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‘सिलेबस से बाहर गया वादा’ — मैथिली ठाकुर ने तेजस्वी पर कसा तंज, कहा अब रोजगार का क्या हुआ?

पटना  बिहार में अलीनगर से भाजपा प्रत्याशी और प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर ने बुधवार को कहा कि जब से उन्होंने जंगलराज की परिभाषा समझी है और मुख्यमंत्री पद की अहमियत को समझा है, तब से वह नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखती हैं। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव के नौकरी से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तेजस्वी यादव के उस ऐलान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर हमारी सरकार सत्ता में आएगी, तो हर परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मैथिली ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर कैसे वो सत्ता में आने के बाद हर परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे पाएंगे। किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी सीमित संख्या में होती है। ऐसी स्थिति में हर परिवार में से किसी एक सदस्य को नौकरी देने का विचार ही समझ से परे है। हमें अपने प्रदेश में नौकरियों का सृजन करने के लिए अपने यहां निवेशकों को आमंत्रित करना होगा, तभी यहां पर नौकरियों का सृजन करना होगा। मैथिली ठाकुर ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी को दूर करने के लिए हमें युवाओं के कौशल निर्माण पर ध्यान देना होगा, तभी यहां से बेरोजगारी दूर होगी। अगर हम ऐसा करेंगे, तो निश्चित तौर पर लोगों के पास अपनी जीविका चलाने के लिए एक ठोस माध्यम होगा। अब ऐसी स्थिति में अगर कोई हर परिवार को सरकारी नौकरी देने का वादा कर रहा है, तो यह सिलेबस से ही बाहर नजर आता है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मैथिली ठाकुर ने प्रदेश की जनता से एक बार फिर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को एक बार फिर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। वह इस पद के लिए सबसे उपयुक्त दावेदार हैं। उन्होंने हमेशा से ही प्रदेश के विकास के लिए काम किया। उनके कार्यकाल में प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास कार्य होते हुए दिख रहे हैं। जब उनसे शराबबंदी पर सवाल किया गया, तो मैथिली ठाकुर ने कहा कि मैं इस विषय पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि अभी मेरा विशेष रूप से ध्यान मेरे विधानसभा क्षेत्र पर है। मैं अभी अपने क्षेत्र के लोगों की आवाज उठा रही हूं। उनकी समस्याओं पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही हूं। मैथिली ठाकुर ने अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन की तरफ से तारीफ किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव है कि कोई मेरी तारीफ कर रहा है। निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि पिछले कुछ दिनों से जिस तरह की स्थिति से मैं गुजर रही हूं और जिस तरह से उन्होंने मेरी तारीफ की है, उससे मेरा उत्सावर्धन हुआ है, जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद मुझे लगा था कि मैं इसे छोड़ दूं। मेरी बस की बात नहीं है, क्योंकि मैं संगीत के क्षेत्र से आती हूं। संगीत क्षेत्र हमेशा से ही मेरे लिए ऐसा रहा है, जहां पर लोगों ने मेरी तारीफ की है। मेरी प्रशंसा की है। जहां कहीं भी मैं गई हूं, लोगों ने मुझसे गाने की ही फरमाइश की है. लेकिन राजनीति में आने के बाद मेरा अनुभव अच्छा नहीं रहा। सभी लोग मेरी टांग खींचते नजर आए। हालांकि अब मेरे अंदर आत्मबल आ चुका है। मैं अंदर से काफी अच्छा महसूस कर रही हूं। अभी चुनाव प्रचार का दौर जारी है। मैं लोगों के बीच में जा रही हूं। मुझे अच्छा लग रहा है। मैथिली ठाकुर ने कहा कि मैं अपने जीवन के बारे में नहीं सोचती हूं। मैं यह विश्वास करती हूं कि एक अदृश्य शक्ति मुझे चला रही हूं। मुझे अच्छे से याद है कि मैं बचपन में सोचती थी कि मैं बड़ी होकर ब्यूरोक्रेट बनूंगी, लेकिन ईश्वर की इच्छा कुछ और रही और मैं गायिका बन गई। इसके बाद मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन में राजनीति में आ जाऊंगी, लेकिन स्थिति कुछ ऐसी हो गई कि मैं अब राजनीति में आ चुकी हूं। मैं यह विश्वास करती हूं कि एक अदृश्य ईश्वरीय शक्ति मुझे संचालित कर रही है।

दिल्ली में पार्किंग फीस में उछाल: NDMC ने ऑफ-रोड व इनडोर पार्किंग का शुल्क दोगुना किया — 29 अक्टूबर से

नई दिल्ली  पलूशन की मार के बीच दिल्लीवालों के लिए ये खबर टेंशन बढ़ा सकती है। CAQM के आदेश को मानते हुए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने पार्किंग शुल्क को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। नई दरें आज यानी 29 अक्टूबर से ही लागू हो गई हैं। आदेश के अनुसार,यह तब तक लागू रहेगा जब तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-II हटाया नहीं जाता।   यह बढ़ोतरी NDMC क्षेत्र के सभी ऑफ-रोड और इनडोर पार्किंग स्थलों पर लागू होगी। यह फैसला ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-II के लागू होने के बाद लिया गया है,जो राजधानी में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के कारण शुरू हुआ है। एक नोटिस के अनुसार वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में चरण-II ('बहुत खराब' हवा की गुणवत्ता) के उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। एक वरिष्ठ एनडीएमसी (NDMC) अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से जारी आदेश के पालन में NDMC की तरफ से प्रबंधित पार्किंग (ऑफ-रोड/इनडोर) के लिए पार्किंग शुल्क को मौजूदा दरों से दोगुना कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 29 अक्टूबर से GRAP के चरण-II के हटने तक जारी रहेगी। कहां लागू होगा यह फैसला? अधिकारी ने बताया कि NDMC वर्तमान में 126 पार्किंग स्थलों का प्रबंधन करती है। इन 126 साइट्स में 99 ऑफ-रोड, 3 इनडोर/मल्टी-लेवल कार पार्क और 24 ऑन-स्ट्रीट साइट्स शामिल हैं। अधिकारी ने कहा,"पार्किंग शुल्क बढ़ाने के फैसले से कुल 102 पार्किंग स्थल प्रभावित होंगे।" वाहन प्रकार     वर्तमान फीस (रुपये में)    नई फीस (रुपये में) चार पहिया वाहन     20    40 दो पहिया वाहन     10    20 बस                             150    300 कार (इंडोर)            10    20 स्कूटर (इंडोर)            5    10

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों के खातों में गुरूवार को अंतरित करेंगे 300 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति

 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पहुँचेगा फायदा भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 30 अक्‍टूबर को 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन के सभागार में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों और जन-समुदाय को वर्चुअली संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सभी जिलों के समस्त विद्यालयों में भी होगा। कार्यक्रम में समेकित छात्रवृत्ति योजना के पात्र विद्यार्थी जिला अथवा विकासखण्ड के विद्यालयों के समेकित छात्रवृत्ति कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में विधायक और जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। इस योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। मुख्‍यमंत्री द्वारा अंतरित की जाने वाली राशि में स्कूल शिक्षा विभाग की 7 प्रकार की छात्रवृत्ति जैसे सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि भी शामिल है। लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किये निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय ने समेकित छात्रवृत्ति-2025 के संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्तों को निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को शामिल किये जाने के संबंध में निर्देश दिये गये हैं।  

MLA पर टूटा कानून का शिकंजा: पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR, बढ़ी सियासी गर्मी

जालंधर  हरियाणा पुलिस ने आप विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर (शुतराणा) और छह अन्य लोगों के खिलाफ थाना गुहला, कैथल में एफ.आई.आर. दर्ज की है। यह कार्रवाई 28 अक्टूबर 2025 को शिकायतकर्ता गुरचरण सिंह काला (कैथल) की शिकायत के आधार पर की गई। एफ.आई.आर. संख्या 217/2025 के तहत विधायक और अन्य आरोपियों पर कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह एफ.आई.आर. इस महीने के दौरान राजनीतिक और कानून व्यवस्था के लिहाज़ से एक बड़ी घटना मानी जा रही है। धारा 115 – अपराध के लिए उकसाना धारा 126 – राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ना धारा 140(2) – हथियारों के साथ गैरकानूनी जमावड़ा धारा 351(2) – हमला या बल प्रयोग धारा 61 बीएनएस – प्रतिबंधित पदार्थों का कब्ज़ा धारा 25 शस्त्र अधिनियम – आग्नेयास्त्रों का अवैध कब्ज़ा 

मंडी में प्याज के दाम गिरे जमीन पर, किसानों ने कहा- अब तो नुकसान ही नुकसान

शाजापुर कृषि उपज मंडी शाजापुर में बुधवार को प्याज की बंपर आवक के साथ ही भाव ऐसा गिरा कि किसान मायूस होकर लौटे। स्थिति यह रही कि कुछ किसानों की प्याज दो रुपए प्रति किलो तक बिकी। कमिश्नर आशीष सिंह के निरीक्षण के दौरान एक किसान ने खुद अपनी व्यथा बताई कि साहब, जो भाव मिला है, उससे ट्रक का किराया भी नहीं निकलेगा। बामनगांव निवासी किसान पूनमचंद पुत्र गुलाब सिंह ने कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी नीलामी पर्ची दिखाई और बताया कि उनकी 40 कट्टी प्याज मात्र दो रुपए प्रति किलो के हिसाब से कुल 3200 रुपए की बिक्री हुई। “साहब, इतना खर्च तो खेत से मंडी तक ट्रक में प्याज लाने में लग गया। अब तो घाटा ही घाटा है।' किसानों की यह शिकायत सुनकर खुद संभाग कमिश्नर आशीष सिंह ने मंडी अधिकारियों को जांच के निर्देश देने पड़े। कमिश्नर ने मौके पर ही मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने और नीलामी में निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। मंडी में बुधवार को प्याज की रिकॉर्ड 27,497 क्विंटल आवक हुई। इतनी भारी मात्रा में प्याज आने से भाव औंधे मुंह गिर गए। कई किसानों को दो से चार रुपए प्रति किलो के बीच का भाव मिला।   भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम बुधवार दोपहर को उज्जैन संभाग कमिश्नर आशीष सिंह शाजापुर कृषि उपज मंडी पहुंचे। उन्होंने भावांतर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की। व्यापारियों और किसानों के बीच नीलामी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और किसानों से बातचीत कर मंडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कमिश्नर सिंह ने कहा कि “राज्य सरकार किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। मंडी में मौजूद व्यापारियों और अधिकारियों ने बताया कि प्याज की दर गुणवत्ता के आधार पर तय होती है। जो प्याज आकार में छोटी या नमीदार होती है, उसका भाव स्वाभाविक रूप से कम रहता है। किसान सवाल कर रहे हैं जब मेहनत का दाम नहीं मिलेगा, तो खेती कौन करेगा? वहीं जब तक बाजार व्यवस्था में स्थायित्व नहीं आता, तब तक प्याज के आंसू किसानों की आंखों से बहते रहेंगे। मंडी परिसर में किसानों की भीड़, मायूस चेहरे सुबह से मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगी रहीं। किसानों की भीड़ ऐसी थी कि प्याज की बोरियां मंडी के गेट के बाहर तक ढेर लग गईं। परंतु जब नीलामी शुरू हुई, तो भाव सुनकर कई किसानों के चेहरे उतर गए। किसी को दो, किसी को तीन, तो कुछ को चार किलो का भाव मिला वहीं अधिकतम भाव 1075 प्रति क्विंटल रहा। कई किसानों ने अपनी उपज वापस ले जाने का विचार भी किया, लेकिन ट्रांसपोर्ट खर्च के डर से उन्हें औने-पौने भाव पर बेचना पड़ा। किसानों ने बताया कि इस सीजन में प्याज की पैदावार अच्छी रही, लेकिन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपए खर्च करने के बाद जब दो किलो का भाव मिलता है, तो हिम्मत टूट जाती है। किसानों ने प्रशासन से प्याज की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और परिवहन सहायता देने की मांग की।  

चुनाव से पहले मायावती की अपील: मुस्लिम वोट बसपा को दें, तभी बीजेपी को रोका जा सकता है

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि मुस्लिम समाज को एकजुटता के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बजाय सीधे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का समर्थन करना चाहिये ताकि भाजपा की घातक राजनीति को चुनाव में हराया जा सके। उन्होंने कहा कि सपा के समर्थन में मुस्लिम समाज के एकतरफा वोट देने के बावजूद वह (सपा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने में विफल रही। बसपा नेता मायावती ने पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिये बुधवार को यहां ‘बसपा मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन’ की विशेष बैठक की अध्यक्षता की तथा मुस्लिम समाज को बसपा में जोड़ने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मायावती ने कहा,‘‘वर्ष 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव तथा उससे पहले के चुनाव से यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि उप्र में मुस्लिम समाज का पूरे तन, मन, धन से जबरदस्त समर्थन मिलने के बावजूद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी भाजपा को हराने में विफल रहीं। इसके विपरीत बसपा ने मुस्लिम समाज का काफी कम समर्थन पाकर भी भाजपा को परास्त करने में सफल रही और वर्ष 2007 में बसपा की बहुमत के साथ सरकार बनी।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस, दोनों ने ऐतिहासिक रूप से ‘दलित-विरोधी, पिछड़ा-विरोधी और मुस्लिम-विरोधी’ राजनीति की है। उन्होंने कहा कि उनकी ‘गलत नीतियों और गतिविधियों’ के कारण ही उत्तर प्रदेश में भाजपा मजबूत हुई है। मायावती ने कहा, ‘‘न केवल 2022 के विधानसभा चुनाव में, बल्कि लगभग हर चुनाव में, इन पार्टियों – सपा और कांग्रेस – ने भाजपा को हराने के लिए नहीं, बल्कि बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए छल-कपट समेत हर संभव हथकंडा अपनाया। एकतरफा मुस्लिम वोट पाने के बावजूद, वे भाजपा को रोकने में नाकाम रहे। मुस्लिम समुदाय को इस सच्चाई को जल्द से जल्द समझ लेना चाहिए।’’ मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मायावती ने कहा, ‘‘एक पार्टी और एक सरकार के रूप में, बसपा ने मुसलमानों को हर स्तर पर सुरक्षा, संरक्षा और उचित प्रतिनिधित्व की गारंटी देकर उनका वास्तविक कल्याण सुनिश्चित किया। हमने उनके जीवन, संपत्ति और आस्था की रक्षा के लिए उत्कृष्ट कानून-व्यवस्था प्रदान की और जातिवाद और सांप्रदायिकता पर काफी हद तक अंकुश लगाने का काम किया।’’ उन्होंने आगे कहा कि बसपा सरकार ऐसी पहली सरकार थी जिसने अन्याय, अराजकता और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘हमने उत्तर प्रदेश को दंगों, शोषण, अन्याय और भय से मुक्त बनाया, जबकि अन्य दलों के बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हुए क्योंकि उनकी कथनी और करनी में बहुत फर्क है।’’ मायावती ने कहा, ‘‘दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के लाखों लोग बसपा के ‘बहुजन समाज’ के अभिन्न अंग हैं। पार्टी का मिशन राजनीतिक सशक्तिकरण के माध्यम से इन वंचित और उपेक्षित समुदायों का उत्थान करना है, ताकि वे संविधान के मानवीय और कल्याणकारी सिद्धांतों के अनुसार सम्मान और आत्मसम्मान का जीवन जी सकें, जो भारत को वास्तव में महान बनाने के लिए आवश्यक है।’’ बैठक में मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं सभी जिलाध्यक्ष व मंडल प्रभारी भी उपस्थित थे, जिन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों के संबंध में भी अवगत कराया गया। बसपा अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को बूथ स्तर पर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर ना रहे। उन्होंने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि वे उन लोगों की मदद करें जिनके नाम सूची में नहीं हैं और उनके निर्धारित प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें ताकि उनका नाम सूची में शामिल हो सके। मायावती ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मुसलमानों के कल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों का भी विवरण दिया।  

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अधिकारी अनिवार्य रूप से करें पालन

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कमिश्नर और कलेक्टर के साथ की वर्चुअल बैठक भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने वीडियो कांफ्रेसिंग से सभी संभागों के कमिश्नर एवं कलेक्टर तथा जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में सभी संभागों के कमिश्नर एवं सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में दिए गए निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। निर्देशों का अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट वोटर्स.डॉट.ईसीआई.इन पर जाकर कोई भी मतदाता 2003 की मतदाता सूची देख सकता है। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार मतदाताओं के घर घर जाएंगे, यह सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जो व्यक्ति 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, वह भी मतदात सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी और राजेश यादव उपस्थित रहे। 7 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से प्रारंभ हो गई है जो 8 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस बीच 3 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसम्बर तक किया जाएगा। दावा आपत्तियों के 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक आवेदन लिए जाएंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। फाइनल मतदाता सूची का 7 फरवरी 2026 को प्रकाशन होगा।   

अंता उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की एंट्री! केजरीवाल ने नरेश मीणा का साथ दिया

जयपुर अंता विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे अब तक बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही सीधी जंग त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गई है। नरेश मीणा ने कुछ दिन पहले एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर केजरीवाल और आप से समर्थन की अपील की थी। मीणा ने लिखा था, “नए और निष्पक्ष राजनीतिक बदलाव के लिए मैं अंता उपचुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ रहा हूं। कांग्रेस और बीजेपी के विकल्प के तौर पर मैं आप पार्टी से समर्थन की अपेक्षा करता हूं।” इसके जवाब में केजरीवाल ने लिखा — “नरेश जी, आम आदमी पार्टी आपके साथ पूरी तरह खड़ी है।” इसके बाद AAP ने औपचारिक रूप से मीणा को समर्थन देने की घोषणा कर दी। AAP के राजस्थान सह-प्रभारी घनेन्द्र भारद्वाज ने कहा, “बीजेपी और कांग्रेस ने दशकों से राजस्थान को लूटा है। अब जनता को नया विकल्प चाहिए। पूरे प्रदेश के AAP कार्यकर्ताओं से अपील है कि नरेश मीणा के समर्थन में जुटें।” उन्होंने बताया कि अंता उपचुनाव के लिए 31 सदस्यीय समन्वय समिति बनाई जाएगी और संभावना है कि केजरीवाल खुद भी चुनाव प्रचार के लिए अंता आ सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम राजस्थान में AAP के संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। 2023 विधानसभा चुनाव में अंता से AAP को मात्र 0.76% वोट (1334 वोट) मिले थे, लेकिन केजरीवाल का समर्थन अब मीणा को एंटी-एस्टैब्लिशमेंट वोट दिला सकता है। अंता उपचुनाव में अब मुख्य मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया, बीजेपी के मोरपाल सुमन और निर्दलीय नरेश मीणा के बीच है। चुनाव 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।  

नायब सिंह सैनी का दावा – जीएसटी सुधार मोदी सरकार की वादे निभाने की मिसाल

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिस गति से आज भारत प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्र सरकार की क्रांतिकारी आर्थिक नीतियाँ प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने “एक राष्ट्र, एक टैक्स” की अवधारणा को साकार करते हुए जी.एस.टी. लागू किया, जिससे पूरा भारत एक एकीकृत बाजार में परिवर्तित हो गया है। जी.एस.टी. सुधारों से न केवल अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है, बल्कि राज्यों के बीच व्यापार आसान हुआ है और व्यापारियों को अनावश्यक करों के जाल से मुक्ति मिली है। हाल ही में किए गए जी.एस.टी. सुधार इस बात का प्रमाण हैं कि प्रधानमंत्री मोदी की “गारंटी” सदैव पूरी होती है। ये सुधार आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को बिहार के पटना में बिहार चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए “स्वदेशी” और “मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड” के आह्वान ने देश में विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा दी है। हाल ही में जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत यह विजन आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत यूपीआई से लेकर डीबीटी तक डिजिटल लेन-देन की क्रांति ने पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है। आज भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन चुका है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विनिर्माण और उत्पादन पर बल देकर आयात पर निर्भरता घटाई है तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत केंद्र बनकर उभरा है। केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों और सुधारों के परिणामस्वरूप आज भारत न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक सशक्त साझेदार के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में, सड़क, रेल, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश हुआ है। ये सुविधाएं बेहतरीन कनेक्टिविटी, उद्योगपतियों के लिए व्यापार और लॉजिस्टिक्स की लागत को कम कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए अनावश्यक कानूनों को खत्म करना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना, और लाइसेंस राज से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें 'विकसित भारत-2047' का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, हमें अपने राज्यों को विकसित करना होगा। हरियाणा और बिहार को मिलकर देश की प्रगति की गति को तेज करना होगा। उन्होंने कहा कि आज यहां आकर उन्हें बिहार की मिट्टी की महक और हरियाणा की उद्यमशीलता की भावना का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यह संगम, वास्तव में, हमारे देश की प्रगति और 'विकसित भारत' के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिहार और हरियाणा का रिश्ता केवल राज्यों की भौगोलिक सीमा तक सीमित नहीं है। यह रिश्ता प्रेम, श्रम और विश्वास का है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज बिहार में डबल इंजन की सरकार के कारण यह पूरे देश में यह प्रदेश दूसरे सबसे तेजी से बढ़ने वाले राज्य के रूप में जाना जा रहा है। आज बिहार की जीडीपी वृद्धि दर 14 प्रतिशत से भी अधिक है। अब बिहार की जीडीपी में औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा 23 प्रतिशत है, जो कृषि के हिस्से से भी अधिक है। यह सिद्ध करता है कि बिहार में उद्योगों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल माहौल बना है। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को उद्योग की जरूरतों संबंधी ट्रेनिंग के लिए भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्किल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया गया है। यह युवाओं को उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम प्रदान कर रही है। सरकार की 'एक जिला-एक उद्योग' योजना ने इस दिशा में क्रांति ला दी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण कटिहार का मखाना है, जो अब विश्व बाजार में अपनी चमक बिखेर रहा है। केंद्र सरकार ने इसे 'सुपर फूड' के रूप में स्थापित करने के लिए मखाना बोर्ड की घोषणा की है, जिससे किसानों और स्थानीय उद्योगों को नई शक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिए बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। राज्य में निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए नीतिगत सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की गई है। सरकार ने निवेशकों को नि:शुल्क भूमि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में चमड़ा उद्योग, कपड़ा उद्योग सहित अन्य उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए नई नीति बनाई गई है। आगामी समय में बिहार की अर्थव्यवस्था में न केवल गुणात्मक सुधार होगा बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस मौके पर बिहार चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। 

नया बिजली कनेक्‍शन लेना हुआ आसान, ऑनलाइन आवेदन करने पर 5 रूपए में उपलब्‍ध

ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 44, 709 घरेलू तथा 65, 539 सिंचाई पंप कनेक्‍शन शहरी क्षेत्रों में 22,106 घरेलू कनेक्‍शन हुए भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के ग्रामीण घरेलू एवं कृषि तथा शहरी क्षेत्र के बीपीएल श्रेणी के उपभोक्‍ताओं के लिए सरल और सुविधाजनक तरीके से केवल 5 रूपए में त्‍वरित नवीन बिजली कनेक्‍शन प्रदान किए जा रहे हैं। उपभोक्‍ताओं को सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में घर बैठे ही नवीन कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं। गौरतलब है कि कंपनी द्वारा ग्रामीण, घरेलू एवं कृषि तथा शहरी क्षेत्र के बीपीएल उपभोक्‍ताओं को सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से 5 रूपए में नवीन कनेक्‍शन देने की पहल की गई है। इस योजना में अब तक कुल 44,709 ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन घरेलू बिजली कनेक्‍शन तथा 65,539 सिंचाई पंप कनेक्‍शन जारी किए जा चुके हैं। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में बीपीएल कार्ड धारक उपभोक्‍ताओं को 5 रूपए में कुल 22,106 कनेक्‍शन प्रदान किए जा चुके हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल पर आवेदन करते ही पात्रतानुसार निर्धारित समयावधि में तत्काल 5 रूपए में नया बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। नया कनेक्‍शन लेने के लिए उपभोक्‍ताओं को बिजली कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home अथवा UPAY एप पर जाकर जरूरी दस्‍तावेज अपलोड कर समस्‍त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए निर्धारित शुल्‍क 5 रूपए का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। आवेदक द्वारा विधिवत ऑनलाइन आवेदन और भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत बिजली कंपनी द्वारा सर्वे एवं अन्‍य औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपभोक्ता के परिसर में नया कनेक्शन उपलब्‍ध करा दिया जाएगा।