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यूपी में त्योहारों की सुरक्षा पर CM योगी का कड़ा रुख, शोहदों को सख्त चेतावनी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी पर्व और त्योहारों को लोग हर्ष उल्लास के साथ मनाएं आगामी पर्व-त्योहार, लोगों की सुरक्षा, सुविधा का रखें पूरा ध्यान रखा जाए. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में आगामी पर्व-त्योहारों के सुचारु आयोजन, स्वच्छता, बेहतर कानून व्यवस्था आदि महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (ज़ोन), समस्त पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, आदि वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता रही. बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव से त्योहारों के दृष्टिगत उनकी विभागीय तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मिशन शक्ति कार्यक्रम नारी सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को व्यक्त करता है. शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन आगामी 22 सितंबर से प्रदेशव्यापी मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत होगी. चरणबद्ध रूप से यह अभियान एक माह तक चलेगा. इसके लिए सभी संबंधित विभाग तैयारियां सुनिश्चित करें. लोगों को जागरूक करने के लिए 21 सितंबर को सायंकाल को महिला पुलिसकार्मिकों द्वारा हर जनपद में एक बाइक रैली निकाली जाए. 22 सितंबर से सार्वजनिक स्थलों, बालिका विद्यालयों इत्यादि जगहों पर एंटी रोमियो स्क्वायड द्वारा शोहदों को चिन्हित करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला बीट अधिकारी ग्राम पंचायतों में लोगों को महिला सुरक्षा के संबंध में जागरूक करें तथा शासन की योजनाओं की जानकारी भी दें. पिंक बूथ सक्रिय रहें. मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं के चिन्हित कर उन्हें प्रदेश व जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाए. प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी हर कॉमन मैन को सुरक्षा देने की है. इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, सतत संवाद और सभी वर्गों से मिल रहे सहयोग का ही परिणाम है कि हाल के वर्षों में प्रदेश में सभी पर्व-त्योहार शांति और सौहार्द पूर्ण माहौल में सम्पन्न हो रहे हैं. बीते पर्व-त्योहार पर प्रदेश में सुखद माहौल रहा. इसी तरह आगामी पर्व त्योहारों- पितृ विसर्जन, शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी, गांधी जयंती, लाला बहादुर शास्त्री जयंती, अग्रेसन जयंती, महर्षि वाल्मीकि जयंती, दीपोत्सव, दीपावली और काशी की देव दीपावली और छठ महापर्व जैसे विशेष त्योहारों में बेहतर टीमवर्क और जनसहयोग का यह क्रम सतत जारी रखा जाए. सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति, सुरक्षा और सुशासन के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है. पिछले अनुभवों से सीख लें. पर्व- त्योहारों के इस समय में पुलिस और प्रशासन सहित पूरी टीम यूपी को 24×7 अलर्ट रहना होगा. सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं. पिछले एक माह की गतिविधियों की समीक्षा करें और चिन्हित उपद्रवियों/अराजक तत्वों को पाबंद करें. माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए. प्रदेश में किसी भी प्रकार का उपद्रव स्वीकार नहीं किया जा सकता. अराजक तत्वों/उपद्रवियों को उनकी भाषा में ही जवाब दिया जाए. फेक न्यूज प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारीगण सोशल मीडिया पर चौकसी बढाएं. फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वाली अफवाह/फेक न्यूज प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए. सोशल व डिजिटल मीडिया के माध्यम से घटनाओं के सही तथ्य समय पर लोगों के सामने लाया जाए. नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें. हर नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें. छोटी सी घटना लापरवाही के कारण बड़े विवाद का रूप ले सकती है. ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है. त्वरित कार्यवाही और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होती है. किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान जैसे वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे. संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें. मंदिरों में साफ-सफाई व पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए- सीएम योगी पर्व एवं त्योहारों के दौरान पूरे प्रदेश में स्वच्छ्ता का माहौल हो, इसके लिए नगर विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जाएं. लोगों की आस्था का यथोचित सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि मंदिरों में साफ-सफाई व पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए. साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत की आपूर्ति रोस्टर के अनुरूप निर्बाध रूप से हो. विभिन्न विभागों से संबंधित संड़कों की मरम्मत व नवीनीकरण निश्चित समय सीमा के अंदर पूरी कर ली जाए. जिससे त्योहारों में लोगों को परेशानी न हो. ट्रॉमा सेवाएं अनवरत रूप से चलती रहनी चाहिए- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रॉमा सेवाएं अनवरत रूप से चलती रहनी चाहिए. चिकित्सालयों में दवाओं की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में रहे तथा स्नेक वेनम व रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित रहे. अतिवृष्टि के कारण बाढ़ से प्रभावित जनपदों में राहत किट व सूखा खाद्य पदार्थ हर जरूरतमंद को प्राप्त हो. जनहानि पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के अंदर मुआवजा दिया जाए. निचले इलाकों में बाढ़ से जिनके घर गिरे हैं उनको उंचे स्थानों पर आवासीय पट्टे दिए जाएं, आवश्यकतानुसार लोगों को आवास की कॉलोनी की व्यवस्था की जाए और यह आवास परिवार की महिला मुखिया के नाम किए जाएं. निराश्रित गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं बेहतर की जाएं. कृषि विभाग सुनिश्चित करे कि किसानों को समय से खाद्य व उर्वरक की उपलब्धता हो. अधिकारी घटनाओं की दैनिक समीक्षा करें- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों में आईजीआरएस, सम्पूर्ण समाधान दिवस और सीएम हेल्पलाइन अथवा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों के स्तर से प्राप्त आम जनता की शिकायतों, आवेदनों के समयबद्ध और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए. अधिकारीगण घटनाओं की दैनिक समीक्षा करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत- विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा 300 से अधिक विद्वतजनों को जनपदों में लोगों से संवाद के लिए भेजा गया. इसी प्रकार हर जनपद में पांच से दस विद्वतजनों को चिन्हित कर विकसित भारत- विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के संबंध में सुझावों के लिए कार्य किया … Read more

पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित करने वाले पिता को तिहरी उम्रकैद

  इंदौर  इंदौर जिला कोर्ट ने 12 वर्षीय बालिका से रेप करने वाले पिता (35) को कठोर दंड देते हुए तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने फैसले में टिप्पणी की कि आरोपी ने पिता-पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है, इसलिए न्यूनतम दंड विधिपूर्ण नहीं है। तलाक के बाद बेटी पिता के पास थी 21 जुलाई 2024 को पीड़िता की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि 2012 में उसने आरोपी से प्रेम विवाह किया था। विवाह से उन्हें दो संतानें हुईं- 12 वर्षीय बेटी (पीड़िता) और 6 वर्षीय बेटा। वर्ष 2020 में तलाक हो गया, जिसके बाद बेटी पिता के साथ और बेटा मां के साथ रहने लगा। अकेले होने पर पिता गलत काम करते 21 जुलाई 2024 को बालिका अपनी मुंहबोली मौसी के पास रोते हुए पहुंची और आपबीती सुनाई। उसने बताया कि पिता घर पर अकेले होने पर कई बार उसके साथ गलत काम करते हैं। पहली बार यह घटना दो वर्ष पहले नए घर में हुई थी और हाल ही में 15 दिन पहले भी दोबारा रेप किया गया। बालिका ने बताया कि उसने दो-तीन बार दादी को भी इस बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद पड़ोस में रहने वाली मुंह बोली मौसी ने नानी को फोन कर पूरी घटना बताई। जिसके बाद नानी ने बेटी (बालिका की मां) को बुलाया और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की एक साल तक चली सुनवाई मामले की सुनवाई एक साल तक चली। प्रभारी डीपीओ राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जिला अदालत ने 18 सितंबर 2025 को फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6, 5(एन)/6 और 5(एम)/10 में दोषी पाते हुए तीन अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर ने पैरवी की। पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत बालिका को शारीरिक व मानसिक क्षति को देखते हुए 3 लाख रुपए दिलाने की अनुशंसा भी की है।

युक्तियुक्तकरण से केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी स्कूल में बदला पढ़ाई का माहौल

रायपुर कोरबा जिले के करतला विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल ग्राम केरवाद्वारी में स्थित हायर सेकेण्डरी विद्यालय में अब पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बदल गया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने यहां के विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है। विद्यालय में भौतिकी एवं रसायन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के नियमित व्याख्याता न होने से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अभिभावक भी चाहते थे कि उनके बच्चों को सभी विषयों की नियमित पढ़ाई का अवसर मिले। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी विद्यालय में भौतिकी, रसायन एवं संस्कृत विषय के व्याख्याताओं की पदस्थापना हुई। इससे विद्यालय में न केवल पढ़ाई का माहौल सुधरा है, बल्कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि अब उन्हें कठिन लगने वाले प्रश्न भी सरल ढंग से समझ में आने लगे हैं। शिक्षिकाओं द्वारा किताबों के साथ-साथ व्यावहारिक उदाहरणों से पढ़ाने की शैली ने विषयों को रोचक बना दिया है। छात्राओं ने कहा कि शिक्षिकाएँ सहज और सहयोगी वातावरण में पढ़ाती हैं, जिससे सवाल पूछने में झिझक नहीं होती। विद्यालय के प्राचार्य  सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि नियमित व्याख्याताओं की पदस्थापना से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा है और आने वाले वर्षों में और अधिक विद्यार्थी विज्ञान संकाय सहित अन्य विषयों में दाखिला लेंगे। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने वनांचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया है। 

4 थानों में 7 FIR के बावजूद योगी पर टिप्पणी मामले में भोलेंद्र को राहत

गोरखपुर  मुख्यमंत्री और उनके ओएसडी पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में जेल गए भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह के भाई भोलेंद्र पाल सिंह को गुरुवार को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जेल में बंद रहते हुए भोलेंद्र ने अपनी गलती मान ली थी और मुख्यमंत्री पर भरोसा जताया था। जल्द ही वह जेल से रिहा हो सकते हैं। 28 अगस्त की रात भोलेंद्र ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर मुख्यमंत्री और उनके ओएसडी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। पोस्ट वायरल होते ही 36 घंटे के भीतर उनके खिलाफ सात केस दर्ज कराए गए। ये केस साइबर थाना, रामगढ़ताल, चिलुआताल और पिपराइच थानों में दर्ज हुए थे। इसके अलावा आबकारी विभाग की कार्रवाई में उनके ईंट-भट्ठे से कच्ची शराब मिलने पर आबकारी एक्ट में भी केस लिखा गया था। पुलिस ने इस मामले में बीजेपी विधायक के भाई को गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया था। भोलेंद्र पाल सिंह का अपने विधायक भाई महेंद्र पाल सिंह से कोई संबंध नहीं है। जेल में जिन लोगों से मिलने की सूची उन्होंने दी थी, उसमें भी विधायक का नाम शामिल नहीं था। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होते ही भोलेंद्र की रिहाई हो जाएगी। सपा के प्रतिनिधि मंडल से मिलने से कर दिया था इनकार जेल में भोलेंद्र से सपा का एक प्रतिनिधिमंडल मिलने आने वाला था। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की अगुवाई में गठित इस दल में सांसद रामभुआल निषाद और रामप्रसाद चौधरी भी शामिल थे। लेकिन भोलेंद्र ने जेल प्रशासन को पत्र भेजकर साफ कहा था कि वे किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि मंडल से नहीं मिलना चाहते हैं। भोलेन्द्र पाल सिंह ने जिलाधिकारी और जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि वह जेल में परिजनों के अलावा अन्य किसी से मुलाकात नहीं करना चाहता। लिहाजा, परिजनों के अलावा अन्य किसी को उससे मिलने की अनुमति न दी जाए।  

साइबर अपराधियों का Punjab में पर्दाफाश, 39 आरोपियों को पुलिस ने किया सलाखों के पीछे

संगरूर/फगवाड़ा  पंजाब के फगवाड़ा में पुलिस ने एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। फगवाड़ा के पलाही रोड स्थित एक होटल एवं रिसॉर्ट से चल रहे इस गिरोह की धरपकड़ के लिए बृहस्पतिवार देर रात छापा मारा गया। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कपूरथला और फगवाड़ा सिटी पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया।  पुलिस ने 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल फोन और 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, नगालैंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह समूह अमेरिका और कनाडा में लोगों को सॉफ्टवेयर समाधान देने के बहाने ठग रहा था। वे लोगों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को हैक कर लेते थे। शुरुआती जांच में पता चला कि यह रैकेट अमरिंदर सिंह उर्फ ​​साबी टोहरी नामक शख्स चला रहा था। उसने किराये पर जगह लेकर अवैध कॉल सेंटर बना रखा था। इस कॉल सेंटर का संचालन दिल्ली के साउथ एवेन्यू निवासी जसप्रीत सिंह और साजन मदान कर रहे थे। शुक्रवार तड़के दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, धोखाधड़ी और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत गिरफ्तारियां की गईं। पुलिस बड़े नेटवर्क और धन के लेन-देन के स्रोतों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।

विधायक नीना मित्तल की पहल से फसल खरीद व्यवस्था हुई पूरी तरह व्यवस्थित

राजपुरा  विधायका राजपुरा नीना मित्तल आज धान की सरकारी खरीद का शुभारंभ करवाने के लिये अनाज मंडी में पहुंचीं जहां पर उन्होंने बलजिंदर सिंह भप्पल की फसल की बोली करने के साथ किसान का मुंंह मीठा करवाया। इस मौके पर आढती एसोसिएशन के प्रधान दविंदर सिंह बैदवान व अन्य आढती व किसान मौजूद थे। विधायका ने बताया कि सरकार की ओर से पूरे प्रबंध फसल खरीद के किये गये हैं, जैसे ही फसल बिकेगी, 24 घण्टे के अंदर उनके खाते में पेंमेट आ जायेगी।

स्वस्थ छत्तीसगढ़ से स्वस्थ भारत बनेगा और देश को विकसित बनाने मे स्वास्थ्य की अहम भूमिका होगीः स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर देश में 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्हत छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग और यूनिसेफ के द्वारा संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को लेकर शुक्रवार को दो दिवसीय कार्यशाला की शुरूआत की गयी।  स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यशाला के पहले दिन उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मां से ही संपूर्ण सृष्टि का आधार होता है। ऐसे में प्रसव के दौरान किसी माता की मौत हम सभी के लिए दुख की बात होती है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु की दर 365 थी जो वर्तमान में घटकर 141 हो चुकी है। इसी तरह से राज्य गठन के वक्त शिशु मृत्यु दर 79 थी जो अब 38 हो चुकी है।  जायसवाल ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं और हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में ये शिशु और मातृ मृत्यु दर शून्य हो जाएं।  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही स्वस्थ भारत बनेगा और देश को विकसित बनाने में स्वास्थ्य की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन और महिला बाल विकास विभाग की बहनों के संयुक्त प्रयास से आने वाले समय में राज्य के स्वास्थ्य आंकड़ों में सुधार जरूर आएगा। इस मौके पर आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृ स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए "छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी" नामक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के माध्यम से न केवल माताओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर बल दिया जा रहा है, बल्कि राज्य के उन 30 विकासखंडों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है जहाँ मातृ मृत्यु दर सबसे अधिक है।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान और उनकी सतत निगरानी आवश्यक है। इसके साथ ही, सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और इसकी दिशा में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।  गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा विकसित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा और निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, समुदाय को मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने, उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा समुदाय की भागीदारी को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। “छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी” अभियान के माध्यम से राज्य में मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य तय किया गया है और शासन इस दिशा में हरसंभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हरियाणा सरकार ने 6377 पदों पर भर्ती को दी हरी झंडी, आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने युवाओं के लिए बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 103 कैटेगरी की भर्तियों को मंजूरी दे दी गई। अब जल्द ही 6377 पदों के लिए जॉइनिंग लेटर जारी किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाकर अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति दी जाएगी। ये भर्तियां हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से होंगी। नयी भर्तियों में सबसे ज्यादा 3240 पद क्लर्क के हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग में भी बड़ी संख्या में भर्तियां होंगी। इसमें 835 टीजीटी, 112 पीजीटी और 1820 पीआरटी के पद शामिल हैं। परिवहन विभाग में 370 भारी वाहन ड्राइवरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। सरकार ने अनुबंध और कच्चे कर्मचारियों को लेकर भी नये आदेश जारी किए हैं। हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने कहा है कि जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि पूरी हो रही है, उनकी जानकारी विभागाध्यक्षों को 15 दिन के भीतर पोर्टल पर देनी होगी। अगर विभाग समय पर जवाब नहीं देता, तो कर्मचारी की कार्यमुक्ति स्वतः मान ली जाएगी। राज्य में अस्थायी कर्मचारियों की सबसे ज्यादा जरूरत सिंचाई और बिजली विभाग को रहती है। यहां तीन से छह महीने के लिए कर्मचारी रखे जाते हैं। मंडियों में फसल खरीद के समय भी बड़ी संख्या में अस्थायी कर्मचारी लगाए जाते हैं। अब सरकार ने आदेश दिया है कि इन सभी नियुक्तियों और कार्यमुक्ति की जानकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने कृषि अवशेष और जंगली घास से विकसित किया पर्यावरण-अनुकूल हरितअरोही कुटीर

कानपुर  आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने पर्यावरण के अनुकूल निर्माण के लिए एक नया कदम उठाया है। डॉ. दीपक कुमार मौर्य के नेतृत्व में, कुलदीप दीक्षित और श्याम बाबू की टीम ने प्रो. सी.एस. उपाध्याय के मार्गदर्शन में ‘हरितअरोही कुटीर’ नामक एक  ईको-फ्रेंडली हट बनाया है। इसका उद्घाटन प्रो. एस.एन. त्रिपाठी (डीन, कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी), प्रो. ए. गर्ग (हेड, सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग) और आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों ने किया। यह परियोजना कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी के सहयोग से बनी है। खास बात यह है कि यह हट पूरी तरह से स्थानीय रूप से उपलब्ध जंगली केन घास और कृषि कचरे से बनाया गया है। इसके पैनल और ईको-ब्रिक की मजबूती, अग्निरोधक क्षमता (1100 डिग्री सेल्सियस तक परीक्षण), नमी प्रतिरोध होने के साथ ही पारंपरिक सामग्रियों की तुलना में अधिक भार सहन करने में सक्षम है।   इस हट की हर दीवार अलग-अलग प्रकार की टिकाऊ सामग्री जैसे कंस-स्ट्रक्ट ईंट, कंस-क्रीट ईंट, और कंस-बोर्ड। ये सब फसल अवशेष, पौधे से बने रेजिन, चूना, गुड़ और दाल के हैं। पैनल 6-32 टन तक का भार सहन कर सकते हैं, जिससे ये दो-तीन मंजिला भवनों के लिए उपयुक्त हैं। प्रो. सी.एस. उपाध्याय ने कहा, “हरितअरोही कुटीर केवल पर्यावरण अनुकूल हट नहीं है, बल्कि टिकाऊ निर्माण के लिए एक नया आयाम है। स्थानीय केन घास और कृषि कचरे का उपयोग करके हमने दिखाया है कि प्राकृतिक फाइबर आधारित सामग्री न केवल गर्मी से बचाव करती हैं, बल्कि मजबूत और अग्निरोधी भी हैं। ग्रामीण आवास, आपदा राहत केंद्र, और इको-रिसॉर्ट्स में ये एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं।” यह सामग्री आग, बारिश, प्रभाव और पर्यावरणीय क्षरण के लिए परीक्षण की गई है और टर्माइट्स ही नहीं बल्कि मौसम से भी सुरक्षित है। यह पहल ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा देने के साथ ही कृषि अपशिष्ट का भी सदुपयोग करती है। IIT कानपुर के बारे में: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर की स्थापना 1959 में हुई थी और इसे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह संस्थान विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है और दशकों से अनुसंधान एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है। IIT कानपुर का 1,050 एकड़ में फैला हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से भरपूर है। इसमें 19 विभाग, 26 केंद्र, 3 अंतरविषयी कार्यक्रम, और 2 विशेषीकृत स्कूल शामिल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत हैं। संस्थान में 590 से अधिक पूर्णकालिक शिक्षक और 9,500 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। अधिक जानकारी के लिए देखें: www.iitk.ac.in

पंजाब सरकार ने बताया: सोमवार से वेरका डेयरी उत्पादों की कीमतों में कटौती

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती का लाभ आम आदमी तक पहुंचाने के लिए 22 सितंबर से वेरका के विभिन्न उत्पादों की कीमतों में भारी कटौती की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य समर्थित किसान सहकारी संस्था वेरका ने केंद्र के जीएसटी 2.0 सुधारों के अनुरूप अपनी कीमतों में उल्लेखनीय कमी करने का फैसला किया है, जिसके तहत आवश्यक डेयरी उत्पादों पर शुल्क कम किया गया है। नयी कीमतों के तहत, घी 30-35 रुपये प्रति लीटर/किग्रा सस्ता हो जाएगा, जबकि टेबल बटर की कीमत 30 रुपये प्रति किग्रा और अनसाल्टेड बटर की कीमत 35 रुपये प्रति किग्रा कम हो जाएगी। इसी तरह, प्रोसेस्ड चीज़ 20 रुपये प्रति किग्रा और दूध (स्टैंडर्ड, टोन्ड और डबल टोन्ड) 2 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा। अन्य उत्पादों जैसे आइसक्रीम (गैलन, ब्रिक और टब) की कीमतों में भी 10 रुपये प्रति लीटर और पनीर की कीमतों में 15 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आएगी।