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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का खुलासा! जालंधर में विजिलेंस का बड़ा एक्शन जल्द

जालंधर  स्मार्ट सिटी जालंधर से जुड़े घोटालों की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई लगती है। पता चला है कि स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के जालंधर यूनिट ने जांच की रफ्तार तेज करते हुए कई पूर्व अधिकारियों, ठेकेदारों और प्रोजेक्ट से जुड़े कर्मियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि विजिलेंस ने अब तक उन सभी अधिकारियों का पूरा डेटा जुटा लिया है जिन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों को तैयार किया, टैंडर पास किए, काम करवाए और भुगतान की मंजूरी दी। आने वाले दिनों में इन अफसरों को जवाबदेह बनाकर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। कुछ मामलों में सरकारी पैंशन तक रोके जाने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो ने उन सभी प्रोजेक्टों की जांच को प्राथमिकता दी है जिन पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इनमें एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट, बिस्त दोआब नहर सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट और स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट प्रमुख हैं। इन योजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च हुए लेकिन जमीनी स्तर पर इनका लाभ जनता को नहीं मिला। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 900 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जालंधर के विकास कार्यों पर खर्च की गई थी परंतु शहर की हालत देखकर स्पष्ट है कि प्रोजेक्टों से अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। कैग की ऑडिट रिपोर्ट ने भी इन प्रोजेक्टों में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां उजागर की हैं, जिसके बाद विजिलेंस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। स्मार्ट सिटी में रहे अफसरों पर कसेगा शिकंजा सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस उन अफसरों की सूची तैयार कर चुकी है जो स्मार्ट सिटी में साइट इंजीनियर, कंसल्टेंट, प्रोजेक्ट एक्सपर्ट, टीम लीडर और सीईओ स्तर पर कार्यरत थे। यह अफसर प्रोजेक्ट मंजूरी, टेंडरिंग और पेमैंट प्रक्रियाओं से सीधे जुड़े थे। इनमें से कुछ अधिकारी अब रिटायर होकर पैंशन प्राप्त कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यदि जांच में दोष सिद्ध हुआ तो सरकार गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई भी कर सकती है। पारदर्शिता की कमी रही, मर्जी से स्टाफ भर्ती किया स्मार्ट सिटी जालंधर में कभी पारदर्शिता नहीं रही। न तो प्रोजेक्टों से जुड़ी जानकारी वैबसाइट पर डाली गई और न ही आर.टी.आई. के जवाब दिए गए। यहां तक कि किसी भी प्रोजेक्ट पर प्रैस कॉन्फ्रैंस तक नहीं की गई। इसी कारण स्मार्ट सिटी कम्पनी को एक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी की तरह काम करने वाला कॉर्पोरेट अदारा तक कहा जाने लगा था। स्मार्ट सिटी के कई पदों पर आऊटसोर्स एजैंसियों के माध्यम से मनचाहे कर्मचारियों को रखा गया। इनमें से कई नगर निगम के सेवानिवृत्त अधिकारी थे, जो पैंशन लेते हुए दोहरी कमाई कर रहे थे। अब विजिलेंस यह जांच कर रही है कि इन नियुक्तियों के पीछे किन अफसरों की भूमिका थी और किसे अनुचित लाभ पहुंचाया गया।विजिलेंस ब्यूरो वित्तीय गड़बड़ियों से आगे बढ़कर उन संपत्तियों और प्रॉपर्टियों की भी जांच करने की तैयारी में है जो कथित तौर पर भ्रष्टाचार के पैसों से अर्जित की गईं। बताया जा रहा है कि ब्यूरो ने इस संबंध में प्रारंभिक जानकारी जुटा ली है और जल्द कुछ अधिकारियों की संपत्ति जांच शुरू हो सकती है। फिलहाल केवल वित्तीय अनियमितता उजागर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों को लेकर हुई कैग की जांच के बाद आई रिपोर्ट और विजिलेंस की जांच केवल वित्तीय अनियमितताओं पर केंद्रित है, जबकि तकनीकी मूल्यांकन (टैक्निकल इवैल्यूएशन) अभी बाकी है। विजिलेंस टीम जल्द ही प्रोजेक्ट साइटों पर जाकर मौके की जांच करेगी ताकि कार्यों की वास्तविक क्वालिटी और घटिया निर्माण की सच्चाई सामने आ सके। अगर जांच निष्पक्ष रही तो यह संभावना है कि न केवल स्थानीय बल्कि चंडीगढ़ बैठे वरिष्ठ अधिकारी भी इसके घेरे में आ सकते हैं। कुल मिलाकर जालंधर स्मार्ट सिटी के नाम पर हुए करोड़ों रुपए के घोटाले अब विजिलेंस के राडार पर हैं। अफसरों से लेकर ठेकेदारों तक सबकी जवाबदेही तय होगी और इस बार कार्रवाई केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहने वाली, ऐसा माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेटर क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर की बातचीत, दीं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को वीडियो कॉल कर दीं शुभकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईसीसी महिला क्रिकेट-2025 विश्व विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी और मध्यप्रदेश की गौरव सु क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर चर्चा की और अभूतपूर्व जीत की बधाई दी। वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में छतरपुर की बेटी क्रांति गौड़ ने 4 विकेट लेकर जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की बेटियों ने वन-डे विश्व कप जीत कर इतिहास रचा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांति को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल के मैदान में नई क्रांति का सूत्रपात किया है। पूरे देश और प्रदेशवासियों को विश्व विजेता बनीं बेटियों पर गर्व है। इस उपलब्धि में प्रदेश की बेटी की महत्वपूर्ण भूमिका से इस जीत का आनंद और बढ़ जाता है। क्रिकेट में मध्यप्रदेश का नाम रोशन करने वाली क्रांति गौड़ को जल्द ही एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की उभरती क्रिकेट स्टार क्रांति गौड़ के खेल की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी लगन और परिश्रम से बेटिया निरंतर आगे बढ़ती रहें और प्रदेश का नाम रोशन करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं और खिलाड़ियों के साथ खड़ी है।  

योगी आदित्यनाथ ने लखीसराय से एनडीए प्रत्याशी एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के समर्थन में जनसभा को किया संबोधित

एनडीए सुशासन और विकास की तो आरजेडी और कांग्रेस जंगलराज और गुंडाराज की पहचान: सीएम योगी योगी आदित्यनाथ ने लखीसराय से एनडीए प्रत्याशी एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के समर्थन में जनसभा को किया संबोधित योगी बोले — बिहार में फिर न लौटे जंगलराज, एनडीए ही सुशासन और विकास की गारंटी लखीसराय में मुख्यमंत्री ने कहा – मोदी-नीतीश के नेतृत्व में बिहार का हो रहा समग्र विकास जो खानदानी लुटेरे आज खानदानी माफिया को शागिर्द बनाकर फिर से बिहार में जंगल राज लाना चाहते हैं: योगी 1990 से 2005 तक का दौर बिहार के इतिहास का सबसे काला अध्याय, वंशवाद और परिवारवाद ने बिहार की पहचान को धूमिल किया: सीएम योगी  अब बिहार एलईडी की दूधिया रोशनी में जगमगा रहा है, लालटेन के अंधेरे का युग खत्म हो चुका है: मुख्यमंत्री लखीसराय बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के तहत लखीसराय में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिहार में जंगलराज और गुंडाराज की वापसी नहीं होने देंगे। एनडीए ही सुशासन और विकास की गारंटी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास और सुशासन की नई मिसाल कायम की है।  लखीसराय से एनडीए प्रत्याशी एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का है। आज जहां एनडीए है वहां सुशासन और विकास है। वहीं, जंगल राज और गुंडाराज, यह RJD और कांग्रेस की खानदानी पहचान है। जिन लोगों ने बिहार को लूटा, जो खानदानी लुटेरे हैं, आज वह खानदानी माफिया को शागिर्द बनाकर फिर से बिहार में जंगल राज लाना चाहते हैं।  विकसित बिहार, विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में बिहार आज विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में बिहार ने सड़क, रेल, एयरपोर्ट और वॉटरवे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। योगी ने कहा कि अब बिहार में बनने वाले उत्पाद — चाहे मखाना हो या वेजिटेबल — वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। किसान और व्यापारी दोनों आत्मनिर्भर बन रहे हैं। जंगलराज की पहचान — लूट, अपहरण और भय का माहौल मुख्यमंत्री ने राजद और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 1990 से 2005 तक का दौर बिहार के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने कहा कि वंशवाद और परिवारवाद ने बिहार की पहचान को धूमिल किया। विकास का पैसा लूट लिया गया, गरीब और नौजवान ठगा गया। योगी ने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया, बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। राम मंदिर से जानकी मंदिर तक—आस्था और विकास का संगम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या और सीतामढ़ी के धार्मिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब अयोध्या में भगवान राम का मंदिर और सीतामढ़ी में माता जानकी का मंदिर दोनों बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि 6,155 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या से सीतामढ़ी तक फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है — यह काम राजद और कांग्रेस कभी नहीं कर सकती थी। मोदी सरकार ने गरीबों के घरों में जगमगाई खुशियां मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीबों के जीवन में नई रोशनी आई है। उन्होंने बताया कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, 12 करोड़ घरों में शौचालय, 4 करोड़ घरों में आवास, 3 करोड़ घरों में बिजली कनेक्शन और 12 करोड़ बहनों को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन देकर भारत में रामराज्य की झलक दिखाई गई है। बिहार में अब विकास रुकेगा नहीं, एनडीए लाएगा स्थायित्व योगी ने कहा कि जिन लोगों ने कभी चारा घोटाला किया, जातीय हिंसा कराई और गरीबों के हक पर डकैती डाली, उन्हें अब जनता पहचान चुकी है। उन्होंने कहा कि अब बिहार एलईडी की दूधिया रोशनी में जगमगा रहा है, लालटेन के अंधेरे का युग खत्म हो चुका है।

प्रॉपर्टी टायकून के ठिकानों पर CBI की Raid, करोड़ों की हेराफेरी का शक

पटियाला पंजाब में आज मशहूर प्रॉपर्टी कारोबारी के घर CBI ने रेड की है। जानकारी के मुताबिक, CBI ने आज शहर के प्रसिद्ध प्रॉपर्टी कारोबारी बी.एच. प्रॉपर्टी के घर पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि, सीबीआई की टीम सुबह ही कारोबारी के घर पर पहुंच गई थी और स्थानीय पुलिस तैनात कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, मौके पर पिछले कई घंटों से चैकिंग चल रही है। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि यह रेड DIG भुल्लर के संबंध में की गई थी या किसी और वजह से। हालांकि, घर के बाहर कोतवाली थाने के एसएचओ जसप्रीत सिंह कहलों और मॉडल टाउन चौकी के प्रभारी एएसआई रंजीत सिंह सहित पुलिस बल तैनात किया गया है। 

संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट के दीपावली मिलन समारोह में झलकी एकता और संस्कृति की झांकी

संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट का दीपावली मिलन समारोह – 2025: एकता, संस्कृति और राष्ट्रभाव का अद्भुत संगम संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट के दीपावली मिलन समारोह में झलकी एकता और संस्कृति की झांकी दीपों के पर्व पर संकल्प फाउंडेशन का आयोजन, एकता और राष्ट्रभाव का सुंदर संदेश नई दिल्ली  संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित “दीपावली मिलन समारोह – 2025” एक भव्य और प्रेरणादायक आयोजन के रूप में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समाजसेवा, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मंच पर आदरणीय श्री संतोष कुमार तनेजा जी (अध्यक्ष, संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट), डॉ. विजय चौथवाल जी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सलाहकार एवं टेम्जेन इम्ना अलोंग, मंत्री नागालैंड , कालसी साहब (पूर्व मुख्य सचिव) तथा श्री अनिल अग्रवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को कई गुना बढ़ा दिया। समारोह के दौरान आदरणीय संतोष तनेजा जी का सभी गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में स्नेहपूर्वक स्वागत किया गया। यह क्षण आत्मीयता, आदर और संगठनात्मक एकता का प्रतीक रहा, जिसने पूरे वातावरण को प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। मंच से स्वामी विवेकानंद जी के प्रेरक विचार “Strength is life, Weakness is death” के माध्यम से समर्पण, सेवा और राष्ट्रभाव का सशक्त संदेश दिया गया। संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट के इस दीपोत्सव ने न केवल संस्कृति और परंपरा की रोशनी फैलाई, बल्कि समाज में सहयोग, एकता और आत्मविश्वास की नई चेतना भी जागृत की।

सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान! पंजाब की महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1000 रुपये

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार अगले बजट में हर महिला को 1,000 रुपये प्रति माह देने के अपनी पार्टी के चुनावी वादे को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है। सीएम भगवंत मान तरनतारन विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार करने आए थे। इस सीट आम आदमी पार्टी ने हरमीत सिंह संधू को उम्मीदवार बनाया है। भगवंत मान ने कहा, ‘‘हमारी माताओं और बहनों से किया गया 1,000 रुपये का वादा भी आगामी बजट में पारित होने के बाद पूरा किया जाएगा।’’ मान ने उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की भारी जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि यह तय है कि राज्य सरकार की ‘जनहितैषी’ नीतियों के कारण आम आदमी पार्टी तरनतारन उपचुनाव में भारी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी तरनतारन के लोगों को बिकाऊ समझकर पैसे से खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हलके के समझदार लोग आम आदमी पार्टी के ईमानदार उम्मीदवार को चुनकर विधानसभा भेजेंगे और विपक्षियों के भ्रम दूर कर देंगे। लूटने वाले दल सत्ता से बाहर हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पंजाब का समग्र विकास और लोगों की समृद्धि सुनिश्चित की है। मान ने दावा किया कि किसी ठोस मुद्दे के अभाव में विपक्ष केवल नाम के लिए ही राज्य सरकार की आलोचना कर रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पारंपरिक दलों ने पंजाब और उसके लोगों को ‘बेरहमी से लूटा’, जिसके कारण उन्हें राज्य की सत्ता से बेदखल होना पड़ा। प्रचार के दौरान उन्होंने कहा, "हलका तरनतारन के गांवों का जोश और जुनून आम आदमी पार्टी की जीत की गवाही खुद ब खुद दे रहा है। हमारी यह जीत आपके बच्चों के बेहतर भविष्य के हक में काम आएगी।"   तरनतारन में 11 नवंबर को होगा मतदान तरनतारन उपचुनाव के लिए मतदान 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। यह सीट जून में आप विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई थी। भगवंत मान ने गांव भूसे, कलस, बुरज 169, नौशहरा, चीमा कलां, बीर राजा तेजा सिंह, छीना बिधीचंद, भुच्चर कलां और अड्डा गगोबुआ में पार्टी वॉलंटियरों के साथ रोड शो निकाला। उन्होंने उम्मीद जताई कि 11 नवंबर को तरनतारन के लोग आम आदमी पार्टी को रिकॉर्ड तोड़ वोट डालकर जिताएंगे और फिर से आप का विधायक बनाएंगे।

नई शुरुआत की ओर पंजाब! सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला, बदल जाएगा राज्य का भविष्य

पटियाला पंजाब के चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को डिजीटल और आधुनिक युग से जोड़ते हुए पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल का पूर्ण ई-अस्पताल के रूप में उद्घाटन किया और यहां मुख्यमंत्री मरीज सहायता केंद्र को भी मरीजों के लिए समर्पित किया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब राजिंदरा अस्पताल में मरीजों को तेज, पारदर्शी और सहज स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान होंगी तथा राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से शीघ्र ही यह प्रणाली प्रदेश के सभी जिला और उपमंडल अस्पतालों में प्रारंभ की जाएगी। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने “रंगला पंजाब” के सपने के तहत स्वास्थ्य, विकास, शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देते हुए सरकारी राजिंदरा अस्पताल की पुरानी शान को बहाल किया है। उन्होंने बताया कि यहां क्रिटिकल मैडीसिन, फैमिली मैडीसिन, पेलिएटिव और जेरिएट्रिक केयर के चार नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। सुपर स्पैशलिटी अस्पताल को और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के साथ-साथ 300 बिस्तरों का ट्रॉमा केयर अस्पताल बनाया जा रहा है ताकि किसी भी मरीज को वैंटीलेटर की कमी के कारण चंडीगढ़ रेफर न करना पड़े। डॉ. बलबीर सिंह ने समाज सेवी संस्थाओं का धन्यवाद करते हुए बताया कि किंग्स इलैवन पंजाब के तत्वावधान में राऊंड टेबल इंडिया द्वारा 30 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया मुख्यमंत्री मरीज सहायता केंद्र मरीजों और उनके परिजनों को बैठने, प्रतीक्षा करने, जन औषधि सुविधा प्राप्त करने और वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को हर तरह की मदद देने के लिए एक हेल्प डेस्क से सुसज्जित किया गया है।   उन्होंने कहा कि इससे मरीजों और डॉक्टरों के बीच संबंध और भी मजबूत होंगे तथा जो मरीज अपनी परेशानी लेकर राजिंद्रा अस्पताल आता है, वह यहां से संतुष्ट होकर लौटेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मरीज सहायता केंद्र में कोई भी समाजसेवी संस्था आकर सेवा कर सकती है। ई-अस्पताल “डिजीटल इंडिया” पहल के अंतर्गत एन.आई.सी. द्वारा विकसित एक ओपन-सोर्स अस्पताल प्रबंधन प्रणाली के तहत राजिंदरा अस्पताल का पूर्ण डिजीटलाइजेशन हो गया है। मरीजों को कंप्यूटराइज्ड ओ.पी.डी. पर्ची और लैब सूचना प्रणाली के माध्यम से कंप्यूटराइज्ड रिपोर्टें भी मिलेंगी। उन्होंने बताया कि बिलिंग मॉड्यूल के माध्यम से अस्पताल के सभी कार्य डिजीटल रूप से संचालित किए जा रहे हैं मरीज पंजीकरण, बिलिंग, लैब रिपोर्ट, प्रत्येक मरीज के लिए यूनिक हॉस्पिटल आईडी और कंप्यूटराइज्ड रसीदों के साथ बिलिंग और भुगतान भी डिजिटल हो गया है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य के मैडीकल और नर्सिंग विद्यार्थियों सहित अन्य विषयों के विद्यार्थियों को भी प्रारम्भिक स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने की शुरुआत की गई है, और राज्य में 3 सरकारी और 5 निजी मैडीकल कॉलेजों सहित कुल 8 नए मैडीकल कॉलेज शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में इलाज की सुविधाएं बहुत महंगी होने के कारण पटियाला को मैडीकल हब बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हर पंजाबी को 10 लाख रुपये तक की इलाज सुविधा प्रदान कर पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य क्रांति को और आगे बढ़ाया है। इस अवसर पर डी.आर.एम.ई. डॉ. अवनीश कुमार, डायरैक्टर प्रिंसीपल डॉ. आर.पी.एस. सिबिया, मैडीकल सुपरिंटैंडैंट डॉ. विशाल चोपड़ा, डॉ. सुधीर वर्मा, एन.आई.सी. से राज्य सूचना अधिकारी विवेक वर्मा, वरिष्ठ निदेशक धर्मेश कुमार, आई.टी. निदेशक संजीव शर्मा, एल.सी. गुप्ता, आनंद सरकारिया, विवेक कुमार, डॉ. दीपाली, डॉ. सीमा सहित पटियाला हेल्थ फाऊंडेशन, पटियाला इंडस्ट्री एसोसिएशन, जनहित समिति, लायंस क्लब, ब्लड डोनेशन संस्थाओं तथा अन्य समाज सेवी संगठनों के प्रतिनिधि, फैकल्टी और चिकित्सा विद्यार्थी उपस्थित थे।

भोजन व्यवस्था में लापरवाही पर MDU सख्त, छह कुक तुरंत निलंबित

रोहतक  रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) के महिला छात्रावास में शराब पीने का वीडियो वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए 6 कुक को निलंबित कर दिया है। निलंबित कर्मचारियों में हेड कुक त्रिलोक सिंह, कुबेर सिंह, महेंद्र सिंह, सुंदर सिंह, नसीब सिंह और मुकेश शामिल हैं। 31 अक्तूबर को वायरल हुए इस वीडियो में 4 से 5 कर्मचारी छात्रावास परिसर में शराब पीते हुए नजर आ रहे थे। मामले के संज्ञान में आने के बाद MDU प्रशासन ने जांच समिति गठित की, जिसने दोषी पाए जाने पर यह कार्रवाई की। सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कर्मचारियों की बैठक बुलाई और छात्रावास अनुशासन पर सख्त निर्देश जारी किए। प्रशासन की सख्त चेतावनी MDU प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी को ब्रेकफास्ट, लंच या डिनर के समय के अलावा छात्रावास परिसर में रुकने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही छात्रावास में बीड़ी, सिगरेट, गुटखा या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई कर्मचारी इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर

सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने फिर मारी बाजी      राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर      सीएम योगी की मॉनीटरिंग से प्रदेश में मामले के निस्तारण में आया खासा सुधार     – कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, गोरखपुर तीसरे और कानपुर नगर चौथे स्थान पर     – जनपद स्तरीय न्यायालयाें में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, लखीमपुर खीरी दूसरे और बस्ती तीसरे स्थान पर      – पिछले 13 माह से जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर टॉप फाइव में     लखनऊ प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) द्वारा अक्टूबर माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। बता दें कि जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले 13 माह से जौनपुर टॉप फाइल जिलों में बना हुआ है।    राजधानी में सबसे अधिक कुल 15,260 मामले निस्तारित किये गये  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की अक्टूबर माह की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में पूरे प्रदेश में कुल 3,24,897 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 15,260 मामले निस्तारित किये गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 10,501 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरा, गोरखपुर 8,165 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह कानपुर नगर ने 7,866 मामले निस्तारित कर चौथा और शाहजहांपुर ने 7,707 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में जौनपुर ने मारी बाजी, सबसे अधिक 480 मामले किये निस्तारित  जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की अक्टूबर माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 480 मामलों का निस्तारण किया है। इसका रेश्यो 192 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायायल में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 334 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और मानक 300 के सापेक्ष 310 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर बस्ती है। इसी तरह अक्टूबर में जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 71 मामलों का निस्तारण कर 236.67 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो की प्रदेश भर में सबसे अधिक है और जौनपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। वहीं भदोही के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 63 मामले निस्तारित किये गये। वहीं, मऊ के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 51 मामले निस्तारित किये गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये मामलों में भदोही दूसरे और मऊ तीसरे स्थान पर है।     भू राजस्व संबंधित मामलों के निस्तारण में भी जौनपुर अव्वल  इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर निर्धारित मानक 50 के सापेक्ष कुल 184 वादों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। वहीं, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व गाजीपुर कुल 36 वादों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर हैं तथा अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व मीरजापुर कुल 24 वादों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर हैं।     

आज से छत्तीसगढ़ में वोटर लिस्ट चेकिंग, BLOs घर-घर करेंगे सर्वे, 7 फरवरी को फाइनल लिस्ट

रायपुर  छत्तीसगढ़ के रायपुर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत मंगलवार 4 नवंबर से घर-घर गणना चरण की शुरुआत होगी। इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता परिचय पत्र का सत्यापन करेंगे। प्रथम चरण के साथ आगे की प्रक्रियाओं को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि प्रथम चरण की प्रक्रिया जारी है। जिनका नाम साल 2003 के एसआईआर में है, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि असुविधा होने पर बीएलओ मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मदद ले सकते हैं। मतदाता सूची का मिलान 2003 के आधार पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर मिलान किया गया है। बीएलओ ने वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया है, जो कि 71 प्रतिशत के करीब है। अधिकारियों ने बताया कि 2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिट हुए हैं। मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है। एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा। मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं। बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा। ऐसे में एसआईआर के दौरान आपको इन 11 दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी…     केंद्र या राज्य सरकार या पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश     1 जुलाई, 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज     जन्म प्रमाण पत्र     पासपोर्ट     मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन या शैक्षिक प्रमाण पत्र     स्थायी निवास प्रमाण पत्र     वन अधिकार प्रमाण पत्र     ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र     राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर     राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर     सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र कहां-कहां हो रहा एसआईआर?     अंडमान निकोबार द्वीपसमूह     छत्तीसगढ़     गोवा     गुजरात     केरल     लक्षद्वीप     मध्य प्रदेश     पुड्डचेरी     राजस्थान     तमिलनाडु     उत्तर प्रदेश     पश्चिम बंगाल एसआईआर का क्या है शेड्यूल?     गणना पत्रों की छपाई व बीएलओ को प्रशिक्षण- 28 अक्टूबर 2025 से तीन नवंबर 2025 तक।     घर-घर जाकर पुनरीक्षण का काम- चार नवंबर 2025 से चार दिसंबर 2025 तक।     मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन- 09 दिसंबर 2025     दावे और आपत्तियों का समय-09 दिसंबर 2025 से 08 जनवरी 2026 तक।     दस्तावेजों की जांच के लिए नोटिस, सुनवाई, सत्यापन: 09 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक     अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन- 07 फरवरी 2026 एसआईआर क्यों जरूरी? आयोग ने इस दौरान बताया कि एसआइआर क्यों जरूरी है। आयोग के मुताबिक बदलते शहरीकरण में लोगों का तेजी से विस्थापन हो रहा है। यह इसकी एक बड़ी वजह है। दूसरा इसके चलते कई जगहों पर लोगों के मतदाता सूची में दो-दो जगह से नाम दर्ज है। तीसरा मतदाता सूची में मतदाताओं के मृत होने के बाद भी नामों का हटाया न जाना है। चौथी वजह देश के तमाम हिस्सों में गलत तरीके से घुसपैठ करके बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जुड़वा लिया है। एसआइआर के दौरान इन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच हो सकेगी। राजनीति दलों से सहयोग की अपील सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया है। उन्होंने पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलओ) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग देने की अपील की है, ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें। क्या-क्या कार्य होंगे घर-घर गणना चरण अवधि- 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक मसौदा सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर दावा-आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण (सुनवाई व सत्यापन)- 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026