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लंपी वायरस की रोकथाम के लिए योगी सरकार अलर्ट, 25 जिलों में 606 टीमें तैनात

योगी सरकार ने लंपी वायरस की रोकथाम के लिए 25 जनपदों में 606 टीमें कीं तैनात लंपी स्किन डिजीज से अब तक 9,003 पशु प्रभावित, 16.08 लाख से अधिक पशुओं का हुआ टीकाकरण पशुओं में लंपी स्किन डिजीज को लेकर गांव-गांव जाकर किसानों को किया जा रहा है जागरूक लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पशुधन को लंपी स्किन डिजीज से सुरक्षित रखने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर रोकथाम एवं नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के 25 जनपदों में 606 टीमें तैनात कर प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में निगरानी, उपचार और टीकाकरण का कार्य तेज किया गया है।     इस दौरान पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रभावित जनपदों में विशेष सतर्कता एवं प्रभावी नियंत्रण उपाय सुनिश्चित किया जा रहा है। बीमारी की रोकथाम के लिए रिंग वैक्सीनेशन, संक्रमित पशुओं को अलग रखना, वेक्टर कंट्रोल, कीटाणुशोधन तथा साफ-सफाई जैसे प्रभावी उपाय प्राथमिकता दी जाए। टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करते हुए इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पशु चिकित्सक निर्धारित समय पर चिकित्सालयों में उपस्थित रहें तथा गांवों में शिविर लगाकर टीकाकरण अभियान को गति दें। पशु सखी, पैरावेट एवं मैत्री को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर टीकाकरण की शत-प्रतिशत सुनिश्चितता पर विशेष ध्यान दिया जाए।   उन्होंने जनप्रतिनिधियों, गोपालकों एवं गोशाला संचालकों के साथ जनजागरूकता बैठकें आयोजित करने तथा बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक गो आश्रय स्थल में हरे चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। विभागीय अभियान के तहत अब तक प्रदेश में 16,08,548 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं, लंपी स्किन डिजीज के संक्रमण से अब तक 9,003 पशु प्रभावित होने की सूचना है। प्रभावित पशुओं की पहचान के साथ ही उनके उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  प्रभावित जनपदों में लगातार रखी जा रही है निगरानी लंपी वायरस की रोकथाम के लिए तैनात 606 टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं। टीमों द्वारा पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव के उपाय और संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। संदिग्ध मामलों की जानकारी मिलने पर तत्काल पशु चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया जा रहा है। टीकाकरण पर दिया जा रहा विशेष जोर लंपी स्किन डिजीज के नियंत्रण में टीकाकरण को महत्वपूर्ण उपाय मानते हुए विभाग द्वारा प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 16 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। साथ ही पशुपालकों से अपील की जा रही है कि वे अपने पशुओं का समय से टीकाकरण कराएं और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा विभागीय टीम को सूचना दें। पशुपालकों को किया जा रहा जागरूक विभाग की ओर से पशुपालकों को स्वच्छता बनाए रखने, पशुओं के आसपास मच्छर-मक्खी जैसे वाहक कीटों की रोकथाम करने तथा संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी जा रही है। पशुओं में शरीर पर गांठें, बुखार, त्वचा पर घाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि समय रहते संक्रमण की पहचान, प्रभावी निगरानी, टीकाकरण और उपचार के माध्यम से लंपी स्किन डिजीज के प्रसार को नियंत्रित किया जाए, जिससे पशुधन की सुरक्षा के साथ पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को भी कम किया जा सके।

पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कहना तानाशाही, सपा की बयानबाजी का चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा- राजभर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव और सपा नेताओं पर तीखा हमला बोला है। ओपी राजभर ने कहा कि सपा के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक यह मान चुके हैं कि 2027 में उनकी सरकार नहीं बनने जा रही है। इसी वजह से वे अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। इसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जनता का गुस्सा सपा के खिलाफ दिन दूना, रात चौगुना बढ़ता दिखाई देगा। पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कहना तानाशाही: राजभर कैबिनेट मंत्री ने रायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और पुलिस के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष ने जिस तरह पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कही, वह अनुचित है। समाजवादी पार्टी के नेता अभी सत्ता में नहीं हैं, इसके बावजूद उनका रवैया तानाशाहीपूर्ण है। इस तरह की बयानबाजी से उनकी मानसिकता का पता चलता है और प्रदेश में सपा के लोग गांवों, सड़कों और चौराहों पर अभी से बांह फटकार रहे हैं कि सरकार आने पर वे सबको सबक सिखाएंगे। संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का लगाया आरोप ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव किसी भी संवैधानिक संस्था को नहीं मानते हैं। वह चुनाव आयोग और एएसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठाते हैं। अखिलेश यादव इस बात से परेशान हैं कि किसान खुशहाल क्यों हो रहे हैं। समाजवादी पार्टी चाहती है कि लोग बदहाली में रहें, ताकि वह इसका राजनीतिक लाभ उठा सके।  जातिवाद फैलाने का लगाया आरोप ओपी राजभर ने सपा नेताओं पर जातिवाद का जहर फैलाने का आरोप लगाते हुए पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी समेत अन्य नेताओं की कथित टिप्पणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, जाट, गुर्जर और राजपूत समाज को लेकर अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं की ओर से सवर्णों को प्रदेश से खदेड़ने जैसी बातें भी कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले पीडीए को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताती थी, फिर इसमें आधी आबादी, अगड़ा, पंडित और अहिर जैसे अर्थ जोड़ने लगी। राजभर ने आरोप लगाया कि पार्टी का नेतृत्व और उसके नेता अपनी राजनीतिक दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं।  ओपी राजभर ने साधा निशाना ओपी राजभर ने कहा कि सपा नेताओं की बयानबाजी और धमकी भरे रवैये से जनता में नाराजगी बढ़ रही है, जिसका असर 2027 के चुनाव में दिखाई देगा। निषाद समाज और भगवान राम को लेकर कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के लोग अपने सांसद का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी धार्मिक आस्था के खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त करेंगे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों ने सांसद से कहा कि वे उनकी इज्जत करते हैं, लेकिन धर्म के खिलाफ इस तरह की अनर्गल बयानबाजी नहीं करें।

कैंसर-हृदय रोग के मरीजों को राहत, जिला अस्पताल में कम कीमत पर मिलेंगी दवाएं

यमुना नगर. मरीजों को सस्ती व सुलभ दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में खोली जा रही अमृत (अफोर्डेबल मेडिसिन एंड रिलाइबल इंप्लांटस फार ट्रीटमेंट) फार्मेसी का स्टोर तैयार हो गया है। इसके साथ ही वीटा का बूथ भी खुलेगा। दोनों एक जगह होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी। अस्पताल में दाखिल तीमारदारों को वीटा बूथ से दूध व चाय की सुविधा मिलेगी। वहीं दवाइयों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, अगले सप्ताह यह दोनों शुरू हो जाएंगे। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल परिसर जन औषधि केंद्र भी चल रहा है, यहां पर दवाइयों से लेकर स्टाफ तक की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के फार्मेसिस्ट देखते हैं। यदि अस्पताल में कोई दवाई उपलब्ध नहीं है तो मरीज यहां जन औषधि केंद्र से जेनरिक दवाइयां सस्ती कीमत पर ले सकता है। कई बार जन औषधि केंद्र पर भी दवाई नहीं मिल पाती ऐसे में मरीज को बाहर स्टोर से ही दवाई लेनी पड़ती है। सस्ते दामों में मिलेंगी महंगी दवाइयां अमृत फार्मेसी केंद्र में मरीजों के लिए दवाइयां और इम्प्लांट्स बाजार मूल्य की तुलना में कम कीमत पर मिलेगी। इस केंद्र पर कैंसर से लेकर हृदय रोग सहित गंभीर बीमारियों की दवाइयां भी उपलब्ध रहेगी। अच्छी बात ये है कि बाहर के मरीज भी यहां आकर दवाई ले सकेंगे।

जमीन विवाद में स्पेशल DGP के रिश्तेदारों पर कार्रवाई, भाभी-भतीजा बने आरोपी

चंडीगढ़. पंजाब के स्पेशल डीजीपी रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की भाभी अमरीन राय और भतीजा आकाशदीप अब अपराध की दुनिया में कदम रख चुके हैं। अमरीन राय को चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया तो आकाशदीप की मोहाली में पांच करोड़ रंगदारी के लिए कारोबारी के घर फायरिंग केस में गिरफ्तारी हुई है। एक रसूखदार परिवार की बहू और उसके बेटे को अपराध की दुनिया में पहुंचाने के पीछे का कारण जमीन की लड़ाई और गैंगस्टर्स से कनेक्शन सामने आया है। अमरीन ने जमीन विवाद की वजह से चिन्नी की हत्या के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल को सुपारी दी थी। यहां तक कि वह अपने ससुर त्रिलोक सिंह राय को भी मरवाना चाहती थी। ससुर की हत्या के लिए भी सुपारी देने की कोशिश की थी। पुलिस को दिए अमरीन के कबूलनामे और चिन्नी की हत्या करने वाले शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान के बयान में भी इसका जिक्र है। शूटर राजन ने पुलिस को बताया कि अमरीन ने लक्की पटियाल से कहा था कि या तो चिन्नी को मरवा दे या फिर उसके ससुर को। अमरीन का अपने ससुर के साथ जमीन-जायदाद को लेकर विवाद चल रहा था। अमरीन ने भी पुलिस को बताया कि उसके ससुर कहते थे कि प्राॅपर्टी उन्होंने बनाई है और जब तक जिंदा हैं, किसी को नहीं देंगे। वर्ष 2024 में ससुर ने जीरकपुर में रमाडा होटल के पास डेढ़ एकड़ जमीन 34-35 करोड़ रुपये में बेची थी। दोनों बेटों को नौ-नौ करोड़ रुपये दिए गए। अमरीन ने अपने पति के हिस्से के नौ करोड़ रुपये से मुल्लांपुर में साढ़े आठ एकड़ जमीन खरीदी गई थी। उसको यह जमीन चिन्नी ने दिलवाई थी। बाद में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर दोनों में विवाद हो गया। उसे इतना पता लग चुका था कि चिन्नी ने उसे मुल्लांपुर वाली जमीन मार्केट रेट से कहीं महंगे दाम पर बेची थी। चिन्नी ने उसके साथ पहले ही बड़ा धोखा कर दिया था। उधर, चिन्नी ने अमरीन के ससुर त्रिलोक सिंह से संपर्क किया और उन्हें बातों में फंसा लिया। अमरीन के ससुर ने उस पर यह जमीन वापस चिन्नी को ही बेचने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। अब अमरीन को डर था कि यह जमीन उसके हाथ से निकल जाएगी। अमरीन ने चिन्नी और अपने ससुर दोनों को रास्ते से हटाने के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क किया। हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाणा ने इंटरनेट मीडिया के जरिए राजन उर्फ पीयूष पहलवान से बात की। उसी ने डब्बा काॅल के जरिए स्पीकर ऑन कर लक्की पटियाल की अमरीन से बात करवाई। इस तरह राजन ने लक्की और अमरीन के बीच हुई बातचीत सुन ली थी। 18 मार्च को लक्की पटियाल ने राजन और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह को भेजकर सेक्टर-9 की जिम के बाहर चिन्नी की हत्या करवा दी। वारदात के अगले दिन पंजाब पुलिस ने दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था। आकाशदीप लाॅरेंस गैंग के शूटर मॉड्यूल में पकड़ा गया अमरीन राय जेल में बंद है और अब उनका बेटा आकाशदीप भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह लाॅरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर मॉड्यूल में पकड़ा गया है। उसने अपने तीन साथियों सहित मोहाली में पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के बाद कारोबारी के घर फायरिंग की। पुलिस ने उनके कब्जे से पांच पिस्तौल और 12 कारतूस बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चिन्नी हत्याकांड और मोहाली में सक्रिय लाॅरेंस गैंग के रंगदारी नेटवर्क के बीच संभावित कनेक्शन की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मॉड्यूल की सबसे अहम कड़ी चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल तक पहुंची है। पुलिस के मुताबिक, लाॅरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बलौंगी निवासी रविंदर सिंह उर्फ काली जेल में बंद होने के बावजूद इस नेटवर्क के लगातार संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि काली जेल में बैठकर पूरे गैंग को ऑपरेट करता था। मोहाली पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। इसके बाद उससे नेटवर्क के संचालन, शूटरों को निर्देश देने और जेल से बाहर बैठे सदस्यों के साथ संपर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी। विदेश में बैठे कुलवीर सिद्धू से कनेक्शन जांच में विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित कुलवीर सिंह सिद्धू के संपर्क में थे। उससे पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में कुलवीर सिद्धू का नाम सामने आने की बात कही जाती रही है।

सेवा संकल्प अभियान में रानीझाप एनीकट बना स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश केंद्र

रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गौरेला पेन्ड्रा जिले में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में आज रानीझाप एनीकट में स्वच्छता एवं जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का संदेश दिया गया। स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोतों के लिए चलाया स्वच्छता अभियान कार्यक्रम के दौरान रानीझाप एनीकट परिसर में विशेष स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। अधिकारियों, कर्मचारियों और सहभागियों ने जल स्रोत के आसपास साफ-सफाई करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान लोगों को समझाया गया कि जल स्रोतों की स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामूहिक प्रयास से ही इन्हें स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सकता है। जल संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक कार्यक्रम में जल के महत्व और भविष्य के लिए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष रूप से जोर दिया गया। सहभागियों को जल संरक्षण के विभिन्न उपायों की जानकारी देते हुए जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही जल स्रोतों में कचरा नहीं डालने, उन्हें प्रदूषण से बचाने तथा आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया गया। जल स्रोतों की सुरक्षा में जनभागीदारी पर जोर सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि जल स्रोत आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। छोटे-छोटे प्रयासों और सामूहिक सहभागिता से जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखा जा सकता है। स्वच्छता से संरक्षण तक, सामूहिक प्रयास का संदेश रानीझाप एनीकट में आयोजित कार्यक्रम ने स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। स्वच्छ जल स्रोत न केवल पेयजल और दैनिक जरूरतों के लिए आवश्यक हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय जीवन-व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसी उद्देश्य से सहभागियों ने जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को निरंतर बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को अपने आसपास के जल स्रोतों की स्वच्छता और सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

छत्तीसगढ़ के पीयूष जायसवाल ने DU छात्रसंघ चुनाव में दर्ज की जीत, 674 वोटों से जीते

गरियाबंद. दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शहीद भगत सिंह संध्या कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव 2026 में स्वतंत्र प्रत्याशी छत्तीसगढ़ के पीयूष जायसवाल ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। बेमेतरा के रहने वाले और देश के सबसे कम उम्र के मशहूर छात्र वैज्ञानिक व शोधकर्ता पीयूष जायसवाल ने किसी भी बड़े राजनैतिक दल का दामन थामे बिना, पूरी तरह स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर जॉइंट सेक्रेटरी (संयुक्त सचिव) पद पर एकतरफा चुनाव जीता है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को रिकॉर्डतोड़ 674 वोटों से हराकर विजय का परचम लहराया। दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ के किसी छात्र ने बिना किसी पार्टी बैनर के सिर्फ अपने दम पर अपनी प्रेरक भाषण शैली और दमदार नेतृत्व के भरोसे इतनी बड़ी जीत दर्ज की हो। देवभोग गरियाबंद से शुरू हुआ था दुनिया को चौंकाने वाला सफर पीयूष जायसवाल (सुपुत्र: प्यारे लाल जायसवाल, प्राचार्य – डीएवी बेमेतरा) की यह अद्भुत प्रतिभा नई नहीं है, बल्कि इसकी नींव छत्तीसगढ़ में ही पड़ चुकी थी। पीयूष जब छत्तीसगढ़ के डीएवी देवभोग गरियाबंद में कक्षा 4थी से 7वीं तक की पढ़ाई कर रहे थे, तभी मात्र 12 वर्ष की कम में (कक्षा 7वीं के दौरान) उन्होंने एक नया कीर्तिमान रच दिया था। वे इतनी छोटी सी उम्र में ही लेखक, कवि, वैज्ञानिक और शोधकर्ता बनकर पूरी दुनिया को चौंका चुके थे। उन्होंने ब्रह्मांड के रहस्यों पर अपनी प्रसिद्ध पुस्तक और गति के नियमों पर महत्वपूर्ण शोध पत्र लिखकर बचपन में ही देशभर में नाम रौशन कर दिया था। ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न’ से सम्मानित मुख्य शासकीय एवं राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से सुसज्जित प्रोफाइल पीयूष जायसवाल को उनकी असाधारण प्रतिभा के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर ढेरों सम्मान मिल चुके हैं। इसी वर्ष 12 जनवरी 2026 को युवा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीयूष को ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न’ पुरस्कार और ₹2,50,000/- (ढाई लाख रुपये) की प्रोत्साहन राशि से विशेष रूप से सम्मानित किया था। भौतिकी और खगोल विज्ञान की इतनी जटिल गणनाओं को इतनी कम उम्र में हल करने के कारण इन्होंने महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के पुराने कीर्तिमानों को चुनौती दी। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज सबसे कम उम्र में विज्ञान अनुसंधान के लिए इनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। इसके अलावा उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) अवार्ड, युवा वैज्ञानिक पुरस्कार चेन्नई दिल्ली में, बाल श्रेष्ठ पुरस्कार दिल्ली और समाज की ओर से कलचुरी गौरव रत्न पुरुकार दिल्ली सहित 75 से अधिक, अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय व प्रांतीय सम्मान मिल चुके हैं। भाषण शैली और अद्भुत नेतृत्व के भरोसे जीते चुनाव प्रचार के दौरान पीयूष जायसवाल के पास न तो कोई बड़ा राजनैतिक सहयोग था और न ही कोई बड़ी पार्टी का नाम। उन्होंने केवल अपनी अद्भुत बुद्धिमत्ता, बेबाक भाषण शैली और छात्र कल्याण के विजन को आगे रखा। जब पीयूष कॉलेज परिसर में भाषण देते थे, तो दिल्ली के स्थानीय छात्रों से लेकर अन्य राज्यों के छात्र उनकी वैज्ञानिक सोच और नेतृत्व क्षमता के मुरीद हो जाते थे। परिणाम यह रहा कि छात्रों ने पार्टियों की राजनीति से ऊपर उठकर पीयूष को एकतरफा वोट देकर जिताया।इस खबर से पूरे छत्तीसगढ़ में जश्न का माहौल है, लोग पीयूष जायसवाल को बधाई व शुभकामनाएं दे रहे।

कैंसर के खिलाफ लड़ाई में मरीज को यह भरोसा दिलाना जरूरी कि वह अकेला नहीं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और सुलभ उपचार के लिए सरकार, चिकित्सा जगत और समाज को मिलकर करने होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री साय कैंसर के खिलाफ लड़ाई में मरीज को यह भरोसा दिलाना जरूरी कि वह अकेला नहीं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवा रायपुर में 100 एकड़ में विकसित हो रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का बनेगी प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का किया शुभारंभ ‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हो रहे शामिल आयुष्मान भारत से 5 लाख और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से 25 लाख रुपए तक मिल रही उपचार सहायता मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान में लगभग 34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग, करीब 40 हजार लोगों को बीमारी की पहचान के बाद उपचार से जोड़ा गया कैंसर मरीजों का तैयार होगा व्यवस्थित डेटाबेस, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए मिशन मोड में आगे बढ़ेगा एचपीवी टीकाकरण : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रायपुर   कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। मरीज को आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के साथ उसका मनोबल बनाए रखना तथा उसे यह विश्वास दिलाना भी उतना ही आवश्यक है कि इस कठिन लड़ाई में वह अकेला नहीं है। चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार और परिवार एवं समाज का भावनात्मक सहयोग मरीज के भीतर बीमारी से लड़ने का हौसला बढ़ाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कैंसर आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। कैंसर का नाम सुनते ही मरीज के साथ पूरा परिवार चिंता और अनिश्चितता से घिर जाता है। बीमारी का प्रभाव केवल मरीज के शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ता है। इसलिए कैंसर के उपचार में समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक जब आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ मरीज से जुड़ते हैं तो वे केवल बीमारी का उपचार नहीं करते, बल्कि मरीज और उसके परिवार के लिए विश्वास और हौसले का आधार भी बनते हैं। चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का यह पक्ष कैंसर के विरुद्ध लड़ाई को और मजबूत बनाता है। समय पर पहचान से बढ़ती हैं प्रभावी उपचार की संभावनाएं मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कैंसर से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बीमारी की समय पर पहचान है। शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर प्रभावी उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की समय पर स्क्रीनिंग और रोकथाम को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री साय ने कॉन्क्लेव में उपस्थित विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे ऐसी आधुनिक तकनीकों, अनुसंधानों और प्रभावी उपायों पर विचार करें, जिनसे कैंसर की जल्द पहचान हो सके और उपचार को अधिक सस्ता, सुलभ तथा आम लोगों की पहुंच में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव चिकित्सा जगत के अनुभव, शोध और नवाचार को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। यहां होने वाला विचार-विमर्श भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और उपचार पद्धतियों को नई दिशा देने में सहायक होगा। प्रदेश में लगातार मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। आज शासकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर इनकी संख्या 15 हो गई है। इसके साथ ही पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन चिकित्सा संस्थानों में कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण और अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। आर्थिक कठिनाई उपचार में न बने बाधा मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी के समय उपचार के खर्च की चिंता परिवार की परेशानी को और बढ़ा देती है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक कठिनाई किसी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान की है। पात्र परिवारों को योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को 25 लाख रुपए तक की उपचार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य यही है कि बीमारी के कठिन समय में परिवार को आर्थिक चिंता के बजाय मरीज के स्वास्थ्य और उपचार पर ध्यान देने का संबल मिले। बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत लगभग 34 लाख लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। इनमें करीब 40 हजार लोगों में विभिन्न बीमारियों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि व्यापक स्क्रीनिंग का उद्देश्य बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान करना और मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। नवा रायपुर में आकार ले रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में 5 हजार बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यह परियोजना प्रदेश में विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा … Read more

रायपुर में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों पर मंथन, जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने की समीक्षा आशीर्वाद का दीया’ में जनभागीदारी की सराहना, सभी गतिविधियों में अधिक से अधिक सहभागिता पर दिया जोर रायपुर प्रदेश के श्रम, उद्योग और व्यापार, वाणिज्यिक कर मंत्री एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने विश्राम भवन खैरागढ़ में बैठक लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अभियान की आगामी गतिविधियों और तिथिवार कार्ययोजना पर चर्चा की। प्रभारी मंत्री देवांगन ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस एक माह के अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ प्रभावी स्वरूप दिया जाए। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों का परस्पर समन्वित सहयोग आवश्यक है। प्रभारी मंत्री देवांगन ने अभियान के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सहभागिता से बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित किया जाना जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है। उन्होंने इस आयोजन की सफलता के लिए जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और जिलावासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व और समर्पण की यात्रा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से सेवा, समर्पण और विकास की भावना को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, जिला पंचायत सदस्य दिनेश साहू, वरिष्ठ नागरिक विशेषर साहू, नवनीत जैन, शशांक ताम्रकार सहित कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, पुलिस अधीक्षक लक्ष्य विनोद शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल के अलावा जिले के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। ’निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार कार्यक्रम कराने के निर्देश’ प्रभारी मंत्री देवांगन ने कहा कि अभियान के तहत निर्धारित तिथिवार कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से आयोजित किया जाए। सभी विभाग अपने दायित्वों का आपसी समन्वय के साथ निर्वहन करें, ताकि अभियान की गतिविधियां जिले के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें। उन्होंने कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की अधिक से अधिक संख्या में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर देते हुए कहा कि व्यापक जनसहभागिता से ही अभियान की गतिविधियों को प्रभावी बनाया जा सकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए निर्धारित कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से संपन्न कराएं तथा अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास करें। ’‘आशीर्वाद का दीया’ बना सामूहिक सहभागिता का संदेश’ सेवा संकल्प अभियान के पहले दिन 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में जिलेभर में बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित किए गए। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के नागरिकों ने उत्साह के साथ इसमें भागीदारी निभाई। दीप प्रज्वलन के माध्यम से सेवा, समर्पण और विकसित भारत के सामूहिक संकल्प को अभिव्यक्त किया गया। प्रभारी मंत्री ने इस व्यापक सहभागिता को अभियान की आगामी गतिविधियों के लिए उत्साहवर्धक बताते हुए जिलेवासियों से पूरे अभियान के दौरान इसी तरह आगे की गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी बनाए रखने का आह्वान किया।

गोवंश की मदद के लिए बड़ा कदम, हर जिले में तैयार होगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम

गोवंश को तत्काल मिलेगा उपचार, हर जिले में बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम पंचगव्य से चिकित्सा पर शोध को बढ़ावा देगी योगी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विवि एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा तथा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में शोध को प्रोत्साहित करने के निर्देश महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, कृषकों एवं गोपालकों को गो-आधारित उत्पादों एवं ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ा जाएगा लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश लखनऊ  हादसों में घायल होने वाले गोवंश को अब तत्काल उपचार मिल सकेगा। इसके साथ ही योगी सरकार प्रदेश के हर जिले में गोवंश के लिए आपातकालीन बचाव एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था विकसित करने जा रही है। वहीं, पंचगव्य आधारित चिकित्सा की संभावनाओं पर वैज्ञानिक शोध को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में इस दिशा में शोध एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।  इसके अलावा गो-संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की भी तैयारी है। महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, किसानों और गोपालकों को गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग, मूल्यवर्धन और विपणन से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सरकारी आवास पर भेंट के दौरान गो सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों की इन विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान आयोग के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में गोवंश संरक्षण, गोशालाओं के बेहतर प्रबंधन, गोवंश के स्वास्थ्य और इस दिशा में भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंश और गोशालाओं के नियमित व प्रभावी निरीक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल कमियां चिह्नित करने तक सीमित न रहे, बल्कि, उनका समयबद्ध ढंग से समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गोशालाओं में गोवंश के भरण-पोषण, साफ-सफाई, हरे चारे व भूसे की उपलब्धता, पेयजल और आश्रय की व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही बीमार और कमजोर गोवंश की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई को कहा। इसके अलावा गोशालाओं का निरीक्षण अधिक परिणाममुखी बनाने और वैज्ञानिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई। नर, मादा, बीमार और युवा गोवंश की जरूरत के अनुसार अलग-अलग देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर आयोग ने गोवंश संरक्षण में किसानों और गोपालकों की भागीदारी बढ़ाने, मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत 10 गोवंश रखने वाले लाभार्थियों को प्राथमिकता पर कैटल शेड, बायोगैस संयंत्र और यूरिन टैंक जैसी सुविधाओं से जोड़ने का सुझाव दिया। इसके साथ ही वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता, गोचर व चारागाह विकास और स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। आयोग ने गोबर-गोमूत्र से जैविक खाद, जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट नियंत्रक और बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों-गोपालकों की आय और रोजगार बढ़ाने का सुझाव दिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उपाध्यक्ष अतुल सिंह व महेश शुक्ल तथा सदस्य राजेश सिंह सेंगर, रमाकांत उपाध्याय और दीपक गोयल आदि उपस्थित थे।

‘गरीबों के वोट पर पलने वाले नेता गरीबों को भूल गए’… संजय निषाद का अखिलेश पर तीखा हमला

‘मुंह से PDA, दिल में लग्जरी रथ’… संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर साधा सीधा निशाना ‘गरीबों के वोट पर पलने वाले नेता गरीबों को भूल गए’… संजय निषाद का अखिलेश पर तीखा हमला ‘कार्यकर्ता धूप में दरी बिछाएं, नेता एसी में हाथ हिलाएं’… संजय निषाद ने सपा को घेरा अखिलेश की साइकिल से लग्जरी गाड़ियों तक पर संजय निषाद का वार, बोले- उनकी कथनी और करनी में अंतर’ ‘कथनी और करनी में अंतर तो जनता दूर होगी’… अखिलेश यादव पर संजय निषाद का सीधा वार लखनऊ  कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की PDA राजनीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश विचारधारा से चलता है और राजनीति की शुरुआत इस सोच के साथ हुई थी कि गरीब आदमी भी राजा बने, लेकिन दुर्भाग्य से गरीबों के वोट और गरीबों के नोट पर पलने वाले नेता अब गरीबों को ही भूल गए हैं। संजय निषाद ने सपा की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछड़ों के नाम पर राजनीति करने वालों ने 27 प्रतिशत आरक्षण पर अकेले कब्जा कर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ‘अदर मैन’ कहां चले गए। ‘कार्यकर्ता धूप में खड़े, नेता एसी में बैठकर हाथ हिलाएं’ संजय निषाद ने सपा की राजनीति में कार्यकर्ताओं की भूमिका और नेतृत्व के तौर-तरीकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी काम को कार्यकर्ता ही करता है। कार्यकर्ता समर्पित और संकल्पित होकर काम करता है। लेकिन आज स्थिति यह है कि कार्यकर्ता धूप में खड़े रहें, दरी बिछाएं और नेता एसी में बैठकर हाथ हिलाएं। संजय निषाद ने कहा कि नारा दिया गया था- ‘हर बिरादरी जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’, लेकिन कुछ लोग सब पर भारी हो गए और बाकी बेचारे रह गए। ‘गरीबों के बीच की यात्रा होनी चाहिए’ PDA यात्रा और अखिलेश यादव की 20 करोड़ ती लग्जरी गाड़ी पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने कहा कि यात्रा निकालना हर आदमी का हक है, लेकिन यह भी तय होना चाहिए कि यात्रा किसकी होनी चाहिए और कैसे निकलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यात्रा गरीबों के पास जा रही है तो उसे गरीब की गली में भी जाना चाहिए। उनके मुताबिक जब तक नेता गरीब की गली और गांव में नहीं रहेगा, तब तक गरीबों के बीच की वास्तविकता को नहीं समझ सकता। उन्होंने साफ कहा कि यात्रा गरीबों और गांव के बीच की होनी चाहिए, केवल सड़क पर निकलने वाली यात्रा नहीं। ‘मुंह से PDA, दिल में लग्जरी रथ’ संजय निषाद ने अखिलेश यादव की राजनीति में लग्जरी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जनता अब सब तय करेगी और जनता ने ही ऐसे लोगों को सत्ता से बाहर किया है। उनके मुताबिक जब राजनीति की बात गरीबों और पिछड़ों के नाम पर हो, लेकिन जीवनशैली और राजनीतिक तौर-तरीकों में लग्जरी दिखाई दे, तो जनता इस अंतर को पहचानती है। ‘साइकिल की बात करने वाले अब बड़ी-बड़ी गाड़ियों में’ अखिलेश यादव की साइकिल वाली राजनीति पर भी संजय निषाद ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ साइकिल की बात होती है, दूसरी तरफ बड़ी-बड़ी गाड़ियां चलती हैं। संजय निषाद ने इसे कथनी और करनी के अंतर से जोड़ते हुए कहा कि जब कथनी और करनी में अंतर होता है तो जनता निश्चित रूप से दूर होती है। ‘गरीबों के लिए आई थी राजनीति, लग्जरी के लिए नहीं’ संजय निषाद ने कहा कि देश में राजनीति गरीब, भूमिहीन, आवासहीन और उजड़े लोगों के लिए शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि देश के लिए लड़ने वाले, उजड़ने वाले और गरीब होने वाले लोगों के लिए राजनीति आई थी। उनका कहना था कि लोकसभा और लोकतंत्र गरीबों के लिए आए थे, लग्जरी के लिए नहीं।