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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान और आदि सेवा पर्व का करेंगे शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के भैंसोला ग्राम आएंगे स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान और आदि सेवा पर्व का करेंगे शुभारंभ देश के पहले पीएम मित्र पार्क का करेंगे शिलान्यास एक बगिया माँ के नाम के अभियान में समूह की महिला को पौधे करेंगे भेंट सिकल सेल स्क्रीनिंग के 1 करोड़वे कार्ड का करेंगे वितरण सुमन सखी चैटबॉट की होगी लॉन्चिंग प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत हितग्राहियों के खातों में राशि होगी अंतरित धार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के ग्राम भैंसोला आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण' अभियान और 'आदि सेवा पर्व', का शुभारंभ करेंगे। साथ ही देश के पहले 'पीएम मित्र पार्क' का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान" महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में यह अभियान ऐतिहासिक कदम है। अभियान का संचालन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से करते हुए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता लाने स्वास्थ्य शिविरों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से निवारक, संवर्धनात्मक और उपचारात्मक सेवाओं की आपूर्ति करेंगे। दोनों विभागों द्वारा संचालित होने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे वे निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। इस अभियान में महिलाओं की व्यापक स्वास्थ्य जांच भी होगी। अभियान में एनीमिया की रोकथाम, संतुलित आहार और मासिक-धर्म स्वच्छता पर जागरूकता अभियान भी चलाएंगे, जिससे महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को समग्र और समन्वित तरीके से पूरा किया जा सके। प्रधानमंत्री मित्र पार्क प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास किये जा रहे पीएम मित्र पार्क का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के कपास उत्पादकों को मिलेगा। लगभग 2158 एकड़ में विकसित होने वाला पीएम मित्र पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं। पीएम मित्र पार्क में देश की अग्रणी टैक्सटाइल कंपनियों ने भरोसा जताते हुए अब तक 23 हजार 146 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे, जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टैक्सटाइल-हब के रूप में होने लगेगी। प्रधानमंत्री मोदी के '5-एफ' विज़न के अनुरूप यह पार्क 'फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों के ‍लिये आदर्श बनेगी। 'पीएम मित्र पार्क' से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा। "आदि सेवा पर्व" आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत “आदि सेवा पर्व” जनजातीय गौरव और राष्ट्र निर्माण के संगम का प्रतीक पर्व होगा। इस दौरान जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल-संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवा गतिविधियाँ आयोजित होंगी। हर गतिविधि के केन्द्र में सेवा का भाव और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा। इस अभियान में “ट्रायबल विलेज एक्शन प्लान एवं ट्रायबल विलेज विज़न 2030” पर विशेष जोर दिया जायेगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक गाँव के लिए विकास का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जायेगा। एक बगिया माँ के नाम पर्यावरण सुधार के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये चलाये जा रहे "एक बगिया माँ के नाम" अभियान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला स्व-सहायता समूह की एक महिला को पौधा भेंट करेंगे। मध्यप्रदेश में अब तक 10 हजार 162 महिलाओं को माँ की बगिया तैयार करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। समूह की महिलाओं को पौधों की सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। 'सुमन सखी चैटबॉट' की लॉन्चिंग प्रधानमंत्री मोदी "प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान" में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिये 'सुमन सखी चैटबॉट' लांच करेंगे। इससे ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की गर्भवती महिलाओं को समय पर सही जानकारी और आवश्यक सेवाएं मिल सकेंगी। सिकल सेल स्क्रीनिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण प्रधानमंत्री मोदी सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं काउंसिलिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण करेंगे। यह उपलब्धि ऐतिहासिक है। यह केवल एक कार्ड का वितरण नहीं, बल्कि सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ देश की सामूहिक लड़ाई का प्रतीक है। मध्यप्रदेश सिकल सेल उन्मूलन अभियान में देश में रोल मॉडल बनकर उभरा है। 'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' की राशि का होगा अंतरण 'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' मातृत्व के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से देश भर की पात्र महिलाओं के खातों में योजना की राशि अंतरित करेंगे। मध्यप्रदेश की लगभग एक लाख माता-बहनें इससे लाभान्वित होंगी।

17 सितंबर से अस्पतालों में विशेष स्वच्छता अभियान, सीएम डॉ. यादव ने की घोषणा

जनप्रतिनिधि और आमजन की भागीदारी की जाए सुनिश्चित जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं से की सहयोग की अपील भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेज और जिलों में स्थित प्रमुख चिकित्सालयों में सेवा पर्व और सेवा पखवाड़े के तहत 17 सितम्बर से साफ-सफाई का व्यापक अभियान चलाने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये हैं। अभियान के तहत कचरे और अनुपयोगी सामग्री को भी प्राथमिकता से हटाया जायेगा। सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संभागीय कमिश्नर को भी निर्देशित किया है कि वे सफाई अभियान का निरीक्षण और निगरानी करें। मंत्री, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया है कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साफ-सफाई के अभियान में आम जनता, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधियों से भी सहभागिता की अपेक्षा की है। प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि वे रोगी कल्याण समिति को सशक्त कर साफ-सफाई अभियान में जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है‍कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में "स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार" अभियान का संचालन भी किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। विभिन्न रोगों की जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान करने का कार्य भी किया जाएगा।  

15 साल का इंतजार खत्म, हरियाणा ओलंपिक गेम्स नवंबर में धमाका करने को तैयार

चंडीगढ़  पंद्रह साल का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। इस नवंबर हरियाणा फिर खेलों का अखाड़ा बनेगा, जहां तालियों की गड़गड़ाहट गूंजेगी और खिलाड़ियों के नाम पुकारे जाएंगे। प्रदेश का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ ‘हरियाणा ओलंपिक गेम्स’ भव्य अंदाज में लौट रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आयोजन को मंजूरी देते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक पल के गवाह वे खुद बनेंगे और गेम्स का उद्घाटन करेंगे। मंगलवार को हरियाणा ओलंपिक संघ (एचओए) अध्यक्ष कप्तान जसविंद्र मीनू बेनीवाल और प्रधान महासचिव एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। फर्जीवाड़े पर सख्ती खेलों में गड़बड़ी रोकने के लिए एचओए ने कड़ा कदम उठाया है। अब खिलाड़ियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट पर माता-पिता का नाम, आधार नंबर और जन्मतिथि दर्ज होगी। इससे नकली खिलाड़ियों की एंट्री पूरी तरह बंद होगी और मेहनत करने वाले असली खिलाड़ियों को ही लाभ मिलेगा। सेवा पखवाड़ा से जुड़ा खेल अभियान बैठक में पंचायत मंत्री पंवार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान 75 गांवों में व्यायामशालाएं और इंडोर स्टेडियम शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलेगा। सरकार का मानना है कि इन पहलों से गांवों में खेल संस्कृति, स्वास्थ्य और स्वच्छता—तीनों को बढ़ावा मिलेगा। हरियाणा ने खेलों में अपनी पहचान बनाई : बेनीवाल ओलंपिक संघ अध्यक्ष मीनू बेनीवाल ने कहा कि हरियाणा ने हमेशा खेलों में अपनी पहचान बनाई है। यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक और एशियाई खेलों में देश को बार-बार मेडल दिलाए हैं। ऐसे में 15 साल बाद लौट रहे हरियाणा ओलंपिक गेम्स युवाओं में नया उत्साह भरेंगे। यह आयोजन न सिर्फ प्रतियोगिता का बड़ा मंच बनेगा, बल्कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में ‘खेलो हरियाणा – बढ़ो आगे’ के संदेश को भी मजबूत करेगा।

मौलाना शहाबुद्दीन का आरोप: वक्फ बोर्ड बन गया करप्शन का अड्डा, योगी सरकार करे कार्रवाई

बरेली ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि वक्फ बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए क्योंकि यह करप्शन का अड्डा बन चुका है। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए संतुलित फैसला सुनाया है। यह फैसला देश, समाज और मुसलमानों के हित में है।मौलाना ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड का दफ्तर रिश्वतखोरी का गढ़ बन चुका है। छोटी-छोटी मस्जिद, कब्रिस्तान या दरगाह की कमेटी गठित कराने के लिए वर्षों चक्कर लगाने पड़ते हैं और बिना रिश्वत कोई काम नहीं होता। लखनऊ का जुमला याद कराया, लगाए आरोप मौलाना ने कहा है किलखनऊ में यह जुमला मशहूर है कि वक्फ बोर्ड की एक-एक ईंट पैसा मांगती है। भाजपा सरकार करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, इसलिए वक्फ बोर्ड से जुड़े सभी भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चहेते हैं और 18 साल से सत्ता बदलने के बावजूद पद पर जमे हुए हैं। सपा, बसपा और यहां तक कि भाजपा शासनकाल में भी उन्हें कुर्सी पर बनाए रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनमें ऐसी कौन-सी खूबियां हैं, जिसकी वजह से उन्हें लगातार अध्यक्ष बनाए रखा गया। मुस्लिम संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के कुछ अहम प्रावधानों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने का मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) समेत कई संगठनों और धर्मगुरुओं ने सोमवार को स्वागत किया। शीर्ष अदालत में इस विवादित अधिनियम को चुनौती देने वाली जमीयत के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि उनका संगठन इस ‘काले कानून’ के ख़त्म होने तक ‘अपनी क़ानूनी और लोकतांत्रिक जद्दोजहद को जारी रखेगा।” वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि उसे अदालतों पर पूरा भरोसा है और इंसाफ मिलने की उम्मीद है।  

वोटिंग लिस्ट से नाम हटाएं तो क्या बदलाव होगा? यूपी चुनाव आयोग का ताजा आदेश

लखनऊ  यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग वोटिंग लिस्ट को दुरुस्त करने में जुट गया है। वोटर लिस्ट में सभी का नाम जोड़ने और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर प्रदेशभर से जुटे अधिकारियों की ट्रेनिंग कराई गई। ट्रेनिंग में 8 जिला निर्वाचन अधिकारियों और 137 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने हिस्सा लिया। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूची से नाम हटाने की कार्यवाही नियमों के अनुसार हो और सभी संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि ट्रेनिंग का उद्देश्य अधिकारियों को निर्वाचक नामावली से संबंधित कानूनी प्रावधानों, ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप, एनजीएसपी पोर्टल और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षित करना था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और समावेशी बनाना बेहद ज़रूरी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त ईआरओ अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में छोटे-छोटे समूहों में बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी प्रशिक्षित करें। उन्होंने उन मतदान केंद्रों की पहचान कर कार्ययोजना बनाने के लिए कहा जहां लिंगानुपात (gender ratio) असंतुलित है, ताकि जागरूकता अभियान चलाकर सुधार किया जा सके। 18-19 आयु वर्ग के युवाओं को भी मतदाता सूची में शामिल करने पर विशेष बल दिया गया। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों में नए अनुभाग बनाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशिक्षण में 2003 की मतदाता सूची को 2025 की सूची के साथ मैप करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। बीएलओ को घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित करने और मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों को दी गई इसकी जानकारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के तहत उनके कानूनी दायित्व बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ बेहतर समन्वय दावे और आपत्तियों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप जैसे तकनीकी पहलुओं का उपयोग आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण में मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका  

दिल्ली के 50 हजार सीनियर सिटिज़न को मिलेगा गिफ्ट, पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगी खास स्कीम

 दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली के 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने रविवार को घोषित की गई तीन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में और जानकारी दी। योग्य पेंशनभोगियों को ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन जमा करने होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों से इस योजना का लाभ उठाने के लिए तुरंत आवेदन करने की अपील की, क्योंकि लाभार्थियों का चयन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा। रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में लगभग ₹149 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “50,000 नई पेंशनों के साथ कई परिवारों को वित्तीय राहत मिलेगी। यह इस बात को दर्शाता है कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि वरिष्ठ नागरिक सम्मान और गरिमा के साथ अपना जीवन जी सकें।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि भविष्य में लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है और अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है, तो सरकार बिना किसी देरी के अतिरिक्त बजटीय सहायता प्रदान करेगी। मार्च में अपने बजट भाषण में, मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 60-69 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मासिक सहायता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये की जा रही है और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अमित शाह दिव्यांग बच्चों के लिए 10 नए 'रिसोर्स सेंटर' भी शुरू करेंगे, जिससे लगभग 12,500 बच्चों को लाभ होगा। ये केंद्र चिकित्सा, शैक्षिक और परामर्श सेवाओं को एकीकृत करेंगे, जिससे बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह पहल केवल स्कूल में प्रवेश के बारे में नहीं है। यह हर बच्चे के लिए गरिमा, सशक्तिकरण और समान अवसर के बारे में है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा चिकित्सा या सामाजिक जरूरतों के पूरा न होने के कारण पीछे न रह जाए।” मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, प्रत्येक केंद्र एक सेवा केंद्र के रूप में काम करेगा जिसमें छह विशेषज्ञों की एक टीम होगी, जिसमें एक स्पीच थेरेपिस्ट (वाक चिकित्सक), फिजियोथेरेपिस्ट (भौतिक चिकित्सक), ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट (व्यावसायिक चिकित्सक), और एक बिहेवियरल काउंसलर (व्यवहार परामर्शदाता) शामिल होंगे। ये टीम बच्चों की सीखने और रोजमर्रा की गतिविधियों में सहायता के लिए व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करेगी। सुश्री गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि इन सेवाओं का शैक्षिक उपलब्धि और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। मार्च में अपने बजट भाषण में, मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 60-69 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मासिक सहायता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 की जा रही है और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,000 की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अमित शाह दिव्यांग बच्चों के लिए 10 नए 'रिसोर्स सेंटर' भी शुरू करेंगे, जिससे लगभग 12,500 बच्चों को लाभ होगा। ये केंद्र चिकित्सा, शैक्षिक और परामर्श सेवाओं को जोड़ेंगे, जिससे बच्चों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक संपूर्ण दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।

पीने के साफ पानी की किल्लत, ग्रामीणों की सेहत पर संकट

संगरूर  पंजाब में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक अनूठी पहल के तहत, पंजाब के कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सुनाम विधानसभा क्षेत्र के चीमा कस्बे में बहुउपयोगी बस स्टैंड का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि अमन अरोड़ा की कल्पना पर आधारित यह अभिनव सुविधा राज्य में पहली बार सार्वजनिक परिवहन को समर्पित खेल परिसर के साथ एकीकृत करती है। जनता को यह सुविधा समर्पित करते हुए अरोड़ा ने कहा कि 5.06 करोड़ की लागत से 16,555 वर्ग फुट में निर्मित यह अत्याधुनिक बस स्टैंड केवल परिवहन केंद्र न होकर सामुदायिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र है।  उन्होंने कहा, खेल सुविधाओं से युक्त यह बस स्टैंड मॉडल सार्वजनिक उपयोगिता को अधिकतम करने और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए छह बस काउंटर, विशाल प्रतीक्षालय, छह व्यावसायिक दुकानें, अड्डा फ़ीस कार्यालय, लोडिंग-अनलोडिंग प्लेटफार्म, सार्वजनिक पार्किंग और आधुनिक शौचालय ब्लॉक शामिल हैं। इससे यात्रियों और स्थानीय व्यवसायियों दोनों को सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित: NHM हड़ताल को झारखंड चिकित्साकर्मी संघ का समर्थन, केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग

 रायपुर महीनेभर से काम बंद कर हड़ताल पर बैठे एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को मंगलवार को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है. इस बीच झारखंड के चिकित्साकर्मी संघ ने एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है. संघ की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है, जिसमें इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है. शिकायत में बताया गया कि 18 अगस्त 2025 से छत्तीसगढ़ के 16 हजार एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने संघ के प्रतिनिधियों को आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत सरकार ने संघ के प्रमुख पदाधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया और आदेश जारी किया कि अगर कर्मचारी 16 सितंबर तक ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते तो उनकी जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी. इसे कर्मचारी संघ ने दुर्भाग्यपूर्ण कदम बताया है. शिकायत में आगे कहा गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ लंबे समय से विभिन्न माध्यमों से अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहा है, लेकिन समाधान के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए. इस संबंध में छतीसगढ़ प्रदेश एन एच एम कर्मचारी संघ द्वारा दिया गया ज्ञापन ही पूरी स्थिति को स्पष्ट करता है. साथ ही अनुरोध किया गया कि केंद्रीय स्तर पर व्यक्तिगत पहल कर छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं. संघ की चेतावनी संघ ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों पर उचित दिशा-निर्देश नहीं दिए तो झारखंड के एनएचएम और जेएसएसीएस कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होने को बाध्य होंगे.

गंगरेल बांध में मछली व पक्षी संरक्षण पर जनहित याचिका: हाईकोर्ट में मत्स्य विभाग का जवाब पेश

बिलासपुर गंगरेल बांध में मछली और पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए पेश जनहित याचिका पर हुई सुनवाई में राज्य शासन के मत्स्य विभाग ने जवाब पेश कर बताया कि 779 में से से 679 केज हटा दिए गए हैं. अब सिर्फ 100 केज हटाना बाकी है. इस मामले में चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी. धमतरी की वाइल्ड लाइफ वेलफेयर सोसायटी ने जनहित याचिका लगाई है, जिसमें आरोप लगाया है कि, गंगरेल जलाशय में बिना वैध अनुमति के पिंजरों के जरिए बड़े पैमाने पर मछलियों का शिकार किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. याचिकाकर्ता का कहना है कि, शासन ने छह माह पूर्व ही इस अवैध गतिविधि को रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. मामले की सुनवाई के दौरान मत्स्य विभाग की ओर से प्रस्तुत शपथपत्र में बताया गया था कि जलाशय के लाभार्थियों ने जिला मजिस्ट्रेट-सह-कलेक्टर,धमतरी के समक्ष आवेदन देकर अपने पिंजरों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की, जिला धमतरी ने 24 फरवरी 2025 को कार्यपालक अभियंता, जल प्रबंधन संभाग को पत्र लिखकर पिंजरों के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने का अनुरोध किया था. उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी इस संबंध में अभियंता से भेंट की, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका.इसकी जानकारी निदेशक (मत्स्य पालन) को भेजी गई थी. शपथपत्र में कहा गया कि फुटाहामुड़ा क्षेत्र, जो एक आर्द्रभूमि है, उसमें कुल 774 पिंजरे लगाए गए हैं और अधिकांश किसानों ने इन्हें स्थानांतरित करने पर सहमति जता दी है, जैसे ही सिंचाई विभाग उपयुक्त स्थान चिन्हित करेगा, पिंजरों का स्थानांतरण कर दिया जाएगा. आज हुई सुनवाई में मत्स्य विभाग ने कोर्ट को बताया कि, ज्यादातर केज हटा दिए गए हैं, जहां मछलियों का शिकार किया जा रहा था.अब मात्र 100 केज ही बचे रह गए हैं. धीरे धीरे इन्हें भी पूरा हटा लिया जाएगा. यह सुनने के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने 4 सप्ताह बाद अगली सुनवाई निर्धारित कर दी है.

सागर हत्याकांड: एक बार फिर सुशील पहलवान पर जांच की तलवार, झज्जर पुलिस ने भेजा समन

झज्जर सागर हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे दिल्ली के पहलवान सुशील की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब झज्जर पुलिस ने उन पर एक और गंभीर आरोप की परतें खोली हैं। पुलिस का दावा है कि सुशील ने झज्जर के एक खिलाड़ी को हथियार उपलब्ध कराए थे। इसी सिलसिले में उन्हें प्रोटैक्शन वारंट पर लाने की तैयारी चल रही है। झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने प्रेसवार्ता में बताया कि हाल ही में अपराध शाखा ने छुछकवास के पास एक युवक को संदिग्ध हालत में पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से इटली निर्मित बराटा पिस्टल और आधा दर्जन जिंदा कारतूस बरामद हुए। युवक की पहचान विशाल उर्फ चोटीवाला निवासी बहरोड़, जिला झज्जर के रूप में हुई। कबूलनामे में आया सुशील का नाम पूछताछ के दौरान विशाल ने बताया कि वह अंडर-19 नेशनल में खेल चुका है और 2014 में छत्रशाल स्टेडियम में कुश्ती सीखते समय उसकी मुलाकात सुशील से हुई थी। रिश्तेदारी के चलते उसका सुशील के घर आना-जाना भी था। आरोपी ने कबूल किया कि मई माह में रोहिणी कोर्ट पेशी के दौरान सुशील ने उसे एक गाड़ी से पिस्टल और बीस कारतूस लाने को कहा था। हथियार लेकर वह गांव पहुंचा और हवाबाजी में दर्जनभर गोलियां भी चला दीं। शेष कारतूस और पिस्टल उसके पास से बरामद हुए। अदालत और जमानत विवाद गौरतलब है कि सुशील को दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 मार्च को जमानत दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त को रद्द कर दिया। इसी बीच कोर्ट पेशी के दौरान हथियार सौंपने का आरोप सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कमिश्नर डॉ. राजश्री के अनुसार, सुशील को प्रोटैक्शन वारंट पर लाने के बाद ही इस पूरे मामले की असलियत का खुलासा संभव हो सकेगा।