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गृह मंत्री बोले—कांग्रेस की वजह से सरदार पटेल को देर से मिला भारत रत्न

पटना गृह मंत्री अमित शाह ने भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में पटना में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि 31 अक्तूबर को लौह पुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंती है। सरदार पटेल के कारण ही आज भारत एक हो पाया। आज के भारत के निर्माण में उनका बहुत बड़ा योगदान है। सरदार पटेल की जयंती पर 2014 से हर साल पीएम मोदी 31 अक्तूबर को केवरिया कॉलोनी जाते हैं। सरदार पटेल की प्रतिमा के सामने भव्य परेड होता है। अब गृह मंत्रालय ने तय किया है कि हर साल 31 अक्तूबर को भव्य परेड का आयोजन होगा। यह परेड देश की एकता और अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए है। यह परेड सभी राज्यों की पुलिस बल और केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्स के सम्मान में है। उनकी प्रतिमा के सामने यह परेड आयोजित होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 26 जनवरी की तर्ज पर अब हर 31 अक्तूबर को परेड का आयोजन किया जाएगा। यह परेड एकता और अखंडता का संदेश देगा। 'सरदार ने पाकिस्तान कॉरिडोर बनाने की मनसा को नाकाम किया' इस बार देश के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, जिला, पुलिस स्टेशन, स्कूल, कॉलेज में रन फॉर यूनिटी का आयोजिन हुआ। इस बार 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारत पर्व का आयोजन एकता नगर में है। यह एक नवंबर से 15 नवंबर तक चलेगा। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (15 नवंबर) तक यह चलेगा। 15 नवंबर को भव्य कार्यक्रम के साथ इसका समापन होगा। इसमें देश भर की जनजातियों के लोग शामिल होंगे। हम सभी जानते हैं कि सरदार पटेल देश के लिए एक व्यक्ति नहीं विचारधारा हैं। उन्होंने आजादी के आंदोलन में प्रमुख सेनानी की भूमिका निभाई। 1928 का सत्याग्रह के बाद महात्मा गांधी ने उन्हें सरदार की उपाधि दी थी। उन्होंने भारत के 562 रियासत को एक कर भारत को एक किया। आज भारत का मानचित्र सरदार पटेल की ही देन है। जहां भी जो समस्या आई, उसका सरदार पटेल ने निवारण किया। और, पाकिस्तान कॉरिडोर बनाने की मनसा को नाकाम किया। कांग्रेस पार्टी ने सरदार पटेल को भुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल की कारण लक्ष्यद्वीप में तिरंगा फहराया गया। दुर्भाग्य की बात है कि सरदार पटेल के निधन के बाद उन्हें भुलाने में कांग्रेस पार्टी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। सरदार जैसे महान व्यक्तित्व को भी भारत रत्न मिलने में 41 साल की देरी हुई। सरदार पटेल के लिए न कोई समाधि बनी और न उनका कोई स्मारक बना। जब नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम बने तो उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने का काम किया। यह अब पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गया है। 182 मीटर ऊंचे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने में किसानों से लोहा का उपयोग किया गया। आज यह प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। देश-विदेश के ढाई करोड़ लोग यहां आए। 31 अक्तूबर को पीएम मोदी एकता नगर में परेड को सलामी देंगे। इस साल परेड के अंदर सीआरपीएफ पांच शौर्य चक्र विजेता और बीएसएफ 16 वीरता पदक विजेता भी शामिल होंगे। परेड क नेतृत्व महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। 

नक्सलियों का आत्मसमर्पण अभियान तेज: बीजापुर में 51 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

बीजापुर बीजापुर जिले में एक बार फिर नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। बुधवार को शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और पूना मारगेम  पुनर्वास से पुनर्जीवन योजना के तहत  51 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में नौ महिलाएं और 42 पुरुष नक्सली शामिल हैं, जिन पर कुल 66 लाख का इनाम घोषित था। सभी ने हिंसा का मार्ग त्यागकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त की और सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया। वर्ष 2025 में अब तक बीजापुर जिले में 461 माओवादी मुख्यधारा में शामिल हुए हैं, 138 माओवादी मारे गए और 485 गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्यधारा में लौटे सभी 51 माओवादियों को राज्य शासन की ओर से 50,000 की पुनर्वास प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। राज्य शासन की पूना मारगेम  पुनर्वास से पुनर्जीवन नीति ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की मजबूत नींव रखी है।  प्रशासन, सुरक्षा बल, सामाजिक संगठन और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से हिंसा की संस्कृति को संवाद और विकास की संस्कृति में बदला जा रहा है। इस अभियान में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, केरिपु-85, केरिपु-199 तथा कोबरा-210 और 201 बटालियन की टीमों का विशेष योगदान रहा। 'माओवादियों को आकर्षित कर रहीं योजननाएं' बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा राज्य शासन की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही हैं। मुख्यधारा में प्रवेश करने वाले माओवादियों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जिएं और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। एसपी ने माओवादियों से अपील की है कि वे भ्रामक विचारधाराओं को त्यागें और निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटे, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास स्थापित हो सके।

भोपाल में 10 नवंबर को बीएल संतोष होंगे मौजूद, जबलपुर में मनाया जाएगा बिरसा मुंडा उत्सव

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से शामिल होकर राज्यवासियों को संबोधित करेंगे। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर भाजपा संगठन तक पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार, इस उत्सव में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और वीरता को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और जनजागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश के विभिन्न जनजातीय अंचलों से सैकड़ों प्रतिनिधि जबलपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहेंगे। देशभर में इस कार्यक्रम का प्रसारण होगा। एक हफ्ते तक लगातार जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम होंगे। एमपी बीजेपी के संगठन और सरकार की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 7 नवंबर को प्रोफाइल फोटो बदलेंगे बीजेपी नेता इसमें जनजातीय प्रतीकों, स्थानीय जनजाति समाज के व्यक्तियों की सक्सेस स्टोरी और बीजेपी के विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। 7 नवंबर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म की प्रोफाइल फोटो बदली जाएंगी। सीएम और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से लेकर तमाम नेता सोशल मीडिया प्रोफाइल फोटो बदलेंगे। बीएल संतोष 10 को आएंगे भोपाल जनजातीय गौरव दिवस की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष 10 नवंबर को भोपाल आएंगे। संतोष बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे। वहीं, भाजपा संगठन स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष 10 नवंबर को भोपाल आएंगे। उनके दौरे के दौरान संगठन की राजनीतिक और रणनीतिक बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें जनजातीय समाज से जुड़ाव, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और संगठन विस्तार पर चर्चा होगी। राज्य में जनजातीय आबादी का बड़ा राजनीतिक प्रभाव देखते हुए, पार्टी इस अवसर को सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मान रही है। प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन न केवल आदिवासी समाज को सम्मान देने का प्रतीक होगा, बल्कि 2025 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के जनसंपर्क अभियान को नई दिशा देगा। 11 से आदिवासी बहुल जिलों में निकलेंगी यात्राएं 11 नवंबर से 15 नवंबर तक एमपी के जनजातीय बहुल जिलों में बिरसा मुंडा गौरव यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं में जनजातीय कला समूह, झांकियां, प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। जिला स्तर पर सम्मेलन आयोजित होंगे। जिनमें विधायक, सांसद, विशेषकर जनजातीय समुदाय के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। सड़कों, चौराहों के नाम बदलेंगे 7 नवंबर से 15 नवंबर के बीच सड़कों, चौराहों, पार्क और सरकारी भवनों को चिह्नित कर उनका नाम भगवान बिरसा मुंडा और दूसरे जनजातीय विशिष्ट व्यक्तियों के नाम पर किया जाएगा। आदिवासी नेताओं की बड़ी प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए सार्वजनिक स्थानों को चिह्नित किया जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा के जीवन इतिहास और उपलब्धियों पर आधारित स्मारक भी बनाए जाएंगे। यूनिवर्सिटीज में शुरू होगी जनजातीय शोध पीठ प्रदेश के विश्व विद्यालयों में नए जनजातीय पीठ शुरू की जाएंगी। आदिवासी बहुल प्रदेश पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। इन पीठों के माध्यम से आदिवासी समुदाय से जुडे़ विषयों पर हायर स्टडी (उच्च स्तरीय शोध) का अवसर मुहैया कराया जाएगा। जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए नई योजनाओं की शुरुआत की जाएगी। जिससे उनके सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। जनजातीय गौरव दिवस पर बीजेपी के कार्यक्रम 10 नवंबर को प्रदेश स्तर पर भोपाल में और 11 नवंबर को सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जनजातीय स्वाभिमान सम्मेलन: आदिवासी बहुल जिलों में जनजातीय स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें स्थानीय आदिवासी नेता और युवा कार्यकर्ता भाग लेंगे। जनजातीय समाज की विभूतियों का होगा सम्मान पिछले 11 सालों में पद्म पुरस्कार से सम्मानित और मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी द्वारा उल्लेखित जनजातीय समाज के लिए काम करने वाले लोगों का सम्मान किया जाएगा। कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज में टाउन हॉल कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में जनजातीय थीम पर टाउन हॉल के आयोजन होंगे। इन टाउन हॉल में मुख्य रूप से चार विषयों पर चर्चा होगी।     जनजातीय समाज- भारतीय सामाजिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा     स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज और नेताओं की भूमिका     जनजातीय ज्ञान प्रणाली     जनजातीय जीवन शैली का सांस्कृतिक पहलू लेख: मुख्यमंत्री और प्रमुख नेताओं द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और जनजातीय सशक्तिकरण के लिए बिरसा मुंडा के योगदान पर लेख शेयर किया जाएगा। पॉडकास्ट: पॉड कास्ट में जनजातीय नेताओं और बीजेपी द्वारा आदिवासी समाज के लिए किए गए कामों को बताया जाएगा। एमपी सहित देशभर में स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन क्विज कॉम्पटीशन कराए जाएंगे। ये प्रतियोगिताएं जनजातीय आंदोलनों के इतिहास और आदिवासी नेताओं के योगदान पर आधारित होंगी। जबलपुर में होगा कार्यक्रम पीएम मोदी वर्चुअल संबोधन करेंगे। जनजातीय बहुल जिलों में बिरसा मुंडा गौरव यात्रा 11 से शुरू होंगी और 15 नवंबर तक चलेंगी।

वो 50% हुए तो ब्रज में वही टोपी वाले होंगे’: भविष्यवाणी में बोले धीरेंद्र शास्त्री

होडल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, आज वो 20 परसेंट हैं, आप 9 राज्यों में अल्पसंख्यक हो गए। जिस दिन वो 50 परसेंट पहुंच जाएंगे, तो आपके ब्रज में भी वही टोपी वाले दिखाई पड़ेंगे।हालांकि, उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि उन्होंने यह नहीं कहा कि कौनसी टोपी वाले, क्योंकि वह खुद भी टोपी लगाते हैं। भारत को बचाना है, अपनी संस्कृति को बचाना है, तो जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठकर हमको सनातनी बनना है।  हरियाणा के होडल में थे। यहां उन्होंने गोपाष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी पदयात्रा को रोकने की धमकी देने वालों को चेतावनी दी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा… लोग यात्रा रोकने के लिए कोर्ट जाने की धमकी दे रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि हम बहुत टेढ़े आदमी हैं। उन्हें छेड़ना नहीं चाहिए था, छेड़ा है तो हम छोड़ेंगे भी नहीं। अगले 15 से 20 सालों में भारत की जियोग्राफी' बदल जाएगी और भारतीय लोग अपनी संस्कृति बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई पड़ेंगे। कोसीकलां दंगे की याद दिलाई धीरेंद्र शास्त्री ने हरियाणा के लोगों को 2012 के कोसीकलां दंगे की याद दिलाते हुए कहा- तुम्हारे ही कोसीकलां में हिंदुओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर दौड़ाया था। हम तो अपनी जान की बाज़ी हथेली पर लेकर निकले हैं, तुम्हारे लिए। क्या है मामला आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक दामोदर यादव ने मंगलवार को ग्वालियर में धीरेंद्र शास्त्री पर 'आडंबर और पाखंड' फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि शास्त्री ने जिस यात्रा की घोषणा की है, उसका उद्देश्य 'हिंदू राष्ट्र' बनाना है, जो भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान के विरुद्ध है। इसे 'राष्ट्रद्रोही' कृत्य की श्रेणी में रखा जा सकता है। यादव ने अपनी बात दोहराते हुए यात्रा को रोकने की मांग की थी और इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखने तथा भोपाल में एक बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी।

5.5 लाख भोपालियों के घर पहुंचेंगे BLO, 60% मतदाता स्पेशल रिवीजन में शामिल

भोपाल मध्य प्रदेश में शुरु हुई स्पेशल इंसेन्टिव रिवीजन यानी एसआईआर की प्रक्रिया को 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर तय किया जाएगा। 2003 से 2025 के बीच जिले की मतदाता सूची में कुल 9.26 लाख से अधिक मतादाता बढ़ चुके हैं। एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक अफसरों के अनुसार, बढ़े हुए मतदाताओं में से 60 फीसदी यानी करीब साढ़े पांच लाख मतदाता ऐसे हैं जो अन्य शहरों, राज्यों से भोपाल पहुंचे हैं। इन्हें ही अब एसआईआर में अपने मूल निवास, पहचान, जन्म से जुड़े दस्तावेज दिखाने होंगे। 2003 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं और उनके परिजन को स्वत: ही 2025 की सूची में शामिल कर लिया गया है। 2003 में भोपाल -04 विधानसभाएं थीं -11.88 लाख वोटर्स थे इन विधानसभाओं में -3.45 लाख वोटर्स गोविंदपुरा विधानसभा -4.22 लाख वोटर्स दक्षिण विधानसभा -2.21 लाख वोटर्स नार्थ विधानसभा -1.99 लाख वोटर्स बैरसिया में थे आज से लगेगी ड्यूटी बीएलओ के साथ सहायक भी दिया जाएगा। गुरुवार से इसके लिए ड्यूटी शुरू हो जाएगी। एसआईआर के लिए प्रशिक्षण का एक भाग पहले ही तय हो चुका है। एसडीएम के माध्यम से बीएलओ ने 2003 की सूची से मौजूदा सूची का मिलान की प्रक्रिया अपने स्तर पर पूरी कर ली है। आगामी काम के लिए विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण होगा। एक विधानसभा में 12 से अधिक स्थान इसके लिए तय किए जा रहे हैं। तय समय में पूरे होंगे काम- कलेक्टर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि, एसआईआर के लिए टीम ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। तय समय में मतदाता सूची से जुड़े काम पूरे कर लिए जाएंगे।

रेलवे ब्रिज कंस्ट्रक्शन के दौरान बड़ा हादसा, धार जिले में क्रेन पलटने से दो मजदूरों की मौत

पीथमपुर धार में औद्योगिक क्षेत्र पिथमपुर के सागौर में रेलवे ब्रिज निर्माण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया जिसमें दो लोगों की मौत हो गई. दरअसल, यहां रेलवे ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है. इसी दौरान ब्रिज निर्माण में लगी क्रेन पलटी खा गई और एक पिकअप वाहन पर जा गिरी. जिससे पिकअप में सवार दो लोगों की मौके पर मौत हो गई. पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि जानकारी के अनुसार रेलवे निर्माण में लगी क्रेन अचानक पलटी खा गई और क्रेन रास्ते से गुजर रही पिकअप वाहन पर जा गिरी. इसमें दबकर दो लोगों की मौत हो गई.साथ ही क्रेन के नीचे अन्य लोगों के भी दबे होने की आशंका जताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन व बडी संख्या में पुलिस बल मौके पहुंची है और पिकअप में फंसे दोनों शवों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे है. बता दें कि कंस्ट्रक्शन साइट्स पर अक्सर मशीनों के चलते ऐसे बड़े हादसे हो जाते हैं. भारी भरकम मशीनों की जरा सी गलत हैंडलिंग का नतीजा हो जाता है कोई बड़ा हादसा जिसमें जनहानि भी हो जाती है.

गाड़ी पार्किंग की समस्या से छुटकारा: भोपाल में 18 माह में तैयार होगी नई हाइड्रोलिक पार्किंग

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में पहली हाइड्रोलिक पार्किंग बनने जा रही है। शहर के सबसे व्यस्त बाजारों में से एक बिट्टन मार्केट में अब पार्किंग की समस्या से जल्द ही निजात मिलने वाली है। नगर निगम यहां पीपीपी मॉडल पर एक अत्याधुनिक हाइड्रोलिक पार्किंग बनाने की तैयारी में है, जिसका अनुमानित प्रोजेक्ट मूल्य 15-20 करोड़ तक होगा। 15 हजार वर्ग मीटर में बनने वाली यह पार्किंग करीब रोज पहुंचने वाले 1.5 लाख ग्राहकों को परेशानियों से मुक्त करने का काम करेगी। यह पार्किंग सब्जी हाट क्षेत्र में विकसित की जाएगी। अभी है पार्किंग की समस्या बिट्टन मार्केट में सब्जी हाट, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए भी शहरभर से लोग आते हैं। सामान्य दिनों में भी यह क्षेत्र वाहनों की पार्किंग से अटा रहता है, जिससे यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। यहां सप्ताह में तीन दिन सब्जी हाट लगता है, जिसमें भारी भीड़ होती है। लोगों को अक्सर अपने वाहन सड़क किनारे या दूर-दराज की कॉलोनियों में खड़े करने पड़ते हैं, जिससे चोरी और यातायात बाधित होने का खतरा बना रहता है। प्रोजेक्ट की समय-सीमा और तैयारी -ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) जारी: अगले 15 दिन के भीतर। प्रारंभिक तौर पर दो कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है। -फाइनल प्रोपोजल: ईओआइ के बाद 50 दिन के भीतर तय होने की संभावना। -डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट): 100 दिन के अंदर बनकर तैयार होगा। -अनुमति के लिए मंत्रालय को रिपोर्ट: अगले 4 माह में भेजी जाएगी। -पार्किंग निर्माण: अधिकारियों का अनुमान है कि 18 माह में नई हाइड्रोलिक पार्किंग बनकर तैयार हो जाएगी। क्या होती है हाइड्रोलिक पार्किंग हाइड्रोलिक पार्किंग एक आधुनिक तकनीक है, जिसे मल्टी-लेवल कार पार्किंग सिस्टम भी कहा जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोलिक लिफ्टों का इस्तेमाल करके वाहनों को एक के ऊपर एक या कम जगह में अधिक ऊंचाई पर पार्क किया जाता है। पारंपरिक पार्किंग की तुलना में कई गुना ज्यादा वाहन खड़ा करने की क्षमता रखती है। यह परियोजना न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। सकती है। संस्कृति जैन, आयुक्त, निगम

परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई: छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से बच्ची की मौत की आशंका

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप का संकट गहराता जा रहा है। बिछुआ में कफ सिरप के सेवन के बाद एक 5 महीने की बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने बच्ची को सिरप पिलाने के बाद उसकी जान जाने का आरोप लगाते हुए बिछुआ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आयुर्वेदिक सिरप पर संदेह बच्ची का नाम रुही मिनोटे (पिता संदीप मिनोटे, निवासी बिछुआ वार्ड नंबर 12) बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र के किसी निजी मेडिकल स्टोर से कफ सिरप खरीदकर बच्ची को पिलाया था, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिस कफ सिरप पर संदेह है, वह आयुर्वेदिक है। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और संदेह के घेरे में आए सिरप का पंचनामा बनाने की कार्रवाई कर रही है। परिजन इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए बिछुआ थाने पहुंचे हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  

भारतीय नौसेना की अदम्य वीरता और सामुद्रिक क्षमता का जीवंत प्रतीक होगी यह परियोजना: मुख्यमंत्री

लखनऊ में शीघ्र तैयार होगा ‘नौसेना शौर्य संग्रहालय’ भारतीय नौसेना की अदम्य वीरता और सामुद्रिक क्षमता का जीवंत प्रतीक होगी यह परियोजना: मुख्यमंत्री भारत की समुद्री आत्मा और सभ्यता की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुँचाएगा यह संग्रहालय: मुख्यमंत्री जहाज के अमूर्त रूप में होगा संग्रहालय का स्वरूप, नौसैनिक वास्तुकला, समुद्री प्रतीकों और हरित निर्माण तकनीक से बनेगी विशिष्ट पहचान मुख्यमंत्री का निर्देश, संग्रहालय केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि ‘अनुभव का केंद्र’ बने, डिजिटल, इंटरएक्टिव और इमर्सिव तकनीकों से हो प्रस्तुति आईएनएस गोमती और ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ होंगे खास, फ्रिगेट, टीयू-142 विमान और सी किंग हेलीकॉप्टर होंगे मुख्य आकर्षण संग्रहालय परिसर में 7D थिएटर, एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग सिम्युलेटर, डिजिटल वाटर स्क्रीन शो और ‘ड्रेस लाइक योर हीरोज’ जैसी सहभागितापरक गतिविधियाँ होंगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित ‘नौसेना शौर्य संग्रहालय’ की प्रस्तुति का अवलोकन करते हुए इसके शीघ्र निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की अदम्य शौर्यगाथाओं और हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत की सामुद्रिक क्षमता का जीवंत प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समुद्र भारत की सभ्यता का मंथन स्थल रहा है, और भारतीय नौसेना उस गौरवशाली परंपरा की आधुनिक अभिव्यक्ति है। लखनऊ का यह संग्रहालय उसी परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा। बैठक में बताया गया कि संग्रहालय का स्वरूप एक जहाज के अमूर्त रूप में होगा। जहाज की रेलिंग, पोर्थोल जैसी खिड़कियाँ, नौसैनिक वास्तुकला और समुद्री प्रतीकों के साथ इसे विशिष्ट पहचान दी जाने की योजना है। परिसर में इंटरप्रिटेशन सेंटर, सेंट्रल डेक, ओपन एयर मेमोरियल, थीमैटिक वॉकवे, प्रदर्शनी गैलरी, फाउंटेन और लाइट-एंड-साउंड एरिना शामिल होंगे। डिज़ाइन को ऊर्जा-संवेदनशील रखा गया है, जिसमें प्राकृतिक रोशनी, वेंटिलेशन और हरित निर्माण तकनीक का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय को केवल देखने योग्य नहीं बल्कि 'अनुभव का केंद्र' बनाया जाए, जहाँ दर्शक इतिहास को महसूस कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि डिस्प्ले में डिजिटल, इंटरएक्टिव और इमर्सिव तकनीकों का प्रयोग हो, ताकि लोग नौसेना के अभियान, युद्ध और तकनीकी प्रगति को प्रत्यक्ष अनुभव कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि नौसेना संग्रहालय में छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में आवश्यक जानाकरी उपलब्ध कराई जाए। प्रस्तुति में बताया गया कि परियोजना दो प्रमुख हिस्सों में विकसित हो रही है। पहली-‘आईएनएस गोमती शौर्य स्मारक’ और दूसरी-‘नौसेना शौर्य वाटिका’। बताया गया कि ‘आईएनएस गोमती (F-21)’ गोदावरी श्रेणी का स्वदेशी मिसाइल फ्रिगेट है जिसने 34 वर्षों तक भारतीय नौसेना में सेवा दी और ‘ऑपरेशन कैक्टस’, ‘ऑपरेशन पराक्रम’ जैसे अभियानों में भाग लिया। इसे संरक्षित कर संग्रहालय परिसर में प्रदर्शित किया जाएगा ताकि नागरिक और युवा उसकी बहादुरी की कहानी को प्रत्यक्ष देख सकें। मुख्यमंत्री ने ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ को परियोजना का विशेष आकर्षण बताते हुए इसके शीघ्र पूर्ण होने के निर्देश दिए। इस वाटिका में टीयू-142 विमान, जो 29 वर्षों तक नौसेना की समुद्री निगरानी और आपदा राहत अभियानों में सक्रिय रहा, स्थापित किया जा रहा है। साथ ही सी किंग एसके-42बी हेलीकॉप्टर की प्रदर्शनी भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वाटिका युवाओं को आधुनिक नौसैनिक अभियानों और प्रौद्योगिकी से जोड़ने वाला सजीव अनुभव स्थल बनेगी। बैठक में बताया गया कि संग्रहालय परिसर में 7D थिएटर, एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग सिम्युलेटर, वॉरशिप सिम्युलेटर, सबमर्ज्ड द्वारका मॉडल, डिजिटल वाटर स्क्रीन शो, मरीन लाइफ एक्वेरियम तथा ‘ड्रेस लाइक योर हीरोज़' जैसी सहभागितापरक गतिविधियाँ होंगी। इसके अतिरिक्त नौसेना के वीरता पुरस्कारों, ऐतिहासिक अभियानों और स्वदेशी रक्षा नवाचारों से जुड़ी इंटरएक्टिव गैलरियाँ भी विकसित की जाएंगी। परियोजना की निगरानी हेतु महानिदेशक पर्यटन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जिसमें मेरिटाइम हेरिटेज सोसाइटी, यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन और नौसेना विशेषज्ञ सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में समुद्री गौरव की वह चेतना पुनः जागृत होगी जो कभी भारत के तटीय व्यापार और हिंद महासागर की सांस्कृतिक कड़ी रही है। उन्होंने कहा, लखनऊ का यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की वीरता का ही नहीं, बल्कि भारत की समुद्री आत्मा का भी प्रतीक बनेगा। यह उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक नई, गौरवपूर्ण पहचान देगा।

कृषि संकट: MP में बेमौसम बारिश से धान, सरसों, मटर और तिल की फसल प्रभावित

भोपाल  वर्तमान समय प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि अपना कहर बरपा रही है। प्रदेश  में कहीं भारी बारिश तो कहीं ओलावृष्टि हो रही है, इसके चलते किसान अपनी फसलों को लेकर बहुत चिंतित है। तेज हवा, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की लाखों रूपये की फसल बर्बाद हो गयी है। वर्तमान समय में रबी फसलों की कटाई का दौर चल रहा है। किसानों के सामने इस समय बहुत बड़ा संकट यह है  बेमौसम बारिश ने राज्य के कई क्षेत्रों में किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। आगर मालवा, ग्वालियर-चंबल व विंध्य महाकोशल से फसलों के नुकसान की खबरें हैं। खेत खलिहानों में रखी कटी फसल और खेतों में खड़ी फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। खंडवा में इस बार मौसम (MP Rains) ने पहले सोयाबीन की फसल को प्रभावित किया और अब फसल भीगने से मक्का में अंकुरण शुरू हो गया है। सूखने के लिए रखी उपज भीगने से काली भी पड़ रही है। 50 से 60 प्रतिशत नुकसान हुआ है। चक्रवात (Cyclone Montha) की वजह से रतलाम जिले में पांचवें दिन बुधवार को भी मावठे का असर बना रहा। इससे मटर की फसल खराब हो रही है, वहीं ज्यादातर किसान खेतों में जलजमाव, अत्यधिक नमी के चलते रबी की तैयारी व बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के 20 से ज्यादा गांवों में मक्का, सोयाबीन, कपास फसल भीगी है। किसानों को फसल सुखाने का मौका नहीं मिल रहा है। आलीराजपुर में मक्का, सोयाबीन और उड़द की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। उज्जैन के नागदा, बड़नगर और खाचरौद में खेतों में पानी भर गया है। गेहूं और मटर की फसल प्रभावित हुई है। धार के बदनावर क्षेत्र में चार घंटे में 76 मिमी बारिश हुई है। इससे खेतों में जलभराव की स्थिति बनी। खुले में पड़ी सोयाबीन और मक्का की फसल भीग गई। तेज हवा से पपीता के पौधे टूटकर गिर गए। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश मटर के फूल और फलियों दोनों के लिए हानिकारक है। गुणवत्ता और उपज दोनों पर असर पड़ेगा। महाकोशल-विंध्य में भी नुकसान महाकोशल-विंध्य के जिलों में भी फसलों को असमय बारिश से नुकसान पहुंचा है। डिंडौरी जिले में बारिश होने से सोयाबीन की फसल अधिक प्रभावित हुई है। दाने काले पड़ गए हैं। पककर तैयार धान की फसल भी प्रभावित हो रही है। बारिश से सोयाबीन,उड़द की फसल पहले ही खराब हो चुकी है। खेत में कटकर रखी धान की फसल भीग गई है, जिसमें अंकुरण होने का अंदेशा बना हुआ है। अभी बारिश के आसार बने हुए हैं, जिससे धान सहित अन्य फसलों और सब्जियों को भारी नुकसान हो सकता है। अनूपपुर में खेतों में पानी भरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि कृषि विभाग के अनुसार 15 प्रतिशत से कम क्षति हुई है, जिसे नुकसान के दायरे में नहीं माना जाएगा। जल्द ही सर्वे शुरू होगा। ग्वालियर चंबल अंचल में बारिश ने रबी फसलों पर बरसाया कहर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में खरीफ के समय बारिश से फसल बर्बादी की बाद अब रबी के मौसम में तीन दिन की बारिश ने खेतों में खड़ी धान, बाजरा, मटर, तिल, ज्वार आदि की फसलों में करीब 50 से 60 प्रतिशत नुकसान कर दिया है। सरसों की बुवाई हो चुकी है, खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो गई है। ग्वालियर, दतिया, श्योपुर आदि जिलों में धान की फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है। ग्वालियर जिले में ही एक लाख 10 हजार हेक्टेयर में धान की फसल है। अभी तक 15 प्रतिशत फसल ही कट सकी है। ऐसे में बारिश से धान की खड़ी फसल जमीन पर गिरने इसे सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। खेतों में पानी भरने से धान की बालियां काली पड़ने और अंकुरण का खतरा बढ़ गया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड में बाजरा भी खेतों में पका हुआ खड़ा है। बारिश से बाली के दाने काले पड़ने की आशंका है। कई आलू व मटर जैसी फसलों के पौधे सड़ गए हैं। इन फसलों में 60 से 70 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका जताई गई है। मुरैना में बाजरे की जो फसल में 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान की आशंका जताई गई है। दतिया में करीब पांच सौ से अधिक गांवों में धान की फसल खेतों में बिछ गई है। श्योपुर में धान की फसल में 30 से 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है। सरसों पूरी तरह नष्ट हो गई     यदि बारिश के साथ-साथ हवा भी चलेगी तो यह नुकसान अधिक होगा। आलू, सरसों, मटर एवं चना तथा मसूर में भी नुकसान है। सरसों की जो 10 दिन के अंदर बोई गई थी वह पूरी तरह नष्ट हो गई है। बारिश से धान की चमक कम होगी और गिरने की वजह से उत्पादन कम हो जाएगा। – डॉ. शैलेंद्र सिंह कुशवाह, वरिष्ठ विज्ञानी कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर।