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अब नहीं होगी झंझट! एक ही प्लेटफॉर्म से बुक करें नोएडा और दिल्ली मेट्रो टिकट

नई दिल्ली दिल्ली-नोएडा में मेट्रो से सफर करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. अब वे एक ही एप से दोनों मेट्रो के टिकट खरीद सकेंगे. पहले अलग-अलग एप डाउनलोड करनी पड़ती थीं, लेकिन अब नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) ने नोएडा और दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में सिगल क्यूआर टिकटिंग सुविधा की शुरुआत की है, इससे यात्रियों को एक ही एप के जरिए टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी. सारथी एप से खरीद सकेंगे टिकट एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक लोकेश एम ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा- यात्रियों को इस कदम से बड़ी सुविधा मिलेगी. अब नोएडा मेट्रो-दिल्ली मेट्रो के QR कोड एक ही App पर मौजूद होंगे. दिल्ली मेट्रो के टिकट NMRC के एप और नोएडा मेट्रो के QR टिकट DMRC के सारथी एप से भी खरीदे जा सकेंगे. दोनों मेट्रो के टिकट अब एक ही एप से खरीद सकते हैं. यात्री नोएडा-दिल्ली मेट्रो में एक ही क्यूआर कोड से यात्रा कर सकेंगे. टिकट नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या यूपीआई के जरिए खरीदे जा सकेंगे.” क्या है ये बदलाव दरअसल, पहले पेटीएम या अन्य एप पर नोएडा से नोएडा के किसी स्टेशन के लिए मेट्रो टिकट उपलब्ध नहीं होते थे, यात्रियों को डीएमआरसी और एनएमआरसी की एप्स पर जाकर ही टिकट खरीदने पड़ते थे. अब दोनों टिकट एक ही एप के जरिए ले सकेंगे. लोकेश ने कहा कि बोडाकी से मेट्रो डिपो मेट्रो रूट (2.6 किमी) जल्द ही शुरू होगा. इसे 416 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. इसी के साथ 2,200 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन रूट को मंजूरी मिल चुकी है. इसे 11.56 किमी का बनाया जाएगा. फिलहाल सरकारी मंजूरी का इंतजार है. एक क्लिक से मिलेगी टिकट खरीदने की सुविधा इसी के साथ दिल्ली मेट्रो ने एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीएसएल) के साथ साझेदारी में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो सारथी एप के अंदर ‘डीएमआरसी पे पावर्ड बाई भीम’ लॉन्च किया है. इससे यात्रियों को एक क्लिक से तेज और सुरक्षित टिकट खरीदने की सुविधा मिलेगी. इससे बाहरी पेमेंट गेटवे की जरूरत नहीं होगी. भीम वेगा के साथ डीएमआरसी के एकीकरण से यात्रियों को पेमेंट के लिए बड़ी सुविधा मिलेगी. 

विनेश फोगाट पर फूटा सरपंच का गुस्सा: ‘अब दौरा सिर्फ दिखावा है’

जींद  हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक और पूर्व रेसलर विनेश फोगाट ने गुरुवार को क्षेत्र के गांवों का दौरा किया. इस दौरान खेतों में भरे बरसात के पानी का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से बातचीत की. बुआना गांव में पहुंची विनेश फोगाट से बुआना के सरपंच प्रतिनिधि सुधीर ने कहा कि अब दौरा करने का क्या औचित्य है, जब 75 प्रतिशत पानी उतर चुका है. उन्होंने आगे कि जब हमें जरूरत थी, तो विनेश फोगाट के पास 100 से ज्यादा फोन किया गया लेकिन विधायक ने फोन नहीं उठाया. सरपंच प्रतिनिधि ने तो ये तक कह दिया कि जुलाना हलके के लोगों के साथ वोटों की ठगी हो गई है. सुधीर ने कहा, "हमने मिलकर विनेश फोगाट को जिताया था लेकिन आज जब उन पर मुसीबत आई, खेतों और गांव में जलभराव हुआ तो उनके फोन उठाने भी बंद कर दिए. जब पानी उतर गया तो हमें संभालने के लिए आ गईं.  बाढ़ प्रभावित लोगों से विनेश ने की मुलाकात विधायक विनेश फोगाट  दोपहर को हलके के बराड़ खेड़ा, बुआना, खरैंटी, गढ़वाली, झमौला, करेला, मालवी और देवरड़ गांवों में पहुंचीं और ग्रामीणों व बाढ़ से प्रभावित किसानों से बातचीत की. कांग्रेस विधायक ने किसानों की समस्याएं सुनी और उन्हें हर मुमकिन मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि खेतों से पानी की निकासी के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे किसानों की फसलें बचाई जा सकें. विनेश फोगाट ने कहा कि किसानों की परेशानी को दूर किया जाएगा और नुकसान का आकलन करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में भी काम किया जाएगा. इसके बाद जब विनेश फोगाट बुआना गांव में पहुंचीं तो सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान और प्रदेश प्रवक्ता सुधीर बुआना ने कहा कि सरपंच एसोसिएशन और पंचायत समिति सदस्यों ने समर्थन देकर विनेश फोगाट को जिताया था, अब विधायक फोन उठाना भी उचित नहीं समझ रही हैं.  सुधीर बुआना ने यहां तक कहा कि सरकार और प्रशासन तो हमारा सहयोग कर रहा है लेकिन विधायक का हमें कोई सहयोग नहीं मिला. विधायक जलभराव का स्थाई समाधान करें. 

अखिलेश यादव की रणनीति: 2027 चुनाव में तीन जिलों को देंगे प्राथमिकता, खास घोषणा पत्र की तैयारी

लखनऊ 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पीडीए को अभी एकजुट करने में लग गई है। इस बीच गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की साजिशों के प्रति सावधान रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में आगरा, हाथरस एवं मथुरा के विकास के लिए तमाम योजनाएं शुरू की गई थी, जो भाजपा सरकार में अब बर्बाद हो गई हैं। समाजवादी पार्टी का 2027 के चुनावों में इन तीनों जिलों के लिए अलग घोषणा पत्र होगा। जिसमें नई विकास योजनाओं की घोषणा होगी। गुरुवार को प्रदेश कार्यालय पर आगरा, मथुरा और हाथरस जिलों के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के विरुद्ध चुनावों में धांधली की योजना बनाने की रणनीति पर काम करने में जुट गई है। जबकि जनता 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय के राज की स्थापना करना है। जातीय जनगणना से समाज के सभी वर्गों को उनकी संख्या के आधार पर हक और सम्मान मिल सकेगा। पीडीए पंचायतों से समाज में जाग्रति हुई है और लोगों को उसकी ताकत का एहसास भी हुआ है। पीडीए की ताकत से भाजपा घबड़ाई हुई है। उसे चुनाव में हार का डर दिखने लगा है। सपा प्रमुख ने कहा कि मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी न हो, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वोट बनवाने, वोट डलवाने के साथ इस पर भी निगाह रखनी है कि अपने लोगों को वोट कटने न पाए। भाजपा मतदाता सूची में हेरफेर करके और मतदान में धांधली के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की पवित्रता को नष्ट करके सत्ता हासिल करने की साज़िश करती है। आगरा, मथुरा इंटरनेशनल सिटी है। इसलिए उसकी विशेष स्थिति भी है। अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन में भी उसकी प्रमुखता से गणना होती है। मथुरा भी विश्व स्तर पर जाना पहचाना नाम है। भगवान कृष्ण का जन्म स्थान है। वहां की पवित्रता बनाए रखना है। भाजपा तो सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग कर मथुरा की जनता को गुमराह कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि मथुरा में विकास कार्य सपा सरकार में ही हुए थे। भाजपा सरकार पर भी साधा निशाना अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ही नहीं, शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बहुत गिरावट है। महंगाई कम नहीं हो रही हैं नौजवानों को नौकरियां नहीं मिल रही है। महिलाएं-बच्चियां असुरक्षित हैं। अपराधी बेलगाम हैं और भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। जनता त्रस्त है। लोग परिवर्तन चाहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एकजुट होकर परस्पर सहयोगी बनकर चुनाव में बूथ स्तर तक सफलता हासिल करनी है। भाजपा ने लूट की इंतिहा कर दी है। भ्रष्टाचार चरम पर है। लोग किसी भी तरह भाजपा सरकार से छुटकारा पाने के लिए व्याकुल हैं। जनता की खुशहाली तभी मिलेगी जब भाजपा जाएगी, समाजवादी सरकार आएगी। छात्र, नौजवान, व्यापारी, किसान खुशहाल होगा और बहन-बेटियों सुरक्षित होंगी।  

मनरेगा में मध्य प्रदेश की बड़ी छलांग, सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार दिलाने में देश में मध्यप्रदेश प्रथम भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग को अब तक सर्वाधिक रोजगार देने वाला राज्य मध्यप्रदेश बना है। वर्तमान में मध्यप्रदेश देशभर में पहले पायदान पर है। प्रदेश में 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी प्रदेश में कुल 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी परिवारों के 1 करोड़ से अधिक श्रमिक सक्रिय रूप से पंजीकृत हैं। 32 लाख से अधिक परिवारों को मिला रोजगार वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत प्रदेश में 32 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में 47 लाख 38 हजार श्रमिकों ने विभिन्न कार्यों में भाग लिया, जिनमें से 10 लाख 37 हजार परिवारों के 15 लाख 81 हजार श्रमिक अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे। प्रदेश में कुल सृजित मानव दिवस 11 करोड़ 55 लाख में से 3 करोड़ 53 लाख मानव दिवस आदिवासी परिवारों द्वारा सृजित किया गया, जो कि अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक है और योजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण हैं। मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में किए जाने वाले कार्य मनरेगा के माध्यम से प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें खेत तालाब, अमृत सरोवर, डगवेल रिचार्ज जैसे संरचनाओं का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का निर्माण व मरम्मत, व्यापक स्तर पर पौधरोपण, बोरी बंधान, मेड़ बंधान, चेक-डैम, भूमि समतलीकरण, बागवानी, पशुशेड निर्माण एवं अन्य ग्रामीण विकास कार्य शामिल हैं। रोजगार के साथ अनुसूचित जनजाति वर्ग को आर्थिक रूप से बनाया जा रहा समृद्ध मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों को केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना भी है। प्रदेश में वर्ष 2025-26 में मनरेगा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में सबसे अधिक अनुसूचित जनजाति वर्ग के जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  

सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन: बजट अमल में देरी पर 24 सितंबर को जयपुर में आंदोलन

जयपुर राजस्थान सरकार द्वारा बजट 2025 में की गई घोषणाओं को लागू करने में हो रही देरी से राज्य कर्मचारियों में असंतोष गहराता जा रहा है। सरकार दो बार डेडलाइन देने के बाद भी वादों पर अमल नहीं कर पाई, जिस कारण कर्मचारी संगठन अब विरोध की राह पर उतर आए हैं। इसको लेकर कर्मचारियों के दल ने जयपुर में एक बैठक आयोजित की है। राज्य केंद्रीय मुद्रणालय में हुई बैठक अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) की आपात बैठक मंगलवार को राज्य केंद्रीय मुद्रणालय, जयपुर में हुई। बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार की वादाखिलाफी पर कड़ा रोष जताया। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि बजट घोषणाओं को लागू नहीं करने से नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा, प्लेसमेंट एजेंसी से कार्यरत कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी और जेल प्रहरियों में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है और यह नाराज़गी आंदोलन का रूप ले रही है। शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना महासंघ ने घोषणा की कि 24 सितम्बर को प्रदेशभर के कर्मचारी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना देंगे। महासंघ के प्रदेश महामंत्री मोहनलाल शर्मा ने बताया कि बजट में सरकार ने संविदा कर्मचारियों को ठेकेदारों से मुक्त कर नई संस्था गठित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। महासंघ के आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया वहीं, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र सिंह नरूका ने मंत्रालयिक कर्मचारियों के कैडर रिव्यू और निदेशालय गठन की मांग पूरी न होने पर गहरी नाराज़गी जताई और महासंघ के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के संरक्षक कुलदीप यादव ने की। इस दौरान कई कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने पर जोर दिया। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि बजट घोषणाओं को तुरंत लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग की मकरंदगंज-बरबसपुरा सड़क का मामला

कोर कटिंग से खुली सड़क के भ्रष्टाचार की परतें, कम निकली क्रस्ट की मोटाई लोक निर्माण विभाग की मकरंदगंज-बरबसपुरा सड़क का मामला मासिक निरीक्षण अंतर्गत दो मुख्य अभियंताओं की टीम ने की जांच पन्ना  ऊपर से चिकनी और गुणवत्तापूर्ण नजर आने वाली सड़क के अंदर भ्रष्टाचार का खेल किस तरह से खेला जाता है, मकरंदगंज से बरबसपुरा व्याहा नरेंद्रपुरा सड़क इसका उदाहरण है! लोक निर्माण विभाग के दो चीफ इंजीनियरों द्वारा की गई जांच में सड़क निर्माण कार्य की गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। मकरंदगंज सड़क के Crust (क्रस्ट) यानी अर्थवर्क से लेकर डामरीकरण तक सभी परतों की कुल थिकनेस (मोटाई) निर्धारित प्रावधान से कम निकली। आबादी क्षेत्र में बनाई गई सीसी सड़क का कोर काटने पर क्रैक्स पाए गए जिससे प्रथम दृष्टया कंक्रीट मटेरियल की गुणवत्ता मानक अनरूप न होना प्रतीत होता है। मोटी रकम बचाने के चक्कर में सड़क निर्माण कार्य में जमकर की गई लीपापोती की पोल खुलने से संबंधित ठेकेदार और तकनीकी अधिकारियों में हड़कंप मचा है। जांच की आंच में झुलसने की आशंका से भयभीत स्थानीय तकनीकी अधिकारियों ने शीर्ष स्तर पर मामले को सीक्रेट तरीके से मैनेज करने की कवायद शुरू कर दी है। अब देखना यह है कि गंभीर अनियमितताओं के खुलासे पर जिम्मेदारों के खिलाफ कोई ठोस एक्शन लिया जाएगा या फिर मैनेजमेंट फंडा अपना असर दिखाएगा। सॉफ्टवेयर आधारित प्रक्रिया से हुआ था चयन मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण की नई व्यवस्था लागू की गई है। विभाग द्वारा प्रत्येक माह रेण्डम आधार पर चयनित निर्माण कार्यों के निरीक्षण हेतु 5 एवं 20 तारीख को मुख्य अभियंताओं के दल भेजे जाते हैं। कार्यों का रेण्डमाईजेशन डब्ल्यूएमएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विभाग के उप सचिव के समक्ष किया जाता है। निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को जिन कार्यों का निरीक्षण करना है उसकी सूची उन्हें एक दिन पूर्व सॉफ्टवेयर पर लॉगिन के माध्यम से उपलब्ध होती है। इस बार शुक्रवार 5 सितंबर 2025 को सागर परिक्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के 4 निर्माण कार्य रेण्डम आधार पर चयनित हुए। जिनमें पीडब्ल्यूडी की 3 सड़कें और पीआईयू का एक निर्माणाधीन बिल्डिंग शामिल थी। पन्ना के निर्माण कार्यों के निरीक्षण की जिम्मेदारी इस बार केएस यादव मुख्य अभियंता भवन परिक्षेत्र भोपाल एवं बीएस मीणा मुख्य अभियंता एमपीआरडीसी को मिली थी। दोनों वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों द्वारा मकरंदगंज सड़क का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान लोनिवि के स्थानीय अधिकारी उपस्थित रहे। 3 करोड़ 68 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना से प्राप्त जानकारी अनुसार मकरंदगंज से बरबसपुरा व्याहा नरेंद्रपुरा मार्ग की कुल लंबाई 3.20 किलोमीटर है। शासन द्वारा इसके निर्माण हेतु दिनांक 22 दिसंबर 2022 को 3 करोड़ 68 लाख 98 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। जबकि निविदा की राशि (अनुबंधित राशि) 3 करोड़ 8 लाख 29 हजार रुपए थी। सड़क निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेका फर्म मेसर्स मारुति नंदन कंस्ट्रक्शन सतना को कार्यादेश क्रमांक 1280 पन्ना दिनांक 11 अप्रैल 2023 को जारी किया गया। सड़क की निविदा दर एसआर से 24.50 प्रतिशत कम थी। अनुबंध अनुसार मार्ग निर्माण कार्य दिनांक 10 सितंबर 2023 (छह माह की अवधि) में पूर्ण किया जाना था। मकरंदगंज मार्ग का कार्य लोनिवि के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एसके पाण्डेय के कार्यकाल में हुआ। जिसके अनुविभागीय अधिकारी बीके त्रिपाठी एवं प्रभारी उपयंत्री आरएम बागरी रहे। कार्य की गुणवत्ता से हुआ समझौता शुक्रवार 5 सितंबर को नवनिर्मित मकरंदगंज मार्ग का सघन निरीक्षण करने वाले चीफ इंजीनियर्स केएस यादव भोपाल एवं बीएस मीणा एमपीआरडीसी द्वारा अपने समक्ष कोर काटा गया। ऊपर से देखने में अच्छी और गुणवत्तापूर्ण नजर आ रही सड़क का कोर कटने पर अंदर दबी परतों का स्याह सच सतह पर आया तो निरीक्षणकर्ता अधिकारी भी दंग रह गए। इस दौरान मौके पर उपस्थित रहे एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर जानकारी देते हुए बताया कि, सीसी सड़क के कोर की पूर्णतः मोटाई में क्रैक्स पाए गए। सीसी सड़क की मोटाई (थिकनेस) मानक अनुरूप है लेकिन क्रैक्स होने से पीक्यूसी (Pavment Quality Concrete) की गुणवत्ता से समझौता होना प्रतीत होता है। जिसका सीधा असर सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर पड़ता है। सड़क की विभिन्न परतों क्रस्ट (Crust) की कुल मोटाई जांच में निर्धारित प्रावधान से कम पाई गई। सिर्फ इतना ही नहीं सड़क की डीबीएम एवं बीसी लेयर (डामर की परतें) भी गुणवत्ता की कसौटी पर खरी नहीं उतरीं। हालांकि बीटी कार्य की सतह को निरीक्षणकर्ताओं ने अच्छा बताया है। राजधानी भोपाल के एक विभागीय सूत्र ने बताया कि, निरीक्षण में सड़क निर्माण कार्य की लीपापोती की परतें खुलने पर निरीक्षणकर्ता अधिकारियों ने अपनी संक्षिप्त रिपोर्ट में उन्हें गोलमोल तरीके से इंगित करते हुए अधीक्षण यंत्री से विस्तृत जांच कराने का सुझाव दिया है। हैरानी की बात है कि सड़क की जांच करने वाले दोनों वरिष्ठ अधिकारी अब कनिष्ठ अधिकारी से विस्तृत जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। सूत्र ने बताया कि, रिपोर्ट में प्रायः इस तरह की गुंजाइश सिर्फ इसलिए छोड़ी जाती है, ताकि सिफारिश और मैनेजमेंट फंडे की स्थिति में मामले को सुविधानुसार कोई भी मोड़ दिया जा सके। इनका कहना है-  'मुख्य अभियंताद्वय ने मकरंदगंज मार्ग का निरीक्षण किया था। जांच प्रतिवेदन उनके द्वारा देर रात्रि में बंद कमरे में तैयार किया गया था इसलिए प्रतिवेदन के तथ्यों की फिलहाल जानकारी नहीं है। समीक्षा बैठक में जांच रिपोर्ट पर चर्चा होती है और जांच के तथ्यों के आधार पर संबंधितों पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।' जे.पी. सोनकर प्रभारी कार्यपालन यंत्री लोनिवि पन्ना।

विधायक से लाडली बहनों की गुहार: नीमत-हर्ज़ीपुरा में नए केंद्र और स्कूल की दरकार

विधायक की जनसुनवाई में ग्राम पंचायत गोविंदपुरा की लाडली बहनाओ ने पहुच कर की मांग,नीमत-हर्ज़ीपुरा में खुलवाये आंगनबाड़ी केन्द्र,प्रा शाला भवन नया बनवाने की रखी मांग,आई लाडली बहनाओ का विधायक ने किया स्वागत, आज जनसुनवाई में आये नागरिको की विधायक ने सुनी समस्याएं  आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा जिला में आज जनसुनवाई में ग्राम पंचायत गोविंदपुरा के ग्राम निमत-हर्ज़ीपुरा की बड़ी संख्या में लाडली बहनाए विधायक कार्यालय पहुची । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने अपने कार्यालय में पहली बार आई सभी लाडली बहनाओ को सासम्मान बैठाया उनको जल पान कराया और स्वयं उनके बीच मे पहुच कर उनकी समस्याओं को सुना उनकी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया । आई लाडली बहनाओ ने विधायक से मांग की की उनके ग्राम की प्राथमिक शाला का भवन जर्जर हो गया है,उसे नया बनवाया जाये, ग्राम में आंगनबाड़ी नही है उसे खुलवाया जाये, ग्राम में पेयजल की समस्या है एक बोर खनन कराया जाये, सड़क निर्माण कराये,बिजली पोल लगवाये, तथा ग्राम में चबूतरे का निर्माण कराया जाये । विधायक ने आई सभी लाडली बहनाओ को भरोसा दिया कि आप सब मेरी लाडली बहना है आपने जो भी समस्या बताई,मांग रखी वे सब मे पूरी करूंगा । विधायक ने सभी से पूछा की आपको हर माह लाडली बहना की राशि मिलती है,सभी ने बताया हा खाते में आती है । विधायक ने बहनाओ को बताया की अब जल्दी ही आपके खाते में लाडली बहना योजना की राशि 1250/- के स्थान पर 1500/- रुपये आयेगी । आज जनसुनवाई में कई ग्रामो से ग्रामीण विधायक कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में  पहुचे थे । स्मरण रहे प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है । आज बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा की आपका जन सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को सुनना, हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये ।  विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा,जो मांग शासन स्तर की है उनेह वे शासन तक पहुचायेंगे।विधायक कार्यालय से जानकारी देते हुए बताया की आज जनसुनवाई में आये ग्रामीणों ने विद्युत विभाग द्वारा जारी चालानी कार्यवाही निरस्त कराने,पुलिस द्वारा कार्यवाही कराने, उच्च शिक्षा निःशुल्क प्रदाय कराने,ग्राम नीमत हर्जीपुरा में नवीन शाला भवन,पेयजल व्यवस्था,सी.सी. रोड़ निर्माण कराने,वृद्धा पेंशन प्रदाय कराने,वृद्धा पेंशन की राशि 600 की जगह 1000 रूपये करने,कबीर आश्रम निर्माण हेतु सहायता राशि प्रदाय कराने,स्वैच्छिक स्थानान्तरण चाही गई स्थान पर नहीं होने से किया गया स्थानान्तरण निरस्त कराने,सहाकरी दुकान से प्रदाय किये जाने वाले चावल के स्थान पर गेहूँ प्रदाय कराने,आर्थिक सहायता राशि प्रदाय कराने,ट्रांसफार्मर स्थापित कराने, वृद्धा पेंशन राशि हेतु पंजीयन कराने, पिछले चार पांच माह से बंद खाद्वान्न प्रदाय कराने,दिव्यांग हेतु स्कूटी पेट्रोल वाली प्रदाय कराने सहित अन्य आवेदन प्राप्त हुए। सभी आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये ।

राज्य के हर जिले में FSL कार्यालय, मोबाइल यूनिट से अपराधियों पर कड़ी नजर

पटना बिहार के सभी जिलों में जल्द ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) कार्यालय की स्थापना की जाएगी। सभी जिलों में कम से कम एक कार्यालय स्थापित करने की योजना है। वर्तमान में पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, राजगीर और पूर्णिया में एफएसएल कार्यालय या चलंत विधि विज्ञान इकाई कार्यरत हैं। इनके अतिरिक्त बचे हुए सभी जिलों में इसकी स्थापना करने के लिए पुलिस विभाग के सीआईडी विंग की तरफ से कवायद तेज कर दी गई है। इसके साथ ही सभी कार्यालयों में कम से कम एक-एक एफएसएल मोबाइल वाहन की भी तैनाती की जाएगी। वर्तमान में ऐसे मोबाइल वाहनों की संख्या 17 है, जिनकी तैनाती पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर समेत 13 अलग-अलग जिलों में है। सीआईडी के स्तर पर एफएसएल वैन की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे आने वाले समय में सभी जिलों में कम से कम एक मोबाइल वैन की प्रतिनियुक्ति कर दी जाए। फिलहाल 34 ऐसे वैन की खरीद की प्रक्रिया जारी है, जिसके इस वर्ष अक्टूबर तक पूरी हो जाने की संभावना है। अक्टूबर के बाद इन वैन की संख्या 51 हो जाएगी। इससे बड़े शहरों या जिन जिलों में अधिक एफआईआर होती है, वहां इनकी संख्या एक से अधिक बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा 50 ऐसे विशेष वाहनों की मांग गृह विभाग से की जाएगी। आगामी एक सप्ताह में इसकी मांग से संबंधित प्रस्ताव गृह विभाग के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।  

हरियाणा विधानसभा के काम की बेंगलुरु में तारीफ, अधिकारियों को मिली शाबाशी

चंडीगढ़  बेंगलुरु में शुरू हुए राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के 11वें भारतीय क्षेत्रीय सम्मेलन में हरियाणा विधानसभा के प्रयासों को विशेष पहचान मिली। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुग्राम में आयोजित शहरी स्थानीय निकायों के सम्मेलन की सफलता को देश में अपने आप में पहला अनूठा प्रयोग बताया और इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और प्रदेश सरकार की पहल से ही सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और उपाध्यक्ष डॉ़ कृष्ण लाल मिड्ढा सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पहले दिन हुई एग्जिक्यूटिव कमेटी की बैठक में भी हरविन्द्र कल्याण शामिल हुए। बैठक में सम्मेलन की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान हरविन्द्र कल्याण ने सुझाव दिया कि पहली बार मंत्री बनने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली की गहन जानकारी दी जा सके। उन्होंने चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों के लिए आयोजित कार्यशाला का भी जिक्र किया, जिसकी सम्मेलन में सराहना हुई। इसके अलावा, दल-बदल निरोधक कानून की समीक्षा समिति के सदस्यों की संख्या 4 से बढ़ाकर 10 से 12 करने का भी प्रस्ताव आया। तीन दिन तक चलने वाला यह सम्मेलन 13 सितंबर तक जारी रहेगा।

विभिन्न पदों के लिए आरपीएससी साक्षात्कार की नई तिथियां जारी

अजमेर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सहायक कृषि अधिकारी भर्ती-2018 और सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) भर्ती-2021 के तहत होने वाले साक्षात्कार की तिथियां जारी कर दी हैं। आपको सिलसिलेवार तरीके से बता रहे हैं कि कब कौन सा साक्षात्कार आयोजित होगा। नीचे तिथियां बताई गईं हैं। महत्वपूर्ण निर्देश अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के समय नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, मूल पहचान पत्र, सभी मूल प्रमाण-पत्र और उनकी फोटोकॉपी साथ लाना अनिवार्य है।दस्तावेज़ पूरे न होने पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार से वंचित कर दिया जाएगा। साक्षात्कार पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही अपलोड कर दिए जाएंगे। वेबसाइट से डाउनलोड करके भरना होगा सहायक कृषि अधिकारी भर्ती-2018 के वे अभ्यर्थी जिन्होंने अभी तक विस्तृत आवेदन-पत्र प्रस्तुत नहीं किया है, उन्हें यह आवेदन-पत्र आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड करके भरना होगा। आवेदन-पत्र के साथ सभी दस्तावेजों की दो प्रतियां भी साक्षात्कार के समय अनिवार्य रूप से जमा करनी होंगी। 1. सहायक कृषि अधिकारी (कृषि विभाग) भर्ती-2018 पहले चरण के साक्षात्कार 6 से 16 अक्टूबर, 2025 तक होंगे। 2. सहायक आचार्य (सुपर स्पेशलिटी) भर्ती-2021 नेफ्रोलॉजी : 24 सितम्बर, 2025 3. क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी : 24 सितम्बर, 2025 सर्जिकल ऑन्कोलॉजी : 25 सितम्बर, 2025