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अजमेर: विधानसभा अध्यक्ष ने शहरी सेवा शिविर का लिया जायज़ा

जयपुर, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को अजमेर में रीजनल कॉलेज के पास लगे शहरी सेवा शिविर का अवलोकन किया तथा सेवा पखवाड़ा अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम स्वच्छता रैली, स्वच्छता शपथ एवं सफाई अभियान में भाग लिया। सफाई मित्र सुरक्षा शिविर में देवनानी ने नगर निगम सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट का वितरण किया एवं स्वच्छता शपथ दिलाई गई। देवनानी ने आमजन से अभियान का लाभ उठाने की अपील की। शुक्रवार को आनासागर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर पुष्कर रोड पर वार्ड संख्या 1, 2, 3 व 4 के लिए शहरी सेवा शिविर 2025 का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न श्रेणियों के 8 पट्टों, भवन निर्माण स्वीकृति के 10 प्रकरण, फायर एनओसी के 2 प्रकरण का निस्तारण लाभार्थियों को उक्त का वितरण शिविर के दौरान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अन्तर्गत शिविर परिसर में विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी द्वारा 58 व्यक्तियों प्रथम किश्त 50 हजार रूपए खाते में भेजी गई। जन्म मृत्यु विवाह पंजीयन के 21 प्रकरणों का निस्तारण कर 10 से 15 मिनट में ही कर हाथों-हाथ प्रमाण पत्र जारी किए गए। शिविर में विभिन्न श्रेणियों के कुल 249 लाभार्थियों द्वारा सम्पर्क किया गया। शिविर में नगर निगम के मुख्य कार्य जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन, स्ट्रीट लाईट, साफ-सफाई, नगरीय विकास कर, भवन निर्माण स्वीकृति, लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टे, 69-ए श्रेणी के पट्टे, सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं अन्य विभाग आयुर्वेद, पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग, ऋण के लिए बैंकिंग सुविधा आदि के आवेदन प्राप्त कर त्वरित निस्तारण की कार्यवाही की गई। शनिवार, 20 सितम्बर को वार्ड संख्या 5, 6, 71, 80 के लिये मित्तल हॉस्पिटल के सामने, आनासागर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट के पास, पुष्कर रोड शहरी सेवा शिविर 2025 का आयोजन किया जाएगा। शिविर के दौरान उपमहापौर नीरज जैन, पार्षद   बनवारीलाल शर्मा, राजू साहु,  प्रतिभा पाराशर,  रूबी जैन उपस्थित रहे। हेल्थ चेकअप शिविर में सरकारी व गैर सरकारी सफाई कर्मचारियों का हेल्थ चेकअप किया गया। शिविर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा वेस्ट टू आर्ट प्रदर्शनी लगाई गई। शिविर में आमजन एवं नगर निगम कार्मिकों को घरेलू शौचालय, अमृत, पीएम आवास योजना शहरी, पेंशन योजना, पीएम जन आरोग्य योजना, सीवर कनेक्शन का लाभ दिया गया। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत दरगाह कमेटी और नगर निगम द्वारा निजाम गेट से दिल्ली गेट तक सफाई कार्य किया गया। निजाम गेट पर नाजिम बिलाल खान ने सभी को स्वच्छता का संदेश दिया और स्वच्छता की शपथ दिलवाई। जन जागरूकता के उद्देश्य से नगर निगम की टीम द्वारा निजाम गेट के सामने रंगोली भी बनाई गई। उन्होंने बताया कि स्वच्छता का संदेश पूरे हिंदुस्तान के जन-जन तक पहुँच चुका है, इसका प्रभाव अब गलियों और मोहल्लों में भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पिछले वर्षों की तुलना में अब आमजन में स्वच्छता को लेकर अधिक गंभीरता आई है और लोग बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं। इस अवसर पर दरगाह के नाजिम मोहम्मद बिलाल खान व नगर निगम के कार्मिक उपस्थित रहे। अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां आरम्भ की गई हैं। इनमें  रियूज्ड रिसाइकल्ड पुराने कपड़े, खिलौने, प्लास्टिक इत्यादि के समान का संग्रहण, हेल्थ चेकअप शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न पब्लिक स्पेसेज, पार्क, गार्डन, विद्यालय, सामुदायिक केंद्र, श्मशान, क​ब्रिस्तान, शौचालय इत्यादि स्थानों की वार्डवार कार्यक्रम बनाकर सफाई सुनिश्चित की गई है। इसी कड़ी में आमजन से भी सहयोग मांगा गया है। स्वंय सहायता समूहों, सामुदायिक संगठनों, सरकारी कार्यालयों, गैर सरकारी कार्यालयों एवं प्रतिष्ठान आसपास के क्षेत्र में सफाई रंगोली पेंटिंग्स और विभिन्न तरह की प्रतियोगिताएं करवाकर इस स्वच्छता ही सेवा अभियान को सफल बना रहे हैं।

हाईकोर्ट का फैसला: दोबारा विवाह करने पर तलाक आदेश पर नहीं कर सकते आपत्ति

जबलपुर   हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि पुनर्विवाह हो जाने के बाद विवाह विच्छेद आदेश को चुनौती देने वाली अपील प्रचलन योग्य नहीं है। अपील निर्धारित समय सीमा में दायर की जाती तो सुनवाई योग्य थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट तथा जस्टिस अनुराधा शुक्ला ने अपील को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि सुनवाई करने से तीसरे पक्ष के वैवाहिक नागरिक अधिकार खतरे में पड़ सकता है। नरसिंहपुर निवासी रजनी पटेल की तरफ से दायर अपील में कुटुम्ब न्यायालय जबलपुर के द्वारा 24 जून 2022 को पारित विवाह विच्छेद आदेश को चुनौती दी गयी थी। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि अपीलकर्ता ने तलाक के आदेश को चुनौती देते हुए 6 दिसम्बर 2022 को अपील दायर की थी। अपीलकर्ता ने निर्धारित अवधि के 130 दिन बाद आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की है। प्रतिवादी ने अपील की निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद 28 अक्तूबर 2022 को पुनर्विवाह कर लिया है। अपीलकर्ता निर्धारित समय अवधि में अपील दायर करती तो हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 15 के अंतर्गत पुनर्विवाह पर प्रतिबंध का प्रावधान था। प्रतिवाद ने अपील दायर करने की निर्धारित समय सीमा पूर्ण होने के बाद वैध रूप से पुनर्विवाह किया है। समय अवधि के लिए क्षमादान प्रदान करने के बावजूद भी अपील में गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेने के प्रतिकूल प्रभाव होंगे। इससे तीसरे पक्ष के वैवाहिक नागरिक अधिकार खतरे में पड़ेंगे। युगलपीठ ने अपील को खारित करते हुए निचली अदालत के समक्ष भरण-पोषण के लिए आवेदन प्रस्तुत करने अपीलकर्ता को स्वतंत्रता प्रदान की है।   

6.60 करोड़ कैश के साथ पकड़ी गई दो स्कॉर्पियो, दुर्ग में सनसनी; महाराष्ट्र नंबर की गाड़ियों से बरामदगी

दुर्ग   दुर्ग पुलिस ने कुम्हारी थाना क्षेत्र में दो स्कॉर्पियो वाहनों से 6 करोड़ 60 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। दोनों गाड़ियों में बने गुप्त चेंबर से यह भारी-भरकम राशि बरामद हुई। पुलिस ने मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जानकारी आयकर विभाग को सौंप दी है। कैसे हुआ खुलासा? दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल को सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र पासिंग दो स्कॉर्पियो में बड़ी मात्रा में नगदी ले जाई जा रही है। निर्देश पर कुम्हारी पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर वाहनों को रोका। तलाशी के दौरान दोनों गाड़ियों के अंदर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चेंबर मिले। इन्हीं से करोड़ों रुपये नकद बरामद हुए। आयकर विभाग को सौंपी गई जांच बरामद नगदी को लेकर पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग को सूचित किया। अब आगे की जांच और कार्रवाई आयकर विभाग कर रहा है। फिलहाल शक जताया जा रहा है कि पकड़े गए लोग हवाला कारोबार से जुड़े हो सकते हैं। पूछताछ जारी गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है। आयकर विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इतनी बड़ी रकम कहां से लाई गई और किस उद्देश्य के लिए ले जाई जा रही थी। आयकर विभाग करेगा कार्रवाई कार से इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने जानकारी आयकर विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दी है। पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी रकम चुनावी माहौल या अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी हो सकती है। आयकर विभाग जांच में जुटा है। वहीं, स्थानीय लोगों की भीड़ थाने में इकट्ठा हो गई और मामले की चर्चा पूरे क्षेत्र में होने लगी। ASP सुखनंदन राठौर ने बताया कि भारी मात्रा में कैश बरामद होने के बाद पुलिस-आयकर विभाग की संयुक्त टीम इस रकम के स्रोत और इस्तेमाल की जांच कर रही है।

बिहार चुनाव में भूचाल: तेजस्वी का CM फेस शर्त, कांग्रेस पर दबाव बढ़ा

पटना  बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने साफ कहा है कि महागठबंधन बिना मुख्यमंत्री पद के चेहरे के चुनाव नहीं लड़ेगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या हम भाजपाई हैं कि बिना चेहरे के चुनाव लड़ेंगे? तेजस्वी की यह टिप्पणी उनकी पूरक अधिकार यात्रा के दौरान आई है जो उन इलाकों में की गई जहां उनकी पिछली विपक्षी पदयात्रा नहीं पहुंची थी. तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का चेहरा मानने की बात पहले ही कही है. हालांकि, राहुल गांधी ने अभी तक तेजस्वी को बिहार में महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. इस पर तेजस्वी ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, फैसला जनता करेगी. मुख्यमंत्री या सरकार होना ही सबकुछ नहीं है, हमें बिहार को बनाना है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीट बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी तय हो जाएगा. नीतीश सरकार पर निशाना, खुद को बताया असली CM तेजस्वी यादव ने 31 अगस्त को आरा में एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि यह एक नकलची सरकार है, हमें असली मुख्यमंत्री चाहिए, न कि नकली. भीड़ से उन्होंने सवाल किया था कि क्या लोगों को डुप्लीकेट सीएम चाहिए या असली सीएम? उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि तेजस्वी खुद को गठबंधन का संभावित चेहरा मान रहे हैं. कांग्रेस का संतुलित रुख मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस की तरफ से अब तक कोई सीधा रुख सामने नहीं आया है. राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा था कि इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल आपसी सम्मान और सहयोग की भावना से साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और अच्छे नतीजे आएंगे. इस बयान से साफ है कि कांग्रेस अभी संतुलित रवैया अपनाए हुए है और अंतिम फैसला बाद में हो सकता है.

फर्जी दस्तावेज़ से भर्ती: इंदौर पीटीसी में बड़ा खुलासा, 14 नवआरक्षक हिरासत में

इंदौर   पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) इंदौर में प्रशिक्षण ले रहे 14 नवआरक्षकों ने परीक्षा देने की अनुमति लेने के लिए फर्जीवाड़ा किया। इनमें 13 महिलाएं शामिल हैं। नवआरक्षकों ने किसी और के स्वीकृत आवेदन में फर्जी तरीके से अपना नाम जोड़कर प्रस्तुत किया, जो मंजूर भी हो गया। यह मामला लगभग डेढ़ माह पहले सामने आया, जब पीटीसी प्रभारी एसपी ने गड़बड़ी पकड़ी और इसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी। जांच एडीजी प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय के एआइजी से कराई गई। जांच में गड़बड़ी साबित होने पर सभी 14 नवआरक्षकों को प्रशिक्षण से बाहर कर उनके संबंधित जिलों में भेज दिया गया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज कर सेवा समाप्त भी की जा सकती है। विभागीय जांच इधर, ट्रेनिंग स्कूल में पदस्थ दो डीएसपी समेत पांच अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी विभागीय जांच की जा रही है। इन पर आरोप है कि उन्होंने इस फर्जीवाड़े को अनदेखा किया। जांच में यह साफ होगा कि उन्होंने किस स्तर पर लापरवाही की।

ब्रिज विवाद में हाईकोर्ट का कटाक्ष, जिम्मेदारों पर सवाल: किसी का तो सिर कटेगा

जबलपुर बलि का बकरा बाहर हो गया अब किसी न किसी का तो सर कटेगा, यह तल्ख टिप्पणी की है मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डबल बेंच ने. भोपाल के ऐशबाग में 90 डिग्री ब्रिज के मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किए जाने के आदेश को वापस लेने के निर्देश भी दिए हैं. याचिका में कहा गया था कि भोपाल के ऐशबाग में बरखेड़ी फाटक पर रेल ओवर ब्रिज बनाने का ठेका उसे 1 मार्च 2023 को मिला था. पुल पर 90 डिग्री का कोण बनने पर पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने 4 जुलाई 2025 को टेंडर निरस्त कर याचिकाकर्ता को एक साल के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया था. याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि उसे लोक निर्माण विभाग के द्वारा जो ड्राइंग और डिजाइन दी गई थी उसी के मुताबिक ही निर्माण किया गया. लेकिन इस मामले में विभाग की किरकिरी होने के बाद उसे ही ब्लैक लिस्ट कर अधिकारियों ने अपना दामन बचा लिया है. जांच के बाद मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान मैनिट के वरिष्ठ प्रोफेसर ने अपनी जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की थी. रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पुल का मोड़ वास्तव में 90 डिग्री का नहीं है, बल्कि 118 से 119 डिग्री के बीच का है. मैनिट प्रोफेसर की रिपोर्ट में कहा गया कि ब्रिज की ज्यामिति सोशल मीडिया में दिखाई जा रही तस्वीरों से अलग है. पुल का एंगल अधिक तीखा न होकर थोड़ा विस्तृत है. इसके बावजूद संरचना को लेकर जनसुरक्षा की आशंकाएं और तकनीकी खामियों पर सवाल बने हुए हैं. 7 इंजीनियर हुए थे सस्पेंड विवाद गहराने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने जांच समिति गठित की और 28 जून को पीडब्ल्यूडी के सात इंजीनियर को निलंबित किया. एक सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता पर विभागीय जांच बैठाई गई. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उस समय घोषणा की थी कि निर्माण एजेंसी और डिजाइन सलाहकार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और पुल में सुधार कार्य के लिए समिति बनाई जाएगी. वही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि दुनिया भर में कई जगह भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए तीखे मोड़ वाले पुल बनाए जाते हैं. भोपाल के इस फ्लाईओवर के मामले में तकनीकी कठिनाई केवल एंगल की वजह से नहीं, बल्कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी के कारण भी हुई. मंत्री ने आश्वासन दिया कि विभाग की ओर से हाईकोर्ट को सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब प्रस्तुत किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान ही हाईकोर्ट के निर्देश पर मैनिट के प्रोफेसर डॉ एमएस होरा, प्रोफेसर डॉक्टर नितिन डिंडोरकर, प्रोफेसर डॉक्टर एसके कटियार, प्रोफेसर डॉक्टर पीके अग्रवाल और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर प्रियमित्र मुनोथ ने 2 और 3 सितंबर को पीडब्ल्यूडी के आत्मराम मोरे, एसडीओ ब्रिज रंजीत सिंह और सब इंजीनियर सत्यम चौधरी के साथ पुल के विवादित हिस्से की जांच की थी. 28 अक्टूबर को होगी सुनवाई कमेटी ने ठेकेदार पुनीत चड्ढा को क्लीन चिट देते हुए कहा था कि उसने ड्राइंग के अनुसार ही निर्माण किया. याचिका की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए ठेकेदार की तुलना बलि के बकरे से की है. कोर्ट ने कहा है कि अब बलि का बकरा बाहर हो गया है अब किसी न किसी का सिर तो कटेगा. हाई कोर्ट ने अब पूरे मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की है.  

कुड़मी समाज का आंदोलन उग्र, तीर-धनुष के साथ पारसनाथ स्टेशन पर रेल रोककर जताया विरोध

गिरिडीह  कुड़मी समाज के लोगों ने रेल टेका डहर छेका कार्यक्रम के तहत शनिवार को पारसनाथ रेलवे स्टेशन में रेल रोक दिया है। समाज से जुड़े लोग कुड़मी को एसटी और कुड़माली भाषा को आठवीं सूची में शामिल करने की मांग करते हुए पारंपरिक हथियार तीर धनुष व वेशभूषा एवं ढोल मांदर के साथ रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आदिवासी का दर्जा देने की अपनी पुरानी मांग को लेकर रेल रोको आंदोलन सुबह 5:50 से शुरू कर दिया है। आदिवासी कुड़मी समाज मंच के आह्वान पर सुबह से ही राज्य के कई जिलों में कुड़मी समाज के लोग रेलवे ट्रैक पर उतर आए और रेल परिचालन को पूरी तरह ठप कर दिया। बता दें कि धनबाद-गया रेलखंड के अप डाउन दोनों लाइन जाम कर दिया गया है। सभी माल गाड़ियों को विभिन्न स्टेशनों में खड़ा कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन प्रबंधक अविनाश कुमार ने बताया कि सुबह दो राजधानी पास करने के बाद से तीसरी राजधानी दिल्ली हावड़ा 22812 जो कोलकाता जाएगी, उसे चौधरीबांध में खड़ा कर दिया गया है। एक मालगाड़ी को पारसनाथ स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया है। रेलवे अधिकारी व पुलिस प्रशासन समाज से जुड़े लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारी सक्षम अधिकारी के लिखित आश्वासन के साथ ट्रैक से हटने की बात पर अड़े हुए हैं। मौके पर रेलवे से सहायक कमांडेंट सुरेश कुमार मिश्रा, मो. शाकिब कुमार, आईपीएस निरंजन कुमार, इंस्पेक्टर दीपा राम, नीलम कुजूर, दीपक कुमार, डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार डीएसपी नीरज कुमार, थाना प्रभारी सुमन कुमार आदि उपस्थित थे।

इनेलो करेगा ताऊ देवी लाल जयंती पर देशवाली बेल्ट में जोरदार राजनीतिक प्रदर्शन

चंडीगढ़ इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला 25 सितंबर को रोहतक में सम्मान दिवस रैली के ज़रिये अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने जा रहे हैं। यह आयोजन केवल पूर्व उपप्रधानमंत्री दिवंगत चौ़ देवीलाल की जयंती तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा की राजनीति में इनेलो की पुनर्स्थापना की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। यह रैली खास इसलिए भी है क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री चौ़ ओमप्रकाश चौटाला के निधन के बाद अभय चौटाला का पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन होने जा रहा है। इनेलो नेता पिछले महीनों में प्रदेशभर का दौरा कर चुके हैं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में जुटे हैं। अब उनकी नजरें इस रैली पर टिकी हैं, जिसे इनेलो की वापसी का मंच कहा जा रहा है। रोहतक लंबे समय से कांग्रेस के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। जाटलैंड की इस धरती पर पैर जमाना किसी भी राजनीतिक दल के लिए भविष्य की राजनीति का दरवाजा खोल सकता है। अभय चौटाला यहां रैली आयोजित कर न केवल कांग्रेस को सीधी चुनौती देने का संकेत कर रहे हैं, बल्कि यह भी दिखाना चाहते हैं कि इनेलो अब फिर से जाट बेल्ट में पैठ बनाने की तैयारी में है। इनेलो के लिए पिछले कुछ साल बेहद कठिन रहे। 2019 में परिवार में फूट पड़ी और बड़े भाई डॉ़ अजय सिंह चौटाला ने जजपा बनाकर अलग राह पकड़ ली। इस बिखराव का असर पहले 2019 और फिर 2024 के विधानसभा चुनावों में साफ दिखाई दिया, जब इनेलो का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। अब अभय चौटाला एक बार फिर संगठन को खड़ा करने और कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं। रोहतक की सम्मान दिवस रैली अभय चौटाला के लिए सिर्फ एक राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि इनेलो के पुनर्जीवन का ऐलान है। हुड्डा के गढ़ में पांव जमाने की कोशिश, ताऊ देवीलाल की विरासत का सहारा और ‘राइट टू रिकॉल’ जैसे मुद्दे को हथियार बनाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि चौटाला परिवार की राजनीति अब भी जिंदा है। 2029 की ओर बढ़ती रणनीति में यह रैली उनका पहला बड़ा दांव होगी, और शायद सबसे अहम भी। 2029 की राह पर लंबी तैयारी विश्लेषकों का मानना है कि अभय चौटाला का असली लक्ष्य 2029 है। उनका फोकस फिलहाल संगठन को मजबूत करने और धीरे-धीरे जनता के बीच भरोसा जीतने पर है। वे जाट बेल्ट में पकड़ बनाकर इनेलो को भाजपा और कांग्रेस दोनों के विकल्प के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं। रोहतक की रैली इस मिशन का पहला बड़ा पड़ाव है। ‘राइट टू रिकॉल’ भी बनेगा मुद्दा पूर्व उपप्रधानमंत्री चौ़ देवीलाल ने सबसे पहले संविधान में संशोधन कर ‘राइट टू रिकॉल’ लागू करने की आवाज उठाई थी। अभय चौटाला ने घोषणा की है कि 25 सितंबर की रैली में इस मुद्दे को फिर से जोर-शोर से उठाया जाएगा। इस अधिकार का मतलब है कि जनता किसी भी विधायक या सांसद को जो वादे पूरे न करे, बीच कार्यकाल में वापस बुला सके और नया प्रतिनिधि चुन सके। अभय का कहना है कि यह अधिकार लागू होते ही झूठे वादों पर रोक लगेगी और कुर्सी जाने के डर से नेता ईमानदारी से जनता की सेवा करेंगे। इसलिए अलग हैं अभय अभय अपनी बेबाकी और बोल्डनेस के लिए जाने जाते हैं। उनकी राजनीति में सीधी और सख्त बात करने का अंदाज अक्सर समर्थकों को आकर्षित करता है। हालांकि, उनका यह रुखा व्यवहार कभी-कभी लोगों को खलता भी है। लेकिन उन्हें करीब से जानने और समझने वाले मानते हैं कि अभय अपने वचनों के पक्के हैं और कमिटमेंट निभाने में पीछे नहीं हटते। यही आदत उन्हें बाकी नेताओं से अलग करती है। यही छवि वे अब रोहतक की रैली में पेश करना चाहते हैं। चुनौतियां अभय चौटाला की रोहतक और आसपास की जाट बेल्ट में एंट्री आसान नहीं होने वाली। कांग्रेस में हुड्डा का मजबूत संगठन और भाजपा की रणनीतिक पैठ उनके सामने बड़ी चुनौती है। साथ ही, इनेलो की पिछली पराजयों ने कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर किया है, जिसे दोबारा जगाना आसान नहीं होगा।   संभावनाएं इसके बावजूद अभय के पास मौका है। जनता पारंपरिक दलों से निराश है और नए विकल्प की तलाश में है। चौटाला परिवार की विरासत और अभय का सीधा, बेबाक अंदाज उन्हें इस क्षेत्र में लोकप्रिय बना सकता है। यदि वे संगठन को मजबूत कर पाए और जनता को यह विश्वास दिला पाए कि इनेलो वादों पर खरी उतरेगी, तो यह रैली उनके लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती है।

पंजाब चुनाव 2025: पवार ने जताई कांग्रेस की सत्ता बनाने की उम्मीद

राजपुरा  जिला आब्जर्वर मनीषा पवार काे बुक्के देकर स्वागत करते पूर्व विधायक राजपुरा हरदियाल कम्बोज, नरिंदर शात्री व बलदेव सिंह गद्दोमाजरा। कांग्रेस पार्टी राजपुरा देहाती व शहरी की मीटिंग राजपुरा के वृद्धाश्रम में शहरी प्रधान नरिंदर शास्त्री व देहाती प्रधान बलदेव सिंह गद्दोमाजरा की प्रधानगी में हुई जिसमें विशेष तौर पर जिला पटियाला लोकसभा सीट से संगठन आब्जर्वर मनीषा पवार पूर्व विधायक के अलावा राजपुरा के पूर्व विधायक हरदियाल कम्बोज ने शिरकत की। इस मौके पर पवार ने कार्यकर्ताओं से भेंट कर उनके विचार जाने व पार्टी काे बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिये आदेश भी दिये। पवार ने कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं। आज कांग्रेस कार्यकर्ता यह चाहता है कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बने। कहा कि वे तो कार्यकर्ताओं की बात सुनने के लिये व संगठन को मजबूत करने के लिये आई हैं। यह किसी चुनाव की तैयारी नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी झूठ के बलबूते पर सत्ता में आई है, उसने पंजाब में कोईर विकास कार्य नहीं किया, लोग अब समझ चुके हैं कि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो प्रदेश व देश को तरक्की पर ले जा सकती है।

शांति से पहले शर्तें पूरी करें: डिप्टी सीएम विजय शर्मा का नक्सलियों को दो टूक जवाब

रायपुर  नक्सलियों की शांति वार्ता से जुड़े पत्र को लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि, नक्सलियों को सबसे पहले आम जनता की हत्या बंद करनी होगी।जंगलों में लगाए गए IED को हटाकर उसकी सूचना सार्वजनिक करनी होगी। इन दोनों शर्तों को नक्सली मानेंगे, तभी किसी स्तर पर चर्चा की संभावना बन सकती है। इसे सरकार की ठोस शर्त बताते हुए उन्होंने कहा कि, जनता की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दो पत्र जारी हुए नक्सलियों की तरफ से गृहमंत्री ने बताया कि, नक्सलियों का पहला पत्र सामने आया है, वो पोलित ब्यूरो मेंबर का है, जबकि दूसरा पत्र एक जूनियर कैडर का है, जो तेलंगाना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पत्रों में उठाए गए मुद्दे भ्रामक हैं। राज्य सरकार को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। अगर नक्सलियों की नीयत साफ है, तो उन्हें सबसे पहले अपने कदमों से इसे साबित करना होगा। हिंसा और धमकी के रास्ते पर रहते हुए बातचीत का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस पर साधा निशाना नक्सलियों के पत्र में उठाए सवालों के जवाब में विजय शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय प्रशासन को दबाव में काम करना पड़ा। कई ईमानदार अधिकारी भी उस दौर में फंसाए गए। यही वजह है कि आज जांच में रोज-रोज नए खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब कारोबार में बाहरी लोगों को संरक्षण मिला और उससे होने वाला पैसा कांग्रेस भवन तक पहुंचता था। इसी दबाव की राजनीति ने व्यवस्था को चरमराया। लगातार ऑपरेशन चल रहे डिप्टी सीएम ने कहा कि, सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल चुकी है। सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। विकास को हर गांव तक पहुंचाने की रणनीति पर काम हो रहा है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें। शांति की बात करनी है तो पहले बंदूकें नीचे रखनी होंगी। आम जनता की हत्या और IED की डर की राजनीति बंद होनी चाहिए। इसके बाद ही सरकार संवाद पर विचार कर सकती है।