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मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की नवीन नाम पट्टिका का अनावरण किया

विक्रम विश्वविद्यालय को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के रूप में नई पहचान मिली है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की नवीन नाम पट्टिका का अनावरण किया उज्जैन नगरी आदिकाल सें ही सांस्कृतिक, धर्म के साथ शिक्षा का केंद्र रही हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के स्वर्ण जयंती सभागार में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के आधारशिला दिवस के अवसर पर “नवीन नाम पट्टिका अनावरण समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन केवल एक विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन का नहीं, बल्कि उज्जैन और संपूर्ण मध्यप्रदेश के गौरव के पुनर्जागरण का दिन है। ‘विक्रम विश्वविद्यालय’ अब ‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ के रूप में नई पहचान लेकर, अपने गौरवशाली इतिहास की नई यात्रा शुरू कर रहा है। यह क्षण हम सभी के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सदैव भारत की सांस्कृतिक राजधानी रही है। यह वह धरा है, जहाँ से ज्ञान, विज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति का प्रकाश पूरे विश्व में फैला। यह वही नगरी है जहाँ भगवान कृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की, जहां। महाकाल का आशीर्वाद हर कण में विद्यमान है और जहां विक्रमादित्य जैसे महान सम्राट ने धर्म, न्याय और ज्ञान की प्रतिष्ठा स्थापित की। उन्होंने आगे कहा मैं स्वयं इस विश्वविद्यालय का विद्यार्थी रहा हूँ। छात्र जीवन की अनेक स्मृतियां आज ताज़ा हो गई हैं। यह संस्था केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि मेरे जीवन की प्रेरणा रही है। इस विश्वविद्यालय ने मुझे सामाजिक सेवा, नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन का मार्ग दिखाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तन केवल शब्दों का बदलाव नहीं है बल्कि यह उस पहचान की पुनर्स्थापना भी है जो कभी उज्जैन की धरती की शान हुआ करती थीं। ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का नाम हमारी परंपरा, संस्कृति और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। इस नाम के साथ विश्वविद्यालय नई ऊर्जा, नई सोच और नई दिशा में अग्रसर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यह विश्वविद्यालय शोध, नवाचार और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। 175 से अधिक महाविद्यालयों से संबद्ध यह संस्थान हजारों विद्यार्थियों को ज्ञान का प्रकाश दे रहा है। यह देखकर गर्व होता है कि इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-विदेश में अपने कार्य से नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य जैसे व्यक्तित्व सदियों में एक बार जन्म लेते हैं जो वीरता, दान, नीति, और न्याय के प्रतीक होते हैं। विक्रमादित्य न केवल उज्जैन की पहचान थे बल्कि भारत की आत्मा का स्वरूप थे। आज जब यह विश्वविद्यालय उनके नाम से जुड़ रहा है तो यह केवल संस्थान का नहीं बल्कि समूचे प्रदेश का सम्मान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर किया है। जिस प्रकार विक्रमादित्य ने अपने युग में न्याय और नीति की परंपरा स्थापित की थी, उसी तरह प्रधानमंत्री मोदी ने आधुनिक भारत में विकास, आत्मविश्वास और वैश्विक पहचान का युग प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोविड काल की चुनौतियों का स्मरण करते हुए कहा कि कठिन समय में भी भारत ने साहस और एकता से कार्य किया। हमारे डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और आम नागरिक सबने मिलकर देश को बचाया। यही वह भावना है जो हमें विक्रमादित्य के युग से जोड़ती है कर्तव्य, समर्पण और धैर्य की भावना। उन्होंने कहा आज जब हम ‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ के रूप में नई पहचान की ओर बढ़ रहे हैं, यह केवल एक संस्था का रूपांतरण नहीं बल्कि उज्जैन के उस स्वर्णिम अध्याय का पुनर्लेखन है जो शिक्षा, संस्कृति और अध्यात्म के त्रिवेणी संगम पर आधारित है। मैं इस विश्वविद्यालय के प्रत्येक छात्र, शिक्षक और कर्मचारी को इस ऐतिहासिक अवसर की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा जैसे करवा चौथ का चाँद सौभाग्य का प्रतीक होता है, वैसे ही का यह दिन इस विश्वविद्यालय के लिए सौभाग्य और नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगा। यह विश्वविद्यालय महाकाल की नगरी की ऊर्जा से प्रेरित होकर शिक्षा, शोध, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में देश का अग्रणी संस्थान बने यही मेरी कामना है। पूर्व विधायक महंत  राजेंद्र भारती ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय नाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस विश्वविद्यालय को अद्भुत सौगात हैं। उन्होंने अपने छात्र राजनीति की यादें साझा की और बताया कि उनके और मुख्यमंत्री द्वारा किस प्रकार इस विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति की जाती थीं। इस अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान स्मृति चिन्ह एवं फल भेंट कर किया। साथ ही उज्जैन नगर निगम सभापति मती कलावती यादव, नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, एवं सत्येन्द्र कुमार मिश्रा का भी सम्मान किया गया। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भारद्वाज ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह दिन विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने वाला है। विक्रम विश्वविद्यालय से सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ बनने का यह क्षण केवल नाम परिवर्तन नही बल्कि हमारी पहचान और गौरव की पुनर्स्थापना है। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और न्याय के प्रतीक हैं। उनके नाम से विश्वविद्यालय का जुड़ना हमारे लिए प्रेरणादायक और गर्व का विषय है। यह कदम उज्जैन की उस प्राचीन ज्ञानधारा को पुनर्जीवित करेगा जिसने भारत को शिक्षा और संस्कृति का केंद्र बनाया। कुलगुरु प्रो. भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं इस विश्वविद्यालय के गौरवशाली पूर्व छात्र रहे हैं। उनका विश्वविद्यालय के प्रति यह भावनात्मक जुड़ाव आज उसे नई पहचान दे रहा है। यह विश्वविद्यालय अब शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति और नवाचार का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय की नवीन नाम पट्टिका के अनावरण के बाद विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित डॉ. राजेश गुप्ता एवं डी.डी. बेदिया की डिजिटल मार्केटिंग, तिलक राज सिंह सोलंकी की राजा रवि वर्मा: एक भारतीय चित्रकार, रमण सोलंकी की आलेख पुरातन की ओर, गीता नायक की नूतन प्रवाह, मिती शर्मा की ए स्पेक्ट्रम ऑफ इंडिया, तथा डॉ. रवीन्द्र पस्तोर, प्रो. आशीष वर्मा, डॉ. हितेन्द्र त्रिवेदी की Planning for the Largest Human Gathering on … Read more

देश का मान बढ़ाने वाले युवाओं को CM डॉ यादव ने दी बधाई

युवाओं ने हमारे देश का नाम गौरवांवित किया : मुख्यमंत्री डॉ यादव तीन दिवसीय यंग थिंकर्स कॉन्फ्लूएंस का उद्घाटन प्राचीन संस्कृति के अच्छे कामों से युवा लें प्रेरणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उज्जैन के अवंतिका विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय यूंथ थिंकर्स कॉन्फ्लूएंस कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज की युवाशक्ति इस राष्ट्र को ऐसे स्थान पर ले जाकर खड़ा करेगी, जिससे भारत विश्वगुरु बनकर रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी आज युवाओं के सबसे बडे प्रेरणा स्त्रोत है। उनसे प्रेरणा लेकर युवा एक नई सोच के साथ आगे बढ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा किसी देश की वह शक्ति होता है जो उसके इतिहास को लिखने के लिए सबसे आगे खड़ा होता है। भारत के इतिहास में अंग्रेजों के काल में खुदीराम बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगतसिंह ,सुभाषचंद्र बोस जैसे देशभक्त क्रांतिकारियों ने देश में जो हलचल पैदा की उससे देश के इतिहास में स्वर्णिम काल स्थापित हुआ है। हमारे प्राचीन काल में सम्राट विक्रमादित्य चंद्रगुप्त मौर्य, समुद्र गुप्त जैसे अनेक योद्धाओं ने देश के बाहरी आक्रमणों से देश की रक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा जारी की गई र्स्टाटअप पालिसी भी इसी का एक बेहतरीन उदाहरण है। हमारे प्रधानमंत्री भी युवाओं की तरह आज लगातार नवाचार कर रहे है। प्राचीन समय से भारत का इतिहास युवाओं का इतिहास रहा है जिसमें वह अपने पूर्वजों के अनुभवों का लाभ लेकर नई सोच के साथ इतिहास को गढते है और देश को आगे बढ़ाते है साथ ही राष्ट्र गौरव का गौरव भी बढ़ाते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के अनेक युवाओं ने हमारे देश का नाम गौरवान्वित किया हैं। हमारे युवाओं में दृढ इच्छाशक्ति की कमी नही हैं। प्राचीन संस्कृति में बहुत अच्छे काम हुए हैं। युवाओं को इससे प्रेरणा लेना चाहिए। युवा देश का नाम दुनिया में आगे बढ़ाते रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आइआरएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर देश का नाम गौरांवित किया। उन्होंने आइआरएस जैसी नौकरी को त्यागकर देश की आजादी में बढ़ चढकर हिस्सा लिया था। राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त फिल्म निर्देशक  विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि मालवा अंचल पर भी फिल्म का निर्माण किया जा सकता है। इस बात पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जयिनी के सम्राट राजा विक्रमादित्य, राजा भोज पर फिल्में बनाई जा सकती है।कार्यक्रम के प्रारंभ में  आशुतोष सिंह ठाकुर ने स्वागत भाषण देते हुए कॉन्फ्लूएंस के कार्यक्रम की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द ब्लड रिपब्लिक आफ बंगाल, फ्रेक्टल मंडला-ए हिस्ट्री आफ एन्शियंट इंडिया, संस्कृति सिन्थेसिस, फ्राम गॉड्स टू द गाड, स्वयंबोधा एंड शत्रुबोधा एवं बच्चे आपके संस्कार किसके? नाम की पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने नवीन आकृति भवन का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में  दीपक शर्मा, अवंतिका विश्वविद्यालय के कुलगुरु  नितिन राणे आदि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने 1.98 लाख विद्यार्थियों के खाते में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृति ऑनलाईन अंतरित की

रायपुर : सुशासन की नई पहल : ऑनलाईन छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए समय-सीमा निर्धारित मुख्यमंत्री ने 1.98 लाख विद्यार्थियों के खाते में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृति ऑनलाईन अंतरित की एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई सुविधा  तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी अब ऑनलाईन मिलेगी छात्रवृत्ति नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में अंतरित की जाएगी राशि रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का भुगतान अब उनके बैंक खाते में ऑनलाईन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन वर्गों के 1.98 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति ऑनलाईन अंतरित की।  प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि प्री. मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति तथा शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में विद्यार्थियों को ऑनलाईन भुगतान किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को शैक्षणिक अध्ययन के दौरान होने वाली आर्थिक समस्या से निजात मिलेगी। छात्रवृत्ति पहले विद्यार्थियों को दिसंबर एवं फरवरी-मार्च में वर्ष में एक बार छात्रवृति एवं शिष्यवृति की राशि प्रदान की जाती थी।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में लगातार हो रहे इन प्रयासों से शासन-प्रशासन को पूर्व की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक जवाबदेही एवं पारदर्शी बनाया गया है।  बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री  साय के हाथों आज आश्रम-छात्रावासों के 1 लाख 86 हजार 50 विद्यार्थियों को शिष्यवृति की द्वितीय किश्त की राशि 79 करोड़ 27 लाख रूपए एवं पो. मैट्रिक छात्रवृत्ति के 12 हजार 142 विद्यार्थियों को 5 करोड़ 38 लाख 81 हजार रूपए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि अंतरित की गई है।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति और छात्रवृत्ति ऑनलाईन भुगतान की शुरूआत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के हाथों पहली बार 10 जून 2025 को की गई थी। राज्य में संचालित सभी प्री. मैट्रिक छात्रावास एवं आश्रमों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व ही शिष्यवृति की प्रथम किश्त राशि 77 करोड़ रूपए एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों हेतु भोजन सहाय की प्रथम किश्त के रूप में राशि 8.93 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 85 करोड़ रूपए की राशि जारी कर एक अभिनव पहल की गई थी। साथ ही इसके दूसरे चरण में 17 जून 2025 को 8370 विद्यार्थियों को छात्रवृति की राशि 6.2 करोड़ रूपए का ऑनलाइन अंतरण किया गया था।  इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी उपस्थित थे।  

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला जेल में 10 नवीन वीडियो कान्फ्रेसिंग कक्षों का किया शुभारंभ

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला जेल में 10 नवीन वीडियो कान्फ्रेसिंग कक्षों का किया शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंस से बंदियों की पेशी समय पर होने से प्रकरण निराकरण में लगेगा कम समय  छतरपुर      सर्वाेच्च न्यायालय नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिला न्यायालय एवं जेल के मध्य जेल में परिरुद्ध बंदियों की पेशी वीडियो कान्फ्रेंसिग से कराए जाने के लिए जिला जेल छतरपुर में 10 नवीन वीडियो कान्फ्रेसिंग कक्षों का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवीन्दर सिंह के कर कमलों द्वारा किया गया। जेल में नवीन व्ही.सी. कक्षों के प्रारंभ होने से बंदियों की पेशी नियमित एवं समय पर होने से प्रकरण निराकरण कम समय में किया जा सकेगा एवं न्यायालय से बंदियों की पेशी हेतु पुलिस गार्ड पर निर्भरता कम होगी।  जिससे पेशी में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा। इन व्ही.सी कक्षों के प्रारंभ हो जाने से बंदियों के अपने प्रकरण की नियमित सुनवायी में आनलाईन के माध्यम से न्यायालय से जोड़ा जा सकेगा। पेशी नियमित होने में बंदियों के प्रकरण निराकरण में तेजी आएगी एवं जेल में हो रही ओव्हर क्राउंडिंग की समस्या को कम किया जा सकेगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा जेल का भ्रमण किया गया। जिसमें साफ-सफाई एवं बंदियों को मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।  उक्त कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश उपेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय राजेश कुमार देवलिया, रजिस्ट्रार एवं न्यायाधीश अरविंद गुर्जर, न्यायाधीश संघशिखा वंशकार, हिमांशू गुप्ता, आकांक्षा गर्ग, संतोष कुशवाहा, न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वि.प्र. सोलंकी, जिला विधिक सेवा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र कुमार चढ़ार, प्रभारी जेल अधीक्षक दिलीप सिंह, सहायक जेल अधीक्षक मनीष त्यागी एवं समस्त जेल स्टाफ एवं बंदी गण उपस्थित रहे।

लाड़ली बहनों को दीपावली के पहले मिलेगी राशि : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

हर एक किसान के साथ खड़ी है सरकार, एक-एक खेत का किया जा रहा है सर्वे लाड़ली बहनों को दीपावली के पहले मिलेगी राशि : मुख्यमंत्री डॉ.यादव  133 करोड 80 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उन्हेल क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है, आपदा ग्रस्त प्रत्येक किसान को मदद दी जाएगी। विपत्ति में आए हर एक किसान को राहत राशि मिलेगी और एक-एक खेत का सर्वे किया गया है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना का लाभ भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 133 करोड 80 लाख रुपए की लागत के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 127. 63 करोड रुपए लागत के 23 किलोमीटर से अधिक लंबाई के इंगोरिया से उन्हेल टू लेन मार्ग निर्माण का भूमि-पूजन सम्मिलित है। साथ ही 1.26 करोड़ के नवीन नगर परिषद कार्यालय भवन निर्माण एवं 2.17 करोड़ के चिड़ी से रावदिया मार्ग निर्माण का भूमि पूजन तथा 2.74 करोड रुपए के करनावद विद्युत उपकेंद्र निर्माण का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हेल क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई, जिनमें उन्हेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन, रामगढ़ बिहारिया मार्ग पर नारायण धाम को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण तथा उन्हेल में विश्रामगृह का निर्माण सम्मिलित है। उन्हेल में इमली तथा मावा उद्योग से जुड़े हुए व्यक्तियों एवं उनके व्यापार विकास के लिए भी कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हेल-इंगोरिया टू लेन मार्ग निर्माण के लिए नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हेल क्षेत्र का विकास लगातार किया जा रहा हैं। गंभीर नदी परियोजना का लाभ भी उन्हेल क्षेत्र के नागरिकों तथा किसानों को मिलेगा। राज्य शासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हित में भावांतर योजना लागू की गई है। किसानों को घर बैठे योजना का लाभ दिया जाएगा। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों के मामले में प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा रही है। जैसे-जैसे जिला कलेक्टरों से रिपोर्ट प्राप्त होती जा रही है, वहां के किसानों को राहत राशि का वितरण किया जा रहा है। किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। बहनों को लाडली बहना योजना के तहत सहायता राशि दी जा रही है। यह राशि दीपावली के पूर्व उपलब्ध कराएंगे। गोपालन गौशाला योजना अंतर्गत 25 देसी गायों के पालन पर 40 लाख रुपए के प्रोजेक्ट में अधिकतम 10 लाख रुपए अनुदान शासन देगा। प्रदेश में गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के सराहनीय कार्य लगातार किए जा रहे हैं। प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण पथ का विकास किया जा रहा है। ओरछा में आगामी 15 अक्टूबर को 100 करोड रुपए से ज्यादा लागत के कार्यों की शुरुआत की जा रही है। प्रदेश के चित्रकूट का भी विकास किया जा रहा है। सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने कहा कि प्रदेश में किसान हितैषी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किसानों के हित में भावांतर योजना लागू की गई है, जिसका लाभ किसानों को मिलेगा। सरकार सदैव किसानों के साथ है। आपदा प्रभावित प्रत्येक किसान को शासन द्वारा मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही बीमा दावा राशि भी दिलाई जाएगी। विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि क्षेत्र को लगातार विकास की सौगात मिल रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। किसान हितैषी कार्यों के लिए क्षेत्रीय किसानों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को हल भेंट किया गया।  

छठ पर पूजा के लिए गोविंदपुरा में 51 स्थानों पर बनेंगे कुंड: राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

लोक आस्था का महापर्व बना छठ: राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर छठ पर पूजा के लिए गोविंदपुरा में 51 स्थानों पर बनेंगे कुंड: राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने की छठ की तैयारियों की समीक्षा भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शुक्रवार को लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियों को लेकर बैठक ली। उन्होंने बताया कि गोविंदपुरा क्षेत्र में लगभग 51 स्थानों पर कुंडों का निर्माण कर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। त्यौहार हमारे देश को एकता के सूत्र में बांधते हैं। छठ पर्व में भगवान सूर्य की चार दिवसीय आराधना अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ की जाती है। यह पूरे देश का लोक आस्था का महापर्व बन गया है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि इस पर्व को मनाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि हथाईखेड़ा डेम, सरियो सरोवर डेम और शिवनगर स्थित दुर्गा मंदिर कुंड जैसे प्रमुख स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। ऐसे में कुंडों की मरम्मत, बिजली व्यवस्था, साज-सज्जा, रंग-रोगन, जलभराव, चेंजिंग रूम, लाइटिंग, चलित शौचालय, पेयजल टैंकर, महिला पुलिस बल, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस, पेड़ों की छटाई और घास की कटाई जैसी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर लिए जाएं। बैठक में श्री तीर्थराज मिश्रा, श्री वारेलाल अहिरवार, श्री गणेश राम नागर, श्रीमती मोनिका ठाकुर, श्रीमती शिरोमणी शर्मा, श्रीमती छाया ठाकुर, श्री भीकम सिंह बघेल, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री सुरेंद्र घोटे, श्री वी. शक्ति राव, श्री संजय शिवनानी, श्री मनोज विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।  

दिव्यांगजन विशेष क्षमताओं के धनी हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रेरणादायक संदेश

दिव्यांगजन अपने आप को कम न आंके, परमात्मा ने आपको विशिष्ट शक्तियां प्रदान की है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 146 दिव्यांगजनों को किए सहायक उपकरण वितरण तराना, माकडोन, उन्हेल, नागदा, खाचरौद और बड़नगर को शव वाहन वितरित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को कालिदास अकादमी परिसर में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित उपकरण वितरण शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगजन अपने आप को कम न आंके परमात्मा ने आपको विशिष्ट शक्तियां प्रदान की हैं। महर्षि अष्टावक्र भी दिव्यांग थे लेकिन शास्त्रार्थ में उन्हें कोई भी पराजित नहीं कर सकता था वे अत्यंत विद्वान थे। ईश्वर यदि हमें कोई कमजोरी देता है तो साथ ही विशिष्ट शक्ति भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सेवा सप्ताह के अंतर्गत दिव्यांगजनों को उपकरण वितरित किए जा रहे हैं। यह मानव सेवा भी है और एक प्रकार का आत्मिक सुख भी। सभी उपकरणों का अपने आप में बहुत महत्व होता है। श्रवण यंत्र का उपयोग करने के बाद श्रवण शक्ति का आभास होता है। इससे अत्यंत सुखद अनुभव होता है। हमारा शरीर ब्रह्मांड का स्वरुप है। नर सेवा भी वास्तविक अर्थों में ईश्वर की सेवा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन विशिष्ट शक्तियों को पहचानें, कठोर परिश्रम करें और जीवन में सफलता प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी दिव्यांगजनों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने दिव्यांगजनों को स्कूटी, स्पेशलाईज्ड ट्राइसिकल, वाकिंग स्टीक्स वितरित की। उन्होंने कहा कि मोटराइज्ड व्हीलचेयर और स्कूटी मिलने से दिव्यांग भाइयों और बहनों को रोजगार में सहायता होगी और उनके दैनिक जीवन में कार्य करने में सरलता आयेगी। इस अवसर पर सांसद  अनिल फिरोजिया ने कहा कि किसानों के हित के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर फसल क्षति पर राहत राशि दी जा रही हैं और कृषकों को फसल का उचित भाव दिलाने के लिए भावांतर योजना की भी शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व.  भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति और सामाजिक शोध संस्थान द्वारा आयोजित सेवा कार्यक्रम में 146 दिव्यांग हितग्राहियों को 1 करोड़ 25 लाख रुपए की राशि से इलेक्ट्रिक स्कूटर, कान की मशीन, वॉकिंग स्टीक, व्हीलचेयर आदि उपकरण वितरण किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानव सेवा के लिए जिले की 6 नगर परिषदों माकडोन, उन्हेल, नागदा, खाचरौद, तराना और बड़नगर को शव वाहन भी वितरण किये। इलेक्ट्रिक स्कूटर चालकों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर की। कार्यक्रम का आभार  सुदर्शन ने माना। इस अवसर पर विधायक  सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति मती कलावती यादव,  संजय अग्रवाल,  राजेंद्र भारती और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

हैकाथॉन में दिखा परंपरा और प्रौद्योगिकी का अभिनव संगम

भोपाल  भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल में उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 के दो दिन के सत्र में प्रौद्योगिकी, नवाचार और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस अनूठे आयोजन में देशभर के युवाओं को एक मंच पर सिंहस्थ-2028 के लिए स्मार्ट, सुरक्षित और समावेशी समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिला। यह सिंहस्थ-2028 के लिए समाधान विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। देश के 26 राज्यों से पंजीकरण और 11 राज्यों की 36 चयनित टीमों की भागीदारी ने इस हैकाथॉन को भारत की नवाचार विविधता का प्रतीक बनाया। प्रतिभागियों ने सिंहस्थ-2028 के लिये ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित तकनीकों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा, गतिशीलता, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसी चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत किए। 36 उत्कृष्ट टीम को मिला दो माह का परिशोधन समय हैकाथॉन के अंतिम दिन निर्णायक मंडल ने सभी टीम के उन्नत समाधानों का मूल्यांकन किया। पहले दिन दिए गए सुझावों को शामिल करते हुए प्रतिभागियों ने अपने प्रस्तावों को और बेहतर रूप में प्रस्तुत किया। नवाचार की गहराई और समाधानों की मापनीयता को देखते हुए निर्णायकों ने एक अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए सभी 36 टीम को दो माह का अतिरिक्त समय प्रदान किया, जिससे वे अपने विचारों को और परिष्कृत कर सकें। यह कदम राज्य सरकार की दीर्घकालिक नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन श्री संकेत एस. भोंडवे, प्रबंध निदेशक एमपीएसईडीसी श्री आशीष वशिष्ठ और मुख्य महाप्रबंधक एमपीएसईडीसी शिवांगी जोशी सहित गणमान्य व्यक्तियों ने प्रतिभागियों के रचनात्मक, तकनीकी और सामाजिक रूप से प्रासंगिक समाधानों की सराहना की। सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के लिये डिजाइन किये गये नवाचारों में जंगोह (इंदौर) ने “सिंहथा यूनिफाइड” प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया जो स्थानीय भाषाओं में एआई-संचालित सहायता, रीयल-टाइम अपडेट्स प्रस्तुत करता है। सेल्फ सर्व बूथ ने एक 6डी वर्चुअल रियलिटी अनुभव प्रस्तुत किया जो कुंभ के वातावरण को वैश्विक दर्शकों के लिए सजीव बनाता है। संचार वॉरियर ने एक रीयल-टाइम भीड़ निगरानी और चेतावनी प्रणाली विकसित की जो आपात स्थिति में मूक रिपोर्टिंग को भी सक्षम बनाती है। सेफ्टी और सिक्योरिटी ट्रेकिंग यूनिट ने लोरा-आधारित सुरक्षित संचार नेटवर्क का प्रस्ताव रखा जो फील्ड टीमों और कमांड सेंटर्स के बीच समन्वय को सुनिश्चित करता है। क्राफ्टआई ने एआई -आधारित तीर्थयात्री निगरानी प्रणाली प्रस्तुत की, जबकि सेफ क्लॉक ने भारतीय भाषाओं में डेटा भंडारण मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया।मेडीवेंड ने रियल-टाइम वॉइस इंटरफेस से युक्त एक चिकित्सा वेंडिंग प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किया। दर्शिनी एआई टीम WAPPGO ने भीड़भाड़ को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा को बढाने के लिए एआई आधारित ट्रैकिंग और निगरानी उपकरणों को एकीकृत करने वाले एक स्मार्ट गतिशीलता और भीड़ प्रबंधन प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव रखा। अमृतशरणम ने एक एकीकृत गतिशीलता और सुरक्षा निगरानी प्रणाली प्रस्तुत की, जो भीड़भाड़ को रोकने और एक एकीकृत कमांड प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पुलिस, स्वास्थ्य और नगरपालिका विभागों के बीच वास्तविक समय समन्वय को सक्षम करने के लिए पूर्वानुमानित विश्लेषण का लाभ उठाती है। इस बीच, केरल की एल्विक्टो टेक्नोलॉजीज ने एक स्मार्ट पार्किंग प्रबंधन प्रणाली प्रस्तुत की, जिसे सुगम यातायात प्रवाह के लिए कई पार्किंग क्षेत्रों को एक जुड़े हुए नेटवर्क में एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और रोबस्ट रोबोटिक्स ने अग्नि का पता लगाने, जोखिम प्रबंधन और वास्तविक समय प्रतिक्रिया के लिए इसरो नाविक उपग्रह डेटा और ड्रोन इमेजरी को मिलाकर एआई-संचालित सटीक मानचित्रण समाधान से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। इन सभी नवाचारों ने यह स्पष्ट किया कि भारत की युवा तकनीकी शक्ति, सामाजिक चेतना के साथ मिलकर परंपरागत आयोजनों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में सक्षम है। उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 ने न केवल भविष्य की तकनीकी शासन प्रणाली की झलक दी, बल्कि मध्यप्रदेश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विजन को भी मजबूती प्रदान की। चयनित टीमें अगले दो महीनों के परिशोधन अवधि में अपने समाधानों को और विकसित करेंगी, जिससे सिंहस्थ-2028 के लिए एक सशक्त, समावेशी और टिकाऊ तकनीकी आधार तैयार हो सके। 

दिवाली-छठ पर घर जाने के लिए इन रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

रांची त्योहारों के सीजन में झारखंड की राजधानी रांची से यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने दिवाली और छठ पर्व के दौरान विशेष ट्रेनों का विस्तृत संचालन किया है। ये ट्रेनें रांची से देश के विभिन्न महत्वपूर्ण और धार्मिक स्थलों के लिए चलाई जा रही हैं, ताकि पर्वों के दौरान लोगों को यात्रा में किसी भी तरह की असुविधा न हो। इस बार कुल सात विशेष स्पेशल ट्रेनों का प्रबंध किया गया है, जो अलग-अलग तिथियों और स्थलों पर नियमित रूप से चलेंगी। सबसे पहले अजमेर-रांची पूजा, दिवाली एवं छठ स्पेशल (09619/09620) ट्रेन 28 सितंबर से 30 नवंबर 2025 तक हर रविवार को चलेगी। इसके अलावा रांची से आनंद विहार टर्मिनल के लिए साप्ताहिक दिवाली/छठ स्पेशल (02877/02878) 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक शुक्रवार को और आनंद विहार से 19 अक्टूबर से 2 नवंबर तक रविवार को चलेगी। रांची से आरा के लिए भी साप्ताहिक विशेष ट्रेन (08640/08639) 28 सितंबर से 2 नवंबर तक रविवार को, जबकि आरा से 29 सितंबर से 3 नवंबर तक सोमवार को चलेगी। जयनगर के लिए साप्ताहिक दिवाली-छठ स्पेशल (08105/08106) ट्रेन 18 अक्टूबर से 1 नवंबर तक शनिवार को और जयनगर से 19 अक्टूबर से 2 नवंबर तक रविवार को चलेगी। पूर्णिया कोर्ट साप्ताहिक विशेष ट्रेन (08626/08625) रांची से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक शुक्रवार को, तथा पूर्णिया कोर्ट से 18 अक्टूबर से 1 नवंबर तक शनिवार को चलेगी। कामाख्या के लिए भी पूजा, दिवाली और छठ विशेष ट्रेन (08621/08622) 27 सितंबर से 1 नवंबर तक शनिवार को और वहां से 29 सितंबर से 3 नवंबर तक सोमवार को चलाई जाएगी। गोरखपुर के लिए साप्ताहिक दिवाली-छठ स्पेशल (08629/08630) ट्रेन रांची से 18 अक्टूबर से 1 नवंबर तक शनिवार को और गोरखपुर से 19 अक्टूबर से 2 नवंबर तक रविवार को चलेगी। रेल प्रशासन ने बताया कि इन ट्रेनों में सामान्य, स्लीपर और एसी कोच उपलब्ध होंगे, जिससे हर तरह के यात्री आराम से यात्रा कर सकेंगे। त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस बार यह कदम उठाया गया है ताकि वे सुगमता से और सुरक्षित यात्रा कर सकें। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी यात्रा पहले से ही बुक कर लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस पहल से त्योहारों के दौरान रांची और जुड़े इलाकों में यात्रा व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।  

बिहार की सियासत में हलचल: RJD के दो विधायक थामेंगे कमल का दामन

पटना  बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले हलचल तेज हो गई है। कैमूर जिले से दो विधायकों, भभुआ से भरत बिंद और मोहनियां से संगीता कुमारी ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में नई सरगर्मी पैदा कर दी है। दोनों नेता फिलहाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) में हैं, लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर जीत दर्ज की थी। सूत्रों के मुताबिक, बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने दोनों विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही, विधानसभा के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि भरत बिंद और संगीता कुमारी दोनों ही BJP के टिकट पर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।   RJD से BJP की ओर सफर भरत बिंद और संगीता कुमारी ने 2020 के चुनाव में RJD के टिकट पर जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे थे। दोनों ने बाद में पार्टी से नाता तोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इस कदम से नाराज़ RJD नेता तेजस्वी यादव ने उस समय विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर दोनों की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब दोनों के औपचारिक इस्तीफे ने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। BJP में टिकट की जंग तेज राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भरत बिंद और संगीता कुमारी के इस्तीफे BJP के लिए संगठन विस्तार का अवसर हैं। दोनों नेता अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार रखते हैं और भाजपा के टिकट पर आगामी चुनाव लड़ने के लिए प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। कैमूर और आस-पास के इलाकों में भाजपा की रणनीति के तहत इन नेताओं का इस्तीफा एक सोचा-समझा कदम माना जा रहा है। कांग्रेस विधायक का भी इस्तीफा वहीं, चेनारी विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुरारी गौतम ने भी इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि वे भी भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। यह कदम न केवल कांग्रेस के लिए झटका है, बल्कि यह भाजपा की रणनीति में एक और अहम जोड़ मानी जा रही है। महागठबंधन को लगा बड़ा झटका महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-लेफ्ट) के लिए ये इस्तीफे किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं। तीनों विधायक जिन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, वे RJD और कांग्रेस दोनों के परंपरागत वोटबैंक वाले क्षेत्र रहे हैं। अब इन सीटों पर भाजपा की पकड़ मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। तेज होते समीकरण बिहार में चुनावी माहौल अब पूरी तरह से गरमा गया है। टिकट वितरण को लेकर सभी दलों में जोरदार खींचतान चल रही है। RJD, कांग्रेस और JDU जहां अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में हैं, वहीं भाजपा लगातार विपक्षी दलों से प्रभावशाली चेहरों को जोड़कर अपनी ताकत बढ़ा रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इन इस्तीफों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि आने वाले महीनों में बिहार की राजनीति में और भी बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल, टिकट के दावेदारों की बढ़ती संख्या और गठबंधन के अंदर की खींचतान बिहार की राजनीति को और दिलचस्प बना रही है।