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गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार से शुरू होगा प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव, 9 नवंबर तक चलेगा

गोरखपुर में ‘साहित्यिक महाकुंभ’ का मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार से शुरू होगा प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव, 9 नवंबर तक चलेगा नेशनल बुक ट्रस्ट कर रहा आयोजन, पुस्तकों के स्टाल के साथ ही सजेंगे बाल मंडप और साहित्यिक मंच गोरखपुर  प्रयागराज में धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के अद्वितीय महाकुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन सबकी स्मृतियों में रच-बस गया है। अब बारी ‘साहित्यिक महाकुंभ’ की है। साहित्यिक महाकुंभ का यह आयोजन गोरखपुर पुस्तक महोत्सव के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में होने जा रहा है। 1 नवंबर से 9 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को करेंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में ‘प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव’ का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट (राष्ट्रीय पुस्तक न्यास) की तरफ से किया जा रहा है। यह आयोजन नगर की गहरी आध्यात्मिक, कलात्मक और साहित्यिक विरासत का एक भव्य उत्सव होगा। पुस्तक महोत्सव में आमजन प्रतिदिन पूर्वाह्न 11 बजे से रात 8 बजे तक शामिल हो सकेंगे। इसमें सभी के लिए प्रवेश निशुल्क होगा। पुस्तक महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।  नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक युवराज मलिक के अनुसार प्रथम पुस्तक महोत्सव में 100 से अधिक प्रकाशकों के 200 से भी अधिक पुस्तकों के स्टॉल लगेंगे, जहां हिंदी, अंग्रेजी और अनेक भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी। साथ ही, बाल मंडप और साहित्यिक मंच पर नामचीन लेखकों-वक्ताओं के साथ संवाद, कार्यशालाएं और चर्चाएं भी आयोजित होंगी। बच्चों के लिए होंगी आकर्षक गतिविधियां बाल मंडप में बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें कहानी सत्र, कठपुतली शो, आर्ट एंड क्राफ्ट वर्कशॉप, चित्रांकन और डूडलिंग प्रतियोगिताएं, ओरिगेमी और क्ले आर्ट, सुलेख और रंगमंच कार्यशालाएं तथा म्यूजिकल स्टोरीज सेशन शामिल होंगे। ताकि बच्चे पुस्तकों की दुनिया से आनंदपूर्वक तरीके से जुड़ सकें। जानी-मानी साहित्यिक हस्तियों को सुनने का मिलेगा अवसर साहित्यिक मंच पर गोरखपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों से जुड़ी अनेक जानी-मानी साहित्यिक हस्तियाें को सुनने का अवसर मिलेगा। जिनमें अवध संस्कार : लोकाचार और लोकगीत की लेखिका डाॅ. मनोरमा मिश्रा, विद्वान साहित्यकार डाॅ. रामदेव शुक्ल, प्रसिद्ध कवि-आलोचक व्यमोश शुक्ल (प्रधानमंत्री, नागरी प्रचारिणी सभा), वरिष्ठ लेखिका एवं अनुवादक आशा प्रभात, युवा लेखिका डाॅ. निधि अग्रवाल,  पत्रकार-उपन्यासकार उमा, वरिष्ठ कवि अष्टभुजा शुक्ल, पूर्व पुलिस अधिकारी एवं विविध पुस्तकों की लेखिका डाॅ. सत्या सिंह, अरविंद त्रिपाठी, अमित कुमार, कवयित्री सुनीता अबाबील तथा गोरखपुर के प्रतिष्ठित लेखक सुभाष यादव आदि शामिल हैं। सांस्कृतिक संध्या में होंगे समृद्ध विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम सांस्कृतिक संध्याओं में भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे, जिनमें बिरजू महाराज कथक संस्थान (लखनऊ) के कलाकारों द्वारा शास्त्रीय नृत्य एवं गायन, कव्वाली प्रस्तुति, तथा ‘फोक क्वीन ऑफ इंडिया’ मालिनी अवस्थी की एक विशेष प्रस्तुति शामिल है। इनके अलावा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) का नाटक, सूफी एवं बॉलीवुड फ्यूजन म्यूजिक, कवि सम्मेलन, और ‘द युवाम प्रोजेक्ट’ के साथ एक विशेष म्यूजिकल ईवनिंग आयोजित की जाएगी। जिससे यह आयोजन साहित्य, कला और संस्कृति का एक भव्य महोत्सव बन जाएगा। ई-लाइब्रेरी का भी ले सकेंगे अनुभव दर्शक यहां ‘राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय (नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया)’ का अनुभव भी ले सकेंगे, जहां 3,000 से अधिक ई-पुस्तकों तक निशुल्क पहुंचा जा सकता है। यह पारंपरिक पढ़ने की आदत का डिजिटल ज्ञान की दुनिया के साथ सुंदर समन्वय होगा।

वैशाली के लालगंज विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में सीएम योगी ने मांगा वोट

बिहार विधानसभा चुनाव चुनाव में राहुल गांधी की इंट्री, बीजेपी व एनडीए की जीत की गारंटी- योगी आदित्यनाथ  वैशाली के लालगंज विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में सीएम योगी ने मांगा वोट भारी बारिश के बीच सीएम योगी की रैली में उमड़ा जनसैलाब, 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के नारों से गूंजायमान हो उठा वातावरण  – भारी बारिश के बीच भीड़ का उत्साह देख बोले सीएम योगी, यह कीचड़ में कमल खिलाने का संकेत है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास और सुरक्षा दोनों के नए मानक स्थापित किए हैं- सीएम योगी  – बोले सीएम योगी, यूपी की तरह बिहार से भी माफियाओं का होगा सफाया – आज का नया भारत रुकता नहीं, झुकता नहीं और आतंकवाद-नक्सलवाद को उसकी मांद में घुसकर मारना जानता है- मुख्यमंत्री – लौह पुरुष पटेल ने देश को अखंड बनाया, आज प्रधानमंत्री मोदी उसी एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं- मुख्यमंत्री – वैशाली की यह भूमि लोकतंत्र की जननी है, जिसने नालंदा विश्वविद्यालय और भगवान महावीर जैसी विरासत दी- योगी – कांग्रेस और आरजेडी ने 15 साल लगातार राज किया, लेकिन गरीब को छत तक नहीं दे पाए- योगी – उत्तर प्रदेश अब विरासत और विकास दोनों का मॉडल है, यहां न माफिया बचता है, न भ्रष्टाचार पनपता है- मुख्यमंत्री वैशाली भारी बारिश के बावजूद ब्रह्मानंद पंजियार कॉमर्स कॉलेज मैदान में जनसैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी सभा में 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के नारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा। लालगंज विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में बोलते हुए योगी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी प्रचार में आ गए, तो एनडीए की विजय सुनिश्चित है। बारिश में भीड़ का उत्साह देख सीएम योगी ने कहा कि यह कीचड़ में कमल खिलाने का संकेत है। सीएम योगी ने कहा कि वैशाली की यह भूमि लोकतंत्र की जननी है, जिसने नालंदा विश्वविद्यालय और भगवान महावीर जैसी विरासत दी। आज यह धरती एक बार फिर नए भारत के संकल्प की गवाह बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया भारत रुकता नहीं, झुकता नहीं और आतंकवाद-नक्सलवाद को उसकी मांद में घुसकर मारना जानता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास और सुरक्षा दोनों के नए मानक स्थापित किए हैं। यह नया भारत सबका साथ, सबका विकास करता है, लेकिन तुष्टिकरण किसी का नहीं करता। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का एकमात्र देश है जो 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ को मुफ्त इलाज और हर गरीब को आवास, शौचालय और बिजली की सुविधा दे रहा है। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने 15 साल लगातार राज किया, लेकिन गरीब को छत तक नहीं दे पाए। मोदी जी ने 10 साल में वो कर दिखाया जो इनसे नहीं हुआ। एनडीए की जीत की गारंटी हैं राहुल गांधी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी जब भी प्रचार करने आते हैं, एनडीए की जीत तय हो जाती है। वे बीजेपी और एनडीए की जीत की सबसे बड़ी गारंटी हैं। सीएम योगी ने कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग सत्ता में आएंगे तो फिर माफिया राज, लूट, अपहरण और बेटियों की असुरक्षा का दौर लौट आएगा। गरीबों का राशन लूटेंगे, व्यापारियों को डराएंगे। लेकिन एनडीए यह नहीं होने देगा। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे यहां माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। यूपी में जो माफिया पहले सत्ता का हिस्सा बनते थे, आज जेल में हैं या प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं। हमारे बुलडोजर जब चलते हैं, तो माफिया की अवैध संपत्तियां ढहती हैं और उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए मकान बनते हैं। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विरासत और विकास दोनों का मॉडल है। यहां न माफिया बचता है, न भ्रष्टाचार पनपता है। सरदार पटेल ने देश को अखंड बनाया- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का स्मरण करते हुए कहा कि भारत की एकता के शिल्पी लौह पुरुष पटेल ने ब्रिटिशों की विभाजन की साजिश को नाकाम कर देश को अखंड बनाया। आज प्रधानमंत्री मोदी उसी एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिहार को भी विकसित बनाना है, तो एनडीए की डबल इंजन सरकार को मजबूत करना होगा।  सीएम योगी ने बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में मांगा वोट संजय कुमार सिंह जैसे जनसेवक को जिताना बिहार के भविष्य को सुरक्षित करना है। बारिश और कीचड़ में भी जो भीड़ जुटी है, वह बताती है कि लालगंज से इस बार कमल जरूर खिलेगा। आप बस घर-घर जाकर वोट मांगिए, बिहार भी यूपी की तरह अपराध और अराजकता से मुक्त होगा। विकसित बिहार, विकसित भारत का मार्ग यहीं से निकलेगा।

हवाई संचालन की दिशा में अहम कदम, एयर नेविगेशन सिस्टम की जांच शुरू

कैलिब्रेशन फ्लाइट ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर की सफल लैंडिंग हवाई संचालन की दिशा में अहम कदम, एयर नेविगेशन सिस्टम की जांच शुरू किसी भी नए एयरपोर्ट के संचालन से पहले अनिवार्य होती है कैलिब्रेशन फ्लाइट एयरपोर्ट के इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम, रडार और एयर नेविगेशन उपकरणों के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप क्षमता का होता है परीक्षण नोएडा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar) के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर तब दर्ज हुआ जब शुक्रवार को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की कैलिब्रेशन फ्लाइट ने सफलतापूर्वक एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। यह उड़ान हवाई अड्डे के नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम की सटीकता जांचने के लिए की जाती है, जो किसी भी नए एयरपोर्ट के संचालन से पहले अनिवार्य होती है। क्या है कैलिब्रेशन फ्लाइट? कैलिब्रेशन फ्लाइट एक विशेष परीक्षण उड़ान होती है, जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि एयरपोर्ट के इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS), रडार, और एयर नेविगेशन उपकरण अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप काम कर रहे हैं। परीक्षण की प्रक्रिया फ्लाइट के दौरान विशेष रूप से सुसज्जित विमान अलग-अलग ऊँचाइयों और कोणों पर उड़ते हुए ग्राउंड सिस्टम से प्राप्त सिग्नल की ताकत, स्थिरता और सटीकता की जांच करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में फ्लाइट इंस्पेक्टर, टेक्निकल इंजीनियर, और एटीसी विशेषज्ञ शामिल रहते हैं। तकनीकी उपकरण और डेटा विश्लेषण AAI द्वारा उपयोग किए जाने वाले कैलिब्रेशन विमान में अत्याधुनिक माप उपकरण लगे होते हैं। उड़ान से प्राप्त डेटा का बाद में विश्लेषण किया जाता है ताकि किसी भी तकनीकी विचलन को तुरंत ठीक किया जा सके और उपकरणों की सटीकता सुनिश्चित हो। सुरक्षा और विश्वसनीयता की गारंटी कैलिब्रेशन फ्लाइट का पूरा होना यह दर्शाता है कि जेवर एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर की विमानन सुरक्षा मानकों के और करीब पहुंच गया है। इसके बाद एयरपोर्ट के लिए ऑपरेशनल क्लियरेंस की प्रक्रिया को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने आंवला नवमी पर आंवला वृक्ष की पूजा कर दी समृद्धि की शुभकामनाएं

रायपुर, आंवला नवमी के पावन अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आंवला वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आंवला नवमी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में आंवला वृक्ष को दिव्य और औषधीय गुणों  से युक्त माना गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, धन, आरोग्य और समृद्धि का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता है कि आंवला वृक्ष के नीचे भोजन करने और आंवला फल का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्राकृतिक एवं औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी संस्कृति का आधार है, और वृक्ष हमारे जीवन के पोषक हैं। वृक्षों की पूजा करने के साथ ही उन्हें सुरक्षित रखना भी हमारा सामूहिक दायित्व है।

2 नवंबर को होगी अमित पंघाल की शादी, जानिए कौन हैं उनके जीवन की हमसफर

जींद हरियाणा के रोहतक के प्रसिद्ध मुक्केबाज अमित पंघाल जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। जींद की बेटी अंशुल श्योकंद के साथ उनकी शादी 2 नवंबर को जींद के एक निजी होटल में होगी। शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, और ग्रामीण रीति-रिवाजों के अनुसार सभी रस्में निभाई जाएंगी। अमित पंघाल, जो ओलंपियन और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता हैं, रोहतक के मायना गांव के निवासी हैं। वे भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जे.सी.ओ.) के रूप में सेवा दे रहे हैं। उनकी मंगेतर अंशुल श्योकंद जींद के पालवां गांव की रहने वाली हैं। अंशुल ने रोहतक यूनिवर्सिटी से बी.कॉम पूरा किया है और वर्तमान में रोहतक के सांपला से एम.कॉम कर रही हैं। वे ताइक्वांडो की नेशनल खिलाड़ी रह चुकी हैं और भारतीय वायुसेना की परीक्षा पास कर चुकी हैं, जहां वे रक्षा सेवाओं में जाने की तैयारी कर रही हैं। शादी की खास तैयारियां डिजाइनर लहंगा: अंशुल ने दिल्ली से स्पेशल डिजाइनर लहंगा मंगवाया है, जिसे नामी डिजाइनरों ने तैयार किया है। यह लहंगा शादी की रस्मों के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है।    घर की सजावट: अमित के रोहतक स्थित घर को फूलों और रोशनी से सजाया जा रहा है। शादी की रस्में 27 अक्टूबर से शुरू हो चुकी हैं, जिसमें हल्दी (बान) की रस्म भी शामिल है।  शादी का स्थान: मुख्य समारोह जींद के एक निजी होटल में होगा, जहां ग्रामीण परंपराओं के अनुसार सभी रस्में होंगी। बारात रोहतक से जींद पहुंचेगी, और बारात का स्वागत धूमधाम से किया जाएगा।  रिसेप्शन: शादी के बाद 4 नवंबर को रोहतक के एक निजी होटल में रिसेप्शन पार्टी रखी गई है। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री, सांसद, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र को न्योता दिया गया है। मेहमानों का स्वागत अमित के पसंदीदा व्यंजन खीर-चूरमा से किया जाएगा। परिवार का बयान अंशुल के पिता कुलदीप श्योकंद (किसान) ने बताया, "शादी पूरी तरह ग्रामीण रीति-रिवाजों के अनुसार होगी। सभी पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी, और तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।" अंशुल की मां सीमा (नर्सिंग ऑफिसर, पहले रोहतक पीजीआईएमएस में ड्यूटी) ने कहा, "यह हमारे लिए खुशी का पल है। हम ग्रामीण परंपराओं को बनाए रखते हुए बेटी की शादी करा रहे हैं।"  अमित के पिता विजेंद्र पंघाल ने भी शादी के कार्ड खुद बांटे हैं और सभी रस्मों का जिम्मा अपने कंधों पर लिया है। परिवार ने बताया कि यह अरेंज्ड मैरिज है, जो दोनों परिवारों की दोस्ती से बनी। सगाई 31 मार्च 2025 को जींद के ही एक निजी होटल में हुई थी, जिसमें केवल परिवारजन शामिल हुए थे।  अमित और अंशुल का सफरअमित पंघाल ने 2007 में बॉक्सिंग शुरू की और जल्द ही एशियन गेम्स (गोल्ड), कॉमनवेल्थ गेम्स (रजत) और विश्व चैंपियनशिप (रजत) जैसे सम्मानों से नवाजे गए। वे दो बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अंशुल भी खेलों से जुड़ी हैं और रक्षा सेवाओं में रुचि रखती हैं। दोनों का मिलन खेल और परंपरा का अनोखा संगम लगता है।  यह शादी न केवल दो परिवारों को जोड़ेगी, बल्कि हरियाणा के खेल जगत के लिए भी एक खुशी का अवसर बनेगी। तैयारियां अंतिम चरण में हैं, और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।  

बिहार की राजनीति में नया ट्विस्ट! एनडीए की पीसी छोड़कर गए सभी बड़े नेता – अंदर क्या चला?

पटना  बिहार विधासनभा चुनाव में एनडीए का साझा संकल्प पत्र जारी करने के लिए पटना के होटल मौर्या में शुक्रवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा समेत एनडीए के सभी शीर्ष नेता मौजूद रहे। सुबह ठीक 10 बजे शुरू हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये सभी नेता एनडीए का संकल्प पत्र जारी कर वहां से कुछ ही मिनट में निकल गए। इनमें से किसी भी नेता ने पीसी को संबोधित नहीं किया। बाद में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने एनडीए के चुनावी वादों को जनता के सामने रखा।   एनडीए की पीसी में किसी भी बड़े नेता के संबोधन नहीं देने पर सियासी पारा गर्मा गया है। विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए हैं। बिहार चुनाव में कांग्रेस के वरीय पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने शुक्रवार को पटना में कहा कि महज 26 सेकंड में एनडीए का घोषणा पत्र जारी किया गया। उन्होंने आरोप लगाए कि मीडिया के सवालों से जरकर एनडीए के नेता उठकर भाग खड़े हुए। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है। हालांकि, पीसी से निकलने के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी लोगों ने एक साथ मिलकर NDA का संकल्प पत्र जारी किया है। चुनावी व्यस्तता के चलते सभी नेताओं को अलग-अलग जगह प्रचार करने जाना था। अगर प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक घंटा समय लगाते तो प्रचार अभियान प्रभावित होता। पीसी के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी कहा, "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आए, उन्होंने एनडीए का संकल्प पत्र जारी किया। मैं उनका सहयोगी हूं। मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोगों को बताया। नीतीश के विजन को ही हम आगे बढ़ा रहे हैं।" आधा घंटा देरी से शुरू हुई एनडीए की पीसी बता दें कि एनडीए की पीसी लगभग आधा घंटा देरी से शुरू हुई। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने गुरुवार शाम को सोशल मीडिया पोस्ट में एनडीए की प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय सुबह 9.30 बजे बताया था। मगर, पीसी 10 बजे शुरू हुई। सूत्रों के अनुसार, पहले से तय था कि पीसी में एनडीए के किसी भी बड़े नेता का संबोधन नहीं होगा, सिर्फ सम्राट चौधरी संकल्प पत्र की बातों को मीडिया के सामने रखेंगे।  

बिजली से जगमग होंगे सुदूर गांव, विधायक ने स्वीकृत की विद्युतीकरण योजना

बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने डेजर्ट नेशनल पार्क क्षेत्र के विद्युतीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन गांवों के लिए विधायक निधि से धन आवंटित करने का निर्णय लिया है, जो आजादी के इतने साल बाद भी बिजली से वंचित थे। डीएनपी क्षेत्र राजस्थान के सबसे दुर्गम इलाकों में गिना जाता है। ऐसे में इस पहल से इन गांवों के निवासियों के जीवन में सुधार आएगा और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना के तहत सिरगुवाला गांव में विद्युतीकरण कार्य, मोकमसिंह की ढाणी बच्चिया में ट्रांसफार्मर की स्थापना और कुम्पाणियों की ढाणी लांबड़ा में विद्युतीकरण कार्य किया जाएगा। इन क्षेत्रों के निवासियों के लिए यह कदम ऐतिहासिक महत्व का है, क्योंकि ये बस्तियां आजादी के लगभग 78 वर्षों बाद अब पहली बार बिजली की सुविधा से जुड़ेंगी। विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि डीएनपी क्षेत्र विकास की दृष्टि से अत्यंत पिछड़ा हुआ इलाका है। यहां के लोग दशकों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे हैं। मेरा प्रयास है कि इस क्षेत्र का कोई भी गांव अब अंधेरे में न रहे। यह सिर्फ बिजली नहीं बल्कि विकास की पहली किरण है, जो इन बस्तियों के भविष्य को रोशन करेगी। भाटी ने यह भी बताया कि कमलाणी (बिजाबल) के लिए स्वीकृति भी जल्द ही जारी होगी और आगामी दिनों में वहां भी विद्युतीकरण का कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में डीएनपी क्षेत्र के शेष गांवों को भी चरणबद्ध तरीके से विद्युत सुविधा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को शीघ्रता और पारदर्शिता से पूरा किया जाए ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

ED का समन रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई लगाम — अब इन नए नियमों से चलेगी एजेंसी

नई दिल्ली  उच्चतम न्यायालय ने ED यानी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दो वरिष्ठ वकीलों को जारी समन को रद्द कर दिया तथा जांच एजेंसियों को मुवक्किलों को दी गई कानूनी सलाह के बारे में पूछताछ के लिए वकीलों को बुलाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए। भारत के प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन तथा न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने ईडी द्वारा धन शोधन जांच के सिलसिले में वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार और प्रताप वेणुगोपाल को तलब किए जाने के बाद स्वत: संज्ञान मामले में यह फैसला सुनाया।   फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति चंद्रन ने कहा कि पीठ ने वकीलों की सुरक्षा के लिए 'नियम में छूट को सुसंगत बनाने' का अनुरोध था और जांच एजेंसियों के अनुचित दबाव से कानूनी पेशे की रक्षा के लिए नए निर्देश जारी किए। पीठ ने कहा कि जांच एजेंसियां ​​किसी भी वकील को मुवक्किलों का विवरण मांगने के लिए समन जारी नहीं करेंगी, जब तक कि यह संबंधित कानून के दायरे में न आता हो। उसने कहा कि वकीलों के डिजिटल उपकरणों को केवल संबंधित अधिकार क्षेत्र वाली अदालत के समक्ष ही जब्त किया जा सकता है और आपत्तियों के खारिज होने के बाद ही उन्हें उनकी उपस्थिति में तथा पक्षकारों के समक्ष ही खोला जा सकता है। ईडी द्वारा वकीलों को भेजे गए समन को खारिज करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा कि यह उन आरोपियों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है जिन्होंने वकीलों को अपनी पैरवी के लिए चुना था। पीठ ने कहा, 'समन के परिणामस्वरूप उन आरोपियों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है, जिन्होंने वकील पर भरोसा जताया था।' पीठ ने ऐसी कार्रवाई को वैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन बताया। न्यायालय ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 का हवाला देते हुए कहा, 'जांच अधिकारी किसी भी वकील को मुवक्किल का विवरण मांगने के लिए समन जारी नहीं करेंगे, जब तक कि यह धारा 132 के अपवादों के अंतर्गत न आता हो।' उच्चतम न्यायालय ने 12 अगस्त को खुद को देश के सभी नागरिकों का 'संरक्षक' बताया था और मामलों में मुवक्किलों का प्रतिनिधित्व करते समय जांच एजेंसियों द्वारा वकीलों को तलब किए जाने के संबंध में स्वत: संज्ञान मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। ईडी द्वारा दातार और वेणुगोपाल को तलब किए जाने के बाद न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई शुरू की थी। दातार और वेणुगोपाल को समन भेजे जाने की सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने तीखी आलोचना की थी और इसे कानूनी पेशे को कमजोर करने के लिए 'परेशान करने वाली प्रवृत्ति' बताया था। विवाद के बाद ईडी ने 20 जून को आंतरिक निर्देश जारी कर अपने अधिकारियों को निदेशक की पूर्व स्वीकृति और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 132 के अनुपालन के अलावा धन शोधन के मामलों में वकीलों को तलब करने से रोक दिया था।  

खेसारी लाल यादव ने बदला सुर, पीएम मोदी पर दिए बयान पर दी नई सफाई

पटना भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और राजद नेता खेसारी लाल यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ वाले अपने वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने अब सफाई देते हुए कहा कि वह आज भी पीएम मोदी की इज्जत करते हैं, लेकिन बिहार के विकास को लेकर उनकी गंभीर आपत्तियां हैं। खेसारी ने कहा, “मैं आज भी प्रधानमंत्री मोदी जी का प्रशंसक हूं, उन्होंने कभी बुरा नहीं किया, लेकिन सवाल ये है कि उनका विज़न बिहार तक क्यों नहीं पहुंचा? केंद्र में 15 साल और बिहार में 20 साल से सरकार है, फिर भी यहां के लोगों को न रोजगार मिला, न बेहतर विश्वविद्यालय, न अच्छा अस्पताल।” उन्होंने आगे कहा, “हमें सिर्फ ट्रेन दी जाती है, फैक्ट्रियां क्यों नहीं दी जातीं? आपने गुजरात को इतना विकसित बना दिया, तो बिहार को भी कम से कम उसका आधा तो बनाइए।’’ खेसारी लाल यादव ने ‘जंगलराज’ को लेकर होने वाली राजनीतिक बयानबाज़ी पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “जब पीएम मोदी ‘जंगलराज’ की बात करते हैं, तो मुझे दुख होता है कि हमारा जंगलराज उतना बड़ा नहीं था जितना बताया गया। आज भी यहां लोग फैक्ट्री लगाने से डरते हैं क्योंकि उनके अपने नेता कहते हैं कि बिहार में जंगलराज है। अगर आपकी सरकार 20 साल से सत्ता में है और फिर भी जंगलराज है, तो आपने आखिर बदला क्या?”  

दुनिया का सबसे बड़ा सांप मिला! ग्रामीणों ने देखा तो उड़ गए होश, 1.5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

कोरबा कोरबा जिला अपनी समृद्ध जैव-विविधता और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। यहां कई बार ऐसे जीव देखने को मिलते हैं जिनसे आम लोग चकित रह जाते हैं। इसी कड़ी में जिले के पासरखेत गांव में विशालकाय किंग कोबरा देख लोगों के होश उड़ गए। अचानक इतने बड़े विषधर सांप को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम को दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने मामले की जानकारी कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव को दी। उनके निर्देश और एसडीओ आशीष खेलवार एवं एसडीओ सुर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में जितेंद्र सारथी अपनी टीम के एम सूरज, सिद्धांत जैन, बबलू मारवा के साथ तुरंत उस स्थान के लिए कोरबा से रवाना रवाना हुए। गांव पहुंचने के बाद सबसे पहले ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर किया गया और फिर तय प्रोटोकॉल के तहत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब एक से डेढ़ घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में किंग कोबरा ने बार-बार फुफकार कर अपना रौद्र रूप दिखाया। सांप के इस व्यवहार को देख ग्रामीणों की सांसें थम गईं। हालांकि धैर्यपूर्वक और सावधानी से काम करते हुए आखिरकार टीम ने किंग कोबरा को सुरक्षित थैले में डालने में सफलता प्राप्त की। सफल रेस्क्यू के बाद गांव और घर के लोगों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू के बाद नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया फिर किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास क्षेत्र के घने जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप है। इसकी लंबाई 20 फीट तक या इससे भी ज़्यादा हो सकती है। यह अन्य सांपों को खाकर जीवित रहता और उनकी जनसंख्या नियंत्रित करता है और विश्व का एकमात्र सांप है जिसकी मादा अपने अंडों के लिए पत्तो का घोसला बनाती है और लगभग तीन माह तक उस घोंसले की रक्षा करती है। यह विशेषता इसके मातृत्व की अनोखी प्रवृत्ति को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना हैं की किंग कोबरा बिना वजह मनुष्य पर हमला नहीं करता, केवल खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो जाता है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में लोगों को सांप को मारने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। कोरबा जिले में वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी लगातार जनजागरूकता और रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से यह संदेश दे रहे हैं कि इंसान और सांप का सह-अस्तित्व ही संरक्षण की दिशा में सबसे बड़ी पहल है।