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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। प्रदेश में 2 मेट्रोपॉलेटिन क्षेत्र भोपाल और इंदौर की स्वीकृति के बाद 2 नए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र जबलपुर और ग्वालियर को शीघ्र मंजूरी दी जाएगी। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र अधोसंरचना को सशक्त बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  होटल जहांनुमा पैलेस के सभाकक्ष में फ्री प्रेस के 42 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौर का सम्मान किया। सम्मानित महापौर में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय और इंदौर के महापौर श्री पुष्प मित्र भार्गव भी उपस्थित थे। इस अवसर पर भोपाल के उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षद भी पुरस्कृत किए गए। स्वच्छता, मेट्रो रेल और स्मार्ट सिटी के विकास में प्रदेश की उपलब्धियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता का संदेश दिया है। मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की हैं। अनेक नगरीय निकाय स्वच्छता क्षेत्र में प्रतिवर्ष श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत हो रहे हैं। प्रदेश में भोपाल और इंदौर के साथ अन्य नगरों के नागरिक भी शीघ्र ही मेट्रो रेल सुविधा का लाभ प्राप्त करेंगे। शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए कायाकल्प अभियान में 1550 करोड़ रुपए के निवेश से सड़कों का स्वरूप बदल रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन-2 के माध्यम से जबलपुर और उज्जैन के नगरीय निकायों के लिए 370 करोड़ रुपए देने की पहल की गई। स्मार्ट सिटी की संकल्पना को जमीन पर उतारते हुए महाकाल परिसर उज्जैन के विकास सहित अनेक कार्य हुए हैं। प्रदेश में आठ एयरपोर्ट संचालित हैं और अन्य विमानतल भी शीघ्र प्रारंभ होंगे। खजुराहो नगर परिषद का विशेष उल्लेख नगरीय निकायों को समर्थ और सुविधा संपन्न बनाने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक ऐसी अनोखी नगर परिषद है जिसका उल्लेख आवश्यक है। छतरपुर जिले की खजुराहो नगर परिषद की विशिष्ट स्थिति है जहां खजुराहो विश्व धरोहर स्थल है, वहीं खजुराहो में एयरपोर्ट भी है और रेलवे स्टेशन भी है। जनसंख्या कम होने के बाद भी खजुराहो विश्व स्तरीय पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है। भविष्य की रूपरेखा बनाएं नगरीय निकाय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फ्री प्रेस अखबार द्वारा नगरीय निकायों के महापौर सम्मानित किए गए हैं। यह प्रशंसनीय पहल है। नगरीय विकास और आवास विभाग नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय बैठक और कार्यशाला आयोजित कर नगरों के समग्र विकास के लिए भविष्य की रूपरेखा निर्धारित करे। नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के संकल्प की पूर्ति के लिए विभाग सक्रिय है। प्रदेश में नगरीय निकायों ने स्वच्छता सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है। प्रारंभ में फ्री प्रेस संस्थान की ओर से अध्यक्ष श्री अभिषेक करनानी और भोपाल संस्करण के एसोसिएट एडीटर श्री नितेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री हितानंद शर्मा, श्री आशीष अग्रवाल, डॉ. हितेश वाजपेयी सहित मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

मंत्री सुश्री भूरिया ने किया ‘मेनोपाज स्वास्थ्य गाइड’ का विमोचन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को मंत्रालय में प्रसिद्ध पोषण विशेषज्ञ डॉ. अनुमिता पाठक द्वारा लिखित पुस्तक ‘मेनोपाज स्वास्थ्य गाइड’ का विमोचन किया। पुस्तक में “महिलाओं के लिए स्वास्थ्य गाइड: रजोनिवृत्ति और उससे सम्बंधित सभी जानकारी शामिल है। यह पुस्तक विशेष रूप से रजोनिवृत्ति (मेनोपाज) के दौर से गुजर रही महिलाओं के लिए एक समर्पित मार्गदर्शिका है। इसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों को समझने और संभालने की दिशा में उपयोगी जानकारी दी गई है, जिनसे महिलाएं इस चरण में गुजरती हैं। पुस्तक में व्यावहारिक सुझाव, पोषण संबंधी सलाह और परिवार की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि “रजोनिवृत्ति जैसे विषय पर खुलकर और वैज्ञानिक तरीके से जानकारी देने वाली यह पुस्तक महिला स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। यह गाइड बुक निश्चित रूप से महिलाओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।” लेखिका डॉ. अनुमिता पाठक ने बताया कि पुस्तक का उद्देश्य महिलाओं और उनके परिवारों को रजोनिवृत्ति के प्रति सजग बनाना और इस संवेदनशील समय को सहजता से पार करने में मदद करना है। यह पुस्तक शीघ्र ही बाजार और ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध होगी, और महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम योगदान मानी जा रही है।  

छत्तीसगढ़ की तरक्की का आधार बनेंगे महतारी सदन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने 51 महतारी सदनों का वर्चुअल शुभारंभ किया मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले को दी 83 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा, करेली बड़ी में कॉलेज, करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत  और जी. जामगांव में नवीन आईटीआई सहित कई घोषणाएं रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज धमतरी जिले के  कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित प्रदेश स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने करेली बड़ी में मंच से राज्य के विभिन्न जिलों में नव निर्मित 51 महतारी सदनों का रिमोट से बटन दबाकर वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्राम संपदा एप तथा मनरेगा की समग्र जानकारी आधारित नागरिक सूचना पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा ’लखपति दीदी/महतारी सदन’ और ’’माँ अभियान’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों जशपुर (रेंगले), बेमेतरा (लिंझेवारा), मुंगेली (नवागांव) और दुर्ग (नगपुरा) की महिला समूहों से वर्चुअल संवाद किया और उन्हें महतारी सदन तथा नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने 19 महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त बनाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अब समूह की महिलाएँ सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन और स्वरोजगार प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्य महतारी सदन में कर पाएँगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्री रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित कर रही है। नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त बनाने के संकल्प को भी दोहराया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने महतारी सदन के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से राशि निकालने से लेकर अन्य सेवा सुविधाए गांवों में सुलभ हुई हैं। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा और सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने भी संबोधित किया। कुरूद विधायक श्री अजय चन्द्राकर ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात दी। उन्होंने ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। साथ ही कुरूद के जी. जामगांव में नवीन आईटीआई की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में नगर पंचायत कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार 30 करोड़ रुपये की लागत से करने, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण हेतु 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने, नगर पंचायत कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा प्रदान करने और कुरूद नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये, नगर पंचायत भखारा के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा खट्टी एनीकट मरम्मत हेतु 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भेण्डरी में गौरव पथ निर्माण की भी घोषणा की। कार्यक्रम में मुंगेली से उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित अन्य जिलों के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रदेशभर की लगभग दो लाख महिलाएँ इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शित विकास कार्यों की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरित किए। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने महतारी सदन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और  बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मोहासा-बाबई प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर और मेक इन इंडिया के विजन को करेगा साकार

म.प्र. नवकरणीय उपकरण निर्माण सेक्टर में मध्यप्रदेश बनेगा आत्मनिर्भर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से केन्द्र सरकार द्वारा नर्मदापुरम जिले के औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई को मिली 'ग्रीन फील्ड मैन्युफैक्चरिंग जोन फॉर पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' की सौगात प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की परिकल्पना को मूर्त रूप दिया जा सकेगा। भारत सरकार की इस पहल से मध्यप्रदेश न केवल इस क्षेत्र में अग्रणी बनेगा, बल्कि निवेश और रोजगार सृजन के नए अवसर सृजित होंगे। औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई फेज-1 की 1678 एकड़ विकसित भूमि में से 884 एकड़ भूमि पर विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों का विनिर्माण क्षेत्र विकसित किया गया है। इकाइयों को उद्योग संवर्धन नीति 2014 (संशोधित) के अतिरिक्त अनेक विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। इन प्रोत्साहनों में पाँच वर्षों तक रियायती दरों पर बिजली की आपूर्ति, विद्युत शुल्क की प्रतिपूर्ति, पानी की आपूर्ति मात्र 25 रूपये प्रति किलोलीटर की दर पर, भूमि संबंधी सभी शुल्कों में राहत, न्यूनतम विकास शुल्क तथा प्रतीकात्मक राशि पर भूमि आवंटन जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। फेज-वन में 17,750 करोड़ का मिला निवेश राज्य शासन द्वारा आमंत्रित एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के तहत 29 निवेशकों से आवेदन प्राप्त हुए। विस्तृत परीक्षण और चर्चा के बाद 22 इकाइयों को 514.50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इन इकाइयों से 17,750 करोड़ रूपये के निवेश और 21,777 लोगों के लिए रोजगार का सृजन प्रस्तावित है। वर्तमान में 6 वृहद इकाइयाँ मेसर्स यू एनर्जी प्रा.लि., मेसर्स लेण्डसमिल रिन्यूएबल्स प्रा.लि., मेसर्स लेण्डसमिल ग्रीन एनर्जी प्रा.लि., मेसर्स लेण्डसमिल ग्रीन इंडस्ट्रीज प्रा.लि., मेसर्स इन्सोलेशन ग्रीन एनर्जी प्रा.लि., मेसर्स रेज ग्रीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग प्रा.लि. सहित दो एमएसएमई इकाइयाँ मेसर्स सनकोसा एनर्जी प्रा.लि. एवं मेसर्स एक्लेक्टिक डिज़ाइन अपने भूखण्डों पर तेजी से निर्माण कार्य कर रही हैं। अन्य निवेशक भी अपनी इकाई स्थापना संबंधी आवश्यक कार्यवाही कर रहे हैं। फेज-2 का विस्तार: 750 एकड़ में नया विनिर्माण क्षेत्र विकसित मोहासा-बाबई फेज-1 की सफलता को देखते हुए राज्य शासन ने 30 जुलाई 2025 को फेज-2 विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत 1034 एकड़ भूमि में से 750 एकड़ पर विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों का विनिर्माण क्षेत्र विस्तारित किया गया है। निवेशकों के लिये विशेष रियायतें फेज-2 में निवेशकों के लिए विशेष रियायतें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें प्रचलित भूमि मूल्य के केवल 25 प्रतिशत प्रीमियम पर भूखंड आवंटन, वास्तविक विकास शुल्क का 20 समान वार्षिक किश्तों में भुगतान, 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति और पानी की आपूर्ति 25 रूपये प्रति किलोलीटर की दर पर शामिल हैं। इस विस्तार से बड़े और छोटे दोनों स्तर के निवेशकों को आकर्षित होंगे, जिससे प्रदेश का औद्योगिक आधार और अधिक सशक्त होगा। मोहासा-बाबई औद्योगिक क्षेत्र के दोनों चरणों से प्रदेश विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। इन विनिर्माण क्षेत्रों से न केवल आवश्यक उपकरणों की आयात निर्भरता कम होगी, बल्कि प्रदेश को एक नई औद्योगिक पहचान भी मिलेगी। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत करती है और मध्यप्रदेश को भारत के ऊर्जा उपकरण निर्माण का हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।  

प्रदेश में नीलाम किये गये मुख्य खनिज ब्लॉक में खनन संक्रियाएँ प्रारंभ किये जाने की समीक्षा

भोपाल  प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री उमाकांत उमराव की अध्यक्षता में मंगलवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में नीलाम किये गये मुख्य खनिज ब्लॉक, जिनमें चूना पत्थर, बॉक्साइट, आयरन, मैग्नीज, रॉक फॉस्फेट, कॉपर और अन्य कुल 103 खनिज ब्लॉकों में खनन संक्रियाएँ प्रारंभ किये जाने के संबंध में अधिमानी बोलीदारों के साथ समीक्षा बैठक हुई। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि समीक्षा बैठक का मूल उद्देश्य खनन संक्रियाएँ प्रारंभ करने के लिये आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में अधिमानी बोलीदारों द्वारा की गयी कार्रवाई और उन्हें आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये एक मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय में निरंतर कमी परिलक्षित हो रही है। विभाग द्वारा वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये खनन से संबंधित विभागों बोलीदारों के मध्य समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि नीलाम किये गये खनिज ब्लॉक के संचालन प्रारंभ किये जाने में निरंतर वृद्धि हो रही है। बैठक में अधिमानी बोलीदार के अलावा वन, पर्यावरण एवं खनिज विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

एक और वंदे भारत एक्सप्रेस आएगी, राजपुरा-मोहाली कनेक्शन होगा सुपरफास्ट!

नई दिल्ली  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मंगलवार को राजपुरा-मोहाली के बीच नई रेलवे लाइन की घोषणा की। साथ ही फिरोजपुर कैंट-बाटिंडा-पटियाला-दिल्ली के मार्ग पर नई वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के प्रस्ताव का भी खुलासा किया है। यह परियोजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। ANI की खबर के मुताबिक, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि पंजाब में रेलवे क्षेत्र में निवेश में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। जहां 2009 से 2014 के बीच यह निवेश सिर्फ ₹225 करोड़ था, वहीं अब यह बढ़कर ₹5,421 करोड़ हो गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय केंद्रीय राज्य मंत्री (रेल) रवनीत सिंह बिट्टू को दिया, जिन्होंने इस परियोजना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।   486 किलोमीटर का सफर 6 घंटे 40 मिनट में  फिरोजपुर कैंट से दिल्ली के बीच चलने वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन कुल 486 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ 6 घंटे 40 मिनट में पुरी हो सकेगी। यह ट्रेन बुधवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी छह दिन उपलब्ध होगी। राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन रेल मंत्री ने कहा कि राज्य की राजधानी से सीधे और शॉर्ट रेल कनेक्टिविटी की काफी समय से मांग की जा रही थी। इसको अब पूरा करने का वक्त है। राजपुरा-मोहाली के बीच की यह लाइन चंडीगढ़ को अम्बाला-अमृतसर मेन लाइन पर स्थित सराय बंजारा स्टेशन के जरिये राज्य के बाकी हिस्सों से कनेक्ट करेगी। यह लाइन फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और पंजाब में एसएएस नगर से गुजरेगी। इस रूट की लंबाई 18 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 443 करोड़ रुपये होगी।   नई रेल लाइन से फायदा इस लाइन के तैयार हो जाने पर राजपुरा और मोहाली के बीच सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी और सफर में करीब 66 किलोमीटर दूरी कम हो जाएगी। इससे इस रूट पर भारी ट्रैफिक से भी निजात पाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, टेक्सटाइल्स, मैनुफैक्चरिंग और कृषि सेक्टर को आगे बढ़ने में मदद हो सकेगी। इस एरिया से करीब कई टूरिस्ट प्लेस भी मौजूद हैं, जाहिर है, इसमें भी काफी तरक्की होगी। 

मध्यप्रदेश के संसाधन और ताइवान की तकनीक उद्योग क्षेत्र में नई मिसाल करेंगे प्रस्तुत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ताइवान के साथ नई साझेदारी की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ताइवान के प्रतिनिधि मंडल ने निवेश अवसरों पर की चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताइवान की निर्माण तकनीक और मध्यप्रदेश की विशाल औद्योगिक तथा उपभोक्ता क्षमता मिलकर विकास, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेगी। सेमीकंडक्टर, पीसीबी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्र मध्यप्रदेश और ताइवान सहयोग के नए केंद्र बन रहे हैं। ताइवान की तकनीक और मध्यप्रदेश के संसाधन मिलकर वैश्विक स्तर पर दृढ़ और प्रतिस्पर्धी उद्योग विकसित कर सकते हैं। आने वाला समय दोनों पक्षों के लिए अनंत संभावनाएं ला रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ताइवानी निवेश को आकर्षित करने और सफल बनाने के लिए पूरी सुविधा, नीतिगत समर्थन और प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और ताइवान के बीच व्यापार और निवेश अवसरों पर ताइवान व्यापार विकास परिषद और ताइवान आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के प्रतिनिधियों से मंत्रालय में चर्चा के दौरान यह बात कही। चर्चा में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह सहित ताइवान विकास परिषद के डायरेक्टर जनरल श्री चुन यू चांग, सेकंड सेक्रेटरी श्री जिह शेंग वांग, ताइवान आर्थिक एवं सांस्कृति केन्द्र के निदेशक श्री विक लिन तथा ट्रेड प्रमोशन विशेषज्ञ सुश्री कीर्तन नांबियार शामिल हुईं। औद्योगिक साझेदारी के साथ ही शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी होगा आदान-प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप हम ताइवान के साथ एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में नए साझेदारी की ओर अग्रसर हो रहे हैं। ताइवान अपनी तकनीक और नवाचार में अग्रणी है और मध्यप्रदेश प्रचुर संसाधनों, कुशल मानव संसाधन और विभिन्न सेक्टर में अनंत संभावनाओं के साथ सहयोग का इच्छुक है। मध्यप्रदेश से ताइवान को मुख्य रूप से इलेक्ट्रानिक मशीनरी, फार्मास्युटिकल्स, रासायन तथा खाद्य पदार्थ निर्यात होते हैं, वहीं ताइवान से मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे, मशीनरी और सेमीकंडक्टर्स आयात करता है। ताइवान के प्रतिनिधि मंडल द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सक्रिय सहभागिता की गई। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर ने ताइवान के विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किया है, जो शिक्षा, अनुसंधान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देगा। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति, संसाधनों और उद्योग सहयोगी नीतियों के कारण ताइवानी निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य है। ताइवान और मध्यप्रदेश एक स्पष्ट रोडमैप तैयार कर निवेश बढ़ाने की दिशा में अग्रसर होंगे।  

लव जिहाद का डरावना सच: इंदौर में आरोपी ने बदल दी लड़की की जिंदगी, कहा – तुम नमाज पढ़ा करो

इंदौर 'तुम मुस्लिमों की तरह रहा करो, हिंदू बनकर मत रहा करो। नमाज पढा करो। मैं मुस्लिम हूं। तुमसे दूसरी शादी कर लूंगा।' श्रमिक कॉलोनी (राऊ) निवासी दानिश मंसूरी हिंदू युवती को इसी तरह धमकाता था। उसने युवती का आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया। अलग-अलग होटलों में बुलाया और दुष्कर्म किया। युवती की सगाई हुई तो मंगेतर को वीडियो व मैसेज भेज कर रिश्ता तुड़वा दिया। जून में पीड़िता का रिश्ता हुआ तय राऊ क्षेत्र निवासी 22 वर्षीय पीड़िता एक स्टोर में नौकरी करती थी। इसी दौरान दानिश से दोस्ती हो गई। पीड़िता की मां हिंदू और पिता मुस्लिम है। हालांकि वह हिंदू धर्म मानती है। हिंदूओं की तरह रहती है और हिंदू देवी देवताओं की पूजा करती है। दानिश इससे इनकार करता था। उसने कहा कि तुम मुस्लिमों की तरह रहा करो। दानिश की शादी हो गई लेकिन वह दूसरी शादी करने का बोलता था। इसी वर्ष जून में पीड़िता का रिश्ता तय हो गया।   जबरदस्ती कर अश्लील वीडियो बनाया दानिश ने पीड़िता को धमकाया और युवती के मंगेतर को आपत्तिजनक मैसेज कर दिए। उसने अगस्त माह में मिलने के लिए राजेंद्र नगर स्थित एक होटल में बुलाया और जबरदस्ती कर अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद पीड़िता को फूटी कोठी,सिरपुर क्षेत्र की अलग-अलग होटलों में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाए। उसने पीड़िता के मंगेतर को भी वीडियो भेज दिए। हिंदू संगठन ने थाने का किया घेराव सोमवार रात घटना की जानकारी मिलने पर हिंदू संगठन का कार्यकर्ता अनिल पाटिल सहित 100 ज्यादा कार्यकर्ताओं ने द्वारकापुरी थाने का घेराव कर दानिश मंसूरी पर कायमी की मांग की। पुलिस के आनाकानी करने पर थाना घेरकर परिसर में ही बैठ गए। हनुमान चालिका का पाठ करने लगे। देर रात पुलिस को कायमी कर दानिश को पकड़ना पड़ा। पुलिस ने कमजोर धारा लगाए, पीड़िता ने चप्पल से पीटा पीड़िता का दानिश पर गुस्सा फूट पड़ा। उसने चप्पल से पिटाई कर दी। रोते हुए कहा तूने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। हिंदू संगठन के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कायमी की, लेकिन दुष्कर्म की धाराएं लगाई। पुलिस ने लव जिहाद की धारा लगाने में गड़बड़ी कर दी।

मंत्री टेटवाल से सिंगापुर के प्रतिनिधि मंडल ने भेंटकर कौशल विकास पर चर्चा की

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल से सिंगापुर के कौंसुल-जनरल (मुंबई) श्री चॉन्ग मिंग फूंग के नेतृत्व में आए प्रतिनिधि मंडल ने मंत्रालय में भेंट की। मंत्री श्री टेटवाल से प्रतिनिधि मंडल ने कौशल विकास, रोजगार के अवसरों और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में नई उड़ान भर रहा है। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिंगापुर के साथ सहयोग से प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और उन्हें नए रोजगार अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रतिनिधि मंडल में कौंसुल जनरल श्री जेरोम वॉन्ग और रिसर्च एवं सूचना विश्लेषक सुश्री ऋद्धि कोठावाले भी शामिल थे। उन्होंने मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए और राज्य सरकार के आमंत्रण और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क जैसे प्रोजेक्ट से जुड़ना गर्व की बात है और वे भविष्य में ज्ञान साझेदार के रूप में सक्रिय सहयोग करने के लिए तत्पर हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की क्षमता और कौशल को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयास देश में मिसाल बन रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिंगापुर के सहयोग से प्रदेश में कौशल विकास की गुणवत्ता और अवसरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मंत्री श्री टेटवाल ने प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट किए और राज्य की नीतियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कौशल विकास केंद्रों की सफलताओं के बारे में जानकारी भी दी। सिंगापुर का प्रतिनिधि मंडल 24 सितंबर को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण करेगा। इस दौरान वे पार्क की विभिन्न ट्रेडों, अत्याधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्थाओं और वैश्विक स्तर की सुविधाओं का अवलोकन करेंगे तथा प्रशिक्षण केंद्र की सभी गतिविधियों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे। ग्लोबल स्किल्स पार्क के सीईओ श्री गिरीश शर्मा ने संस्थान की उपलब्धियों, योजनाओं और नवाचारों की जानकारी दी। इस अवसर पर ग्लोबल स्किल्स पार्क के ट्रेड्स और नवाचारों पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया।  

नर्सिंग छात्रा की मौत से हड़कंप! बीएमएचआरसी में लापरवाही का आरोप, निदेशक के खिलाफ सख्त कदम की मांग

भोपाल भोपाल मेमोरियल हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में प्रथम वर्ष की नर्सिंग छात्रा की मौत से हड़कंप मच गया है। छात्रा की मृत्यु का कारण अस्पताल प्रशासन और प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव की गंभीर लापरवाही बताया जा रहा है। इस घटना के बाद छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है। गंदा पानी और खराब व्यवस्था नर्सिंग छात्र लगातार हास्टल में गंदे और दूषित पानी, खराब भोजन और साफ-सफाई की समस्याओं की शिकायत करते आ रहे थे। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि छात्रा की तबीयत खराब होने के बावजूद उसे क्लिनिकल ड्यूटी के लिए मजबूर किया गया। हालत बिगड़ने पर भी उसे उचित इलाज देने की बजाय छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। प्रशासन की इस लापरवाही ने एक होनहार छात्रा की जान ले ली। बीएमएचआरसी में कुप्रबंधन के आरोप एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि बीएमएचआरसी भोपाल का सबसे पुराना और बड़ा अस्पताल है, कुप्रबंधन के कारण बदहाल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव का ध्यान अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नहीं है। वे टेंडरों और अपने पुत्र के निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रचार में ज्यादा सक्रिय रहती हैं। यही कारण है कि अस्पताल की सेवाएं लगातार गिर रही हैं। प्रभारी निदेशक को तत्काल पद से हटाया जाए, छात्रा की मौत की उच्च-स्तरीय जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और नर्सिंग छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिले। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। निदेशक ने बयान जारी करके दी यह सफाई बीएमएचआरसी प्रशासन को 22 सितंबर को पता चला कि संस्थान के नर्सिंग कॉलेज के फर्स्ट इयर की छात्रा शुभांगीनी दशहरे का भोपाल के एक अस्पताल में देहांत हो गया है। पूरे बीएमएचआरसी के लिए यह दुख का समय है। बीएमएचआरसी प्रबंधन नर्सिंग कॉलेज की छात्रा शुभांगीनी के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। संस्था की पूरी टीम इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती है। आज प्रातः जब नर्सिंग कॉलेज के कुछ विद्यार्थी प्रशासनिक परिसर में अपनी बात रखने आए, तो बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने स्वयं उनसे मुलाकात की। विद्यार्थियों की समस्त बातों को गंभीरता से सुना गया और त्वरित कार्यवाही का भरोसा भी दिलाया गया। डॉ मनीषा श्रीवास्तव, प्रभारी निदेशक, बीएमएचआरसी ने बताया विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोप कि संस्था की कैंटीन में मिलने वाले भोजन और पानी की गुणवत्ता खराब है, पूरी तरह निराधार हैं। संस्थान में पीने के लिए उपयोग होने वाले पानी की समय-समय पर वैज्ञानिक जांच कराई जाती है। हाल ही में 9 सितंबर 2025 को कराई गई जांच में पानी पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।