samacharsecretary.com

योगी सरकार का दीपोत्सव बना कला और संस्कृति का उत्सव

अयोध्या दीपोत्सव 2025:अयोध्या राम की पैड़ी पर बनेगी 80 हजार दीयों से सजी रंगोली योगी सरकार का दीपोत्सव बना कला और संस्कृति का उत्सव  दीपों से सजे रंग और श्रद्धा के स्वर, राम की पैड़ी पर बनेगी जीवंत रंगोली – कलश, स्वास्तिक और कमल पुष्प की आकृतियों से सजेगी रामनगरी की धरती – हर दीया हमारी आस्था का प्रतीक है” कलाकार सरिता द्विवेदी अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस बार का नवम दीपोत्सव-2025 अयोध्या को नई सांस्कृतिक ऊँचाइयों पर ले जाने वाला है। रामनगरी न केवल लाखों दीपों की रोशनी में नहाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की लोक कला, परंपरा और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम भी प्रस्तुत करेगी। इस वर्ष राम की पैड़ी का दृश्य सबसे अलग होगा। यहां 80 हजार दीयों से सजाई जा रही रंगोली अद्भुत दृश्य पेश करेगी, जो भक्तिभाव, सौंदर्य और कला की गहराई को एक साथ दर्शाएगी। लोककला की नई परिभाषा 80 हजार दीपों से बनेगी जीवंत रंगोली अयोध्या दीपोत्सव के इतिहास में पहली बार राम की पैड़ी पर इतनी बड़ी दीप-रंगोली बनाई जा रही है।  यह पारंपरिक चौक पूरने की कला पर आधारित है, जिसमें मिट्टी के दीयों, रंगों और फूलों का संयोजन किया जा रहा है। इस अद्वितीय रंगोली में लगभग 80 हजार दीपों को इस प्रकार सजाया जाएगा कि ऊपर से देखने पर यह ईश्वर आमंत्रण के प्रतीकात्मक रूप में नजर आएगी मानो खुद श्रीराम के आगमन के स्वागत में धरती सजी हो। कलश, स्वस्तिक और कमल फूल की रूपरेखा में झलकेगी श्रद्धा रंगोली की डिज़ाइन में कलश, स्वास्तिक और कमल पुष्प जैसे पारंपरिक प्रतीकों का समावेश किया गया है।कलश समृद्धि और मंगल का प्रतीक है, स्वास्तिक शुभता और सकारात्मकता का संकेत देता है,और कमल पुष्प भक्ति, पवित्रता और श्रीराम के दिव्य जीवन का प्रतीक माना गया है। इन प्रतीकों को रंगों और दीपों से इस तरह गूंथा जा रहा है कि प्रत्येक रेखा और हर दीया एक कथा कहेगा श्रद्धा, सौंदर्य और संस्कृति की। चौक पूरने की परंपरा जब ईश्वर को आमंत्रित किया जाता है लोक संस्कृति में “चौक पूरना” वह शुभ क्षण होता है जब किसी देवता को आमंत्रित किया जाता है। यह कला न केवल सजावट का माध्यम है, बल्कि यह उस संवाद का प्रतीक भी है जो मनुष्य और ईश्वर के बीच होता है। राम की पैड़ी पर यह चौक पूरने की शैली एक भव्य और जीवंत रूप में प्रस्तुत होगी रंगों से सजी, दीपों से जगमगाती और भक्ति की ऊर्जा से ओतप्रोत। अवध विश्वविद्यालय की 50 छात्राओं की रचनात्मक टीम इस अनूठी दीप-रंगोली को तैयार कर रही है डाॅ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की कला विभाग की टीम। 50 छात्राओं ने मिलकर इस रंगोली को डिजाइन और तैयार किया है। हर छात्रा अपने हिस्से की दीया सज्जा, रंग भराई और पैटर्न बनाने में पूरी निष्ठा से लगी हुई है।  रंगोली की प्रमुख संयोजक और कला विभाग की प्रतिभाशाली कलाकार डॉ सरिता द्विवेदी ने बताया राम की पैड़ी पर बनाई जा रही यह रंगोली हमारे लिए केवल एक कला नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है। हर रंग, हर दीया, हर आकृति में हमने अपनी भावना और श्रद्धा उड़ेल दी है। जब इतने सारे दीप एक साथ प्रज्वलित होंगे, तो वह दृश्य सिर्फ प्रकाश नहीं बिखेरेगा, बल्कि यह पूरी अयोध्या की आत्मा को प्रकाशित करेगा। रंगों, मिट्टी और दीपों का त्रिवेणी संगम रंगोली बनाने में पारंपरिक गेरू, चावल के आटे, प्राकृतिक रंग और मिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है ताकि इसकी मौलिकता और पारंपरिक सौंदर्य बना रहे। दीपों को सजाने के लिए मिट्टी के स्थानिक कारीगरों की भी मदद ली गई है। हर हिस्से को इस तरह जोड़ा गया है कि जब सूर्य अस्त होगा और दीप प्रज्वलित होंगे, तब पूरी रंगोली एक दिव्य छवि में परिवर्तित हो जाएगी, मानो धरती पर देवताओं ने स्वयं दीप जला दिए हों। योगी सरकार की पहल से अयोध्या बनी कला की राजधानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से दीपोत्सव केवल एक धार्मिक पर्व नहीं रहा, बल्कि यह कला, संस्कृति और नवाचार का उत्सव बन चुका है। इस वर्ष अयोध्या का दीपोत्सव भारतीय लोक कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का माध्यम बन रहा है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है दीपोत्सव केवल दीपों का नहीं, बल्कि अयोध्या की आत्मा को जगमगाने का पर्व है। जब हर दीया बोलेगा जय श्रीराम राम की पैड़ी पर 80 हजार दीपों से सजी यह रंगोली जब दीपोत्सव की रात चमकेगी, तो उसका दृश्य ऐसा होगा मानो धरती पर सितारे उतर आए हों। अयोध्या के हर कोने में तब एक ही स्वर गूंजेगा “जय श्रीराम!”और उस क्षण यह रंगोली केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि भक्ति और भारतीयता की जीवंत तस्वीर बन जाएगी।

योगी सरकार दे रही अयोध्या को नया स्वरूप, रामायण थीम पर बन रहे 20 सेल्फी प्वाइंट

अयोध्या दीपोत्सव 2025: रामायण के अध्यायों पर आधारित कलात्मक नज़ारे श्रद्धालुओं को करेंगे आकर्षित  योगी सरकार दे रही अयोध्या को नया स्वरूप, रामायण थीम पर बन रहे 20 सेल्फी प्वाइंट दीपोत्सव 2025 में धर्मपथ, लता चौक और राम की पैड़ी पर दिखेगी कला और आस्था की झलक  रामायण के अध्यायों से सजे सेल्फी प्वाइंट, धनुष आकार में उकेरी जा रही अनोखी कलाकृतियाँ – श्रद्धालु ले जाएंगे दीपोत्सव की यादें, श्रीराम और हनुमान के दृश्यों के संग खिंचेंगी तस्वीरें अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि दीपोत्सव 2025 केवल प्रकाश पर्व न होकर, श्रद्धा, संस्कृति और डिजिटल अनुभव का ऐसा संगम बने जो विश्व को अयोध्या की नई पहचान दे। इसी कड़ी में अयोध्या धाम को और भव्य स्वरूप देने के लिए 20 विशेष “सेल्फी प्वाइंट” तैयार किए जा रहे हैं। ये सेल्फी प्वाइंट रामायण के विभिन्न अध्यायों पर आधारित होंगे और धर्मपथ, लता चौक, राम की पैड़ी तथा रामकथा पार्क सहित प्रमुख स्थलों पर स्थापित किए जा रहे हैं। रामायण के इन 20 प्रसंगों के आधार बनें हैं सेल्फी प्वाइंट हर सेल्फी प्वाइंट की थीम रामायण के किसी खास प्रसंग से जुड़ी होगी। इनमें सुमेरु पर्वत को लेकर उड़ते हुए हनुमान जी, भगवान श्रीराम को वर्षा से बचाने के लिए केले के पत्ते के नीचे खड़े हनुमान, श्रीराम और लक्ष्मण को कंधे पर लेकर उड़ते हनुमान, जटायु से वार्तालाप करते प्रभु श्रीराम, अशोक वाटिका में मां सीता से भेंट करते हनुमान, रावण वध का दृश्य, भगवान राम और माता सीता से मिलते केवट, रावण पर बाण चलाते श्रीराम, लंका दहन करते हनुमान, अग्नि परीक्षा देती मां सीता जैसे भावनात्मक व प्रेरक दृश्य शामिल हैं। इन संरचनाओं को विशेष रूप से धनुष के आकार में कार्विंग किया जा रहा है, जो अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और प्रभु श्रीराम के प्रतीक को जीवंत करेगा।श्रद्धालु इन सुंदर सेल्फी प्वाइंट्स के साथ तस्वीरें लेकर दीपोत्सव की स्मृति को हमेशा के लिए सहेज सकेंगे। अयोध्या को मिलेगी नई पहचान उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा चयनित कार्यदायी संस्था सार्क मीडिया इन सेल्फी प्वाइंट्स का निर्माण कर रही है। संस्था के संचालक सौरभ कुमार सिंह ने बताया,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि आधुनिक कला और आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बन रही है। ये 20 सेल्फी प्वाइंट श्रद्धालुओं को ‘रामायण अनुभव’ से जोड़ने का माध्यम बनेंगे। हमारा उद्देश्य है कि हर आगंतुक अपने कैमरे में अयोध्या की अनोखी सांस्कृतिक झलक कैद कर सके। डिजिटल युग में श्रद्धा और संस्कृति का संगम अयोध्या दीपोत्सव 2025 में इन थीमैटिक इंस्टॉलेशनों के माध्यम से डिजिटल आकर्षण और पारंपरिक भक्ति का मेल देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ये सेल्फी प्वाइंट ‘रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में देखने और अनुभव करने’ का अद्भुत अवसर प्रदान करेंगे।दीपोत्सव के दौरान जब धर्मपथ, राम की पैड़ी और लता चौक रोशनी से नहाएंगे, तब इन कलात्मक पृष्ठभूमियों के साथ ली गई तस्वीरें अयोध्या की भव्यता की गवाही देंगी और यही योगी सरकार की उस दृष्टि का हिस्सा है, जिसमें अयोध्या न केवल विश्वास का, बल्कि संस्कृति और कला का भी वैश्विक केंद्र बने।

सीएम योगी के मिशन विकसित उत्तर प्रदेश यूपी के दुबई प्रवासियों को मिला जनसमर्थन

यूपी के दुबई प्रवासियों ने विकसित उत्तर प्रदेश मिशन में लिया डिजिटल संकल्प सीएम योगी के मिशन विकसित उत्तर प्रदेश यूपी के दुबई प्रवासियों को मिला जनसमर्थन  शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और फिल्म उद्योग से जुड़े सुझाव साझा किए गए प्रवासियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव प्रदेश सरकार को भेजे डिजिटल माध्यम से विचार साझा करने का मंच प्रदान कर प्रदेश के विकास में प्रवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई दुबई/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन “विकसित उत्तर प्रदेश” के समर्थन में दुबई के यूपी प्रवासियों ने डिजिटल माध्यम से अपने अनुभव और सुझाव साझा कर प्रदेश के विकास के लिए नया संकल्प लिया। इंडिया क्लब के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों ने शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और फिल्म क्षेत्र सहित प्रदेश के हर विकास पहलू पर विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर यूपीडीएफ और यूपी कनेक्ट दुबई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय उद्योगों और आधुनिक विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रवासियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव प्रदेश सरकार को भेजे। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रवासी भारतीयों ने प्रदेश को उत्तम और आत्मनिर्भर बनाने के अपने अनुभवों और रणनीतिक सुझावों से इसे और प्रभावशाली बनाया। डिजिटल माध्यम से विचार और सुझाव दुबई स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीईओ डॉ. निलय राजन ने काव्य पाठ के माध्यम से विचार साझा किए। इसके अतिरिक्त उद्योगपति अमित वर्धन, अनीता सचान, आशुतोष श्रीवास्तव, इमरान, उपेन्द्र चतुर्वेदी, मनोज चतुर्वेदी, संस्कृति, देवा सोलंकी, मनोरमा चतुर्वेदी, राजेश कोषाध्यक्ष, अमित चतुर्वेदी ने प्रदेश के विकास पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। प्रवासी भारतीयों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, काशी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा विधायक और मंत्री रवीन्द्र जायसवाल के समाज परक और विकासोन्मुख प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस डिजिटल माध्यम को प्रदेश के विकास में एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करने वाला बताया। प्रवासी भारतीयों ने साझा किए सुझाव कार्यक्रम के संचालक और महासचिव डा. साहित्य चतुर्वेदी ने बताया कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, यमुना और गंगा की शोभा, मथुरा के पेड़े, हाथरस के मसाले, कन्नौज के इत्र, कानपुर के उद्योग, बनारस की साड़ियां, आगरे की दालमौठ सहित प्रदेश के पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति, फिल्म और उद्योग क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों सुझाव एकत्रित किए गए। यूपी डायस्पोरा की इस पहल का निर्देशन यूपीडीएफ के चेयरमैन एवं अर्थशास्त्री पंकज जायसवाल ने किया। प्रवासियों की ओर से सुझाव आमंत्रित करने का स्वागत संस्था के अध्यक्ष डा. राजेश अग्रवाल ने किया। सभा का संचालन सिंधी समाज के अध्यक्ष चंद्र शेखर भाटिया ने किया। सभा की अध्यक्षता के लिए शिक्षाविद डा. कुशनाथ चतुर्वेदी को आमंत्रित किया गया। उन्हें और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से नवाजा गया।

छत्तीसगढ़: BMO रिश्वत लेते गिरफ्तार, एसीबी की बड़ी कार्रवाई

रायपुर एसीबी की टीम ने आज सक्ती जिले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) राजेंद्र कुमार पटेल को अपने ही कार्यालय के बाबू से 15000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. यह कार्रवाई बीएमओ कार्यालय डभरा के बाबू की शिकायत पर की गई. एसीबी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. एसीबी इकाई बिलासपुर की टीम ने पिछले डेढ़ साल में 35 ट्रैप की कार्रवाई है। 6 अक्टूबर 2025 को वार्ड नंबर 12 डभरा, जिला सक्ती निवासी उमेश कुमार चंद्रा बीएमओ कार्यालय डभरा में बाबू के पद पर पदस्थ है. उन्होंने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत की थी कि उसकी यात्रा भत्ता बिल की राशि 81000 रुपए का भुगतान पूर्व में हो चुका है. राशि भुगतान होने के एवज में डभरा के बीएमओ राजेंद्र कुमार पटेल ने उससे 32500 रुपए रिश्वत की मांग की. बीएमओ 16500 रुपए ले लिए हैं. 16000 रुपए की और मांग की जा रही है, जिसे वह बीएमओ को नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है. जांच में शिकायत सही पाई गई. इसके बाद एसीबी ने बीएमओ को रिश्वत लेते पकड़ने का जाल बिछाया. मोलभाव पर आरोपी ने 15000 रुपए लेने सहमति दी, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई. आज प्रार्थी को रिश्वती रकम 15000 रुपए आरोपी को देने के लिए भेजा गया. बीएमओ राजेंद्र कुमार पटेल डभरा स्थित अपने कार्यालय में प्रार्थी से 15000 रुपए रिश्वत ले रहा था, इस दौरान एसीबी की टीम ने बीएमओ को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा और रिश्वत रकम को आरोपी से बरामद किया. अचानक हुई कार्रवाई से आसपास हड़कंप मच गया. पकड़े गए आरोपी से रिश्वत की रकम 15 हजार रुपए जब्त कर एसीबी की टीम रिश्वतखोर बीएमओ के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई कर रही है. एसीबी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पूर्व 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से वितरित की छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहेगा प्रदेश का कोई भी छात्रः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पूर्व 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से वितरित की छात्रवृत्ति छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के तहत ₹300 करोड़ से ज्यादा की धनराशि सीधे छात्रों के खातों में भेजी गई प्रधानमंत्री जी के कथन“पारदर्शिता ही सुशासन की पहचान है”को डीबीटी प्रणाली के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहाः सीएम अब दो चरणों में दी जा रही छात्रवृत्ति, 2016-17 में 8.64 लाख से बढ़कर अब 62 लाख छात्र-छात्राएं पा रहे हैं लाभः मुख्यमंत्री 4.27 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को अब तक मिला है छात्रवृत्ति का लाभः योगी आदित्यनाथ बाबा साहब ने कहा था- पढ़-लिखकर ही स्वावलंबी बन सकते हैं, हमारा भी संकल्प है कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहेः सीएम योगी   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के ठीक पूर्व प्रदेश के छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात देते हुए दशमोत्तर एवं पूर्वदशम छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत एक साथ 10 लाख 28 हजार 205 विद्यार्थियों को ₹300 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में प्रेषित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आने देने के संकल्प के साथ आयोजित किया गया है। यह डबल इंजन सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे शिक्षा-सशक्तिकरण अभियान की एक नई कड़ी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी विजयादशमी के अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई थी। पहले छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में भेदभाव, विलंब और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं आम थीं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में टेक्नोलॉजी आधारित डीबीटी प्रणाली लागू होने से अब पात्र छात्रों के खाते में राशि सीधे पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब छात्रवृत्ति वर्ष में एक बार नहीं बल्कि दो चरणों में (अक्टूबर और जनवरी में) दी जाएगी, ताकि छात्रों को समय पर सहायता मिले। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 तक जहां केवल 8.64 लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति से लाभान्वित होते थे, वहीं अब यह संख्या 62 लाख तक पहुंच गई है। विभिन्न वर्गों के छात्रों को मिली छात्रवृत्ति मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 3 लाख 56 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ₹114 करोड़ 92 लाख, सामान्य वर्ग के 97 हजार से अधिक छात्रों को ₹29 करोड़ 18 लाख, अन्य पिछड़ा वर्ग के 4 लाख 83 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ₹126 करोड़ 69 लाख और अल्पसंख्यक वर्ग के 90 हजार 758 विद्यार्थियों को ₹27 करोड़ 16 लाख की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा एकदम स्पष्ट है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी जी कहते हैं,“पारदर्शिता ही सुशासन की पहचान है।”डीबीटी प्रणाली इसी पारदर्शिता का सशक्त उदाहरण है। पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। गत वर्ष जिन विद्यार्थियों को संस्थानों की लापरवाही या पोर्टल की त्रुटियों के कारण छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी, उनके लिए पोर्टल को पुनः सक्रिय किया गया है। जैसे ही डेटा एंट्री पूरी होगी, एक विशेष समारोह में उन्हें भी डीबीटी के माध्यम से राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, हर छात्र अपने सपनों की उड़ान भर सके। शिक्षा ही स्वावलंबन का मार्ग मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि “पढ़-लिखकर ही हम स्वावलंबी बन सकते हैं और समाज के लिए कुछ कर सकते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी बाबा साहब ने शिक्षा के बल पर अपनी राह बनाई। आज हमारे पास संसाधनों की कमी नहीं, आवश्यकता है मेहनत, अनुशासन और लगन की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पुस्तकालयों की ओर रुझान बढ़ाएं, नियमित रूप से विद्यालय जाएं, नवाचार के प्रति जिज्ञासा रखें और समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। 4 करोड़ 27 लाख विद्यार्थियों को अब तक लाभ मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में 4 करोड़ 27 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है। 2016-17 से पहले की सरकारों ने अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी थी, लेकिन हमारी सरकार ने न केवल वह राशि जारी की बल्कि दो वर्षों की छात्रवृत्ति एक साथ दी। उन्होंने कहा कि हमारा स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी विद्यार्थी के साथ भेदभाव नहीं होगा। ईमानदारी, पारदर्शिता और समान अवसर हमारी सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा-सशक्तिकरण की नई पहलें मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में शिक्षा-सशक्तिकरण के लिए कई नई पहलें की गई हैं। अटल आवासीय विद्यालय के माध्यम से सभी 18 कमिश्नरी में विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां श्रमिक परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा मिल रही है। आश्रम पद्धति विद्यालय के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालय के माध्यम से गरीब और वंचित वर्ग की बालिकाओं को इंटरमीडिएट स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है, जिससे अब छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ता। सामाजिक सुरक्षा की दिशा में कदम मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 5 लाख परिवारों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन डीबीटी के जरिए दी जा रही है। पहले ₹300 मासिक पेंशन छह महीने में दी जाती थी, जिसमें बिचौलिये हिस्सा खा जाते थे। हमारी सरकार ने इसे बढ़ाकर अब ₹1,000 प्रति माह किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब तक 4 लाख से अधिक बेटियों के विवाह कराए जा चुके हैं। प्रत्येक विवाह हेतु ₹1 लाख की सहायता राशि दी जाती है। गरीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री ने … Read more

यूपी में 5.38 लाख महिलाओं के लिए सरकार का तोहफा, दिवाली पर मुफ्त मिलेगा गैस सिलेंडर

लखीमपुर खीरी  उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में दीपावली पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक विशेष तोहफा दिया जा रहा है. इस योजना के तहत जिले में कुल 5,38,996 लाभार्थी हैं, जिन्हें दीपावली के अवसर पर एक गैस सिलेंडर की कीमत के बराबर धनराशि दी जाएगी. विभाग ने इस संबंध में तैयारी शुरू कर दी है. लखीमपुर खीरी जिले में भारत गैस की 29 एजेंसियां हैं, जिनमें 2,11,316 लाभार्थी हैं. इसके अलावा, HP की 15 एजेंसियों में 93,700 और इंडियन ऑयल की 40 एजेंसियों में 2,33,945 लाभार्थियों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर दिए गए हैं. त्योहारों पर प्रदेश सरकार ने किया था वादा  राज्य सरकार ने होली और दीपावली के त्योहारों पर मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया था. हालांकि तरीका सब जगह एक ही होता है. लाभार्थियों को गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए धनराशि सरकार द्वारा दी जाएगी, लेकिन उन्हें पहले गैस एजेंसी पर जाकर नगद सिलेंडर खरीदना होगा. जितनी धनराशि उपभोक्ता गैस एजेंसी पर देंगे, उतनी ही राशि उनके खाते में वापस कर दी जाएगी. लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि अगर उनका बैंक खाता एनपीसीआई से लिंक नहीं है, तो वे इसे लिंक करवा लें, ताकि धनराशि में कोई दिक्कत न हो. इसके बिना वे योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे और पैसे उनके एकाउंट में नहीं आ पाएंगे. लोकल 18 को महिला नीरज ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से दीपावली पर घरेलू गैस सिलेंडर का लाभ दिया जा रहा है. यह महिलाओं लिए सौभाग्य की बात है.  

एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग में भोपाल के मॉडल स्कूल को शीर्ष स्थान

एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग में भोपाल के मॉडल स्कूल को पहला स्थान मिला हैट्रिक बनाने वाला मध्यप्रदेश का सरकारी क्षेत्र का पहला स्कूल भोपाल  भोपाल के मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, टी.टी. नगर ने एजुकेशन वर्ल्ड संस्था की ओर से जारी सरकारी स्कूलों के रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में पहला स्थान प्राप्त किया है। मॉडल स्कूल को यह सम्मान स्टूडियो क्लास, इन्फ्रास्ट्रक्चर और साइकोलॉजी और अन्य विशेषताओं के कारण मिला है एजुकेशन वर्ल्ड शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिए पोर्टल है, जो हर साल विश्व स्तरीय स्कूलों की रैंकिंग जारी करता है। इस रैंकिंग में मॉडल स्कूल ने पिछले परीक्षा परिणाम, सांस्कृतिक गतिविधियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों की उपलब्धता उनका आउटपुट, मेंटल और इमोशनल वैलबीइंग सेवाओं, खेल, अकादमिक गतिविधियों एवं अन्य आधारों पर की गई है। इन सभी क्षेत्रों में पूरे भारत से विद्यालय चयनित किए जाते हैं एवं उनके आधार पर निर्धारित मानकों में से अंक दिए जाते हैं स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर मार्किंग की जाती है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल टी.टी. नगर ने लगातार 3 वर्ष शासकीय क्षेत्र के विद्यालयों की कैटेगरी में अपना स्थान बनाया है। यह स्कूल प्रदेश का एकमात्र स्कूल बन गया है, जिसने शिक्षा की गुणवत्ता के आधारपर अपना स्थान बनाया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केन्द्र सरकार के वित्तीय सलाहकार  विनय प्रताप सिंह ने मॉडल स्कूल की प्राचार्य रेखा शर्मा को गुरूवार को पुरस्कृत किया गया। मॉडल स्कूल में स्टूडियो क्लास शुरू की गई। इससे अन्य स्कूल वर्चुअली जुड़कर मॉडल स्कूल में जो लैक्चर होते हैं, उनका वे लाभ उठा रहे हैं। स्कूल में बनाई गई साइकालॉजी लैब में बच्चों का समय-समय पर टेस्ट होता है, इससे पता चलता है कि बच्चा पढ़ाई के बोझ के कारण किसी प्रकार के तनाव में तो नहीं है। मॉडल स्कूल की प्राचार्य मती रेखा शर्मा ने बताया कि यह गौरव सभी सरकारी स्कूलों के लिये है। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिये माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड के अधिकारियों और विद्यालय के संपूर्ण स्टाफ का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की भलाई के लिये और भी नवाचार किये जाते रहेंगे।  

मुख्यमंत्री साय बोले – बस्तर में नए विश्वास और विकास की सुबह — माओवादी कैडर की मुख्यधारा में वापसी

रायपुर आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। वर्षों तक हिंसा और भय की छाया में जी रहे 210 माओवादी कैडरों ने आज “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के अंतर्गत बंदूक छोड़कर संविधान को अपनाने का निर्णय लिया है। यह छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास के नए युग का शुभारंभ है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो युवा कभी माओवाद की झूठी विचारधारा के जाल में उलझे हुए थे, वे आज लोकतंत्र की शक्ति, संविधान के आदर्शों और राज्य सरकार की संवेदनशील नीतियों पर विश्वास जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कुल 210 आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य, एक रीजनल कमेटी सदस्य, 22 डिविजनल कमेटी सदस्य, 61 एरिया कमेटी सदस्य और 98 पार्टी सदस्य शामिल हैं। इन पर कुल 9 करोड़ 18 लाख रुपये का इनाम घोषित था। समारोह में 210 माओवादी कैडरों ने कुल 153 हथियार समर्पित किए, जिनमें 19 AK-47, 17 SLR, 23 INSAS राइफलें, एक INSAS LMG, 36 .303 राइफलें, 4 कार्बाइन, 11 BGL लॉन्चर, 41 शॉटगन और एक पिस्तौल शामिल हैं। मुख्यमंत्रीसाय ने इस अवसर को अपने जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोषजनक क्षणों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने बंदूकें नीचे रखकर संविधान को थामा, उन्होंने छत्तीसगढ़ के भविष्य में शांति और एकता के बीज बोए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है, भय और हिंसा से नहीं। राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025”, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी पहल आज न केवल बस्तर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में बदलाव की ठोस आधारशिला सिद्ध हो रही हैं। इन योजनाओं ने बंदूक और बारूद की जगह संवाद, संवेदना और विकास को स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभूतपूर्व आत्मसमर्पण केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठन और नागरिक समाज — सभी ने मिलकर जिस समन्वित और निरंतर प्रयास से यह परिवर्तन संभव किया, वह बस्तर के इतिहास में मील का पत्थर है। मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि यह दृश्य न केवल बस्तर बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा है — कि यदि नीयत साफ हो और नीतियाँ जनसंबंधी हों, तो हिंसा का अंत और शांति की शुरुआत संभव है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामूहिक आत्मसमर्पण बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास की सबसे बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण हिंसा की जड़ को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम है। “अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर, जहाँ कभी भय का शासन था, वहाँ आज विश्वास का शासन है। जो कल जंगलों में छिपे थे, आज वे समाज के निर्माण में सहभागी बन रहे हैं,”।  मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि डबल इंजन सरकार की यह दृढ़ प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा — “प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्रीअमित शाह जी के नेतृत्व में हम इस लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। बस्तर का यह परिवर्तन उसी संकल्प का प्रमाण है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित कैडरों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रत्येक व्यक्ति को स्वरोजगार, प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और आजीविका के अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” के उस मूल भाव का विस्तार है, जो यह संदेश देता है कि परिवर्तन का मार्ग हिंसा नहीं, बल्कि विश्वास है। यह कार्यक्रम अब पूरे बस्तर क्षेत्र में पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुधार की दिशा में नई ऊर्जा लेकर आएगा। मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि यह ऐतिहासिक घटना यह सिद्ध करती है कि जब सरकार की नीतियाँ संवेदनशील और जनकेंद्रित होती हैं, तब सबसे कठिन समस्याएँ भी सुलझाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा — “हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत नहीं, बल्कि एक नए बस्तर का निर्माण है — जहाँ हर घर में विश्वास और हर मन में विकास का उजाला हो।” मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता, जनप्रतिनिधियों, मीडिया, सुरक्षा बलों और नागरिक समाज को इस परिवर्तन के सहयोगी बनने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शांति, विकास और समृद्धि की यह यात्रा तभी स्थायी होगी जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस परिवर्तन की भावना को आत्मसात करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर को नए उद्योग, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के माध्यम से आत्मनिर्भर क्षेत्र में परिवर्तित करेगी। जंगलों की हरियाली के साथ यहाँ के युवाओं के जीवन में भी उजाला फैलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के इतिहास में यह वह क्षण है, जब “बंदूक की गूंज” की जगह “विकास की गूंज” सुनाई दे रही है। यह उस बस्तर का पुनर्जन्म है, जहाँ अब भय नहीं, विश्वास और बंधुत्व का शासन होगा। अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा — “यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि आत्मजागरण की यात्रा है। यह छत्तीसगढ़ की नई पहचान है — शांति, विश्वास और विकास की। आने वाले समय में बस्तर न केवल नक्सल मुक्त होगा, बल्कि देश के लिए शांति और परिवर्तन का मॉडल बनेगा।   इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वयअरुण साव औरविजय शर्मा, सांसदमहेश कश्यप, जगदलपुर विधायककिरण सिंह देव, पुलिस महानिदेशकअरुणदेव गौतम, एडीजी सीआरपीएफअमित कुमार, एडीजी बीएसएफनामग्याल, एडीजी (एएनओ)विवेकानंद झा, बस्तर रेंज के आईजीसुंदरराज पी, बस्तर के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

पॉवर ऑफ अटॉर्नी के जरिए विराट ने अपने भाई के नाम किया 80 करोड़ का बंगला

गुरुग्राम भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली ने गुरुग्राम स्थित अपने भव्य बंगले की जिम्मेदारी अपने बड़े भाई विकास कोहली को सौंप दी है। जानकारी के मुताबिक, कोहली ने अपने भाई विकास को जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) प्रदान की है, जिसके तहत वे इस संपत्ति से जुड़े सभी कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय ले सकेंगे। यह आलीशान बंगला गुरुग्राम के पॉश इलाके DLF सिटी फेज-1 में स्थित है और इसकी अनुमानित कीमत लगभग 80 करोड़ रुपये बताई जा रही है। लंदन में रह रहे हैं विराट, संपत्ति प्रबंधन के लिए उठाया कदम सूत्रों की मानें तो विराट कोहली इस समय अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और दो बच्चों के साथ लंदन में रह रहे हैं। भारत में मौजूद संपत्तियों की देखरेख और उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं को आसानी से संचालित करने के लिए उन्होंने यह निर्णय लिया है। पावर ऑफ अटॉर्नी के तहत उनके भाई विकास कोहली अब इस संपत्ति के रखरखाव, उपयोग, और आवश्यकता पड़ने पर लेन-देन जैसे अधिकार भी संभाल सकेंगे। व्यावहारिकता के आधार पर लिया गया फैसला कोहली परिवार के करीबी सूत्रों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह व्यावहारिक सोच के तहत उठाया गया है ताकि विराट को विदेश में रहते हुए भारत में अपनी संपत्तियों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की परेशानी न हो। पावर ऑफ अटॉर्नी मिलने के बाद अब विकास कोहली स्थानीय स्तर पर किसी भी आवश्यक प्रक्रिया को निर्बाध रूप से पूरा कर सकेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़ी जिम्मेदारियों में होगा सहूलियत पावर ऑफ अटॉर्नी के तहत विकास कोहली को अब बंगले की मरम्मत, किराये पर देना, किसी प्रकार का कर भुगतान या भविष्य में संभावित खरीद-फरोख्त जैसे मामलों में पूर्ण अधिकृत अधिकार प्राप्त हैं।

बिहान की दीदियों ने तैयार किए संगिनी ब्रांड के आकर्षक गिफ्ट हैम्पर

 ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय कदम, सक्ती प्रशासन का सतत सहयोग रायपुर, दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कार्यरत जिला सक्ती की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई मिसाल पेश की है। ग्राम पलाड़ीखुर्द की राधा कृष्ण स्व-सहायता समूह की सदस्याएं अपने “संगिनी” ब्रांड के अंतर्गत आकर्षक गिफ्ट हैम्पर तैयार कर रही हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार के सुगंधित एवं डिज़ाइनर मोम उत्पाद शामिल हैं। महिलाओं की सशक्तिकरण और रोज़गार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल यह अभिनव पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और रोज़गार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। जिला प्रशासन सक्ती द्वारा दीदियों को उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन के लिए निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।  समूह की सदस्य श्रीमती पुष्पा दीदी ने बताया कि समूह द्वारा त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए राखी, रंगोली, आचार, गुलाल, तथा मोम उत्पाद जैसे विविध वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से हमें न केवल आर्थिक लाभ मिला है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। समूह को 2 लाख रुपये तक की आय पुष्पा दीदी ने आगे बताया कि समूह की दीदियों ने पूर्व में आर-सेटी (त्ैम्ज्प्) से डिज़ाइनर कैंडल बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसके बाद यूट्यूब वीडियो के माध्यम से गिफ्ट हैम्पर तैयार करने का विचार आया। इस समय जिले की विभिन्न इंडस्ट्रीज और संस्थानों से गिफ्ट हैम्पर के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जिनकी आपूर्ति दीदियों द्वारा समय पर और आकर्षक पैकेजिंग में की जा रही है।  इस पहल से समूह को लगभग 1 लाख 50 हजार  से 2 लाख रुपये तक का व्यवसाय प्राप्त होने की संभावना है। इन्हें अभी तक लगभग 60 हज़ार रुपए के गिफ्ट हैंपर के ऑर्डर मिल चुके हैं । यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें स्थायी आजीविका और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान कर रहा है। बिहान मिशन के तहत संचालित यह पहल महिलाओं की सृजनशीलता, परिश्रम और नवाचार की उत्कृष्ट मिसाल है, जो अन्य समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।