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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज 29 साल के हुए ,’बंजर’ गढ़ा को बना दिया बागेश्वर धाम?

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज अपना 29वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके बर्थडे को खास बनाने के लिए दूर-दूर से भक्त गढ़ा ग्राम पहुंच रहे हैं। हालांकि, कल हुए हादसे के बाद उन्होंने अपना जन्मदिन बेहद साधारण तरीके से मानाने का फैसला किया है।  भक्तों से उपहार के बदले मांगी ईंट पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने जन्मदिन पर भक्तों से उपहार के बदले ईंट मांगी है। बता दें कि बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल बन रहा है। इसके निर्माण के लिए उन्होंने सहयोग में एक-एक ईंट भेंट करने की अपील की है।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी दी बधाई  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी पंडित धीरेंद्र शास्त्री को जन्मदिन की बधाई दी है। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, पूज्य पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। श्री बजरंग बली जी से प्रार्थना है कि सनातन संस्कृति की सेवा के लिए आप सदैव ऊर्जावान रहें, उत्तम स्वास्थ्य के साथ आप दीर्घायु हों।” बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्मदिन आज, 29 साल के हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, वही राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बागेश्वर बाबा को दी जन्मदिन की बधाई, सीएम भजनलाल ने कहा- बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर परम पूज्य पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज के जन्मदिवस पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं, श्री बालाजी महाराज की कृपा से आप सदैव स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों एवं अपने दिव्य सत्संग, प्रवचनों व आध्यात्मिक मार्गदर्शन से समाज को सत्य, धर्म और सेवा के पथ पर अग्रसर करते रहें 'बंजर' गढ़ा को पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कैसे बना दिया बागेश्वर धाम तरपुर जिले के एक छोटे से गांव गढ़ा में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म 4 जुलाई 1996 को हुआ था। शास्त्री अपनी उम्र के 30वें वर्ष में प्रवेश कर गए हैं। बागेश्वर धाम में गुरु के जन्मदिन पर हर साल हजारों की संख्या में उनके भक्त आते हैं। साथ ही भव्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है। इस बार भी तैयारी भव्य थी लेकिन टेंट गिरने की वजह से एक श्रद्धालु की मौत हो गई। इसके बाद धाम में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। मगर बागेश्वर धाम में भक्तों की भीड़ कम नहीं हुई है। गढ़ा में भक्तों का मेला लगा हुआ। भारी बारिश के बीच भी वहां भक्त डंटे हुए हैं। आइए आपको बताते हैं कि इतने कम दिनों में बागेश्वर सरकार यह प्रसिद्धि कैसे हासिल की। साथ ही गढ़ा और उसके आसपास के अर्थव्यवस्था को उन्होंने पूरी तरह से बदल दिया है। कहां है गढ़ा गांव दरअसल, जब आप छतरपुर से खजुराहो की ओर नेशनल हाइवे पकड़कर आगे की ओर बढ़ेंगे। करीब 10 किमी आगे बढ़ने के बाद गढ़ा के लिए रास्ता जाता है। हाइवे से सटा एक मुख्य द्वार बना है, जिस पर बागेश्वर धाम जाने का रास्ता लिखा हुआ है। यही से रौनक की शुरुआत हो जाती है। कुछ साल पहले तक सुनसान रहने वाले इस जगह पर अब कई होटल और मार्केट खुल गए हैं। साथ ही सवारी गाड़ियों की भीड़ रहती है जो श्रद्धालुओं को धाम तक लेकर जाते हैं। यहां से गढ़ा गांव की दूरी करीब चार से पांच किमी है। गढ़ा गांव के लोग पहले पूरी तरह से खेती पर आश्रित होते थे। पहाड़ी इलाका होने की वजह से गर्मियों में भीषण पानी की किल्लत होती थी। साथ ही जमीन भी पथरीली है। गढ़ा गांव में ही धीरेंद्र शास्त्री का पैतृक गांव पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पैतृक घर भी गढ़ा में ही है। परिवार पूजा पाठ से ही जीवकोपार्जन करता था। आर्थिक स्थिति परिवार की ठीक नहीं थी। गांव में इनका खपरैल घर था। अब उसकी जगह पर पक्का मकान है। हालांकि छोटा ही है, जहां उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। गांव से कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद पहाड़ी के करीब ही बालाजी का मंदिर है। जहां धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दादा गुरु की समाधि है। बालाजी का मंदिर अब भव्य बन रहा है। मंदिर के आसपास अब सैकड़ों एकड़ जमीन में धाम फैल गया है, जिसे बागेश्वर धाम कहते हैं। ऐसे बढ़ा बागेश्वर धाम दरअसल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुरुआती दिनों मंदिर या फिर आसपास के गांवों में ही कथा सुनाते थे। साथ ही लोगों की पर्ची निकालते थे। धीरे-धीरे इनकी प्रसिद्धि बढ़ी और लोगों की भीड़ जमा होने लगी। कोविड के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जिंदगी में 360 डिग्री का बदलाव हुआ। उनकी कथाओं की गूंज पूरे देश में सुनाई देने लगी। मध्य प्रदेश की सीमा को लांघकर वह देश और विदेश के अलग-अलग कोनों में जाकर कथा सुनाने लगे। इसके साथ ही बागेश्वर धाम पर श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ने लगी। तेजी से उस इलाके की तस्वीर बदलने लगी। बदल गई इलाके की अर्थव्यवस्था पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जिंदगी में जितने बदलाव आए हैं, उतने ही बदलाव गढ़ा और उसके आसपास के इलाकों में देखने को मिला है। गढ़ा, बागेश्वर धाम और उसके आसपास के इलाकों में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से रोजगार मिल गया है। गांवों में होम स्टे खुल गए हैं। हजारों की संख्या में धाम में दुकान हैं। इसके साथ ही अब बड़े-बड़े होटल भी खुल रहे हैं। हजारों लोगों हर दिन धाम आते हैं औसतन 10-20 लाख से अधिक का कारोबार होता है। सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बाहर से भी लोग आकर यहां व्यापार कर रहे हैं। खपरैल घर से फाइव स्टार होटल तक का सफर वहीं, बागेश्वर धाम सरकार का बचपन खपरैल घर में बीता है। अब वह जब कथाओं के लिए जाते हैं तो भक्त फाइव और थ्री स्टार होटल में उन्हें ठहराते हैं। अंबानी के घर लग्जरी प्राइवेट जेट से जाते हैं। हालांकि धाम पर होते हैं तो अभी भी वह मंदिर के करीब बने सामुदायिक भवन के ही एक कमरे में ठहरते हैं। जन्मदिन के मौके पर उन्हें बधाई देने का सिलसिला जारी है। अब बागेश्वर धाम पर सिर्फ आम नहीं, खास श्रद्धालुओं का भी तांता लगा रहता है। 

भोपाल में तहसीलदार और प्रभारी तहसीलदार तथा नायब तहसीलदारों और प्रभारी नायब तहसीलदारों के ट्रांसफर हुए

भोपाल   नए पदोन्नति नियमों को लेकर सपाक्स कर्मचारी व सामाजिक संस्था ने कोर्ट जाने की खुली चेतावनी दे दी है। इससे पहले जिलों में सांसद व विधायकों से मुलाकात करेंगे। नियमों में विसंगतियों के बारे में बताएंगे। ये चेतावनी नार्मदीय भवन में हुए सपाक्स अधिकारी कर्मचारी संस्था के राज्य स्तरीय अधिवेशन में लिए निर्णय के बाद दी गई। कहा गया कि अधिकारियों ने 2019 जैसी गलती दोहराई है। बैठक में सपाक्स संथा के अध्यक्ष डॉ. केएस तोमर, सचिव राजीव खरे, सपाक्स समाज के अध्यक्ष केएल साहू अध्यक्ष, कर्मचारी नेता सुधीर नायक, उमाशंकर तिवारी, अजय जैन, आरबी राय, आलोक अग्रवाल, अनुराग श्रीवास्तव, डीके भदोरिया, रक्षा चौबे, राकेश नायक, आशीष भटनागर सहित विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे। -आरक्षित वर्ग के उन कर्मचारियों, अधिकारियों को पुन: पदोन्नति दी जा रही, जिन्हें हाईकोर्ट ने 2006 में पदावनत करने को कहा था। -शासन की लंबित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति के आदेश दिए थे। इस पर आरक्षित वर्ग के कर्मियों को पदावनत नहीं किया गया। इसी आधार पर उनकी पदोन्नति भी नहीं हो सकती, लेकिन किए जाने के प्रावधान कर दिए। हुजूर में पारे तहसीलदार और अनुराग त्रिपाठी अपर तहसीलदार होंगे। कोलार में यशवर्धन सिंह तहसीलदार और एनएस परमार अपर तहसीलदार होंगे। बैरसिया में भूपेंद्र कैलासिया अपर तहसीलदार की भूमिका में रहेंगे। वहीं, बैरागढ़ में खूनी प्रसाद पडोले को अपर तहसीलदार की जिम्मेदारी दी गई है। गोविंदपुरा में तहसीलदार सौरभ वर्मा और अपर तहसीलदार राजेश गौतम रहेंगे। टीटी नगर की कमान कुनाल रावल और अपर तहसीलदार सुनीता देहलवार होंगी। एमपी नगर में दीपक कुमार द्विवेदी तहसीलदार और अंकिता यदुवंशी को अपर तहसीलदार की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, शहर वृत्त में तहसीलदार करुणा कंडोतिया और अपर तहसीलदार दृष्टि चौबे की पोस्टिंग की गई है। दंडोतिया अब तक बैरसिया में पदस्थ थीं। नायब तहसीलदार भी पदस्थ किए कोलार में अतुल शर्मा, बैरसिया में राजेंद्र त्यागी, बैरागढ़ में दिनकर चतुर्वेदी, गोविंदपुरा में दिनेश कुमार साहू, टीटी नगर में निधि तिवारी और एमपी नगर में दुर्गा पटले को नायब तहसीलदार के तौर पर पदस्थ किया गया है। सिंह को भू-अभिलेख की जिम्मेदारी भू-अभिलेख की प्रभारी अधीक्षक पहले दुर्गा पटले थीं। जिन्हें एमपी नगर वृत्त में भेजा गया है। ऐसे में यह जिम्मेदारी अब अशोक सिंह को दी गई है। प्रभारी नायब तहसीलदार रामजी तिवारी को एडीएम उत्तर ऑफिस में अटैच किया गया है। नायब तहसीलदार अनामिका सराफ प्रसूति अवकाश पर है। उन्हें लौटने पर जिम्मेदारी दी जाएगी। इसी तरह प्रभारी नायब तहसीलदार मो. इदरीश खान को टीटी नगर, परिविक्षाधीन नायब तहसीलदार तरुण श्रीवास्तव को भू-अभिलेख ऑफिस में अटैच किया गया है। शुभम जैन को हुजूर कार्यालय में भेजा गया है। प्रभारी नायब तहसीलदार राकेश पिप्पल, मिट्‌ठूलाल पंवार, प्रेमप्रकाश गोस्वामी को भी अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय की अदालत ने 3 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड के तीन आरोपियों को शिलॉन्ग (Shillong Court) की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मुख्य तीन आरोपियों आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी की गुरुवार को हिरासत खत्म हो रही थी. इस वजह से शिलॉन्ग पुलिस ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोर्ट में पेश किया. वहीं, राजा रघुवंशी की हत्या के मास्टरमाइंड सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह की हिरासत शुक्रवार को खत्म होगी, फिर पुलिस उन्हें भी कोर्ट में पेश करेगी. लोक अभियोजक तुषार चंदा ने बताया, 'अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है।' चौहान, राजपूत और कुर्मी मध्यप्रदेश के निवासी हैं। हत्या की साजिश रचने की आरोपी रघुवंशी की पत्नी सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाह भी न्यायिक हिरासत में हैं। राजा रघुवंशी ने 11 मई को इंदौर में सोनम से शादी की और 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय आए थे। वह 23 मई को शिलांग से लगभग 65 किलोमीटर दूर सोहरा में लापता हो गए थे। दो जून को उनका क्षत-विक्षत शव एक झरने के पास खाई में मिला। इंदौर के तीन अन्य लोगों एक प्रॉपर्टी डीलर, एक फ्लैट मालिक और एक सुरक्षा गार्ड को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन पर जांच में बाधा डालने और इंदौर के उस फ्लैट में सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप लगे हैं जहां सोनम तथा उसका प्रेमी राज कुशवाह राजा रघुवंशी की हत्या के बाद ठहरे थे।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को पांच नए जस्टिस मिले, दो जस्टिस आनंद सिंह बेहरावत और हिमांशु जोशी इंदौर के

 इंदौर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को नए न्यायाधीश मिले हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 2 जुलाई को हुई बैठक में हाईकोर्ट के लिए छह नामों को मंजूरी दी गई है। पांच न्यायिक अधिकारियों के नाम भी हाई कोर्ट मप्र के लिए अप्रूव हुए हैं। कॉलेजियम द्वारा जिन नामों को स्वीकृति दी गई है, उनमें जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता, आनंद सिंह बेहरावत, आलोक अवस्थी, अजय कुमार निरनकरी, जयकुमार पिल्लई और हिमांशु जोशी शामिल हैं। इन सभी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इस सूची में विशेष बात यह है कि जस्टिस आनंद सिंह बेहरावत और हिमांशु जोशी इंदौर से ताल्लुक रखते हैं, जिससे शहर के न्यायिक क्षेत्र में गौरव बढ़ा है। यह बने न्यायिक अधिकारी इसके अलावा, कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के लिए पांच न्यायिक अधिकारियों के नाम भी मंजूर किए हैं। इनमें रमेश कुमार गुप्ता, आलोक अवस्थी, रत्नेश चंद्र बिसेन, भगवती प्रसाद शर्मा और प्रदीप मित्तल शामिल हैं। यह नियुक्तियां मध्य प्रदेश न्यायपालिका को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी।  

कटनी शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति जय गेई ने बीती रात अपने निवास परिसर स्थित रेस्ट हाउस में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली

 कटनी   कटनी शहर में लोगों की सुबह दिल दहला देने वाली घटना के साथ शुरू हुई। शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति दर्शनलाल गेई के बड़े पुत्र अजय गेई ने बीती रात अपने निवास परिसर स्थित रेस्ट हाउस में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना रात लगभग डेढ़ बजे की बताई जा रही है। गोली सिर में लगने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना घरवालों को काफी देर से मिली। बताया जा रहा है कि परिवार के अन्य सदस्य उस वक्त घर में ही थे, लेकिन बंगला परिसर के दूसरे हिस्से में होने के कारण किसी को आवाज सुनाई नहीं दी। जैसे ही परिजनों को इसकी भनक लगी, तुरंत माधवनगर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाते हुए आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अजय गेई ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वे पिछले कुछ समय से पारिवारिक तनाव में थे। उन्होंने बताया कि घटना से कुछ समय पहले भी घर में कुछ कहासुनी हुई थी। हादसे के वक्त घर पर नहीं था छोटा भाई घटना के वक्त अजय के छोटे भाई और उद्योगपति मनीष गेई घर पर मौजूद नहीं थे। मनीष ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि वे व्यावसायिक कार्य से नागपुर गए हुए थे। उन्हें जैसे ही घटना की सूचना मिली, वे तत्काल कटनी लौटने के लिए रवाना हो गए। उद्योग जगत में शोक की लहर बताया जा रहा है कि अजय ने माधवनगर गेट के पास स्थित अपने रेस्ट हाउस में जाकर खुद को गोली मारी। सुबह जब यह खबर शहर में फैली, तो उद्योग और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अजय गेई शहर के एक प्रतिष्ठित परिवार से जुड़े थे और उनकी असामयिक व दर्दनाक मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आत्महत्या के कारणों को लेकर परिवारजनों से पूछताछ की जा रही है।

वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया गया

पलेरा हलकाई कुशवाहा ने बताया कि वन विभाग जतारा वन प्रशिक्षण अलपुर प्रताप नगर बेड क्रमांक 2 वृक्षारोपण कार्य वन परीक्षित बेड गार्डन एवं वन अधिकारी के द्वारा वृक्षारोपण का कार्य हुआ संपन्न वन विभाग के इस पहल की सराहना भी की जा रही है कई पौधे लगाए गए इसमें फलदार के साथ-साथ अन्य कोई भी पौधे सम्मिलित रहे

स्टॉप डायरिया 2025 अभियान के तहत ग्राम चांटी में जनजागरूकता कार्यक्रम किया गया आयोजित

स्टॉप डायरिया 2025 अभियान के तहत ग्राम चांटी में जनजागरूकता कार्यक्रम किया गया आयोजित ग्रामीणों को डायरिया से बचाव और स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक, बच्चों की रही विशेष भागीदारी एमसीबी/भरतपुर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम चांटी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में दिनांक 2 जुलाई 2025 को जल जीवन मिशन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में “स्टॉप डायरिया कैंपेन 2025” के अंतर्गत एक प्रभावी जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल की अनिवार्यता और डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे आयोजन जन सहभागिता की दृष्टि से अत्यंत सफल और प्रभावी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का संचालन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ओंकार सिंह, सहायक अभियंता जयंत कुमार चंदेल और उप अभियंता मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन एवं आदेशानुसार किया गया। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक (मॉनिटरिंग) अनिमेष कुमार तिवारी, आईएसए प्रतिनिधि निहाल डिक्सना, आईईसी समन्वयक नवीन कुमार एवं हैंडपंप तकनीशियन सुशील बंजारे ने डायरिया की रोकथाम, सुरक्षित पेयजल के उपयोग, स्वच्छ शौचालय व्यवहार और हाथ धोने की आदतों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डायरिया जैसी बीमारियाँ सामान्य लगने के बावजूद गंभीर परिणाम दे सकती हैं, यदि समय रहते स्वच्छता और शुद्ध जल की महत्ता को नहीं समझा गया। कार्यक्रम में बच्चों को रोचक गतिविधियों और सवाल-जवाब के माध्यम से स्वच्छता से जुड़ी अहम जानकारियाँ दी गईं, वहीं महिलाओं को घर-परिवार में जल संरक्षण, जल उबालने, नलों एवं हैंडपंप की स्वच्छता बनाए रखने जैसे जरूरी उपायों पर जागरूक किया गया। “स्वच्छ गाँव, शुद्ध जल, बेहतर कल” की भावना को लेकर चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण स्वास्थ्य और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है, जो आने वाले समय में जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाएगा।

कलेक्टर अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति पर महत्वपूर्ण बैठक 4 जुलाई को

एमसीबी जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है। यह बैठक कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में 04 जुलाई 2025 को सायं 5.00 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित होगी।         बैठक में जिले में अपराध नियंत्रण, नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सड़क सुरक्षा के प्रभावी उपायों और शांति व्यवस्था को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी विभागों के संबंधित अधिकारियों से निर्धारित तिथि और समय पर अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।

इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में ड्यूटी पर तैनात एक जवान ने खुद को गोली मार ली

इंदौर  इंदौर के द्वारिकापुरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे पुलिस विभाग में तैनात 28 वर्षीय सिपाही अनुराग भागोर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना दिग्विजय मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के एक फ्लैट में हुई। आत्महत्या के समय अनुराग के साथ सिपाही मोहित भी मौजूद था। मोहित ने बताया कि अनुराग ड्यूटी के दौरान आ रहे फोन कॉल्स रिसीव नहीं कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल भिजवाया गया। पत्नी से विवाद की आशंका, 7 दिन से मायके में रह रही थी शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनुराग का अपनी पत्नी रानू से विवाद चल रहा था। डेढ़ साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह किया था। रानू धार जिले के मांडव की रहने वाली है और बीते सात दिनों से अपने मायके में है। जानकारी के अनुसार, पत्नी का भाई करंट लगने से घायल हो गया था और उसका इलाज अरविंदो हॉस्पिटल में चल रहा है। अनुराग ड्यूटी के कारण घर और अस्पताल नहीं जा पा रहा था, जिससे दोनों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। अनुराग का ट्रांसफर बना तनाव का कारण, दस साल से था विभाग में अनुराग मूल रूप से अलीराजपुर का रहने वाला था। इससे पहले वह सर्राफा थाने में पदस्थ था, लेकिन हाल ही में उसका ट्रांसफर द्वारिकापुरी थाने में हुआ था। परिजनों के अनुसार ट्रांसफर के बाद उसका ड्यूटी शेड्यूल और ज्यादा कड़ा हो गया था। अनुराग के परिवार में बड़ा भाई अविनाश और छोटा भाई देवेंद्र है। वह तीन भाइयों में मंझला था। पिता वेटरनरी विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बुआ के बेटे राजेंद्र ने बताया कि अनुराग पिछले दस साल से पुलिस विभाग में कार्यरत था। आईडीए की बिल्डिंग में तैनात था अनुराग, फ्लैट पुलिस विभाग को अलॉट जिस फ्लैट में यह दर्दनाक घटना हुई, वह इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी (आईडीए) की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में स्थित है। यहां अक्सर नशाखोरी और विवाद की घटनाएं होती रहती हैं, इसलिए पुलिस बल की ड्यूटी लगाई जाती है। अनुराग भी यहां ड्यूटी पर तैनात था। यह फ्लैट पुलिस विभाग को आवंटित किया गया है। पड़ोसी श्यामलाल बामनिया, जो पंडिताई का कार्य करते हैं, ने बताया कि वे रात 11 बजे शादी से लौटे थे, लेकिन किसी तरह की कोई आवाज उन्हें नहीं सुनाई दी।    

इंदौर एयरपोर्ट पहली बार 6 महीने में 22 लाख यात्रियों ने भरी उड़ान, आंकड़ा 40 लाख पार करने की ओर; पिछले साल से 3 लाख ज्यादा

इंदौर  इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने इस साल यात्रियो के आंकड़े में लंबी छलांग लगाई है। इंदौर एयरपोर्ट के इतिहास में इस साल पहली बार 6 महीने में ही यात्रियों की संख्या 22 लाख को पार कर गई है।  इंदौर एयरपोर्ट अथॉरिटी के मिली रिपोर्ट के अनुसार जून में कुल 2,712 उड़ानों का संचालन हुआ, जबकि मई में यह संख्या 2,890 थी। बावजूद इसके, जून में कुल 3,67,664 यात्रियों ने सफर किया, जो मई के मुकाबले करीब 1,896 ज्यादा है। ट्रैवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया के अनुसार, जुलाई में स्कूल-कॉलेज खुलने से यात्रियों की संख्या कम हो सकती है। जनवरी से जून 2025 के बीच इंदौर एयरपोर्ट से कुल 16,735 उड़ानों का संचालन हुआ और 22,05,576 यात्रियों ने सफर किया। यह पहली बार है जब छह माह में इंदौर एयरपोर्ट की यात्री संख्या 22 लाख के पार पहुंची है। वहीं ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि अप्रैल में हुए आतंकी घटनाक्रम के बाद उत्तर भारत का पर्यटन प्रभावित हुआ था। लेकिन जून में हालात सामान्य होने से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे हिल स्टेशनों की ओर एक बार फिर पर्यटक लौटे, जिससे यात्री संख्या में उछाल आया। इंदौर एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या माह        2023         2024       2025 जनवरी    248231    320079    377207 फरवरी    259988    313541    362458 मार्च    273364    334785    369372 अप्रैल    289399    295665    363107 मई    352326    318326    365768 जून    305511    311576    367664 40 लाख के आंकड़े को पार कर जाएगा इस साल यात्रियों का आंकड़ा इंदौर एयरपोर्ट से बढ़ते यात्रियों के आंकड़ों को देखते हुए इस सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर यात्रियों के बढ़ने का यहीं ट्रेंड रहा तो यहां के 87 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब यात्रियों का आंकड़ा 40 लाख को पार कर जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी 2023 से 31 जून 2023 तक इंदौर एयरपोर्ट से 17 लाख 1 हजार 819 यात्रियों ने सफर किया था। वहीं पिछले साल यानी 1 जनवरी 2024 से लेकर 31 जून 2024 तक 18 लाख 93 हजार 972 यात्रियों ने सफर किया था। वहीं इस साल 1 जनवरी 2025 से 30 जून 2025 तक 22 लाख 5 हजार 576 यात्री इंदौर एयरपोर्ट से यात्रा कर चुके हैं। यानी कि इस साल 2024 के मुकाबले 3 लाख 11 हजार 604 यात्री ज्यादा इंदौर एयरपोर्ट पर आना-जाना कर चुके हैं। इन आंकड़ों ने इंदौर को एक बार फिर सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बना दिया है। इंदौर एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन माह        2023    2024    2025 जनवरी    2095    2520    2861 फरवरी    1928    2568    2637 मार्च    2159    2642    2872 अप्रैल    2375    2482    2763 मई    2542    2589    2890 जून    2400    2502    2712 2019 में 30 लाख यात्रियों ने किया था सफर 2023 में इंदौर एयरपोर्ट से 35 लाख 39 हजार 406 यात्रियों ने सफर किया है। उड़ानों और यात्रियों की संख्या के मान से यह इतिहास में इंदौर के सबसे बड़े आंकड़े हैं। इससे पहले साल 2019 में इंदौर से 30 लाख 24 हजार 364 यात्रियों ने सफर किया था।