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विकसित यूपी @2047 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप चल रहा विकसित यूपी @2047 महा अभियान

विकसित यूपी @2047 2047 का विजन बना जनआंदोलन, 60 लाख सुझावों से सजे ‘समर्थ यूपी’ के सपने – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप चल रहा विकसित यूपी @2047 महा अभियान – छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, महिलाओं और किसानों ने रखी अपनी राय – कृषि और शिक्षा रहे सबसे ज्यादा चर्चा के विषय – ग्रामीण युवाओं ने रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर दिया जोर – एमएसएमई को सशक्त बनाने, महिला सुरक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण पर मिल रहे सुझाव – पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर नागरिकों ने जताई अपेक्षा – खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के स्थानीय विस्तार की मांग – साफ-सुथरे प्रशासन और बेहतर कानून व्यवस्था की मांग – शिक्षा को व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाने की अपील – महिला उद्यमिता और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के सुझाव – आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी बढ़ती रुचि दिखी – अभियान बना जनता और शासन के बीच संवाद का सेतु लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लक्ष्य को लेकर चल रहा “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 : समृद्धि का शताब्दी पर्व महा अभियान” जनभागीदारी का प्रतीक बनता जा रहा है। मंगलवार तक प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा भ्रमण कर विभिन्न लक्षित समूहों छात्र, शिक्षक, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संगठन, मीडिया एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान लोगों से प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य के रोडमैप पर सुझाव लिए गए। अब तक पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर करीब 60 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से 75 फीसदी से ज्यादा सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से मिले हैं। ग्रामीण जन से लेकर उद्यमियों तक सभी ने रखी राय बुलंदशहर के रिकेश कुमार ने कहा कि गांव में उद्योग और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि सरकार निजी साझेदारी (पीपीपी मॉडल) के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता दे, तो पलायन की समस्या खत्म हो सकती है। वहीं, शकील खान ने कहा कि राज्य को औद्योगिक शक्ति बनाने के लिए एमएसएमई को आसान ऋण, तकनीकी सहयोग और जिला-आधारित उद्योग पार्क की जरूरत है। निगार फातिमा ने निवेश आकर्षित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और महिला स्किल मिशन पर जोर दिया। सीमा कुमारी ने कढ़ाई, सिलाई और अगरबत्ती निर्माण जैसे कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। जोगिंदर सिंह ने कहा कि स्कूल स्तर से ही शिक्षा को व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाया जाए ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें। नागरिकों ने पर्यटन विकास पर जोर दिया अंकित गुप्ता ने मां बेला देवी धाम व शनिदेव मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों के विकास की बात की, डॉ. सुनील शाह ने बेल्हा देवी मंदिर के आसपास कॉरिडोर निर्माण का सुझाव दिया, जबकि रीता जायसवाल और रामेन्द्र त्रिपाठी ने पर्यटन स्थलों पर सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था और सांस्कृतिक पुनर्जीवन की जरूरत बताई। खेलो इंडिया और डिजिटल लाइब्रेरी के लिए सुझाव बलिया से गीता देवी ने खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों को स्थानीय स्तर पर विस्तार देने का सुझाव दिया, जबकि प्रदीप कुमार ने गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी और रोजगार सृजन केंद्र खोलने की मांग रखी। साफ-सुथरा प्रशासन, बेहतर कानून व्यवस्था पर जोर बरेली के राजकुमार सिंह ने भिखारियों व साधुओं की पहचान प्रणाली, फलदार वृक्षारोपण अनिवार्यता और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की बात कही। बस्ती की शाइस्ता फिरोज ने महिला सुरक्षा, स्किल मिशन, डीबीटी व्यवस्था और बाल विकास योजनाओं को सशक्त करने पर जोर दिया। गाजियाबाद के राजेश अग्निहोत्री ने साफ-सुथरा प्रशासन, बेहतर कानून व्यवस्था और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार की मांग की। युवाओं ने दिखाई सबसे अधिक भागीदारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 30 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवाओं ने दिए हैं, जबकि 26 लाख से अधिक सुझाव 31-60 वर्ष आयु वर्ग से और 3 लाख से अधिक सुझाव वरिष्ठ नागरिकों से प्राप्त हुए हैं। कृषि और शिक्षा सबसे बड़े फोकस सेक्टर विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि (16 लाख) और शिक्षा (15 लाख) सबसे आगे हैं। इसके अलावा ग्रामीण विकास (12 लाख), समाज कल्याण (5 लाख), स्वास्थ्य (4 लाख), पशुधन (3 लाख), इंडस्ट्री (2.5 लाख) और आईटी-टेक (2 लाख) से भी भारी संख्या में सुझाव मिले हैं। जनपदवार आंकड़ों में जौनपुर पहले, संभल दूसरे, गाजीपुर तीसरे, प्रतापगढ़ चौथे और बिजनौर पांचवें स्थान पर हैं। वहीं, इटावा, महोबा, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर और ललितपुर में सुझाव अपेक्षाकृत कम प्राप्त हुए हैं। जन-जागरूकता बैठकों से बढ़ा संवाद महाभियान के तहत राज्यभर में व्यापक जनसंवाद अभियान चलाया गया है। अब तक 214 नगर पालिकाओं, 18 नगर निगमों, 63 जिला पंचायतों, 556 नगर पंचायतों, 751 क्षेत्र पंचायतों और करीब 50 हजार ग्राम पंचायतों में बैठकों व गोष्ठियों का आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागों के बीच संवाद को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047' के अनुरूप प्राप्त सुझावों के आधार पर अब विजन डॉक्यूमेंट निर्माण प्रक्रिया जारी है। यह अभियान न केवल विकास का खाका तैयार कर रहा है, बल्कि साझा भागीदारी के माध्यम से जन-जन तक संवाद का सशक्त सेतु बनता जा रहा है।    

योगी सरकार के प्रयास से देव दीपावली से पहले काशी के घाटों पर संगीत, नृत्य और लोक कलाओं की सुनाई देगी गूंज

काशी गंगा महोत्सव में भजनों से भक्ति रस की सरिता बहाएंगे हंसराज रघुवंशी योगी सरकार के प्रयास से देव दीपावली से पहले काशी के घाटों पर संगीत, नृत्य और लोक कलाओं की सुनाई देगी गूंज नामो घाट व राजघाट पर देशभर के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देकर काशी की सांस्कृतिक परंपरा को बनाएंगे भव्य व समृद्ध लोक गायन से उत्तर भारत की लोक परंपराओं को जीवंत करेंगी पद्मश्री मालिनी अवस्थी, पद्मश्री गीता चन्द्रन देंगी भरतनाट्यम की प्रस्तुति -1 से 4 नवम्बर तक माँ जान्हवी के पावन तट पर होगा भव्य आयोजन, काशी गंगा महोत्सव बनेगा माध्यम -नमो घाट पर काशी सांसद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता के प्रमुख कलाकार भी देंगे विभिन्न प्रकार की प्रस्तुति वाराणसी  देव दीपावली से पहले काशी के घाटों पर संगीत, नृत्य व लोक कलाओं की संगीतमय सरिता बहेगी। माँ जान्हवी के पावन तट पर इस वर्ष गंगा महोत्सव का आयोजन 1 से 4 नवम्बर तक किया जाएगा। योगी सरकार के प्रयास से राजघाट पर देशभर के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देकर काशी की इस सांस्कृतिक परंपरा को और भव्य बनाएंगे जिनमें शास्त्रीय, भक्ति तथा लोक संगीत का अद्भुत संगम दिखाई देगा। इस महोत्सव में गायक हंसराज रघुवंशी अपने भजनों से श्रोताओं को भक्ति रस से ओत-प्रोत करेंगे। वहीं, पद्मश्री मालिनी अवस्थी अपने लोक गायन से उत्तर भारत की लोक परंपराओं को जीवंत करेंगी। पद्मश्री गीता चन्द्रन का भरतनाट्यम नृत्य भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेगा। वहीं, नमो घाट पर काशी सांसद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता के प्रमुख कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। कई मायनों में विशिष्ट होगा आयोजन संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने बताया कि चार दिवसीय इस उत्सव में गीत, संगीत, नृत्य और वादन की गंगा बहेगी। गंगा महोत्सव के मंच पर लोक और शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियां गूंजेंगी तो साथ ही पारंपरिक नृत्य शैलियों की झलक भी देखने को मिलेगी। महोत्सव में विशेष रूप से गायक हंसराज रघुवंशी आयोजन के अंतिम दिन अपने भजनों से श्रद्धा और भक्ति का भाव जगाएंगे। वहीं, पद्मश्री मालिनी अवस्थी 3 अक्टूबर को लोक गायन से काशी की धरती पर उत्तर भारत की लोक परंपराओं को सजीव करेंगी। इसके अतिरिक्त, 2 अक्टूबर को पद्मश्री गीता चंद्रन भरतनाट्यम की प्रस्तुति देंगी। गंगा महोत्सव के अंतर्गत होने वाली प्रस्तुतियां शाम 4 बजे से शुरू होंगी।  काशी गंगा महोत्सव ये प्रमुख कलाकार देंगे प्रस्तुति… प्रथम दिन, 1 नवंबर पं० माता प्रसाद मिश्र एवं पं० रविशंकर मिश्र–कथक युगल नृत्य कविता मोहन्ती–ओडिसी नृत्य विदुषी श्वेता दुबे–गायन विदुषी कमला शंकर–स्लाइड गिटार डॉ० रिपि मिश्र–शास्त्रीय गायन डॉ० दिवाकर कश्यप एवं डॉ० प्रभाकर कश्यप–उपशास्त्रीय गायन रवि शर्मा एवं समूह–ब्रज लोक नृत्य एवं संगीत पं० नवल किशोर मल्लिक–शास्त्रीय गायन दूसरा दिन, 2 नवंबर शिवानी शुक्ला–गायन प्रवीण उद्भव–तालयात्रा राजकुमार तिवारी उर्फ राजन तिवारी–गायन डॉ० अर्चना आदित्य महास्कर–गायन सवीर, साकार कलाकृति–पारम्परिक लोक नृत्य वन्दना मिश्रा–गायन प्रो० पं० साहित्य नाहर एवं डॉ० पं० संतोष नाहर–सितार एवं वायलिन जुगलबन्दी ओम प्रकाश–भजन गायन पद्मश्री गीता चन्द्रन–भरतनाट्यम तीसरा दिन 3 नवंबर मीना मिश्रा–गायन विशाल कृष्ण–कथक नृत्य दिव्या शर्मा–हिन्दुस्तानी खयाल गायकी  राकेश कुमार–जनजातीय लोक नृत्य  इन्दु गुप्ता–लोक गायन चेतन जोशी–बांसुरी वादन  विदुषी कविता द्विवेदी–ओडिसी नृत्य  पद्मश्री मालिनी अवस्थी–लोक गायन  चौथा दिन, 4 नवंबर डॉ० शुभांकर डे–गायन डॉ० प्रेम किशोर मिश्र एवं साथी-सितार, सरोद जुगलबन्दी व गायन राहुल रोहित मिश्र–शास्त्रीय गायन रूपन सरकार समन्ता–शास्त्रीय गायन वासुमती बद्रीनाथन–शास्त्रीय गायन शिवानी मिश्रा–कथक समूह नृत्य मानसी रघुवंशी–गायन हंसराज रघुवंशी–भजन गायन

इतिहास में नया अध्याय: राम मंदिर निर्माण हुआ पूरा, रामलला और अन्य भगवानों की भी प्रतिष्ठा

अयोध्या  पूरे विश्व में प्रभु राम के भक्तों में एक अलग ही उत्साह आज देखने को मिल रही है. अयोध्या में आखिरकार वह दिन आ गया. जब प्रभु राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है. राम मंदिर से जुड़ी एक बड़ी जानकारी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने साझा की है. चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में बनने वाला प्रभु राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है. इसके अलावा राम मंदिर के साथ ही परकोटे में बनाए जा रहे सभी मुख्य मंदिरों में, जिसमें भगवान शंकर, भगवान गणेश, हनुमान जी, सूर्य, भगवती माता, माता अन्नपूर्णा, शेषअवतार मंदिर पूर्ण रूप से तैयार कर लिया गया है. इन मंदिरों का हो चुका है निर्माण इस पर ध्वज दंड एवं कलश भी स्थापित कर दिया गया है. सप्त मंडप में जितने भी मंदिर हैं, जिसमें महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त, निषादराज, माता शबरी, माता अहिल्या के मंदिर भी पूर्ण हो चुके हैं. इसके अलावा संत तुलसीदास जटायु गिलहरी की प्रतिमा भी स्थापित कर दी गई है. दरअसल, अयोध्या में 25 नवंबर को ध्वजारोहण का कार्यक्रम होना है, जिसके मौके पर 10000 विशेष मेहमान और खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में मौजूद रहेंगे. 25 नवंबर की वह तारीख है, जब राम मंदिर से प्रधानमंत्री मोदी राम मंदिर की पूर्णता का संदेश देंगे तो विश्व में बैठे राम भक्त भी उत्साहित होंगे. दर्शनार्थियों से जुड़े सभी कार्य पूरे चंपत राय ने स्पष्ट किया कि दर्शनार्थियों की सुविधा और व्यवस्था से जुड़े सभी कार्य पूरे कर दिए गए हैं. वहीं मानचित्र अनुसार सड़कें और फर्श पर पत्थर लगाने का काम एलएंडटी (L&T) द्वारा किया जा रहा है. साथ ही भूमि सौंदर्यीकरण और हरियाली का कार्य जारी है. जबकि 10 एकड़ में पंचवटी का निर्माण GMR कंपनी द्वारा तेज़ी से किया जा रहा है. सिर्फ प्रशासनिक व तकनीकी कार्य शेष ट्रस्ट महासचिव ने बताया कि ऐसे कार्य ही शेष हैं, जिनका सीधा संबंध जनता से नहीं है. जिसमें 3.5 किलोमीटर लंबी परिसर की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल),ट्रस्ट कार्यालय भवन, अतिथि गृह, भव्य सभागार (ऑडिटोरियम) जैसे कार्य साल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.  

Chess Glory: जालंधर के नमितबीर वालिया की शानदार उपलब्धि, बढ़ाया पंजाब का मान

चंडीगढ़  पंजाब ने शतरंज की दुनिया में एक और बड़ी छलांग लगाई है। जालंधर के नमितबीर सिंह वालिया ने इंटरनेशनल मास्टर (आईएम) का खिताब हासिल कर राज्य के दूसरे खिलाड़ी के रूप में इतिहास रचा है। उन्होंने फ्रांस में आयोजित थर्ड एनेमास इंटरनेशनल मास्टर्स टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया और अपना अंतिम आईएम नॉर्म पूरा किया। उनके कोच कंवरजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि की जानकारी दी। यह सफलता पंजाब के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि यह सम्मान करीब चार साल बाद राज्य को मिला है। इससे पहले, जालंधर के ही दुश्यंत शर्मा ने 1 फरवरी 2022 को रूस के इंटरनेशनल मास्टर आर्तेम सादोव्स्की को हराकर पंजाब के पहले आईएम बनने का गौरव प्राप्त किया था। नमितबीर की यह उपलब्धि न सिर्फ जालंधर बल्कि पूरे पंजाब के लिए गर्व का क्षण है।

छत्तीसगढ़ के माओवादी नेता बंडी प्रकाश ने समर्पण किया, DGP के सामने हथियार सौंपे

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के माओवादी पार्टी के प्रमुख नेता बंदी प्रकाश ने तेलंगाना DGP के सामने सरेंडर कर दिया है। बंदी प्रकाश नक्सलियों के तेलंगाना स्टेट कमेटी का मेम्बर और स्पेशल जोनल कमेटी मेम्बर भी है। बंदी प्रकाश पर छत्तीसगढ़ में 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बंदी प्रकाश का नाम माओवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल है। बंदी प्रकाश उर्फ ​​प्रभात, अशोक, क्रांति मंचेरियल जिले के मंदामरी से हैं। प्रकाश के पिता सिंगरेनी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने 1982-84 के बीच "गाँव चलो" आंदोलन के माध्यम से रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन (आरएसयू) के लिए संघर्ष किया। इसके बाद वे माओवादी पार्टी से संबद्ध सिंगरेनी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष बने और वहाँ से राज्य समिति के सदस्य बने। छात्र नेता से बना माओवादी नेता संगठन में ‘प्रभात’, ‘अशोक’ और ‘क्रांति’ जैसे नामों से पहचाने जाने वाला बंडी प्रकाश तेलंगाना के मंचेरियल जिले के मंदामरी क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पिता सिंगरेनी कोलियरी में कर्मचारी हैं। छात्र जीवन में ही वह वामपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ और 1982–84 के बीच हुए गांव चलो आंदोलन के दौरान रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन से जुड़ गया। इसके बाद सिंगरेनी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष के रूप में काम किया और धीरे-धीरे संगठन की ऊंची कमेटियों तक पहुंच गया। हाल के महीनों में माओवादियों पर बढ़ते दबाव और शीर्ष नेताओं के मारे जाने व मुख्यधारा में लौटने के बाद उसने भी मुख्यधारा का रास्ता चुन लिया। यहां बता दें कि कुछ दिन पहले पोलित ब्यूरो सदस्य एवं केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो प्रमुख भूपति और केंद्रीय समिति सदस्य रूपेश उर्फ सतीश के नेतृत्व में 271 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसके एक दिन बाद कांकेर क्षेत्र में 20 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। बताया जा रहा है कि बंडी प्रकाश के आत्मसमर्पण से दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी इकाई की गतिविधियों पर असर पड़ना तय है। इससे पहले भूपति की पत्नी तारक्का, उसकी भाभी सुजाता, और माओवादी नेता सुधाकर की पत्नी ककराला सुनीता भी आत्मसमर्पण कर चुकी हैं। लगातार आत्मसमर्पण की यह श्रृंखला माओवादी संगठन में तेजी से घटते मनोबल और आंतरिक असंतोष की ओर संकेत करती है। सुरक्षाबलों के ऑपरेशन से नक्सलियों में दहशत ज्ञात हो कि, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हाल ही में पुलिस शहीद दिवस के अवसर पर माओवादियों से आत्मसमर्पण करने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि कुछ माओवादी पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके हैं और बाकी भी जन-जीवन में शामिल होकर देश के विकास का हिस्सा बनना चाहते हैं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय के तत्वावधान में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कगार के प्रभाव से पार्टी के प्रमुख सदस्य एक के बाद एक अपनी सेना के साथ आत्मसमर्पण कर रहे हैं। पिछले 45 वर्षों से नक्सल संगठन में थे सक्रिय बंदी प्रकाश माओवादी पार्टी में राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण संगठनकर्ता हैं। पिछले 45 वर्षों से विभिन्न स्तरों पर काम कर रहे उनके आत्मसमर्पण को पार्टी के लिए एक बड़ा झटका कहा जा सकता है।

दिनदहाड़े पंजाबी बिजनेसमैन की हत्या से दहशत, फिरौती कॉल से खुल रहा है मर्डर कनेक्शन

लुधियाना  लुधियाना जिले के दोराहा के पास राजगढ़ गांव के मूल निवासी और कनाडा में बसे 68 वर्षीय पंजाबी मूल के कारोबारी दर्शन सिंह साहसी की कनाडा के एबॉट्सफोर्ड शहर में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में यह मामला फिरौती कॉल से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, साहसी सोमवार सुबह रिजव्यू ड्राइव क्षेत्र स्थित अपने घर से कार में बैठकर मैपल रिज स्थित अपने ऑफिस जा रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दर्शन सिंह साहसी कपड़ा रीसाइक्लिंग उद्योग में एक बड़ा नाम थे और उनका कारोबार कनाडा से लेकर भारत तक फैला हुआ था। उनके मैपल रिज स्थित फैक्ट्री में दर्जनों कर्मचारी कार्यरत थे। सामाजिक कार्यों में सक्रिय साहसी धार्मिक संस्थाओं और परोपकारी अभियानों से भी जुड़े थे और स्थानीय समुदाय में उन्हें एक ‘गुड समेरिटन’ के रूप में जाना जाता था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि साहसी को कुछ समय पहले अज्ञात नंबरों से फिरौती कॉल्स आई थीं, जिन्हें उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उनकी हत्या इन्हीं धमकियों से जुड़ी थी। कनाडाई प्रशासन ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है।

चार दिवसीय छठ पर्व का समापन: श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी सुख-समृद्धि की कामना

पिहोवा  आस्था, श्रद्धा और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा का आज भव्य समापन हुआ। मंगलवार तड़के पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय व्रत विधिवत रूप से संपन्न हो गया। सुबह करीब चार बजे से ही श्रद्धालु सरस्वती सरोवर की ओर बढ़ने लगे। कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए तट तक पहुंचे। महिलाओं ने सरस्वती सरोवर में पवित्र स्नान कर दीपदान किया और जल में खड़े होकर सूर्य नारायण की आराधना की। इस दौरान सरस्वती तट पर जलते हजारों दीपों की लौ से दृश्य अत्यंत मनोहारी हो उठा।   पूरे क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों की गूंज रही, वहीं नन्हे बच्चों ने नृत्य कर मां छठी के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त की। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक गीतों के साथ सूर्यदेव से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सरपंच विकल चौबे ने बताया कि उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व संपन्न हुआ। पूजा के उपरांत श्रद्धालु घर लौटकर मां छठी का प्रसाद — फल, मिठाई और ठेकुआ अपने परिजनों व पड़ोसियों में वितरित करेंगे। सरस्वती तीर्थ का पूरा परिसर दीपों, गीतों और श्रद्धा की रोशनी से आलोकित हो उठा — जो आस्था, शुद्धता और सूर्योपासना का प्रतीक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।

बच्चों की पढ़ाई अब किताबों के ज्ञान के साथ प्रयोगशाला और जीवन से जुड़ेगी

'लर्निंग बाय डूइंग' को नई उड़ान दे रही योगी सरकार, 3288 विज्ञान-गणित शिक्षक बनेंगे कौशल शिक्षक बच्चों की पढ़ाई अब किताबों के ज्ञान के साथ प्रयोगशाला और जीवन से जुड़ेगी ‘लर्निंग बाय डूइंग’ से बदलेंगे कक्षाओं के रंग' बुनियादी शिक्षा में नवाचार की पाठशाला होगी शुरू  3 नवंबर से शुरू होगा नव चयनित 3288 अध्यापकों का महाकैंप दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ में 03 नवम्बर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक तथा उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ में 16 फरवरी से 18 मार्च तक चलेगा प्रशिक्षण अब स्कूल शिक्षक तैयार करेंगे जिज्ञासा और कौशल-आधारित कक्षाएं, निखरे नौनिहाल गढ़ेंगे भारत का भविष्य  बच्चों को समझने और खोजने की शिक्षा देना है लक्ष्य: संदीप सिंह लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बुनियादी शिक्षा को प्रयोगधर्मी, कौशल-आधारित और भविष्य-केंद्रित बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। बच्चों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर ‘सीखो करके’ (Learning by Doing) की संस्कृति विकसित करने के लिए सरकार शिक्षण पद्धति में व्यापक नवाचार लागू कर रही है। इसी के तहत प्रदेश के 3288 चयनित परिषदीय विद्यालयों और डायट संस्थानों में एलबीडी मॉडल को प्रभावी रूप से लागू करने की विस्तृत कार्ययोजना पर मिशन मोड में काम जारी है। योगी सरकार अब 3 नवंबर 2025 से दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ में 1888 अध्यापकों तथा उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ में 16 फरवरी से 18 मार्च तक 1400 (कुल 3288) विज्ञान एवं गणित अध्यापकों के त्रिदिवसीय कौशल आधारित ट्रेनर्स प्रशिक्षण महाकैंप की शुरुआत करने जा रही है। यह आवासीय प्रशिक्षण इस अवधि में कुल 66 बैचों में पूरा होगा। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे कौशल युक्त शिक्षक तैयार करना है, जो आगे विद्यालय स्तर पर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को प्रयोगशाला, प्रोजेक्ट, मॉडल, गतिविधि और वास्तविक जीवन अनुभवों से जोड़कर पढ़ाएंगे।  बच्चों को 'समझने, परखने और खोजने' की शिक्षा देना है लक्ष्य:  बेसिक शिक्षा मंत्री बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के कक्षाकक्ष ऐसे हों, जहाँ 'याद करने' की जगह 'समझने, परखने और खोजने' पर ज़ोर हो। यह पहल NEP-2020 के मूल दर्शन और भविष्य की स्किल-इकोनॉमी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग और नवाचार-प्रधान भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप भी है। बच्चों को निष्क्रिय श्रोता से सक्रिय शिक्षार्थी में बदलता 'लर्निंग बाय डूइंग' शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो जब एक बच्चा स्वयं प्रयोग करता है, वस्तुओं से खेलते-खेलते सीखता है, प्रश्न पूछता है और समाधान खोजता है; तब उसकी जिज्ञासा, तार्किक सोच, वैज्ञानिक दृष्टि, अभिव्यक्ति और समस्या-समाधान क्षमता अत्यधिक तीव्र होती है। यही 'लर्निंग बाय डूइंग' की सबसे बड़ी शक्ति है। यह बच्चों को निष्क्रिय श्रोता से सक्रिय शिक्षार्थी में बदलता भी है। बुनियादी शिक्षा में नई संस्कृति विकसित करने का है प्रयास इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को बुनियादी शिक्षा में एक नई संस्कृति विकसित करने का प्रयास माना जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा की एक नई संस्कृति विकसित होगी, जहाँ विद्यालय ज्ञान देने के केंद्र के साथ अनुभवों की प्रयोगशाला बनकर उभरेंगे। यह प्रयास आने वाली पीढ़ी को अधिक सक्षम, आत्मविश्वासी और रचनात्मक बनाकर नए भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका को मजबूत करेगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने कहा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का कहना है कि हमारा प्रयास है कि बच्चे, निःसंकोच रूप से प्रश्न पूछें, विद्यालयों की प्रयोगशालाएं जीवंत हों, वे मॉडल बनें और अध्यापक, हर कक्षा के विद्यार्थी में सोचने की ताकत जगाने का माध्यम बनें। यही भविष्य के उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था की नई पहचान होगी।

लखनऊ में मुख्यमंत्री ने किया चरण सुहावे गुरु चरण (जोड़े साहिब) यात्रा का स्वागत

गुरु परंपरा ने भारत को दिया त्याग और बलिदान का संदेश- सीएम योगी  लखनऊ में मुख्यमंत्री ने किया चरण सुहावे गुरु चरण (जोड़े साहिब) यात्रा का स्वागत  जहां गुरु के चरण पड़ते हैं, वह स्थान रामराज्य की तरह पवित्र बन जाता है- सीएम योगी   यह यात्रा हमें उस गौरवशाली गुरु परंपरा से जोड़ती है, जिसने भारत की संस्कृति, साहस और बलिदान की भावना को नई दिशा दी- सीएम योगी सिख गुरुओं का भारत की सनातन परंपरा में योगदान अविस्मरणीय है- मुख्यमंत्री – यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है- मुख्यमंत्री लखनऊ  सिख समुदाय की आस्था का प्रतीक 'चरण सुहावे गुरु चरण  यात्रा' के पवित्र जोड़ा साहिब का लखनऊ में भव्य स्वागत हुआ। यह यात्रा सिख समुदाय के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी और माता साहिब कौर के पवित्र जोड़ा साहिब से जुड़ी है, जो सिख आस्था का अत्यंत पवित्र प्रतीक मानी जाती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। लखनऊ के यहियागंज गुरुद्वारे में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवाणी सुनी और यात्रा सदस्यों को पटुका पहनाकर सम्मानित किया। गुरुद्वारा कमेटी ने सीएम योगी को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी परंपरा में यह कहा गया है, ‘जिथे जाए बहे मेरा सतगुरु, सो थान सुहावा राम राजे।’ अर्थात जहां भी गुरु महाराज के पावन चरण पड़ते हैं, वह स्थान रामराज्य की तरह पवित्र और पुण्यभूमि बन जाता है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा हमें उस गौरवशाली गुरु परंपरा से जोड़ती है, जिसने भारत की संस्कृति, साहस और बलिदान की भावना को नई दिशा दी। यह त्याग, बलिदान और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा देने वाली यात्रा है- सीएम सीएम योगी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर शुरू हुई है। यह केवल श्रद्धा की यात्रा नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा देने वाली यात्रा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं का भारत की सनातन परंपरा में योगदान अविस्मरणीय है। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और उनके चार साहिबजादों ने जिस प्रकार धर्म, देश और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, वह भारत के इतिहास को नई प्रेरणा देता है। यहियागंज गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ढाई सौ वर्षों से गुरु महाराज के पावन चरण पादुकाएं, जो पहले अखंड भारत के हिस्से पाकिस्तान में थीं, अब पटना साहिब में स्थापित की जा रही हैं। दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा पूरे देश में गुरु परंपरा के प्रति सम्मान और गौरव का भाव जगाती जा रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ का यहियागंज गुरुद्वारा इसलिए भी विशेष है क्योंकि गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की स्मृतियां इस स्थान से जुड़ी हैं। यह गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने सिख समुदाय के प्रति आदर व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज की यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस “गुरु चरण यात्रा” को राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक जागरण के संदेश के रूप में आगे बढ़ाएं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, यूपी कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परबिंदर सिंह के अलावा गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी व कई जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

बहन है मेरी…’ कहकर रेस्टोरेंट में हंगामा करने वाले पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई, कटिहार में मचा हड़कंप

कटिहार  बिहार का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. साथ ही वीडियो ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर भी प्रश्न खड़े कर दिए हैं. दरअसल कटिहार जिले के बारसोई रास चौक स्थित BR-11 रेस्टोरेंट में भाई-बहन खाने के लिए गए थे. इस दौरान बारसोई थानाध्यक्ष वहां पहुंच गए और वर्दी की धौंस दिखाते हुए बहुत ही गलत तरीके से युवक से पूछा कि ये कौन है? इस पर युवक ने कहा कि मेरी बहन है.  युवक का जवाब सुनकर थानाध्यक्ष और गुस्से में आ गए और कहने लगे कि बहन है तो ऐसे बोलेगा. इस पर लड़के ने कहा कि आप खुद गलत तरीके से पूछ रहे हैं. इस दौरान साथ मौजूद दूसरे भाई से भी पुलिस की बहस हो गई. जिसके बाद थानाध्यक्ष ने कहा है कि मेरा काम पूछना है, ज्यादा गर्मी मत दिखाओ. इस पर युवक ने कहा कि गर्मी आप दिखा रहे हैं, हम तो आपके पूछने पर जवाब दे रहे हैं. फिलहाल थानाध्यक्ष के इस अड़ियाल बर्ताव की वजह से रेस्टोरेंट में बैठे लोग भी डर गए. कुछ देर बाद वहां से थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ चले गए. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि थानाध्यक्ष के साथ कई महिला पुलिसकर्मी और अन्य पुलिसवाले भी मौजूद हैं. वहीं मामला संज्ञान में आने के बाद थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही इस मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक,(मुख्यालय) कटिहार द्वारा कराई जा रही है. असामाजिक तत्वों के बैठने की सूचना पर पहुंचे थे थानाध्यक्ष थानाध्यक्ष को जानकारी मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्व रेस्टोरेंट में बैठे हैं. जिसके बाद वह फोर्स के साथ पहुंचे गए. इस दौरान होटल में बैठे एक-एक लोगों से पूछताछ करने लगे.  वीडियो पर पुलिस विभाग ने क्या कहा  पुलिस उपाधीक्षक,(मुख्यालय) कटिहार द्वारा जारी की गई रिलीज में कहा गया है कि 24 अक्टूबर को हुए मामले को लेकर थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया है. जांच के क्रम में यह पाया गया कि थानाध्यक्ष बारसोई द्वारा रेस्टोरेंट में बैठे व्यक्यिों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है. जो की उनके कर्तव्यहीनता, मनमानोपण को दर्शाता है. उनके इस व्यवहार से पुलिस की छवी भी धूमिल हो रही है. मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.