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कैलाश कुमार तिवारी की किस्मत चमकी: कृष्णा कल्याणपुर पट्टी से दो हीरे बरामद

पन्ना  पन्ना टाइगर रिजर्व के एक गाइड कैलाश कुमार तिवारी की कहानी इन दिनों सुर्खियों में है. मॉनसून के दौरान जंगल के गेट बंद हुए, तो कैलाश ने खाली समय में अपनी किस्मत आजमाई और पन्ना के हीरा खनन क्षेत्र कृष्णा कल्याणपुर पटी में खदान लगा दी. नतीजा हैरान करने वाला रहा. उन्हें अपनी पहली ही कोशिश में दो चमचमाते हुए हीरे मिले. कैलाश तिवारी ने दोनों हीरे पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिए हैं. हीरा अधिकारी रवि पटेल ने हीरों की क्वालिटी की पुष्टि की है. इनमें पहला हीरा 1.56 कैरेट और जेम्स क्वालिटी (Gems Quality) का है. यह सबसे महंगा और डिमांड वाला होता है. जबकि दूसरा हीरा 1.35 कैरेट का है. यह मेले किस्म (Melee Quality) का कम चमक वाला, लेकिन मूल्यवान होता है.  हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया, "इन दोनों हीरों को आगामी नीलामी में इन्हें रखा जाएगा. जेम्स क्वालिटी के हीरे की हीरा बाजार में अच्छी डिमांड होती है." कैलाश तिवारी पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को जंगल सफारी कराते हैं. उन्होंने बताया कि हर साल 30 जून से मॉनसून के चलते पार्क बंद हो जाता है. खाली समय का सदुपयोग करने के लिए उन्होंने हीरा कार्यालय से बकायदा पट्टा लिया और किस्मत आजमाई. कड़ी मेहनत के बाद उन्हें मंगलवार, 28 अक्टूबर को ये बेशकीमती रत्न मिले.  कैलाश ने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि उन्हें पहली ही बार में हीरे मिल गए. नीलामी से मिलने वाले पैसों से वह अपने बच्चों की अच्छी पढ़ाई-लिखाई कराएंगे.

लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत छह जिलों में होगा स्पेशल प्रोजेक्ट, CM के निर्देश जारी

लखनऊ  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बन रहे एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़कों का नेटवर्क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ हैं, जो आने वाले वर्षों में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे. मुख्यमंत्री ने यह बातें उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहीं. बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिसंबर तक हर हाल में पूरा कराया जाए. सीएम ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़ेगा और उत्तर प्रदेश के विकास का नया मार्ग बनेगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य की गति के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी कोई समझौता न हो. हर परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट तैयार की जाए और समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल किया जाए. एक्सप्रेसवे नेटवर्क को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विकसित किए जा रहे नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर भी विस्तृत चर्चा की. इनमें मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे, और विंध्य एक्सप्रेसवे व विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करते समय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और हाइवे नेटवर्क को ध्यान में रखा जाए, ताकि दोहराव से बचते हुए एक संतुलित, समन्वित और एकीकृत सड़क तंत्र विकसित किया जा सके. उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश का भविष्य ऐसे ही प्रोजेक्ट्स पर निर्भर है, जो सुविधा, सुरक्षा और निवेश तीनों पहलुओं को साथ लेकर चलें. छह जिलों में विशेष काम, डिफेंस कॉरिडोर पर सीएम का जोर मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े सभी नोड्स लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में विशेष काम की रूपरेखा तय करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इन छह जिलों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जाएं, ताकि स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रक्षा उद्योग से जोड़ा जा सके. इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि प्रदेश की आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा. सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा प्रतिभाशाली हैं. अगर उन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण मिले, तो वे रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश की ताकत बन सकते हैं. हमारे डिफेंस कॉरिडोर का उद्देश्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि युवाओं के हाथों में हुनर देना भी है. बैठक में बताया गया कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए अब तक 30,819 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. कुल 5039 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है, और कई कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट्स पर काम भी शुरू कर दिया है.  भूमि आवंटन पर सख्त निर्देश न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी ने भूमि आवंटन नीति पर भी सख्ती दिखाई. उन्होंने कहा कि अगर किसी निवेशक को भूमि आवंटन के तीन वर्ष के भीतर परियोजना पर काम शुरू नहीं किया गया, तो ऐसा आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाए. उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि भूमि उपयोग की पारदर्शी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि हर निवेशक अपनी प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर साझा करे. उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेशकों का स्वागत है, लेकिन भूमि उन्हीं को मिलेगी जो प्रदेश के विकास के प्रति गंभीर हैं. जो केवल जमीन लेकर बैठे रहेंगे, उन्हें कोई रियायत नहीं दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निवेशकों को आगे की सुविधाएं और प्रोत्साहन केवल तभी दिए जाएं, जब उनके प्रोजेक्ट्स जमीन पर वास्तविक प्रगति दिखाएं. एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा औद्योगिक तंत्र बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं. यूपीडा ने इन क्षेत्रों में बिजली, जलापूर्ति, ट्रक टर्मिनल, हेल्थ-इमरजेंसी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए समयबद्ध योजना तैयार की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे केवल यात्रा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये भविष्य में उद्योग, व्यापार और रोजगार के मुख्य केंद्र बनने जा रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाले क्लस्टरों में एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि छोटे उद्योगों को भी बड़ी परियोजनाओं से लाभ मिल सके. निवेश के लिए आकर्षक माहौल बनाने पर फोकस बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए कई नीतियों को और सरल और पारदर्शी बनाया गया है. यूपीडा ने हाल ही में भूमि आवंटन, पंजीकरण और परियोजना अनुमोदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लागू किया है. सीएम योगी ने कहा कि निवेशकों को भरोसा और सुविधा दोनों मिले, यही हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे सुरक्षित और स्थिर निवेश केंद्र बन चुका है. एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क और डिफेंस कॉरिडोर इस परिवर्तन के सशक्त प्रतीक हैं.  नई परियोजनाओं पर आगे बढ़ेगा यूपी बैठक में यह भी तय हुआ कि आने वाले समय में प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में नए लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्रों को जोड़ने वाला विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे विकास के नए द्वार खोलेगा. इसके अलावा, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे मध्य भारत के औद्योगिक गलियारों से उत्तर प्रदेश की सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परियोजना केवल सड़क निर्माण का काम नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योग और सामाजिक विकास का माध्यम है.  

स्ट्रॉन्ग मौसम प्रणाली का प्रभाव: 24 घंटे में MP के पूर्वी जिलों में 4.5 इंच तक बारिश का खतरा

भोपाल   अरब सागर में बने डिप्रेशन (अवदाब) और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय डीप डिप्रेशन (गहरा अवदाब) के साथ देश के उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) प्रभावी है। इन तीनों मौसमी प्रणालियों का संयुक्त असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाओं के चलते दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया। उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अरब सागर में उठे 'मोंथा' चक्रवात का प्रभाव भी प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। हवा की रफ्तार बढ़ने से ठंडक में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गुरुवार को भी सिस्टम का असर रहेगा। खासकर पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में सिस्टम स्ट्रॉन्ग होगा। 12 जिले- सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना में हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी का असर बना रहेगा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हवा की रफ्तार आम दिनों की तुलना में अधिक रहेगी। पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी सिस्टम का असर जारी रहेगा। खासकर पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश में यह सिस्टम और अधिक सक्रिय रहेगा। अगले 24 घंटे में इन 12 जिलों-सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में 2.5 से 4.5 इंच तक बारिश की संभावना है। वहीं, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी का असर बना रहेगा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हवाएं आम दिनों की तुलना में तेज गति से चलने की संभावना है। 2 नवंबर तक बना रहेगा बारिश का दौर हालांकि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है। 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रदेश में बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। 30 अक्टूबर को सबसे अधिक वर्षा गतिविधि रहने की उम्मीद है। इस बार कड़ाके की सर्दी के आसार मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, नवंबर से सर्दी का दौर शुरू होकर जनवरी के अंत तक चरम पर रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंडक बनी रहने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि यह सर्दी 2010 के बाद की सबसे तीव्र ठंड साबित हो सकती है। सर्दियों के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा भी देखने को मिल सकती है। 'मोंथा' तूफान का भी असर, हवा की रफ्तार बढ़ी, पारा लुढ़का इधर, तूफान 'मोंथा' का असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। कई शहरों में हवा की रफ्तार बढ़ गई है। इस वजह से ठंड का असर भी बढ़ा है। बुधवार को दिन के तापमान की बात करें तो 20 शहर ऐसे रहे, जहां पारा 26 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में 25.2 डिग्री, इंदौर में 25.1 डिग्री, उज्जैन में 23 डिग्री, जबलपुर में 28.8 और ग्वालियर में पारा 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, बैतूल में 26.5 डिग्री, दतिया-गुना में 25.6 डिग्री, धार में 24.9 डिग्री, पचमढ़ी में 24 डिग्री, रायसेन में 27.4 डिग्री, रतलाम में 24.6 डिग्री, श्योपुर में 24.4 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री रहा। पूर्वी हिस्से के छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और बालाघाट में पारा 28 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इधर, रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। आगे यह अलर्ट…2 नवंबर तक बारिश का दौर बता दें कि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर जारी है। 31 अक्टूबर, 1-2 नवंबर को भी प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। 30 अक्टूबर को बारिश की ज्यादा एक्टिविटी रहेगी। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। लेकिन इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का एहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश भी देखने को मिल सकती है। पूरे एमपी से विदा हो चुका मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी हुई। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिलों में 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन में 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। शाजापुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है। मानसूनी सीजन में मौसम विभाग ने प्रदेश में 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था, लेकिन 15 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर गया। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के 50 जिलों में बारिश का कोटा फुल रहा। वहीं, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के 4 जिले- उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में 81.1 से 98.6 प्रतिशत बारिश हुई। इन जिलों में कोटा पूरा नहीं हो पाया। इनमें से 3 जिले उज्जैन, सीहोर और बैतूल में आंकड़ा 94% से ज्यादा ही है। इस वजह से ये सामान्य बारिश के आसपास है, लेकिन शाजापुर 'बारिश की भारी कमी' की कैटेगरी में है। यहां कोटे का 81 प्रतिशत पानी ही गिरा।  

140 साल पुराने रणजीत हनुमान मंदिर में अन्नकूट का आयोजन, पूड़ी-भजियों से सजी प्रसादी

इंदौर  इंदौर के करीब 140 साल पुराने रणजीत हनुमान मंदिर में शुक्रवार को चलित अन्नकूट है। यहां 50 हजार भक्तों के लिए प्रसादी में पूड़ी, राम भाजी, नुक्ती, भजिए बनाए जा रहे हैं। अन्नकूट महोत्सव चलित स्वरूप में होगा यानी भक्त लाइन से आकर पैकेट में पूड़ी, सब्जी, नुक्ती बाँटी जयेगी।  चलित अन्नकूट महोत्सव का यह दूसरा साल है। दो साल पहले तक मंदिर के ही ग्राउंड में भक्तों को सुव्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन कराया जाता था।इसमें काफी समय लगता था और भक्तों को काफी इंतजार करना पड़ता था। इसे देखते हुए व्यवस्था में बदलाव किया गया।मंदिर के ग्राउंड में तैयार हो रही प्रसादी मंदिर परिसर में बने ग्राउंड में 4 से ज्यादा अस्थायी भट्टियां बनाई हैं। बुधवार को भट्टी पूजन करने के साथ ही नुक्ती बनाने का काम शुरू हो गया। गुरुवार रात 12 बजे तक ये भट्टियां चलती रहेगी। 8 क्विंटल बेसन से नुक्ती बनाई जा रही है। अलग-अलग भट्टियों पर तेल में बेसन से नुक्ती बनाई जा रही थी, जिसके बाद नुक्ती को चाशनी में डाला जा रहा था।बाद में इन नुक्ती को एक बड़े थाल में निकालकर मंदिर के अन्न क्षेत्र में रखा गया। इसके अलावा 8 क्विंटल बेसन से भजिए बनेंगे।गुरुवार को राम भाजी और पूड़ियां तलने का काम किया जाएगा। राम भाजी बनाने के लिए भक्त मंडल की महिला सदस्य भी इसमें अपनी भागीदारी देंगी। वे गुरुवार सुबह 9 बजे से ही मंदिर परिसर में सब्जी को धोने और काटने का काम करेगी। इसके लिए मंदिर के वॉट्सऐप ग्रुप पर भी मैसेज भेजा गया है।जिसमें लिखा है कि भोग में बनने वाली राम भाजी की सब्जी सुधारने में जो सेवा देना चाहते है वे सुबह 9 बजे मंदिर परिसर में आमंत्रित है। इसमें बड़ी संख्या में महिला सदस्य शामिल होंगी। मंदिर स्थापना से ही होता आया है अन्नकूट महोत्सव मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया कि मंदिर को करीब 140 साल हो चुके हैं। मंदिर की स्थापना के साथ ही अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया जाता आ रहा है और हनुमान जयंती के बाद आने वाले मंगलवार को इसमें भंडारे का आयोजन किया जाता है। मंदिर की परंपरानुसार बाबा की आरती होने के बाद शहर के 101 मंदिरों में यहां से प्रसाद भी भेजा जाएगा। 200 से 250 लोगों की टीम तैयार कर रही प्रसादी मंदिर में पिछले 12 सालों से प्रसादी तैयार करने वाले महेश गर्ग ने बताया कि मंदिर में काम करने के लिए 200 से 250 लोगों की टीम लगती है। बुधवार सुबह 8 बजे भट्टी पूजन हुआ जो गुरुवार रात 12 बजे तक जारी रहेगा। 50 हजार लोगों के लिए प्रसादी तैयार की जा रही है। भोजन प्रसादी तैयार करने में 100 से 150 लोग लगातार लगे रहते है। महोत्सव शुरू होने के बाद परोसगारी करने के लिए 100 लोगों की टीम बढ़ जाती है। इस प्रकार 200 से 250 लोगों की टीम इसमें लगती है जो भोजन तैयार करने से लेकर परोसगारी करने में लगती है। 600 से 700 भक्त मंडल के सदस्य संभालेंगे व्यवस्था पं.दीपेश व्यास ने बताया कि गुरुवार को अन्नकूट महोत्सव के लिए भक्त मंडल के 600 से 700 सदस्य अपनी सेवा देंगे। वे अलग-अलग व्यवस्थाओं को संभालेंगे। इसमें भक्तों की एंट्री से लेकर उनके बाहर निकलने तक पैकेट देने से लेकर प्रसादी परोसने तक की व्यवस्था भक्त मंडल के सदस्य संभालेंगे। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की व्यवस्था भी यहां रहेगी। 100 से ज्यादा पुलिस बल भी यहां तैनात रहेगा जो व्यवस्थाओं को संभालेगा। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। ग्राउंड में बैठते थे भक्त, व्यवस्था में किया बदलाव पं.व्यास ने बताया कि मंदिर परिसर के ग्राउंड में 1700 से 1800 भक्त एक बार प्रसादी ग्रहण करने के लिए बैठते थे, इसके चलते ग्राउंड के बाहर भक्तों की भारी भीड़ जमा हो जाती थी और कई घंटे उन्हें इंतजार करना पड़ता था। कई बार धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन जाती थी। जिससे भक्तों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसे देखते हुए पिछले साल ही व्यवस्था में बदलाव किया गया और चलित अन्नकूट की शुरुआत की गई। चलित अन्नकूट से भक्तों को प्रसादी के लिए ज्यादा समय नहीं लगेगा। 15 से 20 मिनट के अंदर ही भक्तों को प्रसादी आसानी से मिल सकेगी। अलग-अलग काउंटर पर भक्तों को पैकेट, पूड़ी-सब्जी, नुक्ती-भजिए की प्रसादी मिल जाएगी और वे प्रसादी लेकर ग्राउंड के बाहर जा सकेंगे।

राजनीतिक घमासान: तेज प्रताप को RJD समर्थकों ने खदेड़ा, तेजस्वी जिंदाबाद के नारों से हुआ विरोध

पटना  बिहार के महनार विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा करने पहुंचे लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के समर्थक तेज प्रताप को खदेड़ना शुरू कर दिए. भीड़े ने जमकर 'तेजस्वी यादव जिंदाबाद' और 'लालटेन छाप जिंदाबाद' के नारे लगाए. यह घटना तब हुई, जब तेज प्रताप यादव जनशक्ति जनता दल (JJD) के उम्मीदवार जय सिंह राठौर के लिए वोट मांगने पहुंचे थे.  महनार से JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने इस घटना को RJD के गुंडों द्वारा अंजाम देने की बात कही है. राठौर ने पूरा आरोप यहां के RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह पर लगाया है. सभा वाली जगह पर फजीहत  तेज प्रताप यादव महनार विधानसभा क्षेत्र के हीरानंद उच्च विद्यालय के प्रांगण में जनसभा करने पहुंचे थे. शाम 5:00 बजे से लेकर 6:00 के आसपास तक उन्होंने सभा को संबोधित किया. इसी दौरान RJD समर्थकों ने तेज प्रताप के सामने जमकर 'लालटेन छाप जिंदाबाद', 'तेजस्वी यादव जिंदाबाद' के नारे लगाए. आक्रोशित समर्थकों ने तेज प्रताप के काफिले को कुछ दूर तक खदेड़ कर भगाया. तेज प्रताप हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे, लेकिन वक्त ज्यादा होने की वजह से हेलीकॉप्टर उन्हें उतार कर फिर उड़ान भर लिया. इसके बाद तेज प्रताप सड़क के रास्ते से सभा वाली जगह पहुंचे थे और बाइ रोड ही अपने इलाके महुआ के लिए रवाना हो रहे थे, जब RJD समर्थकों ने उनका विरोध किया. JJD उम्मीदवार ने लगाया साजिश का आरोप… JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने पूरे घटना को लेकर बताया कि जनसभा के दौरान उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन सभा कर लौटते वक्त आरजेडी के समर्थकों ने नारेबाजी की. राठौर ने कहा कि RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह ने साजिश की तरह इस घटना को अंजाम देने की बात कही है. टिकट खरीदने और जंगलराज का आरोप जय सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि रविंद्र सिंह ने 15-16 करोड़ रुपए में टिकट खरीदा है और 5-6 करोड़ रुपया चुनाव में खर्च करेंगे, लोगों को पैसा और दारू देंगे. उन्होंने कहा कि जीत नहीं होगी तो इसी तरीके का हमला करवाएंगे और जंगल राज स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन जनता सब जान चुकी है. राठौर ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है. परिवार में गहराता तनाव… पिछले कुछ दिनों से लालू यादव के परिवार में तनाव चल रहा है. तेज प्रताप के द्वारा पार्टी बनाए जाने के बाद तनाव और ज्यादा गहरा हो गया. हाल ही में 'जन नायक' विवाद पर भी तेज प्रताप ने तेजस्वी के खिलाफ बयानबाजी की थी. तेज प्रताप यादव ने कहा, ''तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया में रहकर खुद को जननायक बता रहे हैं, जबकि सच्चे जननायक वे होते हैं जो जनता से सीधे जुड़कर उनके बीच में काम करते हैं. लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर, डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे लोग असली जननायक हैं.' इसके अलावा, चुनाव कैंपेन को लेकर भी बयानबाजी हुई थी. पिछले दिनों तेज प्रताप ने कहा था कि अगर तेजस्वी उनके खिलाफ प्रचार करने महुआ आएंगे, तो वो भी राघोपुर प्रचार करने जाएंगे.

OYO होटल में छापेमारी, वाराणसी में वेश्यावृत्ति गिरोह का खुलासा

वाराणसी  वाराणसी पुलिस ने कैंटोनमेंट क्षेत्र स्थित होटल टाउन हाउस में बुधवार की दोपहर छापेमारी कर सेक्स रैकेट का खुलासा किया। देह व्यापार की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने पांच युवतियों को अलग-अलग कमरों से आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। छापेमारी के दौरान होटल का मैनेजर और कुछ अन्य कर्मचारी मौके से भाग निकले। हालांकि पुलिस ने होटल के एक अन्य मैनेजर अमन राय को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई युवतियों में एक रशियन युवती भी शामिल थी। पुलिस के पहुंचते ही उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने काफी देर तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन जब युवती ने बात नहीं मानी तो टीम ने दरवाजे का लॉक तोड़ दिया। कमरा खुलने पर पता चला कि युवती मौके का फायदा उठाकर फरार हो गई। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में पूरे होटल की छानबीन कर रही है। OYO फ्रेंचाइजी के तहत चल रहा था होटल जानकारी के मुताबिक, वाराणसी निवासी पीयूष जायसवाल के पास शहर में OYO के तहत चार होटल हैं, जिनमें होटल टाउन हाउस भी शामिल है। यहां गाजीपुर निवासी उमेश यादव को मैनेजर बनाया गया था, जो पुलिस की कार्रवाई से पहले ही भाग गया। पुलिस को शक है कि इन होटलों में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा था। इस मामले पर एडीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि होटल में मानकों के विपरीत गतिविधियां हो रही थीं। यहां देह व्यापार जैसी अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। उन्होंने बताया, होटल से चार युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया है। होटल का मालिक, संचालक और स्टाफ फिलहाल फरार हैं। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। होटल को किया गया सील फिलहाल पुलिस ने होटल को सील कर दिया है और फरार आरोपियों की तलाश में टीमों को लगाया गया है। साथ ही शहर के अन्य होटलों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।  

लोरमी का मानस मंच नया स्वरूप पाकर तैयार — उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी के भव्य मानस मंच के जीर्णोद्धार कार्य का किया लोकार्पण लोरमी के लिए 123 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया लोरमी के चौक-चौराहों में लगे सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, अपराध में आएगी कमी, ट्रैफिक व्यवस्था होगी दुरुस्त : उप मुख्यमंत्री अरुण साव दीवारों पर उकेरे गए रामचरितमानस की चौपाइयों को पढ़कर जीवन में उतारेंगे तो जीवन में सुख, शांति का होगा संचार : अरुण साव "लोरमी का मानस मंच धर्म और संस्कृति का अनूठा केंद्र साबित होगा" कार्यक्रम में आए वरिष्ठजनों को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज लोरमी के भव्य मानस मंच के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 123 करोड़ रुपए की लागत से पांच सड़कों के निर्माण कार्य, चौक-चौराहों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का लोकार्पण, तथा एक सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही लोरमी के निजी अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन समर्पित किया। साव ने कार्यक्रम में आए वरिष्ठजनों को बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की। आगामी 2 नवंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ प्रसिद्ध कथा वाचक चिन्मयानंद बाबू जी मानस मंच पर राम कथा का वाचन करेंगे। 10 नवंबर को कथा का समापन होगा। साव ने समस्त लोरमी वासियों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में साव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लोरमी के मानस मंच का लोकार्पण मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। यह मंच लोरमी नगर की आस्था, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। 1982 में स्थापित यह मंच पिछले 45 वर्षों से सतत कथा आयोजन का केंद्र रहा है, जहां नगरवासी और श्रद्धालु बड़े-बड़े विद्वानों से राम कथा का श्रवण करते आए हैं। उन्होंने कहा कि दीवारों पर रामचरितमानस के चित्रों के साथ अंकन का उद्देश्य समाज में धार्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना है। जब लोग इन चौपाइयों को पढ़ेंगे और जीवन में उतारेंगे, तो निश्चित रूप से उनके जीवन में सुख, शांति और सदाचार का संचार होगा। हमारे भगवान राम जीवन को सतमार्ग की ओर ले जाने वाले आदर्श हैं। इस अवसर पर नगरवासियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर अयोध्या के स्वरूप में प्रभु राम के प्रति श्रद्धा भाव प्रकट किया। मानस मंच परिसर की दीवारों पर राम जन्म से लेकर राजतिलक तक के प्रसंगों का चित्रण किया गया है, जिसकी चौपाइयों को पढ़ने में घंटों लगेंगे। मानस मंच का सौंदर्यीकरण कार्य 1 करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से पूर्ण किया गया है। वहीं 45 लाख 47 हजार रुपए की लागत से सार्वजनिक स्थलों एवं चौक-चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 24 करोड़ 14 लाख रुपए की लागत से मुंगेली-लोरमी मार्ग (ग्राम तुलसाघाट से लपटी रपटा तक), 2 करोड़ 62 लाख रुपए में तुलसाघाट से लपटी रपटा मार्ग, 1 करोड़ 99 लाख रुपए में तिलकपुर से झलरी पहुंच मार्ग, 1 करोड़ 37 लाख रुपए में ग्राम अखरार श्मशान घाट पहुंच मार्ग, 1 करोड़ 14 लाख रुपए में ग्राम नवरंगपुर डिंडोरी डी-3 नहर से आवास मोहल्ला तक ब्रिज निर्माण, तथा 70 लाख रुपए में कारीडोंगरी सीसी रोड निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 88 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से बनने वाले लोरमी–पंडरिया मार्ग (शासकीय कॉलेज से गोड्खाम्ही तक फोरलेन सड़क) का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सुजीत वर्मा, उपाध्यक्ष अशोक जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती वर्षा सिंह, गुरमीत सलूजा, विनय साहू और सुशील यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वरिष्ठ जन पं. सच्चिानंद तिवारी (राजपुरोहित), विवेक गिरी महराज, गौरकापा, पूर्व विधायक ठाकुर भूपेन्द्र सिंह, कोमल गिरी, राधेश्याम अग्रवाल, रामलाल जायसवाल, रतनमणी केशरवानी, पवन अग्रवाल, रामावतार ध्रुव, बंशी साहू, विद्या दुबे, नवरंगपुर, परमानंद तिवारी, उदय साहू, लाखासार, सत्यनारायण तिवारी, शारधा, जगदीश सोनी, अध्यक्ष राम कथा समिति महेत्तर कश्यप, बटहा, शिवकुमार पाण्डेय, पिपरखुटी, दर्शन महराज, कोतरी, अशोक उपाध्याय, नवागॉव जैत, मणिककांत पाठक, मसनी, राजाराम, लालपुर कला, विश्राम तिवारी, लोरमी, मती लक्ष्मी शर्मा, लोरमी, कुमारी अदिति तिवारी, शिवकुमार पाठक, विनोद तिवारी, रमाकांत मिश्र, गौरकापा, मूलचंद तिवारी, अशोक शर्मा, शिक्षक फणेश्वर पाटले, सुदर्शन साई तेली, खाम्ही सहित अन्य लोगों को लोरमी में बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की।

रायपुर में अरुण साव बोले — बुलंद हौसले ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी

रायपुर : बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को मिलती है सफलता –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ तीन दिनों तक नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर और फाइन आर्ट्स में युवा अपने हुनर का करेंगे प्रदर्शन रायपुर युवा अपने लिए दिशा निर्धारित करें, मंजिल निर्धारित कर खुद को सीमाओं में न बांधे। उड़ने के लिए सारा आकाश खुला है। अपने जीवन और करियर में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचने का प्रयास करें। बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने वालों को ही सफलता मिलती है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं। 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय युवा महोत्सव में विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों के 953 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। वे अगले तीन दिनों तक नृत्य, संगीत, साहित्य, थिएटर और फाइन आर्ट्स में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के शुभारंभ समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा है। एक समय पूरा छत्तीसगढ़ इसका कार्यक्षेत्र हुआ करता था। यहां पढ़े अनेक लोग देश-विदेश में प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है और देश की उम्मीदें नवजवानों से है। इस युवा उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताएं आपकी सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक प्रतिभाओं को परिष्कृत करेंगी। युवा उत्सव का यह मंच आपकी प्रतिभा को निखारेंगी। उन्होंने महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को आह्वान करते हुए कहा कि यहां आप अपनी प्रतिभा का शत-प्रतिशत प्रदर्शन करें, परिणाम की चिंता न करें। आप जीते या हारे… लेकिन इस भागीदीरी से आप बहुत कुछ सीखकर जाएंगे। यह उत्सव आप सभी का हौसला और आत्मविश्वास बढ़ाएगा। उप मुख्यमंत्री ने युवा उत्सव का किया शुभारंभ पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय अपने कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल अगस्त माह में नैक (NAAC) के मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड मिला है जो कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्ययन के साथ-साथ अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप वर्ष 2023-24 से विश्वविद्यालय में संचालित सभी पाठ्यक्रमों में इंटर्नशिप अनिवार्य किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में यहां 16 नए रोजगारमूलक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने राज्य शासन के सहयोग से इनोवेशन एंड इन्क्युबेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। विगत ढाई वर्षों में विश्वविद्यालय के 32 प्राध्यापकों को विभिन्न एजेंसीज की शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। प्रो. शुक्ला ने बताया कि अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव के विजेता प्रतिभागी एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटिज द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी करेंगे। युवा उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को छात्र कल्याण के अधिष्ठाता एवं आयोजन के समन्वयक प्रो. राजीव चौधरी और कुल सचिव प्रो. अम्बर व्यास ने भी संबोधित किया। कुल अनुशासक (प्रॉक्टर) प्रो. ए.के. वास्तव और सह-प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमेटी सहित विश्वविद्यालय तथा विभिन्न कॉलेजों से अपनी टीम लेकर आए प्राध्यापकगण, प्रतिभागी छात्र-छात्राएं एवं अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे। विभिन्न कॉलेजों के 953 युवा ले रहे हिस्सा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतर-महाविद्यालयीन युवा उत्सव में विभिन्न कॉलेजों के 953 युवा हिस्सेदारी कर रहे हैं। इस दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में से गीत-संगीत में 177, नृत्य में 373, साहित्यिक आयोजनों में 82, फाइन आर्ट्स में 107 और थिएटर में 204 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।   

निर्यात में नई उड़ान: मध्यप्रदेश बना आर्थिक प्रगति का अग्रदूत

निर्यात में नई उड़ान: मध्यप्रदेश बना आर्थिक प्रगति का अग्रदूत वैश्विक बाजार में मध्यप्रदेश की धमक: निर्यात में रिकॉर्ड सफलता भोपाल  मध्यप्रदेश ने निर्यात क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए अब तक का सर्वोच्च निर्यात 66,218 करोड़ रु. दर्ज किया है। Federation of Indian Export Organisations (FIEO) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 66,218 करोड़ रु. और आईटी कंपनियों (SEZs) का निर्यात 4,038 करोड़ रु. रहा। निरंतर औद्योगिक विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय निर्यात रैंकिंग 15वें से बढ़कर 11वें स्थान पर पहुँची है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि प्रदेश के अनेक निर्यातक अपने उत्पादों का निर्यात गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों के माध्यम से करते हैं, जिससे उनके आँकड़े प्रायः अन्य राज्यों के खाते में दर्ज हो जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मौजदगी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हाल ही में मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी का शुभारंभ किया। इस नीति के तहत निर्यातकों को प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता और विभिन्न सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं, जिससे प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुँचाने में नई गति मिली है। प्रदेश सरकार और मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) द्वारा निर्यात वृद्धि के उद्देश्य से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन विषयक कार्यशालाएँ और प्रदर्शनियाँ निरंतर आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रदेश के कारीगरों, किसानों, उद्यमियों और MSME इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय मानकों, निर्यात प्रक्रियाओं और वैश्विक अवसरों से जोड़ना है। इसी क्रम में 28 अक्टूबर को सागर में कृषि उपकरणों के निर्यात पर कार्यशाला हुई। अगर मालवा में 29 अक्टूबर को संतरा उत्पादों के प्रसंस्करण पर, 30 अक्टूबर को बैतूल में सागौन उत्पादों के वैश्विक बाजार पर, 31 अक्टूबर को इंदौर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर और 4 नवम्बर को श्योपुर में टमाटर प्रसंस्करण और निर्यात संभावनाओं पर आयोजित की जाएँगी। इन कार्यशालाओं में APEDA, उद्यानिकी विभाग, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, ECGC, SBI, EXIM Bank, भारतीय डाक विभाग और प्रमुख ई-कॉमर्स मंचों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। विशेषज्ञ ब्रांडिंग, पैकेजिंग, GI टैगिंग, गुणवत्ता परीक्षण, वित्तीय सहायता, बीमा, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल मार्केटिंग जैसे विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन देंगे। मध्यप्रदेश की असली पहचान उसकी कृषि, परंपरा और हुनर में निहित है। प्रदेश जहाँ फलों, सब्जियों, मसालों, अनाज और वनोपज के उत्पादन में अग्रणी है, वहीं चंदेरी साड़ी, जरदोज़ी कढ़ाई, लकड़ी के खिलौने, गोंड चित्रकला, रत्न और कृषि आधारित उत्पाद प्रदेश की वैश्विक पहचान बन रहे हैं। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस (1 नवम्बर 2025) पर एक भव्य प्रदर्शनी और लाइव डेमोंस्ट्रेशन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के विविध ODOP उत्पाद प्रदर्शित होंगे। कारीगर अपने उत्पादों का लाइव निर्माण कर आगंतुकों को प्रदेश की परंपरा, परिश्रम और कौशल से परिचित कराएँगे। यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का जीवंत उदाहरण होगा। उज्जैन स्थित एकता मॉल इस पहल का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ देशभर के GI टैग और ODOP उत्पाद एक ही छत के नीचे प्रदर्शित और विक्रय किए जा रहे हैं। यह मॉल स्थानीय कारीगरों को मंच प्रदान करने के साथ उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। "एक जिला – एक उत्पाद (ODOP)" केवल एक योजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की आत्मा, परंपरा और आर्थिक शक्ति का उत्सव है। यह पहल प्रदेश को एक सशक्त एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो हर जिले, हर गाँव और हर कारीगर की कहानी को वैश्विक मंच तक पहुँचा रही है।  

जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित जीवन — मुख्यमंत्री ने याद किया बाबा कार्तिक उरांव को

रायपुर, जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आज अंबिकापुर में भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी धर्म, संस्कृति और सभ्यता को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उच्चतम शिक्षा अर्जित की और समाज को दिशा दी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह कथन-“जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे”- आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले बाबा कार्तिक उरांव चौक का भूमि पूजन किया तथा मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए ₹40.79 लाख की राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान की स्मृति को सहेजने का प्रतीक बनेगा। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और रीति-रिवाजों को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सांसद  चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने सदैव समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। आज यह आवश्यक है कि हम उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलकर समाज को संगठित करें और एकता के सूत्र में बांधें, जिससे जनजातीय समाज सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सके। इस अवसर पर सामरी विधायक मती उद्धेश्‍वरी पैकरा, जशपुर विधायक मती रायमुनी भगत, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।