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कैथल NIILM यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर: UGC का बड़ा फैसला, जानें अब क्या होगा

नई दिल्ली विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.जी.सी.) ने यू.जी.सी. अधिनियम, 1956 की धारा 13 के तहत अनिवार्य जानकारी जमा न करने और अपनी वैबसाइट पर सार्वजनिक जानकारी न देने के कारण कम से कम 54 राज्य स्तरीय निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर (चूककर्त्ता) घोषित किया है, जिसमें NIILM विश्वविद्यालय भी शामिल है। ई-मेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से भेजे गए कई स्मरणपत्रों (रिमाइंडर्स) का हवाला देते हुए यू.जी.सी. ने कहा कि विश्वविद्यालयों को निरीक्षण के लिए विस्तृत जानकारी, रजिस्ट्रार द्वारा विधिवत सत्यापित सहायक दस्तावेजों के साथ जमा करने का निर्देश दिया गया है। यू.जी.सी. सचिव मनीष जोशी ने कहा, "उन्हें भरे हुए प्रारूप और परिशिष्टों को होम पेज पर एक लिंक देकर अपनी वैबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है ताकि जानकारी छात्रों और आम जनता के लिए सुलभ हो सके। इसके बाद ई-मेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से कई स्मरणपत्र भेजे गए।" सार्वजनिक जानकारी देने से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थानों को हितधारकों को जानकारी प्रदान करने के लिए एक वैबसाइट रखनी होगी, जो चालू हो।

कफ सिरप की आपूर्ति राजस्थान में स्थगित, दोबारा होगी गुणवत्ता जांच

जयपुर खांसी की सिरप Dextromethorphan HBr Syrup से बच्चों की तबियत बिगड़ने के मामले में राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी सामने आए हैं। मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा में भी खांसी की सिरप को पीने से 6 बच्चों की मौत हो गई है। राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर ने इस दवा के साथ अब सभी तरह की कफ सिरप की सप्लाई  पर तत्काल रोक लगा दी है। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पाेरेशन के निदेशक जय सिंह का कहना है कि राजस्थान में फिलहाल सभी तरह की कफ सिरप की फिर से क्वालिटी चैकिंग (QC) करवाई जा रही है। तब तक के लिए इनकी सप्ताई को रोक दिया गया है।  गौरतलब है कि खांसी की यह दवा, कम्पनी द्वारा इस वर्ष के क्रयादेश के तहत जून, 2025 से आपूर्ति की जा रही है। इस सिरप को अब तक 1 लाख 64 हजार से अधिक मरीजों को दिया जा चुका है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि  28 सितम्बर से पहले उसे इस सिरप को लेकर एक भी शिकायत नहीं  मिली थी। लेकिन जानकारी के अनुसार सितंबर के दूसरे सप्ताह में बांसवाड़ा में करीब 7 बच्चे इस सिरप को लेकर गंभीर रूप से बीमार हुए जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती भी होना पड़ा। आरएमएससीएल के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रवीण गुप्ता ने बताया कि बांसवाड़ा जिले को इस दवा के 50 हजार डोज मिले थे। इनमें से 13 हजार चिकित्सा केंद्रों को वितरित किए गए थे और शेष 37 हजार डोज वेयरहाउस में सुरक्षित रखे गए हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अब दवा का वितरण और उपयोग रोक दिया गया है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि जिले में जिस बैच की शिकायत मिली है, वह आपूर्ति यहां नहीं हुई थी, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे रोक दिया गया है। राजस्थान में  Dextromethorphan HBr Syrup की खरीद जून 2025 से हो रही है।  28 सितम्बर को दवा के संबंध में शिकायत होने के बाद सम्पूर्ण प्रकरण की जांच के लिए विभाग ने तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है। इस कमेटी में आरएमएससीएल के कार्यकारी निदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण), कार्यकारी निदेशक (लॉजिस्टिक) एवं मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के नोडल अधिकारी को शामिल किया गया है। यह कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट आने पर प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। केंद्र की गाइडलाइन थी, यह दवा 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं   स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भारत सरकार ने इस दवा के संबंध में 2 साल पहले एक गाइडलाइन जारी की थी कि यह दवा 4 साल से छोटे बच्चों के लिए नहीं है। प्रदेश में इस दवा से तबियत बिगड़ने के जितने भी मामले सामने आए हैं वे सभी बच्चे 4 साल से कम उम्र के हैं। आरएमएससीएल प्रबंधन ने बताया कि 28 सितम्बर, 2025 को औषधि Dextromethorphan HBr Syrup IP 13.5mg/5ml [440] के बैच नम्बर KL-25/147 की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भरतपुर व  29 सितम्बर,2025 को जिला सीकर से उक्त औषधि के बैच संख्या KL-25/148 के संबंध में आरएमएससीएल को शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि सिरप का मरीजों द्वारा उपयोग करने पर उल्टी, नींद, घबराहट, चक्कर, बेचैनी, बेहोशी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। अन्य कम्पनी द्वारा आपूर्ति की जा रही दवा के वितरण पर भी रोक आरएमएससीएल  ने  शिकायती बैच के साथ ही प्रभावी कदम उठाते हुए उक्त औषधि के संबंधित सप्लायर द्वारा क्रयादेश के तहत सप्लाई किये गए सभी बैचों पर तत्काल प्रभाव से उपयोग पर रोक लगा दी है। साथ ही, एहतियात के तौर पर अन्य कम्पनी द्वारा आपूर्ति की जा रही खाँसी की इस दवा का वितरण भी आगामी आदेशों तक रोक दिया गया है तथा इसकी भी पुनः गुणवत्ता जाँच करवाई जा रही है। पुन: गुणवत्ता जाँच रिपोर्ट आने पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।

राजस्थान: ऊंट निर्यात प्रतिबंध हटाया गया, 2014 में हुआ था लागू

जयपुर राजस्थान का राज्य पशु और रेगिस्तान का जहाज कहलाने वाले ऊंट के निर्यात पर भजनलाल सरकार ने प्रतिबंध हटा लिया है। लगभग 11 साल पहले तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने ऊंट को राज्य पशु घोषित करते हुए इसके वध को निशेध करने व अन्य राज्यों में इसकी खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए  विधानसभा में "राजस्थान ऊंट (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रजनन या प्रवासन का विनियमन) अधिनियम, 2015" पारित करवा करवाया था। अब मौजूदा सरकार ने ऊंटों की घटती आबादी को आधार बनाकर  अन्य राज्यों में अस्थायी प्रजनन या प्रवासन की अनुमति देने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला ऊंटों की गिरती संख्या और पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सशर्त निर्यात और प्रवासन की अनुमति से जहां ऊंटपालकों को राहत मिलेगी, वहीं उनके संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। पशुपालन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ऊंटों को राज्य से बाहर ले जाने के लिए अब कुछ जरूरी प्रक्रियाओं और शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। अधिसूचना के अनुसार:     पूर्व अनुमति आवश्यक:     राज्य से ऊंटों को बाहर ले जाने के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी।     स्वास्थ्य परीक्षण जरूरी:     पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा ऊंट का स्वास्थ्य परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। बिना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के ऊंट का परिवहन अवैध माना जाएगा।     अस्थायी प्रजनन व कृषि उपयोग हेतु अनुमति:     यदि ऊंट को अस्थायी प्रजनन या कृषि उद्देश्यों के लिए ले जाया जा रहा है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा और वापसी की तिथि भी निर्धारित करनी होगी।     निर्धारित समय में वापसी अनिवार्य:     यदि ऊंट अस्थायी रूप से राज्य से बाहर ले जाया गया है, तो उसे निर्धारित समयावधि में वापस लाना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर अनुमति स्वतः निरस्त हो जाएगी।     कृषि और शैक्षणिक प्रयोग के लिए विशेष अनुमति:     अधिनियम की धारा 15 के उपबंध (7) के तहत कृषि और शैक्षणिक प्रयोगों हेतु ऊंटों को ले जाने के लिए विशेष अनुमति दी जा सकेगी।     सही दस्तावेज और विवरण आवश्यक:     ऊंट का प्रयोग कहां, किस उद्देश्य से और कितने समय के लिए किया जा रहा है, इसका पूरा विवरण अनुमति पत्र में देना होगा।     नियम उल्लंघन पर सजा, 25 हजार तक जुर्माना     राज्य सरकार ने कहा – नियमों के उल्लंघन पर राजस्थान ऊंट (वध निषेध और अस्वीकृत प्रवास या नियमन) अधिनियम–2015 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें ऊंट को मारने पर 7 साल तक की सजा है। अवैध परिवहन, तस्करी पर 6 माह से 3 साल तक की सजा और 3 हजार से 25 हजार तक जुर्माना देना होगा।

योगी सरकार की सख्ती से किसानों का पंजीकरण तेज़ी से हो रहा पूरा

योगी सरकार का किसानों के पंजीकरण पर जोर, सभी जनपदों में 50% कार्य पूर्ण योगी सरकार की सख्ती से किसानों का पंजीकरण तेज़ी से हो रहा पूरा हर गांव में अनिवार्य रूप से लगेगा एक पंजीकरण शिविर, रामपुर, बिजनौर और हरदोई जिलों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योगी सरकार किसानों के पंजीकरण कार्य पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेशभर में किसानों का पंजीकरण तेजी से कराया जा रहा है। अब तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में 50 प्रतिशत तक फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जिन्होंने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया होगा। ऐसे में योगी सरकार जल्द से जल्द प्रदेश भर के किसानों के रजिस्ट्रेशन प जोर दे रही है।  हर जिले में शिविर लगाने के निर्देश योगी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि पीएम किसान पोर्टल पर प्रत्येक किसान का विवरण अपडेट कराया जाए। इसके लिए 16 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रतिदिन शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक गांव में कम से कम एक शिविर आयोजित करना अनिवार्य होगा। यहां पर किसानों को मौके पर पंजीकरण और विवरण अपडेट करने की सुविधा दी जाएगी। कई जिलों ने 55% से अधिक पंजीकरण कार्य पूरा किया प्रदेश में अब तक 50% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें कई जिले उल्लेखनीय प्रगति कर चुके है। रामपुर – 61.37% बिजनौर – 58.92% हरदोई – 58.31% श्रावस्ती – 58.01% पीलीभीत – 57.58% अंबेडकरनगर – 57.46% मुरादाबाद – 57.17% बरेली – 56.80% गाजियाबाद – 56.79% कौशाम्बी – 56.09% किसानों से की गई अपील योगी सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपना पंजीकरण कराएं ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से वंचित न होना पड़े।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई

महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश के महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

CM नायब सिंह सैनी का ऐलान: फरीदाबाद में खुलेंगे नए सरकारी प्ले स्कूल, बच्चों को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़/फरीदाबाद  हरियाणा में दो हजार प्ले स्कूल खोले जाएंगे, जहां छोटे बच्चों को उनके घर के पास ही गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र में पोषण माह की 8वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम में यह घोषणा की। सीएम की घोषणा से फरीदाबाद को भी सौ से अधिक स्कूल मिलने की उम्मीद बंधी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में आंगनबाड़ी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करते हुए आज 15 करोड़ रुपये की लागत से 500 नवीनीकृत आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण और नौ करोड़ रुपये की लागत से बने 64 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पोषण कैलेंडर का भी अनावरण किया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया। राज्य सरकार बच्चों और महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोषण माह केवल विभागीय योजना नहीं, बल्कि शिक्षा, कृषि, पंचायत, महिला एवं बाल विकास और ग्राम विकास विभागों के संयुक्त प्रयास से एक बहुआयामी आंदोलन है। इसके तहत समेकित बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत 6 साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर, मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक विकास की देखरेख की जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में 4 हजार प्ले-वे स्कूल खोले गए हैं। इनमें 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस वित्त वर्ष के बजट में 2 हजार और प्ले-वे स्कूल खोले जाएंगे। ये स्कूल आंगनबाड़ी केंद्रों में ही संचालित किए जाएंगे। इनकी पहचान कर ली गई है। प्रदेश में चल रहे 500 क्रेच : मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए विस्तृत क्रेच नीति लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। भारत सरकार ने हरियाणा के सभी जिलों में 628 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी-सह-क्रेच में बदलने की स्वीकृति दी है। इस समय प्रदेश में 500 क्रेच चल रहे हैं। इनमें से 303 क्रेच आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करके बनाए गए हैं। शेष 197 स्टैंडलोन क्रेच चल रहे हैं। इन क्रेच सेवाओं का लाभ 3,670 से अधिक कामकाजी महिलाओं को हो रहा है। खेड़ी कलां में आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन जिला स्तर के कार्यक्रम में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने हिस्सा लिया। इस दौरान फरीदाबाद के गांव खेड़ी कलां में हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने नव-नवीनीकृत आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन किया। मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा का मजबूत आधार बनेंगे। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम में मंत्री ने दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं दीं और पोषण माह 2025 को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने मोटापे पर नियंत्रण और संतुलित आहार के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर गर्भवती महिला की गोद भराई, बच्ची का अन्नप्राशन और एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी मिनाक्षी चौधरी ने पोषण जागरूकता पर जानकारी दी। कार्यक्रम में गीतिका सभरवाल, डॉ. मंजू श्योरान सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर भी मौजूद रहे। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति ● 1294 आंगनबाड़ी केंद्र ● 117 प्ले स्कूल चल रहे ● 9 केंद्र स्कूल सहित आंगनबाड़ी ● 3 स्टैंड अलोन केंद्र ● 6 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र  

हर सेक्टर में है अपार संभावनाएं, CM ने दिया पंजाब में निवेश का न्योता

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को उद्योगपतियों को देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आमंत्रण देते हुए कहा कि पंजाब राज्य अपनी उद्योग-हितैषी नीतियों और अनुकूल व्यापारिक माहौल के कारण अब दुनिया भर में सबसे पसंदीदा स्थान के रूप में उभरा है. इस दौरान उन्होंने उद्योगपतियों से बातचीत करते हुए कहा कि उद्योगपति अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं, क्योंकि वे कई परिवारों को रोजगार देते हैं. उन्होंने कहा कि कई प्रमुख उद्योगपतियों ने राज्य में निवेश और अपने व्यवसाय का विस्तार किया है, क्योंकि पंजाब में मौजूद अपार संभावनाएं उन्हें निवेश के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करती हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत की कुल भूमि का केवल 1.5 प्रतिशत होने के बावजूद, पंजाब आज देश के कुल जीडीपी में 3 प्रतिशत योगदान देता है. पंजाब ने दुनिया में बनाई विशिष्ट पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र भूमि के मेहनती और साहसी लोगों ने दुनिया भर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की भूमि है और पंजाब की उपजाऊ धरती पर कुछ भी उग सकता है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि भले ही कठिन समय ने राज्य के उद्योगों को बड़ा झटका दिया था, फिर यह पुनः सृजित हुआ और अच्छी तरह से विकसित हुआ. कहा कि पंजाब वीडियो और फिल्मों की शूटिंग के लिए उपयुक्त माहौल प्रदान करता है और यह हर क्षेत्र में अग्रणी रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब में एक फिल्म सिटी की योजना बना रही है, क्योंकि यहां फिल्म उद्योग के लिए बड़ी संभावनाएं हैं. कहा कि आम तौर पर देश में और खासकर पंजाब में मनोरंजन के बुनियादी ढांचे की कमी है. जिससे मनोरंजन उद्योग संघर्ष कर रहा है और अब राज्य सरकार इस ओर विशेष ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि पवित्र शहर अमृतसर में एक और क्रिकेट स्टेडियम बन रहा है, जो खेल उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन देगा. भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ओद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वित्त से अधिक कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पांच पावर प्लांट हैं, जिनमें से सभी राज्य सरकार के हैं. कहा कि राज्य में बिजली उत्पादन के लिए कोयले के बड़े भंडार मौजूद हैं. पंजाब देश का अन्नदाता है, इसलिए यहां खाद्य उत्पादन उद्योग के लिए बड़ी संभावनाएं हैं. राज्य ने सिंगल विंडो प्रणाली को सही मायने में लागू किया है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य तेजी से दुनिया भर में सबसे पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में उभर रहा है. पंजाब को इसकी साहसी और उद्यमी भावना तथा समृद्ध विरासत के लिए हमेशा जाना गया है. कहा कि पिछले तीन सालों में पंजाब के ओद्योगिक सफर में बड़ी बदलाव और प्रगति देखने को मिली है. आज राज्य एक बड़ा उद्योगिक हब बन गया है, जो फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट, हैंड टूल, बाई-साइकिल, आईटी, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी बनकर उभरा है. पंजाब की ओद्योगिक प्रगति ने वास्तव में दुनिया भर में अपनी छाप छोड़ी है, क्योंकि दुनियाभर के निवेशकों ने राज्य की क्षमता को पहचाना है.   2022 से पंजाब को मिले 1.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2022 से पंजाब को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 4.7 लाख से अधिक नौकरियों के सृजन की संभावना है. इसके चलते पंजाब ओद्योगिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक उभरता केंद्र बन गया है. यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का घर है, जिनमें नेस्ले, क्लास, फ़्रोडेनबर्ग,कारगिल, बर्बियो , डीनोन और अन्य शामिल हैं. जो यहां अपने कार्यालय स्थापित कर राज्य की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान दे रही हैं. इन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पंजाब की अपार क्षमता और राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए अनुकूल माहौल पर भरोसा जताया है. जापान, अमेरिका, जर्मनी, यूके, यूएई, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, स्पेन और अन्य देशों के निवेश से राज्य की वैश्विक पहुंच स्पष्ट होती है. कहा कि उनका मानना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, क्योंकि पंजाब वास्तव में न केवल भारतीय निवेशकों के लिए बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए एक पसंदीदा निवेश स्थल बन गया है.  

शादी के बाद पहली ही रात में मौत, जौनपुर में 75 वर्षीय बुजुर्ग की जीवन लीला समाप्त

जौनपुर उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 75 साल के बुजुर्ग ने 35 साल की महिला से शादी की और सुहागरात के बाद ही उनकी अचानक मौत हो गई. अब गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. मामला गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव का है.  संगरू राम की पत्नी की एक साल पहले मौत हो चुकी थी. संगरू राम के कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती करके जीवन यापन कर रहे थे. जबकि उनके भाई और भतीजे दिल्ली में रहकर कारोबार करते हैं. गांव वालों के मुताबिक, संगरू राम पिछले कुछ दिनों से दूसरी शादी करने की बात कर रहे थे. गांव के लोगों ने उन्हें बहुत उम्र हो जाने को कहकर समझाने की कोशिश भी की लेकिन वह नहीं माने. सोमवार को उन्होंने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज करने के बाद मंदिर में शादी रचाई. मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी. उनकी पहली शादी से दो बेटियां और एक बेटा है. मनभावती ने बताया कि संगरू ने मुझसे कहा था कि तुम बस मेरा घर संभाल लेना, बच्चों की जिम्मेदारी मैं उठाऊंगा. शादी के बाद हम रात में देर तक बातें करते रहे. सुबह उनकी तबियत अचानक खराब हो गई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई. संगरू राम के भतीजों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया है. अब सवाल ये है कि क्या पुलिस जांच में जुटती है और पोस्टमार्टम कराया जाता है या नहीं. फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

डैमेज कंट्रोल मोड में हरियाणा कांग्रेस, कैप्टन अजय यादव संग राव नरेंद्र की बैठक

नई दिल्ली  हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए गए राव नरेंद्र सिंह का कई सीनियर नेताओं ने विरोध किया था। कैप्टन अजय सिंह यादव ने यह कहते हुए विरोध किया था कि किसी स्वच्छ छवि वाले नेता को कमान मिलनी चाहिए थी, लेकिन उससे उलट फैसला हुआ है। इससे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है।  इसे आंतरिक कलह और गुटबाजी के तौर पर देखा गया था, लेकिन राव नरेंद्र सिंह ने ही इसे खत्म करने का जिम्मा उठा लिया है। वह खुद मंगलवार को कई नेताओं से जाकर मिले, जिन्हें उनके विरोधी खेमे का नेता माना जाता है। इन नेताओं में चौधरी वीरेंद्र सिंह, रणदीप सुरजेवाला शामिल हैं। यही नहीं अपनी नियुक्ति का ही विरोध करने वाले कैप्टन अजय यादव से भी उन्होंने मीटिंग की।  

शारदीय नवरात्र की महानवमी को नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन किया गोरक्षपीठाधीश्वर ने

बेटियों के पांव पखार सीएम योगी ने की मातृ शक्ति की आराधना शारदीय नवरात्र की महानवमी को नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन किया गोरक्षपीठाधीश्वर ने कन्या पूजन अनुष्ठान में अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने, दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद गोरखपुर मातृ शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा व सम्मान गोरक्षपीठ की परंपरा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नारी सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की अनेक योजनाओं से इस परंपरा का व्यावहारिक धरातल पर विस्तार किया है। मातृ शक्ति के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करते हुए सीएम योगी ने बुधवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप कन्या पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर ने नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पांव पखारे, उनका विधि विधान से पूजन किया, चुनरी ओढाई, आरती उतारी, श्रद्धापूर्वक भोजन कराया, दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने परंपरा का निर्वहन करते हुए बटुक पूजन भी किया। बुधवार को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के अन्न क्षेत्र के प्रथम तल स्थित भोजन कक्ष में पीतल के परात में जल से नौ नन्ही बालिकाओं के बारी-बारी पांव धोये। दुर्गा सप्तशती के मंत्रोच्चार के बीच उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत आदि का तिलक लगाया। पुष्प और दुर्वा से उनका अभिषेक किया। माला पहनाकर, चुनरी ओढ़ाकर, उपहार एवं दक्षिणा प्रदान कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने एक छह माह की बच्ची के भी पांव पखारे और पूजन कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने हनुमानजी के वेश में आए एक बालक को भी तिलक लगाया और माला पहनाकर अंगवस्त्र ओढ़ाया। पूजन के बाद कन्याओं और बटुकों को मंदिर की रसोई में पकाया गया ताजा भोजन प्रसाद सीएम योगी ने अपने हाथों से परोसा। नौ कन्याओं के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पहुंची बालिकाओं और बटुकों का भी मुख्यमंत्री ने पूजन कर आरती उतारी। सभी को श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर उपहार व दक्षिणा दिया गया।  कन्याओं व बटुकों को अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने अपने महराज जी (सीएम योगी आदित्यनाथ) का प्यार-दुलार पाने के लिए नन्हीं बालिकाओं व बटुकों की आतुरता देखते ही बन रही थी। सत्कार और स्नेह के भाव से मुख्यमंत्री ने एक-एक कर नौ कन्याओं व बटुक भैरव के पांव पखारे और पूजन किया। इस दौरान सीएम योगी के हाथों दक्षिणा मिलने से ये बालिकाएं काफी प्रफुल्लित दिखीं। पूजन के बाद कन्याओं व बटुकों को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसते समय सीएम निरंतर संवाद भी करते रहे। यह भी ख्याल रखते रहे कि किसी भी बालक-बालिका की थाली में प्रसाद की कोई कमी न रहे। इसे लेकर वह मंदिर की व्यवस्था से जुड़े लोगों को निर्देशित करते रहे।  कन्या पूजन के दौरान गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य सतुआ बाबा आदि मौजूद रहे। सीएम योगी ने कन्या पूजन से पूर्व प्रातःकाल के पूजन सत्र में मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से आराधना की।