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बच्चों को संक्रमित खून देने का मामला: झारखंड HC ने सरकार से की कड़ी पूछताछ

  रांची झारखंड उच्च न्यायालय ने खून चढ़ाने से 5 बच्चों के कथित रूप से एचआईवी से संक्रमित हो जाने पर राज्य सरकार को रक्त आधान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं करने को लेकर फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस विषय का जनहित याचिका के रूप में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह को फटकार लगाई। कहा, खबर है कि चाईबासा जिले में पांच बच्चों को खून चढ़ाया गया और इसके बाद वे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। ये बच्चे थैलेसीमिया के मरीज थे और चाईबासा के सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे थे। इलाज के तहत उन्हें खून चढ़ाया गया। इस साल अगस्त और सितंबर में अलग-अलग तारीखों पर इन बच्चों को रक्त चढ़ाया गया था। खंडपीठ ने कहा कि सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। अदालत ने स्वास्थ्य सचिव को एक हलफनामा दाखिल कर राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों में आयोजित रक्तदान शिविरों का विवरण पीठ को बताने का निर्देश दिया। अदालत ने अस्पतालों में रक्त की मांग और ‘ब्लड बैंकों' द्वारा उपलब्ध कराई गई मात्रा के बारे में भी जानकारी मांगी। अदालत ने विभाग को राष्ट्रीय रक्त नीति के अनुसार तैयार की जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया पीठ के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान, पीठ ने सरकार को यह बताने का आदेश दिया कि अस्पतालों में ‘न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (एनएटी)' करने के लिए उन्नत स्क्रीनिंग मशीनें क्यों नहीं लगाई गई हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अतुल गेरा ने अदालत को बताया कि किसी मरीज को रक्त चढ़ाने से पहले उसकी गुणवत्ता निर्धारित करने और एचआईवी की उपस्थिति का पता लगाने के लिए एनएटी आवश्यक है। इससे पहले, अदालत ने थैलेसीमिया से पीड़ित एक बच्चे के माता-पिता द्वारा लिखे गए पत्र के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका की सुनवाई शुरू की थी। इस बच्चे को कथित रूप से संक्रमित रक्त चढ़ाया गया था। कथित तौर पर, बच्चे को दूषित रक्त के माध्यम से एचआईवी संक्रमण हुआ था, जिसके बाद उसके पिता ने मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा था। मुख्य न्यायाधीश ने इसे एक जनहित याचिका में बदल दिया था। झारखंड सरकार ने 26 अक्टूबर को पश्चिमी सिंहभूम के सिविल सर्जन और अन्य संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया था, जब यह बात सामने आई कि चाईबासा में थैलेसीमिया से पीड़ित पांच बच्चों को रक्त चढ़ाने के बाद उनकी एचआईवी जांच पॉजिटिव आई थी।  

मध्यप्रदेश में हैरान करने वाला खुलासा! संचालक बेच रहा था फर्जी डेथ सर्टिफिकेट ऑनलाइन

बुरहानपुर खकनार तहसील में चाौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। तहसील मुख्यालय में फोटोकापी और एमपी ऑनलाइन सेंटर चलाने वाला युवक अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र बांट रहा था। नायब तहसीलदार कविता सोलंकी की शिकायत पर खकनार थाना पुलिस ने आरोपित संचालक विनोद पवार निवासी पांगरी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। हालांकि शुक्रवार शाम तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। दरअसल बिजौरी निवासी गोवर्धन पुत्र ताराचंद ने पंचायत सचिव दीपक आम्बेकर को अपने काका गोकुल पुत्र हीरा का मृत्यु प्रमाण पत्र दिया था। सचिव ने जांच करने के लिए जब प्रमाण पत्र का आरएस नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर डाला तो पता चला कि उसी नंबर का एक प्रमाण पत्र एक अक्टूबर को तहसीलदार जितेंद्र अलावा के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हो चुका है। गोवर्धन द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र तीन अक्टूबर का था और उसमें नायब तहसीलदार के हस्ताक्षर व सील लगी हुई थी। फर्जीवाड़े का पता चलने पर सचिव ने नायब तहसीलदार को सूचना दी। जांच में मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।   आरोपित ने ढाई हजार रुपये लिए गोवर्धन ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि 29 सितंबर को वह काका गोकुल का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने लोकसेवा केंद्र खकनार गया था। वहां उससे शपथ पत्र बनवा कर लाने के लिए कहा गया। इसके बाद वह रोहन फोटोकापी और आनलाइन सेंटर पहुंचा। जहां संचालक विनोद पवार ने ढाई हजार रुपये में प्रमाण पत्र बनवा कर देने की बात कही। गोवर्धन ने 600 रुपये अग्रिम दिए। तीन दिन बाद उसने 19 सौ रुपये लिए और गोवर्धन को प्रमाण पत्र दे दिया। उसे इस बात की जानकारी ही नहीं हुई कि जो प्रमाण पत्र दिया गया है, वह फर्जी है। इस फर्जीवाड़े में तहसील का भी कोई कर्मचारी शामिल है य नहीं और अब तक ऐसे कितने प्रमाण पत्र बना कर बांटे जा चुके हैं इसकी जांच की जा रही है।

महिलाओं के विकास की नई गाथा लिख रहा देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं की उन्नति के बिना समग्र विकास की कल्पना अधूरी है। महिलाओं की कठिनाइयों को दूर करने के साथ उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार के प्रयास निरंतर जारी रहना बेहद जरूरी है। महिलाओं के स्वास्थ्य, उपचार, पोषण और कल्याण की दिशा में मध्यप्रदेश में विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की हर बेटी, हर महिला पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े, हर बहन सशक्त बने, यही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी दिशा में हमने देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन प्रारंभ किया है। यह मिशन प्रदेश की बहनों को हर स्तर पर नई ताकत और नये अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार के लिए भी हमारी सरकार ने विभिन्न प्रयास किए हैं। इनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल, सुरक्षा सहित कायिक शुचिता और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा ‘सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना’ चलाई जा रही है। योजना के अंतर्गत छात्राओं को सेनेटरी पैड्स क्रय के लिए सहायता राशि सीधे इनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश की 20 लाख से अधिक बेटियों को 118 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि इनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के हित में ऐसा कदम उठाने वाला हमारा मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। हमारी बहनें है समाज की शक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बहनें समाज की शक्ति हैं। देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन उनके जीवन में नई ऊर्जा और अवसर लेकर आया है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर बहन को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मान मिले। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में यह हमारा संकल्प है और महिलाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। राज्य की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए ही यह मिशन प्रारंभ किया गया है। मिशन के अंतर्गत महिलाओं को कौशल विकास, उद्यमिता, शासकीय योजनाओं का लाभ, नेतृत्व प्रशिक्षण और सुरक्षा व अधिकार संरक्षण जैसी सेवाएं और सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। हमारी सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने शासकीय नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दी है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर इन्हें समुचित सम्मान और प्रोत्साहन दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वस्त्र उद्योग में कार्यरत महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं। हमने रेडिमेड गारमेंट्स इंडस्ट्री में कार्यरत हर महिला श्रमिक को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। इससे महिलाएं और अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रक्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं के लिए आश्रय गृह (वर्किंग वुमन हॉस्टल्स) की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 47 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। इनका कुशल नेतृत्व यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की अनवरत विकास यात्रा में हमारी बहनें अभूतपूर्व योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाने के लिए हमारी सरकार कोई कमी नहीं रखेगी। महिलाएं ही प्रदेश के चहुंमुखी विकास का नया अध्याय लिखेंगी, यह निश्चित है। 

CBSE ने बड़ी घोषणा की! 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम की डेटशीट 110 दिन पहले जारी, जानें पूरा शेड्यूल

चंडीगढ़  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा की परीक्षा की तारीखें जारी कर दी हैं। अधिसूचना के मुताबिक 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक होगी। वहीं, बारहवीं की परीक्षा 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक होगी। दोनों परीक्षाएं केवल एक शिफ्ट सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित कराई जाएंगी।  110 दिन पहले जारी की डेटशीट  सीबीएसई के मुताबिक, पहली बार डेटशीट परीक्षा शुरू होने से 110 दिन पहले जारी की गई है। इससे बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और स्कूलों को कई लाभ होंगे। जैसे छात्र परीक्षा की तैयारी पहले शुरू कर सकेंगे, जिससे उन्हें अपना प्रदर्शन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही सभी स्कूल बोर्ड कक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से योजना बना सकेंगे। दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। पूरी डेटशीट सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट www.cbse. gov.in पर देखी जा सकती है। इस साल करीब 42 लाख बच्‍चे CBSE बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। 

खेसारी लाल यादव ने खोली RJD की पोल: कहा—2 करोड़ नहीं, 50 लाख नौकरी भी नहीं मिलेगी!

पटना  जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी के साथ राजनीतिक लड़ाई तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में छपरा विधानसभा सीट (Chhapra Assembly seat) से महागठबंधन के प्रत्याशी और गायक-अभिनेता खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने एक बार फिर एनडीए सरकार पर हमला बोला। साथ ही राजद के 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के दावे की पोल खोल दी। एनडीए सिर्फ जंगलराज का डर दिखाती है  खेसारी लाल यादव ने कहा, "अगर हम 2 करोड़ रोजगार नहीं भी देंगे, तो कम से कम 50 लाख रोज़गार तो देंगे ही। कम से कम हमारे नेता रोज़गार देने की बात तो कर रहे हैं। एनडीए सरकार तो वादे भी नहीं करती, सिर्फ़ जंगलराज की बात करती है। वो हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर बात करेंगे… वो सिर्फ़ उन मुद्दों पर बात करेंगे जिनका आपकी ज़िंदगी से कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि हाल ही में आरजेडी ने बिहार में 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की थी। इससे पहले खेसारी लाल यादव ने कहा कि छपरा की जनता ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, छपरा की जो भी समस्याएं हैं, मैं अपने हुनर ​​और ताकत से जो भी कर सकता हूं, करने की कोशिश करूंगा। हमारी कोशिश होगी कि शिक्षा का स्तर ऊंचा हो, अस्पताल की व्यवस्था दूसरे शहरों से बेहतर हो…छपरा को बेहतर दिशा में ले जाएं।" गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जायेगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।  

DDA Housing Scheme 2025: अब राजधानी में मिलेगा ‘अपना घर’, कीमत मात्र ₹11.8 लाख से शुरू!

नई दिल्ली  दिल्ली जैसी महंगी राजधानी में घर खरीदना आज किसी सपने से कम नहीं। रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की पहुंच से छत को लगभग दूर कर दिया है। लेकिन अब वही सपना दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) हकीकत में बदलने जा रहा है। डीडीए ने अपनी जन साधारण आवास योजना 2025 (फेज-2) लॉन्च की है, जिसके तहत सिर्फ ₹11.8 लाख से शुरू होने वाले किफायती फ्लैट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस स्कीम का मकसद है – उन परिवारों को घर देना जो दिल्ली में रहते और काम तो करते हैं, पर ऊंची संपत्ति दरों के कारण अपना घर नहीं खरीद पाते। किसके लिए है यह योजना? यह योजना मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लोगों के लिए बनाई गई है। इसका फोकस उन परिवारों पर है जो किराए की ऊँची लागत से परेशान हैं और स्थायी घर की तलाश में हैं। यह कोई लग्ज़री प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि ज़रूरतमंदों के लिए व्यावहारिक और सुलभ आवास विकल्प है। कीमत और बजट में बड़ा फर्क DDA स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इसकी कीमत है — EWS फ्लैट्स की शुरुआती कीमत केवल ₹11.8 लाख LIG फ्लैट्स की कीमत ₹32.7 लाख तक जाती है दिल्ली-एनसीआर के प्रॉपर्टी मार्केट में जहां छोटे अपार्टमेंट भी ₹40–90 लाख से ऊपर मिलते हैं, वहीं यह स्कीम मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए राहत की सांस है। कहां-कहां मिलेंगे ये फ्लैट किफायती दाम का मतलब अब दूर-दराज इलाकों से नहीं है। DDA ने इस बार अपने फ्लैट्स बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं वाले इलाकों में बनाए हैं — EWS फ्लैट्स: नरेला, रोहिणी, रामगढ़ कॉलोनी और शिवाजी मार्ग LIG फ्लैट्स: रोहिणी सेक्टर 34–35 और जहांगीरपुरी के पास रामगढ़ कॉलोनी इन सभी स्थानों से मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन आसानी से उपलब्ध हैं।   बुकिंग कब और कैसे जन साधारण आवास योजना 2025 के दूसरे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 7 नवंबर 2025 से शुरू होगी। बुकिंग 'पहले आओ, पहले पाओ' (First Come, First Serve) के आधार पर होगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी। क्यों खास है यह योजना डीडीए की यह पहल सिर्फ एक हाउसिंग स्कीम नहीं, बल्कि दिल्ली में बढ़ते किराया संकट का समाधान भी है। ऐसे समय में जब राजधानी में जमीन और मकान की कीमतें आम नागरिक की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं, यह योजना “अपना घर” के सपने को फिर से जिंदा करने वाली साबित हो सकती है।  

सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री परमार

एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने में सभी की सहभागिता आवश्यक : मंत्री  परमार सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री  परमार मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर रन फॉर यूनिटी को झंडी दिखाकर किया रवाना राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि भारत में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हर निर्णय ऐसे हो रहे हैं जैसे सरदार वल्लभ भाई पटेल ही फिर से भारत का नेतृत्व करने के लिए खड़े हों। प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विश्व का सबसे समृद्ध एवं विकसित देश बनने का संकल्प लिया है। भारत 'वसुधैव कुटुंबकम्' के अपने दृष्टिकोण के साथ विश्वमंच पर पुनः आगे बढ़ रहा है। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा और हर विधा-हर क्षेत्र में विश्वभर में सिरमौर देश बनेगा। स्वाभिमान के साथ देश को वैश्विक मंच पर सिरमौर बनाने की संकल्पना में सहभागिता करने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने शुक्रवार को 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती 'राष्ट्रीय एकता दिवस' पर शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित माँ शारदा सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'रन फॉर यूनिटी' (एकता दौड़) को झंडी दिखाकर रवाना किया और प्रेरक संबोधन दिया। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता-अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौध-रोपण भी किया। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कार्यक्रम में सहभागी बनने को गौरवपूर्ण बताते हुए प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान का स्मरण करना और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। मंत्री  परमार ने सभी को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके पुरुषार्थ पर प्रकाश डाला। मंत्री  परमार ने बताया कि स्वतंत्रता के उपरांत सभी रियासतों के एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया और सभी रियासतों का भारत में विलीनीकरण कर देश को एक सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम में  अशोक नायक,  विजय बैस, शुजालपुर महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष  आलोक खन्ना सहित नागरिक और अधिकारी उपस्थित थे।  

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: जनता के लिए आसान होंगी 56 सरकारी सेवाएं, CM भगवंत मान ने दी सौगात

जालंधर  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य में ट्रांसपोर्ट विभाग से जुड़ी सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलालों के नैक्सस को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। सरकार के नए आदेशों के तहत अब आरटीओ कार्यालयों की 56 सेवाएं राज्य भर के सेवा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस फैसले का उद्देश्य आम लोगों को पारदर्शी, सुगम और दलाल-मुक्त सेवाएं मुहैया कराना है। वहीं सोमवार से सेवाएं पूरी तरह से चालू होंगी। उल्लेखनीय है कि पहले ट्रांसपोर्ट विभाग की जो 28 सेवाओं की सुविधा सेवा केंद्रों पर दी जा रही थी, उनकी संख्या को अब बढ़ाकर 56 किया गया है। इसके लिए सभी सेवा केंद्र कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे नागरिकों को निर्बाध और प्रभावी सेवाएं दे सकें। जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स में स्थित टाइप-ए सेवा केंद्र में आज इन नई सेवाओं की शुरुआत के साथ ही लोगों ने उत्साहपूर्वक इसका लाभ उठाना शुरू कर दिया। सेवा केंद्र के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर बहादुर सिंह ने बताया कि वर्तमान में कुछ सेवाएं तकनीकी कारणों से अस्थायी रूप से रुकी हुई है, क्योंकि सिस्टम और सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले सोमवार से सभी 56 सेवाएं पूरी तरह से चालू कर दी जाएंगी। जनता का अनुभव, पारदर्शी सेवाओं से दलालों से मुक्ति मिलने की उम्मीद सेवा केंद्र पर ट्रांसपोर्ट विभाग से संबंधित काम करवाने पहुंचे गौतम कपूर ने बताया कि यह नई व्यवस्था नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। उन्होंने कहा कि पहले जहां लोगों को दलालों के चक्कर में पड़ना पड़ता था, वहीं अब निर्धारित शुल्क देकर सभी सेवाएं सीधे सेवा केंद्र से मिल रही हैं। कपूर ने कहा कि सभी दस्तावेज़ अब ऑनलाइन सिस्टम में अपलोड किए जाते हैं, जिससे फाइल प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी हो गई है। अब दलालों से निजात मिलने की उम्मीद बनी है।   सेवा केंद्र के आर.टी.ओ. काऊंटरों पर उमड़ी भीड़ जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स स्थित टाइप-ए सेवा केंद्र में आज आर.टी.ओ. से संबंधित कामों को लेकर 2 विशेष काऊंटर स्थापित किए गए, जिन पर पूरे दिन लोगों की भारी भीड़ देखी गई। लोगों ने लाइसैंस, वाहन पंजीकरण, स्वामित्व परिवर्तन, और चालान निपटान जैसी सेवाएं काऊंटरों पर ली। वहीं, आर.टी.ओ. कार्यालय में आज सार्वजनिक खिड़कियां बंद रहीं, सिर्फ ए.आर.टी.ओ. की पब्लिक सर्विस विंडो खुली रखी गई, जहां नागरिकों ने अपने ऑनलाइन ट्रैफिक चालानों का भुगतान किया। कई लोग जो पुराने ढर्रे के अनुसार सीधे आर.टी.ओ. पहुंचे थे, उन्हें सरकार के नए फैसले की जानकारी देकर सेवा केंद्र भेजा गया।

सरकारी अस्पतालों में दवाओं की किल्लत, सौरभ भारद्वाज बोले—‘प्रणाली को ठीक करना जरूरी’

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी के नेताओं ने रियलिटी चेक कर दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि दिल्ली में भाजपा सरकार आने के बाद सरकारी अस्पतालों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। मुफ्त दवा, टेस्ट और सर्जरी जैसी मूलभूत सुविधाएं अब केवल नाम मात्र की रह गई हैं। 'आप' दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने बीते गुरुवार को राजीव गांधी अस्पताल का निरीक्षण किया था, वहीं शुक्रवार को कोंडली के विधायक कुलदीप कुमार ने लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने दावा किया कि यहां मरीजों को निर्धारित दवाइयों का आधा हिस्सा भी अस्पताल से नहीं मिल रहा है और ज्यादातर महंगी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। कुलदीप कुमार ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा मरीजों को 8 से 10 दवाइयां लिखी जा रही हैं, लेकिन अस्पताल से केवल 1 या 2 सस्ती दवाइयां ही दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति भाजपा सरकार की नाकामी को उजागर करती है। केजरीवाल सरकार के समय में महंगी से महंगी दवाइयां, टेस्ट और सर्जरी पूरी तरह मुफ्त हुआ करती थीं। आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान कई मरीजों ने अपनी शिकायतें बताईं। एक बुजुर्ग मरीज ने कहा कि उन्हें केवल दो दवाइयां दी गईं, जबकि बाकी पर ‘कट’ लगाकर बाहर से लाने को कहा गया। एक अन्य मरीज ने शिकायत की कि सात दवाइयों में से केवल एक मिली, बाकी छह बाहर से खरीदनी पड़ीं। कुछ मरीजों ने यह भी बताया कि पहले सभी दवाइयां अस्पताल में मिल जाती थीं, पर अब 'बाहर से लो' कहकर भेज दिया जाता है। कुलदीप कुमार ने कहा कि इमरजेंसी में भी दवाइयों की भारी कमी है और मरीजों को जन औषधि केंद्र की ओर भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इन दुकानों को अस्पतालों के बाहर जानबूझकर खुलवाया है ताकि गरीब मरीजों से पैसे वसूले जा सकें। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा राज में सरकारी अस्पताल खुद बीमार हो गए हैं। प्रदूषण से बढ़ती बीमारियों और अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिलने से दिल्लीवासियों पर दोहरी मार पड़ रही है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार में मरीजों को दवा, टेस्ट और सर्जरी सब कुछ मुफ्त मिलता था, जबकि अब वर्तमान सरकार ने गरीबों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि जमीनी सच्चाई यह है कि मरीजों को न दवाइयां मिल रही हैं, न टेस्ट फ्री हो रहे हैं। गरीब लोग सुबह से लाइन में लगते हैं और दोपहर तक दवा के लिए भटकते रहते हैं। 

इन सीटों पर ‘भूमिहार ब्रिगेड’ का दबदबा कायम, पार्टी कोई भी हो—जीतते हैं बस वही

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) में जातीय समीकरण (Caste equation) एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन यहां एक ऐसी जाति है, जिसका राजनीति में हमेशा से प्रभाव रहा है। हम बात कर रहे हैं कि भूमिहार जाति की….इस बार कई विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां NDA और महागठबंधन दोनों ने भूमिहार उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इन सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा और जीत चाहे महागठबंधन की हो या एनडीए की…लेकिन विजेता भूमिहार उम्मीदवार ही होगा।  इन सीटों पर होगा भूमिहार Vs भूमिहार का दिलचस्प मुकाबला-  1. मोकामा विधानसभा सीट: अनंत सिंह Vs वीणा देवी  मोकामा सीट पर बाहुबलियों की जंग है। यहां जदयू ने आनंत सिंह को मैदान में उतारा है तो राजद की ओर से वीणा देवी (सूरजभान सिंह की पत्नी) चुनाव लड़ रही हैं। दोनों ही भूमिहार समुदाय से आते हैं। यह सीट लंबे समय से बाहुबली राजनीति का केंद्र रही है।  2. हिसुआ विधानसभा सीट (नवादा): नीतू देवी Vs अनिल सिंह  नवादा की हिसुआ विधानसभा सीट पर कांग्रेस से नीतू देवी (पूर्व मंत्री आदित्य सिंह की बहू) और BJP) से अनिल सिंह चुनावी मैदान में हैं। दोनों उम्मीदवार भूमिहार हैं और दोनों का मजबूत जनाधार है। नीतू सिंह पिछली बार 2020 के चुनाव में हिसुआ की विधायक चुनी गई थीं। यह सीट इस बार महिला बनाम पुरुष और सत्ता बनाम संगठन की लड़ाई के रूप में देखी जा रही है।  3. बिक्रम विधानसभा सीट (पटना): सिद्धार्थ सौरव Vs अनिल कुमार  बिक्रम विधानसभा सीट पर भाजपा BJP ने पूर्व कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ सौरव को टिकट दिया है तो वहीं कांग्रेस ने अनिल कुमार को मैदान में उतारा है। दोनों भूमिहार उम्मीदवारों के बीच यह मुकाबला राजनीतिक पाला बदलने की कहानी भी बयां करता है। 2015 और 2020 में यहां से कांग्रेस के टिकट पर सिद्धार्थ सौरव ने जीत दर्ज की।    4. मटिहानी विधानसभा सीट (बेगूसराय): बोगो सिंह Vs राजकुमार सिंह  इस सीट पर राजद RJD से बोगो सिंह (पूर्व JDU विधायक) और जदयू JDU से राजकुमार सिंह (पूर्व LJP विधायक) चुनावी लड़ रहे हैं। यह सीट नेताओं के दल-बदल और जातीय प्रभाव दोनों के लिए चर्चा में है। दोनों उम्मीदवार भूमिहार हैं।  5. परबत्ता विधानसभा सीट (खगड़िया): डॉ. संजीव Vs बाबूलाल शौर्य  परबत्ता सीट पर राजद (RJD) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार (पूर्व JDU विधायक) हैं और LJP (रामविलास) से बाबूलाल शौर्य चुनावी मैदार में हैं। दोनों उम्मीदवार भूमिहार समुदाय से हैं और इलाके में मजबूत पकड़ रखते हैं।  6. बरबीघा विधानसभा सीट (शेखपुरा): कुमार पुष्पंजय Vs त्रिशूलधारी सिंह  बात करें बरबीघा विधानसभा सीट की तो यहां भी भूमिहार Vs भूमिहार के बीच दिलचस्प मुकाबला होगा। यहां JDU से कुमार पुष्पंजय और कांग्रेस से त्रिशूलधारी सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों ही संपन्न घरों से आते हैं।