्रोही रामराज्य नहीं ला सकता, वह जंगलराज ही लाएगा। कांग्रेस व राजद के समय सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई सीएम योगी ने कहा कि जिस बिहार ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर को दिया, वह बिहार पहचान के लिए क्यों मोहताज हुआ। पहले कांग्रेस, फिर राजद ने बिहार को लूटा, नौजवानों के रोजगार को छीना, किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं दिया। पैसा परिवार के विकास में लगा दिया, जिससे सब कुछ चौपट हो गया और नक्सलवाद, माओवाद, माफियावाद फैलता गया। बेटी-बहन पर सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया। सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई। कांग्रेस व राजद ने बिहार के नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। जब भी कानून व्यवस्था खराब होती है तो युवा रोजगार, बेटी सुरक्षा के लिए परेशान होती है। कोई निवेशक नहीं आता है, जिससे विकास बाधित हो जाता है। सपा सरकार में माफिया ने बनाए थे चार किलेनुमा मकान, हमने आज सुबह उस जमीन पर गरीबों को आवास दे दिया सीएम योगी ने कहा कि राजद व कांग्रेस की पार्टनर यूपी में समाजवादी पार्टी है। लखनऊ में सपा सरकार के समय एक माफिया ने गरीबों और सरकारी जमीन पर चार किलेनुमे मकान बना डाले थे। हमारी सरकार बनते ही मैंने पूछा कि यह किसने बनवाए हैं। लोगों ने जब नाम बताया तो मैंने कहा कि यह तो कुख्यात माफिया है। फिर हमारी सरकार ने बुलडोजर की कार्रवाई की। हमने उस जमीन को प्लेन किया, फिर हाईराइज बिल्डिंग बनाकर गरीबों के आवास बनाए। कार्तिक पूर्णिमा पर आज सुबह मैं लखनऊ में गरीबों को आवास उपलब्ध करा रहा था। यूपी में जो काम सपा करती थी, वही काम बिहार में राजद व कांग्रेस करती थी। इनका उपचार केवल एनडीए है। यह लोग जाति सेना खड़ी करके लड़ाते थे। सीएम ने फिर … Read more

योगी सरकार ने बढ़ाई कन्या विवाह सहायता राशि, श्रमिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

योगी सरकार की बड़ी सौगात, निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह पर अब ₹85,000 तक की सहायता योगी सरकार ने बढ़ाई कन्या विवाह सहायता राशि, श्रमिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ सामान्य विवाह पर ₹65,000, अंतर्जातीय विवाह पर ₹75,000, सामूहिक विवाह पर ₹85,000 तक की सहायता आयोजन के लिए मिलेगी अलग से ₹15,000 की राशि, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और निशुल्क बीओसी बोर्ड द्वारा अब तक संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत ₹6336.61 करोड़ वितरित, 1.88 करोड़ पंजीकृत श्रमिक लाभान्वित हर गरीब और श्रमिक परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना ही योगी सरकार का संकल्प लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के हित में बड़ा निर्णय लिया है।राज्य के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित कन्या विवाह सहायता योजना में आर्थिक सहायता राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। अब सामान्य विवाह के लिए ₹65,000, अन्तर्जातीय विवाह के लिए ₹75,000 और सामूहिक विवाह के लिए ₹85,000 प्रति जोड़े की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ₹15,000 आयोजन के लिए पृथक से उपलब्ध कराया जाएगा। कन्यादान का फर्ज निभा रहे सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि श्रमिक परिवार समाज की रीढ़ हैं। उनकी बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देना सरकार का मानवीय कर्तव्य है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी श्रमिक बेटी बिना चिंता के अपने जीवन का नया अध्याय शुरू कर सके। इसी क्रम में सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की संपूर्ण व्यवस्था श्रम विभाग एवं बोर्ड द्वारा की जाएगी ताकि श्रमिक परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। विवाह आयोजन में सुरक्षा, आवास, परिवहन और भोजन की सभी व्यवस्थाएं विभाग द्वारा सुनिश्चित की जाएंगी। 1.88 करोड़ से अधिक पंजीकृत श्रमिक होंगे लाभान्वित बोर्ड की सचिव पूजा यादव ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का उद्देश्य हर पंजीकृत श्रमिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कन्या विवाह सहायता राशि में वृद्धि से श्रमिक परिवारों को सीधा और ठोस लाभ मिलेगा। वर्तमान में 1.88 करोड़ से अधिक श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत हैं।  सुविधाजनक और निःशुल्क आवेदन प्रक्रिया पंजीकृत श्रमिक मात्र ₹20 एकमुश्त पंजीकरण शुल्क और ₹20 वार्षिक अंशदान देकर योजनाओं के पात्र बन सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन एवं निःशुल्क है — श्रमिक www.upbocwboard.in वेबसाइट या जन सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। श्रमिकों के लिए बोर्ड द्वारा संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाएं बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं— ▪️जन्म सहायता: पुत्र जन्म पर ₹20,000, पुत्री जन्म पर ₹25,000 और ₹2.50 लाख की सावधि जमा राशि। ▪️शिक्षा सहायता: कक्षा 1 से उच्च शिक्षा तक ₹2,000 से ₹1,00,000 तक की धनराशि एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पूर्ण शुल्क प्रतिपूर्ति। ▪️गंभीर बीमारी सहायता: चिकित्सा पर आने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति। ▪️पेंशन सहायता: पात्रता अनुसार प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता। ▪️दिव्यांगता/मृत्यु सहायता: ₹2,00,000 से ₹5,00,000 तक की आर्थिक मदद श्रमिक के आश्रितों को प्रदान की जाती है। अब तक बोर्ड द्वारा 18,94,797 आवेदनों पर ₹6336.61 करोड़ की धनराशि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जा चुकी है।