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भोपाल में कलियासोत नदी पर नया ब्रिज, जर्जर पुल को तोड़ा जाएगा

भोपाल भोपाल शहर में कलियासोत नदी पर भोपाल विकास प्राधिकरण सलैया प्रोजेक्ट में एक और ब्रिज बनाएगा। इसके लिए कलियासोत नदी व मौजूदा ब्रिज तक जमीन ली जा रही है। ताकि जर्जर पुल के स्थान पर नया पुल बन सके। इससे नर्मदापुरम रोड से बावड़िया कला, सलैया की ओर बेहतर कनेक्टिविटी हो सकेगी। दानिशकुंज ब्रिज होगा चौड़ा कलियासोत के दानिशकुंज ब्रिज को चार लेन किया जाएगा। इसके तहत करीब 70 मीटर लंबाई में दो लेन का हिस्सा बनेगा। अहिल्यादेवी चौराहा, मनीषा मार्केट से लेकर दानिशकुंज ब्रिज, चौराहा से सीआई स्क्वायर तक का हिस्सा चौड़ा होगा। सात किमी लंबाई का हिस्सा चार लेन में बन गया है, अब ब्रिज का चौड़ीकरण होना है। इस तरह मिलेगा लाभ भदभदा से कलियासोत डेम का रास्ता है। अमरनाथ के आगे सीपीए का अधूरा ब्रिज है। इसके बाद सर्वधर्म का ब्रिज चार लेन है। इससे आगे जेके अस्पताल के पास सहस्त्रबाहु ब्रिज है। बावड़िया से दानिशकुंज की ओर से कोलार को जोड़ने कलियासोत पर दो लेन ब्रिज हैं। ये चार लेन का होगा। इसके बाद सलैया का ब्रिज है। ये जर्जर है, इसे बीडीए नए सिरे से बनाएगा। कोलार से मिसरोद सीधे जुड़ेंगे बीडीए की तीन योजनाओं में कोलार को सलैया, बावड़िया के रास्ते मिसरोद व आसपास का क्षेत्र जुड़ेगा। इसके लिए संबंधित भू स्वामियों से बात कर जमीन निकाली जा रही है। ब्रिज बनने से आकृति से बावड़िया, कोलार सीधे जुड़ेगा। कोलार, मिसरोद को जोड़ने के लिए बीडीए की नए योजनाएं आ रही हैं। इसमें कई सड़क, पुल के निर्माण होंगे। नए ब्रिज का काम जल्द ही शुरू होगा। संजीव सिंह, प्रशासक, बीडीए

न्यायिक सेवा के बाद अब प्रशासनिक अधिकारियों को भी महंगाई भत्ता, सीएम की घोषणा संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश की राज्य सरकार ने न्यायिक सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों के बाद अब अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी महंगाई भत्ते में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह वृद्धि एक जुलाई 2025 से प्रभावी होगी, जिसमें अधिकारियों को तीन प्रतिशत अधिक महंगाई भत्ता दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, जो इस सेवा के अधिकारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार द्वारा 6 अक्टूबर को जारी आदेश में एक जुलाई 2025 से पुनरीक्षित दर पर महंगाई भत्ता मंजूर किया है। इसके बाद यह आदेश प्रदेश में काम करने वाले अखिल भारतीय सेवा के अफसरों आईएएस, आईपीएस और आईएफएस समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रभावी है। इसे देखते हुए राज्य शासन ने अब तक सातवें वेतनमान पर मिल रहे 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते की दरों में तीन प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इस सेवा के अफसरों, कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से भत्ता देने का आदेश जारी किया है। वेतन भत्ते की यह राशि पे मैट्रिक्स के आधार पर दी जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश के न्यायिक सेवा के अधिकारियों कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का आदेश इसके पहले ही जारी हो गया था। अब जीएडी ने अखिल भारतीय सेवा के अफसरों के लिए यह आदेश जारी किया है। नवंबर महीने के वेतन में होगा भुगतान     जानकारी के अनुसार, नई महंगाई भत्ते की यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी, जबकि इसका भुगतान नवंबर के महीने के वेतन में किया जाएगा।     इस फैसले के तहत कर्मचारियों को नवंबर और दिसंबर के वेतन में बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाएगा। चार महीने का एरियर भी मिल सकता है सिर्फ महंगाई भत्ता ही नहीं, सरकार जुलाई से अक्टूबर तक के चार महीने का एरियर (Arrears) भी कर्मचारियों को देने की तैयारी कर रही है। इससे सरकार पर हर महीने करीब 125 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। बताया जा रहा है कि सरकार ने एरियर की राशि एकमुश्त देने की बजाय इसे चार किश्तों में देने का फैसला किया है। इस निर्णय से सरकार का खजाना अचानक से दबाव में नहीं आएगा। साथ ही, कर्मचारियों को भी समय-समय पर राहत मिलती रहेगी। डीए में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को मिलेगी खुशियां प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को फिलहाल 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो पहले 52 प्रतिशत था। इस साल मई में सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की थी, जो 1 जनवरी 2025 से लागू हुआ था। उस समय बढ़े हुए डीए का भुगतान जून से शुरू किया गया था और बकाया राशि पांच किश्तों में दी गई थी। अब एक बार फिर महंगाई भत्ता बढ़ने से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है। स्थापना दिवस पर सीएम कर सकते हैं ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दिनों राज्य कर्मचारी संघ के दिवाली मिलन कार्यक्रम में संकेत दिए थे कि प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के समान भत्ता देने में उनकी सरकार पीछे नहीं रहेगी लेकिन मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा नहीं की थी। अब प्रदेश के स्थापना दिवस एक नवंबर को कर्मचारी जगत यह उम्मीद लगाए है कि मुख्यमंत्री तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा कर सकते हैं। पिछले दिनों सरकार द्वारा लिए गए 5200 करोड़ रुपए के कर्ज के बाद भी यह संभावना जताई जा रही है कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और लाड़ली बहना योजना समेत प्रदेश सरकार की अन्य योजनाओं के लिए ही यह कर्ज लिया गया है।

कांग्रेस का पचमढ़ी प्रशिक्षण शिविर: 9-10 नवंबर को राहुल और खरगे तय करेंगे रणनीति

पचमढ़ी  नर्मदापुरम स्थित हिल स्टेशन पचमढ़ी मे 2 नवंबर से कांग्रेस का जिला अध्यक्षों (Congress district presidents) का प्रशिक्षण शिवर शुरू हो रहा है। 11 नवम्बर तक चलने वाले इस शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे। बिहार चुनाव (Bihar Election 2025) के प्रथम चरण के बाद इनके आने की संभावना है। बिहार चुनाव का प्रथम चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा। राहुल और खरगे के 9 या 10 नवंबर को शिविर में आने की संभावना है। वे यहां जिलाध्यक्षों से संवाद करने के साथ टिप्स भी देंगे। होटल हाईलैंड में होगी ट्रेनिंग पचमढ़ी के होटल हाईलैंड में कांग्रेस जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग होगी। 2 नवंबर से 11 नवंबर तक होटल हाईलैंड में जिला अध्यक्षों से लेकर अंदर एंट्री करने वालों को बिना पास प्रवेश नहीं मिलेगा। जिला अध्यक्षों के ड्राइवर, पीए, पीएसओ को भी होटल में एंट्री नहीं मिलेगी। 70 रूम बुक कराए एमपी कांग्रेस की ओर से प्रशिक्षण के लिए तीन होटलों में करीब 70 रूम बुक कराए गए हैं। होटल हाईलैंड में 40 रुम रिजर्व कराए गए हैं। एक कमरे में दो जिलों के अध्यक्ष रुकेंगे। तीन अलग-अलग होटलों में 30 और रूम बुक कराए गए हैं। पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में राहुल के लिए रूम कराएंगे रिजर्व राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जिला अध्यक्षों के अलावा दूसरे नेताओं से मुलाकात के लिए पचमढ़ी के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कुछ देर विश्राम कर सकते हैं। बीते सोमवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचकर कमरे देखे थे। तीन हैलीपेड तैयार पचमढ़ी में प्रशासन ने तीन हैलीपैड तैयार कर रखे हैं। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी सहित दिग्गज नेता भोपाल एयरपोर्ट पर उतरकर हेलीकॉप्टर के जरिए पचमढ़ी हैलीपैड पर पहुंचेंगे। बता दें कि बीजेपी विधायकों के प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशासन ने एयरपोर्ट तैयार कराए थे। योगा, व्यायाम से होगी दिन की शुरुआत जिला अध्यक्षों को दस दिनों की ट्रेनिंग के दौरान रोज सुबह योगा और व्यायाम कराया जाएगा। होटल हाईलैंड में अलग से योगा हॉल, ओपन जिम में जिला अध्यक्षों के लिए व्यवस्था की गई है।   प्रदेशाध्यक्ष ने लिया तैयारियों का जायजा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने सोमवार को पचमढ़ी पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। यहां उन्होंने आयोजन स्थल होटल हाईलैंड और हेलीपेड का निरीक्षण किया। 10 दिनों तक जिलाध्यक्षों को बूथ, कैडर मैनेजमेंट, आईटी, सोशल मीडिया, जनता से जुड़े मुद्दे उठाने आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पार्टी प्रशिक्षण विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिव राव, संगठन सूजन के राष्ट्रीय प्रभारी रहे शशिकांत सेंथिल, एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, सुप्रिया श्रीनेत, जयराम रमेश, पवन खेड़ा आदि प्रशिक्षण देंगे। जिला अध्यक्षों से संवाद करेंगे राहुल गांधी पचमढ़ी कैंप में आने वाले जिला, ब्लॉक अध्यक्षों को दिन में प्रशिक्षण देने के दौरान राहुल गांधी मौजूद रहेंगे। रात में भी सभी से संवाद करेंगे। शिविर में कांग्रेसियों से चुनाव लडने के लिए फिट कर दिया जाएगा। कॉफ्रेंस हॉल, आवास व्यवस्था का निरीक्षण किया प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने एमपीटी के होटल हाईलैंड का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल का कॉफ्रेंस हॉल, जिला, ब्लॉक अध्यक्ष सहित नेताओं के ठहरने की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद राजभवन, हेलीपैड देखने भी पहुंचे। खाद गोदाम पहुंचे पटवारी, किसानों से भी मिले पचमढ़ी से लौटते समय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पिपरिया में खाद के लिए चल रहे किसानों के आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान वे डबल लॉक गोदाम पर किसानों से मिले। पटवारी ने कहा यह किसानों की वास्तविक स्थिति है। किसानों को सुविधा देने के सरकारी दावे झूठे हैं। भाजपा का डबल इंजन बेपटरी हो चुका है। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है। एक एक बोरी खाद के लिए परेशान हो रहा है। अलग-अलग सत्रों में दिया जाएगा प्रशिक्षण मीडिया से चर्चा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने बताया कि सभी जिला अध्यक्षों के पास प्रदेश अध्यक्ष की तरह पावर होता है। इसलिए शिविर में सभी को जनता के बीच किन मुददे को लेकर जाना है। नई नीति बनाना, जनता से बात करने के तरीके बताए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न, किसानों की समस्या पर बात करने के गुर सिखाएं जाएंगे। पटवारी ने कहा कि जब भी कांग्रेस ने पचमढ़ी से शुरूआत की है। प्रदेश में बदलाव की लहर आई है। 1998 के बाद भी बदलाव हुआ। इस बार फिर नए बदलाव की तैयारी हो गई है। पचमढ़ी में हुई भाजपा की पाठशाला को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता मंत्री, जनता, किसानों पर अत्याचार, गुडागर्दी करते दिख रहे है। उन्हें शायद यही प्रशिक्षण दिया गया होगा। उन्होंने कहा कि शिविर में अलग अलग सत्र में जिला अध्यक्ष ब्लॉक अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में नेताओं को धरना, प्रदर्शन, आंदोलन में संयम बरतना, राहुल गांधी के डरो मत कॉन्सेप्ट के बारे मैं समझाया जाएगा। बिहार में पहले चरण की वोटिंग के बाद आएंगे राहुल गांधी बिहार में 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है। पहले चरण की वोटिंग के बाद राहुल गांधी पचमढ़ी के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। पीसीसी की मानें तो 8 से 11 नवंबर के बीच राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम बन सकते हैं। जिला अध्यक्षों के काम का हो सकता है रिव्यू पचमढ़ी ट्रेनिंग कैम्प में एमपी के 71 जिला अध्यक्षों की तीन बिन्दुओं पर समीक्षा की जा सकती है। सोशल ऑर्गेनाइजेशन डेवलपमेंट परफॉरमेंस रैंकिंग बीते 23 सितंबर को गुजरात के कांग्रेस जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने कहा था…

आज एक नवंबर से नगर निगम में चेहरा दिखाकर उपस्थिति ही मान्य होगी

भोपाल  एक नवंबर से मध्यप्रदेश के सभी नगर निगम दफ्तरों में फेस अटेंडेंस (चेहरा दिखाकर उपस्थिति) ही मान्य होगी। इस प्रक्रिया से आउटसोर्स कर्मचारियों को मुक्त रखा था। गुरुवार को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आउटसोर्स कर्मचारियों को भी चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता कर दी है। नई व्यवस्था में इंदौर नगर निगम सबसे पीछे है। उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निगम के सभी ऑफिसों में एक-एक मशीन होने से कम अटेंडेंस लगी हैं। ऐसे में वे एक ऐप के जरिए मोबाइल से भी उपस्थिति दर्ज कराई जा सकेगी। नगरीय प्रशासन और नगर निगम इंदौर ने चेतावनी दी है कि फेस अटेंडेंस के बिना उपस्थिति दर्ज नहीं होगी तो वेतन जारी नहीं होगा। अब तक इससे आउटसोर्स कर्मचारियों को दूर रखा गया था। मोबाइल से भी लगा सकेंगे हाजिरी निगम के सभी दफ्तरों में एक-एक मशीन लगाई गई है। ट्रायल के दौरान देखा कि कर्मचारियों के आने-जाने का समय एक ही है। इस कारण अब उन्हें राहत दी गई है कि वे मोबाइल से भी चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे, लेकिन यह ऐप उसी स्थान पर चलेगा जिस लोकेशन पर रजिस्टर्ड है यानी दतर या तय स्थान से दूर होने पर उपस्थिति दर्ज नहीं होगी। मस्टर कर्मचारी संघ के संयोजक संवाद प्रमुख प्रवीण तिवारी ने कहा, शासन का आदेश सभी के लिए एक होना चाहिए। इससे कर्मचारी में हो रहे मतभेद खत्म होंगे। पंजीयन का दिया आखिरी अवसर  इंदौर निगम की स्थापना शाखा के अपर आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश में कहा है कि सभी विभाग प्रमुख, जोनल अधिकारी और कार्यालय अधीक्षक तय करें कि अब नई पद्धति से ही स्टाफ की उपस्थिति दर्ज होगी। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की आधार आधारित केन्द्रीकृत उपस्थिति ही दर्ज की जाएगी। कार्यालय आने-जाने के समय रोज उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है, नहीं तो वेतन नहीं दिया जाएगा। कर्मचारी को खुद का पंजीयन करना होगा, जिसके लिए 30 अक्टूबर आखिरी तारीख थी। इंदौर सबसे पीछे, भोपाल रहा अव्वल नई व्यवस्था की प्रादेशिक स्तर पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग हो रही है। इंदौर सबसे पीछे और अव्वल भोपाल है। इंदौर में 22582 कर्मचारी-अधिकारी में से सिर्फ 3828 करीब १७त्न ने ही उपस्थिति दर्ज कराई। भोपाल में 19739 रजिस्टर्ड में से 12577 ने फेस अटेंडेंस के जरिए उपस्थिति दी। चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज कराने में मशीन के जरिए मुसीबत हो रही थी। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों को इससे दूर रखने पर भी कुछ खास संगठनों में नाराजगी थी। आउटसोर्स कर्मचारियों, जो कि नेताओं के खास समर्थक आदि हैं, उन्हें राहत दी जा रही है। तकनीकी खामी से विभिन्न संगठनों ने मांग की थी कि मोबाइल ऐप के जरिए भी उपस्थिति दर्ज कराने की सुविधा हो और एक समान व्यवस्था हो।

नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर गिरी गाज, अमृतसर प्रशासन ने दिखाई सख्ती

अमृतसर शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बड़ा एक्शन लिया जा रहा है। अमृतसर नगर निगम ने कूड़ा प्रबंधन और प्लास्टिक उपयोग नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। नॉवेल्टी चौक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अचानक निरीक्षण किया और इस दौरान कई दुकानदारों को सिंगल यूज प्लास्टिक बैग इस्तेमाल करते हुए पकड़ा और उनके चालान काटे। जिन दुकानदारों पर कार्रवाई हुई, उनमें नॉवेल्टी स्वीट्स और हीरा पनीर जैसी मशहूर दुकानें भी शामिल हैं। दोनों को सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर कड़ी चेतावनी दी गई। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी योगेश अरोड़ा ने बताया कि निगम बार-बार दुकानदारों को निर्देश दे रहा है कि वे कचरा सही तरीके से निपटाएं और सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करें, क्योंकि यह पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई दुकानदार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। अधिकारी अरोड़ा ने कहा कि यह अभियान इस संदेश के साथ चलाया गया है कि “शहर में गंदगी फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसे उल्लंघन पाए गए तो भारी जुर्माना और यहां तक कि दुकान का लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

देशभर में फैला साइबर ठगी नेटवर्क ध्वस्त, बैंक अफसर भी निकला गिरोह का हिस्सा!

नई दिल्ली अपराध शाखा की साइबर सेल ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह देश में फैले नेटवर्क के जरिए नागरिकों से ठगी कर रहा था। इस गिरोह का संचालन दुबई में बैठे एक भारतीय हैंडलर टॉम के इशारे पर किया जा रहा था। साइबर सेल की कार्रवाई में आरबीएल बैंक के एक अधिकारी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर और जाली खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने का काम कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मंजीत सिंह (28), मनश्वी (23), मनीष मेहरा (33), सोमबीर (43) और अनुप (35) शामिल हैं।  अपराध शाखा की जांच ई-एफआईआर संख्या 60000097/2025 (4/2025) दिनांक 23 जून के तहत शुरू हुई थी, जिसमें नोएडा और गुरुग्राम से संचालित एक संगठित साइबर गिरोह की संलिप्तता सामने आई। तकनीकी निगरानी और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर टीम ने 27 अक्टूबर को गुरुग्राम स्थित एक आवासीय परिसर में छापेमारी की। इस दौरान तीन आरोपी मंजीत, मनश्वी और सोमबीर को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कई चेकबुक बरामद की गईं। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर मनीष मेहरा और बैंक अधिकारी अनुप को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह में हर सदस्य की अलग-अलग भूमिका थी। मंजीत और मनश्वी फर्जी कंपनियां बनाकर कई चालू खाते खोलते थे। सोमबीर अकाउंटेंट की भूमिका में खर्च का लेखा-जोखा रखता और दुबई स्थित हैंडलर को रिपोर्ट भेजता था। मनीष मेहरा ओटीपी एक्सेस प्रदान करता और डेबिट-क्रेडिट लेनदेन को संचालित करता था, जबकि बैंक अधिकारी अनुप फर्जी खातों के खोलने में सहायता करता था और खाते फ्रीज होने या शिकायत दर्ज होने की जानकारी गिरोह को पहले ही लीक कर देता था। प्रत्येक आरोपी को एक फर्जी खाते के बदले 1.5 लाख रुपए कमीशन दिया जाता था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने तीन फर्जी कंपनियां बनाईं और आठ चालू खाते खोले थे। इन खातों में ठगी की रकम को जमा कर कई अन्य खातों में घुमाया गया और अंततः इसे यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर के लिए उपयोग किया गया। आरोपियों के कब्जे से 18 मोबाइल फोन, 36 सिम कार्ड, 3 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, कई बैंकों की चेकबुक और एक लैपटॉप बरामद हुआ। बरामद लैपटॉप से यूएसडीटी वॉलेट्स से जुड़े डेटा, 274 पीडीएफ बैंक स्टेटमेंट और टेलीग्राम ग्रुप्स के माध्यम से फंड ट्रांजैक्शन के साक्ष्य मिले। एनसीआरपी से बरामद चेकबुक की जांच में 12 राज्यों से जुड़ी 52 साइबर फ्रॉड शिकायतों का पता चला। इंस्पेक्टर संदीप सिंह के नेतृत्व में और एसीपी अनिल शर्मा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। टीम में एसआई राकेश मलिक, एएसआई संजय, एएसआई संदीप त्यागी, एचसी कपिल, एचसी अक्षय, एचसी विकास, एचसी भूपेंद्र, एचसी सचिन और एचसी मोहित तोमर शामिल थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। गिरोह के दो मुख्य सदस्य अभी फरार हैं, जो दुबई से ऑपरेट कर रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और आगे की जांच जारी है।

सुरक्षा के मद्देनज़र सिवनी हवाला कांड के 10 पुलिसकर्मी आरोपियों को केंद्रीय जेल नरसिंहपुर भेजा गया

नरसिंहपुर पड़ोसी जिले सिवनी के बहुचर्चित हवाला-डकैती कांड में आरोपी बनाए गए 10 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा कारणों से शुक्रवार को केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में स्थानांतरित कर दिया गया है। इन सभी आरोपियों को जेल विभाग के विशेष निर्देश पर एक पुलिस वाहन के माध्यम से सिवनी से नरसिंहपुर लाया गया। सभी आरोपित 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों को नरसिंहपुर जेल में शिफ्ट करने का मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि यदि उन्हें सिवनी की स्थानीय जेल में रखा जाता, तो वहां पहले से बंद इसी मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के साथ किसी तरह के विवाद या अप्रिय घटना की आशंका थी।  आरोपियों के आने की सूचना नरसिंहपुर जेल प्रशासन को पहले ही मिल चुकी थी, जिसके चलते जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया था। दोपहर के समय पुलिस वाहन के नरसिंहपुर पहुँचने पर, सभी आरोपियों को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल में दाखिल किया गया। 10 पुलिसकर्मी किए गए शिफ्ट केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में शिफ्ट किए गए 10 पुलिसकर्मियों में ये शामिल हैं: बंडोल थाना प्रभारी एसआई अर्पित भैरम लखनादौन एसडीओपी कार्यालय के प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रविन्द्र सिंह उइके, माखन सिंह इनवाती आरक्षक: जगदीश यादव, योगेन्द्र चौरसिया, रीतेश वर्मा (एसडीओपी के वाहन चालक), नीरज राजपूत एसएएफ आरक्षक: सुभाष सदाफल और केदार सिंह। वहीं, इस मामले की मुख्य आरोपी निलंबित एसडीओपी पूजा पांडेय को नरसिंहपुर न भेजकर रीवा जेल में स्थानांतरित किया गया है। दो करोड़ से अधिक की हवाला राशि लूटने का आरोप गौरतलब है कि घटना 8-9 अक्टूबर की रात की है। सिवनी जिले में यह सनसनीखेज हवाला-डकैती कांड सामने आया था। इस घटना में कुल 11 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने कटनी और सतना से नागपुर व जालना ले जाए जा रहे 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की भारी हवाला राशि को लूट लिया था। इस घटना ने पूरे प्रदेश में पुलिस महकमे में सनसनी फैला दी थी।

गजब दुस्साहस! मंत्री के काफिले को रोकने निकले तीन युवक, पुलिस ने एक को दबोचा

सोनभद्र सोनभद्र में गुरुवार की रात गजब दुस्साहस देखने को मिला है। योगी सरकार में समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोड़ के काफिले को ओवरटेकर कर रोकने की कोशिश की गई। स्कॉर्ट में तैनात जवानों ने टोका तो उनसे विवाद किया गया। इसके बाद मंत्री से भी विवाद कर लिया गया। मामले की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। दो अन्य फरार हो गए हैं। हिरासत में लिए गए व्यक्ति के पूछताछ हो रही है। फिलहाल पुलिस या मंत्री यह नहीं बता पा रहे कि इस तरह से ओवरटेक कर गाड़ी क्यों रोकी गई और उन लोगों की मंशा क्या थी। मंत्री के साथ काफिले में मौजूद जिला पंचायत सदस्य जुगैल के पति संजीव तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर चोपन पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।   बताया जाता है कि राज्य मंत्री सजीव गोड़ गुरुवार की शाम राबर्ट्सगंज से डाला स्थित अपने आवास जा रहे थे। उनके साथ जिला पंचायत सदस्य पति जुगैल संजीव तिवारी भी गाड़ी में थे। लोढ़ी टोल प्लाजा के आगे बढ़े तो उनके काफिले के पीछे-पीछे एक वाहन भी चलता दिखाई दिया। सलखन के पास पहुंचने पर वाहन में सवार लोगों ने उनके काफिले को ओवरटेक करने की कोशिश की। स्कॉर्ट के लोगों ने इस पर टोका तो चलती गाड़ी से ही विवाद कर लिया। इसके बाद तेजी मंत्री के काफिले को ओवरटेक किया और सोन नदी पुल पर काफिले के आगे आकर खड़े हो गए। मंत्री की गाड़ी पहुंची तो वह लोग अपने वाहन से उतर कर काफिले के पास आ गए और कहासुनी करने लगे। इस पर पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही चोपन थाने के प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने पर दो लोग पैदल ही फरार हो गए। एक व्यक्ति को हिरासत में लेते हुए उनकी गाड़ी भी कब्जे में ले ली गई। चोपन थाने के प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य पति जुगैल संजीव तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ जारी है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान अंकित मिश्रा निवासी दुद्धी के रूप में हुई है। फरार लोग शुभम सोनी और पंकज अग्रहरि हैं। वहीं राज्यमंत्री संजीव गोड़ का कहना है कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं हैं। वे सभी से मिलते है और उनकी समस्याओं को सुनते हैं। कार सवार लोगों की क्या मंशा थी यह तो पुलिस की जांच के बाद ही पता चल पाएगा।  

रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री साय से की शिष्टाचार भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मंत्रालय महानदी भवन स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने सक्ती जिले के ग्राम नंदेली में 29 दिसंबर को आयोजित होने वाले रामनामी मेला एवं संत समागम में मुख्यमंत्री श्री साय को आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर अखिल भारतीय रामनामी महासभा की अध्यक्ष सेत बाई रामनामी, महासचिव गुला राम रामनामी सहित रामनामी संप्रदाय से जुड़े अनेक सदस्य उपस्थित थे।

ड्राइविंग सेंटर पर विवाद बढ़ा: पंचायत ने ताला लगाकर किया संचालन बंद

गोराया  गोराया और फिल्लौर के बीच गांव दोसांझ खुर्द की पंचायती जमीन पर बने ऑटोमेटेड टेस्ट ड्राइविंग सेंटर पर पंचायत सदस्यों ने ताला जड़ दिया। जिस कारण ट्रैक स्टाफ व ड्राइविंग लाइसेंस का काम करवाने आए लोगों को करीब डेढ़ घंटे तक तपते ट्रैक के बाहर खड़ा रहना पड़ा। मौके पर नायब तहसीलदार नूरमहल व अन्य अधिकारी आए और पंचायत के 15 दिन के आश्वासन को देखते हुए ट्रैक का ताला खुलवाया गया और काम सामान्य रूप से शुरू हो गया। दरअसल, ग्राम पंचायत दोसांझ खुर्द ने बताया कि यह जमीन उनकी पंचायती जमीन है जिस पर ड्राइविंग टेस्ट सेंटर बना हुआ है। पिछले तीन साल से उन्हें किराया नहीं दिया गया है, जो करीब 6 लाख रुपये बनता है, जिससे उन्हें अपने गांव का विकास करना है। वे बार-बार अधिकारियों व संबंधित विभागों से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा। इसी से तंग आकर उन्होंने गुरुवार शाम को ट्रैक पर ताला जड़ दिया। कर्मचारियों को सुबह इसकी जानकारी हुई। जब उन्होंने ट्रैक का गेट खोलने की कोशिश की तो देखा कि अंदर से ताला लगा हुआ था। इसके बाद पता चला कि यह ताला पंचायत ने लगाया था। लोग और कर्मचारी करीब डेढ़ घंटे तक बाहर खड़े रहे।   जिसके बाद नायब तहसीलदार नूरमहल, बी.डी.पी.ओ. रुड़का कलां और पंचायत सचिव के साथ मौके पर आए। उन्होंने पंचायत को आश्वासन दिया कि पंचायत अपनी सहमति और बकाया राशि लिखित में दे, जिसके बाद उन्हें 15 दिन में उनकी राशि दे दी जाएगी। इसके बाद पंचायत ने ताला खोला और लोगों ने भी राहत की सांस ली और अपना काम शुरू किया।