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जनसुनवाई में आवेदकों ने कलेक्टर को बताई अपनी समस्याएं

जनसुनवाई में आवेदकों ने कलेक्टर को बताई अपनी समस्याएं कलेक्टर ने जनसुनवाई में आए आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के अधिकारियों को दिए निर्देश    अनूपपुर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जनसुनवाई की। जनसुनवाई में आवेदकों ने अपने आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए। आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान 62 आवेदकों ने अपनी समस्याएं बताई। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अपर कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पाण्डेय, एसडीएम अनूपपुर श्री कमलेश पुरी, एसडीएम पुष्पराजगढ़ श्री सुधाकर सिंह बघेल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारीगणों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनी।     जनसुनवाई में वार्ड नं. 04 कोतमा की श्रीमती गुलाब तिवारी ने पट्टे की भूमि का नक्शा तरमीम कराने, ग्राम परसवार तहसील अनूपपुर के श्री कौशल प्रसाद प्रजापति ने विद्युत ट्रांसफार्मर में सुधार किए जाने तथा अन्य आवेदकों ने भूमि का सीमांकन कराने, दिव्यांग पेंशन दिलाए जाने, समग्र आईडी में सुधार कराए जाने आदि के संबंध में आवेदन दिए।

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित निराकरण करने दिए निर्देश बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज साप्ताहिक जनदर्शन में दूर-दराज से आये लोगों की समस्याएं सुनी। कलेक्टर ने सभी की समस्याओं को इत्मीनान से सुना। निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही संबंधित अधिकारियों द्वारा निराकरण किया गया। साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी निजी और सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए। कलेक्टर ने त्वरित निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।         साप्ताहिक जनदर्शन में आज बोदरी तहसील के ग्राम पोड़ी निवासी वृद्ध श्री रामसहाय दिवाकर ने आज कलेक्टर से मिलकर पेंशन राशि दिलाये जाने हेतु आवेदन दिया। 74 वर्षीय वृद्ध श्री दिवाकर ने कहा कि मैं एक उम्रदराज व्यक्ति हूं तथा रोजी मजदूरी कार्य करने में असमर्थ हूँ। शासन के योजनांतर्गत प्राप्त होने वाली पेंशन राशि मुझे नहीं मिल रही है। ग्राम पंचायत सचिव के समक्ष भी पेंशन राशि के लिए आवेदन किया गया, किन्तु आज तक लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। कलेक्टर ने जनपद पंचायत बिल्हा सीईओ को मामले को सौंपते हुए इसके निराकरण के निर्देश दिए। सीपत तहसील के ग्राम जांजी निवासी गरिमा सिंह ने शिक्षा सहायता राशि प्रदान करने हेतु आवेदन दिया। गरिमा ने बताया कि वर्तमान में वह अभी बीपीएड की पढ़ाई कर रही है। पिता जी लकवाग्रस्त होने के कारण शारीरिक रूप से चलने-फिरने में असमर्थ है, जिससे पूरे परिवार का पालन-पोषण उनकी माता मजदूरी करके कर रही है। कलेक्टर ने आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बिल्हा तहसील के ग्राम पत्थरखान निवासी श्री मनोज पांडे ने खाद एवं दवा सोसाइटी से दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्राम पत्थरखान बिटकुली सोसाइटी के अंतर्गत 6 गांव आते हैं। उनमें से एक गांव पत्थरखान है। सोसाइटी से खाद और दवा मिल नहीं पा रही है। कलेक्टर ने डीएमओ को इस पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत मस्तूरी निवासी श्री मनहरण टण्डन ने कलेक्टर के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा आवास मित्र के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई किये जाने की का निवेदन किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत उनके नाम पर आवास स्वीकृत हुआ है। आवास निर्माण के लिए शासन से आई हुई राशि को आवास मित्र के द्वारा आहरण कर लिया गया। बार-बार राशि मांगने पर भी वह देने से इंकार कर रहा है। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को इस संबंध में आवश्यक जांच करने के निर्देश दिए है।  रचना/44/1058

कलेक्टर ने जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की सुनी समस्याएं

कलेक्टर ने जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की सुनी समस्याएं कलेक्टर कार्यालय में आयोजित हुई जनसुनवाई शहडोल  कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने आज कलेक्टर कार्यालय के सोन सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में शहडोल जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं व शिकायतें सुनी तथा निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। जनसुनवाई में  शहडोल जिले के ग्राम कुदरी निवासी कुवरिया बैगा ने पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा दिलाने, ग्राम दियापीपर निवासी मो. अब्दुला ने  विद्युत कनेक्शन  राशि की रसीद दिलाने, शहडोल वार्ड नम्बर 28 निवासी  राकेश चक्रधारी ने  आधार अपडेट कराने, शहडोल वार्ड नंम्बर 18 निवासी फिरोज खान ने भगवती इंडिया मोटराइजर शो रूम से किये गए कार्यों का परिश्रमिक भुगतान कराने हेतु आवेदन कलेक्टर डॉ केदार सिंह को दिए। जिस पर कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु संबंधित विभाग के अधिकारी की ओर आवेदन प्रेषित कर शीघ्रता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अन्य प्राप्त आवेदनों को कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों की ओर प्रेषित कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।   जनसुनवाई में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सोहागपुर श्री अरविंद शाह, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव के पिताजी के निधन पर शोक व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के पिता श्री दाऊ लाल वैष्णव के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैष्णव परिवार के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजन को यह दु:ख सहन करने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि स्व. वैष्णव बीते कुछ दिनों से गंभीर रूप से अस्वस्थ थे और उनका जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज चल रहा था।  

राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन होगा दोगुना

वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 वैश्विक संवाद और आतिथ्य का अभूतपूर्व अवसर : राज्यपाल आयोजन, विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख का प्रतिफल: राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन होगा दोगुना भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का भोपाल में आयोजन, भारत के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। यह आयोजन विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख का प्रतिफल है। भारत को विश्वगुरू के रूप में स्थापित करने की ओर बढ़ा कदम है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल 21वें वर्ल्ड रोज कन्वेंशन- 2028 संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थें। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के मुख्य संरक्षक के रूप में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी द्वारा भारत को 2028 के आयोजन की मेजबानी के लिए मई 2025 में सौंपे गए ध्वज को ग्रहण किया। कन्वेंशन का आयोजन भोपाल में वर्ष 2028 में 7 से 13 जनवरी तक होगा। बैठक का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में इण्डियन रोज फेडरेशन के तत्वावधान में मध्यप्रदेश रोज सोसायटी द्वारा किया गया था। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के ध्वज को ग्रहण करना देश और प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का पल है। यह ध्वज 2028 के ऐतिहासिक आयोजन के गौरवपूर्ण कार्यक्रम की जिम्मेदारी, वैश्विक संवाद और आतिथ्य के अभूतपूर्व अवसर का प्रतीक है। राज्यपाल पटेल ने वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी द्वारा भारत को पहली बार आयोजन की जिम्मेदारी सौंपने के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के पहले भारतीय अध्यक्ष बनने पर सुशील प्रकाश को सम्मानित किया। इण्डियन रोज फेडरेशन और मध्यप्रदेश रोज सोसायटी को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजन, प्रदेश को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाएगा। आयोजन की मेजबानी सम्पूर्ण मध्यप्रदेश और भोपाल शहर के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। आयोजन के लिए रोज सोसायटी द्वारा भोपाल को रोज सिटी के रुप में विकसित करने की जानकारी पर राज्यपाल पटेल ने राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों के वर्तमान उत्पादन को दोगुना करने की पहल करने के लिए कहा है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि गुलाब धार्मिकता और पर्वित्रता का प्रतीक है। यह आत्मीयता और सहृदयता की पहचान है। उन्होंने कहा कि हम सभी आयोजन से जुड़े प्रत्येक कार्य और जिम्मेदारियों को भव्यता और दिव्यता के साथ सम्पन्न करने का संकल्प ले ताकि यह आयोजन दुनियां भर के प्रतिनिधियों के मन में प्रेरणादायी और यादगार अनुभव के रूप में अंकित हो। राज्यपाल पटेल ने मध्यप्रदेश और भोपाल के गुलाब प्रेमियों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील भी की। बैठक में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म को बढ़ाने में भी मददगार होगा। पर्यटन विभाग द्वारा मेहमानों को मध्यप्रदेश दर्शन कराने की योजना भी तैयार की जाएगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में इस आयोजन के लिए वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी को धन्यवाद ज्ञापित किया। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी का स्वागत उच्च शिक्षा, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. शिवशेखर शुक्ला ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और परिचयात्मक उद्बोधन दिया।बैठक में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के अध्यक्ष सुशील प्रकाश ने वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 की तैयारी, योजना आदि पर आधारित पी.पी.टी. प्रस्तुतिकरण दिया। आभार मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के अध्यक्ष एस.एस. गर्दे ने व्यक्त किया।    

पुजारी को मंदिर की संपत्ति का मालिक नहीं माना जा सकता, केवल पूजा और प्रबंधन का होता है अधिकार: हाईकोर्ट

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मंदिर की संपत्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि पुजारी को मंदिर की संपत्ति का मालिक नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि पुजारी केवल देवता की पूजा करने और मंदिर का सीमित प्रबंधन करने के लिए नियुक्त एक प्रतिनिधि होता है, न कि स्वामी। बता दें कि यह फैसला जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने उस याचिका पर सुनाया, जो धमतरी जिले के श्री विंध्यवासिनी मां बिलाईमाता मंदिर के पुजारी परिषद अध्यक्ष मुरली मनोहर शर्मा ने दायर की थी। शर्मा ने राजस्व मंडल, बिलासपुर के 3 अक्टूबर 2015 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई थी। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुरली मनोहर शर्मा ने तहसीलदार के समक्ष आवेदन देकर अपना नाम मंदिर ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग की थी। तहसीलदार ने उनके पक्ष में आदेश जारी किया, लेकिन एसडीओ ने इस आदेश को रद्द कर दिया। इसके खिलाफ शर्मा ने अपर आयुक्त रायपुर के समक्ष अपील की, जो खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने राजस्व मंडल में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की, जिसे भी खारिज कर दिया गया। शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर यह दलील दी कि तहसीलदार का आदेश न्यायोचित था और अन्य अधिकारियों ने मामले की सही समीक्षा नहीं की। हाईकोर्ट की टिप्पणी हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि विंध्यवासिनी मंदिर ट्रस्ट समिति 23 जनवरी 1974 से विधिवत पंजीकृत संस्था है और वही मंदिर की संपत्ति का वैधानिक प्रबंधन करती है। कोर्ट ने 21 सितंबर 1989 को सिविल जज, वर्ग-2, धमतरी द्वारा पारित एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ट्रस्ट समिति ट्रस्ट की संपत्ति की देखरेख के लिए किसी भी व्यक्ति को प्रबंधक नियुक्त कर सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि उस व्यक्ति को संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त हो गया। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पुजारी एक “ग्राही” यानी धारक होता है, जो मंदिर की पूजा संबंधी गतिविधियों के लिए नियुक्त होता है। यदि वह अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता, तो यह अधिकार वापस भी लिया जा सकता है। इसलिए पुजारी को मंदिर की भूमि या संपत्ति का मालिक नहीं माना जा सकता। यह निर्णय उन मामलों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है जहां मंदिर की संपत्ति को लेकर पुजारियों और ट्रस्ट के बीच विवाद खड़े होते हैं। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि धार्मिक सेवा का अधिकार और मालिकाना हक अलग-अलग बातें हैं और पुजारी केवल सेवा के लिए नियुक्त व्यक्ति है, स्वामी नहीं।

कोरबा में वाटरफॉल में फंसे 5 युवक-युवतियों का सफल रेस्क्यू, सेल्फी-पॉइंट पर मौजूद थे, अचानक बढ़ा जलस्तर

कोरबा  छत्तीसगढ़ में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से आफत बढ़ती ही जा रही है। हालांकि इस पानी से गर्मी-उमस से भी राहत मिली है। कोरबा जिले में तेज पानी गिर रहा है। है। कोरबा के पाली में पिछले 24 घंटे के दौरान 260 मिमी बारिश हुई। यानी हर घंटे करीब 11 मिमी की औसत से बारिश हुई। कई जगहों पर भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस बीच, घूमने के लिए देवपहरी पहुंचा 5 दोस्तों का ग्रुप जलस्तर बढ़ने से टापू पर फंस गया। 5 दोस्तों का ग्रुप बारिश का नजारा देखने देवपहरी के गोविंदझुंझा जलप्रताप पहुंचा था। इनमें तीन युवती और दो युवक शामिल हैं।  जलप्रताप में बारिश के दौरान नजारा मनमोहक होने से दोस्तों का ग्रुप आगे टापू की ओर चला गया, जहां फोटो और सेल्फी लेने के बाद लौट रहे थे, तभी ऊपर से पहाड़ी की ओर से बारिश का पानी तेजी से पहुंचा। वे सभी जलस्तर बढ़ने से टापू पर बने गुंबद में पहुंचे। चारों ओर तेज पानी का बहाव होने से वे फंस गए हैं। दूसरी ओर, अमरकंटक से लौटते वक्त पेंड्रा इलाके में सजहा नाले के तेज बहाव में एक कार बह गई। इसमें नर्स प्रीति यादव, उनके पति चंद्रशेखर यादव और दो बच्चे सवार थे। हादसे में चारों की मौत हो गई। घटना किरर टोल प्लाजा के पास हुई, जहां पुल पर तेज पानी होने के बावजूद कार को पार कराने की कोशिश की गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस के पार होते देख चंद्रशेखर ने भी कार बढ़ा दी, जो तेज बहाव में बह गई। सोमवार को शव बरामद कर लिया गया है। मप्र के मंत्री दिलीप जायसवाल ने परिजन को सांत्वना दी और 25-25 हजार रुपए की सहायता घोषित की। वहीं, रतनपुर से केंवची के रास्ते में मझवानी गांव के पास पुल के ऊपर से पानी बहता हुआ देखने के बावजूद पार करने की कोशिश में कोयला लोड ट्रक बह गया। हालांकि सड़क के दूसरी छोर पर मौजूद लोगाें ने ड्राइवर को बचा लिया। बारिश के कारण धमतरी जिले में सोंढूर नदी उफान पर है। इससे घोरागांव, छोटे गोबरा, दौड़ पंडरीपानी, समेत 15 गांव जिला मुख्यालय से कट गए। वहीं मगरलोड मार्ग पर महानदी पर मेघा एनीकट के पास निर्माणाधीन पुल से लगकर 50 गांव की आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाया गया था, जो बह गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तेज बारिश होगी। 9 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। मंगलवार को भी प्रदेश के बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में कहीं-कहीं पर भारी बारिश की संभावना है। लगातार हो रही बारिश से 15 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। भिलाई में भी रविवार की रात से सोमवार सुबह 10 बजे तक दुर्ग- भिलाई में तेज बारिश होने से ट्विनसिटी के अलावा रिसाली और भिलाई-तीन चरोदा नगर निगम क्षेत्र की बहुत सी निचली बस्तियों में पानी भर गया। अभी तक इतनी हो चुकी है बारिश रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई शहरों में पिछले 24 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण छत्तीसगढ़ में अब तक की बारिश सामान्य से ऊपर हो गई है। 7 जुलाई तक पूरे प्रदेश में 306 मिमी पानी गिर चुका है, जबकि औसत 271.9 मिमी है। यानी औसत से 13 फीसदी ज्यादा पानी गिर चुका है। उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण 7 जुलाई तक का कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। कोरबा के पाली में पिछले 24 घंटे के दौरान 260 मिमी बारिश हुई। यानी हर घंटे करीब 11 मिमी की औसत से बारिश हुई। कई जगहों पर भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई।  

कवर्धा जिले में सरकारी कार्यालयों में अनुशासन की नई मिसाल कायम हुई, देर से ऑफिस पहुंचने वाले कर्मचारियों को सबक सिखाया

कवर्धा  छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सरकारी कार्यालयों में अनुशासन की नई मिसाल कायम हुई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने देर से ऑफिस पहुंचने वाले कर्मचारियों को ऐसा सबक सिखाया कि अब शायद ही कोई समय पर न आए। जिला पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर हाजिरी रजिस्टर लेकर खुद बैठ गए कलेक्टर साहब और जो भी लेटलतीफ कर्मचारी दिखा, उससे कान पकड़वाकर उठक-बैठक कराई। इस अनोखे दृश्य का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। गेट पर कलेक्टर, हाथ में रजिस्टर गुरुवार सुबह कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिला पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। सुबह 10 बजे के बाद भी कई कर्मचारी अपनी कुर्सियों पर नदारद थे। बस फिर क्या, कलेक्टर ने कुर्सी जमा ली और कार्यालय के मुख्य द्वार पर डेरा डाल दिया। कलेक्टर ने देरी से दफ्तर पहुंचने वाले कर्मचारियों की क्लास लगा दी। उन्होंने कर्मचारियों को कान पकड़कर माफी मांगने और उठक-बैठक करने को कहा गया। क्यों सख्त हुए कलेक्टर साहब? कवर्धा में सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की समयबद्धता पर सवाल उठते रहे हैं। पंचिंग मशीन के बावजूद कई कर्मचरारी समय पर नहीं पहुंचते, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। कलेक्टर ने कहा, 'जनता के लिए काम समय पर हो, यह सुनिश्चित करना हमारा फर्ज है। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी।' इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों ने भविष्य में समय पर आने का वचन दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। कुछ लोग कलेक्टर की तारीफ कर रहे हैं, कह रहे हैं कि ऐसी सख्ती जरूरी थी।

रेल यात्रियों की बढ़ी मुसीबत, रेलवे ने CG से होकर चलने वाली 16 ट्रेनों को किया रदद्, 16 अगस्त से 24 दिन तक नहीं चलेंगी गाड़ियां

रायपुर  छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 16 ट्रेनों को भारतीय रेलवे ने कैंसिल कर दिया है, यह ट्रेनें अगस्त और सितंबर के पूरे महीने में नहीं चलेगी, ऐसे में यहां से गुजरने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. बताया जा रहा है कि यह गाड़ियां अगले आदेश बदले हुए रूट से चलाई जाएगी, जबकि कुछ ट्रेनों की दूरी को शॉर्ट कर दिया गया है. बिलासपुर रेलवे जोन पर चक्रधरपुर मंडल के झारसुगड़ा यार्ड में नॉन इंटरलॉकिंग का काम शुरू होना है, यह काम 16 अगस्त से 10 सितंबर के बीच चलेगा, जिससे यहां ट्रैफिक पूरी तरह से ब्लॉक रहेगा, यही वजह है कि एक साथ इतनी ट्रेनों को कैंसिल किया गया है.  छत्तीसगढ़ के यात्री होंगे परेशान  दरअसल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात और तेलंगाना की तरफ जाने वाली ज्यादातर गाड़ियां प्रभावित हुई है, जिससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, 24 दिनों तक होने वाले नॉन इंटरलॉकिंग काम की वजह से यात्री ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि रेलवे अगले आदेश तक इन ट्रेनों को कैंसिल रखेगा. हालांकि ट्रेनों के संचालन की प्रक्रिया दोबारा से शुरू होने की जानकारी तुरंत ही दी जाएगी.  छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली यह ट्रेनें कैंसिल      एनएससीबी इतवारी-टाटा एक्सप्रेस 5 से 10 सितंबर के बीच कैंसिल रहेगी.      एनएससीबी इतवारी-टाटा एक्सप्रेस 19 से 21 अगस्त और 24 अगस्त से 2 सितंबर के बीच भी नहीं चलेगी.      गाड़ी संख्या 17007 चर्लापल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस 26 अगस्त से 9 सितंबर के बीच नहीं चलेगी.      चर्लापल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस 29 अगस्त से 12 सितंबर के बीच भी कैंसिल रहेगी.       हैदराबाद-रक्सौल गाड़ी संख्या 17005 भी 31 अगस्त को नहीं चलेगी.      रक्सौल-हैदराबाद गाड़ी संख्या 17006 भी 30 अगस्त को संचालित नहीं होगी.      रक्सौल-चर्लापल्ली एक्सप्रेस भी 1 और 4 सिंतबर को कैंसिल रहेगी.      नांदेड़-संतरागाछी एक्सप्रेस 8 और 10 सितंबर को संचालित नहीं होगी.      मालदाटाउन-सूरत एक्सप्रेस भी 6 और 8 सितंबर को नहीं चलेगी.      संतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस भी 6 और 8 सितंबर को संचालित नहीं होगी.  फिलहाल भारतीय रेलवे की तरफ से इन ट्रेनों को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई है, ऐसे में जिन यात्रियों ने पहले से ही इन ट्रेनों में रिजर्वेशन करवा लिया था, उन्हें क्या व्यवस्था मिलेगी, इसकी जानकारी जल्द ही रेलवे की तरफ से दी जाएगी या फिर यात्रियों को पैसा रिफंड किया जाएगा. हालांकि यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट को विजिट करते रहना चाहिए. क्योंकि किसी भी अपडेट की जानकारी सबसे पहले यही जारी की जाएगी. इन ट्रेनों के कैंसिल होने से छत्तीसगढ़ में भी लंबी दूरी की यात्रा तय करने वाले रेलवे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.  

साय कैबिनेट की बैठक में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर भी अहम फैसला लिया जा सकता

रायपुर छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने 11 जुलाई को अपने अधिनस्त मंत्रियों की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है ​कि साय कैबिनेट की बैठक​ मंत्रालय में 11 जुलाई शुक्रवार को 11.30 बजे आयोजित की जाएगी। चूंकि छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के साथ ही किसानी का काम शुरू हो चुका है, ऐसे में ये माना जा रहा है कि किसानों और खाद से जुड़ी समस्याओं को लेकर लेकर साय कैबिनेट में अहम फैसला लिया जा सकता है। दूसरी ओर कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर भी अहम फैसला लिया जा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार कयास लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर साय कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला लिया जा सकता है। हालांकि अभी इस संबंध में अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अगर सरकार इस संबंध में फैसला लेती है तो सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत हो जाएगा। बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 53 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ते का भुगतान किया जा रहा है। दरअसल छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को फिलहाल 53 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ते का भुगतान किया जा रहा है, जो केंद्रीय कर्मचारियों से दो प्रतिशत कम है। वहीं, जुलाई में एक बार फिर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी होनी है। ऐसे में साय कैबिनेट की बैठक को लेकर एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों की उम्मीद जग गई है। गौरतलब है कि मार्च में छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की गई थी। 3 मार्च को विधानसभा में साल 2025-26 के वार्षिक बजट में 53 प्रतिशत डीए किए जाने की घोषणा की थी। इस दौरान सातवें वेतनमान में कार्यरत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इसके बाद उन्हें 53 प्रतिशत महंगाई भत्ता, जबकि छठवें वेतनमान के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 7 प्रतिशत की दर से डीए का भुगतान किया जा रहा है।